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यूक्रेन युद्ध: रूस के कब्जे से छूटे इज़ियुम में मिली सैकड़ों कब्रें

यूक्रेन ने बताया है कि रूस के क़ब्ज़े से हाल में छुड़ाए गए उसके शहर इज़ियुम के पास के जंगल में सैकड़ों कब्रें पाई गई हैं.

लाइव कवरेज

कुमारी स्नेहा and चंदन शर्मा

  1. यूक्रेनः रूस के कब्जे से छूटे इज़ियुम में मिली सैकड़ों कब्रें

    यूक्रेन ने बताया है कि रूस के क़ब्ज़े से हाल में छुड़ाए गए उसके शहर इज़ियुम के पास के जंगल में सैकड़ों कब्रें पाई गई हैं.

    यूक्रेन के प्रशासन के अनुसार, शुक्रवार से कुछ कब्रों की खुदाई शुरू की जा रही है.

    बताया गया है कि रूस की सेना को धकेलते हुए यूक्रेन की सेना जब इज़ियुम पहुंची, तो इस शहर के बाहर के जंगल में लकड़ी के ‘क्राॅस’ लगी ये कब्रें पाई गई हैं.

    हालांकि अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि इन कब्रों में दफ़्न लोगों की मौत कैसे हुई. वैसे शुरुआती जानकारी में बताया गया है कि इनमें से कई लोगों की मौत गोलीबारी या स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव के कारण हुई होगी.

    यूक्रेन की नेशनल पुलिस सर्विस के प्रमुख इहोर क्लिमेंकों ने एक प्रेस काॅन्फ्रेन्स में बताया है कि इन कब्रों में दफ़न ज़्यादातर लोग आम नागरिक हैं.

    उन्होंने यह भी कहा है कि इनमें कुछ लोग सैनिक भी हो सकते हैं, लेकिन अभी तक किसी सैनिक के शव का पता नहीं चल सका है.

    इससे पहले यूक्रेन के प्रशासन ने बीबीसी से कहा था कि उस जगह पर 400 से ज़्यादा शव दफ़न किए जा सकते हैं.

    संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि अगले कुछ दिनों में इस शहर में एक माॅनिटरिंग टीम भेजने की उम्मीद जताई है.

    संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के एक प्रवक्ता ने बताया है कि वो पता कर रहा है कि मरने वालों में आम लोग थे या सैनिक. उन्होंने मौत के कारणों की पड़ताल किए जाने की बात भी कही है.

    रुसी सेना ने यूक्रेन के साथ लड़ाई शुरू होने के शुरुआती दिनों में इज़ियुम पर क़ब्ज़ा किया था. बताया जाता है कि पूर्वी इलाक़ों तक सेना पहुंचाने के लिए इज़ियुम का इस्तेमाल किया जा रहा था.

  2. रूसी सैनिकों पर फिर लगे बर्बरता के आरोप

    यूक्रेन के खारकीएव में रूसी कब्जे वाले कई इलाकों पर, यूक्रेन के सैनिकों ने दोबारा नियंत्रण कर लिया है.

    वहां के लोगों का आरोप है कि रूसी सैनिकों ने उनके साथ बर्बरता की.

    एक तरफ़ जहां यूक्रेन कई इलाकों में बढ़त का दावा कर रहा है, वहीं रूस इन दावों को ख़ारिज कर रहा है और अपने रुख़ पर कायम होने की बात दोहरा रहा है.

  3. दिल्लीः भ्रष्टाचार के आरोप में आप विधायक अमानतुल्लाह ख़ान गिरफ़्तार

    दिल्ली के एंटी करप्शन ब्रांच ने शुक्रवार को आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह ख़ान को कथित भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ़्तार कर लिया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई ने अधिकारियों के हवाले से बताया है कि दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष अमानतुल्लाह ख़ान की गिरफ़्तारी, इस संस्था में भर्ती में हुई कथित धांधली से जुड़ा है.

    एसीबी भ्रष्टाचार निरोधक क़ानून के तहत दर्ज इस मामले की जांच कर रही है.

    इससे पहले एसीबी ने गुरुवार को दिल्ली में ओखला के विधायक अमानतुल्लाह ख़ान को इस मामले में पूछताछ के लिए बुलाया था. उनसे शुक्रवार दोपहर 12 बजे आने को कहा गया था.

