You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.

Take me to the main website

अमेरिका: वॉलमार्ट स्टोर से क्रैश करने की धमकी देने के बाद पायलट ने सुरक्षित उतारा प्लेन

अमेरिका के मिसिसिपी शहर के ऊपर प्लेन से घंटों चक्कर लगाने वाले पायलट ने विमान को सुरक्षित तरीके से उतार लिया है. पायलट ने वॉलमार्ट के एक स्टोर से क्रैश करने की धमकी दी थी.

लाइव कवरेज

कमलेश मठेनी and अभिनव गोयल

  1. रूस ने फिर से यूरोप के लिए रोकी गैस सप्लाई, टरबाइन खराब होने की बात कही

    रूस सरकार के स्वामित्व वाली कंपनी गजप्रोम ने बताया है कि जर्मनी को जाने वाली गैस पाइपलाइन आज भी नहीं खुलेगी.

    गैस कंपनी ने नॉर्ड स्ट्रीम 1 पाइपलाइन में एक टरबाइन में तेल रिसाव का हवाला दिया है. इसका मतलब है कि ये गैस पाइपलाइन को शुरू करने की तारीख के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है. मेंटेनेंस का काम बताते हुए गजप्रोम ने पिछले दिन दिनों से पाइपलाइन बंद कर रखी है.

    रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद से ऊर्जा की कीमतों में तेजी आई है और आने वाले दिनों में ये और बढ़ सकती हैं. दुनिया में रूस में सबसे अधिक प्राकृतिक गैस भंडार है और वो दुनिया का सबसे बड़ा निर्यातक है. यूरोप में 40 फ़ीसदी गैस रूस से ही आयात की जाती रही है.

    यूरोप, रूस से आने वाली गैस पर अपनी निर्भरता को कम करने की कोशिश कर रहा है लेकिन इसके लिए काफी समय लगेगा. यूरोपीय यूनियन के प्रेसिडेंट चार्ल्स मिशेन ने रूस के इस कदम की निंदा की है.

    उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि रूस गैस को हथियार के तरह इस्तेमाल कर रहा है लेकिन यूरोपियन यूनियन का संकल्प नहीं बदलेगा. हम रूस पर अपनी निर्भरता को कम करने की दिशा में और तेजी लाएंगे. हमारा कर्तव्य अपने नागरिकों की रक्षा करना और यूक्रेन की स्वतंत्रता का समर्थन करना है.

    हालांकि रूस ने पश्चिमी प्रतिबंधों को बदलने लेने के लिए गैस को आर्थिक हथियार की तरह इस्तेमाल करने के आरोपों से इनकार किया है. .

  2. पाकिस्तान: 'मैं और मेरे साथियों ने बाढ़ के पानी से कई लाशें निकाली हैं...'

    अब धीरे-धीरे पाकिस्तान में बाढ़ पीड़ितों को मदद पहुँचनी शुरू हो गई है.

    लेकिन अब भी भयंकर बाढ़ के कारण विस्थापित लाखों लोगों तक मदद नहीं पहुँच पा रही है.

    पाकिस्तान के विदेश मंत्री हिना रब्बानी ख़ार ने देश में बाढ़ को 'प्रलय जैसा संकट' बताया है.

    उन्होंने कहा, "पाकिस्तान के बेहद ग़रीब लोग न के बराबर कार्बन उत्सर्जन करते हैं लेकिन जलवायु परिवर्तन की सबसे बड़ी मार उन्हें ही पड़ रही है."

  3. बिहार: आनंद मोहन के मामले में अटॉर्नी जनरल का अवमानना की कार्यवाही करने से इनकार

    गोपालगंज के जिलाधिकारी की हत्या के दोषी और पूर्व सांसद आनंद मोहन को कथित तौर पर पटना में उनके आवास पर जाने की अनुमति दी गई थी. इस मामले में अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने जेल और पुलिस अधिकारियों सहित 13 लोगों के खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू करने के लिए सहमति नहीं दी है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, वेणुगोपाल ने कहा कि अवमानना के मामले में अटॉर्नी जनरल का अधिकार क्षेत्र सुप्रीम कोर्ट के आपराधिक अवमानना के मामलों से निपटने तक सीमित है.

