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स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्र के नाम संबोधन, पांच ख़ास बातें

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम अपने संदेश में कहा कि आधुनिक भारत के निर्माताओं ने प्रत्येक वयस्क नागरिक को राष्ट्र-निर्माण की सामूहिक प्रक्रिया में भाग लेने का अवसर प्रदान किया.

लाइव कवरेज

प्रियंका झा and दीपक मंडल

  1. स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्र के नाम संबोधन, पांच ख़ास बातें

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम अपने संदेश में कहा कि आधुनिक भारत के निर्माताओं ने प्रत्येक वयस्क नागरिक को राष्ट्र-निर्माण की सामूहिक प्रक्रिया में भाग लेने का अवसर प्रदान किया.

    उन्होंने कहा, ''भारत को यह श्रेय जाता है कि उसने विश्व समुदाय को लोकतंत्र की वास्तविक क्षमता से परिचित कराया. उन्होंने कई मोर्चों पर भारत की उपलब्धियों और चुनौतियों का जिक्र किया और कहा कि 2047 तक हम अपने स्वाधीनता सेनानियों के सपनों को पूरी तरह साकार कर लेंगे. ''

    राष्ट्रपतियों ने भारत की कई उपलब्धियों का जिक्र किया. आइए जानते हैं इन उपलब्धियों पर चर्चा करते हुए उन्होंने क्या कहा

    1. हमने देश में ही निर्मित वैक्सीन के साथ मानव इतिहास का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान शुरू किया. पिछले महीने हमने दो सौ करोड़ वैक्सीन कवरेज का आंकड़ा पार कर लिया है. इस महामारी का सामना करने में हमारी उपलब्धियां विश्व के अनेक विकसित देशों से अधिक रही हैं.

    2. इस समय भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ रही प्रमुख अर्थ-व्यवस्थाओं में से एक है. भारत के स्टार्ट-अप इकोन सिस्टम का दुनिया में ऊंचा स्थान है. हमारे देश में स्टार्ट-अप की सफलता, खास कर यूनिकॉर्न की बढ़ती हुई संख्या, हमारी औद्योगिक प्रगति का शानदार उदाहरण है.

    3. डिजिटल अभियान द्वारा ज्ञान पर आधारित अर्थ-व्यवस्था की आधारशिला स्थापित की जा रही है. ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति’का उद्देश्य भावी पीढ़ी को औद्योगिक क्रांति के अगले चरण के लिए तैयार करना तथा उन्हें हमारी विरासत के साथ फिर से जोड़ना भी है.

    4. प्रधानमंत्री आवास योजना की सहायता से गरीब के पास स्वयं का घर होना अब एक सपना नहीं रह गया है बल्कि सच्चाई का रूप ले चुका है. इसी तरह ‘जल जीवन मिशन’के तहत‘हर घर जल’योजना पर कार्य चल रहा है.

    5. हमारे देश की बहुत सी उम्मीदें हमारी बेटियों पर टिकी हुई हैं. समुचित अवसर मिलने पर वे शानदार सफलता हासिल कर सकती हैं. अनेक बेटियों ने हाल ही में सम्पन्न हुए राष्ट्रमंडल खेलों में देश का गौरव बढ़ाया है.

  2. देश के अलग-अलग शहरों में निकाली जा रही हैं तिरंगा रैलियां, यहां देखिए एक झलक

    देश के अलग-अलग हिस्सों में तिरंगा रैलियां निकाली जा रही हैं.

    स्वतंत्रता दिवस से पहले उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पुलिस ने तिरंगा रैली निकाली. पुलिसकर्मियों ने बाइक पर सवार होकर ये रैली निकाली.

    उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी तिरंगा रैली देखने को मिली. यहां मदरसे के छात्रों ने तिरंगा रैली निकाली. देश की राजधानी दिल्ली की सड़कें भी तिरंगे के रंग में रंगी दिखीं. दिल्ली में साइकिल पर तिरंगा रैली निकाली गई.

  3. ताइवान ने चीन के साथ तनाव के दौरान भारत की शांति की अपील के लिए कहा शुक्रिया

    ताइवान ने रविवार को भारत और कुछ अन्य देशों के प्रति इस बात का आभार जताया है कि उन्होंने चीन के साथ उसके विवाद के दौरान संयम बरतने और एकतरफा कार्रवाई न करने की अपील की.

