जयशंकर की चिंता पर चीन ने कहा- भारत-चीन के विकसित हुए बिना एशिया की सदी नहीं आने वाली
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि चीन और भारत एक दूसरे के लिए ख़तरा नहीं, बल्कि सहयोग करने वाले साझेदार हैं.
लाइव कवरेज
प्रियंका झा and चंदन शर्मा
जयशंकर के बयान के बाद चीन ने कहा- दोनों देशों के विकसित हुए बगैर एशिया की सदी नहीं आने वाली
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भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर के गुरुवार
को दिए बयान के बाद चीन ने कहा है कि दोनों देशों के बीच मतभेदों से ज़्यादा साझा हित
हैं.
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने शुक्रवार को कहा कि जब तक
दोनों देश विकसित नहीं हो जाते तब तक ‘एशिया की सदी’ नहीं आ सकती.
भारत में चीन के दूतावास के प्रवक्ता वांग शियोओजियान ने सोशल मीडिया साइट ट्विटर पर वांग बेन के बयान का हवाला देते हुए चीन का पक्ष रखा.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वेनबिन के अनुसार, ‘‘जैसा कि चीन के एक नेता ने कहा है कि जब तक चीन और भारत विकसित
देश नहीं बन जाते, तब तक एशिया की कोई सदी नहीं आ सकती. एशिया-प्रशांत
या एशिया की कोई भी वास्तविक सदी तब तक नहीं हो सकती, जब तक कि चीन, भारत और दूसरे पड़ोसी देश विकसित नहीं हो जाते.’’
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वांग वेनबिन ने कहा, ‘‘चीन और भारत दो प्राचीन सभ्यताएं, दो बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाएं और दो पड़ोसी देश हैं. हमारे बीच मतभेदों की तुलना में कहीं अधिक साझा हित हैं. दोनों पक्षों के पास एक-दूसरे को नीचा दिखाने के बजाय एक-दूसरे को सफल बनाने के लिए मदद करने की समझदारी और ताक़त है.’’
उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि भारतीय पक्ष हमारे नेताओं के बीच बनी अहम साझा समझदारी पर काम करने के लिए चीन के साथ मिलकर काम करेगा.
वेनबिन ने कहा, “चीन और भारत एक दूसरे के लिए ख़तरा नहीं, बल्कि सहयोग करने वाले साझेदार हैं. विकास करने के मौक़ों ने चीन और भारत के संबंधों को सतत और तेज़ विकास के ट्रैक पर जल्द से जल्द ला दिया है. यह चीन, भारत और हमारे सहयोगी विकासशील देशों के सामान्य हितों की रक्षा करता है.“
क्या है मामला?
इससे पहले गुरुवार को बैंकॉक में भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि चीन ने सीमा पर पिछले दो सालों में जो किया है, उससे चीन के साथ भारत के संबंध बहुत कठिन दौर से गुजर रहे हैं.
उन्होंने यह भी कहा था कि जब तक दोनों देश एक साथ नहीं आते तब तक ‘एशियाई सदी’ का दौर आ पाना मुश्किल है.
उन्होंने एलएसी पर दोनों देशों के संबंधों को ‘असामान्य और तनावपूर्ण’ बताते हुए अनुमान जताया था कि दोनों देशों के रिश्ते ख़तरनाक मोड़ ले सकते हैं.
दिल्ली के कथित आबकारी घोटाले में सिसोदिया सहित 15 के खि़लाफ़ दर्ज हुई एफआईआर
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दिल्ली के उपमुख्यमंत्री
और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया के आवास सहित देश के सात राज्यों के लगभग 20 जगहों पर सीबीआई ने
शुक्रवार को छापेमारी की.
समाचार एजेंसी पीटीआई
ने अधिकारियों के हवाले से बताया है कि सीबीआई ने इस सिलसिले में एक एफआईआर दर्ज की है. इसमें सिसोदिया
सहित कुल 15 लोगों को अभियुक्त बनाया गया है.
वैसे यह एफ़आईआर छापेमारी के दो दिन पहले 17 अगस्त को ही दर्ज की गई है.
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एफआईआर में आबकारी महकमे के अधिकारियों, शराब कंपनियों के अधिकारियों और डीलरों के नाम शामिल हैं. साथ ही अज्ञात सरकारी अधिकारियों और निजी लोगों को भी नामजद किया गया है.
अभियुक्तों पर साज़िश रचने के आरोप में 120-बी, खातों में हेरफेर करने के लिए 477-ए और भ्रष्टाचार की रोकथाम क़ानून की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है.
एफआईआर में सिसोदिया के अलावा, अर्वा गोपी कृष्णा, आनंद तिवारी, पंकज भटनागर, विजय नायर, मनोज राय, अमनदीप ढल, समीर महेंद्रू, अमित अरोड़ा, दिनेश अरोड़ा, सन्नी मारवाह, अरुण रामचंद्र पिल्लई, अरुण पांडेय, बड्डी रिटेल प्राइवेट लिमिटेड और महादेव लिक्वर्स के नाम हैं.
