तीसरी बार यूक्रेन की राजधानी कीएव पहुंचे बोरिस जॉनसन, ज़ेलेंस्की से की मुलाक़ात
यूक्रेन सोवियत संघ से आज़ादी का अपना 31वां साल मना रहा है. यूक्रेन पहुंच कर जॉनसन ने कहा, "ब्रिटेन अपने दोस्त यूक्रेन के साथ खड़ा रहेगा. मुझे यकीन है कि यूक्रेन इस युद्ध को जीत सकता है और जीतेगा भी."
लाइव कवरेज
प्रियंका झा and अभिजीत श्रीवास्तव
तीसरी बार यूक्रेन की राजधानी कीएव पहुंचे बोरिस जॉनसन, ज़ेलेंस्की से की मुलाक़ात- देखें तस्वीरें

इमेज स्रोत, PA Media
इमेज कैप्शन, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की के साथ बोरिस जॉनसन ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन अचानक कीएव पहुंचे हैं. वहां उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की से मुलाक़ात की.
यूक्रेन सोवियत संघ से आज़ादी का अपना 31वां साल मना रहा है.
यूक्रेन पहुंच कर जॉनसन ने कहा, "यूक्रेन में जो कुछ भी हो रहा है वो हमारे लिए मायने रखता है. इसलिए आज मैं कीएव आया हूं."
उन्होंने कहा, "यही कारण है कि ब्रिटेन अपने दोस्त यूक्रेन के साथ खड़ा रहेगा. मुझे यकीन है कि यूक्रेन इस युद्ध को जीत सकता है और जीतेगा भी."

इमेज स्रोत, PA Media
रूस के साथ शुरू हुई लड़ाई के बाद बोरिस जॉनसन तीसरी बार यूक्रेन की राजधानी कीएव पहुंचे हैं.
7 जुलाई को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफ़ा देने के बाद जॉनसन कई दिनों बाद सार्वजनिक रूप से दिखे हैं.

इमेज स्रोत, TWITTER

इमेज स्रोत, Boris Johnson / Twitter
छोड़िए X पोस्टX सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त
राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने यूक्रेन की आज़ादी को लेकर ब्रिटेन के कट्टर समर्थन के लिए प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को ऑर्डर ऑफ़ लिबर्टी से सम्मानित किया.
ऊँ वाले टैटू से दंगों में बची जान
पीएम नरेंद्र मोदी के सुरक्षा दस्ते में शामिल हो रहे मुधोल कुत्ते क्यों हैं ख़ास?
वीवीएस लक्ष्मण एशिया कप में टीम इंडिया के अंतरिम हेड कोच होंगे
छोड़िए X पोस्टX सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त
राहुल द्रविड़ की अनुपस्थिति में वीवीएस लक्ष्मण को एशिया कप 2022 के लिए भारतीय टीम का अंतरिम हेड कोच नियुक्त किया गया है.
दरअसल मुख्य कोच राहुल द्रविड़ कोविड-19 से संक्रमित हैं और वे स्वस्थ होने के बाद ही टीम से जुड़ेंगे. द्रविड़ कोविड निगेटिव होने और बीसीसीआई की मेडिकल टीम से अनुमति मिलने के बाद ही टीम से जुड़ेंगे.
इस दौरान वीवीएस लक्ष्मण की टीम की एशिया कप से जुड़ी सभी तैयारियों की देखरेख करेंगे.
एशिया कप 27 अगस्त से संयुक्त अरब अमीरात में शुरू हो रहा है.
नैशनल क्रिकेट अकेडमी की कमान संभाल रहे वीवीएस लक्ष्मण, उप-कप्तान केएल राहुल, दीपक हुडा और आवेश ख़ान हरारे से दुबई पहुंचेंगे.
लक्ष्मण ज़िम्बाब्वे दौरे पर भारतीय टीम के कोच थे जबकि केएल राहुल कप्तान.
एशिया कप 2022 में रविवार यानी 28 अगस्त को पाकिस्तान के ख़िलाफ़ मैच के साथ भारत अपने अभियान की शुरुआत कर रहा है.
आनंद शर्मा ने कहा- आंतरिक बदलाव से कांग्रेस पुनर्जीवित होगी, सोनिया गांधी को भेजा इस्तीफ़ा

