भारत-ऑस्ट्रेलिया टी-20 : रोहित शर्मा ने भारत को दिलाई शानदार जीत
ऑस्ट्रेलिया ने पांच विकेट पर 90 रन बनाए. रोहित शर्मा की शानदार पारी की बदौलत भारत ने आठवें ओवर में जीत हासिल कर ली.
लाइव कवरेज
दिनेश उप्रेती, अनंत प्रकाश and अभिनव गोयल
पाकिस्तान को भारत का यूएन में 'करारा जवाब' जिसकी हो रही चर्चा
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पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ज़रदारी के संयुक्त राष्ट्र की 77वीं महासभा में दिए गए भाषण का जवाब देते हुए भारत ने जमकर पाकिस्तान पर निशाना साधा है.
भारत ने कहा कि पाकिस्तान में मानवाधिकार का बड़े पैमाने पर उल्लंघन होता है और ऐसे में उसका अल्पसंख्यकों के अधिकारों के बारे में बात करना विडंबना से कम नहीं.
बुधवार को भारत ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ज़रदारी के दिए भाषण पर 'राइट टू रिप्लाई' अधिकार का इस्तेमाल करते हुए ये बयान दिया.
संयुक्त राष्ट्र में भारत के संयुक्त सचिव श्रीनिवास गोत्रू ने अल्पसंख्यकों से जुड़ी एक उच्च-स्तरीय बैठक में पाकिस्तान के विदेश मंत्री की ओर से लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए कहा, "ये एक विडंबना है कि पाकिस्तान अल्पसंख्यकों के अधिकारों की बात कर रहा है जबकि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के अधिकारों का गंभीर रूप से उल्लंघन हो रहा है. पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समाज से आने वाली लड़कियों को अगवा करके जबरन उनसे शादी की जाती है, उनका धर्म-परिवर्तन कराया जाता है. ऐसे में पाकिस्तान को अल्पसंख्यकों के अधिकारों की बात करते हुए देखना ख़ुद में रोचक बात है."
FB LIVE: बॉम्बे हाई कोर्ट ने उद्धव ठाकरे को शिवाजी पार्क मैदान में दशहरा सभा करने की दी इजाजत, ज़्यादा जानकारी दे रहे हैं बीबीसी के मयंक भागवत
सऊदी अरब ने कराया रूस और यूक्रेन के बीच ये समझौता
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इमेज कैप्शन, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान
युद्ध बंदियों की अदला-बदली के मुद्दे पर रूस और यूक्रेन के बीच सऊदी अरब की मध्यस्थता में एक समझौता हुआ है.
समाचार एजेंसी एएफ़पी की रिपोर्ट के अनुसार, रूस ने शुक्रवार को कहा है कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की फोन पर बात हुई है और राष्ट्रपति पुतिन ने इस समझौते को लेकर संतोष जताया है.
क्रेमलिन ने एक बयान जारी कर कहा, "गुरुवार देर शाम को फोन पर हुई इस बातचीत में दोनों नेताओं ने युद्ध बंदी बनाए गए विदेशी नागरिकों को सऊदी अरब को सौंपे जाने के सिलसिले में हुई प्रगति पर खुशी जाहिर की है. ये समझौता सऊदी क्राउन प्रिंस की निजी मध्यस्थता की वजह से हो पाया है."
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इमेज कैप्शन, रूस को सौंपे गए कैदियों में विक्टर मेदवेदचुक भी शामिल हैं, उन्हें पुतिन का करीबी माना जाता है
युद्ध बंदियों की अदला-बदली के इस समझौते के तहत यूक्रेन को 215 क़ैदी सौंपे गए हैं जिनमें वो सैनिक भी शामिल हैं जो मारियोपोल के एज़ोवस्ताल स्टीलवर्क्स प्लांट की सुरक्षा करते हुए रूस के ख़िलाफ़ लड़े थे.
इन युद्ध बंदियों में दस विदेशी नागरिक भी हैं जिनमें ब्रिटेन, अमेरिका के लोग शामिल हैं. इन लोगों को सऊदी अरब को सौंपा गया है.
बदले में रूस को 55 कैदी सौंपे गए हैं जिनमें यूक्रेन के पूर्व सांसद विक्टर मेदवेदचुक शामिल हैं. विक्टर मेदवेदचुक को पुतिन का करीबी माना जाता है और यूक्रेन में उनपर राजद्रोह का आरोप है.
