नूपुर शर्मा केस: नाविका कुमार पर कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट की अंतरिम रोक
नूपुर शर्मा ने पिछले महीने एक टीवी डिबेट के दौरान पैग़ंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी की थी.
लाइव कवरेज
प्रियंका झा and शुभम किशोर
पार्थ चटर्जी को हटाने के बाद क्या ममता बनर्जी कुनबा सँभालने में जुट गई हैं?
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इमेज कैप्शन, ममता बनर्जी और पार्थ चटर्जी
पश्चिम बंगाल के स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) घोटाले में पार्थ चटर्जी की गिरफ्तारी और उनकी करीबी महिला मित्र अर्पिता मुखर्जी के घर से 50 करोड़ से ज्यादा की नकदी बरामद होने की घटना से लगे जोरदार झटके के कारण शुरुआती कुछ दिनों तक किंकर्तव्यविमूढ़ स्थिति में होने के बाद उबरते हुए तृणमूल कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने अब इस मामले से पार्टी और सरकार को हुए नुकसान की भरपाई की कवायद शुरू कर दी है.
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चार अगस्त को नीति आयोग की बैठक के सिलसिले में दिल्ली जाने का कार्यक्रम हैं. वहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी बैठक की भी संभावना है. राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इसी वजह से दिल्ली जाने से पहले वे अपने तरकश के तमाम तीरों को सीधा कर लेने के प्रयास में हैं.
यही वजह है कि पहले ममता ने पार्थ को मंत्रिमंडल से हटाया और फिर उनको पार्टी के तमाम पदों से हटाते हुए प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया.
उसके बाद सांसद अभिषेक बनर्जी ने शिक्षा मंत्री के साथ एसएससी के पहली मेरिट लिस्ट में चुने गए उम्मीदवार जो लंबे अरसे से कोलकाता में धरने पर हैं, से मुलाकात की और उनको शीघ्र नियुक्ति का भरोसा दिया. अब उन आंदोलनकारी उम्मीदवारों की शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु के साथ इसी मुद्दे पर आठ अगस्त को बैठक होनी है.
मोदी सरकार के हर घर तिरंगा अभियान में 'ट्विस्ट' के साथ शामिल हुई कांग्रेस, आरएसएस पर भी साधा निशाना
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आज़ादी को 75 साल हो रहे हैं और इस मौके को ख़ास बनाने के लिए केंद्र की मोदी सरकार अलग-अलग आयोजन कर रही है. इसी कड़ी में बीजेपी नेता अपनी सोशल मीडिया की डिस्प्ले पिक्चर यानी डीपी में तिरंगा लगा रहे हैं.
अब इस अभियान में कांग्रेस भी शामिल हो गई है लेकिन थोड़े 'ट्विस्ट' साथ.
दरअसल, कांग्रेस नेताओं ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट की डीपी में पूर्व पीएम जवाहरलाल नेहरू की तस्वीर लगाई है जिसमें उन्होंने तिरंगा पकड़ा हुआ है.
कांग्रेस नेता राहुल गाँधी ने ये तस्वीर शेयर की और साथ में लिखा, "देश की शान है, हमारा तिरंगा. हर हिंदुस्तानी के दिल में है, हमारा तिरंगा."
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कांग्रेस पार्टी ने भी अपनी डीपी में यही तस्वीर लगाते हुए लिखा, "तिरंगा हमारे दिल में है, लहू बनकर हमारी रगों में है. 31 दिसंबर, 1929 को पंडित नेहरू ने रावी नदी के तट पर तिरंगा फहराते हुए कहा था, ‘अब तिरंगा फहरा दिया है, ये झुकना नहीं चाहिए', आइए हम सब देश की अखंड एकता का संदेश देने वाले इस तिरंगे को अपनी पहचान बनाएँ. जय हिंद."
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और फिर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी ने भी ये तस्वीर ट्वीट की.
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पीएम मोदी ने बीते रविवार अपने 'मन की बात' कार्यक्रम में लोगों से अपनी सोशल मीडिया डीपी बदलने का आग्रह किया था.
उन्होंने ख़ुद मंगलवार को डीपी में तिरंगा लगाया और लिखा, "दो अगस्त का आज का दिन खास है. जब हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं, तो ऐसे में हमारा देश तिरंगे का सम्मान करने की सामूहिक मुहिम के तहत ‘हर घर तिरंगा’ के लिए तैयार है. मैंने मेरे सोशल मीडिया पेज पर डीपी बदल दी है और मैं आप से भी ऐसा करने का आग्रह करता हूं."
पीएम ने कहा कि तिरंगे के लिए दो अगस्त के दिन का ऐतिहासिक महत्व भी है. इसी दिन राष्ट्रीय ध्वज का डिज़ाइन करने वाले पिंगली वेंकैया का जन्म हुआ था.