इमेज स्रोत, ANI
हिमाचल कांग्रेस संचालन समिति अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा देने के बाद बुधवार को आनंद शर्मा शिमला पहुंचे और उन्होंने कहा कि नाराज़गी की बात उन्होंने पार्टी के प्लेटफॉर्म पर रखी और साथ ही ये भी बोले कि वो विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी के प्रत्याशियों के लिए प्रचार करेंगे.
न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बातचीत में इस्तीफ़ा देने की वजह के बारे में पूछे जाने पर आनंद शर्मा ने कहा, "ये मेरे और कांग्रेस अध्यक्ष के बीच की बात है और मैंने किसी राज्य के अध्यक्ष के तौर पर इस्तीफ़ा नहीं दिया है. मैंने अपने पत्र में लिखा है कि चुनाव के दौरान प्रचार करूंगा."
इस दौरान आनंद शर्मा ने सोनिया गांधी के बारे में कहा, "सोनिया जी का मैं सम्मान करता हूं. उनके बीच और मेरे बीच हमारा ये कर्तव्य बनता है कि अगर कोई विषय आए, कोई चिंताएं हों तो पार्टी के नेतृत्व को उससे अवगत कराया जाए."
इस दौरान उन्होंने कहा कि पार्टी में एकजुट होने की ज़रूरत है. वे बोले, "अगर हम कुछ अंदरूनी बदलाव करते हैं, तो कांग्रेस का पुर्नजीवित होगी. पार्टी में ग्रुप ए, ग्रुप बी होने से कांग्रेस पुनर्जीवित नहीं हो सकती. इसे सामूहिक रूप से पुनर्जीवित करना होगा. हम कांग्रेस को पुर्नजीवित करने के लिए संकल्पबद्ध हैं."
उन्होंने कहा, "हमने पहले भी कई मुद्दों को उठाया उन पर विस्तार से चर्चा की गईं, न केवल एक बैठक में बल्कि कई बैठकों में इस पर चर्चा हुई. कई मुद्दे सुलझाए गए, कुछ लंबित हैं. उम्मीद है और ऐसा लगता है कि अगर हम पार्टी में कुछ तय बदलाव लाते हैं तो विश्वास है कि कांग्रेस का नवीनीकरण होगा और ये पुर्नजीवित होगी."
इस दौरान उन्होंने कहा कि, "हम सब कांग्रेसी हैं. महत्वपूर्ण ये है कि कांग्रेस पार्टी मजबूत रहे."
शिमला में मीडिया से आनंद शर्मा ने कहा, "अनुभव और युवा पीढ़ी का जोश और उनकी उम्मीदें जब दोनों एकसाथ चलती हैं तो आपको कामयाबी मिलती है. मेरी ऐसी सोच है कि कांग्रेस पार्टी को सिर्फ़ हिमाचल में नहीं बल्कि पूरे देश में पुर्नजीवित करने के लिए इसकी विचारधारा का एक बार फिर लोगों में प्रसार हो, लोग जुड़े. उसके लिए सामूहिक सोच और सामूहिक निर्णय की आवश्यकता है. ये हर स्तर पर होना चाहिए. यहां भी (हिमाचल में) योग्य और प्रतिभाशाली व्यक्ति और संगठन की आम सहमति से ही दावेदारी को आशीर्वाद मिलना चाहिए."
24 अगस्त का दिनभर- पूरा दिन पूरी ख़बर सुनिए अंजुम शर्मा और सारिका सिंह के साथ
छोड़िए YouTube पोस्टGoogle YouTube सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. YouTube सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट YouTube समाप्त
नीतीश कुमार ने मोदी का नाम लिए बिना बीजेपी पर निकाला ग़ुस्सा और कहा- 2024 में एकजुट विपक्ष देगा टक्कर