चीन: अरबपति शियाओ जियान्हुआ को मिली 13 साल की जेल और 8 अरब डाॅलर जुर्माने की सज़ा
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चीन और कनाडा के नागरिक
और अरबपति शियाओ जियान्हुआ को चीन में 13 साल की जेल की सज़ा सुनाई गई है. साथ ही उनकी कंपनी 'टुमाॅरो होल्डिंग्स' पर 8 अरब डाॅलर से अधिक (क़रीब 64 हज़ार करोड़ रुपए) का
जुर्माना भी लगाया गया है.
शंघाई की एक अदालत ने
बताया है कि जियान्हुआ और उनकी कंपनी पर ग़बन करने और घूस देने के आरोप लगाए गए.
समाचार एजेंसी एएफ़पी
ने शंघाई कोर्ट के बयान का हवाला देते हुए लिखा, ‘‘शियाओ और उनकी कंपनी को अवैध तरीक़े से लोगों से धन
जमा कराने, ट्रस्ट की संपत्ति के इस्तेमाल में भरोसा तोड़ने और फंड का ग़लत
इस्तेमाल करने का दोषी पाया गया. वहीं उनकी कंपनी को घूस देने के अपराध में शामिल होने
का दोषी भी पाया गया.’’
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कोर्ट ने यह भी कहा कि शियाओ और उनकी कंपनी ने बड़े पैमाने पर वित्तीय प्रबंधन से जुड़े कई आदेशों का उल्लंघन किया और देश की वित्तीय सुरक्षा को नुक़सान पहुंचाया.
कोर्ट ने बताया कि शियाओ और उनकी कंपनी ने चंकि प्रशासन के साथ सहयोग किया, इसलिए उनकी सज़ा को कम किया गया है.
चीन के सबसे अमीर लोगों में से एक शियाओ को आखि़री बार 2017 में हाॅन्गकाॅन्ग के एक लक्जरी होटल से निकलते हुए देखा गया था. उसके बाद से उनका कोई बयान सामने नहीं आया था.
बाद में कनाडा के दूतावास ने जुलाई 2022 में बताया कि अदालत में उनके खि़लाफ़ एक मामले में सुनवाई चल रही है. उनके मामले की सुनवाई 4 जुलाई से हुई.
कनाडा के दूतावास ने जुलाई में बताया था कि उनके राजनयिक को सुनवाई में सहयोग देने से इनकार कर दिया गया.
इस बारे में पूछे जाने पर चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि चीन दोहरी नागरिकता को नहीं मानता, इसलिए शियाओ को ऐसी मदद हासिल करने का कोई हक़ नहीं है.
न्यूयाॅर्क टाइम्स की रिपोर्ट पर आम आदमी पार्टी और बीजेपी आमने-सामने
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अमेरिका के जाने-माने
अख़बार न्यूयाॅर्क टाइम्स में दिल्ली के स्कूलों पर छपी रिपोर्ट को लेकर आम आदमी पार्टी और बीजेपी आमने-सामने है.
इस कड़ी में अब आम आदमी
पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने न्यूयाॅर्क टाइम्स को बहुत प्रतिष्ठित अख़बार बताते
हुए बीजेपी को इसमें अपनी उपलब्धियों को छपवाने की चुनौती दी है.
आप के आधिकारिक ट्विटर
हैंडल पर डाले गए एक वीडियो में भारद्वाज ने कहा, ‘‘बीजेपी हिंदुस्तान की
सबसे अमीर पार्टी है. हर ज़िले में इनका 5 स्टार होटल जैसा दफ्तर है. मैं बीजेपी को चुनौती
देता हूँ कि अगर न्यूयाॅर्क टाइम्स पेड न्यूज़ छापता हो, तो आपके पास तो बहुत
पैसा है, उसे उड़ेल दो और कल उस अख़बार के पहले पन्ने पर अपनी ख़बर छपवा
के दिखा दो.’’
इसके साथ ही सौरभ भारद्वाज ने बीजेपी पर ख़बर छपवाने के लिए न्यूयाॅर्क टाइम्स को 10 लाख डाॅलर की पेशकश करने का आरोप लगाया है.
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क्या है मामला?
इस मामले की शुुरुआत गुरुवार की देर रात तब हुई जब दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने एक ट्वीट किया.
इस ट्वीट में उन्होंने न्यूयाॅर्क टाइम्स के पूरे फ्रंट पेज़ पर दिल्ली की सुधरती शिक्षा व्यवस्था को लेकर छपी ख़बर के बारे में बताया था.
सिसोदिया ने लिखा, ‘‘दुनिया देख रही है कि दिल्ली आगे की राह दिखा रही है.’'
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उनके इस ट्वीट के बाद बीजेपी ने इन ख़बरों को पेड न्यूज़ करार देते हुए आप पर कई आरोप लगाए.
