भारत-ऑस्ट्रेलिया टी-20 : रोहित शर्मा ने भारत को दिलाई शानदार जीत

ऑस्ट्रेलिया ने पांच विकेट पर 90 रन बनाए. रोहित शर्मा की शानदार पारी की बदौलत भारत ने आठवें ओवर में जीत हासिल कर ली.

लाइव कवरेज

दिनेश उप्रेती, अनंत प्रकाश and अभिनव गोयल

  1. भारत-ऑस्ट्रेलिया टी-20 : रोहित शर्मा ने भारत को दिलाई शानदार जीत

    रोहित शर्मा

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    भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच नागपुर में खेले गए दूसरे टी-20 मुकाबले में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 6 विकेट से हरा दिया.

    बारिश के कारण मैच आठ-आठ ओवर का खेला गया. पहले बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने पांच विकेट पर 90 रन बनाए. मैथ्यू वेड ने सबसे ज़्यादा 43 और एरॉन फिंच ने 31 रन बनाए. भारत की तरफ़ से अक्षर पटेल ने दो और युजवेंद्र चहल ने एक विकेट लिया.

    जवाब में रोहित शर्मा की शानदार पारी की बदौलत भारत ने आठवें ओवर में जीत हासिल कर ली. शर्मा ने नाबाद 46 रन बनाए.

    विराट कोहली 11, केएल राहुल 10 और हार्दिक पंड्या सिर्फ 9 रन ही बना पाए. दिनेश कार्तिक 10 रन बनाकर नाबाद रहे.

    मैच के पहले ओवर में ही तीन छक्के लगाकर रोहित शर्मा टी-20 में सबसे ज़्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं.उन्होंने न्यूज़ीलैंड के मार्टिन गप्टिल को पीछे छोड़ा जिन्होंने 172 छक्के लगाए हैं.

    रोहित शर्मा ने आज के मैच में चार छक्के लगाए, उनके छक्कों की संख्या 175 हो गई है.

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  2. 'भाजपा मुक्त भारत' का केंद्र बनेगा बिहार: जेडीयू अध्यक्ष ललन सिंह

    ललन सिंह

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    जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने गृह मंत्री अमित शाह पर पलटवार करते हुए कहा कि साल 2024 में बिहार, 'बीजेपी मुक्त भारत' का केंद्र बनेगा.

    ललन सिंह ने अमित शाह के उस आरोप का भी जवाब दिया जो उन्होंने आज बिहार के पूर्णिया में हुई रैली में लगाया था. अमित शाह ने रैली में कहा था कि नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री बनने के लिए पीठ में छुरा भोंक कर राजद और कांग्रेस की गोद में बैठने का काम किया है.

    मीडिया से बात करते हुए ललन सिंह ने कहा, "नीतीश कुमार प्रधानमंत्री के उम्मीदवार नहीं हैं. नीतीश कुमार जी इस देश में भाजपा मुक्त भारत के निर्माण के लिए सभी विपक्षी दलों को एकजुट करने में लगे हुए हैं. विपक्षी एकजुटता के वो सूत्रधार हैं. वो प्रधानमंत्री के उम्मीदवार नहीं हैं. वो लाख चिल्लाते रहें उससे फर्क नहीं पड़ेगा."

    नीतीश कुमार का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि किसी को धोखा नहीं दिया है, बल्कि बीजेपी ने नीतीश कुमार के खिलाफ साजिश रची थी. बीजेपी ने 2020 के विधानसभा चुनावों में नीतीश कुमार की पीठ में छुरा भोंकने का काम किया था.

    समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए लोकसभा सांसद और जेडीयू अध्यक्ष ने कहा कि नीतीश कुमार सीबीआई और ईडी से नहीं डरते हैं, लेकिन जिस तरह बीजेपी इन जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है वो अपने आप में गंभीर है.

  3. महिला जिन्होंने ब्रिटेन के घरों में पहुंचाया भारतीय खाने का ज़ायका

    वीडियो कैप्शन, बात उस कुकरी शो की बात, जिसने ब्रिटेन में बहुत लोगों का दिल जीता.

    बात उस कुकरी शो की, जिसने ब्रिटेन में बहुत लोगों का दिल जीता. मधुर जाफ़री बहुत कम उम्र में एक्टिंग की पढ़ाई करने के लिए भारत से ब्रिटेन चली गई थीं.

