यूक्रेन के जवाबी हमलों के बाद भी रूस की योजना में बदलाव से पुतिन का इनकार
व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि वह जल्दी में नहीं हैं और यूक्रेन के डोनबास क्षेत्र में हमले जारी हैं.
लाइव कवरेज
ब्रजेश मिश्र and चंदन शर्मा
पाकिस्तान के पूर्व अंपायर असद रऊफ़ का ह्रदय गति रुकने से निधन
वीडियो कैप्शन, पाकिस्तान के पूर्व अंपायर असद रऊफ़ का ह्रदय गति रुक जाने के कारण निधन हो गया.
पाकिस्तान के पूर्व अंपायर असद रऊफ़ का ह्रदय गति रुकने (कार्डिएक अरेस्ट) से निधन हो गया. वह आईसीसी के इलीट पैनल के अंपायर रह चुके थे.
असद रऊफ़ को 2006 में आईसीसी के इलीट पैनल में जगह मिली थी जिसके बाद उन्होंने 47 टेस्ट, 98 ओडीआई और 23 टी-20 मैच में अंपायरिंग की.
अंपायर के तौर पर उनके करियर की शुरुआत 1998 में हुई थी.
भारत और पाकिस्तान के बीच 2000 में खेले गए एक दिवसीय मैच से उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अंपायरिंग की दुनिया में कदम रखा.
रऊफ़ आईपीएल में भी दिखे थे, लेकिन 2013 में स्पॉट फिक्सिंग में नाम आने के बाद उनका करियर ख़त्म हो गया.
अंपायरिंग पर बैन लगने के बाद असद रऊफ़ पिछले कुछ वर्षों से लाहौर में एक दुकान चलाकर अपनी जीवन बिता रहे थे.
उनकी जूतों और कपड़ों की दुकान थी.
हैदराबाद लिबरेशन डे परअमित शाह ने साधा टीआरएस पर निशाना
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 1
तेलंगाना में सत्तारूढ़ 'टीआरएस' की आलोचना करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि बीते सालों में 'वोट बैंक की राजनीति' की वजह से 'हैदराबाद लिबरेशन डे' को आधिकारिक रूप से नहीं मनाया गया जबकि कुछ नेताओं ने ऐसा करने का वादा किया था.
उन्होंने कहा, "हैदराबाद लिबरेशन डे मनाने के फ़ैसले के लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुक्रिया अदा करना चाहूंगा."
साल 1948 में आज ही के दिन हैदराबाद राज्य का भारत संघ में विलय हुआ था. उससे पहले हैदराबाद पर निज़ाम का शासन था.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 2
केंद्र सरकार द्वारा आधिकारिक रूप से 'हैदराबाद लिबरेशन डे' मनाए जाने के मौके पर अमित शाह ने कहा, "...इस क्षेत्र में ये मांग उठती थी कि हैदराबाद लिबरेशन डे सरकार के समर्थन से मनाया जाए. ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि 75 साल बीत जाने के बाद भी जो लोग यहां सरकार में थे, वे वोट बैंक की राजनीति के कारण हैदराबाद लिबरेशन डे मनाने का साहस नहीं कर सके."
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की ओर स्पष्ट रूप से इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि बहुत से लोगों ने चुनावों के दौरान हैदराबाद लिबरेशन डे मनाने का वादा किया था लेकिन सत्ता में आने के बाद वे अपने कहे से मुकर गए.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 3
अमित शाह ने कहा कि उन्हें इस बात पर हैरत नहीं है बल्कि खुशी है कि मोदी सरकार के फ़ैसले के बाद हर कोई हैदराबाद लिबरेशन डे मना रहा है.
गालियाँ देती लड़कियाँ: ख़ुश हुए तो गाली, ग़ुस्साये तो गाली, वजह क्या है?