    आनंद मोहन, 1994 में आईएएस अधिकारी जी कृष्णैया की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं.

    शिवहर से पूर्व सांसद आनंद मोहन को 2007 में अतिरिक्त ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश आरएस राय ने धारा 302 और 109 के तहत मृत्युदंड की सज़ा सुनाई थी.

    एडवोकेट ब्रजेश सिंह ने आनंद मोहन को करीब 47 घंटे तक सहरसा जेल से बाहर घूमने की अनुमति देने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की मांग की थी.

  4. बिहार: सीएम के गृह ज़िले का हाल, कहीं कमरे नहीं तो कहीं दरी पर बैठने को मजबूर छात्र

    महादलितों-पिछड़ों की बसावट वाले ताराबिगहा में जब स्कूल की मांग उठी तो कहा गया कि वहां सरकारी ज़मीन नहीं है इसलिए स्कूल नहीं बन सकता. इस पर एक ग्रामीण राजेश चौधरी ने तक़रीबन 12 साल पहले स्कूल भवन के लिए भूमि दान में दे दी, लेकिन स्कूल की कक्षाएं फिर भी खेत में लगती रहीं.

    दो साल पहले स्कूल के नाम पर मिट्टी से जोड़कर ईंट के चार खंभे खड़े कर दिए गए, ऊपर टिन की छत लगा दी गई, लेकिन वो प्राइमरी स्कूल भी, अब कहीं और, दो किलोमीटर दूर किसी और गांव में शिफ़्ट कर दिया गया है.

    गांव से अलग, खेतों के बीच बनाए गए स्कूल पहुंचने पर वहां तब बना शौचालय ही खड़ा दिखता है.

    'स्कूल चल गइले नेहुंआपर, त इस सब बुतुरआ जा पाई ऊंहा, जा पाई पनिया में' (स्कूल नेहुआंपर चला गया है, इतने छोटे बच्चे वहां जा पाएंगे, ख़ासतौर पर जब बारिश हो रही हो), गांव की पानी टंकी के पास बैठी हुई आठ दस औरतों में से एक अशर्फ़ी देवी सवाल के लहजे में हमसे पूछती हैं.

  5. फेसबुक लाइव: पाकिस्तान में बाढ़ से लोगों का बुरा हाल, दक्षिणी पंजाब से ज़्यादा जानकारी के साथ बीबीसी के अली काज़मी

  6. सनराइजर्स हैदराबाद ने बदला कोच, इस पूर्व क्रिकेटर को मिली ज़िम्मेदारी

    आईपीएल 2023 से पहले सनराइजर्स हैदराबाद की टीम के कोच में बदलाव किया गया है. अब ब्रायन लारा को टीम के हेड कोच की ज़िम्मेदारी दी गई है.

    इससे पहले टॉम मूडी सनराइजर्स हैदराबाद के कोच थे. बताया जा रहा है कि मैनेजमेंट और टॉम मूडी की सहमति से ये बदलाव हुआ है.

    साल 2022 के आईपीएल में हैदराबाद की टीम का प्रदर्शन बहुत खराब था.

    टॉम मूडी के साथ अपना अनुबंध खत्म होने की जानकारी देते हुए सनराइजर्स हैदराबाद ने ट्वीट किया, "जैसा कि हमारा अनुबंध उनके साथ खत्म हो रहा है तो हम टॉम को उनके योगदान के लिए धन्यवाद देना चाहेंगे. सालों तक शानदार सफर रहा. हम भविष्य के लिए उन्हें शुभकामनाएं देते हैं."

    इसके बाद हैदराबाद की टीम ने ब्रायन लारा की तस्वीर शेयर कर लिखा, "क्रिकेट जगत के दिग्गज ब्रायन लारा आने वाले सीजन में हमारे मुख्य कोच होंगे."