इस ट्वीट के जवाब में बीजेपी के प्रवक्ता हरीश खुराना ने एक ट्वीट मे लिखा, ‘‘विदेशों में भी विज्ञापन. जिस न्यूयॉर्क टाइम्स की ख़बर का हवाला दे रहे हैं अरविंद केजरीवाल, वही हूबहू खलीज टाइम्स में भी छपी है. वही फोटो वही भाषा. क्या ग़ज़ब विज्ञापनजीवी हैं आम आदमी पार्टी वाले.’’
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बीजेपी के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने ट्वीट किया, ‘‘कैसे न्यूयाॅर्क टाइम्स और खलीज टाइम्स ने हूबहू वही ख़बर, फ़ोटो, लेखक के नाम के साथ दिल्ली के अस्तित्व विहीन शिक्षा माॅडल पर एक ही आलेख छाप दिया.’’
उन्होंने अरविंद केजरीवाल पर पेड प्रमोशन करने का आरोप भी लगाया है.
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वहीं कपिल मिश्रा ने लिखा, ‘‘न्यूयॉर्क टाइम्स और ख़लीज टाइम्स में पैसे देकर ख़बर तो छपवा ली, पर झूठ और चोरी की आदत नहीं गई. ये फ़ोटो दिल्ली के सरकारी स्कूल की नहीं बल्कि मयूर विहार के मदर मैरी स्कूल के बच्चों की है. केजरीवाल और सिसोदिया देश में भी झूठ बेच रहे हैं और विदेश में भी.’’
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आबकारी घोटाले में शुक्रवार को 10 ठिकानों पर सीबीआई छापे
इस बीच आबकारी घोटाले को लेकर दिल्ली डिप्टी सीएम के आवास सहित 10 ठिकानों पर सीबीआई ने शुक्रवार को छापेमारी की.
पिछले दिनों दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने दिल्ली की शराब नीति से जुड़े मामले में मनीष सिसोदिया के ख़िलाफ़ सीबीआई जाँच की सिफ़ारिश की थी. इस बारे में सिसोदिया ने ख़ुद ट्वीट करके जानकारी दी थी.
उन्होंने लिखा कि सीबीआई आई है और उनका स्वागत है. उन्होंने अपनी सरकार को कट्टर ईमानदार बताते हुए कहा कि जो अच्छा काम करता है उसे इसी तरह से परेशान किया जाता है, इसलिए देश अभी तक नंबर-1 नहीं बन पाया है.’’
आज़ादी के 75 साल: ग़रीबी तो कम हुई है लेकिन सबसे बड़ी चिंता भी बढ़ी
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आज़ाद भारत के 75 साल पूरे होने पर जो भी विश्लेषण देखने को मिल रहा है उनमें से अधिकांश में पिछले तीन दशकों की बात हो रही है. ज़ोर इस बात पर है कि कैसे इस अवधि के दौरान भारत एक बेमिसाल देश बन गया है.
कई लोग याद दिला रहे हैं कि कैसे लैंडलाइन फोन कनेक्शन के लिए अपने इलाके के सांसद के चक्कर लगाने होते थे, गैस कनेक्शन के लिए महीनों लंबा इंतज़ार करना होता था और अपने परिजनों से बात करने के लिए सार्वजनिक फोन बूथ के बाहर लंबी कतार में घंटों इंतज़ार करना पड़ता था.
1990 के दशक में और उसके बाद पैदा हुए लोग उपरोक्त बातों से परिचित न होंगे लेकिन पुरानी पीढ़ियों के लिए ये जीता जागता सच रहा है.
स्कूटर ख़रीदने के लिए भी सालों इंतज़ार करना होता था. वहां से स्थितियां काफ़ी बदल गई हैं. प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल, उत्पादों की निरंतर आपूर्ति और लाइसेंस के तौर तरीक़ों में संशोधन से यह बदलाव आया है.
तेजस्वी और तेज प्रताप आए बीजेपी और सुशील मोदी के निशाने पर, आरजेडी ने दिया जवाब
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जब से बिहार में नीतीश कुमार ने बीजेपी से नाता तोड़कर राष्ट्रीय जनता दल के साथ सरकार बनाई है, तब से बीजेपी ने नीतीश सरकार के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल रखा है.
पहले क़ानून मंत्री कार्तिकेय सिंह के ख़िलाफ़ वारंट का मामला उठा, फिर शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर पर सवाल उठे.
अब बीजेपी ने आरोप लगाया है कि लालू यादव के दोनों बेटों तेजस्वी यादव और तेज प्रताप ने सरकारी बैठकों में रिश्तेदारों और कार्यकर्ताओं को जगह दी, जो प्रोटोकॉल का उल्लंघन है.
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बीजेपी ने इस संबंध में ट्वीट किया है, जबकि बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने भी कई ट्वीट करके इस पर सवाल उठाए हैं.