इमेज स्रोत, VikramRaghuvanshi/Getty Images
पिछले दिनों एक वीडियो चारों ओर ख़ूब घूमा. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के एक बड़े से अपार्टमेंट में एक महिला सुरक्षा गार्ड से भिड़ी हुई है.
वह उसे लगातार धमकी दे रही है. धुआँधार गालियाँ दे रही है. गालियाँ माँ-बहन के नाम से जुड़ी हैं. गार्ड बचने की कोशिश कर रहा है. वह महिला बदन और ज़ुबान दोनों से हमलावर है.
इसी के कुछ दिनों बाद कानपुर के एक स्कूल का वीडियो सामने आया. तीन स्कूली लड़कियाँ लड़ रही हैं. एक-दूसरे को पटक रही हैं. बाल नोंचे जा रही हैं. एक लड़की गाली भी दे रही है. गाली माँ के नाम से जुड़ी है.
ये वीडियो वायरल क्यों हुए?
इसराइल ने दमिश्क इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हवाई हमले किए: सीरिया
इमेज स्रोत, AFP
सीरिया ने कहा है कि इसराइल ने दमिश्क इंटरनेशनल एयरपोर्ट समेत राजधानी के दक्षिणी इलाके में कुछ ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं जिनमें पांच सैनिकों की मौत हो गई है.
सीरिया के रक्षा मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा है कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने इसराइल की ओर से दागी गई मिसाइलों को बीच में ही रोक लिया और ज़्यादातर मिसाइलें रास्ते में ही नष्ट कर दी गईं.
अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है कि इस हवाई हमले से दमिश्क इंटरनेशनल एयरपोर्ट का कामकाज बाधित हुआ है या नहीं.
हालांकि इसराइल की मिलिट्री ने इस पर सिर्फ़ इतना ही कहा कि वो विदेशी रिपोर्टों पर टिप्पणी नहीं करता है.
हाल के दिनों में सीरिया के हवाई अड्डों पर इसराइल के हमले बढ़े हैं. इन हमलों की वजह ईरान की ओर से भेजी जाने वाली सप्लाई को रोकना है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान हिज़बुल्लाह समेत सीरिया और लेबनान में अपने सहयोगियों को हथियारों की आपूर्ति करता है.
कहा जा रहा है कि तेहरान ने सीरिया में अपने सहयोगियों को हथियारों की आपूर्ति के लिए एयर ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है.
पुतिन के सामने ही पीएम मोदी ने ऐसा क्या कहा, जिसकी अंतरराष्ट्रीय मीडिया में हो रही चर्चा
इमेज स्रोत, EPA
शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की शिखर बैठक समाप्त हो चुकी है लेकिन इसके बाद भी बैठक की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफ़ी चर्चाएं हो रही हैं. चर्चा भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हुई मुलाक़ात की है.
उज़्बेकिस्तान के समरकंद में शुक्रवार को हुए शिखर सम्मेलन से अलग पीएम मोदी ने पुतिन से मुलाक़ात की थी और उन्होंने इस दौरान कुछ ऐसा कहा जिसकी चर्चा ज़ोरों से होने लगी.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़, पीएम मोदी ने शुक्रवार को रूसी राष्ट्रपति पुतिन से कहा कि यह वक़्त युद्ध का नहीं है बल्कि वर्तमान में दुनिया की बड़ी चिंताएं खाद्यान्न, उर्वरक और तेल की सुरक्षा को लेकर है.
मोदी ने पुतिन से कहा, "मैं जानता हूँ कि आज का दौर युद्ध का दौर नहीं है और मैं फ़ोन पर आपसे इस पर बात कर चुका हूँ."
दशकों बाद चीते भारत की धरती पर वापस लौटे हैं: पीएम मोदी
इमेज स्रोत, TWITTER@ANI
अफ्रीकी देश नामीबिया से लाए गए चीतों को मध्य प्रदेश के कुना नेशनल पार्क में छोड़े जाने के मौके पर पीएम मोदी ने इसके लिए वहां की सरकार का शुक्रिया अदा किया है.
