जनता दल यूनाइटेड
ने अपने पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह पर लगे बेहिसाब संपत्ति और अनियमितताओं के आरोपों को
लेकर कारण बताओ नोटिस भेजा है.
आरसीपी सिंह पर पार्टी ने ही आरोप लगाया है कि कि जदयू में रहते हुए उन्होंने साल 2013 से 2022 के बीच करोड़ों रुपये की बेहिसाब संपत्ति अर्जित की है.
जदयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने बताया कि पार्टी ने आरसीपी सिंह को नोटिस भेजकर बेहिसाब संपत्तियों पर
जवाब मांगा है.
उपेंद्र कुशवाहा ने मीडिया को बताया, ''हमारी पार्टी
भ्रष्टाचार के मामले में ज़ीरे टॉलरेंस की नीति पर चलती है. ऐसी स्थिति में पार्टी
और सरकार से जुड़े हुए किसी व्यक्ति के बारे में अगर किसी भी स्रोत से जानकारी आई
है तो स्वाभाविक रूप से पार्टी का ये दायित्व बनता है कि वो उस व्यक्ति से पूछे कि
स्रोतो से मिली सूचना पर आपका क्या कहना है.''
''इस सूचना की
जानकारी संबंधित व्यक्ति को दे दी गई है. अब उनकी ओर से क्या कहा जाता है, क्या सफ़ाई दी जाती है या नहीं दी जाती है,
इस पर पार्टी का अगला क़दम
निर्भर करेगा. तब तक आप लोगों को इंतज़ार करना चाहिए.''
नोटिस भेजने के
कारण को लेकर उन्होंने कहा, ''कारण तो बिल्कुल
स्पष्ट है कि कई स्रोतों से जानकारी मिली है कि सरकार में रहते हुए, पार्टी के शीर्ष पद पर रहते हुए पूर्व के
राष्ट्रीय अध्यक्ष जी ने जो भी संपत्ति अर्जित की, उसके बारे में उनको क्या कहना है, पार्टी ये जानना चाहती है. अब वो क्या बताएंगे,
इस पर अपनी सफ़ाई देंगे,
इस बात का इंतज़ार हम
करेंगे. इसके बाद पार्टी अगले कदम पर विचार करेगी.
''जानकारी में जो
सच्चाई प्रतीत होती है, अगर वास्तव में
सफ़ाई के बाद भी वही सच्चाई सामने आएगी तो ये बहुत ही आपत्तिजनक मामला होगा लेकिन
हम अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले उनकी ओर से क्या कहा जाता है, ये जानना चाहेंगे. जिस स्तर से भी जांच कराने
की ज़रूरत होगी तो करवाई जाएगी.''
वहीं, जदयू के नोटिस में लिखा है, ''दो साथियों से साक्ष्य के साथ शिकायत मिली है कि आपके (आरसीपी सिंह) और आपके परिवार के नाम से साल 2013 और 2022 तक अकूत अचल संपत्ति निबंधित कराई गई है. जिसमें कई प्रकार अनियमितताएं दिखती हैं... पार्टी आपसे अपेक्षा करती है कि शिकायत के बिंदुओं पर बिंदुवार अपनी स्पष्ट राय से पार्टी को तुरंत अवगत करायेंगे.''
आरसीपी सिंह की लंबे समय से जदयू प्रमुख नीतीश कुमार से संबंधों में खटास बताई जा रही है. उनका झुकाव बीजेपी की तरफ़ माना जा रहा है. उन्हें जदयू से राज्यसभा का टिकट भी नहीं मिला और केंद्रीय पद गंवाना पड़ा. उनकी जगह झारखंड यूनिट के खीरू महतो को सीट टिकट दिया गया था.
वह केंद्र सरकार में जदूय से अकेले मंत्री थे. उनके पास इस्पात मंत्रालय था. फिलहाल आरसीपी सिंह के पास पार्टी और सरकार में कोई पद नहीं है.