  7. नोरा फ़तेही से छह घंटे पूछताछ, महंगे तोहफे़ और मनी लॉन्ड्रिंग पर पूछे गए ये सवाल

    दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने बॉलीवुड अभिनेत्री नोरा फ़तेही से शुक्रवार को सुकेश चंद्रशेखर मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ की है. इसी मामले में अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज़ से भी पूछताछ हो रही है और अब 12 सिंतबर को फिर से पूछताछ की जाएगी.

    सुकेश चंद्रशेखर 200 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में अभियुक्त है. उन पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है. साथ ही ये भी आरोप है कि उन्होंने नोरा फ़तेही और जैकलीन फर्नांडीज़ को महंगे तोहफ़े दिए हैं.

    नोरा फ़तेही से पूछताछ के दौरान सुकेश चंद्रशेखर और उनके तोहफ़ों को लेकर करीब 50 सवाल पूछे गए. उनसे रात आठ बजे तक पूछताछ हुई.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक उनसे पूछा गया कि कौन से तोहफ़े मिले, वो किससे बात करती थीं, वो सुकेश और उनकी पत्नी से कहां मिलीं.

    कुछ और सवालों के जवाब में नोरा ने बताया कि उनका जैकलीन फर्नांडीज़ से कोई संबंध नहीं है और दोनों अभिनेत्रियों की सुकेश चंद्रशेखर से अलग-अलग बात होती थी.

    आर्थिक अपराध शाखा के स्पेशल सीपी रविंद्र यादव ने कहा, ''हमने कल नोरा फ़तेही को बुलाया था. सुकेश के जेल से चलाए जा रहे आपराधिक सिंडिकेट से जुड़े लोगों को लेकर सवाल पूछे गए ताकि मामले को मज़बूत किया जा सके. उनसे लगभग छह घंटों तक पूछताछ हुई.''

    उन्होंने कहा, ''उन्होंने सहयोग किया लेकिन कुछ सवालों के जवाब नहीं मिले हैं. हम उन्हें आगे भी बुला सकते हैं. मुख्य साज़िश से जुड़े लिंक और लोगों का पता लगाने के लिए जांच हो रही है. इसकी भी जांच हो रही है कि क्या तोहफ़े लेने वाले भी इस साज़िश के बारे में जानते थे या उसमें शामिल थे.''

    रविंद्र यादव ने एएनआई को बताया, ''नोरा फ़तेही ने कहा कि उन्हें नहीं पता था कि चेन्नई में उन्हें जिस ईवेंट के लिए बुलाया गया है वो इस अपराध सिंडिकेट से जुड़ा है. लेकिन, सबकुछ देखना होगा कि जो कार और तोहफ़े उन्हें मिले हैं वो कहां इस्तेमाल किए गए हैं. पूरी जांच के बाद ही हम किसी नतीजे पर पहुंच पाएंगे.''

    ''ये पता चला है कि उनके (सुकेश चंद्रशेखर) आसपास लोग काम करते थे. वो पहले अभिनेत्रियों से संपर्क करते थे और उनके ज़रिए और करीबी बनाने की कोशिश करते थे. वो उन्हें महंगे तोहफ़े देकर लुभाते थे. ये भी लगता है कि कुछ लोगों को उनके इरादों अनुमान होता था लेकिन लालच के चलते वो रुकते नहीं थे.''

    एएनआई ने एक पुलिस अधिकारी के हवाले से लिखा है कि नोरा फ़तेही से चंद्रशेखर की पत्नी लीना मारिया पॉल से परिचय कराया था जिन्हें बाद में इसी मामले में गिरफ़्तार कर लिया गया.

    अधिकारी ने बताया, ''वो (पत्नी) एक मैनेजर के ज़रिए नोरा से मिलीं और बाद में दोनों और नज़दीक आ गई. चंद्रशेखर ने नोरा को बीएमडब्लूय कार, महंगे फ़ोन और अन्य तोहफ़े भी दिए. नोरा ने इस बात की जानकारी होने से इनकार किया है कि चंद्रशेखर जेल में थे और किसी अपराध के तहत तोहफ़े दिए जा रहे थे.''