उन्होंने कहा, "दशकों पहले, जैव-विविधता की सदियों पुरानी जो कड़ी टूट गई थी, विलुप्त हो गई थी, आज हमें उसे फिर से जोड़ने का मौका मिला है. आज भारत की धरती पर चीता लौट आए हैं. और मैं ये भी कहूँगा कि इन चीतों के साथ ही भारत की प्रकृतिप्रेमी चेतना भी पूरी शक्ति से जागृत हो उठी है."
"मैं हमारे मित्र देश नामीबिया और वहाँ की सरकार का भी धन्यवाद करता हूँ जिनके सहयोग से दशकों बाद चीते भारत की धरती पर वापस लौटे हैं. ये दुर्भाग्य रहा कि हमने 1952 में चीतों को देश से विलुप्त तो घोषित कर दिया, लेकिन उनके पुनर्वास के लिए दशकों तक कोई सार्थक प्रयास नहीं हुआ."
इमेज स्रोत, TWITTER@ANI
"आज आजादी के अमृतकाल में अब देश नई ऊर्जा के साथ चीतों के पुनर्वास के लिए जुट गया है. ये बात सही है कि, जब प्रकृति और पर्यावरण का संरक्षण होता है तो हमारा भविष्य भी सुरक्षित होता है. विकास और समृद्धि के रास्ते भी खुलते हैं. कुनो नेशनल पार्क में जब चीता फिर से दौड़ेंगे, तो यहाँ का ग्रासलैंड इकोसिस्टम फिर से बहाल होगा, जैवविविधता और बढ़ेगी."
"कुनो नेशनल पार्क में छोड़े गए चीतों को देखने के लिए देशवासियों को कुछ महीने का धैर्य दिखाना होगा, इंतजार करना होगा. आज ये चीते मेहमान बनकर आए हैं, इस क्षेत्र से अनजान हैं. कुनो नेशनल पार्क को ये चीते अपना घर बना पाएं, इसके लिए हमें इन चीतों को भी कुछ महीने का समय देना होगा."
इमेज स्रोत, TWITTER@ANI
"अंतरराष्ट्रीय गाइडलाइन्स पर चलते हुए भारत इन चीतों को बसाने की पूरी कोशिश कर रहा है. हमें अपने प्रयासों को विफल नहीं होने देना है. प्रकृति और पर्यावरण, पशु और पक्षी, भारत के लिए ये केवल सस्टेनेबिलिटी और सुरक्षा के विषय नहीं हैं. हमारे लिए ये हमारी संवेदनशीलता और आध्यात्मिकता का भी आधार हैं."
"आज 21वीं सदी का भारत, पूरी दुनिया को संदेश दे रहा है कि इकोनॉमी और इकोलॉजी कोई विरोधाभाषी क्षेत्र नहीं है. पर्यावरण की रक्षा के साथ ही, देश की प्रगति भी हो सकती है, ये भारत ने दुनिया को करके दिखाया है. हमारे यहाँ एशियाई शेरों की संख्या में भी बड़ा इजाफा हुआ है. इसी तरह, आज गुजरात देश में एशियाई शेरों का बड़ा क्षेत्र बनकर उभरा है."
इमेज स्रोत, TWITTER@ANI
"इसके पीछे दशकों की मेहनत, शोध आधारित नीतियां और जन-भागीदारी की बड़ी भूमिका है. बाघों की संख्या को दोगुना करने का जो लक्ष्य तय किया गया था उसे समय से पहले हासिल किया है. असम में एक समय एक सींग वाले गैंडों का अस्तित्व खतरे में पड़ने लगा था, लेकिन आज उनकी भी संख्या में वृद्धि हुई है."