सुशील मोदी ने ट्वीट कर लिखा है- बड़े बेटे की सरकारी बैठक में दामाद और छोटे बेटे की बैठक में कार्यकर्ता? क्या नीतीश जी अब सरकारी बैठकों में दामाद / कार्यकर्ता को बैठने की अनुमति मिल गई है?
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सुशील मोदी ने तेजस्वी यादव के राजनीतिक सलाहकार संजय यादव के एक सरकारी बैठक में शामिल होने पर भी सवाल उठाया है.
उन्होंने ट्विटर पर लिखा- पथ निर्माण की बैठक में भी संजय यादव मौजूद हैं. यदि वे उनके निजी सचिव भी हों तो वे वहाँ नहीं बैठ सकते. प्रोटोकॉल के अनुसार अंत में या पीछे बैठेंगे. परंतु नीतीशजी मजबूर हैं.
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राष्ट्रीय जनता दल ने बीजेपी और सुशील मोदी के आरोपों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बीजेपी के मंत्रियों की तस्वीरें जारी की हैं और दावा किया है कि उनके समय में भी कई बार ऐसा हुआ है.
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एक ट्वीट में आरजेडी ने लिखा है- एक हफ़्ते पहले तक ये नितिन नवीन भाजपा कोटे से बिहार का पथ निर्माण मंत्री थे. पत्नी सहित इसका पूरा परिवार मंत्री के चेम्बर और विभाग में जाता था, अधिकारियों से मिलता था.
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आरजेडी ने पूछा है कि सुशील मोदी क्या इस पर कुछ बोलेंगे? राष्ट्रीय जनता दल ने केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे और उनके बेटे की तस्वीर शेयर करते हुए सुशील मोदी पर सवाल उठाए हैं.
मनोज सिन्हा ने मीरवाइज़ उमर फ़ारूक़ पर बीबीसी से जो कहा, हुर्रियत ने उसे किया ख़ारिज
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हुर्रियत कॉन्फ़्रेंस ने बयान जारी करके जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा के मीरवायज़ उमर फ़ारूक़ की नज़रबंदी पर बयान को ख़ारिज कर दिया है.
बीबीसी हिन्दी के साथ इंटरव्यू में मनोज सिन्हा ने हुर्रियत कांफ़्रेंस के चेयरमैन मीरवायज़ उमर फ़ारुक़ के 'नज़रबंद या बंद' होने से स्पष्ट रूप से इनकार करते हुए कहा था कि उनके घर के आस-पास मौजूद पुलिस सिर्फ़ उनकी सुरक्षा के लिए तैनात है.
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हुर्रियत ने अपने बयान में कहा है कि अगर मीरवायज़ उमर फ़ारूक़ ग़ैर क़ानूनी रूप से नज़रबंद नहीं हैं, तो उन्हें 26 अगस्त को शुक्रवार की तक़रीर की अनुमति दी जाए. हुर्रियत ने मनोज सिन्हा पर जान-बूझकर ग़लत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया.
वीडियो कैप्शन, मनोज सिन्हा इंटरव्यूः जम्मू कश्मीर के राज्यपाल बोले पाकिस्तान से कश्मीर पर बात नहीं होगी
बीबीसी ने मनोज सिन्हा से पूछा था कि मीरवायज़ उमर फ़ारुक़ के साथ वालों का कहना है कि प्रशासन ने उन्हें नज़रबंद करके रखा है और आरोपों का पता भी नहीं है?
इस पर मनोज सिन्हा ने अपने जवाब में कहा- उन पर तो 2019 में भी पीएसए (पब्लिक सेफ़्टी एक्ट) नहीं लगा था. वो बंद नहीं किए गए हैं. उनके पिता जी की भी दुर्भाग्यपूर्ण ढंग से हत्या कर दी गई थी. उनके इर्द-गिर्द पुलिस इसलिए रखते हैं ताकि वो सुरक्षित रह सकें.
मनोज सिन्हा ने कहा, "वो ख़ुद तय करें कि वो क्या करना चाहते हैं. न वो बंद हैं, न नज़रबंद हैं. उनके घर पर सुरक्षाकर्मी नहीं तैनात हैं बल्कि उनके घर के आस-पास पुलिसकर्मी तैनात हैं, जिससे उनकी सुरक्षा सुनिश्चित रहे."
राहुल गांधी के वायनाड दफ़्तर में हुई तोड़फोड़ के मामले में कांग्रेस के चार कार्यकर्ता गिरफ़्तार
....में
Author, इमरान क़ुरैशी
पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
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कांग्रेस नेता और सांसद राहुल गांधी के वायनाड दफ़्तर में महात्मा गांधी की तस्वीर को नुक़सान पहुँचाने के आरोप में केरल पुलिस ने उनके पर्सनल असिस्टेंट सहित 3 अन्य कर्मचारियों को गिरफ़्तार किया है.