    भारत ने कहा था कि ताइवान जल डमरूमध्य में यथास्थिति को बदलने के लिए एकतरफा कार्रवाई से बचना चाहिए'. साथ ही क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के प्रयास किए जाने चाहिए. ताइवान ने इस प्रतिक्रिया पर भारत का धन्यवाद किया है.

    दिल्ली में ताइवानी प्रतिनिधि ने कहा कि, ''वो भारत समेत सभी समान विचारधारा वाले देशों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखते हुए अपनी आत्मरक्षा क्षमताओं को बढ़ाना जारी रखेगा, ताकि संयुक्त रूप से नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और सुरक्षा की रक्षा की जा सके.''

    अमेरिकी कांग्रेस की स्पीकर नैन्सी पलोसी ने हाल ही में ताइवान का दौरा किया था. इसके बाद अमेरिका ने ताइवान के नजदीक भारी सैन्य अभ्यास शुरू कर दिया.

    इसके बाद चीन और अमेरिका के बीच रिश्तों में तनाव काफी बढ़ गया. दूसरी ओर, चीन ने अमेरिका पर अंतरराष्ट्रीय समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया.

  4. बिहार में कितनी लोकसभा सीट जीतेगी बीजेपी आरजेडी नेता ने बताया

    राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद मनोज झा ने द हिंदू को दिए एक इंटरव्यू में बीजेपी पर चीन-मॉडल अपनाने का आरोप लगाया है.

    द हिंदूको दिए एक इंटरव्यू में आरजेडी नेता मनोज झा ने कहा कि भगवा पार्टी देश में, जस का तस चीनी-मॉडल लागू करना चाहती है. वह सभी क्षेत्रीय पार्टियों को समाप्त करके 'वन-पार्टी-रूल' बननाा चाहती है.

    बिहार में नीतीश कुमार के एनडीए से निकलकर महागठबंधन में शामिल होने और नई सरकार का मुख्यमंत्री बनने के बाद नई कैबिनेट का गठन होना है. इससे पहले नीतीश कुमार ने द हिंदू को दिए एक साक्षात्कार में कहा, जेडीयू के महागठबंधन का हिस्सा बनने के साथ ही यह तय हो गया है कि लोकसभा 2024 में बीजेपी सिर्फ़ 2 सीटें ही जीत पाएगी. वर्तमान में बीजेपी के पास राज्य की 40 सीटों में से 17 सीटें हैं. वहीं एनडीए गठबंधन की (जेडीयू की मिलाकर) 40 में से 39 सीटें हैं.

    द हिंदू को दिए साक्षात्कार में मनोज झा ने साल 2022 और साल 2015 के महागठबंधन के बीच के अंतर को स्पष्ट करते हुए कहा कि नीतीश कुमार को अपने साल 2017 के फ़ैसले पर अफ़सोस है.

  5. 14 अगस्त 2022 का दिनभर - पूरा दिन पूरी ख़बर, सुनिए मानसी दाश के साथ.

  6. महाराष्ट्र में मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा, देवेंद्र फडणवीस को गृह और वित्त मंत्रालय

    महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे कैबिनेट के विस्तार के बाद विभागों के बंटवारे को भी अंजाम दे दिया गया. रविवार को विभागों के बंटवारे के तहत गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सौंपी गई है.

    नौ अगस्त को दो सदस्यीय कैबिनेट के विस्तार के तहत 18 मंत्रियों के शामिल करने वाले एकनाथ शिंदे ने अपने पास शहरी विकास मंत्रालय रखा है.उनके पास पर्यावरण, अल्पसंख्यक, परिवहन, आपदा प्रबंधन की जिम्मेदारी भी है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को गृह मंत्रालय के साथ वित्त मंत्रालय भी दिया गया है. चंद्रकांत पाटिल को शिक्षा मंत्रालय और अब्दुल सत्तार को कृषि मंत्रालय का जिम्मा दिया गया है.

    उपमुख्यमंत्री ने रविवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी और एकनाथ शिंदे खेमा जरूरत पड़ने पर अगले कैबिनेट विस्तार से पहले कुछ विभागों में बदलाव भी कर सकता है.

    राधाकृष्ण विखे पाटिल को राजस्व, पशुपालन और डेयरी विकास मंत्रालय दिया गया है. सुधीर मुनगंटीवार को वानिकी, सांस्कृतिक मामले और मत्स्य पालन, चंद्रकांत पाटिल को उच्च और तकनीकी शिक्षा, कपड़ा उद्योग और संसदीय कार्य का जिम्मा मिला है. शिंदे सरकार के कैबिनेट मंत्रियों ने नौ अगस्त को शपथ ली थी

  7. शेयर बाज़ार के सिकंदर राकेश झुनझुनवाला आख़िर क्यों इतने ख़ास थे?