"हाथियों की संख्या भी पिछले वर्षों में बढ़कर 30 हजार से ज्यादा हो गई है. आज देश में 75 वेटलैंड्स को रामसर साइट्स के रूप में घोषित किया गया है, जिनमें 26 साइट्स पिछले 4 वर्षों में ही जोड़ी गई हैं. देश के इन प्रयासों का प्रभाव आने वाली सदियों तक दिखेगा, और प्रगति के नए पथ प्रशस्त करेगा."
लड़के-लड़कियों के बीच भेदभाव मिटाने के लिए एक स्कूल की ख़ास पहल
वीडियो कैप्शन, एक ऐसा स्कूल भी है, जहां लड़के-लड़की के बीच भेदभाव मिटाने की कोशिश की जा रही है.
क्या आप जानते हैं कि एक ऐसा स्कूल भी है, जहां रोटी के ज़रिए लड़के-लड़की के बीच का भेदभाव मिटाने की कोशिश की जा रही है.
ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि बचपन से लड़के-लड़की में भेदभाव की प्रवृत्ति को कम किया जा सके.
मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क में पीएम मोदी ने छोड़े आठ चीते
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क में शनिवार को आठ चीते छोड़े.
समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, पीएम मोदी ने पहले पिंजड़े से दो चीतों को छोड़ा, इसके बाद दूसरे पिंजड़े से एक और चीता छोड़ा गया.
साल 1952 में भारत में चीतों को लुप्तप्राय घोषित कर दिया गया था. लेकिन 'प्रोजेक्ट चीता' के तहत अफ्रीकी देश नामीबिया से आठ चीते भारत लाए गए हैं.
इनमें पांच मादा और तीन नर चीता हैं.
'प्रोजेक्ट चीता' देश के वन्य जीवन में विविधता लाने के लिए सरकार की कोशिशों का हिस्सा है.
इन चीतों को एक कार्गो एयरक्राफ़्ट के जरिए ग्वालियर लाया गया जहां से उन्हें भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टर्स की मदद से कुनो नेशनल पार्क लाया गया.
इन चीतों की मॉनिटरिंग के लिए उनमें रेडियो कॉलर लगाए गए हैं. एक मॉनिटरिंग टीम इन पर 24 घंटों नज़र रखेगी.
वो स्कूल जहां लड़कों को रोटी बनाना सिखाते हैं
वीडियो कैप्शन, वो स्कूल जहां लड़कों को रोटी बनाना सिखाते हैं
महाराष्ट्र के सांगली ज़िले के कुल्लालवाड़ी ज़िला परिषद स्कूल ने ये नई पहल शुरू की है.
अब इस स्कूल में बच्चों को रोटी बनाना सिखाया जा रहा है और इसके लिए प्रतियोगिता भी आयोजित कराई जाती है.
इस पहल को 'मेरी रोटी' नाम दिया गया है.
आख़िर यहां ऐसा क्यों है और यहां के बच्चे और शिक्षक क्या कह रहे हैं, इस वीडियो में देखिए.
सड़क यातायात और हाईवे मंत्रालय ने ड्राइविंग लाइसेंस, व्हीकल रजिट्रेशन और गाड़ियों की खरीद-बिक्री पर होने वाले पेपर वर्क जैसी 58 आरटीओ सेवाओं को ऑनलाइन मुहैया कराने का निर्णय लिया है.
अगर कोई व्यक्ति चाहे तो आधार नंबर के जरिए बिना क्षेत्रीय यातायात कार्यालय (आरटीओ) गए ये काम ऑनलाइन पूरे किए जा सकते हैं.
सड़क यातायात और हाईवे मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि ऐसी सेवाएं बिना ऑफिस गए और फेसलेस तरीके से मुहैया कराने पर आम लोगों का समय बचेगा और ज़रूरी पेपर वर्क पूरा करने में उन्हें सहूलियत होगी.
