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अमेरिकी नौसेना के जहाज का पहला भारत दौरा, रिपेयरिंग के लिए पहुंचा चेन्नई समुद्री तट

अमेरिकी नौसेना के जहाज चार्ल्स ड्रयू ने रविवार को चेन्नई के कट्टुपल्ली के लार्सन एंड टूब्रो शिपयार्ड में लंगर डाल दिया. ये जहाज रिपेयरिंग और कुछ दूसरी सेवाओं के लिए इस शिपयार्ड पर पहुंचा है.

लाइव कवरेज

कमलेश मठेनी and दीपक मंडल

  1. बॉक्सिंग में गोल्ड मेडल जीतने वाली नीतू घनघस के संघर्ष की कहानी

    भिवानी के धनाना गांव की मुक्केबाज़ नीतू घनघस ने दिखाया है कि आपके यदि इरादे बुलंद हों तो किसी भी परिणाम को हासिल किया जा सकता है. पक्के इरादे वाली इस मुक्केबाज़ को बर्मिंघम कॉमनवेल्थ खेलों की महिला मुक्केबाज़ी के 48 किलोमग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने का मज़बूत दावेदार माना जा रहा है.

    नीतू के मुक्केबाज़ी में ग्रेजुएशन की कहानी भी काफी दिलचस्प है. वह इस साल पहली बार विश्व मुक्केबाज़ी चैंपियनशिप में भाग लेने गईं और उनका पहले ही राउंड में देश की महान मुक्केबाज़ एमसी मैरिकॉम की पुरानी रोमानियाई प्रतिद्वंद्वी स्टेलुटा से मुकाबला था.

    नीतू ने अपने आक्रामक अंदाज़ से उन्हें धोकर रख दिया. हालांकि नीतू अपने इस अभियान को पदक तक पहुंचाने में सफल नहीं हो सकीं. उन्हें क्वार्टर फाइनल में एशियाई चैंपियन बाल्कीबियोवा के हाथों 2-3 अंकों से हार का सामना करना पड़ा.

  2. ब्रेकिंग न्यूज़, कॉमनवेल्थ खेल 2022: पुरुषों के ट्रिपल जंप मुकाबले में भारत ने गोल्ड और सिल्वर दोनों जीता

    कॉमनवेल्थ गेम्स में पुरुषों के ट्रिपल जंप मुकाबले में रविवार का दिन भारत के लिए शानदार रहा.

    पहले एल्डोस पॉल ने 17.03 मीटर की छलांग लगा कर गोल्ड मेडल में जीता.

    इसके बाद अब्दुल्ला अबुबकर ने 17.02 मीटर की छलांग लगा कर सिल्वर मेडल जीता.

    भारत इस मुकाबले में तिकड़ी लगा सकता था लेकिन प्रवीण चित्रावेल चौथे स्थान पर रहे.

  3. राष्ट्रमंडल खेलों के सभी 12 वर्गों में भारतीय पहलवानों ने जीते पदक, क्या हैं इसके मायने

    राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के पहलवानों की कामयाबी आश्चर्यजनक नहीं है. हाँ, भारत का कोई पहलवान अगर पदक नहीं जीत पाता तो ये चिंता का विषय अवश्य होता. इन खेलों में, कुश्ती के मैदान में भारत शुरू से ही सर्वश्रेष्ठ देशों में से है.

    कनाडा के बाद, भारत ने ही राष्ट्रमंडल खेलों में सबसे अधिक पदक कुश्ती में जीते हैं. कुश्ती की दुनिया में रूस, जापान, ईरान, अमरीका और कजाख़स्तान जैसे देश सुपरपावर माने जाते हैं, और ये सभी देश राष्ट्रमंडल का हिस्सा नहीं हैं, इसलिए भारत को चुनौती देने वाले देशों में केवल नाइजीरिया और कनाडा ही थे.

    भारत का दबदबा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पुरुषों के मुक़ाबलों में बजरंग पुनिया (65 किग्रा), रवि दहिया (57 किग्रा), नवीन (74 किग्रा) और दीपक पुनिया (86 किग्रा) को कुश्ती में एक भी मुश्किल चुनौती नहीं मिली, उन्होंने बड़े आराम से स्वर्ण पदक जीता.

    वहीं, कांस्य पदक हासिल करने वाले मोहित ग्रेवाल (125 किग्रा) और दीपक नेहरा (97 किग्रा) कनाडा के भारतीय मूल के पहलवानों से अपने मुक़ाबले हारे. मोहित अमरवीर धेसी से अपना सेमीफ़ाइनल हारे और दीपक को क्वार्टरफ़ाइनल में निशानप्रीत सिंह रंधावा से शिकस्त मिली.

  4. ब्रेकिंग न्यूज़, कॉमनवेल्थ खेल 2022: अमित पंघाल का गोल्डन पंच, इंग्लैंड के बॉक्सर को हरा कर जीता गोल्ड

    भारतीय बॉक्सर अमित पंघाल ने 48-51 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड मेडल जीता है.

    उन्होंने इंग्लैंड के किएरन मैकडोनाल्ड को सीधे मुकाबले में 5-0 शून्य से हरा दिया.