रूसी सैनिकों पर यूक्रेन के लोगों को प्रताड़ित करने का आरोप
वीडियो कैप्शन, रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान रूसी सैनिकों पर फिर बर्बरता के आरोप लगे हैं.
रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान रूसी सैनिकों पर फिर बर्बरता के आरोप लगे हैं, जहाँ पुलिस स्टेशन को टॉर्चर रूम में तब्दील किया गया और यूक्रेन के लोगों को करंट लगाकर और सुइयां चुभाकर प्रताड़ित किया गया.
ब्रेकिंग न्यूज़, शिंदे गुट को लगा झटका, बॉम्बे हाई कोर्ट ने उद्धव ठाकरे को शिवाजी पार्क मैदान में दशहरा सभा करने की दी इजाजत
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बॉम्बे हाई कोर्ट ने शिवाजी पार्क मैदान में दशहरा सभा आयोजित करने की मांग को लेकर शिवसेना के एकनाथ शिंदे गुट द्वारा दायर की गई याचिका को खारिज करते हुए उद्धव ठाकरे गुट को इसकी इजाजत दे दी है.
शिंदे गुट की ओर से विधायक सदा सरवणकर ने बॉम्बे हाई कोर्ट में ये याचिका दायर की थी.
हाई कोर्ट के आदेश के बाद ठाकरे गुट को दो से छह अक्टूबर के बीच शिवाजी पार्क के इस्तेमाल की इजाजत मिली है.
हाई कोर्ट ने कहा है कि ठाकरे को बीएमसी के नियम कायदे मानने होंगे.
हाई कोर्ट ने ये भी कहा है कि बीएमसी ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग किया है. शिवसेना को इस बात की जिम्मेदारी लेनी होगी कि वहां क़ानून व्यवस्था की कोई परिस्थिति पैदा नहीं होगी. अगर ऐसा हुआ तो इसके लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया जाएगा.
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इससे पहले, मुंबई नगर निगम ने शिवाजी पार्क में दशहरा सभा आयोजित करने के लिए एकनाथ शिंदे समूह और उद्धव ठाकरे समूह दोनों को अनुमति देने से इनकार कर दिया था.
बीएमसी कहा था, "चूंकि दो समूहों ने अनुमति के लिए आवेदन किया है, इसलिए हमने पुलिस की राय मांगी है."
शिंदे समूह के विधायक सदा सरवणकर की अर्जी पर जवाब देते हुए मुंबई नगर निगम ने कहा, "हम कानून-व्यवस्था के लिहाज से पुलिस की राय चाहते थे. शिवाजी पार्क थाना पुलिस ने कहा है कि यदि किसी एक आवेदक को अनुमति दी जाती है तो शिवाजी पार्क के संवेदनशील क्षेत्र में कानून व्यवस्था की गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है. पुलिस की इस राय को देखते हुए हम आपके अनुमति आवेदन को खारिज कर रहे हैं."
उधर, शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट ने बीएमसी के इस फैसले को अदालत में चुनौती दी.
उद्धव ठाकरे के वकील ने कहा, "हमें आज बीएमसी से एक नोटिस मिला है कि हम शिवाजी पार्क में दशहरा सभा की अनुमति नहीं दे सकते क्योंकि इससे कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा हो सकती है. हम इसे चुनौती दे रहे हैं."
ईरान: महिलाएं सड़कों पर, प्रदर्शन हुए हिंसक
वीडियो कैप्शन, ईरान में पुलिस हिरासत में युवती की मौत के बाद विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है.
ईरान में पुलिस हिरासत में एक युवती की मौत के बाद विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है.
22 वर्षीया आमिनी की पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी.
उन्हें पिछले हफ़्ते तेहरान में 'हिजाब से जुड़े नियमों का कथित तौर पर पालन नहीं करने के लिए' गिरफ़्तार किया गया था.
ब्रेकिंग न्यूज़, केरल में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया की हड़ताल को हाई कोर्ट ने बताया 'अवैध'
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केरल हाई कोर्ट ने राज्य में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया द्वारा बुलाई गई हड़ताल को प्रथम दृष्टया अदालत की अवमानना बताया है.
कोर्ट का कहना है कि इस तरह के विरोध प्रदर्शन 2019 में पारित उसके आदेश के खिलाफ हैं.