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, इससे रीजनल ट्रांसपोर्ट कार्यालयों में इन कामों के लिए आने वाले लोगों की संख्या भी कम होगी और ये दफ़्तर ज्यादा सक्षम तरीके से काम कर सकेंगे.
आधार ऑथेंटिकेशन के जरिए नागरिकों को स्वैच्छिक रूप से जो सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी उनमें लर्नर लाइसेंस, डुप्लिकेट ड्राइविंग लाइसेंस, ड्राइविंग लाइसेंस के लिए रीनवल के लिए आवेदन शामिल हैं.
ड्राइविंग लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए ड्राइविंग टेस्ट अनिवार्य नहीं है.
इसके अलावा इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट, कंडक्टर लाइसेंस के लिए एड्रेस में परिवर्तन, गाड़ी के स्वामित्व में बदलाव के लिए आवेदन, ये वो सेवाएं हैं जिनके लिए लोग चाहें तो इसे ऑनलाइन कर सकते हैं.
इसके लिए आम लोगों को अपने आधार नंबर के जरिए ऑथेंटिकेशन कराना होगा. ये सेवाएं अभी स्वैच्छिक रूप से ही शुरू की गई हैं.
16 सितंबर को जारी की गई इस अधिसूचना के मुताबिक़, जिन लोगों के पास आधार नंबर नहीं हैं, वे आरटीओ ऑफ़िस में भौतिक रूप से उपस्थित होकर इन सेवाओं के लिए आवेदन दे सकते हैं.
अकबर के चीते से लेकर पीएम मोदी के चीते मंगवाने तक
इमेज स्रोत, @narendramodi
भारत में अफ्ऱीकी नस्ल के चीतों को जिस मध्य प्रदेश में बसाने की कोशिश हो रही है, उसी मध्य प्रदेश के कोरिया में अंतिम एशियाई चीते मारे गए थे. अब कोरिया, छत्तीसगढ़ का हिस्सा है.
इसी कोरिया रियासत के राजमहल के एक कमरे में, मारे गए इन अंतिम चीतों के सिर टंगे हुए हैं.
पुराने दस्तावेज़ बताते हैं कि दिसंबर 1947 में कोरिया के महाराज रामानुज प्रताप सिंहदेव ने अपनी रियासत के रामगढ़ इलाक़े में तीन चीतों का शिकार किया था.
उसके बाद भारत में एशियाई चीतों के कोई प्रमाण नहीं मिले और भारत सरकार ने 1952 में चीता को भारत में विलुप्त प्राणी घोषित कर दिया.
रामानुज प्रताप सिंहदेव के बेटे और मप्र, छत्तीसगढ़ में मंत्री रहे रामचंद्र सिंहदेव ने 2016 में बीबीसी से बातचीत में दावा किया था कि उन्होंने ख़ुद इस शिकार के दो साल बाद वहां चीता देखा था. उसी दौर में झारखंड और ओडिशा में भी चीतों के देखे जाने की बात सामने आई.
इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. YouTube सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.
पोस्ट YouTube समाप्त
एससीओ सम्मेलन में शी जिनपिंग ने किन बातों पर ज़ोर दिया?
इमेज स्रोत, Getty Images
शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ)
की उज़्बेकिस्तान के समरकंद में हुई बैठक के बाद चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत
दूसरे नेताओं ने इसकी उपलब्धियों की चर्चा की.
मौजूदा वैश्विक माहौल को
देखते हुए इस बैठक में न सिर्फ क्षेत्रीय देशों बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए
भी स्थिरता और विकास के संयुक्त प्रयास पर सहमति बनी.
चीन की सत्ताधारी
कम्युनिस्ट पार्टी के मुखपत्र माने जाने वाले ग्लोबल टाइम्स के अनुसार, "चीनी राष्ट्रपति
ने शुक्रवार को एससीओ की बैठक में हिस्सा लिया और अपने वक्तव्य में कहा कि एससीओ
ने न सिर्फ अपना महत्व बरकरार रखा है बल्कि अंतरराष्ट्रीय संगठनों के विकास के लिए
नई राह तलाशने का भी काम किया है."