इमेज स्रोत, ANI
बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में महागठबंधन की सरकार ने विधानसभा में हुए शक्ति परीक्षण में बहुमत हासिल कर लिया है.
इस दौरान नीतीश कुमार ने बीजेपी और केंद्र सरकार पर कई आरोप लगाए. नीतीश कुमार ने बीजेपी पर हिंदू मुसलमान करने का आरोप लगाया और कहा कि 2024 में एकजुट विपक्ष टक्कर देगा.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधानसभा में अपनी नई सरकार के विश्वास मत पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि अगर सभी धर्म और जाति के लोग एक साथ आएँगे और 2024 में एकजुट विपक्ष टक्कर देगा.
नीतीश कुमार ने बताया कि देश भर के नेताओं ने उन्हें फ़ोन किया और इस फ़ैसले पर बधाई दी. नीतीश कुमार ने उन नेताओं से 2024 के चुनाव में एक साथ लड़ने का आग्रह किया.
वे बोले, "हमें देश भर की पार्टियों के लोगों ने फ़ोन कर कहा कि आपने सही निर्णय लिया है. हमने कहा कि सब मिल कर लड़ेंगे तो 2024 भी जीतेंगे."
छोड़िए X पोस्ट, 1X सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 1
"सीएम बनने के लिए दबाव दिया गया"
इस दौरान नीतीश कुमार ने बीजेपी पर कई आरोप लगाए और बार-बार बोलते रहे कि "जो भी कह रहा हूँ दिल्ली से बोल रहा हूँ."
नीतीश बोले, "मेरी इच्छा कुछ भी बनने की नहीं है. विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने जद (यू) को ख़त्म करने की साज़िश रची."
नीतीश कुमार ने इस दौरान बताया कि 2020 में उन पर मुख्यमंत्री बनने के लिए दबाव दिया गया था.
उन्होंने कहा, "2020 में हमने कहा था कि ज़्यादा सीट आप जीते हैं तो आपका मुख्यमंत्री बनना चाहिए. लेकिन मुझ पर दवाब दिया गया कि आप ही संभालिए. अब हमारी पार्टी के लोगों ने तय किया तो हम जहाँ पहले थे वहाँ चले गए. अब हमारा संकल्प है कि हम मिलकर बिहार का विकास करेंगे."
वे बोले, "सिर्फ़ 2020 के विधानसभा चुनाव की बात मत करें, अतीत के चुनावों को याद करें जब जद (यू) ने भाजपा से अधिक सीटें जीती थीं. पटना विश्वविद्यालय को केंद्रीय दर्जा देने का मेरा अनुरोध स्वीकार नहीं किया गया. 2017 में जब मैंने पटना विश्वविद्यालय को केंद्रीय दर्जा देने की मांग की तो किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया. अब आप (केंद्र सरकार) अपने काम का बखान करने के लिए ऐसा ही करेंगे. सोशल मीडिया और प्रेस पर उनका नियंत्रण है. सब सिर्फ़ केंद्र के काम की चर्चा कर रहे हैं."
छोड़िए X पोस्ट, 2X सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 2
नीतीश ने बताया- 2013 में क्यों अलग हुए
"2017 में केंद्र ने 600 करोड़ दे कर कहा कि मान लीजिए हर घर नल, केंद्र की योजना है लेकिन हमने नहीं माना. हर घर नल 2015 में शुरू हुआ, तब आरजेडी सहयोगी थी. बिहार में सड़क बनाने का काम केंद्र सरकार ने नहीं राज्य सरकार ने किया."
नीतीश कुमार ने इस दौरान यह भी बताया कि 2013 में वो एनडीए से अलग क्यों हुए थे. उन्होंने कहा, "अटल जी, आडवाणी जी, मुरली मनोहर जी सभी आप की पार्टी के ही नेता थे. ये सभी मेरी बात सुनते थे. 2013 में अटल जी की तबीयत ठीक नहीं थी. तब बाकी जो नेता हैं उनकी बात होनी चाहिए. अटल जी बीमार हो गए तो आगे आडवाणी जी पावर मिलना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. बीजेपी ने सभी पुराने नेता को साइड कर दिया. इसकी वजह से अलग हुए थे. 2005 के नतीजों को भी याद किया जाए."
इस दौरान नीतीश ने वर्तमान केंद्र सरकार पर एक के बाद एक कई हमले किए. उन्होंने कहा कि, "खाली दिल्ली का प्रचार होते रहता है, हमलोग क्या कर रहे थे, हम कुछ नहीं बनना चाहते हैं, सिर्फ काम करना चाहते हैं. हम पूछते हैं कि पटना यूनिवर्सिटी को सेंट्रल यूनिवर्सिटी का दर्जा क्यों नहीं दिया, इसकी हम बार-बार मांग कर रहे थे."
छोड़िए X पोस्ट, 3X सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 3
26 अगस्त को विधानसभा अध्यक्ष चुने जाएंगे
इस चर्चा के दौरान बिहार भाजपा के कुछ विधायकों ने विधानसभा से वॉकआउट किया.
इस पर नीतीश कुमार ने कहा, "आप (भाजपा विधायक) सब भाग रहे हैं? अगर आप मेरे ख़िलाफ़ बातें करेंगे तो ही आपको अपनी पार्टी में पद मिलेगा. आप सभी को अपने वरिष्ठ आकाओं से आदेश मिला होगा."
हालांकि तेजस्वी यादव और नीतीश कुमार के भाषणों के बाद सदन में विश्वासमत ध्वनिमत से पारित हो गया.
विपक्ष के सदस्यों के वॉकआउट करने के बाद प्रस्ताव के पक्ष में 160, विपक्ष में शून्य मत आया.
इस दौरान कार्यकारी सदन अध्यक्ष ने बताया कि राज्यपाल की ओर से निर्देश आया है कि 26 अगस्त 2022 को विधानसभा अध्यक्ष का चयन किया जाएगा जिसके लिए नामांकन की तारीख़ 25 अगस्त रखी गई है.
बिहार में आरजेडी नेताओं के ठिकानों पर सीबीआई छापे, क्या है पूरा मामला?
पैग़ंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी करने वाले टी राजा सिंह को ज़मानत मिलने से नाराज़ हैं ओवैसी