गिरफ़्तार किए गए लोगों में सांसद राहुल गांधी के पर्सनल असिस्टेंट रतीश कुमार सहित एमपी कार्यालय के तीन कर्मचारी मुजीब, नौशाद और राहुल हैं.
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वायनाड के एसपी जी आनंद ने बीबीसी हिंदी को बताया, ‘‘प्रदर्शनकारियों के वहां से जाने के बाद इन चारों ने महात्मा गांधी की तस्वीर और दफ़्तर के अन्य सामानों को नुक़सान पहुंचाया था.’’
उनके अनुसार, ‘‘इन्हें आज पूछताछ के लिए बुलाया गया था और बाद में इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. यह ज़मानती मामला है.’’
यह मामला 22 जून को राहुल गांधी के वायनाड दफ़्तर में हुई तोड़फोड़ से जुड़ा है. उनके दफ़्तर पर उस दिन
केरल की सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के छात्र संगठन एसफ़आई के कार्यकर्ताओं
ने हमला किया था और तोड़फोड़ की थी.
क्या है मामला?
22 जून को एसएफ़आई ने वायनाड ज़िले के मुख्यालय कलपेट्टा स्थित राहुल
गांधी के दफ़्तर की ओर विरोध मार्च किया था. इस घटना के बाद केरल में कई जगहों पर कांग्रेस
और सीपीएम के कार्यकर्ताओं की बीच झड़प होने की ख़बर आई थी.
प्रदर्शनकारियों की
मांग थी कि सुप्रीम कोर्ट के फै़सले के बाद लोगों की चिंता दूर करने के लिए राहूल गांधी
दख़ल दें. सुप्रीम कोर्ट ने सभी संरक्षित जंगलों की सीमा के एक किलोमीटर के दायरे को
पर्यावरणीय संवेदनशील क्षेत्र यानी ईएसजे़ड बनाए जाने को लेकर निर्देश दिया था.
तोड़फोड़ होने के बाद
राहुल गांधी के दफ़्तर ने बताया था कि इस बारे में राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस पहले
ही केंद्र सरकार को पत्र लिखकर इस मामले में दख़ल देने की मांग कर चुके हैं.
बिहार में क्या वाक़ई चल रहा था फ़र्ज़ी पुलिस थाना?
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बिहार में फ़र्जी पुलिसकर्मियों के ज़रिए उगाही का एक मामला सामने आया है.
राज्य की ओर से चलाई जा रही योजनाओं को लेकर पहले भी धांधली की ख़बरें आती रही हैं. चाहे सालों पहले मर चुके लोगों के नाम पर आवास के आवंटन और पैसे की निकासी का मामला हो या फिर डायरेक्ट बेनिफ़िट ट्रांसफ़र जैसी केंद्र की स्कीम में धांधली जैसे मामले.
अब बिहार के बांका ज़िले से ख़बर आई है कि फ़र्ज़ी पुलिसकर्मियों की मदद से लोगों से केंद्र और राज्य की योजनाओं के आवंटन के नाम पर उगाही की जा रही थी और इसके लिए शहर के बीचोंबीच पिछले आठ महीने से एक दफ़्तर भी चलाया जा रहा था.
आख़िर ये मामला क्या है और कितने दिनों से चल रहा था ये सब?
नवाज़ शरीफ़ पाकिस्तान लौटे तो क्या उनके भाई की सरकार करेगी उन्हें गिरफ़्तार?
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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ की लंदन से वापसी की ख़बर एक बार फिर चर्चा में है. पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़) के नेता और संघीय मंत्री जावेद लतीफ़ ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की है कि नवाज़ शरीफ़ अगले महीने यानी सितंबर में पाकिस्तान वापस लौट रहे हैं.
ध्यान रहे कि पूर्व प्रधानमंत्री साल 2019 में इलाज के लिए ब्रिटेन चले गए थे और पनामा रेफ़रेंसेज़ में अदालत कि तरफ़ से दी गई चार हफ़्ते की अवधि के भीतर वापस नहीं आए थे. उसके बाद उनके ख़िलाफ़ ग़ैर-ज़मानती गिरफ़्तारी वारंट जारी कर दिया गया था.
अब ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या नवाज़ शरीफ़ वापस आकर राजनीतिक गतिविधियों में हिस्सा ले सकेंगे या पहले उन्हें क़ानूनी लड़ाई का सामना करना पड़ेगा.
पूर्व में उनके वकील रहे ख़्वाजा नवेद ने इसका बहुत ही आसान-सा जवाब दिया है कि ऐसे हालात में एक आम अभियुक्त को एयरपोर्ट से ही गिरफ़्तार कर लिया जाता है. ख़्वाजा नवेद परवेज़ मुशर्रफ़ द्वारा किए गए विमान हाईजैकिंग मुक़दमे में भी नवाज़ शरीफ़ के वकील रह चुके हैं.
नीतीश कुमार के हेलिकाॅप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग
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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हेलीकाॅप्टर की शुक्रवार को इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी है.