  8. झारखंड: एयरपोर्ट में घुसने को लेकर क्यों भिड़े बीजेपी सांसद और ज़िले के कलेक्टर

  9. पोलैंड में भारतीय के साथ नस्लीय दुर्व्यवहार, कहा- 'तुम परजीवी हो, भारत वापस क्यों नहीं जाते'

    अमेरिका के बाद अब पोलैंड में भारतीयों को नस्लीय आधार पर निशाना बनाया गया है. सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक शख़्स एक भारतीय को 'परजीवी' कहते हुए भारत लौटने के लिए बोल रहा है.

    यूरोपीय देश पोलैंड के इस वीडियो में एक विदेशी व्यक्ति सड़क पर चलते एक भारतीय शख़्स को रोकता है और पूछता है कि आप पोलैंड में क्यों रह रहे हैं.

    इस पर भारतीय शख़्स उनका वीडियो बनाने से मना करता है लेकिन विदेशी व्यक्ति कहता है, ''क्योंकि मैं अमेरिका से हूं. अमेरिका में आप जैसे कई लोग हैं. आप यहां क्यों हैं? क्या आपको लगता है कि आप पोलैंड में घुसपैठ कर रहे हैं? आपका अपना देश है. आप वहां क्यों नहीं जाते? आप भारत क्यों नहीं जाते, क्या आप भारत से हैं?''

    इस पर भारतीय शख़्स फिर से वीडियो बनाने से मना करता है लेकिन, विदेशी व्यक्ति कहता है, ''मैं आपको फ़िल्म कर सकता हूं क्योंकि ये हमारा देश है. मैं यूरोपीय हूं और ये मेरा अधिकार है. यूरोपीय लोग जानना चाहते हैं कि आप हमारे देश में घुसपैठ क्यों करना चाहते हैं.''

    ''आप सफ़ेद लोगों की ज़मीन पर क्यों आ रहे हैं, हमारी कड़ी मेहनत का हिस्सा लेने के लिए. आप अपने देश को मज़बूत क्यों नहीं करते? आप परजीवी क्यों बन रहे हैं. आप हमारी नस्ल का नरसंहार कर रहे हैं. आप घुसपैठिये हैं.''

    इस वीडियो में कभी-कभी नस्लीय टिप्पणी करने वाला शख़्स भी दिखाई दे रहा है. अंत में भारतीय शख़्स फ़ोन पर कुछ बात करता है और उसके बाद दोनों अलग-अलग रास्ते पर चले जाते हैं.

    इस वीडियो का भारत में सोशल मीडिया पर विरोध हो रहा है और दुर्व्यवहार करने वाले शख़्स को पकड़े जाने की मांग हो रही है.

    इससे पहले अमेरिका के टेक्सास से भी एक वीडियो सामने आया था जिसमें एक महिला भारतीय मूल की चार महिलाओं के ख़िलाफ़ नस्लीय टिप्पणियां कर रही थीं.

    इस अमेरिकी-मैक्सिकन महिला ने मारपीट की और बंदूक दिखाकर गोली मारने की धमकी भी दी. बाद में मैक्सिको की पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ़्तार कर लिया है.

  10. यूपी की इस जेल में मिलता है ‘5 स्टार’ खाना

    उत्तर प्रदेश के फ़र्रुख़ाबाद ज़िले की फ़तेहगढ़ सेंट्रल जेल के खाने को फ़ाइव स्टार रेटिंग मिली है. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक इस जेल में 1100 से ज़्यादा कैदियों के लिए खाना बनता है.

    अब भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने इस खाने को फाइव स्टार रेटिंग दी है.

    प्राधिकरण के प्रमाणपत्र में लिखा है, ''ज़िला जेल फ़तेहगढ़, फ़र्रुख़ाबाद को एफएसएसएआई के दिशानिर्देशों के मुताबिक 'ईट राइट कैंपस' के तौर पर प्रमाणित किया जाता है.''