भारत की आज़ादी को 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में केंद्र की मोदी सरकार ने हर-घर तिरंगा अभियान की शुरुआत की है. इसके तहत जनता से अपने घरों पर 15 अगस्त तक तिरंगा फ़हराने का आग्रह भी किया गया है.
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कांग्रेस प्रवक्ता जयराम रमेश ने ट्वीट करके राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर निशाना साधा है.
उन्होंने लिखा है- हम हाथ में तिरंगा लिए अपने नेता नेहरू की DP लगा रहे हैं. लेकिन लगता है प्रधानमंत्री का संदेश उनके परिवार तक ही नहीं पहुंचा. जिन्होंने 52 सालों तक नागपुर में अपने हेड क्वार्टर में झंडा नहीं फहराया, वे क्या प्रधानमंत्री की बात मानेंगे?
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कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने आरएसएस और संघ प्रमुख मोहन भागवत के ट्विटर अकाउंट का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा है कि संघियों को आज भी तिरंगे से परहेज़ है.
नैंसी पेलोसी के ताइवान दौरे से ग़ुस्साए चीन के समर्थन में आया पाकिस्तान
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अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी के ताइवान दौरे का विरोध कर रहे चीन को पाकिस्तान का साथ मिल गया है.
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वो 'वन-चाइना' नीति पर क़ायम है और वो चीन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन करता है. चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है.
करीब 25 साल बाद अमेरिका के किसी शीर्ष अधिकारी ने ताइवान का दौरा किया है. चीन ने नैंसी पेलोसी के दौरे को लेकर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी थी.
चीन ने अमेरिकी राजदूत को तलब भी किया. दूसरी तरफ़, अमेरिका में चीनी राजदूत ने भी विदेश मंत्रालय और व्हाइट हाउस के सामने पेलोसी के दौरे को लेकर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है.
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता आसिम इफ़्तिख़ार अहमद ने कहा कि ताइवान स्ट्रेट में पनपती स्थितियों को लेकर पाकिस्तान चिंतित है. क्षेत्रीय शांति और अस्थिरता पर इस स्थिति का गंभीर असर होगा.
उन्होंने कहा कि दुनिया यूक्रेन युद्ध की वजह से पहले ही गंभीर हालात से जूझ रही है. ऐसे में ये विश्व एक ऐसा संकट नहीं झेल सकता जिसका वैश्विक शांति, सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर होगा.
प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान का मानना है कि दो देशों के बीच रिश्ते पारस्परिक सम्मान, अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप न करने और यूएन चार्टर के अनुरूप शांतिपूर्ण मसलों को सुलझाने पर आधारित होते हैं.
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अल-ज़वाहिरीः अल-क़ायदा नेता की पूरी कहानी
वीडियो कैप्शन, Cover Story: अल-ज़वाहिरीः अल-क़ायदा के नेता की पूरी कहानी
9/11 हमले का ज़िम्मेदार ओसामा बिन लादेन को माना जाता है.
लेकिन बहुत कम लोगों को पता है कि इसके पीछे असली दिमाग़ एक और शख़्स का था. वो शख़्स जो लादेन का डॉक्टर भी था और गाइड भी.
वो शख़्स जिसमें संगठन चलाने की ज़बरदस्त क्षमता थी वो शख़्स जो अमेरिका के मोस्ट वॉन्टेड आतंकियों की लिस्ट में था.
उस शख़्स का नाम था अयमन अल-ज़वाहिरी अमेरिका ने दावा किया है कि उसके हमले में ज़वाहिरी की मौत हो गई.
सुब्रमण्यम स्वामी ने ताइवान और तिब्बत को लेकर नेहरू और वाजपेयी को घेरा
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बीजेपी नेता और पूर्व सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने ताइवान और तिब्बत को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और अटल बिहारी वाजपेयी पर सवाल उठाए हैं.
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैंसी पेलोसी की ताइवान यात्रा को लेकर चीन और अमेरिका में तनाव बढ़ा हुआ है.
चीन कहता रहा है कि ताइवन उसका हिस्सा है, लेकिन ताइवान अपने को एक स्वतंत्र राष्ट्र मानता है.
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सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्वीट कर लिखा है- हम भारतीयों ने नेहरू और एबीवी (अटल बिहारी वाजपेयी) की मूर्खता के कारण तिब्बत और ताइवान को चीन का हिस्सा मान लिया था.
स्वामी ने मौजूदा पीएम नरेंद्र मोदी पर भी चुटकी लेते हुए लिखा है कि चीन ने एलएसी पर आपसी सहमति के बावजूद लद्दाख़ के कुछ हिस्सों पर क़ब्ज़ा कर लेता है और मोदी ये कहते हैं कि कोई आया नहीं.