    शुक्रवार को ख़ान के घर और अन्य ठिकानों पर दिल्ली पुलिस ने छापेमारी की.

    इस छापेमारी में 24 लाख रुपए और दो बिना लाइसेंस वाले हथियार भी बरामद किए गए.

  4. समरकंद में जिनपिंग भी थे और शहबाज़ भी, पर सिर्फ़ पुतिन से मोदी की हुई आमने-सामने बात

    शंघाई सहयोग संगठन एससीओ की शिखर वार्ता के दौरान शुक्रवार को समरकंद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाक़ात की.

    इस साल फ़रवरी में शुरू हुए यूक्रेन संकट के बाद पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की ये पहली मुलाकात थी. हालांकि दोनों के बीच कई बार फ़ोन पर बातचीत हुई है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों नेताओं की बातचीत में द्विपक्षीय मुद्दों के अलावा क्षेत्रीय और वैश्विक विषयों पर भी चर्चा हुई.

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया कि पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की मुलाकात में वैश्विक खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा, आतंकवाद और यूक्रेन के ताज़ा हालात पर भी चर्चा हुई.

  5. एससीओ नेताओं के साथ पीएम मोदी की इन तस्वीरों की सोशल मीडिया में क्यों है चर्चा

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शंघाई सहयोग संगठन में भाग लेने अभी उज़्बेकिस्तान के 'सिल्क रूट सिटी' समरकंद में हैं. इस दौरान शुक्रवार को उन्होंने एससीओ के शिखर सम्मेलन में भाग लिया.

    शिखर सम्मेलन और इससे इतर नेताओं के साथ पीएम मोदी की हुई मुलाक़ात की कई तस्वीरें शुक्रवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुई. इनमें दो तस्वीरों की ख़ास तौर पर चर्चा हो रही है.

    पहली तस्वीर में एससीओ के आठ देशों के झंडे लगे हैं, जिनमें भारत और पाकिस्तान का झंडा सबसे किनारे में है.

    इस बारे में 'द हिंदू' की पत्रकार सुहासिनी हैदर में अपने ट्वीट में लिखा, "एससीओ में फोटो खिंचवाने की तैयारियों में भारत और पाकिस्तान के झंडे किनारों पर लगे हैं. बीच में मौजूद मेज़बान उज़्बेकिस्तान के बगल में चीन और रूस के झंडे हैं."

    दूसरी तस्वीर में एससीओ के सभी आठ शीर्ष नेता अपने-अपने झंडों के आगे खड़े हैं. इसमें दिख रहा है कि भारत के पीएम नरेंद्र मोदी सबसे बाएं और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ सबसे दाएं खड़े हैं.

    इन तस्वीरों को देखकर सोशल मीडिया के कई यूज़र्स विश्व में भारत के लगातार बढ़ते क़द के दावों पर सवाल उठा रहे हैं. श्रवण नाम के एक यूज़र ने लिखा है, "भारत कोने में क्यों है? यह हमारे विश्वगुरु के रुतबे को शोभा नहीं देता."

    रागा नाम के एक एकाउंट से 2013 के एससीओ शिखर सम्मेलन का फोटो भी शेयर किया गया है, जिसमें तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह नेताओं के साथ बीच में खड़े हैं. इस ट्वीट में लिखा गया है कि दोनो नेताओं के खड़े होने की पोज़ीशन के बीच का अंतर देख लें.

    वहीं एक अन्य यूज़र राहुल देशपांडे ने लिखा, "हो सकता है पीएम मोदी, शी जिनपिंग के निकट नहीं रहना चाहते हों. चीन और रूस इसके संस्थापक सदस्य हैं."

    जबकि हर्ष राव ने लिखा, "केंद्र में मेज़बान देश है उसके बाद मूल देश हैं और फिर बाद में शामिल हुए देश. यह प्रोटोकाॅल है जिसका पालन किया गया. प्रोटोकाॅल के हिसाब से ये सही है."

    एक अन्य तस्वीर

    एक अन्य फोटो की भी चर्चा हो रही है जिसमें पीएम मोदी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के ठीक बगल में बाईं ओर खड़े हैं.

    असल में यह फोटो एससीओ के सभी पूर्ण सदस्य देश, सभी प्रेक्षक देश और 9 डायलाॅग पार्टनर देश के नेताओं के साथ लिया गया है.

