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हिमाचल प्रदेश में बाढ़ और भूस्खलन से 22 लोगों की मौत

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मृतकों के परिवार को सरकार की तरफ से मुआवजा देने का एलान किया है.

लाइव कवरेज

चंदन शर्मा and दीपक मंडल

  1. जम्मू-कश्मीर सरकार ने वोटर लिस्ट में 25 लाख नए वोटर जोड़े जाने की योजना को बताया ग़लत

    जम्मू और कश्मीर में मतदाता सूची के रिवीज़न से जुड़ी ख़बरों में ग़लत तथ्य दिए जाने पर राज्य सरकार ने शनिवार को सफ़ाई दी है.

    सरकार ने उन ख़बरों को ग़लत बताया है कि राज्य की मतदाता सूची में 25 लाख से अधिक नए नाम जोड़े जाएंगे.

    साथ ही बताया है कि मतदाता सूची में कश्मीरी प्रवासियों के नाम जोड़े जाने के विशेष प्रावधानों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, जैसा कि पहले दावा किया गया था.

    सरकार ने यह भी कहा है कि जम्मू और कश्मीर में संपत्ति ख़रीदने और नौकरी पाने के नियमों में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है. दावा यह भी किया गया है कि इन नियमों का वोटरों के प्रतिनिधित्व से कोई जुड़ाव नहीं है.

    राज्य के सूचना और जनसंपर्क निदेशालय ने शनिवार को 'मतदाता सूची के रिवीज़न' से जुड़े विभिन्न प्रावधानों की सच्चाई बताने वाले एक ट्वीट को रिट्वीट करके ये जानकारियां दी हैं.

    और क्या कहा सरकार ने?

    सरकार ने साफ किया है कि मतदाता सूचियों के इस रिवीज़न में जम्मू और कश्मीर के मौजूदा निवासियों को ही शामिल किया जाएगा.

    सरकार के अनुसार हक़ीक़त ये है कि वोटरों की संख्या में केवल उतनी ही वृद्धि होगी जितने कि 18 साल से अधिक उम्र के लोगों के नाम इस सूची में जुड़ेंगे.

    पाकिस्तान ने कल लगाए थे कई आरोप

    पाकिस्तान ने जम्मू और कश्मीर में विधानसभा चुनाव के पहले की तैयारियों को 'जान-बूझकर किया जा रहा हेर-फेर' और 'खुल्लम खुल्ला जोड़-तोड़' करार दिया था.

    पाकिस्तान ने कई आरोप लगाते हुए चुनाव के लिए भारत सरकार के प्रयासों को ख़ारिज कर दिया था.

    पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने शुक्रवार को कहा था, ‘‘भारत प्रशासित कश्मीर में बाहरी कामगारों और सुरक्षाकर्मियों सहित अस्थायी निवासियों को वोटर के रूप में रजिस्टर होने की अनुमति देना, तथाकथित चुनाव के नतीजे को प्रभावित करने की भारतीय तरीक़े की स्पष्ट अभिव्यक्ति है.’’

    उसने भारत पर कश्मीर की मुस्लिम बहुसंख्यक आबादी को अल्पसंख्यक तबके में बदलने के लिए कोशिश करने का आरोप लगाया था.

    उसका आरोप था कि तथाकथित ‘परिसीमन’ आयोग के फ़ॉर्मूले और उसकी रिपोर्ट के ज़रिए लाखों बाहरी लोगों को ‘नकली’ कश्मीरी डोमिसाइल देकर और संपत्ति क़ानून में बदलाव लाकर भारत ऐसा करने की कोशिश कर रहा है.

    पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कश्मीर के 'जनसंख्या के स्वरूप को बदलने के भारत के प्रयास' को रोकने की मांग की थी.

    राज्य के सीईओ ने दिया था बयान

    इससे पहले राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी हिरदेश कुमार ने गुरुवार को कहा था कि यहाँ रह रहे बाहर के लोगों को राज्य में मतदान करने पर कोई रोक नहीं है.

    उन्होंने कहा था कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कोई जम्मू और कश्मीर में कितने समय से रह रहा है. उनके अनुसार बाहर के लोग जम्मू और कश्मीर में रह रहे हैं या नहीं, इस पर अंतिम निर्णय चुनाव आयोग लेगा.