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, बिहार में पड़े सूखे का सर्वेक्षण करने निकले सीएम नीतीश कुमार के हेलिकाॅप्टर ने ख़राब मौसम के चलते गया में इमरजेंसी लैंडिग की है.
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बिहार में माॅनसून के मौजूदा सीज़न में कुछ ज़िलों को छोड़कर अभी तक अच्छी बारिश नहीं हुई है.
मौसम विभाग के अनुसार, कई ज़िलों में अभी तक सामान्य से 40 फ़ीसदी कम बारिश हुई है.
बिलकिस बानो गैंगरेप केस के दोषियों की रिहाई के ख़िलाफ़ महिलाओं के प्रदर्शन पर अहमदाबाद से रॉक्सी गागडेकर छारा का फ़ेसबुक लाइव
जम्मू-कश्मीर में मतदान के अधिकार को लेकर चल रहे विवाद में अब पाकिस्तान की एंट्री
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पाकिस्तान ने भारत प्रशासित
कश्मीर में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव के पहले की तैयारियों को जान-बूझकर किया
जा रहा हेरफेर और खुल्लम खुल्ला जोड़-तोड़ करार दिया है.
पाकिस्तान ने चुनाव के लिए भारत
सरकार के प्रयासों को कई आरोप लगाते हुए ख़ारिज कर दिया है.
पाकिस्तान के विदेश
मंत्रालय के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा है, ‘‘भारत प्रशासित कश्मीर में बाहरी कामगारों और सुरक्षाकर्मियों
सहित अस्थायी निवासियों को वोटर के रूप में रजिस्टर होने की अनुमति देना, तथाकथित चुनाव के नतीजे को प्रभावित करने की भारतीय तरीक़े की स्पष्ट अभिव्यक्ति है.’’
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पाकिस्तान ने अपने बयान में भारत पर कश्मीर की मुस्लिम बहुसंख्यक आबादी को अल्पसंख्यक तबके में बदलने के लिए कोशिश करने का आरोप लगाया है.
उसका आरोप है कि तथाकथित ‘परिसीमन’ आयोग के फ़ॉमूले और उसकी रिपोर्ट के ज़रिए लाखों बाहरी लोगों को ‘नकली’ कश्मीरी डोमिसाइल देकर और संपत्ति क़ानून में बदलाव लाकर भारत ऐसा करने की कोशिश कर रहा है.
उसने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कश्मीर की जनसंख्या के स्वरूप को बदलने के भारत के प्रयास को रोकने की मांग भी की है.
पाकिस्तान ने दावा किया है कि तीन साल पहले 5 अगस्त, 2019 को अनुच्छेद 370 हटाने के निंदनीय फ़ैसले के बावजूद भारत न तो कश्मीरी लोगों की इच्छाशक्ति को तोड़ने या दुनिया को गुमराह करने में सफल हो पाया है.
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने भारत को कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों, यूएन चार्टर और चौथे जिनेवा कन्वेंशन के उल्लंघन से रोकने की वकालत की है.
साथ ही उसने कश्मीर के सभी राजनीतिक कै़दियों को रिहा करने की मांग की है.
क्यों आया पाकिस्तान का बयान?
इससे पहले जम्मू और कश्मीर के मुख्य चुनाव अधिकारी ने गुरुवार को कहा कि यहाँ रह रहे बाहर के लोगों को राज्य में मतदान करने पर कोई रोक नहीं है.
उन्होंने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कोई जम्मू और कश्मीर में कितने समय से रह रहा है.
उनके अनुसार बाहर के लोग जम्मू और कश्मीर में रह रहे हैं या नही, इस पर अंतिम निर्णय चुनाव आयोग लेगा.
उन्होंने बताया कि राज्य में रहने वले लोग भी वहाँ वोट डाल सकते हैं.
उनके इस बयान की राज्य के विपक्षी दलों ने तीखी आलोचना की है.
पाकिस्तान में छात्रा का यौन उत्पीड़न, वायरल वीडियो के बाद हंगामा
पाकिस्तान के फ़ैसलाबाद शहर में एक छात्रा के अपहरण, यौन उत्पीड़न और प्रताड़ना का मामला सुर्ख़ियों में बना हुआ है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस-प्रशासन हरकत में आया है.
पाकिस्तान में इस घटना की पुरज़ोर तरीके से निंदा की जा रही है. अधिक जानकारी दे रही हैं बीबीसी संवाददाता शुमाइला ख़ान.
बिलकिस बानो गैंगरेप मामले में दोषियों की रिहाई पर भड़के जावेद अख़्तर ने की लोगों से ये अपील
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बिलकिस बानो गैंगरेप के सभी दोषियों को रिहा किए जाने के मामले को लेकर गुजरात की बीजेपी सरकार निशाने पर है.
कांग्रेस समेत कई विपक्षी पार्टियों ने बीजेपी सरकार को आड़े हाथों लिया है.