जस्टिस एके जयशंकरन नांबियार ने कहा कि 2019 के आदेश के बावजूद पीएफआई ने शुक्रवार को हड़ताल का आह्वान किया था. ये एक "अवैध" हड़ताल है.
पीएफआई ने ये हड़ताल एनआईए और ईडी की कार्रवाई के विरोध में की. केंद्रीय जांच संस्थाओं ने गुरुवार को देश भर में पीएफ़आई के दफ़्तरों पर छापे मारकर कई लोगों को गिरफ़्तार किया था.
कोर्ट ने आज केरल में हड़ताल की घोषणा को लेकर कट्टरपंथी इस्लामी संगठन पीएफआई और राज्य के महासचिव के खिलाफ स्वत: संज्ञान लिया है.
कोर्ट ने पुलिस को हड़ताल का समर्थन नहीं करने वालों की सार्वजनिक और निजी संपत्ति को बचाने के लिए निर्देश दिए हैं.
राजू श्रीवास्तव का वो इंटरव्यू जिसमें उन्होंने अपने सफ़र के बारे में बताया था
वीडियो कैप्शन, राजू श्रीवास्तव का वो इंटरव्यू जिसमें उन्होंने पूरे सफ़र के बारे में बताया था
मशहूर कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव का निधन हो गया है. 10 अगस्त को दिल का दौरा पड़ने के बाद उन्हें दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
10 अगस्त को वह होटल के जिम में वर्कआउट करते हुए बेहोश हो गए थे जिसके बाद उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था. वे उस होटल में चार दिनों से रुके हुए थे.
साल 1963 में कानपुर में कवि रमेश श्रीवास्तव उर्फ बलई काका के यहाँ जन्म लेने वाले राजू श्रीवास्तव को बचपन से ही फ़िल्मी सितारों की मिमिक्री करने का शौक था.
कॉमेडी की दुनिया में शायद उन्हें सबसे ज़्यादा नाम अमिताभ बच्चन की मिमिक्री करके ही मिला.
बीबीसी ने नवंबर, 2017 में उनका इंटरव्यू किया था.
इस इंटरव्यू में उन्होंने अपने नाम की कहानी बताई थी और ये भी जानकारी दी थी कि किस तरह वो लाफ़्टर चैलेंज में नहीं जाना चाहते थे.
ब्रेकिंग न्यूज़, उत्तराखंड विधानसभा की विवादित 228 भर्तियां रद्द, विधानसभा सचिव निलंबित
....में
Author, राजेश डोबरियाल
पदनाम, देहरादून से बीबीसी हिंदी के लिए
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इमेज कैप्शन, उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूड़ी
उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूड़ी ने एक अभूतपूर्व फ़ैसला लेते हुए उत्तराखंड विधानसभा में हुई 228 विवादित भर्तियां रद्द कर दी हैं.
इन भर्तियों की जांच के बाद विधानसभा अध्यक्ष 2016 में की गई 150 और 2020-21 में की गई 78 भर्तियों को निरस्त करने का प्रस्ताव सरकार को भेज रही हैं. साथ ही मौजूदा विधानसभा सचिव को भी निलंबित कर दिया गया है.
बता दें कि उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की सरकारी नौकरियों में घोटालों के सामने आने के बाद विधानसभा में बैकडोर भर्तियों पर भी सवाल उठने लगे थे.
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इमेज कैप्शन, तीसरी उत्तराखंड विधानसभा के अध्यक्ष गोविंद कुंजवाल
इसके बाद तीसरी विधानसभा के अध्यक्ष गोविंद कुंजवाल और चौथी विधानसभा के अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने ऐसी भर्तियां करने की बात स्वीकार भी की थी. इसके बाद मुख्यमंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष से ऐसी नियुक्तियों की जांच का आग्रह किया था.
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने तीन सितंबर को ऐसी भर्तियों की जांच के लिए एक समिति का गठन किया था जिसे एक महीने में अपनी रिपोर्ट देनी थी लेकिन समिति ने अपना काम पहले ही पूरा कर लिया.
गुरुवार देर रात जांच समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद विधानसभा सचिवालय में हुई वर्ष 2016 की 150 तदर्थ नियुक्तियां रद्द की गई हैं.