  6. मोदी को पटखनी देने के लिए क्या फिर हाथ मिला सकते हैं नीतीश और प्रशांत किशोर?

    बिहार में इस समय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की मुलाक़ात को लेकर चर्चा गर्म है.

    नीतीश कुमार और प्रशांत किशोर दोनों ने ख़ुद इस बात की पुष्टि कर दी है कि उन दोनों की मुलाक़ात हुई है.

    मीडिया से बातचीत के दौरान नीतीश कुमार ने कहा कि उनके पूर्व सहयोगी पवन वर्मा उनसे मिलने के लिए उनके घर आए थे और पवन वर्मा के ही साथ प्रशांत किशोर भी आए थे.

    नीतीश ने कहा कि प्रशांत किशोर से कोई ख़ास बातचीत नहीं हुई और किसी से मिलने में आख़िर क्या दिक़्कत़ है. नीतीश ने कहा कि प्रशांत किशोर से तो उनके बहुत पुराने संबंध हैं.

  7. ब्रेकिंग न्यूज़, अंबुजा और एसीसी सीमेंट के अधिग्रहण के साथ ही अडानी समूह बना दूसरा सबसे बड़ा सीमेंट उत्पादक

    अंबुजा सीमेंट और एसीसी सीमेंट के अधिग्रहण के साथ ही अडानी समूह इस सेक्टर की दूसरी सबसे बड़ी प्लेयर बन गई है. शुक्रवार को कंपनी द्वारा जारी किए गए एक बयान में इस अधिग्रहण का एलान किया गया है.

    अडानी समूह ने ये अधिग्रहण 6.5 अरब डॉलर की लागत से किया है.

    ये रकम अंबुजा सीमेंट और एसीसी सीमेंट में निर्णायक हिस्सेदारी रखने वाली होलसिम के शेयर और अन्य शेयरधारकों से उनकी हिस्सेदारी खरीदने में खर्च हुई है.

    बंदरगाह, ऊर्जा, एयरपोर्ट और टेलीकॉम जैसे सेक्टर्स में दखल रखने वाले अडानी समूह ने इन अधिग्रहणों के साथ ही अब सीमेंट सेक्टर में कदम रखा है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, अरबपति गौतम अडानी के बेटे करण अब इन सीमेंट कंपनियों की अगुवाई करेंगे. 35 वर्षीय करण अडानी ने अमेरिका से पढ़ाई की है.

    अडानी समूह द्वारा टेकओवर के एलान के थोड़ी देर बाद ही इन दोनों सीमेंट कंपनियों के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर ने इस्तीफे़ का एलान कर दिया है, जिनमें दोनों कंपनियों के सीईओ और सीएफ़ओ शामिल हैं.

    कंपनी ने गौतम अडानी को अबुंजा सीमेंट का प्रमुख नियुक्त किया है.

    उनके बेटे करण जो इस समय समूह के पोर्ट बिज़नेस को देख रहे हैं, उन्हें दोनों सीमेंट कंपनियों के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर में शामिल किया गया है.

    इसके साथ ही करण अडानी एसीसी लिमिटेड के चेयरमैन भी होंगे.

    अडानी समूह ने दोनों सीमेंट कंपनियों के स्वतंत्र निदेशकों के नामों का भी एलान कर दिया है.

    स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया के पूर्व चेयरमैन रजनीश कुमार को अंबुजा सीमेंट के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर में शामिल किया गया है, जबकि शेल इंडिया के पूर्व प्रमुख नितिन शुक्ल को एसीसी बोर्ड में जगह मिली है.

    अंबुजा सीमेंट के नए सीईओ अजय कुमार बनाए गए हैं, जो नीरज अधिकारी की जगह लेंगे. वे एसीसी में श्रीधर बालकृष्ण की जगह लेंगे.

  8. चीन के ऐप्स क्या मोदी सरकार की नीतियों में सेंध लगा रहे हैं?

    "मैंने कई ऑनलाइन ऐप्स से लोन लिया है,...पर मैं लोन नहीं भर पा रहा हूँ...इज़्ज़तके डर से येक़दमउठा रहा हूँ."

