अमृतसर में निहंग सिख और राधा स्वामी सत्संग ब्यास के अनुयायियों के बीच झड़प, कई घायल
अमृतसर में रविवार को निहंग सिखों और राधा स्वामी सत्संग ब्यास के अनुयायियों के बीच हुई झड़प में 10 लोग घायल हो गए.
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कमलेश मठेनी, दीपक मंडल and प्रेरणा .
ब्रेकिंग न्यूज़, अमृतसर में निहंग सिख और राधा स्वामी सत्संग ब्यास के अनुयायियों के बीच झड़प, कई घायल
अमृतसर में रविवार को निहंग सिखों और राधा स्वामी सत्संग ब्यास के अनुयायियों के बीच हुई झड़प में 10 लोग घायल हो गए.
वहीं एक पुलिसकर्मी के भी घायल होने की सूचना है.
अमृतसर ग्रामीण एसएसपी स्वप्न शर्मा ने वरिष्ठ पत्रकार रविंदर सिंह रॉबिन से बात करते हुए कहा कि डेरा ब्यास के पास निहंग सिख और कुछ लोगों के बीच झड़प हुई थी.
समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए पुलिस ने कहा, ''निहंगों का एक समूह अपने मवेशियों को चराने के लिए डेरा परिसर में प्रवेश करना चाहता था, लेकिन राधा स्वामी संप्रदाय के अनुयायियों ने उसे रोक दिया. इसी के बाद दोनों समूहों में झड़प शुरू हो गई.''
हालांकि अब स्थिति पर काबू पा लिया गया है.
डेरा परिसर के चारों ओर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई और स्थिति का जायज़ा लेने के लिए पुलिस महानिरीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे.
सिविल सर्जन डॉ. चरणजीत सिंह ने बताया कि घायलों को अमृतसर के पास अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है.
'विश्व शिक्षक दिवस' से ठीक एक महीने पहले भारत में क्यों मनाते हैं शिक्षक दिवस?
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देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के तौर पर मनाया जाता है.
हर साल शिक्षकों के सम्मान में 5 सितंबर को देशभर में ये दिवस मनाया जाता है. इस दिन स्कूल-कॉलेजों में अलग-अलग तरह के कार्यक्रम आयोजित कराए जाते हैं, लोग अपने शिक्षकों को और अपने जीवन में उनके योगदान को याद करते हैं.
शिक्षक दिवस मनाने की शुरुआत कैसे हुई?
देश में साल 1962 से शिक्षक दिवस मनाने की शुरुआत हुई. इसी साल मई में डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने देश के दूसरे राष्ट्रपति के तौर पर पदभार संभाला था. इससे पहले 1952 से 1962 तक वो देश के पहले उप-राष्ट्रपति रहे थे.
एक बार डॉक्टर राधाकृष्णन के मित्रों ने उनसे गुज़ारिश की कि वो उन्हें उनका जन्मदिवस मनाने की इजाज़त दें. डॉक्टर राधाकृष्णन का मानना था कि देश का भविष्य बच्चों के हाथों में है और उन्हें बेहतर इंसान बनाने में शिक्षकों का बड़ा योगदान है.
केरल की पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ने रेमन मैग्सेसे अवॉर्ड लेने से किया इनकार, बताई ये वजह
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केरल की पूर्व स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने रेमन मैग्सेसे अवॉर्ड ठुकरा दिया है. केके शैलजा को उनके कार्यकाल के दौरान कोविड-19 और निपाह वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने में उनके योगदान के लिए नामित किया गया था.
केके शैलजा ने कहा है कि वो रेमन मैग्सेसे अवॉर्ड स्वीकार नहीं करेंगी क्योंकि ये सम्मान हमेशा किसी व्यक्ति को दिया गया है न कि किसी राजनेता को.
उन्होंने कहा, "हमने इस मुद्दे पर पार्टी के साथ चर्चा की है और ये फ़ैसला किया है कि हम इसे स्वीकार नहीं करेंगे. स्वास्थ्य क्षेत्र में केरल सरकार के काम की चर्चा की गई है और उन्होंने ये भी कहा है कि उन्होंने कोविड और निपाह महामारी को रोकने के लिए केरल सरकार के काम पर गौर किया है."