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इमेज कैप्शन, उत्तराखंड विधानसभा
खंडूड़ी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि साल 2020 की 6 तदर्थ नियुक्तियां और साल 2021 की 72 तदर्थ नियुक्तियों को निरस्त करने का निर्णय लिया गया है.
उन्होंने बताया कि समिति ने विधानसभा सचिवालय के रिकॉर्ड की जांच करने पर पाया कि वर्ष 2016, 2020 और 2021 में की गई तदर्थ नियुक्तियों में अनियमितताएं थीं. इन नियुक्तियों में विभिन्न पदों के लिए निर्धारित नियमों का पालन नहीं हुआ है.
सेवा के विभिन्न पदों पर की गई भर्ती के लिए निर्धारित चयन समिति का गठन नहीं किया गया था, इसलिए ये तदर्थ नियुक्तियां चयन समिति के माध्यम से नहीं की गईं.
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इमेज कैप्शन, चौथी विधानसभा के अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने भी ऐसी भर्तियां करने की बात स्वीकार भी की थी
तदर्थ नियुक्ति के लिए कोई विज्ञापन या सार्वजनिक सूचना नहीं दी गई, न ही रोजगार कार्यालय से नाम मंगाए गए.
समिति ने इन नियुक्तियों को निरस्त करने की सिफारिश की थी जिसके आधार पर ये फ़ैसला लिया गया. इसके अलावा मौजूदा विधानसभा सचिव को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.
प्रेमचंद अग्रवाल ने बतौर विधानसभा अध्यक्ष उन्हें चंद महीने में तीन प्रमोशन दे दिए थे ताकि उन्हें सचिव बनाया जा सके.
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस फ़ैसले के बाद ट्वीट कर कहा कि पूर्व में विधानसभा अध्यक्ष को भेजे गए अनुरोध पत्र के क्रम में अनियमित विधानसभा भर्तियों पर कार्रवाई प्रदेश सरकार की सुशासन नीति को लेकर प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
उन्होंने कहा, "माननीय विधानसभा अध्यक्ष जी द्वारा विवादित भर्तियों को रद्द करना अत्यंत सराहनीय कदम है. राज्य सरकार भविष्य में होने वाली भर्तियों में पूर्ण पारदर्शिता लाने हेतु एक कारगर नीति बनाने पर भी कार्य कर रही है."
टाइटैनिक जहाज़ का ये अनूठा वीडियो देखा?
वीडियो कैप्शन, टाइटैनिक जहाज़ का ये अनूठा वीडियो देखा?
सालों पहले अटलांटिक महासागर में डूबे टाइटैनिक जहाज़ का 8के हाई-रेज़ोल्यूशन वाला पहला वीडियो सामने आया है.
8के हाई रेज़ोल्यूशन वाले वीडियो से हमें किसी चीज़ को बड़े स्क्रीन पर देखने में मदद मिलती है.
ऐसा माना जा रहा है कि इससे छोटी-छोटी जानकारियां भी हासिल की जा सकेंगी.
बता दें कि टाइटैनिक साल 1912 में अपनी पहली ही यात्रा के दौरान डूब गया था और जहाज़ का मलबा साल 1985 तक भी खोजा नहीं जा सका था.
बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्पा को भ्रष्टाचार के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत
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इमेज कैप्शन, कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा
सुप्रीम कोर्ट ने आज कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता बीएस येदियुरप्पा के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार के एक मामले में कार्यवाही पर रोक लगी दी है.
जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस हिमा कोहली की पीठ ने कर्नाटक हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती देनी वाली याचिका पर नोटिस जारी किया है, जिसमें येदियुरप्पा और अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज की गई थी.
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, पीठ ने कहा कि जहां तक याचिकाकर्ता का सवाल है, कार्यवाही पर रोक लगाई जाती है.
कर्नाटक हाई कोर्ट ने 7 सितंबर को येदियुरप्पा और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ एक निजी शिकायत पर आगे की कार्रवाई के लिए इजाजत दी थी.
सामाजिक कार्यकर्ता टीजे अब्राहम ने शिकायत दर्ज कराई थी कि येदियुरप्पा और उनके परिवार के सदस्यों ने कथित तौर पर बैंगलोर विकास प्राधिकरण के कॉन्ट्रैक्ट के बदले रामलिंगम कंस्ट्रक्शन कंपनी के साथ कई शेल कंपनियों से रिश्वत ली थी.