    जाने-माने शेयर कारोबारी राकेश झुनझुनवाला का रविवार को निधन हो गया.

    मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में उन्होंने आखिरी सांस ली.

    राकेश झुनझुनवाला की उम्र 62 साल थी. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार स्वास्थ्य खराब होने पर आज सुबह ही उन्हें अस्पताल ले जाया गया था.

    हाल ही में उन्होंने आकासा एयरलाइंस की शुरुआत की थी.

    राकेश झुनझुनवाला के निधन पर पीएम मोदी ने भी दुख जताया है.

    उन्होंने ट्वीट किया है कि आर्थिक जगत में राकेश झुनझुनवाला ने अमिट छाप छोड़ी है

  8. कर्नाटक: तलाक लेने आई महिला की अदालत परिसर में ही गेला रेत कर हत्या

      • Author, इमरान क़ुरैशी
      • पदनाम, बेंगलुरु से, बीबीसी हिंदी के लिए

    कर्नाटक के हासन जिले के अदालत परिसर में एक महिला की उसके पति ने कथित तौर पर चाकू मार कर हत्या कर दी. ये घटना पति-पत्नी के बीच तलाक के मामले में मजिस्ट्रेट की ओर से मध्यस्थता की एक घंटे की कोशिश के बाद हुई.

    दोनों की शादी के पांच साल हो चुके थे. दंपति के दो बच्चे हैं और यह होलेनरसीपुर तालुक की अदालत में तलाक के मामले में मध्यस्थता के लिए पहुंचा था. 24 वर्षीय चित्रा घरेलू हिंसा की वजह से शिवकुमार से तलाक लेना चाहती थी.

    लेकिन तलाक की अर्जी पर कार्यवाही से पहले मानक नियमों के मुताबिक ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट ने मध्यस्थता की प्रक्रिया शुरू की थी क्योंकि दोनों के दो बच्चे हैं.

    हासन के एसपी हरिराम शंकर ने बीबीसी हिंदी को बताया, ''एक घंटे तक तक चली मध्यस्थता की प्रक्रिया के बाद मजिस्ट्रेट ने अगले दौर की मध्यस्थता के लिए 12 सितंबर की तारीख तय की. इसके बाद चित्रा वॉशरूम की ओर बढ़ी. शिवकुमार उसके पीछे-पीछे आया और वॉशरूम में ही कथित तौर पर चाकू से उसका गला रेत दिया.''

    चित्रा को तुरंत तालुका अस्पताल पहुंचा गया, जहां से उन्हें हासन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में भेज दिया गया. लेकिन अस्पताल वालों ने वहां उन्होंने मृत घोषित कर दिया.

    शिवकुमार अदालत परिसर में मौजूद पुलिस ने फौरन गिरफ्तार कर लिया. आश्चर्यजनक रूप से हासन जिले में मध्यस्थता प्रक्रिया के बीच हत्या का ये दूसरा मामला है.

    पिछले महीने बेलुर में मजिस्ट्रेट ने घरेलू हिंसा के आधार पर अदालत में तलाक की एक अर्जी दी गई थी. पुलिस अधिकारी के मुताबिक इस पर मध्यस्थता प्रक्रिया के कुछ दिनों बाद पति ने पत्नी के घर जाकर उसकी हत्या कर दी थी. इस दंपति के भी दो बच्चे थे.

  9. चीन के 'जासूसी' पोत को श्रीलंका आने की मिली मंज़ूरी, भारत की क्या है चिंता

    भारत की चिंताओं के बावजूद श्रीलंका ने चीन के पोत 'यूआन वांग 5' को हम्बनटोटा बंदरगाह पर आने की इजाज़त दे दी है. श्रीलंका की सरकार ने भारत की चिंताओं को दरकिनार करते हुए चीनी पोत को यह अनुमति दी है.

    श्रीलंकाई विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि चीनी पोत युआन वांग 5 को 16 से 22 अगस्त तक हंबनटोटा बंदरगाह पर पोर्ट करने कीमंज़ूरी दे दी गईहै.

    नौ अगस्त को न्यूज़एजेंसी रॉयटर्सने ख़बर दी थी कि चीनी रिसर्च पोत हम्बनटोटा के लिए रवाना हो चुका था और रास्ते में था.