बड़ी संख्या में मानवाधिकार और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इसके ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई है.
इन कार्यकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग भी की है.
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अब मशहूर गीतकार जावेद अख़्तर ने भी ट्वीट कर इस मामले में अपनी राय सार्वजनिक की है.
उन्होंने ट्विटर पर लिखा है- जिन लोगों ने पाँच महीने की गर्भवती महिला के साथ बलात्कार किया और उनकी तीन साल की बेटी समेत परिवार के सात लोगों की हत्या की, उन्हें जेल से छोड़ दिया गया. इन लोगों को मिठाइयाँ खिलाई गई और माला भी पहनाया गया.
जावेद अख़्तर ने लोगों से कहा है कि इस मामले पर सोचिए. किसी बात के पीछे मत छिपिए. हमारे समाज के साथ कुछ तो गंभीर रूप से ग़लत हो रहा है.
तीन मार्च 2002 को गुजरात दंगों के दौरान बिलकिस बानो के साथ बलात्कार किया गया था और उनके परिवार के 14 सदस्यों को मार दिया गया था. मृतकों में बिलकिस बानो की तीन साल की बेटी भी शामिल थी.
इस मामले की जांच सीबीआई ने की थी जिसके बाद 2008 में बॉम्बे सत्र अदालत ने 11 लोगों को उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई थी. 15 अगस्त, 2022 को गोधरा जेल में सज़ा काट रहे इन 11 दोषियों को गुजरात सरकार की सज़ा माफ़ी की नीति के तहत रिहा कर दिया गया था.
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दोषियों की रिहाई पर बिलकिस बानो ने बयान जारी कर कहा था कि इससे उनका 20 साल पुराना सदमा फिर ताज़ा हो गया है और उनके पास कहने के लिए शब्द नहीं बचे हैं. बिलकिस बानो ने गुजरात सरकार से इस फ़ैसले को वापस लेने की अपील की थी.
वहीं, कांग्रेस ने दोषियों की सज़ा माफ़ किए जाने को लेकर प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा. कांग्रेस नेता राहुल गाँधी ने कहा कि फ़ैसला पीएम मोदी की कथनी और करनी में अंतर दिखाता है.
इसराइल की चर्चित ख़ुफ़िया एजेंसी मोसाद ने पहली बार किसी महिला को बनाया डायरेक्टर
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इसराइल की ख़ुफ़िया
एजेंसी ‘मोसाद’ में डायरेक्टर और ईरान डेस्क के प्रमुख के रूप में पहली
बार किसी महिला की नियुक्ति की गई है.
इसराइल के विदेश
मंत्रालय की डिजिटल डिप्लोमेसी टीम के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर ये जानकारी दी गई.
इस ट्वीट में बताया
गया, ‘‘आज मोसाद ने एलान किया है कि ‘ए’ ने इंटेलिजेंस अथाॅरिटी के
डायरेक्टर का पद संभाल लिया है. मोसाद के इतिहास में इस पद पर बैठने वाली वे पहली महिला
हैं.’’
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इनका दर्जा इसराइली सेना की ख़ुफ़िया संस्था के प्रमुख के स्तर का होगा.
इसी ट्वीट में यह भी बताया गया है कि एक अन्य सीनियर महिला एजेंट ‘के’ ने ईरान डेस्क के प्रमुख की ज़िम्मेदारी संभाली है.
इस तरह दुनिया की इस जानी मानी ख़ुफ़िया संस्था में नेतृत्व करने वाली भूमिकाओं में अब कुल चार महिलाएँ हो गई हैं.
यूक्रेन: एक और 'चेर्नोबिल' होने का डर
वीडियो कैप्शन, यूक्रेन: एक और 'चेर्नोबिल' होने का डर
यूक्रेन के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि रूसी कब्ज़े वाले ज़ापोरिज़िया के न्यूक्लियर पॉवर स्टेशन में हालात गंभीर होते जा रहे हैं.
ज़ापोरिज़िया का न्यूक्लियर पॉवर स्टेशन यूरोप का सबसे बड़ा न्यूक्लियर प्लांट है, जहां हाल के दिनों में भारी बमबारी हुई.
इसके लिए दोनों पक्ष एक-दूसरे को ज़िम्मेदार ठहरा रहे हैं.
देखिए बीबीसी संवाददाता जेम्स वॉटरहाउस की ये रिपोर्ट.
बिलकिस बानो के दोषियों की रिहाई को 'ब्राह्मण संस्कार' से जोड़ने वाले बीजेपी विधायक ने अब ये कहा है
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बिलकिस बानो से सामूहिक बलात्कार के 11 दोषियों की रिहाई को ''ब्राह्मण संस्कारों' से जोड़कर विवादों में घिरे गोधरा के विधायक सीके राउलजी ने अब कहा है कि उनके बयान को ग़लत तरीक़े से दिखाया जा रहा है.