    मध्य प्रदेश पुलिस के मुताबिक़ ये चंद लाइनें उस सुसाइड नोट की हैं जिसे इंदौर के एक शख़्स ने लिखा था. जिसने कथित तौर पर अपनी पत्नी और दो बच्चों की हत्या करने के बाद आत्महत्या कर ली थी.

    अगस्त महीने के आख़िरी हफ़्ते में इंदौर में एक ही घर में चार लाशें मिलने की यह सनसनीखेज़ ख़बर सामने आई थी. शुरुआती तहक़ीक़ात के बाद पुलिस का कहना था कि अमित कर्ज़ की किस्तें नहीं चुका पा रहा था और ये घटना उसका ही नतीजा है.

    ऐसे ऐप्स से लोन लेने और फिर इसके भंवर जाल में फँसने के सैकड़ों मामले पिछले कुछ सालों में देशभर में सामने आए हैं.

  9. ब्रेकिंग न्यूज़, एससीओ सम्मेलन: राष्ट्रपति पुतिन से मुलाक़ात में बोले पीएम मोदी- अब जंग का ज़माना नहीं रहा...

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की शिखर वार्ता से इतर समरकंद में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से शुक्रवार को मुलाक़ात की.

    समाचार एजेंसी राॅयटर्स के अनुसार, इस मुलाक़ात के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्लादिमीर पुतिन से कहा, "मैं जानता हूं कि आज का युग लड़ाई का युग नहीं है. यही बात मैंने आपसे फोन पर भी कही थी."

    पीएम मोदी जब यह कह रहे थे तब व्लादिमीर पुतिन मोदी को निहारते हुए अपने होठ सिकोड़ रहे थे. उसके बाद उन्हें अपने सिर के पीछे के बालों को छुते हुए देखा गया.

    उसके बाद व्लादिमीर पुतिन ने भारतीय प्रधानमंत्री से कहा, "मैं यूक्रेन पर आपका रुख़ जानता हूं. इसे आप लगातार व्यक्त करते रहे हैं. मैं इसे जितना जल्दी हो सके रोकने की हरसंभव कोशिश करूंगा."

    उन्होंने यह भी बताया कि यूक्रेन ने बातचीत को ठुकरा दिया है.

    रूस और यूक्रेन के बीच पिछले साढ़े सात महीनों से युद्ध चल रहा है. अब तक इस युद्ध में 10 हज़ार से अधिक सैनिक मारे जा चुके हैं.

    इससे रूस और पश्चिमी देशों के बीच शीत युद्ध के बाद सबसे भयानक टकराव की स्थिति पैद हो गई है. इससे आर्थिक मोर्चे पर भी दुनिया के सामने कई समस्याएं खड़ी हो गई हैं.

  10. दक्षिण भारत और दिल्ली की महिलाओं में क्यों बढ़ रहा है मोटापा

    नेशनल फ़ैमिली हेल्थ सर्वे NFHS-5 के मुताबिक़ कुछ दक्षिण भारतीय राज्यों की महिलाओं समेत दिल्ली की महिलाओं में मोटापा बढ़ा है. NFHS-5 और NFHS-4 के आंकड़ों की तुलना की जाए तो तमिलनाडु, केरल, आंध्रप्रदेश, पुदुच्चेरी समेत दिल्ली में महिलाओं में अधिक वज़न या मोटापा बढ़ा है.

    इस बारे में हैदराबाद स्थित काउंसिल फ़ॉर सोशल डेवलपमेंट संस्था ने NFHS-5 के आंकड़ों के आधार पर ये शोध किया है.

    काउंसिल फ़ॉर सोशल डिवेलपमेंट संस्था में रिसर्च एसोसिएट के पद पर काम कर रहे मोहम्मद शाहिद कहते हैं कि NFHS-4 और NFHS-5 की तुलना की जाए तो आंकड़े काफ़ी चिंताजनक हैं, जहां ये देखा जा सकता है कि महिलाओं में मोटापा बढ़ा है जैसे कि तमिलनाडु में बढ़कर 40.5% , केरल में 38.2%, आंध्रप्रदेश में 36.3% और पुदुच्चेरी में 46.3% में ये बढ़ा है.

    वहीं डेटा ये भी कहता है कि 15-49 उम्र में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में मोटापा बढ़ा है.