    बाद में लाखों लोगों ने उन्हें स्क्रीन पर देखा. लेकिन उनकी एक्टिंग के लिए नहीं, बल्कि एकदम नए तरह के कुकरी प्रोग्राम में, जिसमें उन्होंने भारतीय व्यंजनों को ब्रितानी घरों तक पहुंचाया.

  4. आम्रपाली ग्रुप में फ्लैट बुक करने वालों को जल्द मिलेगी घरों की डिलेवरी

    आम्रपाली ग्रुप

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    आम्रपाली ग्रुप अगले दो से तीन महीने में 11 हजार 858 घरों की डिलीवरी करेगा. इसमें से 5 हजार 428 फ्लैट्स का कब्ज़ा अक्टूबर महीने में ही सौंप दिए जाएंगे.

    मुख्य न्यायाधीश यूयू ललित और जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की पीठ को कोर्ट के रिसीवर वरिष्ठ वकील आर वेंकटरमणि ने बताया कि अगले महीने त्योहार के सीजन में एनबीसीसी द्वारा पूरे किए गए 5 हजार 428 फ्लैट बिजली और पानी के कनेक्शन के साथ घर खरीदारों को दे दिए जाएंगे.

    उन्होंने कहा कि वे बाकि 6 हजार 430 फ्लैटों को बिजली और पानी के कनेक्शन देने में कुछ मुश्किलों का सामना कर रहे हैं, जैसे ही ये काम पूरा होगा, वैसे ही उनका कब्जा भी घर खरीदारों को दे दिया जाएगा.

    आर वेंकटरमणि ने कहा कि पूरा खरीदारों से पूरा भुगतान होने के बाद ही उन्हें फ्लैट सौंपा जाएगा.

  5. ईरान: महसा अमीनी के पिता ने कहा- बेटी को देखना चाहता था, लेकिन अंदर नहीं जाने दिया

    माहशा

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    22 साल की महसा अमीनी की मौत के बाद ईरान में देशव्यापी विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. उनके पिता ने अधिकारियों पर झूठ बोलने का आरोप लगाया है.

    बीबीसी फ़ारसी सेवा के साथ एक इंटरव्यू में महसा अमीनी के पिता अमज़द अमीनी ने कहा कि उन्हें अपनी बेटी की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट तक नहीं दी गई. उन्होंने इस बात से भी इनकार किया कि उनकी बेटी की तबीयत ठीक नहीं थी.

    उन्होंने कहा कि चश्मदीदों ने उनके परिवार को बताया है कि महसा को पुलिस कस्टडी में पीटा गया था. हालांकि अधिकारियों ने इससे इनकार किया है.

    महसा को कथित तौर पर हिजाब पहनने के नियम के उल्लंघन के लिए हिरासत में लिया गया था. ईरान के कुर्दिस्तान प्रांत के शहर साक़िज़ की रहने वाले कुर्दी महिला महसा अमीनी ने शुक्रवार को तेहरान में एक अस्पताल में दम तोड़ दिया. वो तीन दिनों तक कोमा में रही थीं.

  6. पश्चिम बंगाल: चौथे दिन भी जारी रहा कुर्मी समुदाय का रेल रोको अभियान, अब तक 205 ट्रेनें रद्द

    कुर्मी समुदाय का रेल रोको अभियान

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    पश्चिम बंगाल में कुर्मी समुदाय अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा और कुरमाली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर रेल रोको अभियान चला रहा है. ये अभियान आज चौथे दिन भी जारी रहा.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार अब तक कम से कम 205 मेल, एक्सप्रेस और यात्री ट्रेनें रद्द करनी पड़ी हैं. रेल रोको अभियान मुख्यतः पश्चिम बंगाल के कुसतौर और खेमासुली स्टेशनों पर हो रहा है.

    अधिकारी ने बताया कि इसके अलावा 74 ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट, 89 को डायवर्ट और चार ट्रेनों के समय में बदलाव किया गया है.

    कुर्मी समुदाय का रेल रोको अभियान

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    कुछ दिन पहले झारखंड और ओडिशा में भी रोको अभियान चलाया गया था.

    रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी कुसतौर और खेमासुली स्टेशनों पर आंदोलनकारियों से बात करने के लिए मौजूद हैं जो राज्य सरकार के साथ बातचीत में मदद कर रहे हैं.

