उत्तराखंड बीजेपी के प्रदेश प्रमुख महेंद्र भट्ट के तिरंगे को लेकर दिए गए एक बयान की काफ़ी चर्चा हो रही है और प्रदेश के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने उन्हें आड़े हाथों लिया है.
मीडिया में आई रिपोर्ट्स के मुताबिक़ बुधवार को हलद्वानी में एक सभा को संबोधित करते हुए महेंद्र भट्ट ने कहा कि वो लोग जो हर घर तिरंगा अभियान के दौरान अपने घरों में राष्ट्रीय ध्वज नहीं लगाते, उनकी देशभक्ति पर सवाल खड़ा हो सकता है.
भट्ट ने कहा, '' जिसके घर में तिरंगा नहीं लगेगा, हम उसे विश्वास की नज़र से कभी देख नहीं पाएंगे. मुझे उस घर का फ़ोटो चाहिए जिस घर में तिरंगा न लगा हो. समाज देखना चाहता है उस घर को, उस परिवार को कि भारत के सम्मान का भाव किस-किस परिवार में नहीं है.''
''घर में देश का झंडा लगाने से किसे दिक्कत हो सकती है? देश ऐसे लोगों पर भरोसा नहीं कर सकता जो तिरंगा नहीं फहराते हों.''
हालाँकि, बाद में अख़बार टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए भट्ट ने कहा कि कांग्रेस ने उनके बयान का ग़लत अर्थ निकाला है.
उन्होंने कहा,"वो (कांग्रेस) अब कह रहे हैं कि लोगों के पास राष्ट्रीय ध्वज ख़रीदने के पैसे नहीं हैं. जबकि अलग-अलग माध्यमों से सरकार लोगों को तिरंगा उपलब्ध करा रही है और पार्टी भी इसमें मदद कर रही है."
भट्ट के इस विवादित बयान पर कई विपक्षी पार्टियों की प्रतिक्रिया आ रही है.
उत्तराखंड कांग्रेस के पूर्व प्रमुख गणेश गोडियाल ने कहा, '' राष्ट्रीय पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते, कुछ भी बोलने से पहले उन्हें दो बार सोचना चाहिए. फ़िलहाल मैं पहाड़ों की यात्रा पर हूं और देख पा रहा हूं कि कई घरों में झंडे नहीं लगे हैं. शायद बीजेपी सरकार में माली हालत ख़राब होने के कारण वो तिरंगा नहीं लगा पा रहे हों.''