बीजेपी विधायक सी के राउलजी ने ट्वीट किया है कि बलात्कारियों का जाति से कोई लेना-देना नहीं होता और न ही उन्होंने ऐसा कहा है. उनके बयान को ग़लत तरीक़े से दिखाया जा रहा है.
इससे पहले एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में राउलजी ने कहा था कि बिलकिस बानो से गैंगरेप करने वाले दोषियों को रिहा करने का फ़ैसला उनके पुराने व्यवहार, जेल में उनके व्यवहार, उनके परिवार की गतिविधियों और व्यवहार को देखते हुए लिया गया है.
उन्होंने कहा था, "साथ ही वे ब्राह्मण लोग थे, वैसे भी ब्राह्मण लोगों के संस्कार बहुत अच्छे होते हैं, ये सब देखते हुए फ़ैसला लिया गया है."
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विधायक सी के राउलजी गुजरात सरकार की बनाई उस समिति के भी सदस्य थे जिसने बिलकिस बानो से बलात्कार के 11 दोषियों को रिहा करने का फ़ैसला लिया.
सभी 11 दोषियों को 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस के दिन रिहाई मिली थी. ये सभी गोधरा की जेल में बंद थे.
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अब सी के राउलजी ने कहा था कि अगर कोई दोषी है तो उसको सज़ा मिलनी चाहिए और कोर्ट के फ़ैसले का सम्मान करना चाहिए.
साल 2002 में हुए गुजरात दंगों के दौरान अहमदाबाद के पास रनधिकपुर गाँव में एक भीड़ ने पाँच महीने की गर्भवती बिलकिस बानो के साथ सामूहिक बलात्कार किया था.
उनकी तीन साल की बेटी सालेहा की भी बेरहमी से हत्या कर दी गई थी.
किम जोंग उन की बहन ने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति को 'मुंह बंद' रखने को क्यों कहा
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इमेज कैप्शन, किम जोंग उन और उनकी बहन किम यो जोंग
उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति को 'मुंह बंद' रखने के लिए कहा है.
दरअसल, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून-सुक योल ने ये प्रस्ताव रखा था कि अगर उत्तर कोरिया परमाणु निरस्त्रीकरण को राज़ी हो जाता है तो बदले में उसे आर्थिक सहायता दी जाएगी.
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ने मई महीने में पद संभालते समय भी ये प्रस्ताव रखा था. इसके बाद राष्ट्रपति पद पर 100 दिन बीतने के बाद बुधवार को प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान उन्होंने इस प्रस्ताव को दोहराया था.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार ये पहली बार है जब उत्तर कोरिया के किसी बड़े नेता ने दक्षिण कोरिया के प्रस्ताव पर सीधे टिप्पणी दी है.
उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए की ओर से जारी बयान में किम यो जोंग ने कहा है, "अगर वो बेकार की बात करने की बजाय अपना मुंह बंद रखेंगे तो उनकी छवि के लिए ये बेहतर होगा."
किम यो जोंग ने दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति को सीधा और बचकाना बताते हुए कहा है कि उन्हें लगता है कि वो आर्थिक सहयोग का लालच देकर उत्तर कोरिया के सम्मान और परमाणु हथियारों का सौदा कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि कोई छोटी-मोटी चीज़ों के लिए 'अपनी क़िस्मत' का सौदा नहीं कर लेता.
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हाल के वर्षों में किम यो जोंग दक्षिण कोरिया की मुख़र आलोचक बनकर सामने आई हैं. उनका ताज़ा बयान यून पर अब तक सबसे कड़ा निजी हमला माना जा रहा है.
दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्री ने किम के बयान को 'बेहद अपमानजनक और असभ्य' बताया है.
कश्मीर मसले पर पाकिस्तान से बातचीत की ज़रूरत नहीं- मनोज सिन्हा
वीडियो कैप्शन, मनोज सिन्हा इंटरव्यूः जम्मू कश्मीर के राज्यपाल बोले पाकिस्तान से कश्मीर पर बात नहीं होगी
जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने बीबीसी से ख़ास बातचीत में दोहराया है कि कश्मीर मसले पर पाकिस्तान से बातचीत की कोई ज़रूरत नहीं है.
कश्मीरी पंडितों पर हो रहे हमलों को 'आतंकवादी हमला' बताते हुए सिन्हा ने कहा है कि एक समय था जबकि पाकिस्तान से फ़रमान आने पर कश्मीर में दुकानें बंद हो जाती थीं और वो स्थिति अब बदली है.
उन्होंने हुर्रियत कांफ़्रेंस के चेयरमैन मीरवायज़ उमर फ़ारुक़ के 'नज़रबंद या बंद' होने से स्पष्ट रूप से इनकार करते हुए कहा है कि उनके घर के आस-पास मौजूद पुलिस सिर्फ़ उनकी सुरक्षा के लिए तैनात है.
उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कश्मीर में अनुच्छेद 370 के हटने के बाद आए बदलावों की भी चर्चा की है.