इमेज स्रोत, Getty Images
एआईएमआईएम के प्रमुख और लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने पैग़ंबर मोहम्मद पर आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप झेल रहे बीजेपी से निलंबित विधायक टी राजा सिंह को फिर जेल भेजने की मांग की है.
ओवैसी ने कहा कि कोर्ट ने मंगलवार को उन्हें रिहा करने का आदेश दिया था. उन्होंने कहा- हम चाहते हैं कि राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन इस मामले में सुधार करे.
छोड़िए X पोस्ट, 1X सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 1
ओवैसी ने कहा कि उनके ख़िलाफ़ गंभीर आरोप हैं और उन्होंने ही वीडियो जारी किया था. उन्होंने कहा- बीजेपी के विधायक टी राजा सिंह पहले से ऐसी बातें करते रहे हैं. बीजेपी का ये विधायक हैदराबाद में अमन के लिए ख़तरा बन चुका है. उनको अपनी बात पर शर्मिंदगी नहीं हैं. उन्होंने फिर कहा है कि वे दोबारा वीडियो जारी करेंगे.
ओवैसी की पार्टी ने भी तेलंगाना विधानसभा अध्यक्ष से बीजेपी विधायक टी राजा सिंह को निष्कासित करने की कार्यवाही शुरू करने की मांग की है. पार्टी के विधायक सैयद अहमद पाशा क़ादरी ने ये पत्र भेजा है.

इमेज स्रोत, SUDHEER KALANGI
टी राजा सिंह ने सोमवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया था. इस वीडियो में उन्होंने पैग़ंबर मोहम्मद के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक टिप्पणियां की हैं. दस मिनट लंबे इस वीडियो में वह कॉमेडियन मुनव्वर फारुक़ी के ख़िलाफ़ भी आपत्तिजनक टिप्पणी करते दिखे.
छोड़िए X पोस्ट, 2X सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 2
स्थानीय लोगों ने वीडियो वायरल होने के बाद सोमवार शाम तेलंगाना में टी राजा सिंह के बयानों के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने उन्हें तत्काल गिरफ़्तार करने की मांग उठाई. बाद में तेलंगाना पुलिस ने उन्हें गिरफ़्तार कर लिया.
बीजेपी ने भी तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया और 10 दिनों के अंदर कारण बताओ नोटिस भी जारी कर दिया. लेकिन मंगलवार की शाम अदालत ने उन्हें ज़मानत दे दी थी.
तेजस्वी यादव ने विधानसभा में कहा- बीजेपी जहाँ सत्ता में नहीं रहती है, वहाँ अपने तीन जमाइयों को आगे करती है

