बिलकिस बानो ने अपने साथ हुए गैंगरेप मामले में सभी 11 दोषियों की जेल से रिहाई पर बयान जारी किया है.
बिलकिस बानो ने इस बयान में कहा है कि सज़ायाफ़्ता दोषियों की रिहाई से उनके 20 सालों का सदमा फिर से ताज़ा हो गया है और इस फ़ैसले ने उन्हें सुन्न कर दिया है.
बिलकिस की ओर से बयान उनकी वकील ने जारी किया है. इस बयान में बिलकिस ने दोषियों की रिहाई पर कहा है, "15 अगस्त को, जब मैंने सुना कि जिन 11 लोगों ने मेरी ज़िंदगी और परिवार को बर्बाद किया, मेरी तीन साल की बेटी को छीन लिया, उन्हें आज़ाद कर दिया गया है तो उस समय बीते 20 साल का दर्द ने एक बार फिर मुझे झकझोर दिया. मेरे पास शब्द नहीं बचे. मैं अभी भी सुन्न हूँ."
"आज, मैं सिर्फ़ ये कह सकती हूँ कि किसी महिला को मिले न्याय का अंत ऐसे कैसे हो सकता है? मैंने अपने देश की उच्चतम अदालतों पर भरोसा किया था. मैंने व्यवस्था पर भरोसा किया था और मैं धीरे-धीरे अपने दुख के साथ जीना सीख रही थी. इन दोषियों की रिहाई ने मेरा सुकून छीन लिया है और न्याय से मेरा भरोसा भी डिगा दिया है. मेरा ये दुख और डिगता विश्वास केवल अपने लिए नहीं बल्कि हर उस महिला के लिए है जो अदालतों में न्याय के लिए संघर्ष कर रही हैं."
बिलकिस बानो ने कहा, "इतना बड़ा और अन्यायी फ़ैसला लेने से पहले किसी ने भी मेरी सुरक्षा के बारे में नहीं सोचा. मैं गुजरात सरकार से अपील करती हूँ कि वो इस फ़ैसले को वापस लें. मुझे भय के बिना शांति से जीने का मेरा अधिकार लौटाएँ. कृपया मेरे और मेरे परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करें."
साल 2002 में हुए गुजरात दंगों के दौरान अहमदाबाद के पास रनधिकपुर गांव में एक भीड़ ने पाँच महीने की गर्भवती बिलकिस बानो के साथ सामूहिक बलात्कार किया था. उनकी तीन साल की बेटी सालेहा की भी बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. इसी आरोप में सज़ा काट रहे 11 दोषियों को गुजरात सरकार ने 15 अगस्त के दिन जेल से रिहा कर दिया था.
बिलकिस बानो के लिए न्याय मांगते हुए कई लोगों ने ट्वीट किया है.
बिलकिस बानो के लिए न्याय की मांग करने वालों में दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल समेत तमिलनाडु कैडर की आईएएस अधिकारी स्मिता सभरवाल ने भी ट्वीट किया है.
तेलंगाना कैडर की
आईएएस अधिकारी स्मिता सभरवाल ने बिलकिस बानो मामले मे आए नवीनतम आदेश पर ट्वीट किया है. उन्होंने इस ट्वीट के साथ हैशटैग #JusticeForBilkisBanoभी इस्तेमाल किया है.
तेलंगाना के मुख्यमंत्री कार्यालय में अतिरिक्त सचिव स्मिता
सभरवाल ने ट्वीट किया है, “एक महिला होने के नाते और
एक सिविल सेवक होने के नाते, बिलकिस बानो
केस के बारे में ख़बरें पढ़ते हुए मैं यक़ीन नहीं कर पा रही हूं.”
वह आगे लिखती है, “हम बिना किसी भय के, आज़ादी से सांस लेने के उनके अधिकार
को छीन नहीं सकते हैं."