स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्र के नाम संबोधन, पांच ख़ास बातें
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम अपने संदेश में कहा कि आधुनिक भारत के निर्माताओं ने प्रत्येक वयस्क नागरिक को राष्ट्र-निर्माण की सामूहिक प्रक्रिया में भाग लेने का अवसर प्रदान किया.
उन्होंने कहा, ''भारत को यह श्रेय जाता है कि उसने विश्व समुदाय को लोकतंत्र की वास्तविक क्षमता से परिचित कराया. उन्होंने कई मोर्चों पर भारत की उपलब्धियों और चुनौतियों का जिक्र किया और कहा कि 2047 तक हम अपने स्वाधीनता सेनानियों के सपनों को पूरी तरह साकार कर लेंगे. ''
राष्ट्रपतियों ने भारत की कई उपलब्धियों का जिक्र किया. आइए जानते हैं इन उपलब्धियों पर चर्चा करते हुए उन्होंने क्या कहा
1. हमने देश में ही निर्मित वैक्सीन के साथ मानव इतिहास का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान शुरू किया. पिछले महीने हमने दो सौ करोड़ वैक्सीन कवरेज का आंकड़ा पार कर लिया है. इस महामारी का सामना करने में हमारी उपलब्धियां विश्व के अनेक विकसित देशों से अधिक रही हैं.
2. इस समय भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ रही प्रमुख अर्थ-व्यवस्थाओं में से एक है. भारत के स्टार्ट-अप इकोन सिस्टम का दुनिया में ऊंचा स्थान है. हमारे देश में स्टार्ट-अप की सफलता, खास कर यूनिकॉर्न की बढ़ती हुई संख्या, हमारी औद्योगिक प्रगति का शानदार उदाहरण है.
3. डिजिटल अभियान द्वारा ज्ञान पर आधारित अर्थ-व्यवस्था की आधारशिला स्थापित की जा रही है. ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति’का उद्देश्य भावी पीढ़ी को औद्योगिक क्रांति के अगले चरण के लिए तैयार करना तथा उन्हें हमारी विरासत के साथ फिर से जोड़ना भी है.
4. प्रधानमंत्री आवास योजना की सहायता से गरीब के पास स्वयं का घर होना अब एक सपना नहीं रह गया है बल्कि सच्चाई का रूप ले चुका है. इसी तरह ‘जल जीवन मिशन’के तहत‘हर घर जल’योजना पर कार्य चल रहा है.
5. हमारे देश की बहुत सी उम्मीदें हमारी बेटियों पर टिकी हुई हैं. समुचित अवसर मिलने पर वे शानदार सफलता हासिल कर सकती हैं. अनेक बेटियों ने हाल ही में सम्पन्न हुए राष्ट्रमंडल खेलों में देश का गौरव बढ़ाया है.