    उन्होंने बताया था कि राज्य में रहने वाले लोग भी वहाँ वोट डाल सकते हैं. उनके इस बयान की राज्य के विपक्षी दलों ने तीखी आलोचना की थी.

  2. बिलकिस बानो गैंगरेप के दोषियों की रिहाई पर अमेरिका की सरकारी संस्था ने की निंदा

    बिलकिस बानो गैंगरेप के दोषियों को रिहा किए जाने पर अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर अमेरिकी आयोग (यूनाइटेड स्टेट्स कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम) ने चिंता जताते हुए निंदा की है.

    USCIRF के कमिश्नर स्टीफ़न श्नेक और उपाध्यक्ष अब्राहम कूपर ने सोशल मीडिया साइट ट्विटर पर दोषियों को रिहा किए जाने के गुजरात सरकार के फ़ैसले को ग़लत बताया है.

    स्टीफ़न श्नेक ने ट्वीट में लिखा, “2002 के गुजरात दंगों में शारीरिक और यौन हिंसा करने वाले अपराधियों को जवाबदेह ठहराने में नाकाम रहना, न्याय का मज़ाक है. यह मामला भारत में धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ हिंसा करके दंड से बच जाने के पैटर्न का हिस्सा है."

    वहीं संस्था के उपाध्यक्ष अब्राहम कूपर ने कहा है, "2002 के गुजरात दंगों में एक गर्भवती मुस्लिम महिला से बलात्कार करने और मुसलमानों की हत्या करने के मामले में उम्रक़ैद की सज़ा भोग रहे 11 लोगों की जल्दी और अनुचित रिहाई की USCIRF कड़ी निंदा करता है.''

    अमेरिका ने 1998 में अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता क़ानून के ज़रिए USCIRF का गठन किया था. इसके कमिश्नरों की नियुक्ति वहां के राष्ट्रपति करते हैं.

    इस संस्था का मुख्य काम पूरी दुनिया में धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े मामलों के तथ्यों और हालात की पड़ताल करना और इस मामले पर सरकार को नीति बनाने की सिफ़ारिश करना है.

    क्या है मामला?

    गुजरात दंगों के दौरान राज्य के रंधिकपुर में 3 मार्च, 2002 को बिलकिस बानो के साथ गैंगरेप हुआ था. साथ ही उनके परिवार के 14 सदस्यों को मार दिया गया था. मृतकों में बिलकिस बानो की 3 साल की बेटी भी शामिल थी.

    इस मामले की जांच सीबीआई ने की थी और तब 2008 में बॉम्बे की एक सत्र अदालत ने 11 लोगों को उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई थी.

    लेकिन इसी हफ़्ते 15 अगस्त को गुजरात सरकार ने गोधरा जेल में सज़ा काट रहे इन 11 क़ैदियों को अपनी सज़ा माफ़ी नीति के तहत रिहा कर दिया था.

    इसके बाद, देश से लेकर विदेश तक लोग सरकार के इस फ़ैसले की आलोचना कर रहे हैं.

  3. राजीव गांधी की 78वीं जयंती पर कांग्रेस नेताओं और पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

    पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के जन्म की 78वीं सालगिरह पर उनके बेटे राहुल गांधी, बेटी प्रियंका गांधी, दामाद रॉर्बट वाड्रा सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है.

    नई दिल्ली स्थित राजीव गांधी की समाधि 'वीर भूमि' पर उन्हें श्रद्धांजलि देने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में मल्लिकार्जुन खड़गे, सांसद केसी वेणुगोपाल, पवन बंसल भी मौजूद थे.

    वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट करके राजीव गांधी को श्रद्धांजलि दी है. उन्होंने लिखा, ''हमारे पूर्व प्रधानमंत्री श्री राजीव गांधी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि.''

    अपनी मां इंदिरा गांधी के निधन के बाद 1984 में प्रधानमंत्री बनने वाले राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त, 1944 को हुआ था.

    पांच साल तक पीएम रहने वाले गांधी की मई 1991 में तमिलनाडु के श्रीपेरंबुदुर में एलटीटीई के एक आत्मघाती हमले में हत्या कर दी गई थी.