    भारत को आशंका है कि चीन इस पोर्ट का इस्तेमाल सैन्य गतिविधियों के लिए कर सकता है. 1.5 अरब डॉलर का हम्बनटोटा पोर्ट एशिया और यूरोप के मुख्य शिपिंग रूट के पास है. भारत यह चिंता तब से जता रहा है जब हम्बनटोटा पोर्ट को श्रीलंका ने क़र्ज़ नहीं चुका पाने के बदले 99 साल के लिए गिरवी रख दिया था.

  10. स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, हजारों सुरक्षाकर्मी तैनात

    देश में आजादी के 76वीं वर्षगांठ पर आयोजित समारोह के लिए राजधानी दिल्ली में सुरक्षा चाक-चौबंद है.लाल किले की सुरक्षा के लिए दस हजार सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है.

    स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले से देश को संबोधित करेंगे.

    राजधानी में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. इसके तहत फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम कैमरे से लेकर मल्टीलेयर सिक्योरिटी कवर शामिल किया गया है. स्वतंत्रता दिवस समारोह पर 7000 अतिथियों को आमंत्रित किया गया है.

    पुलिस ने 22 जुलाई को एक आदेश जारी कर स्वतंत्रता दिवस समारोह से पूर्व पैराग्लाइडर, हैंडग्लाइडर और हॉट एयर बैलून जैसी वस्तुओं को उड़ाने पर रोक लगा दी थी. यह आदेश सुरक्षा कारणों से 16 अगस्त तक यहां प्रभाव में रहेगा.

  11. आज़ादी के 75 साल: पाकिस्तान के भारत से एक दिन 'बड़े' होने की कहानी

    पाकिस्तान को स्वतंत्र हुए 75 साल से अधिक का समय गुज़र चुका है. इस लंबे अरसे में हम अपने इतिहास के कितने ही हिस्सों से अनजान रहे.

    हम अपने स्वतंत्रता दिवस का आयोजन हर साल 14 अगस्त को और हमारे साथ स्वतंत्र होने वाला पड़ोसी देश भारत अपना यही आयोजन 15 अगस्त को मनाता है और हर साल ये सवाल उठता है कि दो देश जो एक साथ आज़ाद हुए हों, उनके स्वतंत्रता दिवस में एक दिन का अंतर कैसे आ गया? इस लेख में हमने इसी रहस्य को सुलझाने की कोशिश की है.

    बुज़ुर्ग हमें बताते हैं कि पाकिस्तान रमज़ान की 27वीं रात को स्वतंत्र हुआ. और ये भी बताते हैं कि जिस दिन स्वतंत्र हुआ उस दिन अलविदा जुमा (रमज़ान के महीने का आख़िरी शुक्रवार) का दिन था. फिर हमें बताया जाता है कि उस दिन 14 अगस्त 1947 की तारीख़ थी और हम अपने साथ आज़ाद होने वाले देश से 'एक दिन बड़े' हैं.

    लेकिन जब हम 1947 का कैलेंडर देखते हैं तो पता चलता है कि उस दिन तो गुरुवार था और हिजरी तारीख़ भी 27 नहीं बल्कि 26 रमज़ान थी.

  12. सऊदी तेल कंपनी अरामको को दूसरी तिमाही में बंपर मुनाफा, 48.4 अरब डॉलर पर पहुंचा

    सऊदी अरब की दिग्गज तेल कंपनी अरामको ने चालू वित्त की दूसरी तिमाही में 48.4 अरब डॉलर का मुनाफा हासिल किया है. यूक्रेन पर रूस के हमले की वजह से तेल के दाम बढ़ने की वजह से कंपनी के मुनाफे में इजाफा हुआ है.

    कंपनी की शुद्ध आय पिछले साल की तुलना में 90 फीसदी बढ़ी है. पहली तिमाही में कंपनी की शुद्ध आय 39.5 अरब डॉलर थी. अरामको के अलावा एक्सॉन मोबिल, शेवरॉन, शेल. टोटल एनर्जिज और ईनी जैसी दुनिया की दिग्गज कंपनियों को भी जबरदस्त मुनाफा हुआ है.

    सऊदी अरामको के सीईओ अमीन एच नासर ने कहा कि ग्लोबल मार्केट में उतारचढ़ाव और आर्थिक अनिश्चितता और पहली छमाही के घटनाक्रम को देखते हुए तेल उद्योग में निवेश बढ़ाना जरूरी है.

