'सनातन धर्म की रक्षा' के लिए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने त्रिपुरा में क्या कहा

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने सनातन धर्म को मानने वालों से धर्म की रक्षा करने के लिए कहा है.

लाइव कवरेज

चंदन शर्मा and अभिनव गोयल

  1. ग़ुलाम नबी के इस्तीफे पर बोले ज्योतिरादित्य सिंधिया, कहा- उन्होंने खुद को आज़ाद कर लिया

    ज्योतिरादित्य सिंधिया

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    ग़ुलाम नबी आज़ाद के कांग्रेस पार्टी से इस्तीफे के एक दिन बाद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने प्रतिक्रिया दी है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार सिंधिया ने कहा कि कई सालों से कांग्रेस की आंतरिक स्थिति सबके सामने है, लेकिन आखिर में ग़ुलाम नबी आज़ाद ने खुद को आज़ाद कर लिया है.

    शुक्रवार को पांच पन्ने का इस्तीफा लिखकर ग़ुलाम नबी आज़ाद ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता के साथ सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था. वे पिछले पांच दशकों से कांग्रेस पार्टी में थे.

    ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी साल 2020 में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी ज्वाइन की थी.

    राहुल गांधी पर उठाए सवाल

    इस्तीफ़ा पत्र में ग़ुलाम नबी आज़ाद ने राहुल गांधी का ज़िक्र करते हुए लिखा कि कांग्रेस पार्टी की ये हालत इसलिए हुई है क्योंकि पिछले आठ वर्षों से नेतृत्व ने एक ऐसे व्यक्ति को आगे किया, जो कभी गंभीर ही नहीं था.

    उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की राजनीति में एंट्री और ख़ासकर जब वर्ष 2013 में जब उन्हें पार्टी का उपाध्यक्ष बनाया गया, उसके बाद पार्टी के अंदर की सलाह लेने की प्रक्रिया को उन्होंने पूरी तरह ख़त्म कर दिया.

  2. बिलकिस बानो मामले में दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन

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  3. रूस ने यूक्रेन का हवाला देकर नहीं होने दिया परमाणु संधि समझौता

    संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन

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    परमाणु निरस्त्रीकरण पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन किसी भी समझौते पर नहीं पहुंच पाया है. रूस ने सम्मेलन के ड्राफ्ट डॉक्यूमेंट पर सवाल उठाते हुए संयुक्त घोषणा को अपनाने से रोक दिया है.

    हर पांच साल बाद परमाणु अप्रसार संधि की समीक्षा की जाती है. इसका मकसद परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकना है. इस संधि पर 191 देशों ने हस्ताक्षर किए हुए हैं.

    परमाणु अप्रसार संधि के तहत इसमें शामिल देशों को अपना परमाणु भंडार कम करने और दूसरे परमाणु हथियार को खरीदने से रोकती है.

    रूस ने यूक्रेन के न्यूक्लियर प्लांट, खासकर जपोरिजिया के आसपास सैन्य गतिविधियों पर गंभीर चिंता का हवाला देते हुए ड्राफ्ट डॉक्यूमेंट पर आपत्ति जताई है.

    साल 2015 में भी समीक्षा बैठक हुई थी. इसमें भाग लेने वाले भी किसी समझौते पर नहीं पहुंच पाए थे.

    परमाणु निरस्त्रीकरण पर संयुक्त राष्ट्र कॉन्फ्रेंस 2015 के बाद साल 2020 में होनी थी, लेकिन कोरोना के चलते इसे 2022 में किया गया.

    न्यूयॉर्क में चार हफ्ते चली सम्मेलन में सहमति नहीं बन पाई. ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग ने समझौता ना होने पर दुख जाहिर किया है.

    यूक्रेन के जपोरिजिया न्यूक्लियर प्लांट पर युद्ध के कुछ दिन बाद ही कब्जा कर लिया था. सम्मेलन में शामिल सभी देशों की सहमति के बाद ही ड्राफ्ट डॉक्यूमेंट को फाइनल किया जाता है और दस्तावेज का रूप दिया जाता है.