"इस सम्मान के लिए पूरे सम्मान के साथ मैंने लिखा है कि मैं इसे कुछ राजनीतिक वजहों से स्वीकार नहीं कर सकती क्योंकि ये सामूहिक काम है. एक व्यक्ति के तौर पर मैं इसे स्वीकार नहीं कर सकती हूं."
शैलजा ने कहा, "ये फ़ैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि उन्होंने कभी किसी राजनेता को ये सम्मान नहीं दिया है. मैं कम्युनिस्ट पार्टी की सेंट्रल मेंबर हूं और इसलिए हमने ये तय किया है कि हम इसे स्वीकार नहीं करेंगे."
एशिया कप: कोहली ने दिखाया कमाल, पाकिस्तान के सामने 182 रन का लक्ष्य
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एशिया कप में सुपर फ़ोर का मुक़ाबला जीतने के लिए पाकिस्तान को 20 ओवरों में 182 रन बनाने हैं. भारत ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 20 ओवरों में सात विकेट पर 181 रन बनाए.
केएल राहुल और रोहित शर्मा अपने रंग में हों तो मैदान में क्या कुछ धमाल हो सकता है, इसकी झलक एक बार फिर से एशिया कप के सुपर फ़ोर मुक़ाबले में देखने को मिला.
नसीम शाह के पहले ओवर में रोहित शर्मा ने पहले चौका लगाया और आख़िरी गेंद पर छक्का जड़ा. पहले ओवर में 11 रन आए थे.
दूसरे ओवर में दोनों ने नौ रन जोड़े. नसीम शाह के तीसरे ओवर में केएल राहुल ने पहली और आख़िरी गेंद पर छक्के जमाया. तीन ओवर में 34 रन बटोरने के बाद इन दोनों ने पांच ओवरों में टीम का स्कोर 54 रन तक पहुंचा दिया.
चावल और इसकी खेती के तरीक़ों की कहानी, जो हम आपको कर सकती है हैरान
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हो ही नहीं सकता कि आपकी रसोई में 'गोविन्द भोग' चावल पक रहा हो और उसकी सुगंध पड़ोसी के घर तक न पहुंचे. मोतियों जैसे छोटे-छोटे दानों वाले इस चावल को उसकी अनूठी ख़ुशबू के लिए जाना जाता है.
पश्चिम बंगाल के पूर्वी वर्द्धमान ज़िले में बहने वाली दामोदर नदी के दक्षिणी बेसिन के क्षेत्र को इस चावल का गढ़ माना जाता है. फिलहाल इसी राज्य के हुगली, बीरभूम, बांकुरा और पुरुलिया के अलावा बिहार के कैमूर और छत्तीसगढ़ के सरगुजा में भी गोविन्द भोग उगाया जाता है.
सुगंध के मामले में गोविन्द भोग से कहीं आगे चावल की एक और दुर्लभ प्रजाति है काला नमक. नेपाल के कपिलवस्तु और उससे लगे पूर्वी उत्तर प्रदेश के तराई के इलाके में उगाए जाने वाले इस चावल को संयुक्त राष्ट्र संघ के खाद्य और कृषि संगठन ने संसार के विशिष्ट चावलों की सूची में जगह दी है.
एक कथा प्रचलित है कि ज्ञान प्राप्त कर चुकने के बाद लुम्बिनी के जंगल से गुज़रते हुए भगवान गौतम बुद्ध ने खुद इस इलाक़े के ग्रामीणों को इस चावल के बीज देते हुए कहा था, "इन बीजों से उगने वाले चावल की सुगन्ध तुम्हें हमेशा मेरी याद दिलाएगी."
पांच दिवसीय दौरे पर नेपाल पहुंचे भारत के सेना प्रमुख, अग्निपथ योजना पर भी हो सकती है चर्चा
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भारतीय सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडेय रविवार को पांच दिवसीय दौरे पर नेपाल पहुंचे.
नेपाल के उप सेनाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल बाल कृष्ण कार्की ने त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जनरल पांडे का स्वागत किया.
आर्मी चीफ का ये आधिकारिक दौरा है, जिसमें वे नेपाल के शीर्ष नागरिक और सैन्य नेतृत्व के साथ व्यापक बातचीत करेंगे.
