श्रीलंका की राह पर बांग्लादेश, पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतें आसमान पर, रजनी वैद्यनाधन, बीबीसी संवाददाता
दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल बांग्लादेश में महज़ एक हफ़्ते के अंदर पेट्रोल-डीज़ल के दाम 50 फ़ीसदी से अधिक बढ़ गए हैं.
बांग्लादेश इस महंगाई के लिए यूक्रेन में छिड़ी जंग पर दोष मढ़ रहा है लेकिन नाराज़ जनता विरोध के लिए सड़कों पर उतर आई है.
श्रीलंका और पाकिस्तान के बाद बांग्लादेश तीसरा ऐसा दक्षिण एशियाई देश है, जहाँ महंगाई सातवें आसमान पर जा रही है और जिसने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ़) से कर्ज़ मांगा है.
बांग्लादेश में पेट्रोल की कीमत 86 टका प्रति लीटर से बढ़कर 130 टका तक पहुँच गई है. वहीं, डीज़ल और मिट्टी के तेल के दाम भी 42.5 फ़ीसदी बढ़ गए हैं.
आसमान छूती महंगाई को लेकर बांग्लादेश के ऊर्जा मंत्री नसरुल हामिद ने बीबीसी बांग्ला से कहा, "हम जानते हैं कि क़ीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है लेकिन अगर दूसरे देशों की वजह से ईंधन के दाम बढ़ रहे हैं तो हम क्या कर सकते हैं?"
सरकार पर कुप्रबंधन के आरोपों को ख़ारिज करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने पहले ही महंगाई से बचने के लिए बहुत रियायतें दी हैं लेकिन अब क़ीमतों को बढ़ने से रोकना संभव नहीं है.
नसरुल हामिद ने कहा, "अगर वैश्विक स्तर पर क़ीमतें कम होती हैं, तो हम कुछ व्यवस्था करने की कोशिश करेंगे."
बीते सप्ताह ईंधन के नए दामों का एलान होने के बाद हज़ारों बांग्लादेशी नागरिकों ने देशभर में पेट्रोल पंप पर विरोध प्रदर्शन किए. बांग्लादेश में विरोध प्रदर्शन हालाँकि, श्रीलंका जितने बड़े स्तर पर नहीं हुए लेकिन यहाँ जनता में गु़स्सा और असंतोष बढ़ता जा रहा है.