वीडियो कैप्शन, भारत के लिए शंघाई सहयोग सम्मेलन के क्या हैं मायने
क्या हैं एससीओ की प्राथमिकताएं?
शी जिनपिंग ने प्राथमिकताएं गिनाते हुए कहा कि एससीओ के सदस्य देशों ने शंघाई भावना को बरकरार रखा और एकजुटता और सहयोग बनाए रखने के साथ कूटनीतिक स्वतंत्रता और क्षेत्रीय स्थिरता की रक्षा करने, विकास सहयोग को बढ़ावा देने के लिए समावेशी और साझा लाभों के लिए अग्रसर होने, एससीओ के विस्तार की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और संगठन की संस्थाओं को मज़बूत बनाने के लिए भी एकमत हैं.
शुक्रवार को एससीओ के सदस्यों ने समरकंद घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किए और ग्लोबल फूड सिक्योरिटी और एनर्जी सिक्योरिटी के साथ जलवायु परिवर्तन की चुनौती और सुरक्षित, स्थिर और विविध सप्लाई चेन को बनाए रखने पर सहमति जताई.
बेल्ट एंड रोड के रिसर्च सेंटरर के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर और लैंझोऊ यूनिवर्सिटी में सेंटरफॉर अफ़ग़ान स्टडीज़ के डायरेक्टर हू योंगबाओ ने ग्लोबल टाइम्स को बताया कि समरकंद घोषणा पत्र की उपयोगी बातें यह दिखाती हैं कि एससीओ एक क्षेत्रीय संगठन की छवि से बाहर निकलकर अंतरराष्ट्रीय संगठन बन रहा है.
घोषणा पत्र का एक अहम हिस्सा यह भी है कि सभी सदस्यों ने आतंकवाद के ख़िलाफ़ मुहिम के लिए साझा प्रयास पर ज़ोर दिया.
भारत को मिलने जा रहीं अहम वैश्विक ज़िम्मेदारियां, जानिए क्या होगा इसका असर
महमूद अंसारी को सु्प्रीम कोर्ट ने 10 लाख रुपए देने का आदेश क्यों दिया
अमेरिकी राष्ट्रपति बोले- पुतिन ने ऐसा किया तो गंभीर परिणाम होंगे
इमेज स्रोत, Getty Images
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने यूक्रेन को लेकर
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को चेतावनी दी है.
रूसी समाचार एजेंसी ताश के अनुसार, जो बाइडन ने शुक्रवार को सीबीएस को दिए एक इंटरव्यू
में कहा कि अगर रूस यूक्रेन में परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करता है तो उसे
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर परिणाम भुगतने होंगे.
उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा मत करिए. अगर ऐसा करते हैं तो आप
दूसरे विश्व युद्ध के बाद एक बार फिर युद्ध का चेहरा बदल देंगे.’’
बाइडन से सवाल किया गया कि अगर रूस परमाणु हथियारों
का इस्तेमाल करता है तो अमेरिका की प्रतिक्रिया क्या होगी. इसके जवाब में उन्होंने
कहा, ‘‘अगर आप
को लगता है कि मैं हू-ब-हू अपनी प्रतिक्रिया बता दूंगा तो मैं बिल्कुल ऐसा नहीं करने
जा रहा. वो दुनिया में पहले से कहीं अधिक अलग-थलग पड़ जाएंगे. और वो जो करते हैं
उसके आधार पर तय होगा कि हमारी प्रतिक्रिया क्या होगी.’’
इमेज स्रोत, Getty Images
रूस क्या कह रहा है?
बीते महीने रूसी विदेश मंत्रालय के अप्रसार और शस्त्र नियंत्रण विभाग के प्रमुख अलेक्ज़ेंडर टोफिमोव ने उन आरोपों को ‘निराधार और अस्वीकार्य बताया जिसमें कहा जा रहा था कि रूस परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की धमकी दे रहा है, और विशेष रूप से यूक्रेन में.’