    सम्मेलन में सभी देशों के अनुमोदन की आवश्यकता थी. नीदरलैंड और चीन सहित कई देशों ने इस बात पर निराशा व्यक्त की कि कोई सहमति नहीं बन पाई है.

  4. नए चीफ़ जस्टिस यूयू ललित को कितना जानते हैं आप

    जस्टिस यूयू ललित

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    जस्टिस उदय उमेश ललित ने शनिवार को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ ले ली. उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में शपथ दिलाई.

    सुप्रीम कोर्ट के 49वें मुख्य न्यायधीश बने जस्टिस ललित इस पद पर 8 नवंबर 2022 तक रहेंगे.

    जस्टिस उदय उमेश ललित भारत के दूसरे ऐसे चीफ़ जस्टिस हैं जो सीधे सुप्रीम कोर्ट के जज के पद पर नियुक्त हुए थे.

    उनसे पहले मरहूम जस्टिस एसएम सिकरी प्रैक्टिस की दुनिया से सीधे सुप्रीम कोर्ट जज बने और बाद में चीफ़ जस्टिस के ओहदे तक पहुंचे.

    जस्टिस सिकरी से पहले बार में प्रैक्टिस करने वाले किसी वकील को न तो सीधे सुप्रीम कोर्ट जज और न ही चीफ़ जस्टिस के पद पर नियुक्त किया गया था.

  5. केरल में सीपीएम के दफ्तर पर हमला, सत्तारूढ़ गठबंधन ने आरएसएस को बताया जिम्मेदार

    केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन

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    केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने सत्तारूढ़ सीपीआई (एम) के जिला कार्यालय पर हुए हमले की निंदा की है.

    उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यालयों और उसके कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने वालों के खिलाफ एकमत से खड़ा होने की जरूरत है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार राजधानी तिरुवनंतपुरम में शनिवार को सीपीआई (एम) जिला समिति कार्यालय पर कुछ अज्ञात लोगों ने पथराव किया. रात करीब दो बजे बाइक सवार युवकों के ग्रुप ने ये हमला किया.

    पुलिस के मुताबिक पथराव में बिल्डिंग में खड़े वाहनों के शीशे टूटे हैं.

    लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) के संयोजक ईपी जयराजन ने इस हमले के पीछे आरएसएस के लोगों का हाथ बताया है. हालांकि बीजेपी ने आरोप पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

    ईपी जयराजन ने कहा कि संघ परिवार के लोग जानबूझकर समाज में शांति और सद्भाव को खत्म करने में लगे हुए हैं.

  6. अग्निपथ से नाराज़ नेपाली गोरखा क्यों कह रहे हैं चीन और पाकिस्तान की सेना में जाने की बात?

    बिमल पांडे
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    दिन के दस बज रहे हैं. सभी नौजवान पसीने से लथपथ हैं. कोई सब्ज़ी काट रहा है तो कोई कपड़े धो रहा है. कुछ कैरमबोर्ड खेल रहे हैं.

    कमर से ऊपर सब बिना कपड़े के हैं. उमस वाली बेइंतहा गर्मी है. पास में पहाड़ है. पहाड़ एकदम हरा है और ऊपर काले-सफ़ेद बादल. नेपाल के लुंबिनी प्रदेश की राजधानी बुटवल में गोरखा स्पोर्ट्स ट्रेनिंग सेंटर कुछ इसी परिवेश में समाया दिख रहा है.

    ट्रेनर रमेश थापा के पिता ब्रिटिश आर्मी में थे. चार साल पहले उनकी मौत हो गई थी. उनकी माँ लंदन में ही रहती हैं.

    रमेश थापा बुटवल में नेपाली गोरखाओं को ब्रिटिश और भारतीय सेना में भर्ती होने के लिए तैयारी करवाते हैं.

    रमेश थापा ने भी सेना में भर्ती होने की कोशिश की थी लेकिन वह नाकाम रहे थे. ब्रिटेन और भारत की आर्मी में नेपाली गोरखा 1947 में हुई त्रिपक्षीय संधि के तहत भर्ती होते हैं.