सत्र अदालत ने पहले येदियुरप्पा के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की मांग करने वाले एक याचिका को खारिज कर दिया था, क्योंकि तत्कालीन राज्यपाल ने इसे मंजूरी देने से मना कर दिया था.
बाबर आज़म ने खेली ऐसी पारी कि सवाल उठाने वाले हुए 'बोल्ड'
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पाकिस्तान के कप्तान बाबर आज़म पिछले कुछ मैचों और ख़ासकर एशिया कप में अपने बल्ले के ख़ामोश हो जाने से परेशान थे. वे आलोचनाओं का भी सामना कर रहे थे.
लेकिन टी-20 विश्व कप से पहले बाबर आज़म ने अपने आलोचकों का मुँह तो बंद कराया ही, इतनी बेहतरीन बल्लेबाज़ी की कि क्या क्रिकेट विशेषज्ञ, क्या क्रिकेट फ़ैन्स और क्या राजनेता- सभी क्लीन बोल्ड हुए पड़े हैं.
कराची में हुए इंग्लैंड के ख़िलाफ़ दूसरे टी-20 मैच में कप्तान बाबर आज़म ने इतनी बेहतरीन बल्लेबाज़ी की कि सुदूर अमेरिका में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में हिस्सा लेने गए प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने वहीं से उनकी प्रशंसा के पुल बांधे.
तो कहानी ये है कि पाकिस्तान पहला टी-20 मैच इंग्लैंड से हार गया था और दूसरे टी-20 मैच में भी इंग्लैंड ने जीत के लिए उसके सामने 200 रनों का बड़ा लक्ष्य रखा था.
बिहार पहुंचकर अमित शाह ने कहा – मैं यहां आया हूं, तो नीतीश-लालू के पेट में दर्द हो रहा है’
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केंद्रीय गृह मंत्री
अमित शाह ने शुक्रवार को बिहार के पूर्णियां में पूर्व सहयोगी नीतीश कुमार और राजद
नेता लालू यादव की आलोचना की है.
नीतीश कुमार पर
सीधा हमला बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि नीतीश बाबू ने प्रधानमंत्री बनने के लिए पीठ में छुरा भोंक कर आज राजद और
कांग्रेस की गोद में बैठने का काम किया है.
उन्होंने कहा, “आज भाजपा को धोखा देकर लालू की गोद में बैठकर नीतीश जी ने स्वार्थ और सत्ता की
राजनीति का जो परिचय दिया है उसके ख़िलाफ़ बिगुल फूंकने की शुरुआत भी यहीं बिहार की भूमि से होगी.”
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इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ‘आज मैं बिहार की इस विराट सभा से लालू जी और नीतीश जी दोनों से कहना चाहता हूं कि आप जो ये दल-बदल बार-बार करते हो, तो ये धोखा किसी पार्टी के साथ नहीं है, बल्कि ये धोखा बिहार की जनता के साथ है’
वहीं, लालू यादव और राजद को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा, “आज मैं जब बिहार में आया हूं तब लालू और नीतीश की जोड़ी को पेट में दर्द हो रहा है.वो कह रहे हैं कि बिहार में झगड़ा लगाने आए हैं, कुछ करके जाएंगे.लालू जी झगड़ा लगाने के लिए मेरी जरूरत नहीं है, आप झगड़ा लगाने के लिए पर्याप्त हो, आपने पूरा जीवन यही काम किया है.”
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नूपुर शर्मा केस: सुप्रीम कोर्ट ने नाविका कुमार को दी बड़ी राहत
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पैग़ंबर मोहम्मद के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को टाइम्स नाउ की एंकर नाविका कुमार को बड़ी राहत दी है.
बीजेपी की पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता नूपुर शर्मा ने कुछ महीने पहले नाविका कुमार के डिबेट कार्यक्रम में ही विवादित टिप्पणी की थी जिसके बाद देश भर में विरोध प्रदर्शन देखे गए थे.
इस मामले में नाविका कुमार भी कानूनी कार्यवाहियों का सामना कर रही हैं.
नाविका कुमार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके अपने ख़िलाफ़ सभी एफ़आईआर को मिलाने का
निवेदन किया था.
कोर्ट
ने इस पर सुनवाई करते हुए कहा है कि अगले आठ हफ़्तों तक उनके ख़िलाफ़ इस मामले में नई एफ़आईआर या कार्रवाई नहीं की
जाएगी.
जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस
कृष्ण मुरारी की बेंच ने अपने फ़ैसले में कहा, “नाविका कुमार अपने ख़िलाफ़ दायर मुख्य
एफ़आईआर को रद्द कराने के लिए हाई कोर्ट जाने के लिए स्वतंत्र हैं. हमने इस मामले
से जुड़े पहलुओं पर कोई राय नहीं दी है.”
सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा
कि नूपुर शर्मा मामले में अदालत के फ़ैसले को ध्यान में रखते हुए हम इस मामले का निबटारा करते हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि
उनके ख़िलाफ़ पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और दिल्ली में दर्ज एफ़आईआर को जोड़ा जाए और जांच दिल्ली पुलिस की आईएफ़एसओ टीम करेगी.
इसके साथ ही दिल्ली पुलिस ने जिस एफ़आईआर
को दर्ज किया है, उसे मुख्य एफ़आईआर माना जाए.
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले
में बीती 16 सितंबर को अपना आदेश सुरक्षित कर लिया है.
बेंच ने इस मामले में दिशानिर्देश देते हुए नूपुर शर्मा मामले में दिए गए फ़ैसले को ध्यान में रखा है.
सऊदी अरब के मदीना में मिला खजाना!
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सऊदी
अरब ने हाल ही में घोषणा की है कि मदीना शहर में गोल्ड और तांबे का बड़ा भंडार
मिला है.
सऊदी अरब ने गुरुवार को मदीना में सोने और तांबे के अयस्क स्थलों
की खोज की. सऊदी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि सोने
के अयस्क की खोज मदीना क्षेत्र में अबा अल-राहा की सीमाओं के भीतर हुई.
सऊदी अरब के भूसर्वेक्षण विभाग ने बताया कि मदीना शहर के अबा अल
रहा इलाके में मिट्टी में दबे गोल्ड का पता चला है, जबकि अल मदीक़ और वादी अल
फ़ारा इलाक़े में चार जगहों पर तांबे का भंडार मिला है.
अल अरबिया की रिपोर्ट के मुताबिक इस भंडार का पता चलने से देश में
निवेश बढ़ने की उम्मीद है, जिसे देश के विकास में लगाया जाएगा. अधिकारियों का
मानना है कि इस खोज के बाद देश में 53 करोड़ डॉलर का निवेश आ सकता है, साथ ही 4000
से अधिक नई नौकरियों के मौके मिल सकते हैं.
सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के 2030 के विज़न में
तेल-गैस के अलावा माइनिंग पर ज़ोर देना शामिल है. क्राउन प्रिंस का कहना है कि अनुसंधान
और विकास को प्राथमिकताओं में शामिल किया जाना चाहिए.
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अनुच्छेद 370 पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार, बताई तारीख़
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जम्मू-कश्मीर
से अनुच्छेद 370 हटाने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा.
सुप्रीम
कोर्ट ने शुक्रवार को बताया कि इस मामले की सुनवाई दशहरे के बाद होगी.
जम्मू-कश्मीर
को स्पेशल दर्जा दिए जाने संबंधी अनुच्छेद को समाप्त किए जाने के ख़िलाफ़ सुप्रीम
कोर्ट में कई याचिकाएं दाखिल की गई थीं.
इन याचिकाओं में कहा गया है कि ये मामला बेहद
अहम है और मुख्य न्यायाधीश यूयू ललित की अगुवाई वाली बेंच को इस मामले की सुनवाई
जल्द से जल्द करनी चाहिए.
सुप्रीम
कोर्ट ने कहा है कि वह इन याचिकाओं पर सुनवाई के लिए तैयार है और 9 अक्टूबर के बाद कोई भी
तारीख़ इसके लिए मुकर्रर हो सकती है.
मुख्य
न्यायाधीश ने कहा, “हां, इस पर दशहरा के बाद सुनवाई होगी.”
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने 5 अगस्त 2019 को
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को खत्म करने की घोषणा की थी.
इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर
को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा भी दिया गया था.
पीएफ़आई ने केरल में बुलाई हड़ताल, पुलिस ने किया लाठीचार्ज
....में
Author, इमरान क़ुरैशी
पदनाम, बेंगलुरु से, बीबीसी हिंदी के लिए
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पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया ने केरल में एनआईए और ईडी की कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार को हड़ताल का आह्वान
किया है.