इमेज स्रोत, ANI
बिहार में चल रहे CBI छापे पर उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने सदन में जवाब दिया है.
इस दौरान तेजस्वी ने बीजेपी और केंद्र सरकार पर निशाना साधा. तेजस्वी ने कहा, "भाजपा का एक ही फ़ॉर्मूला है कि जो डरेगा उसको डराओ और जो बिकेगा उसे ख़रीद लो. लेकिन जैसे महाराष्ट्र में हुआ वैसे बिहार में नहीं हुआ."
तेजस्वी ने कहा, "आप लोगों को पीड़ा हो रही है इसलिए जमाई को आगे कर दिया आप लोग पीछे हो गए. बिहार का बच्चा बच्चा जानता है कि बीजेपी जब जब हारती है इनको आगे करती है. सीबीआई, ईडी और आईटी को आगे करती है केंद्र सरकार."
"समाज में समानता बराबरी, शांति भाइचारा और सौहार्द बनाने की क़ीमत मेरा परिवार, मेरे रिश्तेदार, मेरी बहनें, हम ख़ुद भुगत रहे हैं. हमलोग समाजवादी राजनीति के अंश और वंश हैं. हम लोग डरने वाले नहीं हैं."
"आप डराइएगा और हम डर जाएँगे, ऐसा नहीं होगा. हम बिहार के लोग हैं. दिल्ली में बैठे हुए लोगों को बिहार समझ में नहीं आ रहा है."
तेजस्वी ने कहा- इनके राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा था कि क्षेत्रीय पार्टी को ख़त्म कर देंगे. नीतीश कुमार जी को तंग किया जा रहा था. जेडीयू को तोड़ने का प्रयास किया जा रहा था. तो हम लोगों के पास उपाय क्या था? उपाय था कि देश को मिटने नहीं देंगे, समाजवादी राजनीति को ख़त्म नहीं होने देंगे. हम एक ही परिवार के लोग हैं. समाजवादी विचारधारा के लोग हैं."
बिहार विधानसभा के इस सत्र में नीतीश कुमार की सरकार को बहुमत हासिल करना था, जो उसने आसानी से हासिल कर लिया. पिछले दिनों नीतीश कुमार ने बीजेपी का साथ छोड़कर राष्ट्रीय जनता दल के साथ मिलकर सरकार बनाई.
छोड़िए YouTube पोस्ट, 1Google YouTube सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. YouTube सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट YouTube समाप्त, 1
पढ़िए तेजस्वी यादव ने अपने संबोधन में क्या-क्या कहा
आप लोग जो सोचे हैं कि हम लोग जो खेत जोते हैं उसमें फ़सल उगाने का काम कीजिएगा तो ये संभव नहीं है
इ बिहार है, आप लोग जो विभाजनकारी लोग हैं, जो देश में गंगा-जमुना तहजीब बिगाड़ना चाहते थे. उनको रोकने के लिए हम सभी लोग नीतीश कुमार जी के साथ मज़बूती के साथ खड़े हो गए.
आप 'रन आउट' की बात बोल रहे हैं. आप तो क्रिकेट खेले नहीं... हम तो कई बार खेल कर पैर भी तुड़वा लिए हैं. एक बार आउट होंगे... तब न दोबारा खेलने का मौक़ा मिलेगा.
इ जो जोड़ी है. धमाल मचाने वाली होगी. ये इनिंग्स नेवर एंडिंग इनिंग्स होगी. बिहार के इतिहास में देश के इतिहास में ये लंबी इनिंग्स होगी.
नीतीश कुमार जी ने पूरे देश के विपक्ष को उम्मीद देने का काम किया है. आदरणीय लालू जी ने साथ दिया. जो लोग डरेगा वो मरेगा. जो लड़ेगा वो जीतेगा.
बिहार आगे बढ़े तरक्की करे, देश आगे बढ़े. ये हमारी रणनीति है लेकिन आपकी रणनीति तो सबको पता है.
आपको आत्ममंथन करने की ज़रूरत है.
हमारे अभिभावक विजय चौधरी जी ने आपको समझाया लेकिन आपको अब भी समझ में नहीं आ रहा.
पूरा सफाया हो गया. ज्यादा घमंड में रहिएगा तो ये टूटता है, चकनाचूर होता है. अटल बिहारी जी अलग विचारधारा रखते थे. जब उनकी किडनी ख़राब थी तब राजीव गांधी जी ने उन्हें इलाज के लिए विदेश भेजने का काम किया.
आप लोग नीतीश जी की पार्टी को ही तोड़ने में लगे थे.
छोड़िए YouTube पोस्ट, 2Google YouTube सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. YouTube सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट YouTube समाप्त, 2
"हमारी एकजुटता से डरते हैं मोदी"
इनकी असली पीड़ा जो है वो डर है 2024 का. असल में ये लोग डरते हैं कि अगर हम सब लोग एकजुट हो जाएँ तो बिहार से जो संघ के लोग हैं उनका सफाया हो जाएगा.
असल में ये लोग केंद्र में कुछ काम तो किए नहीं. जो मुख्य एजेंडा है उससे ये लोग ध्यान भटकाना चाहते हैं.
हम धन्यवाद देते हैं मुख्यमंत्री जी का कि इन्होंने 10 लाख नौकरी की घोषणा की.
बिहार के लोगों को जानवर कहते हैं, बिहार के लोगों को गाली दे रहे हैं. ये गाली किसको दे रहे हैं. आइए स्वस्थ राजनीति करते हैं. मेरी किसी से दुश्मनी नहीं है. हम मुद्दे की लड़ाई करना चाहते हैं.
बिहार के पटना यूनिवर्सिटी को राष्ट्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा नहीं दिला सके. हम सभी बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाना चाहते हैं, बिहार को विशेष पैकेज मिले, ये चाहते हैं.
मुसलमानों से वोटिंग का अधिकार छीनने की बात करते हैं. किसी की हिम्मत है कि नीतीश कुमार जी के रहते ऐसा करने की?
हम लोग काम करेंगे. हमारे पास राज और देश के इतिहास के ऐसे समय पर हैं कि दो ही विकल्प है.
या तो समाजिक तनाव बढ़ते हुए देश को विनाश की ओर जाते देखें या एक दूसरे का हाथ पकड़ कर इस नुकसान से बचा लें.
कहीं भी कुछ भी होगा, अगर अशांति का माहौल बनाने की कोशिश की जाएगी तो किसी दंगाइयों को हम नहीं छोड़ेंगे.
विरोध
इस भाषण के दौरान विपक्ष के नेता बार-बार सदन में विरोध कर रहे थे तो तेजस्वी ने कहा, "हाँ, ये बात सच है कि हमने इन पर आरोप लगाया, इन्होंने हम पर आरोप लगाया. जब आरोप लगा रहे थे तो इस सदन में माननीय मुख्यमंत्री जी ने हमको कहा था कि बाबू बैठ जाओ. उसमें रिश्ता भी था, अधिकार भी था और अपनापन भी था. तो हम बैठ गए. एक बार इन्होंने कहा था ये भाई समान दोस्त का बेटा है. ये रिश्ता हम लोगों का किसी से छुपा नहीं है."
नीतीश कुमार ने विधानसभा में जीता विश्वास मत, तेजस्वी के साथ मिलकर बीजेपी पर कसा तंज़

