संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी
संस्था (IAEA)का कहना है कि
यूक्रेन के ज़ेपोरीज़िया परमाणु संयंत्र में बिजली वापस आ
गई है. इलाक़े में रूस की भीषण बमबारी से पावर प्लांट से जुड़ी हुई बिजली की लाइन
क्षतिग्रस्त हो गई हैं.
इस प्लांट के सभी छह रिएक्टर बंद हो चुके हैं
लेकिन इसके रिएक्टर्स को ठंडा रखने के लिए बाहर से बिजली की ज़रूरत है ताकि उन्हें
पिघलने से बचाया जा सके.
आईएईए का कहना है कि प्लांट रूस के कब्ज़े में है
और इसकी मौजूदा स्थिति में सुधार हुआ है लेकिन अनिश्चितता बरकरार है.
इस महीने की शुरुआत में इंटरनेशनल एटॉमिक
एनर्जी एजेंसी (IAEA) की विशेषज्ञों की एक टीम ज़ेपोरीज़िया में स्थित यूरोप के इस सबसे बड़े
न्यूक्लियर प्लांट का जायज़ा लेने पहुंची थी.
इस टीम का ये दौरा यूक्रेन और अंतरराष्ट्रीय
समुदाय की ओर से सुरक्षा को लेकर जताई जा रही चिंताओं के बाद हुआ. लगातार बमबारी
की वजह से न्यूक्लियर प्लांट को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका और रेडिएशन फैलने का
अंदेशा भी जताया जा रहा था.
रूस और यूक्रेन, दो दोनों देश एक दूसरे पर दक्षिण-पूर्व
यूक्रेन में स्थित इस प्लांट में बमबारी के आरोप लगा रहे हैं.
नेशनल ग्रिड से सीधे बिजली सप्लाई
आईएईए के पहले दौरे के बाद यह सुनिश्चित किया गया है कि फिलहाल एजेंसी वहां स्थायी तौर पर मौजूदगी दर्ज कराएगी और प्लांट की स्थिति को मॉनिटर करती रहेगी.
आईएईए ने शनिवार को एक ट्वीट करके बताया कि टीम के सदस्यों को शनिवार को इस बात की जानकारी मिली कि बमबारी में क्षतिग्रस्त हुई चार बाहरी पावर लाइनों में से एक की मरम्मत की जा चुकी है और उसके ज़रिए नेशनल ग्रिड से सीधे बिजली सप्लाई मिल सकती है.
सामूहिक कब्रें मिलने के बाद बढ़ी चिंता
वहीं, पूर्वी यूक्रेन के इज़्यूम शहर में सामूहिक कब्रें मिलने के बाद यूरोपियन यूनियन के अध्यक्ष ने युद्ध अपराधों के लिए अंतरराष्ट्रीय ट्राइब्यूनल बनाने का आह्वान किया है.
शहर के बाहरी इलाके में एक जंगल में सैकड़ों लाशें बरामद हुई हैं. यहां रूसी सेनाओं को पीछे खदेड़कर यूक्रेन ने फिर से कब्ज़ा किया है.
बताया जा रहा है कि मरने वालों में से अधिकतर आम नागरिक, महिलाएं और बच्चे हैं.
यूक्रेन का कहना है कि यह युद्ध अपराध है.
चेक गणराज्य के विदेश मंत्री जान लिपावस्की ने कहा, ‘21वीं सदी में इंसानी आबादी के खिलाफ़ इस तरह के हमले अकल्पनीय और घृणित हैं. हमें इसे नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए. हमें सारे युद्ध अपराधियों को सज़ा दिलाने के लिए खड़े होना चाहिए.’
उन्होंने एक ट्वीट में लिखा, ‘मैं अतिशीघ्र एक स्पेशल इंटरनेशनल ट्राइब्यूनल बनाने का आह्वान करता हूं जो आक्रामकता के साथ किए गए अपराधों पर मुकदमा चलाएगा.’
दोनेत्स्क के विभाजित पूर्वी क्षेत्र में शनिवार को एक बार फिर जंग छिड़ गई. ये इलाक़ा रूस समर्थित अलगाववादियों के नियंत्रण में है.