  4. सोमालिया के एक होटल पर चरमपंथी संगठन अल-शबाब का हमला, अब तक 8 की मौत

    पूर्वी अफ्रीकी देश सोमालिया के चरमपंथी समूह अल-शबाब ने राजधानी मोगादिशु के एक होटल पर कब्ज़ा कर लिया है.

    पुलिस के अनुसार, होटल में घुसने और फायरिंग शुरू करने के पहले हमलावरों ने इमारत के बाहर दो कार बम धमाके किए हैं.

    चरमपंथी संगठन अल-शबाब ने इस हमले की ज़िम्मेदारी लेते हुए एक बयान जारी किया है.

    उसने अपने बयान में होटल परिसर को अपने कब्ज़े में लेने का दावा किया है. साथ ही कहा है कि वे 'हर किसी को गोली मार रहे' हैं.

    मोगादिशु की एक एंबुलेंस सेवा के एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया है कि इस हमले में 9 लोग घायल हो गए हैं जिन्हें होटल से बाहर ले जाया गया है.

    समाचार एजेंसी एएफ़पी ने सुरक्षा अधिकारियों के हवाले से बताया है कि इस हमले में अभी तक 8 ना​गरिकों की मौत हो गई है.

    उसके अनुसार, सोमाली सुरक्षा बल फ़िलहाल गोलीबारी और बम धमाके कर रहे अल-शबाब के चरमपंथियों से लड़ रहे हैं.

    एक सुरक्षा अधिकारी ने एएफ़पी को बताया है कि सुरक्षा बलों ने होटल की इमारत में फंसे बच्चों सहित दर्जनों नागरिकों को बाहर निकाला है.

    सोशल मीडिया पर अप्रमाणित वीडियो और तस्वीरें तेज़ी से शेयर हो रही हैं, जिनमें होटल से धुआं निकलते और ज़ोरदार धमाकों की आवाज़ सुनाई पड़ रही है.

    'द हयात' नाम का यह होटल मोगादिशु की लो​कप्रिय जगह है, जहां संघीय सरकार के कर्मचारी अक्सर बैठक करते हैं.

  5. ब्रेकिंग न्यूज़, जन्माष्टमी पर बांके बिहारी मंदिर में भारी भीड़ में दम घुटने से दो श्रद्धालुओं की मौत, कई बेहोश

    वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में जन्माष्टमी का पर्व मनाने और मंगला आरती में शामिल होने के लिए शुक्रवार की रात मंदिर और आसपास जुटी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और उमस के चलते दो लोगों के मरने की ख़बर है.

    समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार भीड़ और उमस के चलते मंदिर के निकास द्वार पर एक श्रद्धालु बेहोश हो गए जिसके चलते लोगों को रोकना पड़ा.

    ख़बर में बताया गया है कि इस चलते मंदिर परिसर के भीतर उमस से कई श्रद्धालुओं को घुटन होने लगी इसमें दो श्रद्धालुओं की मृत्यु हो गई है. वहीं कई लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा है.

    मथुरा ज़िले के एसएसपी अभिषेक यादव ने पत्रकारों से हुई बातचीत में इस हादसे की पुष्टि की है.

    उन्होंने कहा, ''कान्हा के जन्मोत्सव के बाद बांके बिहारी मंदिर में मंगला आरती के दौरान भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. ठाकुर बांके बिहारी के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ के चलते मंदिर में पैर रखने तक की जगह नहीं थी. इस चलते मंदिर परिसर में मौजूद लोगों को घुटन होने लगी.''

    उनके अनुसार, इसके चलते लोगों को दिक्कत होने लगी और दो लोगों की मौक़े पर ही मौत हो गई. वहीं तबीयत ख़राब होने के चलते कुछ और लोगों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है.

    वृंदावन के ज़िला संयुक्त चिकित्सालय के चीफ़ मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ डीपी सिंह ने एएनआई को बताया है कि दो शव अस्पताल लाए गए, जिनमें से एक मर्द और एक औरत के हैं.

    उनके अनुसार, अस्पताल में 5 लोग दाख़िल किए गए, जिनमें से घुटन के चलते बेचैनी होने की वजह से दो मरीज़ों को रेफ़र कर दिया गया, जबकि बाक़ियों को छुट्टी दे दी गई.

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे पर अपना दुख व्यक्त किया है.