    शुक्रवार को रद्द की गई ट्रेनों में 2834 हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस, 18005 हावड़ा-जगदलपुर एक्सप्रेस और 18615/18616 हावड़ा-हटिया-हावड़ा एक्सप्रेस हैं.

  7. 'जनहित याचिका' के बारे में हर वो बात जो जानना ज़रूरी है

    वीडियो कैप्शन, 'जनहित याचिका' के बारे में हर वो बात जो जानना ज़रूरी है

    जनहित याचिका (पीआईएल) को देश का कोई भी नागरिक या संस्थान दायर कर सकता है, लेकिन ये याचिका जनहित में होनी चाहिए यानी एक बड़े वर्ग के हित से जुड़ी होनी चाहिए.

    ये जनहित याचिका हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट दोनों ही जगहों में दायर की जा सकती है. अब सवाल है कि पीआईएल आख़िर कैसे दायर की जाती है? इसकी फ़ीस कितनी होती है? पूरा ब्योरा इस वीडियो में जानिए.

  8. श्रीनगर: जामिया मस्जिद प्रबंधन का दावा- इस साल 14 बार जुमे के दिन नमाज नहीं हुई...

    श्रीनगर की जामिया मस्जिद

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    इमेज कैप्शन, श्रीनगर की जामिया मस्जिद

    श्रीनगर की जामिया मस्जिद के प्रबंधन ने शुक्रवार को दावा किया कि इस साल ये ऐतिहासिक मस्जिद 14 बार जुमे के दिन बंद रही है.

    जामिया मस्जिद प्रबंधन ने ये भी दावा किया उसके प्रमुख मीरवाइज़ उमर फ़ारूक़ को आज उनके घर से बाहर निकलने नहीं दिया गया.

    इससे पहले जम्मू और कश्मीर पुलिस ने ये कहा था कि जामिया मस्जिद इस साल केवल तीन बार जुमे के मौके पर नमाज के लिए बंद रही है.

    मस्जिद प्रबंधन के बयान में जम्मू और कश्मीर की पुलिस के दावे का कोई जिक्र तो नहीं है लेकिन उन्होंने जो कहा है, उसे इसी से जोड़कर देखा जा रहा है.

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    मस्जिद का प्रबंधन देखने वाले अंजुमन ने अपने बयान में कहा है, "इस साल प्रशासन ने अब तक 14 बार जुमे के दिन मस्जिद को नमाज के लिए बंद रखा है."

    मंगलवार को एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी के एक ट्वीट का जवाब देते हुए श्रीनगर पुलिस ने कहा था, "जामिया मस्जिद पूरी तरह से खुली है. कोविड के बाद केवल तीन मौकों पर आतंकवादी हमले/क़ानून और व्यवस्था की स्थिति को मद्देनज़र रखते हुए जामिया मस्जिद को अस्थाई तौर पर नमाज के लिए बंद किया गया था. ये फ़ैसला भी तब लिया गया जब जामिया प्रशासन मस्जिद के भीतर कुछ होने की स्थिति में जिम्मेदारी लेने से नाकाम रही थी."

    ओवैसी ने अपने ट्वीट में जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से ये पूछा था कि उनका प्रशासन जामा मस्जिद में नमाज की अनुमति कब से देगा.

  9. रूस छोड़कर भाग रहे नागरिक, आख़िर उन्हें किस बात का डर सता रहा है

    रूसी सरकार के फ़ैसले का विरोध

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    यूक्रेन के ख़िलाफ़ जारी युद्ध में शामिल होने के लिए तीन लाख लोगों को बुलाने के रूसी राष्ट्रपति के फ़ैसले से रूस के कई लोग नाराज़ हैं.

    राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के इस फ़ैसले के बाद रूस के कई नागरिक देश छोड़कर भाग रहे हैं. देश की सीमा पर कई जगहों पर लंबी-लंबी कतारें देखी जा रही हैं. सड़कों पर भारी ट्रैफिक है. लोग अपना ज़रूरी सामान समेटकर देश से निकलना चाहते हैं.

    राष्ट्रपति की घोषणा से पहले रूसी नागरिकों को अंदाज़ा नहीं था कि उनके लिए यूक्रेन युद्ध में जाने की संभावना बन सकती है.