  11. ब्रिटेन ने महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय का अंतिम दर्शन करने से चीन के प्रतिनिधिमंडल पर लगाई रोक

    ब्रिटेन के संसदीय सूत्रों के अनुसार, चीन की सरकार के एक प्रतिनिधिमंडल को महारानी एलिज़बेथ द्वितीय के पार्थिव शरीर का दर्शन करने से रोक दिया गया है.

    माना जा रहा है कि चीन की ओर से पांच सांसदों और दो अन्य लोगों पर लगाए गए प्रतिबंधों के कारण हाउस ऑफ कॉमन्स के स्पीकर लिंडसे होयली ने महारानी के पार्थिव शरीर के दर्शन की इजाज़त देने से चीन के प्रतिनिधिमंडल को इनकार कर दिया है.

    उधर, चीन ने कहा है कि महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय के अंतिम संस्कार में वो शामिल होगा या नहीं, इस पर विचार किया जा रहा है.

    अभी तक यही माना जा रहा है कि चीन के कोई उच्च अधिकारी महारानी के अंतिम संस्कार कार्यक्रम में शिरकत कर सकते हैं.

    हालांकि चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने शुक्रवार को बताया कि अभी तक इस बारे में कोई फै़सला नहीं हुआ है.

    वेस्टमिन्स्टर हाॅल की ओर से चीन के प्रतिनिधिमंडल पर लगाए गए प्रतिबंधों के बारे में उन्होंने कहा कि इस बारे में आई रिपोर्ट को उन्होंने अभी तक देखा नहीं है.

    उन्होंने कहा, "मेज़बान के रूप में ब्रिटेन निश्चित तौर पर राजनयिक प्रोटोकाॅल और अतिथियों का स्वागत करने के उचित कायदे से परिचित होगा."

    वहीं, हाउस ऑफ कॉमन्स के स्पीकर लिंडसे होयली ने सुरक्षा मामलों का हवाला देते हुए इस मामले पर कोई भी प्रतिक्रिया देने से मना कर दिया.

    उधर, प्रधानमंत्री आवास के प्रवक्ता ने यह कहते हुए इस पर अपनी प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया कि यह मामला संसद के अधिकार क्षेत्र में आता है.

    इससे पहले चीन ने पिछले साल वीगर मुसलमानों के मामले को ग़लत तरीक़े से उठाने का आरोप लगाते हुए ब्रिटेन के पांच सांसदों, दो सहकर्मियों सहित नौ नागरिकों पर प्रतिबंध लगा दिया था.

    फ़िलहाल महारानी के पार्थिव शरीर को वेस्टमिन्स्टर हाॅल में लोगों के दर्शन के लिए रखा गया है. उनके पार्थिव शरीर को सोमवार को दफ़न किया जाना है.

  12. पुतिन की दोस्ती क्या शी जिनपिंग के लिए ‘महंगी’ साबित हो रही है?

    चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच गुरुवार को उज़्बेकिस्तान के समरकंद में हुई बैठक ने दुनिया भर का ध्यान आकर्षित किया है.

    रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद ये पहला मौका था जब दोनों नेता एक-दूसरे से रूबरू हुए.

    लेकिन ये बैठक जिस अंदाज़ में हुई और इस दौरान जो कुछ बातें हुई हैं, उससे दोनों मुल्कों के आपसी रिश्तों में एक तरह की असहजता के संकेत मिल रहे हैं.

    यूक्रेन युद्ध से ठीक पहले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शीतकालीन ओलंपिक में भाग लेने के लिए चीन पहुंचे थे जहां दोनों देशों ने उनकीदोस्ती में कोई सीमाएं नहींहोने का एलान किया था.

  13. ब्रेकिंग न्यूज़, एससीओ सम्मेलन: समरकंद में अर्दोआन के बाद राष्ट्रपति पुतिन से मिले पीएम मोदी

    उज़्बेकिस्तान के समरकंद शहर में चल रहे शंघाई सहयोग संगठन के सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की आज मुलाकात हुई.

    इस साल फरवरी में शुरू हुए यूक्रेन संकट के बाद पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की ये पहली मुलाकात थी.

    समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों नेताओं की बातचीत में द्विपक्षीय मुद्दों के अलावा क्षेत्रीय और वैश्विक विषयों पर भी चर्चा हुई.

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया कि पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की मुलाकात में वैश्विक खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा, आतंकवाद और यूक्रेन के ताज़ा हालात पर भी बात हुई है.