    रविवार को उन्होंने मैकडोनाल्ड को हरा कर बॉक्सिंग में देश को दूसरा स्वर्ण पदक दिलाया.

    इससे पहले महिला बॉक्सर नीतू घनघस ने इंग्लैंड की डेमी जेड को 48 किलो वर्ग में 5-0 से हराकर बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों की बॉक्सिंग स्पर्धा में भारत के लिए पहला गोल्ड मेडल जीता.

    अब राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के कुल 15 स्वर्ण, 11 रजत और 17 कांस्य पदक हो गए हैं.

    इसके साथ ही भारत बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के पदकों की संख्या 43 हो गई है.

  5. ये गाय इतनी छोटी है कि अपार्टमेंट में पाल सकते हैं

    शायद आप को हैरानी हो रही हो कि ये गायें इतनी छोटी क्यों हैं? पुंगानुरू नस्ल की गायें ऐसी ही होती हैं. इनमें भी कुछ गायें काफ़ी छोटी होती हैं.

    काकीनाडा ज़िले के किसान कृष्णम राजू कहते हैं कि काफ़ी छोटी पुंगानुरू गायें भी आजकल दिखती हैं.

    वो बताते हैं कि कुछ लोग इन गायों को अपने घरों में पालने में भी दिलचस्पी ले रहे हैं. वो आंध्र प्रदेश के काकीनाडा ज़िले के लिंगमपर्थी में एक गौशाला चलाते हैं. देखिए यह ख़ास रिपोर्ट.

  6. ब्रेकिंग न्यूज़, कॉमनवेल्थ गेम्स 2022: बॉक्सर नीतू घनघस ने जीता गोल्ड मेडल

    भारतीय महिला बॉक्सर नीतू घनघस ने कॉमनवेल्थ गेम्स में मिनिमम वैट कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीता है.

    नीतू घनघस ने शनिवार को कनाडा की प्रियंका ढिल्लो को हरा कर मिनिमम वेट कैटेगरी के फाइनल में पहुंची थीं.

    नीतू घनघस ने इंग्लैंड की डेमी जेड को 48 किलो वर्ग में 5-0 से हराकर बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों की बॉक्सिंग स्पर्धा में भारत के लिए पहला गोल्ड मेडल जीता.

    अब राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के कुल 15 स्वर्ण, 11 रजत और 17 कांस्य पदक हो गए हैं. इसके साथ ही बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के पदकों की संख्या 43 हो गई है.

  7. कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय पुरुष हॉकी टीम गोल्ड मेडल से एक जीत दूर

    भारतीय कप्तान मनप्रीत सिंह ने बर्मिंघम रवाना होने से पहले कहा था कि इस बार उनकी निगाह सोने के तमगे पर है. अपने इस सपने को साकार करने से भारतीय टीम अब एक जीत दूर है.

    भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 3-2 से हराकर कॉमनवेल्थ गेम्स पुरुष हॉकी के फ़ाइनल में स्थान बना लिया है.

    भारत का अब फ़ाइनल में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेले जाने वाले दूसरे सेमीफ़ाइनल में जीत पाने वाली टीम से होगा. भारत ने इन गेम्स में दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ कभी नहीं हारने के रिकॉर्ड को बनाए रखा.

    दोनों टीमों के बीच इससे पहले 1998, 2006 और 2014 में इन गेम्स में मुक़ाबला हुआ था और सभी मुक़ाबलों में भारत को जीत मिली थी.

  8. ब्रेकिंग न्यूज़, कॉमनवेल्थ खेल 2022: महिला हॉकी में न्यूज़ीलैंड को हरा कर भारत ने कांस्य पदक जीता

    कॉमनवेल्थ गेम्स के महिला हॉकी मैच में भारत ने न्यूजीलैंड को हरा कर कांस्य पदक जीत लिया है.

    भारत की ओर से दूसरे क्वॉर्टर में सलीमा टेटे ने गोल दागा.

    हालांकि तीसरे क्वॉर्टर में न्यूजीलैंड ने बराबरी वाला गोल दागा लेकिन भारत ने रेफरल लेने का फैसला किया और यह गोल रद्द हो गया.

    हालांकि बाद में न्यूजीलैंड ने बराबरी कर ली. आखिर में पेनाल्टी शूटआउट में भारत ने जीत हासिल कर ली.भारत की कप्तान और गोलकीपर सविता पूनिया ने पेनाल्टी शूट आउट में चार में से तीन गोल बचा लिए. जबकि भारत की ओर से दागे गए पेनाल्टी शूटआउट गोल में बदल गए. भारत ने पेनाल्टी शूट आउट में 2-1 से जीत हासिल की.

    भारत को सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हार का सामना करना पड़ा था.

  9. इसराइली हमले के ख़िलाफ़ सऊदी समेत सख़्त हुए कई इस्लामिक देश

    फ़लीस्तीनी समूह इस्लामिक जिहाद यानी पीआईजे के ख़िलाफ़ गज़ा में की गई इसराइली कार्रवाई में अब तक 24 फ़लीस्तीनियों के मारे जाने और 200 से ज़्यादा लोगों के घायल होने की ख़बर है.