वार्ता में अग्निपथ योजना के तहत नेपाल से गोरखाओं को भारतीय सेना में शामिल करने का मुद्दा भी उठने की संभावना है.
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सोमवार को काठमांडू में एक समारोह में जनरल पांडे को राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी नेपाल सेना के जनरल के मानद पद से सम्मानित करेंगी.
नेपाल और भारत के सेना प्रमुख समय-समय पर ऐसी यात्राएं करते रहते हैं.
दोनों सेना प्रमुखों को मानद जनरल की उपाधि प्रदान करने की एक लंबी परंपरा रही है.
मां बनने पर क्यों ट्रोलिंग का शिकार हुईं देबिना बनर्जी
वीडियो कैप्शन, मां बनने पर क्यों ट्रोलिंग का शिकार हुईं देबिना बनर्जी
पिछले 15 साल से ज़्यादा समय से टीवी पर सक्रिय रहने वाली अभिनेत्री देबिना बनर्जी घर-घर में एक जाना पहचाना नाम हैं.
देबिना अब दूसरी बार मां बनने जा रही हैं, इससे पहले काफी लंबे इंतज़ार के बाद वो मां बन सकी थीं.
इसी साल अप्रैल में वो पहली बार मां बनी थी, उनकी बेटी का नाम लियाना है.अब जब वो दूसरी बार कुछ महीने बाद ही मां बनने जा रही हैं तो कई लोग इस पर हैरानी भी जता रहे हैं और कई बार देबिना बनर्जी को बिना मांगी सलाह भी मिल जाती है.
ऐसे में बीबीसी हिन्दी के लिए नयनदीप रक्षित ने उनसे ख़ास बातचीत की है.
वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की: यूरोप के हर शख़्स की ज़िंदगी तबाह करना चाहता है रूस
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यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की का कहना है कि रूस यूरोप के हर नागरिक की सामान्य ज़िंदगी को तबाह करना चाहता है.
शनिवार को ज़ेलेंस्की ने अपने नियमित संबोधन में कहा, "रूस
जिन जगहों पर मिसाइलों से हमला नहीं कर सकता, वहां वो ग़रीबी और राजनीतिक अराजकता का सहारा ले रहा है.''
वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की की ये प्रतिक्रिया रूस की उस घोषणा के कुछ घंटों बाद आई है, जिसमें रूस ने कहा है कि यूरोप के लिए उसकी मुख्य गैस पाइपलाइन योजना के अनुसार फिर से नहीं खुलेगी.
यूरोप का कहना है कि रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच रूस यूरोप को ब्लैकमेल करने के लिए गैस का इस्तेमाल कर रहा है. हालांकि रूस यूरोप के इन आरोपों का खंडन करता है.
24 फरवरी को यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद से ऊर्जा की कीमतें बढ़ गई हैं. संभावना जताई जा रही है कि आगे आने वाले समय में ये कीमतें और भी बढ़ सकती हैं.
04 सितंबर 2022 का दिनभर- पूरा दिन पूरी ख़बर सुनिए मानसी दाश के साथ
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सायरस मिस्त्री के निधन पर आई राहुल गांधी की प्रतिक्रिया
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टाटा संस के पूर्व चेयरमैन सायरस मिस्त्री के रविवार को हुए आकस्मिक निधन पर पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गहरा शोक व्यक्त किया है.
राहुल गांधी ने कहा कि मिस्त्री देश के सबसे प्रतिभाशाली व्यापारिक दिमागों में से थे.
राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, ''टाटा संस के पूर्व चेयरमैन सायरस मिस्त्री के निधन की दुखद ख़बर से दुखी हूं. वे देश के उन सबसे प्रतिभाशाली व्यापारिक दिमागों में से थे, जिन्होंने भारत की विकास गाथा में महत्वपूर्ण योगदान दिया.''
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सायरस मिस्त्री की रविवार को महाराष्ट्र के पालघर ज़िले में एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई है. वे 54 साल के थे.
पालघर पुलिस स्टेशन ने इस दुर्घटना की पुष्टि की है.पुलिस ने बताया कि दुर्घटना के समय कार में चार लोग थे. इनमें से दो लोगों की मृत्यु हो गई है और दो लोग घायल हुए हैं.