इमेज स्रोत, Getty Images
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधानसभा में विश्वास मत हासिल कर लिया है. पिछले दिनों नीतीश कुमार ने बीजेपी से रिश्तो तोड़कर राष्ट्रीय जनता दल के साथ सरकार बनाई है. वे आठवीं बार बिहार के सीएम बने हैं. वर्ष 2020 का विधानसभा चुनाव उन्होंने बीजेपी के साथ लड़ा था. लेकिन बीजेपी के साथ मतभेद के बाद उन्होंने एनडीए से अपने को अलग कर लिया.
छोड़िए X पोस्टX सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त
विधानसभा में विश्वास मत पेश करते हुए नीतीश कुमार ने इस पर स्पष्टीकरण दिया कि उन्होंने बीजेपी के साथ रिश्ता क्यों तोड़ा. उन्होंने नरेंद्र मोदी का नाम लिए बिना केंद्र सरकार और बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व पर निशाना साधा. उन्होंने आरसीपी सिंह का नाम लिए बिना बीजेपी पर आरोप लगाया कि उनके माध्यम से ग़लत किया जा रहा था.
नीतीश कुमार के संबोधन के दौरान बीजेपी के विधायकों ने कई बार टोका-टाकी की और बाद में सदन छोड़कर चले गए. नीतीश कुमार ने बीजेपी के मौजूदा केंद्रीय नेतृत्व की आलोचना करते हुए अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी का कई बार ज़िक्र किया और उनकी सराहना की.
इससे पहले तेजस्वी यादव ने भी अपने संबोधन में बीजेपी पर निशाना साधा और कहा कि जहाँ-जहाँ बीजेपी सत्ता में नहीं रहती है, सीबीआई, ईडी और आईटी का इस्तेमाल करती है.
LIVE: कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट यानी CUET में क्या आ रही हैं परेशानियाँ
दिल्ली में स्टूडेंट्स और टीचर्स से बात कर रहे हैं बीबीसी संवाददाता सलमान रावी (कैमरा: मनीष जालुई)
झारखंड में ईडी की छापेमारी में एके-47 मिलने के बाद आरोप-प्रत्यारोप का दौर
....में - Author, रवि प्रकाश
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए, रांची से