हालांकि उन्होंने इस बात से इनकार नहीं किया कि ये सब ‘जानबूझकर रूस विरोधी लहर को बढ़ावा देने के लिए’ किया जा रहा है.
अलेक्ज़ेंडर टोफिमोव ने यह भी कहा कि ‘हालात को देखते हुए सामूहिक विनाश के हथियारों या पारंपरिक हथियारों का इस्तेमाल किसी भी तरह की आक्रामकता से निपटने के लिए किया जा सकता है जो देश अस्तित्व के लिए ख़तरा हो.’
24 फरवरी को रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने एक टेलीकास्ट में कहा था कि डोनबास रिपब्लिक के प्रमुखों की अपील पर उन्होंने उन लोगों की रक्षा के लिए विशेष सैन्य अभियान चलाने का फ़ैसला लिया है जो ‘बीते आठ सालों से यूक्रेन शासन का शोषण और नरसंहार झेल रहे हैं.’
इसके बाद अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने रूस पर कई प्रतिबंध लगा दिए थे और यूक्रेन को हथियार देने की घोषणा की थी.
यूक्रेन में फिर मिली सामूहिक क़ब्र
पीएम मोदी के सामने पुतिन ने उनके जन्मदिन पर क्या कहा?
इमेज स्रोत, Twitter/@mfa_russia
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शनिवार
को 72वां जन्मदिन है.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, मोदी सरकार
के मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी पीएम मोदी जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं.
वहीं, शुक्रवार को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की
बैठक में अलग से मुलाक़ात के दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पीएम
मोदी के जन्मदिन को लेकर एक बयान दिया जिसकी चर्चा हो रही है.
पुतिन ने पीएम
मोदी से क्या कहा?
एससीओ की बैठक से अलग रूस के
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और पीएम नरेंद्र मोदी की मुलाक़ात हुई.
पुतिन ने पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र
मोदी को भारत की आज़ादी के 75 साल होने पर शुभकामनाएं दीं. इसके बाद उन्होंने पीएम
मोदी के जन्मदिन का ज़िक्र किया.
पुतिन ने पीएम मोदी से कहा, ‘‘डियर फ्रेंड, मैं यह भी जानता हूं कि कल आप अपना जन्मदिन मनाने वाले
हैं. रूसी परंपरा के अनुसार हम अग्रिम शुभकामनाएं नहीं देते, तो मैं अभी आप को
बधाई नहीं दे सकता. लेकिन मैं आप को बताना चाहता हूं कि हम ये जानते हैं और हम आप
को शुभकामनाएं देते हैं. हम मित्र भारत देश की समृद्धि और आपके नेतृत्व को शुभकामनाएं
देते हैं.’’
शनिवार को भारत
की राष्ट्रपति के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं
दी गईं.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 1
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी प्रधानमंत्री मोदी की जन्मदिन की बधाई दी.
उन्होंने ट्वीट किया, ‘पीएम नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की बधाई.’
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 2
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी पीएम मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं. उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ‘माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं. उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना है.’
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 3
SCO में बोले पुतिन- रूस की बर्बादी देखने का सपना कभी पूरा नहीं होगा
इमेज स्रोत, Getty Images
रूस और पश्चिमी देशों के बीच कूटनीतिक
संबंध साल 2014 में यूक्रेन संकट की शुरुआत के साथ बिगड़ने लगे थे. फ़रवरी 2022
में यूक्रेन में रूस के सैन्य ऑपरेशन की शुरुआत के बाद ये संबंध टूटने की कगार पर
हैं.
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने
कहा है कि संपूर्ण पश्चिम ने कई-कई वर्षों तक रूस के पतन का सपना देखा है और इस
दिशा में काम किया है लेकिन उनका सपना कभी पूरा नहीं होगा.