कश्मीर पर एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट पर पाकिस्तान में क्यों है चर्चा
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भारतीय संविधान में जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के तीन साल पूरे होने पर मानवाधिकार संस्था एमनेस्टी इंटरनेशनल ने एक रिपोर्ट जारी की है.
पाकिस्तान के सभी अख़बारों ने इसे प्रमुखता से छापा है.
डॉन अख़बार के अनुसार,एमनेस्टी ने जो रिपोर्टजारी की है उसका शीर्षक रखा है, "हमें क़ानून के ज़रिए सज़ा दी जा रही है."
इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हाल के वर्षों में नागरिक समाज के लोगों, पत्रकारों, वकीलों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को निरंतर पूछताछ, यात्रा पर पाबंदी और मीडिया को कठोर नीतियों का सामना करना पड़ा है.
चिटफंड मामले में सीबीआई ने टीएमसी विधायक सुबोध अधिकारी के कई ठिकानों पर की छापेमारी
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चिटफंड मामले में सीबीआई ने रविवार को पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के विधायक सुबोध अधिकारी और उनके भाई से जुड़े छह अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की है.
इसकी सूचना खुद केंद्रीय जांच एजेंसी ने दी. समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए सीबीआई के अधिकारी ने कहा है कि तृणमूल विधायक और उनके भाई कमल अधिकारी के आवास और कार्यालय पर एक साथ छापेमारी की गई है.
कमल अधिकारी कांचरापाड़ा म्युनिसिपेलिटी के चेयरमैन हैं. वहीं सुबोध अधिकारी पश्चिम बंगाल के बीजपुर से विधायक हैं.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार रविवार सुबह सीबीआई के अधिकारियों ने हालीशहर और नॉर्थ 24 परगना ज़िले के कांचरापाड़ा के चार अलग-अलग ठिकानों पर रेड की. इनमें हालीशहर नगर पालिका के अध्यक्ष कमल अधिकारी का पैतृक और वर्तमान निवास भी शामिल था.
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चिटफंड मामले में ही सीबीआई ने बीते शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस के नेता और पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना के हालीशहर नगरपालिका के अध्यक्ष राजू साहनी को गिरफ्तार किया था. जांच एजेंसी ने साहनी के आवास से 80 लाख रुपये नकद, एक देसी बंदूक और 2.75 करोड़ रुपये की संपत्ति से जुड़े दस्तावेज बरामद किए थे.
ग़ुलाम नबी आज़ाद कश्मीर के लिए बीजेपी के खांचे में कितने फ़िट?
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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के क़द्दावर नेता ग़ुलाम नबी आज़ाद ने पार्टी छोड़कर जम्मू-कश्मीर की राजनीति में वापसी का एलान करके भारतीय जनता पार्टी के कश्मीर एजेंडा में परिवर्तन की अटकलों को जन्म दे दिया है.
अक्सर टीकाकारों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ निकटता और कश्मीर से संबंधित स्पष्ट और राष्ट्रवादी विचार रखने वाले आज़ाद ने अगर नया राजनीतिक मोर्चा बनाया और बीजेपी के साथ कोई परोक्ष या प्रत्यक्ष समझौता किया, तो बीजेपी जम्मू-कश्मीर में हिंदू मुख्यमंत्री बनाने की पुरानी मांग छोड़ भी सकती है.
भारत के पांच प्रधानमंत्रियों की कैबिनेट में पिछले 50 साल के दौरान महत्वपूर्ण मंत्रालयों को संभालने वाले ग़ुलाम नबी आज़ाद ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी की कांग्रेस पार्टी को छोड़कर जम्मू-कश्मीर की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की घोषणा पिछले हफ्ते की थी.
इस घोषणा के होते ही जम्मू-कश्मीर में 100 से अधिक कांग्रेस नेताओं और दर्जनों छोटे बड़े कार्यकर्ताओं ने उनके समर्थन में कांग्रेस पार्टी छोड़ दी.
सायरस मिस्त्री की मौत पर महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे, शरद पवार और सुप्रिया सुले ने क्या कहा
टाटा संस के पूर्व चेयरमैन सायरस मिस्त्री की रविवार को सड़क दुर्घटना में हुई मौत पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दुख जताया है.
शिंदे ने मिस्त्री के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे कारोबारी जगत के लिए एक क्षति है.