    उन्होंने कहा, ''इस दशक के बाकी सालों में भी तेल की मांग बढ़ती हुई दिख रही है.''

  13. आज़ादी के 75 साल: 'पाकिस्तान और भारत के रिश्ते वैसे ही होने चाहिए, जैसे दो पड़ोसी देशों में होते हैं'

    हालिया इतिहास में कुछ ऐसी घटनाएं हैं जिन्होंने लोगों की पहचान और ज़िंदगी रातों-रात बदल दी है, लेकिन उपमहाद्वीप का विभाजन ऐसी घटनाओं में अलग है, और 75 साल बाद भी इसके प्रभाव बरक़रार हैं, चाहे आप इस क्षेत्र में कहीं भी रहते हों.

    भारत और पाकिस्तान के युवाओं का कहना है कि दोनों देशों के बीच की कड़वाहट लोगों की नहीं बल्कि राजनीतिक अभिजात्य वर्ग की कमज़ोरी का नतीजा है.

    विश्वजीत सिंह कंबोज भारतीय पंजाब के फ़िरोजपुर इलाक़े के रहने वाले हैं जिनका गांव सरहद से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर है.

    विभाजन के समय, उनके दादा को नई सीमा के इस पार के गाँव में विस्थापित होना पड़ा था, जहाँ कंबोज अब रहते हैं, जो उनके दादा के गाँव से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर है.

  14. ब्रेकिंग न्यूज़, मिस्र के एक चर्च में आग लगने से 41 लोगों की मौत, बड़ी संख्या में घायल

    ऐसी रिपोर्टें हैं कि मिस्र के गिज़ा शहर में रविवार को आग लगने के कारण एक चर्च नष्ट हो गया है और बड़ी संख्या में लोग मारे गए हैं और साथ ही कई लोग घायल भी हुए हैं.

    बीबीसी की अरबी सेवा की रिपोर्ट के अनुसार, दुर्घटना में 41 लोग मरे हैं जबकि 14 लोगों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने सुरक्षा विभाग के सूत्रों के हवाले से लिखा है कि इस घटना में कम से 35 लोग मरे हैं जबकि 45 लोग घायल हुए हैं.

    गिज़ा शहर के इम्बाबा क्षेत्र में अबू सिफिन चर्च में घटना के वक़्त बड़ी संख्या में लोग सामूहिक प्रार्थना कर रहे थे.

    आग लगने की वजह बिजली का शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है.

    मिस्र के राष्ट्रपति ने घटना पर शोक जताया है और मरने वालों के प्रति संवेदना प्रकट की है.

  15. भारत-पाकिस्तान में कितने बदल गए आज़ादी के मायने

    आज़ादी के 75 साल बाद भारत और पाकिस्तान में इसके क्या मायने हैं?

    दोनों देशों में कितने बदलाव आ गए हैं और इस बदलाव की वजह क्या है? देखिए पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार वुसअतुल्लाह ख़ान की टिप्पणी.

  16. दुनिया विरोधाभासों से भरी हुई लेकिन द्वंद्व से निपटने का हुनर केवल भारत के पास है: मोहन भागवत

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि भारत जिस तरीके से विविधता को समेटे हुए है, उसके लिए पूरी दुनिया इसकी ओर देखता है.

    नागपुर शहर में 'भारत@2047 माई विजन,माई एक्शन' कार्यक्रम में भागवत ने कहा कि जब विविधता को संभालने की बात आती है तो पूरी दुनिया भारत की ओर देखती है. दुनिया में पूरी तरह से विरोधाभास है लेकिन अलग-अलग धाराओं के बीच समन्वय की क्षमता सिर्फ भारत में है.

    उन्होंने कहा, ''जब विविधता को प्रभावी तरीके से आत्मसात करने की बात आती है तो दुनिया भारत की ओर देखती है. दुनिया विरोधाभासों से भरी हुई लेकिन द्वंद्व से निपटने का हुनर केवल भारत के पास है. भगवत ने कहा कि कई ऐतिहासिक घटनाएं रही हैं, जो हमें कभी नहीं बताई गई और न ही उचित तरीके से पढ़ाई गई.

    उन्होंने कहा, ''उदाहरण के लिए संस्कृत का व्याकरण जिस स्थान से उपजा, वह भारत में नहीं हैं. हमारी भाषा, वेशभूषा, संस्कृतियों में मामूली अंतर है लेकिन हमें वृहद तस्वीर देखने तथा इन चीजों पर अटके नहीं रहने की समझ बनानी होगी.''

