जयशंकर के बयान के बाद चीन ने कहा- दोनों देशों के विकसित हुए बगैर एशिया की सदी नहीं आने वाली
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर के गुरुवार को दिए बयान के बाद चीन ने कहा है कि दोनों देशों के बीच मतभेदों से ज़्यादा साझा हित हैं.
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने शुक्रवार को कहा कि जब तक दोनों देश विकसित नहीं हो जाते तब तक ‘एशिया की सदी’ नहीं आ सकती.
भारत में चीन के दूतावास के प्रवक्ता वांग शियोओजियान ने सोशल मीडिया साइट ट्विटर पर वांग बेन के बयान का हवाला देते हुए चीन का पक्ष रखा.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वेनबिन के अनुसार, ‘‘जैसा कि चीन के एक नेता ने कहा है कि जब तक चीन और भारत विकसित देश नहीं बन जाते, तब तक एशिया की कोई सदी नहीं आ सकती. एशिया-प्रशांत या एशिया की कोई भी वास्तविक सदी तब तक नहीं हो सकती, जब तक कि चीन, भारत और दूसरे पड़ोसी देश विकसित नहीं हो जाते.’’
वांग वेनबिन ने कहा, ‘‘चीन और भारत दो प्राचीन सभ्यताएं, दो बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाएं और दो पड़ोसी देश हैं. हमारे बीच मतभेदों की तुलना में कहीं अधिक साझा हित हैं. दोनों पक्षों के पास एक-दूसरे को नीचा दिखाने के बजाय एक-दूसरे को सफल बनाने के लिए मदद करने की समझदारी और ताक़त है.’’
उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि भारतीय पक्ष हमारे नेताओं के बीच बनी अहम साझा समझदारी पर काम करने के लिए चीन के साथ मिलकर काम करेगा.
वेनबिन ने कहा, “चीन और भारत एक दूसरे के लिए ख़तरा नहीं, बल्कि सहयोग करने वाले साझेदार हैं. विकास करने के मौक़ों ने चीन और भारत के संबंधों को सतत और तेज़ विकास के ट्रैक पर जल्द से जल्द ला दिया है. यह चीन, भारत और हमारे सहयोगी विकासशील देशों के सामान्य हितों की रक्षा करता है.“
क्या है मामला?
इससे पहले गुरुवार को बैंकॉक में भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि चीन ने सीमा पर पिछले दो सालों में जो किया है, उससे चीन के साथ भारत के संबंध बहुत कठिन दौर से गुजर रहे हैं.
उन्होंने यह भी कहा था कि जब तक दोनों देश एक साथ नहीं आते तब तक ‘एशियाई सदी’ का दौर आ पाना मुश्किल है.
उन्होंने एलएसी पर दोनों देशों के संबंधों को ‘असामान्य और तनावपूर्ण’ बताते हुए अनुमान जताया था कि दोनों देशों के रिश्ते ख़तरनाक मोड़ ले सकते हैं.