इमेज स्रोत, RAVI PRAKASH/BBC
झारखंड के चर्चित कारोबारी और ठेकेदार प्रेम प्रकाश के रांची स्थित किराए के एक घर में छापामारी के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों को 2 एके-47 और उसकी गोलियाँ (कारतूस) मिली हैं.
ईडी के एक अधिकारी ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर बीबीसी से इसकी पुष्टि की है.
उन्होंने कहा, "हम यह पता लगा रहे हैं कि ये हथियार किसके हैं. इसके लिए संबंधित एजेंसियों की मदद ली जा रही है. इसके बाद ही इस मसले पर कोई आधिकारिक टिप्पणी की जा सकेगी."
इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड विधानसभा में बीजेपी विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी समेत बीजेपी के कई नेताओं ने उनके घर से एके-47 बरामदगी से संबंधित ट्वीट्स किए हैं.
छोड़िए X पोस्टX सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त
इन नेताओं ने आरोप लगाया है कि वे सत्ता के क़रीबी हैं.
वहीं झारखंड में सत्तारूढ़ जेएमएम के नेताओं का आरोप है कि प्रेम प्रकाश दरअसल बीजेपी नेताओं के क़रीबी हैं.
ईडी की टीम ने कुछ दिनों पहले भी प्रेम प्रकाश के राँची के अशोक नगर स्थित किराए के एक घर पर छापामारी की थी. इसके बाद उनसे लंबी पूछताछ की गई थी.
इसके बाद यह प्रकरण कुछ दिनों से चर्चा में नहीं था लेकिन 24 अगस्त को उनसे जुड़ी कुछ जगहों पर छापेमारी के बाद चर्चाओं का बाज़ार फिर से गर्म हो गया है. इडी की छापेमारी अभी जारी है.
बीजेपी को टी राजा सिंह पर इतनी तेज़ कार्रवाई क्यों करनी पड़ी?

इमेज स्रोत, Twitter/TigerRajaSingh
भारतीय जनता पार्टी ने बीते मंगलवार तेलंगाना में अपने विधायक टी राजा सिंह को पैगंबर मोहम्मद पर विवादित देने के बाद निलंबित कर दिया है. बीजेपी ने टी राजा सिंह को दस दिनों का वक़्त देकर पूछा है कि उन्हें पार्टी से क्यों ना निकाल दिया जाए.
तेलंगाना सरकार ने मंगलवार को विधायक टी राजा सिंह के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज़ करके उन्हें गिरफ़्तार किया था. हालांकि, इसके कुछ घंटों बाद ही उन्हें ज़मानत मिल गयी.
लेकिन ये पहला मौका नहीं है, जब टी राजा सिंह अपने विवादास्पद बयानों की वजह से चर्चा में आए हों.
हैदराबाद की गोशामहल सीट से विधायक टी राजा को तेलंगाना में बीजेपी का फायरब्रांड नेता माना जाता है.
जयवीर शेरगिल ने ये कहते हुए कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता का पद छोड़ा

इमेज स्रोत, Getty Images
कांग्रेस नेता जयवीर शेरगिल ने पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद से इस्तीफ़ा दे दिया है.
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखे अपने पत्र में लिखा है कि ये कहते हुए उन्हें पीड़ा हो रही है कि फ़ैसला लेना अब जनता या देशहित के लिए नहीं रह गया है.
छोड़िए X पोस्टX सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त
उन्होंने पत्र में आगे लिखा है- अब ये कुछ लोगों के हितों से प्रभावित है, जो चाटुकारिता में शामिल हैं और ज़मीनी वास्तविकता की अनदेखी करते हैं.
39 वर्षीय जयवीर शेरगिल सुप्रीम कोर्ट में वकालत भी करते हैं. वे पंजाब के रहने वाले हैं.
फ़िनलैंड की पीएम मरीन ने अब टॉपलेस मेहमानों के लिए मांगी माफ़ी
योगी आदित्यनाथ पर मुक़दमा चलाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फ़ैसला सुरक्षित रखा