    देश में लोग चर्चा कर रहे हैं कि अब आगे क्या होगा. लोग ये योजना बना रहे हैं कि युद्ध के मैदान में जाने से बचने के लिए वो क्या-क्या रास्ते अपना सकते हैं.

  10. भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में 5 अरब अमेरिकी डॉलर की गिरावट

    डॉलर

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    आरबीआई के मुताबिक भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट जारी है.

    16 सितंबर को खत्म होने वाले हफ्ते में भारत के विदेशी भंडार में 5.219 अरब अमेरिकी डॉलर घटकर 545.652 अरब अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, करीब तीन महीने पहले तक भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 600 अरब अमेरिकी डॉलर था.

    इससे पहले वाले हफ्ते में 2.23 अरब अमेरिकी डॉलर की कमी आई थी. आरबीआई के मुताबिक ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि फॉरेन करेंसी एसेट में गिरावट आई है, जो विदेशी मुद्रा भंडार का एक प्रमुख हिस्सा है.

    आरबीआई के मुताबिक एफसीए करीब 4 अरब अमेरिकी डॉलर घटकर 484 अरब अमेरिकी डॉलर पर आ गया है.

    इसके अलावा गोल्ड रिजर्व भी करीब 45 करोड़ अमेरिकी डॉलर की गिरावट के साथ 38.16 अरब अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया है.

  11. इमरान ख़ान क्यों बोले- 'मोदी को ही देख लीजिए...'

    वीडियो कैप्शन, इमरान ख़ान क्यों बोले- 'मोदी को ही देख लीजिए...'

    पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने एक बार फिर नरेंद्र मोदी की तारीफ़ की है. पिछले कई महीनों से वे नरेंद्र मोदी सरकार की विदेश नीति की कई बार तारीफ़ कर चुके हैं. लेकिन इस बार मामला कुछ और है.

    बुधवार को एक रैली के दौरान इमरान ख़ान ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ पर जमकर निशाना साधा. इसी क्रम में उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी ज़िक्र किया.

  12. सीबीआई और ईडी पिंजरे में बंद तोता नहीं, बल्कि कानून का गहना हैं: मुख्तार अब्बास नक़वी

    मुख्तार अब्बास नकवी

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    बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नक़वी ने शुक्रवार को कहा कि सीबीआई और ईडी अब पिंजरे में बंद तोते नहीं रहे हैं, बल्कि अब ये जांच एजेंसियां कानून का गहना हैं.

    उन्होंने कहा कि ये जांच एजेंसियां ईमानदारी से अपना काम कर रही हैं. उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद और रामपुर में मीडिया से बात करते हुए नक़वी ने विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधा.

    उन्होंने कहा कि सरकार पर जांच एजेंसियों के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाने वाला विपक्ष आज मुश्किल में फंसा हुआ है. भ्रष्टाचार के महारथी आज जब फंस रहे हैं तो वे जांच एजेंसियों को लेकर इस तरह की गलत बयानबाजी कर रहे हैं.

    मुख्तार अब्बास नक़वी ने यूपी में मदरसों और वक्फ संपत्तियों के सर्वेक्षण करने के फैसले पर प्रदेश सरकार का साथ देते हुए कहा कि इन फैसलों की आलोचना करने वाले लोग भय का माहौल बना रहे हैं.

  13. सरकार जो डेटा जारी करती है उस पर कितना भरोसा किया जा सकता है?

    खेतों में काम करती महिलाएं

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    'हमें भगवान पर विश्वास है. बाकी सब डेटा लेकर आएं' - माना जाता है कि ये शब्द अमेरिका के जानेमाने स्टैटिस्टिशियन एडवर्ड्स डेमिंग ने कहे थे. मक़सद था ये रेखांकित करना कि बिज़नेस करते वक्त डेटा का सही माप और उसका विश्लेषण कितना महत्वपूर्ण है.

    ऐसे में अगर डेटा पर ही सवाल खड़े किए जाएं तो? पिछले कुछ समय से भारत से आने वाले डेटा और डेटा इकट्ठा करने वाले संस्थानों पर कुछ हलकों की ओर से सवाल उठ रहे हैं. यह आरोप लग रहा है कि राजनीतिक दबाव के ज़रिए आंकड़ों में हेरफेर की जा रही है.