    मरने वालों में पीआईजे नेता तासीर जब्बारी सहित कई लड़ाके और छह बच्चे भी शामिल हैं.

    इसराइल की ताज़ा कार्रवाई के बाद इस्लामी देशों ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसराइल को इसके नतीज़े भुगतने की धमकी दी है.

    सऊदी अरब, ईरान, पाकिस्तान, मिस्र, संयुक्त अरब अमीरात, क़तरजैसे इस्लामिक देशों ने इसराइल की ताज़ा कार्रवाई पर फ़लीस्तीन के प्रति अपना गहरा समर्थन भी जताया है.

  10. इसराइल ने गज़ा पट्टी में पीआईजे के नेता खालिद मंसूर को बनाया निशाना

    इसराइली सुरक्षा बलों ने गज़ा पट्टी में शनिवार को फ़लस्तीनी हथियारबंद समूह इस्लामिक जिहाद (पीआईजे) के नेता खालिद मंसूर को निशाना बनाया है.

    खालिद मंसूर गज़ा पट्टी के दक्षिणी इलाक़े के कमांडर थे.

    इसराइली डिफेंस फॉर्सेज (आईडीएफ़) और इसराइल सिक्योरिटीज़ अथॉरिटी (आईएसए) के इस संयुक्त अभियान की इसराइली प्रधानमंत्री ने तारीफ़ की है.

    इसराइल के प्रधानमंत्री यायिर लापिड ने ट्वीट किया, "कल, आईडीएफ़ और शिन बेट (सुरक्षा एजेंसी) ने बड़े इस्लामिक जिहादी नेता खालिद मंसूर को निशाना बनाया. यह राजनीतिक स्तर की मंजूरी के साथ आईडीएफ़, खुफिया एजेंसियों और शिन बेट की संयुक्त कार्रवाई से हुआ है."

    उन्होंने कहा, "ये एक असाधारण उपलब्धि है. मैं रक्षा मंत्री बेनी गेंट्ज़, चीफ़ ऑफ़ जनरल स्टाफ़, आईएसए के डायरेक्टर और उनके कमांड में काम कर रहे हज़ारों की इसके लिए सराहना करता हूं."

    "आईडीएफ़ आतंकी ठिकानों और उसके लोगों पर लगातार हमला कर रहा है और रॉकेट लॉन्च करने वाले दस्तों को विफल कर रहा है. हम सटीक और ज़िम्मेदार तरीक़े से कार्रवाई कर रहे हैं ताकि आम नागरिकों को कम से कम नुक़सान पहुंचे. ये कार्रवाई जब तक ज़रूरी हो चलती रहेगी."

    वहीं, रक्षा मंत्री बेनी गेंट्ज़ ने कहा, "जो भी इसराइल के लोगों को चोट पहुंचाने की कोशिश करेगा वो खुद चोटिल हो जाएगा. जब तक हम शांति स्थापित नहीं करते और गाजा पट्टी से लगे क्षेत्र में बच्चों के लिए खतरों को दूर नहीं करते तब तक आईडीएफ़ और आईएसए और सुरक्षा बल इस्लामिक जिहाद के ख़िलाफ़ कार्रवाई जारी रखेंगे."

    "मैं चीफ ऑफ स्टाफ़ के नेतृत्व में आईडीएफ़ और रोनेन बार के नेतृत्व में आईएसए की इसरायल की सुरक्षा में उनके प्रमुख प्रयासों के लिए सराहना करना चाहता हूं."

    वहीं, फ़लस्तीनी प्रशासन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि इसराइल के हमले में गज़ा में अब तक 24 फ़लस्तीनियों की मौत हो चुकी है.

    यहाँ इसराइली सेना फ़लस्तीनी हथियारबंद समूह इस्लामिक जिहाद (पीआईजे) के लड़ाकों को निशाना बना रही है.

  11. वो 'हथियार' जिससे ताइवान ने चीन से ख़ुद को बचाया

    कल्पना कीजिए कि आप किसी ऐसी जगह रहने के लिए बाध्य हैं जहां आपको दिन-रात सुबह-शाम संगीत सुनना पड़े. आप फ़ुल-वॉल्यूम में संगीत सुनने के लए मज़बूर हों… कैसा एहसास है ये?

    अब सोचिए कि दशकों तक उस 'यातना' को बर्दाश्त करना कैसा रहा होगा. सुनने में भले आपको यह अजीब लग रहा हो लेकिन चीन के ख़िलाफ़ ताइवान ने इस प्रयोग को रणनीति के रूप में अपनाया था.

    ताइवान की सरकार ने कम्युनिस्ट चीन के ख़िलाफ़, क्यूमोय द्वीप से हुए प्रोपेगेंडा-वॉर में इस एक रणनीति को अपनाया था. इसे किनमेन के नाम से भी जाना जाता है.

    हर रोज़, दिन के 24 घंटे, क़रीब दो दशकों से अधिक समय तक इस रणनीति के तहत मनोवैज्ञानिक-युद्ध जारी रहा. एक दस मीटर ऊँचे लाउडस्पीकर को चीन की मुख्यभूमि की ओर करके खड़ा किया गया.