    इस प्रमाणपत्र में 'एक्सीलेंट' यानी बेहतरीन लिखा है और इसकी वैधता 18 अगस्त, 2024 तक है.

    फ़तेहगढ़ जेल के जेलर अखिलेश कुमार ने कहा, ''हमें तीसरे पक्ष के ऑडिट के बाद ये प्रमाणपत्र मिला है. इससे पहले जेल का स्टाफ़ ऑनलाइन प्रशिक्षण दे रहा था.''

    जेल के खाने को साफ़-सफ़ाई, खाने की गुणवत्ता, प्राधिकरण से प्रमाणित स्टोर्स से चावल, गेंहू और दालों की ख़रीद और स्टाफ़ के अच्छे से तैयार होने के आधार पर दिया गया है.

    जेलर अखिलेश कुमार ने बताया कि जेल में शाकाहारी खाना मिलता है. कैदियों को हर दिन अलग-अलग तरह का खाना दिया जाता है. दालों में अरहड़, मसूर, चना और उड़द दी जाती है.

    उन्होंने बताया, ''नाश्ते में दो दिन चना, दो दिन पाव रोटी और तीन दिन दलिया दिया जाता है. पहले, तीसरे और आखिरी रविवार को शाम को पूरी, सब्ज़ी और हलवा मिलता है. वहीं, दूसरे रविवार को कड़ी-चावल दिए जाते हैं. खाना बनाने का काम 30 से 35 कैदी करते हैं.''

    अखिलेश कुमार ने दावा किया कि हर दिन खाने की जांच होती है और कैदियों को खाना पसंद आता है.

  11. सेरेना विलियम्स ने टेनिस से लिया संन्यास, आख़िरी मैच में छलके आंसू

    अमेरिकी टेनिस स्टार सेरेना विलियम्स ने टेनिस को अलविदा कह दिया है. उन्होंने यूएस ओपन में शुक्रवार को अपना आख़िरी मैच खेला और संन्यास ले लिया.

    न्यूयॉर्क में हुए इस मैच में सेरेना विलियम्स भले ही ऑस्ट्रेलिया की आयला टोमियानोविच से हार गईं लेकिन ये उनके लिए एक यादगार मैच बन गया. वो तीसरे राउंड में आयला टोमियानोविच से हार गई थीं.

    मैच के बाद वो भावुक दिखीं और हाथ हिलाकर उन्होंने लोगों से अलविदा कहा. 41 साल की विलियम्स ने अपने 27 साल के शानदार करियर को यहीं विराम दे दिया है.

    जब कोर्ट के बीच ही उनका इंटरव्यू किया गया तो उनकी आंखों से आंसू आ गए. उन्होंने अपने परिवार, टीम, दर्शकों और अपने फैन्स को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद दिया.

    उन्होंने कहा, ''यहां मौजूद हर किसी को सालों से, दशकों से मेरा समर्थन करने के लिए मैं धन्यवाद देना चाहती हूं. मुझे यकीन नहीं होता दशक हो गए.''

    उनसे ये पूछा गया कि वो इस हफ़्ते अपने प्रदर्शन को देखते हुए क्या संन्यास के फ़ैसले पर फिर से विचार करेंगी. इस पर सेरेना ने कहा, ''मैं इसमें अपने तरीक़े से खेल रही थी और बेहतर हो रही थी. मुझे नहीं लगता कि मैं दोबारा विचार करूंगी लेकिन आप नहीं जानते कि आगे क्या होगा.''

    सेरेना विलियम्स ने अपना पहला पेशेवर टूर्नामेंट मैच 1995 में खेला था. अपने करियर में उन्होंने 23 सिंगल्स ग्रैंडस्लेम ख़िताब जीते और लंबे समय तक दुनिया की नंबर वन खिलाड़ी बनी रहीं.

  12. सोवियत संघ ने जब 269 यात्रियों से भरे कोरियाई विमान को मार गिराया

  13. ब्रिटेन को पछाड़ पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना भारत

    भारत की अर्थव्यवस्था ब्रिटेन को पीछे छोड़ते हुए 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई है. ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था खिसककर छठे स्थान पर आ गई है.

    ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2021 की तीसरी तिमाही में भारत को ये बढ़त हासिल हुई है. ये गणना यूएस डॉलर में की गई है. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के सकल घरेलू उत्पाद के आंकड़ों के अनुसार पहली तिमाही में भी भारत ने बढ़त बनाई हुई है.

    भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार नॉमिनल कैश टर्म्स में 854.7 अरब डॉलर और ब्रिटेन की 816 अरब डॉलर रहा है. भारतीय अर्थव्यवस्था के इस साल सात प्रतिशत बढ़ने का अनुमान लगाया गया है.

    कोरोना महामारी के कारण आई गिरावट से भारत की अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे उभर रही है. बुधवार को जारी पहली तिमाही के जीडीपी के आंकड़ों के मुताबिक देश ने जून 2022 तक पहली तिमाही में 13.5 फीसदी की वृद्धि की है.

    ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था में आ रही गिरावट के कारण आने वाले प्रधानमंत्री के लिए मुश्किल हो सकती है. देश में पांच सितंबर को ब्रिटेन के कंज़रवेटिव पार्टी के सदस्य नए प्रधानमंत्री का चुनाव करेंगे.

    फिलहाल दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका है. इसके बाद चीन, जापान और जर्मनी का नंबर आता है.

  14. ज्ञानवापी के बाद यूपी की एक और मस्जिद में शिव मंदिर होने का दावा, क्या है पूरा मामला

    वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर में शिवलिंग होने के दावे के बाद अब बदायूं की जामा मस्जिद में नीलकंठ महादेव मंदिर होने का दावा किया गया है. इस संबंध में बदायूं की सिविल कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी, जिसे सिविल कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है.

    अखिल भारतीय हिंदू महासभा (एबीएचबी) की याचिका पर सुनवाई करते हुए एक सिविल कोर्ट ने शुक्रवार को मामला दर्ज करने का आदेश भी दिया है.

    याचिका में दावा किया गया है कि बदायूं स्थित जामा मस्जिद परिसर वास्तविकता में एक हिंदू राजा का किला था.

    पढ़ें, दिल्ली से छपने वाले अख़बारों की प्रमुख ख़बरें.

  15. मणिपुर में जदयू के छह में से पांच विधायक बीजेपी में शामिल

    मणिपुर में जनता दल यूनाइटेड के छह में से पांच विधायक शुक्रवार को बीजेपी में शामिल हो गए. राज्य में इस समय बीजेपी की सरकार है.

    मणिपुर विधानसभा सचिवालय ने बयान जारी कर कहा है कि विधानसभा स्पीकर ने संविधान की 10वीं अनुसूचि के तहत पांच जदयू विधायकों और बीजेपी के विलय को स्वीकार कर लिया है.

    इन विधायकों में जॉयकिशन सिंह, एन सनाते, मोहम्मद अछबउद्दिन, थांगजाम अरुणकुमार और एलएम खाउटे शामिल हैं.

    इस साल हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने कुल 60 सीटों में से 32 पर जीत हासिल की थी. वहीं, जदयू ने 38 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे जिसमें से छह की जीत हुई थी. नतीजों के बाद जदयू ने बीजेपी को समर्थन देने का फ़ैसला किया था.

    पांच विधायकों के बीजेपी में शामिल होने के बाद लिलोंग विधानसभा क्षेत्र से विधायक मोहम्मद अब्दुल ही जदयू में अकेले विधायक बचे हैं.

    इससे पहले अरुणाचल प्रदेश में जदयू के एकमात्र विधायक तेची कासो अपने समर्थकों के साथ बीजेपी में शामिल हो गए थे. उनके साथ कई ज़िला परिषद अध्यक्ष और सदस्य भी बीजेपी में गए थे.