  7. फ्लॉप चल रहे विराट कोहली ने तोड़ी चुप्पी, कहा ज़रूरी था ब्रेक लेना

    विराट कोहली

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    लगातार खराब फॉर्म से जूझ रहे भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली ने कहा है कि उनके लिए ब्रेक लेना ज़रूरी हो गया था.

    कोहली को वेस्ट इंडीज़ और ज़िम्बाब्वे दौरे के लिए टीम इंडिया में शामिल नहीं किया गया था. एक स्पोर्ट्स चैनल को दिए इंटरव्यू में कोहली ने कहा, "10 साल में पहली बार ऐसा हुआ जब मैंने पूरे एक महीने बैट नहीं छुआ. मुझे ये स्वीकार करने में कोई शर्म नहीं कि मैं मानसिक रूप से कमजोर महसूस कर रहा था और ऐसा सामान्य है. लेकिन हम नहीं बोलते क्योंकि हम हिचकिचाते हैं और हम नहीं चाहते कि लोग हमें मानसिक रूप से कमज़ोर समझें."

    पूर्व कप्तान कोहली ने कहा कि "कुछ महीने पहले उनकी तीव्रता गायब हो गई थी और इसे वापस पाने के लिए उन्हें एक ब्रेक की ज़रूरत थी".

    उन्होंने कहा, "मुझे एक ऐसे व्यक्ति के रूप में देखा जाता है जो मानसिक रूप से बहुत मजबूत है और यकीनन मैं हूं, लेकिन हर किसी की एक सीमा होती है और आपको उस सीमा को पहचानने की ज़रूरत है वरना चीजें आपके ख़िलाफ़ हो जाती है."

    भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने भी कोहली का एक वीडियो जारी किया है.

    वीडियो में कोहली ने कहा, 'मैं ऐसा व्यक्ति हूं जो जागता है और ऐसा महसूस करता है कि चलो देखते हैं कि मेरे लिए आज का दिन क्या लेकर आता है. पूरी मौजूदगी और भागीदारी और खुशी के साथ हर चीज का हिस्सा बनो.

    वीडियो में उन्होंने कहा, "मुझसे लोग पूछते हैं कि आप मैदान पर यह सब कैसे कर लेते हैं. मैं उन्हें सिर्फ़ इतना बताता हूं कि मुझे यह खेल पसंद है, मुझे इस बात से प्यार है कि मेरे पास हर गेंद पर योगदान करने के लिए बहुत कुछ है और मैं मैदान पर पूरी जान लगाना चाहता हूँ."

  8. जे जयललिता की मौत की जांच के लिए बने आयोग ने सरकार को सौंपी अपनी रिपोर्ट

    जे जयललिता

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    तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता की मौत के हालातों की जांच के लिए बने आयोग ने शनिवार को अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, जस्टिस अरुमुगास्वामी आयोग ने शनिवार को अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी है.

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    संवाददाताओं से बातचीत में जस्टिस अरुमुगास्वामी ने बताया कि 150 गवाहों से बातचीत के आधार पर जो ये रिपोर्ट बनाई गई है, उसमें 500 पृष्ठ अंग्रेज़ी में है, जबकि 600 पृष्ठ तमिल में है.

    उन्होंने यह भी कहा कि अब ये सरकार पर निर्भर करता है कि वह इस रिपोर्ट को सार्वजनिक करती है या नहीं. उनके अनुसार इस मामले से जुड़े सभी तथ्यों का ज़िक्र इस रिपोर्ट में है.

    उन्होंने कहा कि कइयों का मानना है कि आयोग ने ‘अदालत’ की तरह काम किया.

  9. मनीष तिवारी ने क्यों कहा- हम कांग्रेस के हिस्सेदार हैं किराएदार नहीं

    मनीष तिवारी

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    ग़ुलाम नबी आज़ाद के पार्टी छोड़ने के बाद हो रही टीका-टिप्पणियों के बीच कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा है कि वे पार्टी के किराएदार नहीं बल्कि हिस्सेदार हैं.

    कांग्रेस के प्रति वफ़ादारी पर उठाए जा रहे सवालों के जवाब में उन्होंने कहा, ‘‘हमें किसी से कोई सर्टिफिकेट की ज़रूरत नहीं है. मैंने 42 साल पार्टी को दिए हैं और बाक़ी जिन लोगों ने ख़त लिखा था, उन्होंने तो मुझसे ज़्यादा समय इस पार्टी को दिया है.’’

    उन्होंने आगे कहा, ‘‘मैंने पहले भी कहा है कि हम इस संस्था के किराएदार नहीं हिस्सेदार हैं. अब आप धक्के मारकर निकालने की कोशिश करेंगे तो दूसरी बात है, फिर देखा जाएगा.’’

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    आज़ाद के बारे में मनीष तिवारी ने कहा, ‘‘उत्तर भारत के लोग हिमालय की ओर रहते हैं, जो जज़्बाती और ख़ुद्दार लोग होते हैं. पिछले 1,000 साल से इनकी तासीर आक्रमणकारियों के खि़लाफ़ लड़ने की रही है. किसी को इन लोगों के धैर्य की परीक्षा नहीं लेनी चाहिए.

    ‘कांग्रेस और भारत में समन्वय की कमी’

    मनीष तिवारी ने कहा है, ‘‘ऐसा लगता है कि 1885 से मौजूद कांग्रेस पार्टी और भारत के बीच के समन्वय में दरार आ गई है. हमें आत्मनिरीक्षण की ज़रूरत है. मुझे लगता है कि 20 दिसंबर, 2020 को सोनिया गांधी के आवास पर हुई बैठक में सहमति बन गई होती, तो यह स्थिति नहीं आती.’’

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    कांग्रेस के मौजूदा हाल पर चिंता जताने वाले नेताओं पर उठ रहे सवालों के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘दो साल पहले हम 23 लोगों (जी-23) ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर बताया था कि कांग्रेस की दशा चिंताजनक है, जिस पर विचार करने की ज़रूरत है. कांग्रेस की बगिया को बहुत लोगों और परिवारों ने अपने ख़ून से संजोया है. यदि किसी को कुछ मिला, तो वो ख़ैरात में नहीं मिला है.’’

    उन्हें ये देखकर हैरानी होती है कि जिनमें वार्ड का चुनाव लड़ने की भी क्षमता नहीं है, वे चुनाव जीतने के बारे में बातें करते हैं.

  10. सोनाली फोगाट मामले में दो और लोग हिरासत में, जानिए कौन हैं दोनों

    सोनाली फोगाट

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    बीजेपी नेता सोनाली फोगाट की संदिग्ध अवस्था में हुई मौत के मामले में गोवा पुलिस ने शनिवार को दो और लोगों को हिरासत में लिया है. इससे पहले पुलिस ने दो लोगों को गिरफ़्तार किया था.

    समाचार एजेंसी पीटीआई ने गोवा पुलिस के हवाले से बताया है कि हिरासत में लिए गए लोगों में से एक अंजुना के एक रेस्टोरेंट के मालिक हैं, जबकि एक को ड्रग पेडलर बताया गया है.

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    पीए और सहायक 10 दिनों की पुलिस रिमांड पर

    वहीं शुक्रवार को फोगाट के पीए सुधीर सांगवान और उनके सहायक सुखविंदर सिंह को गिरफ़्तार किया गया था.

    समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, शनिवार को इन दोनों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें 10 दिनों की पुलिस हिरासत में भेजने के आदेश दिए.

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    इस बीच गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने शनिवार को कहा है कि इस मामले की जांच में पुलिस शुरू से ही सहयोग कर रही है और जो भी लोग भी इस मामले में शामिल हैं, पुलिस उन्हें ज़रूर सज़ा देगी.

    उन्होंने कहा है कि सभी अभियुक्त पुलिस की हिरासत में हैं और केस की अच्छे से जांच की जा रही है.

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    पुलिस ने दावा किया था कि सांगवान और सिंह ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया था कि उन्होंने सोनाली फोगाट की ड्रिंक में ‘हानिकारक केमिकल’ मिलाया था.

    गोवा के आईजी ओमवीर सिंह बिश्नोई ने शुक्रवार को बताया था कि पुलिस ने सीसीटीवी फ़ुटेज की जांच की, जिससे पता चलता है कि कथित सुधीर सांगवान और उनके सहयोगी सुखविंदर सिंह, सोनाली फोगाट के साथ क्लब में पार्टी कर रहे थे.

    उनके अनुसार, सीसीटीवी फ़ुटेज में दिख रहा है उनमें से एक सोनाली फोगाट को ज़बर्दस्ती कोई पदार्थ दे रहा है.

    सोनाली फोगाट

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    सोनाली फोगाट की 22 अगस्त को उत्तरी गोवा के अंजुना में मौत हो गई थी. पहले सोनाली फोगाट की मौत की वजह हार्ट अटैक बताई गई थी, लेकिन गोवा पुलिस ने बाद में इस मामले में हत्या के लिए आईपीसी की धारा 302 जोड़ी.

    सोनाली फोगाट के परिवार ने अंजुना पुलिस थाने में लिखित शिकायत की थी. इस शिकायत में परिवार ने सुधीर और सुखविंदर पर सोनाली की हत्या का आरोप लगाया था.

    चार पन्नों में दी गई इस शिकायत में सोनाली के भाई ने कहा कि उनकी बहन की संपत्ति हड़पने के इरादे से सुखविंदर और सुधीर ने सोनाली की हत्या की.

  11. मुनव्वर फ़ारूक़ी के कॉमेडी शो को दिल्ली पुलिस ने नहीं दी इजाज़त, कहा- बिगड़ सकता था सांप्रदायिक सद्भाव

    मुनव्वर फ़ारुक़ी

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    दिल्ली पुलिस ने काॅमेडियन मुनव्वर फ़ारूक़ी के 28 अगस्त को दिल्ली में प्रस्तावित एक शो को अनुमति देने से इनकार कर दिया है. पुलिस ने क़ानून और व्यवस्था के बिगड़ने का हवाला देते हुए यह फ़ैसला लिया है.

    इससे पहले विश्व हिंदू परिषद ने दिल्ली पुलिस के कमिश्नर संजय अरोड़ा को पत्र लिखकर मुनव्वर फ़ारूक़ी के काॅमेडी शो को रद्द करने की मांग की थी.

    पुलिस ने अधिकारियों को भेजी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि यदि फ़ारुक़ी के शो को इजाज़त मिली तो इससे सांप्रदायिक तनाव पैदा हो सकता है.

    दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर डा ओमप्रकाश मिश्र ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया कि वे सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वाले किसी शो की इजाज़त नहीं दे सकते.

  12. जस्टिस उदय उमेश ललित बने सुप्रीम कोर्ट के 49वें मुख्य न्यायाधीश

    जस्टिस उदय उमेश ललित

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    जस्टिस उदय उमेश ललित ने शनिवार को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ ले ली. उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में शपथ दिलाई.

    सुप्रीम कोर्ट के 49वें मुख्य न्यायधीश बने जस्टिस ललित इस पद पर 73 दिनों तक यानी 8 नवंबर, 2022 तक रहेंगे.

    जस्टिस उदय उमेश ललित भारत के दूसरे ऐसे चीफ़ जस्टिस हैं, जो वकील से सीधे सुप्रीम कोर्ट के जज नियुक्त हुए. उनसे पहले जस्टिस एसएम सिकरी वकील से सुप्रीम कोर्ट जज बने थे.

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    जस्टिस ललित को इस पद पर निवर्तमान मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एनवी रमन्ना की जगह पर नियुक्त किया गया है, जो शनिवार को ही रिटायर हो गए.

    जस्टिस ललित के बाद जस्टिस वाईवी चंदचूड़ के अगला मुख्य न्यायाधीश बनने की संभावना है. यदि ऐसा हुआ तो वे ठीक दो सालों तक इस पद पर रहेंगे.

  13. वर्ल्ड बैडमिंटन चैम्पियनशिप में हारने के बाद भी रैंकीरेड्डी और शेट्टी ने रचा इतिहास

    रैंकीरेड्डी और शेट्टी

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    टोक्यो में हो रही वर्ल्ड बैडमिंटन चैम्पियनशिप, 2022 के पुरुष युगल सेमीफाइनल में भारत के चिराग शेट्टी और सात्विक साईराज रैंकीरेड्डी की जोड़ी अपना मैच हार गई है.

    इस हार के चलते उन्हें कांस्य पदक से ही संतोष करना पड़ा.

    सेमीफाइनल में उन्हें छठे रैंक के मलेशिया के आरोन चिया और सोह वूई यिक की जोड़ी ने हरा दिया है.

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    इससे पहले शुक्रवार को इस जोड़ी ने क्वार्टर फाइनल मुक़ाबले में जापान की युगा कोबायाशी और ताकुरो होकी को हराया था.

    वर्ल्ड बैडमिंटन चैम्पियनशिप के इतिहास में पुरुष युगल मुक़ाबलों में भारत का यह पहला पदक है.

    हालांकि महिलाओं के युगल मुक़ाबलों में 2011 में ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा की जोड़ी कांस्य पदक जीतने में सफल रही थी.

  14. झारखंडः सीएम सोरेन की सदस्यता जाने की अटकलों के बीच यूपीए विधायकों की बैठक आज

    झारखंड

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    झारखंड में पैदा हुए ताज़ा राजनीतिक संकट के बीच यूपीए विधायकों की बैठक लगातार दूसरे दिन शनिवार को बुलाई गई है.

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की विधानसभा की सदस्यता पर मंडरा रहे ख़तरे के बीच हो रही इस बैठक को काफ़ी अहम माना जा रहा है. यह बैठक शनिवार की सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री सोरेन के आवास पर बुलाई गई है.

    मीडिया में चल रही कई अटकलें

    यह बैठक इसलिए अहम है कि मीडिया में ख़बरें चल रही हैं कि झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को विधायक के रूप में अयोग्य ठहरा दिया है. ख़बरों के अनुसार इसकी सिफ़ारिश केंद्रीय चुनाव आयोग को भेजी जा रही है.

    यह भी दावा किया गया है कि शनिवार को केंद्रीय चुनाव आयोग अधिसूचना जारी करेगा. इस अधिसूचना को राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी और राज्य विधानसभा के अध्यक्ष को भेजा जाएगा.

    यदि ऐसा होता है तो हेमंत सोरेन विधायक नहीं रह जाएंगे. फ़िलहाल वे बरहेट विधानसभा सीट से विधायक हैं.

    एक अन्य ट्वीट में सोरन ने लिखा, ‘‘दुर्भाग्य है हमारा, हम आदिवासियों का कि विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर देश के प्रधानमंत्री एवं आदिवासी राष्ट्रपति ने देश के आदिवासी समाज को शुभकामना सन्देश देना भी उचित नहीं समझा. इनकी नज़र में हम आदिवासी नहीं, वनवासी हैं.’’

    विश्व आदिवासी दिवस 9 अगस्त को मनाया जाता है.

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    हेमंत सोरेन ने किया बीजेपी पर प्रहार

    इस बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने ट्विटर हैंडल से किए एक ट्वीट में केंद्र सरकार और बीजेपी पर निशाना साधा है.

    अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा, ‘‘केंद्र सरकार और भाजपा ने जितना कुचक्र रचना है रच ले, कोई फ़र्क नहीं पड़ता. मैं आदिवासी का बेटा हूँ. झारखण्ड का बेटा हूँ. हम डरने वाले नहीं, लड़ने वाले लोग हैं.’’

    उन्होंने एक अन्य ट्वीट में लिखा, ‘‘आदिवासी को वनवासी कहने वाले लोग हमें क्या डराएंगे! हम आदिवासी हैंए हमारे डीएनए में डर-भय नहीं है.’’

    उन्होंने यह भी कहा कि सरकार और कुर्सी का भूखा नहीं हूं.

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  15. दुबई के सबसे महंगे घर के मालिक क्या मुकेश अंबानी हैं?

  16. नीरज चोपड़ा ने डायमंड लीग का ख़िताब जीत कर रचा एक और इतिहास

    नीरज चोपड़ा

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    ओलंपिक में भाला फेंक स्पर्द्धा के स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने स्विट्ज़रलैंड का लुसाने लीग जीतकर डायमंड लीग एथलेटिक्स मीट का ख़िताब अपने नाम कर लिया है.

    ऐसा करने वाले वे पहले भारतीय बन गए हैं. इस जीत के साथ ही वे सितंबर की शुरुआत में स्विट्ज़रलैंड के ज़्यूरिख में होने वाले डायमंड लीग के फ़ाइनल में पहुंच गए हैं.

    साथ ही उन्होंने हंगरी के बुडापेस्ट में अगले साल होने वाले विश्व चैंपियनशिप के लिए भी क्वालिफ़ाई कर लिया है.

    नीरज चोपड़ा ने शुक्रवार को अपने पहले प्रयास में 89.08 मीटर दूर तक भाला फेंका. यह उनके करियर का दूसरा सबसे बढ़िया प्रयास है.

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    हाल ही में नीरज चोपड़ा ने वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था.

    फ़ाइनल में नीरज ने 88.13 मीटर भाला फेंका था. ऐसा करने वाले वे अंजू बॉबी जॉर्ज (2003) के बाद केवल दूसरे भारतीय एथलीट बने थे.

    इसी वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप के फ़ाइनल के दौरान नीरज को चोट लगी थी जिसकी वजह से वे कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा नहीं ले पाए थे.

    एक साल पहले टोक्यो ओलंपिक में अप्रत्याशित रूप से स्वर्ण पदक जीता था. तब उन्होंने 87.58 मीटर जैवलिन थ्रो (भाला फेंक) के साथ भारत की झोली में गोल्ड मेडल डाला था.

  17. भारतीय फुटबाॅल महासंघ पर लगा प्रतिबंध फीफा ने हटाया, तय समय पर होगा अंडर-17 महिला विश्वकप का आयोजन

    भारतीय फुटबाॅल महासंघ

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    अंतरराष्ट्रीय फ़ुटबॉल संघ (फीफा) ने अखिल भारतीय फ़ुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) के निलंबन को तत्काल प्रभाव से हटाने का एलान किया है.

    एआईएफएफ के आधिकारिक ट्विटर हैंडल ‘इंडियन फ़ुटबॉल टीम’ से किए गए एक ट्वीट में यह जानकारी दी गई है. संस्था ने इस बारे में फीफा की ओर से एआईएफएफ को भेजा गया एक पत्र भी साझा किया है.

    वहीं एक अन्य ट्वीट में एआईएफएफ ने यह भी बताया है कि अब अंडर 17 महिला विश्व कप फ़ुटबाॅल 2022 का आयोजन पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार होगा.

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    इस ख़बर के आने के तुरंत बाद केंद्रीय युवा मामलों और खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी शुक्रवार रात एक ट्वीट करके अपने ख़ुशी जताई है.

    उन्होंने लिखा, ‘‘फीफा काउंसिल के ब्यूरो ने आज एआईएफएफ के निलंबन को तत्काल प्रभाव से हटाने का फ़ैसला किया है. अब 11 से 30 अक्तूबर, 2022 के बीच होने वाला फीफा अंडर 17 महिला विश्व कप 2022 का आयोजन पहले से तय योजना के अनुसार किया जाएगा. फ़ुटबॉल के सभी प्रशंसकों की यह जीत है!’’

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    एआईएफएफ ने अपने बयान में कहा है कि तीसरे पक्ष के अनुचित प्रभाव के चलते एआईएफएफ का किया गया निलंबन फीफा काउंसिल ने हटाने का फ़ैसला लिया है.

    बयान के अनुसार यह फ़ैसला इसलिए आया क्योंकि ‘‘फीफा को यह स्पष्ट हो गया कि एआईएफएफ एक्ज़ीक्यूटिव कमेटी की शक्तियों को लेने के लिए बनाई गई प्रशासकों की समिति के आदेश का ख़त्म कर दिया गया है और एआईएफएफ प्रशासन ने अपने दैनिक मामलों पर पूरा नियंत्रण हासिल कर लिया है.’’

    बयान में यह भी कहा गया है कि फीफा और एशियाई फ़ुटबॉल महासंघ यानी एएफसी हालात की निगरानी करना जारी रखेंगे और सही समय पर चुनाव हासिल कराने में एआईएफएफ की मदद करेंगे.

    इस निर्णय के बाद एआईएफएफ के कार्यवाहक महासचिव सुनंदो धर ने कहा, ‘‘भारतीय फ़ुटबॉल का सबसे काला समय आखि़रकार अब ख़त्म हो गया है. 15 अगस्त की आधी रात को एआईएफएफ पर लगा निलंबन फीफा ने हटा लिया है.’’

  18. भारत-पाकिस्तान मैच के दौरान ये दोस्त विरोधी बन जाते हैं

    वीडियो कैप्शन, भारत-पाकिस्तान मैच के दौरान ये दोस्त विरोधी बन जाते हैं

    एशिया कप 2022 का आज से आगाज हो रहा है. 28 अगस्त यानी रविवार को इस टूर्नामेंट का बहुप्रतीक्षित भारत-पाकिस्तान मैच खेला जाएगा.

    इस मैच का भारत और पाकिस्तान के दर्शक बेताबी से इंतज़ार कर रहे हैं.

    दुबई में रहने वाले भारत और पाकिस्तान के कई लोग साथ में काम करते हैं और साथ में ही ये मैच भी देखने वाले हैं.

    ऐसे की कुछ लोगों के साथ बीबीसी ने बातचीत की है. देखिए वीडियो.

    वीडियोः रौनक कोटेचा, बीबीसी के लिए

  19. अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ाते रहने के संकेत से शेयर बाज़ारों में तेज़ गिरावट

    फे़डरल रिज़र्व

    इमेज स्रोत, Reuters

    अमेरिका के केंद्रीय बैंक ‘फे़डरल रिज़र्व’ के प्रमुख जेरोमी पॉवेल के कड़े बयान के बाद वहां के शेयर बाज़ारों में तेज़ गिरावट दर्ज की गई है.

    जेरोमी पॉवेल ने कहा है कि महंगाई को अमेरिकी अर्थव्यवस्था का स्थायी पहलू बनने से रोकने के लिए फे़डरल रिज़र्व को ब्याज दरें बढ़ाना जारी रखना चाहिए.

    उनके इस बयान के बाद अमेरिकी शेयर बाज़ारों में 3 फ़ीसदी की गिरावट दर्ज हुई है.

    उनके इस बयान के इतना असर होने की वजह यह भी है कि अमेरिकी लोग रोज़मर्रा के लिए फ़िलहाल ज़्यादा भुगतान कर रहे हैं. अमेरिका में महंगाई दर इस समय पिछले चार दशक में सबसे ज़्यादा हो रखी है.

    पॉवेल ने व्योमिंग में एक सम्मेलन में शुक्रवार को कहा कि फे़डरल रिज़र्व शायद आने वाले महीनों में ब्याज दरों में और बढ़ोतरी करेगा. उन्होंने यह भी कहा कि फे़डरल रिज़र्व ब्याज दरों को ‘कुछ वक़्त’ के लिए उच्च स्तर पर रख सकता है.

    माना जा रहा है कि शेयर बाज़ारों में गिरावट इसलिए भी आई है कि निवेशकों को लगता है कि यदि आर्थिक विकास में कमी दर्ज की गई, तो उच्च ब्याज दरों के चलते अमेरिका में मंदी आने की आशंका बढ़ जाएगी.

    हालांकि पॉवेल ने स्वीकार किया है कि महंगाई पर क़ाबू पाने के प्रयासों से अमेरिकी परिवारों और वहां के व्यवसायों को नुक़सान होगा, लेकिन उनका मानना है कि लोगों को इसके लिए तैयार रहना होगा.

    मार्च में फे़डरल रिज़र्व की मुख्य ब्याज दरें लगभग शून्य फ़ीसदी थी, लेकिन महंगाई पर क़ाबू पाने की कोशिशों के चलते इसे बढ़ाकर फ़िलहाल 2.25 से 2.5 फ़ीसदी के बीच कर दिया गया है.

    अमेरिका में जुलाई में महंगाई दर 8.5 फ़ीसदी थी जो जून में 9.1 फ़ीसदी थी.

  20. नमस्कार!

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