  12. अशोक गहलोत बोले- निर्भया के बाद क़ानून बदलने से बढ़े बलात्कार के बाद हत्या के मामले

    राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 2012 के निर्भया गैंगरेप के बाद क़ानून में हुए बदलाव को बलात्कार के बाद महिलाओं ख़ासकर बच्चियों की हत्या के मामलों में हुई वृद्धि की वजह करार दिया है.

    अशोक गहलोत ने इस बारे में रविवार को कहा, "निर्भया के बाद जब से (क़ानून बदलकर) बच्चियों से रेप करने वाले को फांसी की सज़ा देने का क़ानून बना दिया, तब से हत्याएं बहुत ज़्यादा होने लग गई हैं. रेप करने वाला जब देखता है कि पीड़िता उसके खिलाफ़ कल गवाह बन जाएगी, तो वो रेप भी करता है और बच्चियों की हत्या भी कर देता है."

    उन्होंने आगे कहा, "मैं पूरे मुल्क से आ रही रेप की घटनाओं को देख रहा हूं तो वो आज बहुत बड़ी जघन्य घटना बन गई है. ये एक बहुत ख़तरनाक ट्रेंड है."

    उन्होंने ऐसे हालात को देश के लोकतंत्र के लिए संकट बताते हुए कहा, "मैं समझता हूं कि देश के अंदर ऐसे जो हालात हैं वो लोकतंत्र के लिए बहुत बड़ा संकट है. हमने ऐसा समय कभी नहीं देखा."

    ऐसा बयान दुर्भाग्यपूर्णः बीजेपी

    गहलोत के इस बयान की केंद्रीय मंत्री और राजस्थान के बीजेपी नेता गजेंद्र सिंह शेखावत ने आलोचना की है. उन्होंने कहा है, "अशोक गहलोत का बयान दुर्भाग्यपूर्ण है. राजस्थान पिछले तीन सालों में बेगुनाह बच्चियों के उत्पीड़न का गढ़ बन गया है. अपनी नाकामी छुपाने के लिए ऐसे विवादित बयान देकर विषय बदलने से ज़्यादा दुर्भाग्यपूर्ण कुछ नहीं हो सकता."

    वहीं, बीजेपी सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा है, "राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का एक गैर.ज़िम्मेदार बयान आया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि राजस्थान में हत्याएं इसलिए बढ़ रही हैं, क्योंकि बलात्कार के लिए फांसी की सजा है. ये महिलाओं के प्रति उनकी अपमान वाली मानसिकता को दिखाता है."

    क्या है निर्भया कांड?

    10 साल पहले 2012 में 16 और 17 दिसंबर की रात दिल्ली के मुनिरका इलाके से एक लड़की के साथ बस में छह लोगों ने बलात्कार करके बुरी तरह से जख्मी कर दिया था. बाद में पीड़िता की मौत हो गई थी.

    उस घटना के बाद पीड़िता को न्याय दिलाने और बलात्कार के अपराध को और कठोर बनाने के लिए पूरे देश में जबरदस्त प्रदर्शन हुए.

    सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस जेएस वर्मा के नेतृत्व में एक समिति बनाई गई जिसने मामले के ट्रायल और अपराधियों की सज़ा को कठोर बनाने के लिए कई सुझाव दिए.

    केंद्र सरकार ने बाद में समिति की ज़्यादातर सिफ़ारिशें मानते हुए क़ानून को पहले से कहीं कठोर बना दिया.

  13. चीन के हवाई हमलों से बचने के लिए क्या-क्या कर रहे हैं ताइवानी?

    ताइवान में हर साल हवाई हमलों से बचने के लिए ड्रिल की जाती है. ये ड्रिल पिछले कई सालों हो रही है.

    लोगों से बेसमेंट और कार-पार्किंग और अंडर-ग्राउंड स्टेशन में छिपने के लिए कहा जाता है, जिन्हें शेल्टर की तरह इस्तेमाल किया जाता है.

    ड्रिल का मकसद चीन की ओर से होने वाले किसी भी हमले से बचने के लिए देश की जनता को ट्रेनिंग देना है.

  14. बिहार में महंगाई-बेरोजगारी के ख़िलाफ़ विपक्षी दलों ने निकाला 'प्रतिरोध' मार्च

      • Author, विष्णु नारायण
      • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए

    बिहार के तमाम विपक्षी दल आज राज्य की राजधानी पटना समेत अलग-अलग ज़िला मुख्यालयों पर महंगाई और बेरोजगारी के ख़िलाफ़ 'प्रतिरोध' मार्च निकाल रहे हैं.

    नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव इस मार्च की अगुवाई कर रहे हैं. प्रदेश के तमाम वामपंथी दलों के साथ ही कांग्रेस और उत्तर प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी सपा के कार्यकर्ता भी इस मार्च में शामिल हैं.

    इस प्रतिरोध मार्च का मुद्दा बिहार के भीतर जारी सूखा, केंद्र और राज्य की नीतियों की वजह से बढ़ रही बेरोज़गारी, महंगाई और ‘अग्निपथ योजना’ का विरोध करना है.

    प्रतिरोध मार्च में तेजस्वी और तेज प्रताप यादव दोनों शामिल हैं. बस पर सवार दोनों नेताओं के साथ सैकड़ों कार्यकर्ता बैनर-पोस्टर के साथ बाइक पर और पैदल सड़क पर निकले.