54 वर्षीय उद्योगपति की मौत को 'चौंकाने वाली' घटना बताते हुए शिंदे ने कहा कि मिस्त्री न केवल एक सफल उद्योगपति थे, बल्कि एक युवा और दूरदर्शी उद्यमी भी थे. व्यापारिक दुनिया उन्हें उम्मीद भरी नजरों से देखती थी.
वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार ने भी मिस्त्री के अकास्मिक निधन पर शोक व्यक्त करते हुए ट्वीट किया है.
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शरद पवार ने कहा, ''टाटा संस के पूर्व चेयरमैन सायरस मिस्त्री के असामयिक निधन की चौंकाने वाली खबर के बारे में सुनकर गहरा दुख हुआ.वह एक प्रतिभाशाली उद्यमी थे. हमने कॉरपोरेट वर्ल्ड के सबसे चमकीले सितारे में से एक को खो दिया.''
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की सांसद सुप्रिया सुले ने भी मिस्त्री की मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि मिस्त्री उनके भाई की तरह थे.
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सुले ने कहा, '' उनका निधन मेरे लिए स्तब्ध करने वाला है. मैंने टाटा संस के प्रमुख के रूप में उनका उत्थान और उसके बाद की उथल-पुथल देखी है. वे और उनकी पत्नी पिछले चार सालों में काफ़ी संघर्ष से गुज़रे थे. मुझे अभी भी विश्वास नहीं हो रहा है कि उनका निधन हो गया है.''
सायरस मिस्त्री की रविवार को महाराष्ट्र के पालघर ज़िले में एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई है. वे 54 साल के थे.
समाचार एजेंसी पीटीआई ने पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से बताया कि उनकी कार सड़क के डिवाइडर से टकराने से ये दुर्घटना हुई.
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लंदन से 'चोरी' हुई कार कराची से ज़ब्त, लेकिन 'ये कार यहां पहुंची कैसे?'
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अगर आप पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची में जाएं तो सड़कों पर हर तरह की गाड़ियां दौड़ती नज़र आएंगी, लेकिन पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया पर जिस गाड़ी की चर्चा हो रही है उसकी कहानी बेहद अनोखी है.
पिछले महीने की 30 तारीख़ को कस्टम अधिकारी कराची के डीएचए इलाक़े से एक विदेशी ख़ुफ़िया एजेंसी की सूचना पर एक गाड़ी की तलाश कर रहे थे.
इस संबंध में कस्टम में दर्ज एफ़आईआर के अनुसार, उन्हें सूचना मिली थी कि इस गाड़ी को कथित तौर पर लंदन से चोरी करने के बाद पाकिस्तान लाया गया था.
यह कोई साधारण गाड़ी नहीं है, बल्कि एक बेंटले मल्सीन वी एट ऑटोमैटिक कार है. कस्टम्स के मुताबिक़ इस समय इसकी क़ीमत 30 करोड़ से ज़्यादा होने का अंदाज़ा लगाया गया है.
असम डीजीपी ने मुस्लिम संगठनों से की मुलाक़ात, कहा- आतंकवादी समूहों का पता लगाने में करें सहयोग
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असम में आतंकवादी समूहों की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए डीजीपी भास्कर ज्योति महंता ने रविवार को प्रदेश के कई मुस्लिम संगठनों से मुलाकात की.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ डीजीपी ने मुस्लिम संगठनों से आतंकवादी समूहों का भंडाफोड़ करने में सहयोग करने की मांग की है.
डीजीपी ने कहा, "आज हमने प्रदेश के कई इस्लामिक संगठनों से मुलाकात की. उनके सहयोग के बिना, हम अल-क़ायदा और एबीटी आतंकवादी मॉड्यूल का पता नहीं लगा सकते. हमने उनसे समर्थन और सहयोग की अपील की है और उन्होंने भी हमें भरोसा दिया है."
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समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए डीजीपी ने कहा है कि राज्य में हजारों निजी मदरसे चलते हैं. सभी अपनी-अपनी मान्यताओं के अनुसार अलग-अलग नियमों का पालन करते हैं. उन्होंने उन सभी मदरसों को अपने नियम ऑनलाइन अपलोड करने के लिए कहा है, इसके लिए उन्हें कुछ समय दिया गया है.