केंद्रीय जांच संस्थाओं
एनआईए और ईडी ने गुरुवार को देश भर में पीएफ़आई के दफ़्तरों पर छापे मारकर कई
लोगों को गिरफ़्तार किया था.
इसके बाद इस हड़ताल का आह्वान
किया गया है क्योंकि केरल हाई कोर्ट ने बंद के आह्वान पर प्रतिबंध लगाया हुआ
है.
हड़ताल के दौरान बसों पर पत्थरबाज़ी होने से बस ड्राइवर और यात्री चोटिल हुए हैं जिसके बाद कई स्थानों पर बस सेवाएं
बाधित हो गईं.
पुलिस ने कोट्टायम में प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज भी
किया है. इसके साथ ही कुछ दुकानों पर मोलोटोव कॉकटेल्स भी फेंके जाने की ख़बरें आ
रही हैं. लेकिन अभी तक पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है.
कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव पर गहलोत ने कहा, राहुल बोले हैं कि...
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राजस्थान के मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत
ने शुक्रवार को कोच्चि में बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव में गांधी परिवार को कोई भी शख़्स अपनी दावेदारी पेश नहीं करेगा.
अब तक मिली जानकारी के मुताबिक़,
कांग्रेस सांसद शशि थरूर और राजस्थान सीएम अशोक गहलोत इस पद के लिए नामांकन करने
जा रहे हैं.
अशोक गहलोत ने कहा है, ‘मैंने उनसे निवेदन किया था कि जब सब कांग्रेस समितियां प्रस्ताव पास कर रही हैं कि
आपको (राहुल गांधी) अध्यक्ष बनना चाहिए तो फिर आप उसे स्वीकार कीजिए. मैंने उनसे
काफ़ी बात करने की कोशिश भी की. लेकिन उनका कहना है कि हमने फैसला कर लिया है कि इस बार गांधी परिवार का कोई शख़्स उम्मीदवार नहीं बनेगा. ये उन्होंने स्पष्ट रूप से कह दिया है.’
इस चुनाव में अपनी दावेदारी पर गहलोत ने कहा कि ‘ये तय है कि मैं चुनाव लड़ूंगा. इस समय देश के जो हालात हैं उसके लिए
प्रतिपक्ष का मज़बूत होना बहुत ज़रूरी है और उसमें हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे.’
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रुपया और कमज़ोर हुआ, क्या बढ़ेंगी मोदी सरकार की मुश्किलें
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इमेज कैप्शन, भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
डॉलर के मुक़ाबले भारतीय रुपये
में गिरावट का दौर लगातार जारी है.
शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में रुपये ने नया निचला स्तर बनाया और 39 पैसे और
लुढ़क गया.
डॉलर के मुक़ाबले ये रुपये का अब तक का सबसे निचला स्तर है.
यानी अभी अगर आपको एक डॉलर खरीदना है तो इसके लिए आपको 81 रुपये 18 पैसे चुकाने होंगे.
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रुपये में गिरावट के लिए अमेरिकी फेडरल रिज़र्व और दुनियाभर के सेंट्रल बैंकों की ब्याज़ दरों में बढ़त को वजह माना जा रहा है.
रुपये में लगातार होती गिरावट भारत सरकार के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है.
क्योंकि दुनिया भर में ब्याज़ दरें बढ़ने का सीधा असर भारत में आते विदेशी निवेश पर पड़ सकता है. साथ ही भारत को तेल इंपोर्ट पर भी विदेशी मुद्रा खर्च करनी होती है.
रुपये में गिरावट का असर शेयर बाज़ार पर भी दिखने को मिल रहा है और सेंसेक्स और निफ्टी करीब एक फ़ीसदी की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं.
इसके साथ ही बीजेपी को विपक्षी दलों की ओर से भी इस मुद्दे पर आलोचना का सामना कर पड़ रहा है.
शिवसेना की राज्य सभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने पीएम मोदी की आलोचना करते हुए व्यंग्यात्मक भाषा में लिखा है - 'इस सफ़लता के लिए पीएम मोदी को शुक्रिया कहने में कोई हिचक नहीं है. भारत की वित्त मंत्री को भी शुक्रिया...जल्द ही सैकड़े की ओर बढ़ रहे हैं.'