    तेजस्वी यादव ने प्रतिरोध मार्चा में कहा, ''पूरा देश भ्रष्टाचार, महंगाई और बेरोजगारी से परेशान हो चुका है. वो (बीजेपी) संवैधानिक संस्थाओं के साथ खेल रहे हैं. बिहार में किसान बाढ़ और सूखे से पेरशान हो चुके हैं.''

    राजद विधायक रामनंद यादव भी इस मार्च में शामिल रहे. उन्होंने इस मार्च की ज़रूरत पर बीबीसी से बातचीत में कहा, ''आज चारों तरफ़ कमरतोड़ महंगाई है. तिलहन हो या दलहन सबका दाम आसमान छू रहा है. डीज़ल हो या पेट्रोल सबका दाम बहुत बढ़ गया है. ग़रीबों की थाली से सब्ज़ी ग़ायब होती जा रही है. भाजपा वाले पहले नौजवानों के रोज़गार के लिए 2 करोड़ नियुक्ति की बात कहते थे, लेकिन सिर्फ़ झूठ और ठगी की गई.''

    इस मार्च में बीते काफ़ी समय से अलग-थलग चल रही कांग्रेस भी शामिल है. कांग्रेस ने बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष मदन मोहन झा के नेतृत्व में ये मार्च निकाला. कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन में सोनिया गांधी ज़िंदाबाद और जीएसटी वापस लेने के नारे लगे.

    कांग्रेस ने शुक्रवार को दिल्ली में भी महंगाई, बेरोजगारी और जीएसटी बढ़ाने के विरोध में प्रदर्शन किया था. उससे पहले नेशनल हेराल्ड अख़बार मामले में प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई को लेकर कांग्रेस बीजेपी पर हमलावर रही है.

    भाकपा (माले) के राज्य सचिव कुणाल ने बीबीसी से कहा कि मोदी सरकार की तानाशाही और सांप्रदायिकता के ख़िलाफ़ पूरा विपक्ष एकजुट है. चारों तरफ़ कमरतोड़ महंगाई है. देश की सुरक्षा से भी समझौते किए जा रहे हैं. इसके साथ ही राज्यव्यापी सूखे और नलकूपों के सवाल पर अगस्त क्रांति के रोज महागठबंधन सड़कों पर है. पूरे राज्य में कार्यक्रम जारी है.

  15. कॉमनवेल्थ गेम्स 2022: पहलवान पूजा गहलोत ने ब्रॉन्ज जीतने पर मांगी माफ़ी तो पीएम मोदी ने क्या कहा

    भारतीय पहलवान पूजा गहलोत के कॉमनवेल्थ खेलों में सिर्फ़ कांस्य पदक जीतने पर माफ़ी मांगने वाले बयान के बाद पीएम मोदी ने उनका हौसला बढ़ाया है.

    बर्मिंघम कॉमनवेल्थ खेलों में पूजा गहलोत ने शनिवार को कुश्ती के महिला 50 किलो भारवर्ग में कांस्य पदक जीता था. पूजा गहलोत ने शनिवार को हुए मैच में स्कॉटलैंड की खिलाड़ी को मात दी थी.

    लेकिन, सेमीफ़ाइनल में हार को लेकर पूजा गहलोत काफ़ी निराश थीं.

    मीडिया से बातचीत के दौरान वो बहुत भावुक दिखीं और उन्होंने कहा, ''मैं सेमीफ़ाइनल में हार गई, बहुत दुख है और मैं देशवासियों से माफ़ी मांगती हूं. मेरी इच्छा थी कि यहां राष्ट्रगान बजे लेकिन हार गई. मैं कुश्ती में जो गलती हुई उस पर काम करूंगी. आख़िर में हार गई इस पर मुझे काम करने की ज़रूरत है.''

    लेकिन, उनके इस बयान के बाद पीएम मोदी ने उनकी उपलब्धि को अहम बताते हुए माफ़ी ना मांगने के लिए कहा. उन्होंने ट्वीट किया, ''पूजा, तुम्हारा मेडल खुशी मनाने की बात है, ना कि माफ़ी मांगने की. तुम्हारी जीवन यात्रा हमें प्रेरित करती है, तुम्हारी सफलता पर हमें खुशी देती है. तुम आगे बड़े काम करने हैं... हमेशा चमकती रहो.''

    पूजा गहलोत ने अपने पहले दो मुक़ाबले जीत लिए थे लेकिन सेमीफ़ाइनल मैच में कनाडा की मैडिसन बियांका पार्क्स से हार गईं. कांस्य पदक के लिए हुए मैच को अपने नाम करके पदक जीतने में सफल रहीं.

    नौवें दिन भारत का प्रदर्शन

    वहीं, कॉमनवेल्थ खेलों के नौवें दिन भारत ने शनिवार को चार स्वर्ण, तीन रजत और सात कांस्य पदक अपने नाम किए.

    विनेश फोगाट ने महिलाओं की 53 किलोग्राम फ्रीस्टाइल कैटिगरी में शनिवार को स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया.