    आकंड़ों के साथ हेरफेर के आरोप तो हैं ही, डेटा पर पहरा भी दिख रहा है. जनणना की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है जिससे अहम आंकड़ों का पता चल पाता.

    जनवरी 2019 में जब नेशनल स्टैटिस्टिकल कमीशन (एनएससी) के पूर्व सदस्य और कार्यकारी प्रमुख पीसी मोहनन ने अपने पद से इस्तीफ़ा दिया तो ये ख़बर अख़बारों की सुर्खियां बनी. बाद में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि एनएससी को गंभीरता से नहीं लिया जाता. गुज़रे सालों में अर्थव्यवस्था की रफ़्तार के आकलन में कथित सरकारी दखलअंदाज़ी को भी उन्होंने इस्तीफ़े की वजह बताया.

  14. ब्रेकिंग न्यूज़, हॉकी इंडिया के अध्यक्ष पद पर निर्विरोध चुने गए भारत के मशहूर डिफ़ेंडर

    दिलीप तिर्की

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    हॉकी इंडिया के अध्यक्ष पद के लिए भारत के पूर्व कप्तान दिलीप तिर्की को निर्विरोध चुना गया है.

    अध्यक्ष पद के लिए उत्तर प्रदेश हॉकी प्रमुख राकेश कत्याल और झारखंड हॉकी से भोला नाथ सिंह भी मैदान में थे लेकिन दोनों ने अपना नामांकन वापिस ले लिया जिसके बाद दिलीप तिर्की को चुना गया.

    अध्यक्ष चुने जाने के बाद दिलीप तिर्की ने हॉकी इंडिया को ऊंचाई पर ले जाने की बात कही है.

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    दिलीप तिर्की राजनीति में भी सक्रिय रहे हैं.

    दिलीप तिर्की 2012 से 2018 तक बीजू जनता दल के टिकट पर राज्यसभा के सदस्य रहे हैं.

    उन्होंने 1995 में इंग्लैंड के खिलाफ अपना डेब्यू किया था. दिलीप तिर्की ने 1996 में अटलांटा, 2000 में सिडनी और 2004 एथेंस ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया है.

    दिलीप तिर्की को पद्म श्री, अर्जुन अवार्ड और एकलव्य जैसे भारत के प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा जा चुका है.

  15. 23 सितंबर 2022 का ‘दिनभर: पूरा दिन, पूरी ख़बर’, सुनिए अंजुम शर्मा और प्रेरणा से

  16. शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, निवेशकों को एक दिन में हुआ 4.90 लाख करोड़ रुपये का नुकसान

    शेयर बाजार में गिरावट

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    शेयर बाजार में तेज गिरावट के बीच निवेशकों को करीब 4.90 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है.

    सेंसेक्स 1,020.80 अंक (1.73 प्रतिशत) की गिरावट के साथ 58,098.92 पर बंद हुआ. दिन में सेंसेक्स में 1.92 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई.

    समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का मार्केट कैपिटलाइजेशन शुक्रवार को करीब 4 लाख 90 हजार करोड़ रुपये घटकर 2,76,64,566.79 करोड़ रुपये रह गया है.

    शेयर बाजार में ये गिरावट तीसरे दिन भी जारी रही. इस दौरान सेंसेक्स में कुल 2.71 प्रतिशत की गिरावट आई है.

    कोटक सिक्योरिटीज लिमिटेड में टेक्निकल रिसर्च के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट अमोल आठवले का कहना है कि ये गिरावट अमेरिकी केंद्रीय बैंक के ब्याजों दरों में इजाफा करने की वजह से हो रही है. निवेशक जोखिम से बचने के लिए शेयरों को बेच रहे हैं.

  17. मोहन भागवत की इमाम से मुलाक़ात पर भड़के ओवैसी, तो कांग्रेस ने दिया न्योता

    असदुद्दीन ओवैसी

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    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत इन दिनों अपनी मुलाक़ातों को लेकर चर्चा में हैं. गुरुवार को उनकी अखिल भारतीय इमाम संगठन के प्रमुख इमाम उमर अहमद इलियासी से मुलाक़ात भी ख़बरों में छाई रही. इससे पहले पिछले महीने मोहन भागवत की पाँच मुस्लिम बुद्धिजीवियों से हुई मुलाक़ात की भी काफ़ी चर्चा हुई है.