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कैसे तय होती है मुद्रा की वैल्यू?
मुद्रा या करेंसी का जहाँ लेन-देन होता है, उसे फ़ॉरेन एक्सचेंज मार्केट, या फिर मनी मार्केट कहते हैं.
एक्सचेंज रेट हमेशा एक सा नहीं रहता, उसमें बदलाव होता रहता है. कोई ज़रूरी नहीं कि पाउंड के बदले जितने रुपये 2022 जुलाई में देने पड़े, दिसंबर में भी पाउंड की क़ीमत रुपये के या किसी और मुद्रा के मुक़ाबले उतनी ही रहेगी.
ये कम भी हो सकती है और अधिक भी. ऐसा किसी करेंसी की मांग और सप्लाई पर निर्भर करता है.
जिस मुद्रा की मांग अधिक होगी उसकी क़ीमत अधिक रहेगी. अब चूंकि विश्व का बड़ा हिस्सा अपना व्यापार अमेरिकी मुद्रा 'डॉलर' में करता है इसलिए मुद्रा बाज़ार (मनी मार्किट) में डॉलर की मांग हमेशा बनी रहती है.
अब जब आपको या किसी भी उस व्यक्ति को जिसे किसी करेंसी की ज़रूरत है या उसे कोई मुद्रा बेचनी है तो वहां कहां जाएगा? - इसका जवाब है बैंक.
इसराइली प्रधानमंत्री ने बताया फ़लस्तीन से संघर्ष ख़त्म करने का रास्ता
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इमेज कैप्शन, इसराइली प्रधानमंत्री येर लेपिड
इसराइली प्रधानमंत्री येर लेपिड ने बीते बुधवार संयुक्त
राष्ट्र की आमसभा में इसराइल-फ़लस्तीनी
संघर्ष के समाधान के लिए दो राष्ट्र सिद्धांत को सामने रखा है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़, संयुक्त राष्ट्र की आम
सभा में लंबे समय बाद किसी इसराइली नेता ने इस सिद्धांत का ज़िक्र किया है.
उन्होंने कहा कि ‘फ़लस्तीनी लोगों से दो समाजों के लिए दो राष्ट्रों के
सिद्धांत पर समझौता इसराइल की सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और हमारे बच्चों के भविष्य के
लिए सही कदम होगा.”
उन्होंने ये भी कहा कि कोई भी समझौता इस बात पर टिका होगा
कि फ़लस्तीनी क्षेत्र एक शांतिपूर्ण राज्य बने जो इसराइल के लिए ख़तरा पेश न
करे.
इसराइल और फ़लस्तीनियों के बीच दशकों से जारी संघर्ष के समाधान के लिए दोनों पक्ष के नेताओं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय में दो-राष्ट्र सिद्धांत पर बात होती रही है. इसके तहत पश्चिमी किनारे, गज़ा पट्टी और पूर्वी यरुशलम में वर्ष 1967 की संघर्षविराम रेखा से पहले के क्षेत्र में एक स्वतंत्र फ़लस्तीनी राष्ट्र का निर्माण होना है जिसे इसराइल के साथ शांति से रहना होगा.
लेपिड ने ये बयान इसराइल में एक नवंबर को होने वाले चुनाव से ठीक छह
हफ़्ते पहले दिया है.
कहा जा रहा है कि आगामी चुनाव में दक्षिणपंथी नेता बेन्यामिन नेतान्याहु की
वापसी हो सकती है जो दो राष्ट्रों के सिद्धांत का विरोध करते रहे हैं.
ये बयान देने के बाद लेपिड को इसराइल में आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है.
इसराइल की गृह मंत्री ने हुए ट्विटर पर लिखा है -
'फ़लस्तीनी स्टेट
का समर्थन करते हुए येर लेपिड अपने व्यक्तिगत विचार रख रहे हैं. ये एक चुनावी
हथकंडा है. हम कभी भी इसराइली ज़मीन पर एक आतंकी फ़लस्तीनी राज्य नहीं बनने देंगे.
इस तरह का राज्य चरमपंथ, आतंक और क्षेत्रीय अस्थिरता को पनपने का माहौल देगा.’
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इसके साथ ही बेन्यामिन नेतान्याहु और नेफ़्टाली बेनेट की ओर से भी लेपिड की आलोचना किए जाने की ख़बरें सामने आ रही हैं.