    पहलवान रवि दहिया और नवीन ने भी स्वर्ण पदक जीते. कुश्ती से अलग भारत ने शनिवार को पैरा टेबल टेनिस के महिला सिंगल्स में एक स्वर्ण पदक हासिल किया. भाविना पटेल ने फ़ाइनल मैच में जीत हासिल की.

    पहलवानी में ही 76 किलोग्राम कैटिगरी में पूजा सिहाग और कुश्ती में भारत के अंतिम मैच में दीपक नेहरा ने पुरुषों की 97 किलोग्राम कैटिगरी में दीपक नेहरा कांस्य पदक जीतने में सफल रहे.

    शनिवार को भारतीय पहलवानों समेत अन्य खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन से भारत पदक तालिका में पांचवें स्थान पर बना हुआ है.

  16. ताइवान को लेकर चीन के समर्थन में खुलकर आया ईरान

    ईरान ने ताइवान को लेकर अमेरिका और चीन में चल रहे तनाव के बीच चीन की 'वन चाइना' नीती का खुलकर समर्थन किया है.

    ईरान के विदेश मंत्री हुसैन आमिर अब्दुलाहयन ने पूर्वी एशिया में हो रही गतिविधियों के संदर्भ में चीन को लेकर अमेरिका के व्यवहार की निंदा की है.

    चीन के विदेश मंत्री वांग यी से फ़ोन पर हुई बातचीत के दौरान उन्होंने ज़ोर दिया कि ईरान एक क़ानूनी दायित्व के तौर पर चीन की 'वन चाइना' नीति का पालन करता है.

    उन्होंने ईरान पर लगे प्रतिबंधों को हटाने को लेकर हो रही बातचीत का ज़िक्र किया. उन्होंने किसी समझौते पर पहुंचने के लिए अमेरिका की यथार्थवादी प्रतिक्रिया की ज़रूरत पर ज़ोर दिया.

    वहीं, चीन ने देश की क्षेत्रीय अखंडता को लेकर ईरान की स्थिति की सराहना की और इस बात पर ज़ोर दिया कि विश्व समुदाय का एक बड़ा हिस्सा चीन के आंतरिक मामलों में अमेरिकी हस्तक्षेप का विरोध करे.

    चीनी विदेश मंत्री ने दोनों देशों के हितों के अनुसार द्विपक्षीय संबंधों को विकसित करने की बात कही. साथ ही अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र में एकतरफ़ावाद को खारिज करने और विकासशील देशों के हितों के समर्थन पर जोर दिया.

    अमेरिकी संसद की स्पीकर नैंसी पेलोसी के ताइवान दौरे को चीन अपने आंतरिक मामलों में दखल बता रहा है. चीन का कहना है कि अमेरिका ने चीन की वन चाइना नीति का उल्लंघन किया है. चीन ने दावा किया है कि 100 से ज़्यादा देश उसकी वन चाइना नीति के समर्थन में आगे आए हैं.

    इसके अलावा ईरानी विदेश मंत्री ने दोनों देशों के राष्ट्रपतियों के बीच हाल ही में हुई टेलीफ़ोन बातचीत को उपयोगी और ठोस बताया. उन्होंने द्विपक्षीय समझौतों का पालन करने और उन्हें लागू करने के लिए ईरानी और चीनी अधिकारियों के संयुक्त प्रयासों पर बल दिया.

    दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय हित के मुद्दों पर चर्चा की, जिसमें आर्थिक और व्यापार संबंधों को बढ़ाना और प्रतिबंधों को हटाने के लिए बातचीत करना शामिल है.

  17. ताइवान को लेकर विदेशी मीडिया के सामने जमकर बरसा चीन

    चीन ने ताइवान के मसले पर घरेलू और विदेशी मीडिया से बात की है. चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने ताइवान में अमेरिका के हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की स्पीकर के दौरे को एक बड़ी ग़लती और साज़िश बताया है.

    साथ ही ताइवान को चेतावनी दी है कि वो अमेरिकी सहयोग से आज़ादी पाने का भ्रम ना पाले.

    चीन ने इस बात पर भी ज़ोर दिया है कि वो पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन कर रहा है.

    कंबोडिया में आसियान की मंत्रीस्तरीय बातचीत के बाद वांग यी ने मीडिया को संबोधित किया जिसमें उन्होंने कहा कि अमेरिका भ्रामक सूचना और झूठ फ़ैला रहा है. ऐसे में हमारे लिए स्थितियों को साफ़ करना और तथ्यों को सामने रखना ज़रूरी हो जाता है.

    वांग यी ने कहा, ''अमेरिकी संसद की स्पीकर नैंनी पेलेसी ने चीन के कड़े विरोध के बावजूद ताइवान का दौरा किया. अमेरिका के इस लापरवाह क़दम ने चीन की संप्रभुता को गंभीर रूप से कमज़ोर किया और चीन के आंतरिक मामलों में दखल दिया है. इससे अमेरिकी प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन हुआ है और ताइवान में शांति और स्थिरता ख़तरे में पड़ गई है.''