कई रिपोर्ट्स ये दावा करती हैं कि कुछ चरमपंथी धार्मिक शिक्षक के रूप में राज्य में प्रवेश कर रहे हैं और देश विरोधी गतिविधयों को अंजाम दे रहे हैं. असम पुलिस ने प्रदेश में ऐसे तीन मदरसों की पहचान कर उन्हें ध्व्स्त किया है, जिनका इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों के लिए किया जा रहा था.
बीते 26 अगस्त को असम पुलिस ने अलकायदा से जुड़े 38 से अधिक लोगों को गिरफ़्तार किया था.
LIVE: एशिया कप में भारत और पाकिस्तान के बीच अहम मुकाबले से पहले दुबई में स्टेडियम के बाहर प्रशंसकों से बीबीसी हिंदी के लिए बात कर रहे हैं रौनक कोटेचा
सायरस मिस्त्री: सड़क दुर्घटना में हुई मौत, टाटा संस के पूर्व चेयरमैन को कितना जानते हैं आप
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टाटा संस के पूर्व चेयरमैन सायरस मिस्त्री की रविवार को महाराष्ट्र के पालघर ज़िले में एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई है. वे 54 साल के थे.
समाचार एजेंसी पीटीआई ने पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से बताया कि उनकी कार सड़क के डिवाइडर से टकराने से ये दुर्घटना हुई.
उन्होंने बताया कि सायरस मिस्त्री दुर्घटना के वक़्त अपनी मर्सीडीज़ कार से अहमदाबाद से मुंबई की यात्रा कर रहे थे.
पालघर के पुलिस अधीक्षक बालासाहेब पाटिल ने बताया, "दुर्घटना शाम सवा तीन बजे के करीब हुई. सूर्या नदी के ऊपर बने पुल पर ये घटना घटी. लगता है कि ये दुर्घटना है."
FB Live: झारखंड विधानसभा में कल पेश होगा विश्वास मत प्रस्ताव, ज़्यादा जानकारी के साथ रांची से रवि प्रकाश, कैमरा : विवेक आर्यन
ब्रेकिंग न्यूज़, टाटा संस के पूर्व चेयरमैन सायरस मिस्त्री की सड़क दुर्घटना में मौत
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टाटा ग्रुप के पूर्व चेयरमैन सायरस मिस्त्री की मुंबई के पास एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई है.
पालघर पुलिस स्टेशन ने इस दुर्घटना की पुष्टि की है.
पुलिस ने बताया कि दुर्घटना के समय कार में चार लोग थे. इनमें से दो लोगों की मृत्यु हो गई है और दो लोग घायल हुए हैं.
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कौन थे सायरस मिस्त्री ?
आयरलैंड में पैदा हुए सायरस मिस्त्री ने लंदन बिज़नेस स्कूल से पढ़ाई की. वो पलोनजी शापूरजी के सबसे छोटे बेटे थे. उनका परिवार आयरलैड के सबसे अमीर भारतीय परिवारों में से एक है. सायरस ने शापूरजी पालोनजी एंड कंपनी में 1991 में काम करना शुरू किया था.
उन्हें 1994 में शापूरजी पालोनजी समूह का निदेशक नियुक्त किया गया था.
सायरस के नेतृत्व में शापूरजी पालोनजी एंड कंपनी ने जमकर मुनाफ़ा कमाया और उसका टर्नओवर दो करोड़ पाउंड से क़रीब डेढ़ अरब पाउंड हो गया.
कंपनी ने मरीन, तेल-गैस और रेलवे के क्षेत्र में काम फैलाया. इस दौरान इस कंपनी के कंस्ट्रक्शन का काम दस से अधिक देशों में फ़ैला.
सायरस के नेतृत्व में उनकी कंपनी ने भारत में कई बड़े रिकॉर्ड बनाए, इनमें सबसे ऊंचे रिहायसी टॉवर का निर्माण, सबसे लंबे रेल पुल का निर्माण और सबसे बड़े बंदरगाह का निर्माण शामिल है.
टाटा संस के बोर्ड में सायरस 2006 में शामिल हुए. वरिष्ठ पत्रकार एमके वेणु के मुताबिक़ टाटा संस के सबसे अधिक शेयर साइरस मिस्त्री के परिवार के पास ही हैं.