    पीएमओ के ट्विटर हैंडल से कहा गया है कि दोनों नेताओं के बीच भारत-रूस संबंधों को और मजबूत बनाने से जुड़े विषयों पर सकारात्मक बातचीत हुई है.

    यूक्रेन पर हमले के लिए भारत ने रूस की कभी आलोचना नहीं की है. भारत का रुख यूक्रेन के मसले पर यही रहा है कि इस संकट का बातचीत के जरिए हल निकाला जाना चाहिए.

  14. 16 सितंबर 2022 का 'दिनभर: पूरा दिन, पूरी ख़बर', सुनिए अंजुम शर्मा और प्रेरणा से

  15. ब्रेकिंग न्यूज़, गुजरात कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष जिग्नेश मेवाणी को छह महीने क़ैद की सज़ा

    अहमदाबाद के मेट्रोपोलिटन कोर्ट ने गुजरात कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष और विधायक जिग्नेश मेवाणी को सड़क जाम करने के एक मामले में छह महीने की क़ैद और जु़र्माने की सज़ा सुनाई है. उनके साथ 18 अन्य लोगों को भी यह सज़ा दी गई है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, 2016 में दंगे करने और ग़ैर क़ानूनी तौर पर सभा करने वाले एक केस में सभी लोगों को यही सज़ा सुनाई गई है.

    हालांकि अदालत ने ऊपरी अदालत में अपील करने के लिए मौक़ा देते हुए सज़ा पाए लोगों को 17 अक्तूबर तक का वक़्त दिया है.

    सज़ा सुनाए जाने के बाद जिग्नेश मेवाणी ने ट्विटर पर तंज़ कसते हुए लिखा है, ‘‘आंदोलनकारियों को सज़ा और बलात्कारियों को रिहाई.’’

    यह मामला अहमदाबाद के यूनिवर्सिटी पुलिस स्टेशन में 2016 में दर्ज हुआ था.

    मेवाणी और उनके समर्थक तब गुजरात यूनिवर्सिटी में बन रहे एक हाॅस्टल का नाम डाॅ बीआर आंबेडकर के नाम पर रखने की मांग कर रहे थे. अपनी बातें मनवाने के लिए इन लोगों ने मिलकर सड़क जाम किया था.

    ऐसा करने पर मेवाणी और 19 अन्य लोगों के खि़लाफ़ आईपीसी की धारा 143 और 147 के तहत केस दर्ज किया गया था. बाद में हालांकि एक व्यक्ति की मौत हो गई थी.

    कौन हैं जिग्नेश मेवाणी?

    गुजरात के मेहसाणा ज़िले में पैदा हुए दलित नेता जिग्नेश मेवाणी पत्रकार, वकील, सामाजिक कार्यकर्ता और अब नेता की पहचान रखते हैं.

    उन्हें 2016 में अचानक सुर्खियां तब मिलीं, जब उन्होंने गुजरात के वेरावल में ऊना में हुई घटना के बाद एलान किया कि ‘‘अब से दलित लोग समाज के लिए ‘गंदा काम’ नहीं करेंगे, यानी मरे हुए पशुओं का चमड़ा निकालना, मैला ढोना आदि...’’

    अगले साल राज्य विधानसभा के चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के सहयोग से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत दर्ज की थी. बाद में जिग्नेश मेवाणी कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए थे.

  16. नामीबिया से भारत लाए जा रहे चीते भारत में ऐसे रहेंगे

    भारत में इन दिनों चीते खूब चर्चा में हैं.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर नामीबिया से 8 चीते भारत लाए जा रहे हैं.

    इन चीतों को मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क में रखा जाएगा. ये चीते पांच-छह महीने की उम्र के होंगे और इन्हें एक महीने क्वारंटीन ज़ोन में रखा जाएगा. नामीबिया से आ रहे ये नन्हें चीते क्या भारत की आबो-हवा के आदी हो सकेंगे?

  17. लखीमपुर खीरी रेप-मर्डर केस को बीजेपी-आरएसएस दे रही है सांप्रदायिक रंग: कांग्रेस

    कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार को आरोप लगाया है कि बीजेपी और आरएसएस, उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी ज़िले में दो दलित बहनों के कथित बलात्कार और हत्या के मामले को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, कांग्रेस ने ये मांग भी की है कि इस मामले में जल्द से जल्द पीड़ित पक्ष को इंसाफ़ दिलाया जाए.

    विपक्षी पार्टी ने केंद्र में सत्तारूढ़ नरेंद्र मोदी सरकार से इस मामले में एससी/एसटी ऐक्ट पूरी तरह से लागू करे.

    बुधवार को लखीमपुर खीरी ज़िले के निघासन पुलिस स्टेशन के अंतर्गत पड़ने वाले क्षेत्र में दो बहनों का शव एक पेड़ से लटकता हुआ पाया गया था.

    जिस जगह उन लड़कियों का शव मिला, वो उनके घर से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. कथित बलात्कार और हत्या के इस मामले में गुरुवार को छह लोगों को गिरफ़्तार भी किया गया है.

    दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के अनुसूचित जाति प्रभाग के अध्यक्ष राजेश लिलोठिया ने कहा कि इस घटना को केवल एक मामले के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए. उन्होंने ये आरोप लगाया कि दलितों के ख़िलाफ़ उत्पीड़न के मामले बढ़ रहे हैं.

    उन्होंने नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो के आंकड़ों के हवाले से कहा कि साल 2021 तक दलितों के ख़िलाफ़ उत्पीड़न के 70.818 मामलों की जांच लंबित थी.

    राजेश लिलोठिया ने कहा, "एक तरफ़ बड़े दावे किए जा रहे हैं कि मोदी सरकार दलितों के कल्याण के लिए काम कर रही है और दूसरी तरफ़ ये आंकड़े हैं."

    उन्होंने ये आरोप भी लगाया कि भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ लखीमपुर खीरी की घटना को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं.

    "पीड़ित परिवार के लिए कांग्रेस उत्तर प्रदेश सरकार से इंसाफ़ की मांग करती है. हमारी ये भी मांग है कि इस मामले में एससी/एसटी ऐक्ट लागू किया जाना चाहिए."

  18. स्वरा भास्कर: 'मेरे करियर को बहुत नुक़सान हुआ है'

    'रांझणा', 'निल बट्टे सन्नाटा', 'अनारकली ऑफ़ आरा' जैसी फ़िल्मों से बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाने वाली स्वरा भास्कर अक्सर सुर्खियों में रहती हैं.

    सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखने के लिए वो जानी जाती हैं. ऐसे में बीबीसी हिन्दी ने स्वरा भास्कर से उनके करियर, बॉलीवुड बायकॉट और बॉलीवुड में नेपोटिज़्म को लेकर बातचीत की है.

  19. बेगूसराय सरेराह गोलीबारी को लेकर पुलिस ने की प्रेस वार्ता, क्या बोले पुलिस अधीक्षक

      • Author, विष्णु नारायण
      • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए

    बिहार के बेगूसराय ज़िले में 13 सितंबर की शाम हुई सरेराह गोलीबारी मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक योगेन्द्र कुमार ने आज प्रेस वार्ता की. मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बेगूसराय में हुई गोलीबारी एक बड़ा षड्यंत्र है.

    उन्होंने कहा, "अनुसंधान में प्रथम दृष्टया यही पाया गया है कि अपराधी दहशत फैलाना चाहते थे. अब तक चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है."

    पुलिस ने बताया कि घटना में कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए दो देसी पिस्तौल और एक मोटरसाइकिल बरामद कर लिया गया है. वहीं चार मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं.

    पुलिस अधीक्षक ने यह भी बताया कि अभी तक 22 जगहों के सीसीटीवी फुटेज में 4 अपराधियों को वारदात में शामिल पाया गया. फुटेज मिलान के आधार पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया है.

    पुलिस का यह भी दावा है कि अभियुक्तों ने अपना अपराध स्वीकार लिया है. पुलिस का यह भी कहना है कि इस मामले में और लोगों के भी शामिल होने की सम्भावना है. अनुसंधान जारी है.

    क्या है पूरा मामला?

    बेगूसराय से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 28 और 31 पर 13 सितंबर की शाम लगभग 5 बजे दो बाइक सवारों ने आम लोगों पर जहां-तहां गोलियां बरसाईं.