    ''चीन इसका कड़ा जवाब देता है तो ये सामान्य बात है. हमारी स्थिति उचित और क़ानूनी है. हमारे क़दम मज़बूत और नपे-तुले हैं और हमारे सैन्य अभ्यास खुले, पारदर्शी और पेशेवर हैं. वो घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों के मुताबिक़ हैं. उनका उद्देश्य अपराधी को चेतावनी और "ताइवान के स्वतंत्रता" बलों को सज़ा देना है.''

    'अमेरिका ने अपने पैर पर मारी कुल्हाड़ी'

    वांग यी ने कहा, ''हम चीन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की दृढ़ता से रक्षा करेंगे. चीन को नियंत्रित करने के लिए ताइवान कार्ड का इस्तेमाल करने की अमेरिकी कोशिशों को दृढ़ता से रोकेंगे. वहीं, अमेरिका की मदद से ताइवान की स्वतंत्रता को आगे ले जाने वाले ताइवान के अधिकारियों के भ्रम को मज़बूती से तोड़ देंगे.''

    उन्होंने कहा कि अगर आंतरिक मामलों में दखल ना देने के संयुक्त राष्ट्र के सिद्धांत का उल्लंघन किया जाएगा तो जंगल राज की स्थिति बन जाएगी और अमेरिका दूसरे देशों को धमकाने में और बेशर्म हो जाएगा.

    वांग यी ने नैंसी पेलोसी की यात्रा को अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारने वाला बताते हुए कहा कि अमेरिका के इस क़दम से 100 से ज़्यादा देशों ने वन-चाइना नीति को लेकर प्रतिबद्धता दिखाई है. इससे वन-चाइना नीति पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की सहमति मज़बूत हुई है.

    ताइवान को चेतावनी

    वांग यी ने ज़ोर दिया कि ये दौरा ताइवान की अपनी मातृभूमि में वापसी को नहीं रोक सकता और न ही यह चीनी राष्ट्र के महान कायाकल्प की ऐतिहासिक प्रक्रिया को रोक सकता है.

    "ताइवान के स्वतंत्रता बलों की अमेरिका की मदद से आज़ादी पाने की कोशिश सिर्फ़ एक भ्रम है, जिसे अंत में टूटना ही है और इससे उनके गले में फंदा और कसता जाएगा.

    उन्होंने कहा कि इससे पहले अमेरिकी स्पीकर न्यूट गिंगरिच की ताइवान यात्रा बहुत बड़ी ग़लती थी.

    चीनी सरकार ने उस वक़्त इसका पुरजोर विरोध किया था. अमेरिका को वो ग़लती दोहराने का कोई अधिकार नहीं है और वो पुरानी ग़लतियों को बहाने के तौर पर इस्तेमाल नहीं कर सकता.

    वांग यी ने क्षेत्र में सैन्य तैनाती के कथित अमेरिकी विस्तार के ख़िलाफ़ सभी पक्षों से अत्यधिक सतर्क रहने की अपील की है.

    उन्होंने कहा, ''अमेरिकी प्लेबुक के मुताबिक़ पहले एक समस्या पैदा की जाती है और फिर उस समस्या का इस्तेमाल अपने उद्देश्य हासिल किए जाते हैं. लेकिन चीन के सामने, यह काम नहीं करेगा! यह अमेरिका के लिए हमारी कड़ी चेतावनी है. लापरवाही ना बरतें या इससे भी बड़ा संकट पैदा न करें.''

    अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने बैठकों में कहा है कि अमेरिका अंतरराष्ट्रीय क़ानून का पालन करना चाहता है और राष्ट्रीय संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को बरकरार रखना चाहता है.

    वांग यी ने जवाब दिया कि हमने अमेरिकी पक्ष को लंबे समय ऐसा बोलते हुए नहीं सुना. अगर अमेरिका अपनी गलतियों को गंभीरता से सुधार रहा है, तो हम उन्हें ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे. लेकिन, ठोस कार्रवाई होना ज़रूरी है. पहली प्राथमिकता है कि ताइवान के सवाल पर अमेरिका अपनी प्रतिबद्धता का सम्मान करे, चीन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करे, चीन के आंतरिक मामलों में दखल देना बंद करे और "ताइवान स्वतंत्रता" बलों का समर्थन और साठगांठ रोक दे.

  18. कॉमनवेल्थ में भारतीय पहलवानों की धूम, फिर जीते तीन गोल्ड मेडल

  19. इसराइल के हमले में फ़लस्तीनी इस्लामिक जिहाद के लड़ाकों समेत 24 की मौत

    फ़लस्तीनी प्रशासन के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक़ इसराइल के हमले में गज़ा में अब तक 24 फ़लस्तीनियों की मौत हो चुकी है.

    यहाँ इसराइली सेना फ़लस्तीनी हथियारबंद समूह इस्लामिक जिहाद (पीआईजे) के लड़ाकों को निशाना बना रही है.

    मरने वालों में छह बच्चे और पीआईजे के नेता तायसीर जबारी समेत कई लड़ाके भी शामिल हैं.

    वहीं, इसराइली अधिकारी के मुताबिक़ हमले के जवाब में शुक्रवार से अब तक इसराइल पर करीब 300 रॉकेट और मोर्टार दागे जा चुके हैं. इनमें से 70 के करीब इसराइल नहीं पहुंचे और गज़ा पट्टी में ही गिर गए.