    बिहार में जदयू के बीजेपी से अलग होने के बाद दोनों पार्टियों में तनाव की स्थिति बनी हुई है. राज्य में पहले जदयू और बीजेपी गठबंधन की सरकार थी लेकिन अब जदयू ने अलग होकर राजद के साथ सरकार बना ली है.

    तब से बीजेपी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर विश्वासघात करने का आरोप लगा रही है और लगातार हमलावर बनी हुई है. वहीं, मणिपुर में भी जदयू ने बीजेपी से समर्थन वापस लेने के संकेत दिए थे.

  16. श्रीलंका वापस लौटे पूर्व राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे, कहां रहेंगे

    श्रीलंका में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद देश छोड़कर गए पूर्व राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे अब वापस लौट आए हैं. गोटाबाया राजपक्षे पहले अस्थायी वीज़ा के साथ थाईलैंड में रह रहे थे और उसके बाद वो सिंगापुर गए थे.

    बताया जा रहा है कि कुछ श्रीलंकाई मंत्रियों की उनसे एयरपोर्ट पर भी मुलाक़ात हुई है.

    श्रीलंका में ख़राब आर्थिक हालात और बढ़ती महंगाई को लेकर इसी साल जुलाई में ज़बरदस्त विरोध प्रदर्शन हुए थे. श्रीलंका में पेट्रोल और खाने के सामान की कमी हो गई थी और चीज़ों के दाम बेतहाशा बढ़ गए थे.

    लोगों ने देश के इन हालात के लिए गोटाबाया सरकार को ज़िम्मेदार बताया था और अप्रैल से ही इसका विरोध हो रहा था.

    विरोध प्रदर्शन इतने उग्र हो गए थे कि प्रदर्शनकारी गोटाबाया राजपक्षे के इस्तीफ़े की मांग करते हुए राष्ट्रपति के सरकारी आवास में घुस गए थे. उन्होंने प्रधानमंत्री के निजी आवास को आग के हवाले कर दिया था.

    इसके बाद गोटाबाया राजपक्षे सैन्य विमान से देश छोड़कर मालदीव चले गए थे और इसके बाद सिंगापुर पहुंचे थे. वहीं, से उन्होंने अपना इस्तीफ़ा भेजा था. उनके बाद रानिल विक्रमसिंघे श्रीलंका के राष्ट्रपति बने थे.

    वापस लौटने पर विरोध का डर

    गोटाबाया राजपक्षे का वापस लौटना फिर से विवाद पैदा कर सकता है जबकि मौजूदा सरकार और ज़्यादा विरोध प्रदर्शन नहीं चाहती है.

    विरोध प्रदर्शनकारियों के एक प्रमुख नेता फादर जीवंथा पीरिस ने बीबीसी से कहा, ''हम राजपक्षे के आने का विरोध नहीं करते. कोई भी श्रीलंकाई नागरिक देश वापस आ सकता है. लोग उनकी सरकार के कथित भ्रष्टाचार के कारण सड़कों पर निकले थे. हमारी उनसे कोई निजी दुश्मनी नहीं है.''

    वहीं, दूसरे प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वो राजपक्षे के फिर से राजनीति या सरकार से जुड़ने की कोशिशों का विरोध करेंगे.

    श्रीलंकाई मीडिया के मुताबिक़, सरकार गोटाबाया राजपक्षे को सेंट्रल कोलंबिया के एक घर में रख सकती है लेकिन ये साफ़ नहीं है कि वो सीधे घर जाएंगे या पहले किसी सुरक्षित सैन्य ठिकाने पर जाएंगे.

    रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने बीबीसी को बताया कि गोटाबाया राजपक्षे को पूर्व राष्ट्रपति के तौर पर सुरक्षा दी जाएगी.

  17. नमस्कार!

    बीबीसी हिंदी के इस लाइव पेज से जुड़ने के लिए आपका शुक्रिया.

    हम यहाँ आपको दिन भर की सभी बड़ी ख़बरें और लाइव अपडेट्स देते रहेंगे.

    यह लाइव पेज 24 घंटे उपलब्ध है. 2 सितंबर के अपडेट्स के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं.