सचिन पायलट ने आज़ाद के इस्तीफ़े की टाइमिंग पर उठाए सवाल
राजस्थान से कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने ग़ुलाम नबी आज़ाद के इस्तीफे़ और चिट्ठी की टाइमिंग को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है.
उन्होंने कहा कि ग़ुलाम नबी आज़ाद कांग्रेस में तमाम पदों पर रहे. वे यूथ कांग्रेस, सांसद, मंत्री, मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष का पद संभाला है. आज पार्टी और देश को भाजपा शासन के ख़िलाफ़ महंगाई, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के मुद्दों को उठाने की ज़रूरत थी.
सचिन पायलट ने कहा कि जो बातें चिट्ठी में लिखी गई हैं वो सच्चाई से दूर हैं. ग़ुलाम नबी आज़ाद ने संघर्ष करने की बजाय पार्टी को छोड़ने का काम किया है, कहीं ना कहीं वे अपनी ज़िम्मेदारी से पीछे हटे हैं.
भूपेश बघेल ने क्या कहा
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि ग़ुलाम नबी आज़ाद के जाने से कांग्रेस को नुकसान नहीं होगा.
मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, "लगातार वो कांग्रेस में रहकर कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे. अब उनकी लड़ाई समाप्त हो गई है, वो खुद नेपथ्य में चले गए हैं. कांग्रेस ने उन्हें सम्मान दिया. केंद्रीय मंत्री, महासचिव और मुख्यमंत्री तक बनाया. जो किसी एक व्यक्ति को पार्टी से मिल सकता है वो सब उन्हें मिला."
ग़ुलाम नबी आज़ाद का इस्तीफ़ा
आज ग़ुलाम नबी आज़ाद ने कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता समेत सभी पदों से इस्तीफ़ा दे दिया है. अपने पाँच पन्नों के इस्तीफ़ा पत्र में ग़ुलाम नबी आज़ाद राहुल गांधी का ज़िक्र करते हुए लिखा है कि कांग्रेस पार्टी की ये हालत इसलिए हुई है क्योंकि पिछले आठ वर्षों से नेतृत्व ने एक ऐसे व्यक्ति को आगे किया, जो कभी गंभीर ही नहीं था.
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की राजनीति में एंट्री और ख़ासकर जब वर्ष 2013 में जब उन्हें पार्टी का उपाध्यक्ष बनाया गया, उसके बाद पार्टी के अंदर की सलाह लेने की प्रक्रिया को उन्होंने पूरी तरह ख़त्म कर दिया.