उज़्बेकिस्तान के समरकंद में शंघाई
सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक के बाद उन्होंने मीडिया से कहा, ‘दशकों तक पश्चिमी देशों ने सोवियत यूनियन और
ऐतिहासिक रूस को ध्वस्त करने की योजनाएं बनाईं लेकिन रूस जैसा था वैसा ही है.’
उन्होंने कहा,
‘पश्चिमी देश रूस की बर्बादी कभी नहीं देख पाएंगे.’
उन्होंने कहा
कि यूक्रेन में चलाया जा रहा सैन्य अभियान इसी तरह की परिस्थिति को रोकने के लिए बनाया
गया था.
पुतिन ने कहा,
‘यह वही प्रयास था जो संयुक्त राज्य अमेरिका के नेतृत्व में कुछ पश्चिमी
देशों ने किया है और इस तरह के रूस विरोधी गुट बनाकर रूस को उसकी दिशा से भ्रमित
करने के प्रयास अब भी कर रहे हैं.’
उन्होंने कहा
कि यूक्रेन में सैन्य कार्रवाई के पीछे रूस का मुख्य उद्देश्य डोनबास को आज़ाद
कराना है.
इमेज स्रोत, Getty Images
यूक्रेन पर आरोप
यूक्रेन की ओर से लगातार आ रहे बड़े बयानों और दावों पर राष्ट्रपति पुतिन ने मीडिया से कहा कि जल्दबाज़ी न करें और धैर्य के साथ इंतज़ार करें.
उन्होंने कहा, ‘कीएव में अधिकारियों ने घोषणा की है कि उन्होंने (हमें) कड़ी टक्कर दी है. देखते हैं ये किस तरह आगे बढ़ता है और ये किस तरह ख़त्म होता है. योजना में किसी तरह के बदलाव की बात नहीं है. जनरल स्टाफ ऑपरेशन के दौरान अपने रणनीतिक फ़ैसले लेता है. यूक्रेनी सेना के आक्रामक पलटवार के बावजूद हमारा काम जारी है.’
पुतिन ने कहा कि रूस अपने मक़सद में कामयाब होने के लिए ‘जल्दबाज़ी में नहीं’है और यूक्रेन में लड़ रहे सैनिक किराए के हैं, रूस की पूरी सेना नहीं.
राष्ट्रपति पुतिन ने यूक्रेन पर रूस में और रूसी परमाणु ठिकानों पर चरमपंथी हमलों के प्रयास के आरोप लगाए हैं. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि रूस ने हमले नाकाम कर दिए हैं. साथ ही यह चेतावनी भी दी है कि अगर हमले के ऐसे ही प्रयास हुए तो रूस करारा जवाब देगा.
इमेज स्रोत, Getty Images
‘बातचीत के लिए रूस तैयार, यूक्रेन नहीं’
राष्ट्रपति पुतिन ने अपने यूक्रेनी समकक्ष वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की से मुलाक़ात की इच्छा को दोहराया है. लेकिन यह भी कहा कि ऐसी किसी मुलाक़ात के लिए पहले यूक्रेन को राजी होना होगा.
उन्होंने दावा किया कि तुर्की के इस्तांबुल में रूस और यूक्रेन के बीच सुरक्षा की गारंटी के साथ समझौता लगभग होने वाला था लेकिन यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल ने बातचीत छोड़ दी.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
नमस्कार, बीबीसी हिंदी के लाइव पेज में आपका स्वागत है. बीबीसी हिंदी के इस लाइव पेज में आपको दिनभर देश और दुनिया की ताज़ा और अहम ख़बरें दी जाएंगी. ये लाइव पेज 24 घंटे उपलब्ध रहेगा. 16 सितंबर के अपडेट्स के लिए आप यहां क्लिककर सकते हैं.