  17. अफ़गानिस्तान के ये लोग भारत से निराश हैं

    अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान के शासन का एक साल पूरा हो चुका है.

    यहां के हालात अब कैसे हैं ये जानने के लिए बीबीसी हिंदी की टीम अफ़ग़ानिस्तान पहुंची है.

    अफ़ग़ानिस्तान के लोग दोनों देशों के बीच के संबंधों का जिक्र करते हैं, वो ये भी कहते हैं कि सालों से दोनों देशों के बीच क़रीबी संबंध रहे हैं.

    लेकिन यहां के कुछ लोग भारत की वीजा नीति को लेकर निराश हैं. कई ऐसे छात्र भी हैं जो अपनी पढ़ाई को लेकर चिंता जता रहे हैं.

  18. डॉएच्च बैंक के पूर्व को-सीईओ अंशु जैन का निधन

    डॉएच्च बैंक के भारतीय मूल के पूर्व को-सीईओ अंशु जैन का निधन हो गया है. वह पिछले पांच साल से कैंसर से जूझ रहे थे.

    डॉएच्च बैंक ने शनिवार को एक बयान कहा, "वह अपने पूर्व को-सीईओ अंशु जैन के निधन से शोकमग्न है. जैन का शनिवार को 59 साल की उम्र में कैंसर से निधन हो गया."

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक जैन को 2017 में कैंसर से ग्रस्त होने का पता चला. जैन पिछले कुछ साल से लंदन में रह रहे थे. उनका निधन वहीं हुआ.

    डॉएच्च बैंक के विकास में जैन ने अहम भूमिका निभाई थी. जयपुर में पैदा हुए जैन ने दिल्ली से इकोनॉमिक्स में ऑनर्स किया था. इसके बाद उन्होंने अमेरिका के मेसाचुसेट्स एमहर्स्ट यूनिवर्सिटी से फाइनेंस में एमबीए किया था.

    अंशु जैन 2012 में डॉएच्च बैंक के को-सीईओ बने थे. 1995 में उन्होंने यह बैंक ज्वॉइन किया था. जैन ने अपना करियर वॉल स्ट्रीट में मेरिल लिंच के साथ शुरू किया था.

  19. आज़ादी के 75 साल: भारत के बंटवारे पर बनीं ये 5 यादगार फ़िल्में आपने देखी हैं?

    भारत के बंटवारे, दंगों और उसके बाद हुए लाखों लोगों के विस्थापन को मानवीय इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदियों में गिना जाता है लेकिन इस विषय पर बनीं फ़िल्मों को ऊंगलियों पर गिना जा सकता है.

    आइए बात करते हैं ऐसी पांच ख़ास फ़िल्मों की जो विभाजन विभीषिका के कई सुने-अनसुने पहलुओं का मार्मिक चित्रण करती हैं.

    1.गरम हवा

    देश विभाजन के दौरान हालात अचानक कैसे बदल गए. इस पर भारत के साथ पाकिस्तान के फ़िल्मकारों ने भी उसी दौर में कुछ फिल्में बनाई थीं लेकिन इस पृष्ठभूमि पर जो फिल्म सबसे पहले ज्यादा सुर्खियों में आई, वह है- 'गरम हवा'.

  20. विदेशी निवेशकों में भारतीय शेयर बाज़ार के लिए जबर्दस्त उत्साह, अगस्त के पहले दो हफ़्तों में लगाए 22,452 करोड़ रुपये

    अगस्त में विदेशी निवेशकों का भारतीय शेयर बाज़ार के प्रति जबर्दस्त उत्साद देखने को मिला.

    समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, विदेशी निवेशकों ने अगस्त के पहले दो हफ़्तों में 22,452 करोड़ रुपये की खरीदारी की है.

    जबकि जुलाई के पूरे महीने में विदेशी निवेशकों ने लगभग 5000 करोड़ रुपये ही लगाए थे.

    जुलाई से पहले के नौ महीनों में विदेशी निवेशकों ने लगातार बिकवाली की थी.

    भारतीय शेयर बाज़ारों में इस बिकवाली की शुरुआत पिछले साल अक्टूबर के महीने में हुई थी.

    अक्टूबर, 2021 से जून 2022 तक विदेशी निवेशकों ने अपने कुल 2.64 लाख करोड़ रुपये का निवेश बाहर निकाल लिया था.