    इसराइल का कहना है कि पीआईजे के ख़तरे को देखते हुए उसने ये ऑपरेशन शुरू किया है.

    इसराइल और गज़ा के बीच मई 2021 में 11 दिनों तक चली लड़ाई के बाद ये अब तक सबसे गंभीर टकराव है. मई में हुई लड़ाई में 200 फ़लस्तीनियों और इसराइल के दर्जनों लोगों की मौत हो गई थी.

    इसराइली सेना की चेतावनी है कि 'ब्रेकिंग डॉन' नाम का ये ऑपरेशन एक हफ़्ते तक चल सकता है.

    इसराइल के अनुसार गज़ा पर हवाई हमलों के साथ-साथ, पीआईजे के करीब 19 सदस्यों को कब्जे़ वाले वेस्ट बैंक से छापेमारी में गिरफ़्तार किया गया है.

    टेलीविज़न पर देश को संबोधित करते हुए इसराइली प्रधानमंत्री लेपिड ने कहा था, ''इसराइल ने आतंकवाद के ख़िलाफ़ एक सख़्त अभियान की शुरुआत की है. ऐसा नहीं करते तो ख़तरा जल्द ही दस्तक दे देता.''

  20. बांग्लादेश में 50 फ़ीसदी तक बढ़े तेल के दाम, सड़कों पर हिंसक विरोध-प्रदर्शन

    बांग्लादेश में पेट्रोल और डीजल के दाम में हुई भारी बढ़ोतरी के बाद देश भर में हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए.

    शुक्रवार को सरकार ने पेट्रोल के दाम 51.7 फ़ीसदी और डीजल के दाम 42. 5 फ़ीसदी बढ़ा दिए थे. इसके बाद लोग गाड़ियां लेकर पेट्रोल-पंपों की ओर चल पड़े.

    बांग्लादेश में हुआ विरोध प्रदर्शन इतना उग्र था कि कई शहरों में आगज़नी और पत्थरबाजी की घटनाएं हुईं. पुलिस को प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा.

    शनिवार को तेल के बढ़े हुए दाम लागू होने से पहले बड़ी संख्या में लोग देश भर के पेट्रोल पंपों पर पहुँच गए. पेट्रोल पंपों पर बड़ी-बड़ी लाइनें लग गईं और अफ़रातफ़री का माहौल बन गया.

    इसे देखते हुए कुछ पेट्रोल पंपों ने पेट्रोल और डीज़ल की बिक्री बंद कर दी और उसके बाद विरोध प्रदर्शन भड़क उठे.

    प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पेट्रोल-डीजल के दाम में इस भारी बढ़ोतरी से लाखों लोगों की रोज़ी-रोटी पर असर पड़ा है.

    रूस-यूक्रेन युद्ध का असर

    रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते कच्चे तेल की आपूर्ति में दिक्क़त होने से बांग्लादेश भी प्रभावित है. यूक्रेन पर रूसी हमले के बाद पश्चिमी देशों ने रूस पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए हैं.

    बांग्लादेश में ऊर्जा संकट का असर बिजली की आपूर्ति पर भी पड़ा है. देश के कुछ इलाकों में 13 घंटों तक बिजली कटौती करनी पड़ी है.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ बांग्लादेश की 416 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था सालों से दुनिया में सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था रही है.

    हालांकि, रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण बढ़ती ऊर्जा और खाद्य कीमतों ने देश के आयात बिल को बढ़ा दिया है, जिससे सरकार को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष सहित अन्य वैश्विक एजेंसियों से कर्ज लेना पड़ रहा है.

    ऊर्जा मंत्री ने क्या कहा

    ऊर्जा मंत्रालय का कहना है कि वैश्विक बाज़ार की स्थिति को देखते हुए तेल की क़ीमतों में बढ़ोतरी को नहीं रोका जा सकता. उन्होंने बताया कि बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉरपोरेशन को जुलाई तक छह महीनों में आठ अरब टका का नुक़सान झेलना पड़ा है.

    ऊर्जा मंत्री नसरुल हामिद ने कहा, ''नई क़ीमतों का भार सभी नहीं उठा सकते. लेकिन, हमारे पास और कोई रास्ता नहीं था. लोगों को धैर्य रखना होगा.''

    उन्होंने कहा कि वैश्विक कीमतें गिरने पर देश में तेल की कीमतों में बदलाव किया जाएगा.

    वहीं, मुख्य विपक्षी पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के महासचिव मिर्ज़ा फख़रुल इस्लाम अलमगिर ने इसे लोगों के जख़्मों पर नमक छिड़कने जैसा बताया है. उन्होंने कहा कि कीमतें बढ़ने से बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर बहुत बुरा असर होगा.

    बांग्लादेश की महंगाई दर लगातार पिछले नौ महीनों से छह प्रतिशत बनी हुई थी जो जुलाई में बढ़कर 7.48 प्रतिशत हो गई है.

    हालांकि, हाल के हफ़्ते में तेल की वैश्विक कीमतों में कमी आई है. शुक्रवार को तेल की कीमतें फरवरी के बाद सबसे कम स्तर पर थीं.