    मोहन भागवत गुरुवार को दिल्ली के कस्तूरबा गांधी मार्ग पर स्थित मस्जिद में इमाम उमर अहमद इलियासी से मिलने पहुंचे थे. इस दौरान उनके साथ संघ के कृष्ण गोपाल, राम लाल और इंद्रेश कुमार भी मौजूद थे. मस्जिद में अखिल भारतीय इमाम संगठन का कार्यालय है.

    ये बातचीत करीब एक घंटा चली और उसके बाद संघ प्रमुख ने इमाम उमर इलियासी के पिता जमील इलियासी की पुण्यतिथि पर उनकी मज़ार पर जियारत भी की. उन्होंने इमाम के परिवार से मुलाक़ात की.

    इसके बाद संघ प्रमुख ने आज़ाद मार्केट में एक मदरसे का दौरा किया और वहां पर बच्चों से मुलाकात की.

  18. कनाडा में रह रहे भारतीयों को सरकार ने कहा, सावधानी बरतें और सतर्क रहें

    विदेश मंत्री एस जयशंकर

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    विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कनाडा में रह रहे भारतीय नागरिकों और छात्रों के लिए बढ़ती हिंसा और भारत विरोधी घटनाओं के बीच सावधानी बरतने और सतर्क रहने के लिए एडवाइजरी जारी की है.

    कनाडा जाने वाले भारतीय छात्रों को भी वहां पर सतर्क रहने के लिए कहा गया है.

    अपने बयान में विदेश मंत्रालय ने कहा कि कनाडा में भारतीय अधिकारियों ने इन घटनाओं को वहां के अधिकारियों के सामने उठाया है और उनसे अपराधों की जांच करने का अनुरोध किया है.

    विदेश मंत्रालय ने कहा कि कनाडा में हेट क्राइम, हिंसा और भारत विरोधी घटनाओं में काफी तेज बढ़ोतरी हुई है और इस तरह की घटनाओं को अंजाम देने वाले लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं हुई है.

    ऑडियो कैप्शन, कनाडा में खालिस्तान की आवाज़

    एडवाइजरी में कहा गया है कि कनाडा में रह रहे भारतीय और भारतीय छात्र ओटावा में भारतीय हाई कमीशन, टोरंटो और वेंकूवर में कांसुलेट जनरल ऑफ इंडिया की वेबसाइट की मदद से खुद को रजिस्टर करवा सकते हैं.

    मंत्रालय का कहना है कि रजिस्ट्रेशन होने से भारतीय हाई कमीशन और कॉन्सुलेट किसी भी मुश्किल स्थिति में बेहतर तरीके से कनाडा में रह रहे भारतीयों के साथ संपर्क कर पाएगा.

    कनाडा जाने वाले भारतीय छात्रों को भी वहां पर सतर्क रहने के लिए कहा गया है.

    अपने बयान में विदेश मंत्रालय ने कहा कि कनाडा में भारतीय अधिकारियों ने इन घटनाओं को वहां के अधिकारियों के सामने उठाया है और उनसे अपराधों की जांच करने का अनुरोध किया है.

    वीडियो कैप्शन, कनाडा का वो क्रूर इतिहास, जिस पर आज आंसू बहाते हैं लोग Duniya Jahan

    विदेश मंत्रालय ने कहा कि कनाडा में हेट क्राइम, हिंसा और भारत विरोधी घटनाओं में काफी तेज बढ़ोतरी हुई है और इस तरह की घटनाओं को अंजाम देने वाले लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं हुई है.

    एडवाइजरी में कहा गया है कि कनाडा में रह रहे भारतीय और भारतीय छात्र ओटावा में भारतीय हाई कमीशन, टोरंटो और वेंकूवर में कांसुलेट जनरल ऑफ इंडिया की वेबसाइट की मदद से खुद को रजिस्टर करवा सकते हैं.

    मंत्रालय का कहना है कि रजिस्ट्रेशन होने से भारतीय हाई कमीशन और कॉन्सुलेट किसी भी मुश्किल स्थिति में बेहतर तरीके से कनाडा में रह रहे भारतीयों के साथ संपर्क कर पाएगा.