इमेज स्रोत, Getty Images
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से जुड़े इलाहाबाद हाई कोर्ट के एक फ़ैसले के ख़िलाफ़ की गई अपील पर अपना फ़ैसला सुरक्षित रख लिया है.
2007 गोरखपुर दंगे के मामले में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर कथित भड़काऊ भाषण का आरोप था और उनके ख़िलाफ़ मुक़दमा चलाने की अपील इलाहाबाद हाई कोर्ट में की गई थी.
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उस अपील को ख़ारिज कर दिया था. हाई कोर्ट के उसी फ़ैसले के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी.
चीफ़ जस्टिस एन वेंकट रमन्ना की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की एक पीठ ने इस मामले में फ़ैसले को सुरक्षित रखा है.
चीफ़ जस्टिस के नेतृत्व वाली पीठ ने कहा, "हम इस मामले में आदेश पारित करेंगे."
सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने वाले वकील फ़ुज़ैल अय्यूबी ने बीबीसी को बताया- इलाहाबाद हाई कोर्ट के इस मामले को ख़ारिज करने के बाद हमने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी.
छोड़िए YouTube पोस्टGoogle YouTube सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. YouTube सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट YouTube समाप्त
क्या है मामला?
ये मामला 27 जनवरी 2007 को गोरखपुर में सांप्रदायिक दंगे से जुड़ा है.
एफ़आईआर दर्ज कराने के लिए गोरखपुर के एक पत्रकार परवेज़ परवाज़ और सामाजिक कार्यकर्ता असद हयात ने याचिका दाख़िल की थी.
हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद योगी आदित्यनाथ समेत बीजेपी के कई नेताओं के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की गई थी.
2008 में परवेज़ परवाज़ ने गोरखपुर के कैंट पुलिस थाने में एक एफ़आईआर की थी जिसमें योगी आदित्यनाथ के साथ कुछ अन्य लोगों पर भड़काऊ भाषण का आरोप लगाया गया था.
मामले में दर्ज एफ़आईआर में आरोप था कि तत्कालीन बीजेपी सांसद योगी आदित्यनाथ, गोरखपुर के विधायक राधा मोहन दास अग्रवाल और गोरखपुर की तत्कालीन मेयर अंजू चौधरी ने रेलवे स्टेशन के पास भड़काऊ भाषण दिया था और उसी के बाद दंगा भड़का था.
लेकिन 2018 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने फ़ैसले में उस याचिका को ही ख़ारिज कर दिया, जिसमें दंगों में योगी आदित्यनाथ की भूमिका की जाँच कराए जाने की मांग की गई थी.
राहुल गांधी दोबारा कांग्रेस अध्यक्ष क्यों नहीं बनना चाहते ?

इमेज स्रोत, Getty Images
कांग्रेस में नए अध्यक्ष की तलाश यूं तो 2019 से चल रही है.
लेकिन इस साल उदयपुर चिंतन शिविर में अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए तैयारियां ख़त्म करने की डेडलाइन सितंबर तय की गई है.
फिलहाल ये डेडलाइन सिर पर है पर कांग्रेसियों की तलाश ख़त्म होती नज़र नहीं आ रही.
राजस्थान के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेताअशोक गहलोत ने सोमवार को जयपुर में कहा, "अगर राहुल गांधी पार्टी अध्यक्ष नहीं बनते तो देश भर के कांग्रेस कार्यकर्ता निराश होंगे. लाखों कार्यकर्ताओं की भावना को समझते हुए राहुल गांधी को अध्यक्ष पद स्वीकार कर लेना चाहिए. "
महाराष्ट्र विधानसभा में हाथापाई की नौबत, धक्का-मुक्की करते दिखे विधायक

इमेज स्रोत, ANI
महाराष्ट्र विधानसभा में बुधवार को शिवसेना के शिंदे गुट और विपक्ष के विधायकों के बीच धक्का-मुक्की और हाथापाई की स्थिति पैदा हो गई.
दोनों पक्ष एक-दूसरे पर झड़प शुरू करने का आरोप लगा रहे हैं. महाराष्ट्र में विधानसभा का मॉनसून सत्र चल रहा है.
महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष की नारेबाज़ी को लेकर भाजपा के विधायक बुधवार सुबह से ही धरना दे रहे थे.
इस दौरान शिंदे गुट और बीजेपी के विधायक पिछली सरकार के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी कर रहे थे. उसी समय विपक्ष भी नारे लगाने लगा.
छोड़िए X पोस्ट, 1X सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 1
वहीं, कुछ वीडियो में '50 खोखे एकदम ओके' जैसे नारे लगते भी सुने जा सकते हैं.
माना जा रहा है कि शिंदे गुट के ख़िलाफ़ उद्धव ठाकरे के गुट के विधायकों ने ये नारेबाज़ी की और इसके बाद दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए.
छोड़िए X पोस्ट, 2X सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 2
महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे की अगुवाई में शिवसेना के बाग़ी विधायकों ने बीजेपी के साथ गठबंधन कर सरकार बनाई थी. इससे पहले महाराष्ट्र में शिवसेना एनसीपी और कांग्रेस के साथ गठबंधन सरकार में थी.
एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे दोनों ही गुट शिवसेना पर अपने हक़ का दावा कर रहे हैं और मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है.
इस मामले को अब सुप्रीम कोर्ट ने पाँच जजों वाली संविधान पीठ के पास भेज दिया है.