    ट्विटर पर उन्होंने लिखा, ''मथुरा के श्री बांके बिहारी मंदिर परिसर में हादसे में हुई जनहानि अत्यंत हृदय विदारक है. घायलों के समुचित उपचार हेतु अधिकारियों को निर्देश दिए हैं. मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं. परमपिता दिवंगत आत्माओं को शांति व शोक संतप्त परिजनों को संबल प्रदान करें.''

  6. सरहदों ने जुदा किया, मिलाया टेक्नोलॉजी ने

  7. फ़िनलैंड की पीएम सना मारिन को क्यों कराना पड़ा ड्रग टेस्ट

    पार्टी में शराब पीकर नाचने-गाने वाला वीडियो वायरल होने के बाद फ़िनलैंड की प्रधानमंत्री सना मारिन ने ड्रग्स लेने के आरोपों से इनकार किया है. हालांकि 'किसी शंका को दूर करने' के लिए उनका ड्रग्स टेस्ट किया गया है.

    सना मारिन जब से ​देश की प्रधानमंत्री बनी हैं, तब से पार्टी करने के प्रति उनके लगाव के लिए अक्सर उनकी आलोचना होती रही है.

    संगीत समारोहों में शामिल होने की उनकी तस्वीरें कई बार सामने आई हैं. ताज़ा वायरल हुए वीडियो में भी वे फ़िनलैंड की एक पॉपस्टार के साथ नाच रही थीं.

    हालांकि कई लोग इसके लिए उनकी सराहना भी करते रहे हैं. जर्मन की समाचार संस्था बिल्ड ने उन्हें पूरे विश्व की 'सबसे कूल' प्रधानमंत्री बताया था.

    सना मारिन के कार्यकाल के दौरान फ़िनलैंड को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है. सबसे पहले तो कोरोना महामारी के चलते देश को काफी परेशानियां झेलनी पड़ीं, वहीं यूक्रेन पर रूस के हमले से ​भी फ़िनलैंड की चुनौतियां बढ़ी हैं.

    अभी 36 साल की सना मारिन क़रीब ढाई साल पहले जब फ़िनलैंड की प्रधानमंत्री बनी थीं, तब वे पूरी दुनिया की सबसे कम उम्र की प्रधानमंत्री थीं. देश के राजनीतिक इतिहास में तो वे पीएम बनने वाली अब तक की सबसे युवा शख़्स हैं.

    देश की सत्ता को अपने हाथों में लेने के लिए मारिन ने सेंटर और लेफ्ट विचारधारा वाली पार्टियों के बीच महत्वपूर्ण गठबंधन किया था. इस गठबंधन में चार और महिला नेता शामिल हैं, जिसमें से केवल एक की ही उम्र 35 साल से ज़्यादा है.

    कौन हैं सना मारिन?

    सना मारिन आम परिवार से आती हैं. उनके ​माता पिता तब ही अलग हो गए थे जब मारिन बहुत छोटी थीं. अलग होने के बाद उनकी मां ने अकेले इनकी परवरिश की है. ऐसे में इन्हें बचपन में आर्थिक परेशानियों का भी सामना करना पड़ा.

    सना मारिन हाईस्कूल पास कर यूनिवर्सिटी जाने वाली अपने परिवार की पहली व्यक्ति रही हैं.

    उन्होंने महज़ 20 साल की उम्र में राजनीति में क़दम रखा. उसके दो साल बाद ही काउंसलर के चुनाव में उन्होंने अपनी क़िस्मत आज़माई. हालांकि वे हार गई थीं. हालांकि इसके 5 साल बाद वे न केवल काउंसलर बनीं बल्कि सभी काउंसलरों का नेतृत्व भी किया.

    एक ब्लॉग में उन्होंने बताया था कि वे जब 15 साल की थीं, तब एक बेकरी में उन्होंने नौकरी की. बाद में उन्होंने मैगज़ीन बांटने का काम भी किया था.

    उन्होंने यह भी बताया था कि उनकी मां किसी महिला के साथ रिश्ते में थीं, इसलिए उन्हें तानों का सामना भी करना पड़ा. वे बताती हैं कि उनकी मां हमेशा यक़ीन दिलाती रहीं कि वे जो भी बनना चाहें बन सकती हैं.

  8. नमस्कार!

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