    इस गोलीबारी में जहां कुल 11 लोग घायल हुए, वहीं एक व्यक्ति (चंदन कुमार -31 साल) की मौत तक हो गई. इस गोलीबारी को लेकर सूबे के विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी बयानबाजियां देखी-सुनी गईं.

    अगले दिन (14 सितंबर) को बेगूसराय के सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने 'बेगूसराय बंद' का आह्वान किया था. हालांकि आज प्रेस से बातचीत के क्रम में उन्होंने इस पूरी गोलीबारी को आतंकी घटना कहा है.

    भाजपा के राज्यसभा सांसद और ज़िले के ही रहने वाले राकेश सिन्हा भी गोलीबारी को लेकर धरनारत हैं. विपक्ष ने इस गोलीबारी को सूबे में 'जंगलराज की वापसी' करार दिया, तो सत्तापक्ष के प्रवक्ताओं ने इसे लीक से हटकर एक आपराधिक घटना कहकर सरकार का बचाव किया.

    अभियुक्त का परिवार पुलिस पर उठा रहा है सवाल

    यहां हम आपको बताते चलें कि बेगूसराय में सरेराह गोलीबारी मामले में पुलिस ने अब तक चार लोगों को हिरासत में लिया है. गिरफ़्तार किए गए लोगों में से एक का नाम केशव उर्फ नागा है.

    केशव उर्फ नागा के परिजनों का कहना है कि यदि वो दोषी है तो उसे फांसी पर चढ़ा दिया जाए, लेकिन पुलिस उसे जानबूझकर फंसा रही है. केशव के परिजन उसकी बेगुनाही का गुहार लेके ज़िले में धरनारत भाजपा सांसद राकेश सिन्हा के पास भी गए थे.

    सांसद से बात करने के बाद केशव उर्फ नागा के पिता ने प्रेस से बातचीत में कहा, "पुलिस हमारे घर आई और कहा कि इसको गोलीकांड में ले जा रहे. एक बेटा को पुलिस कल ही सुबह 5 बजे घर से ले गई, और एक बेटा भाग गया. भागकर फुआ के घर देवघर जा रहा था. पुलिस हमसे फोटो मांगी तो हम फोटो दे दिए. तो पुलिस उसको झाझा से पकड़कर ले आई. दोषी है तो सजा दीजिए, लेकिन निर्दोष पर जुलुम मत कीजिए."

    परिजनों के केशव के बेगुनाही की दावे पर जब मीडियाकर्मियों ने उनसे उक्त दिन और समय पर मौजूदगी को लेकर सवाल किए तो परिजनों (माता-पिता) का कहना है कि उस दिन (केशव) घर पर था. घर में भी सीसीटीवी कैमरा लगा है, जिसको पुलिस ले गई है. बाजार में भी गया है तो लाइन होटल के सीसीटीवी कैमरे में उसका फोटो आया है.

    शाम 5 बजकर 35 मिनट पर वो लाइन होटल पर बैठा हुआ दिख रहा है. ऐसे में सीसीटीवी फुटेज पब्लिक होने के बाद से पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं.

  20. एससीओ की बैठक में पीएम मोदी, राष्ट्रिपति पुतिन और शी जिनपिंग क्या बोले

    उज़्बेकिस्तान के शहर समरकंद में शुक्रवार को हो रहे शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की शिखर बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूक्रेन संकट और महामारी का ज़िक्र किया और कहा कि इस कारण दुनिया के देश खाद्य संकट से जूझ रहे हैं.

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने कहा कि पाकिस्तान में शांति स्थापित हो इसके लिए ज़रूरी है कि उसके पड़ोसी अफ़ग़ानिस्तान में शांति रहे.

    सम्मेलन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सदस्य देशों के लिए विशेष खेलों के आयोजन पर ज़ोर दिया. वहीं चानी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि आतंकवाद विरोधी अभियान को बढ़ावा देने के लिए चीन दो हज़ार सुरक्षाकर्मियों की ट्रेनिंग का आयोजन करेगा.

    दो दिन के इस सम्मेलन में मोदी के अलावा चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़, उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्ज़ियोयेव, बेलारूस के राष्ट्रपति एलेक्ज़ेंडर लुकाशेन्को, किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सदर जापारोव और कज़ाख़स्तान के राष्ट्रपति कासिम जोमार्ट तोकायेव शामिल हुए.