  19. इस परिवार की तीन पीढ़ियां एक ही स्कूल में हैं

    वीडियो कैप्शन, इस परिवार की तीन पीढ़ियां एक ही स्कूल में हैं

    आंध्र प्रदेश के इस परिवार की कहानी देखिए. आंध्र प्रदेश के अनकापल्ली ज़िले के ए कोडुरू गांव में मल्लेस्वर राव हेडमास्टर हैं. उनके बेटे प्रवीण इसी स्कूल में अध्यापक हैं और प्रवीण का बेटा अनिरुद्ध इसी स्कूल में छात्र है.

    मल्लेस्वर राव और प्रवीण का परिवार एक ही घर में रहता है. तीनों पीढ़ियां के लोग हर रोज़ एक साथ एक ही समय पर स्कूल जाते हैं. वे साथ ही लौटते भी हैं. प्रवीण दूसरी कक्षा के बच्चों को भी पढ़ाते हैं. वह अपने बच्चे के शिक्षक भी हैं.

    जब मल्लेस्वर दूसरी कक्षा का इंस्पेक्शन करने आते हैं तो कोई भी तीन पीढ़ियों को एक साथ अलग-अलग ज़िम्मेदारियों में देख सकता है. एक ही कक्षा में पोता, बेटा और दादा. देखिए इस परिवार की कहानी.

  20. महसा अमीनी की मौत के बाद अमेरिका ने ईरान की मोरैलिटी पुलिस को किया ब्लैकलिस्ट

    महसा अमीनी

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    ईरान की मोरैलिटी पुलिस 'गश्त-ए-इरशाद' को अमेरिका ने गुरुवार को ब्लैकलिस्ट कर दिया है.

    समाचार एजेंसी एएफ़पी की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने कहा कि मोरैलिटी पुलिस महसा अमीनी की मौत के लिए जिम्मेदार है. ट्रेजरी विभाग ने ईरानी महिलाओं के खिलाफ हिंसा और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के अधिकारों के उल्लंघन के लिए ये प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है.

    कथित तौर पर ठीक से हिजाब नहीं पहनने को लेकर 'गश्त-ए-इरशाद' ने 22 वर्षीय महसा अमीनी को गिरफ़्तार किया था और पुलिस हिरासत में उनकी मौत हो गई थी. महसा अमीनी की मौत के बाद से कुर्दिस्तान से लेकर तेहरान तक देश के कई इलाक़ों में विरोध प्रदर्शन भड़क गए हैं.

    प्रदर्शन

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    ट्रेजरी के सचिव जेनेट येलेन ने कहा, "महसा अमीनी एक साहसी महिला थीं. मोरैलिटी पुलिस की हिरासत में उनकी मौत ईरानी शासन के सुरक्षा बलों द्वारा अपने ही लोगों के खिलाफ क्रूरता का एक और कृत्य था."

    शनिवार को महसा को उनके होमटाउन साकेज़ में दफ़्न कर दिया गया. उनके जनाजे में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए. जनाजे में शामिल महिलाओं ने विरोध में अपने हिजाब उतार दिए थे.

    जनाजे में शामिल प्रदर्शनकारियों ने 'तानाशाह की मौत हो' के नारे भी लगाए. ये नारा ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामनेई के लिए लगाया जा रहा था.

    वीडियो कैप्शन, ईरान में छठे दिन भी कई जगहों पर हिंसक प्रदर्शन हुए.

    मोरैलिटी पुलिस क्या है?

    बीबीसी मॉनिटरिंग की एक रिपोर्ट के अनुसार, साल 1979 की क्रांति के बाद से ही ईरान में सामाजिक मुद्दों से निपटने के लिए 'मोरैलिटी पुलिस' कई स्वरूपों में मौजूद रही है.

    इनके अधिकार क्षेत्र में महिलाओं के हिजाब से लेकर पुरुषों और औरतों के आपस में घुलने-मिलने का मुद्दा भी शामिल रहा है.

    लेकिन महसा की मौत के लिए ज़िम्मेदार बताई जा रही सरकारी एजेंसी 'गश्त-ए-इरशाद' ही वो मोरैलिटी पुलिस है, जिसका काम ईरान में सार्वजनिक तौर पर इस्लामी आचार संहिता को लागू करना है.

    'गश्त-ए-इरशाद' का गठन साल 2006 में हुआ था. ये न्यायपालिका और इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स से जुड़े पैरामिलिट्री फोर्स 'बासिज' के साथ मिलकर काम करता है.