चीन नैंसी पेलोसी से आख़िर इतना क्यों चिढ़ा रहता है?
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अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की स्पीकर नैंसी पेलोसी के ताइवान पहुँचने से अमेरिका और चीन के बीच तनाव चरम पर है.
चीन पहले से ही धमकी दे रहा था कि नैंसी पेलोसी ताइवान आएंगी तो इसके गंभीर नतीजे होंगे. लेकिन सवाल उठता है कि चीन नैंसी पेलोसी के ताइवान आने से इतना क्यों चिढ़ा हुआ है?
बीजिंग में 1989 में एक बड़े विरोध-प्रदर्शन को चीन की सरकार ने बल-पूर्वक दबा दिया था. इसके दो साल बाद 1991 में नैंसी पेलोसी तिएनेन्मन स्क्वायर गई थीं और वहाँ उन्होंने चीनी सुरक्षाबलों के हाथों मारे गए प्रदर्शनकारियों के समर्थन में बैनर लहराया था.
यह कोई रहस्य नहीं है कि चीन पेलोसी को लेकर इतना आक्रामक और चिढ़ा क्यों रहता है. चीन नैंसी पेलोसी पर झूठ बोलने का आरोप लगाता रहा है.
हंबनटोटा पोर्ट पर चीनी जहाज़ को मंज़ूरी देने पर आया श्रीलंका का बयान
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हंबनटोटा बंदरगाह पर चीन के 'ख़ास जहाज़' को मंज़ूरी देने को लेकर श्रीलंका की ओर से आधिकारिक जवाब आया है.
श्रीलंका की ओर से कहा गया है कि चीन का जहाज़ सिर्फ़ ईंधन भरने और आपूर्ति बहाल करने के लिए हंबनटोटा आ रहा है. भारत ने आधिकारिक तौर पर श्रीलंका के सामने आपत्ति दर्ज कराई थी.
चीन का 'युआन वांग 5' जहाज़ सैटेलाइट और मिसाइल ट्रैकिंग प्रणाली से लैस है और इसे खोजबीन व पड़ताल करने के काम में महारत हासिल है.
समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार श्रीलंकाई सरकार के प्रवक्ता बंदुला गुनावर्दना ने कहा कि कैबिनेट ने जहाज़ के दौरे पर सोमवार को चर्चा की. श्रीलंका इस जहाज़ को नहीं रोकेगा.
गुनावर्दना ने कहा, "भारत और चीन दोनों इस गंभीर आर्थिक संकट के समय हमारी मदद कर रहे हैं. राष्ट्रपति रनिल विक्रमसिंघे ने कैबिनेट को सूचित किया है कि सभी पक्षों से बात करके इस मसले का कूटनीतिक हल निकाला जाएगा."
उन्होंने कहा कि चीन का जहाज़ एक सप्ताह तक केवल ईंधन भरने और आपूर्ति बहाल करने के अलावा कोई और काम नहीं करेगा.
भारत के दक्षिणी राज्यों से हंबनटोटा पोर्ट की दूरी महज़ कुछ किलोमीटर की है. भारत की चिंता ये है कि चीन के इस जहाज़ के ज़रिए दक्षिण भारतीय राज्यों में मौजूद परमाणु शोध केंद्रों और बंदरगाहों पर आसानी से निगरानी रखी जा सकती है.
श्रीलंका पहले भी इस जहाज़ को आने को सामान्य गतिविधि बता चुका है.
अमेरिका में चीनी राजदूत ने पेलोसी की यात्रा पर कहा- आग से खेलने वाले ख़ुद जल जाते हैं
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अमेरिका में चीन के राजदूत चिंग गांग ने कांग्रेस स्पीकर नैंसी पेलोसी के ताइवान जाने का कड़ा विरोध जताया है.
गांग ने व्हाइट गाउस नेशन सिक्योरिटी काउंसिल और अमेरिकी विदेश मंत्रालय के सामने विरोध दर्ज कराते हुए कहा है कि पेलोसी की यात्रा से चीन-अमेरिका के रिश्तों पर असर पड़ेगा.
उन्होंने कहा, "चीन की ओर से गहरी चिंताओं को दरकिनार करते हुए अमेरिकी स्पीकर नैंसी पेलोसी ने आज चीन के ताइवान क्षेत्र का दौरा किया. ये एक चीन सिद्धांत और अमेरिका के साथ तीन समझौतों का उल्लंघन है."
"चीन-अमेरिकी संबंधों की नींव पर पेलोसी की यात्रा के गंभीर परिणाम होंगे. ये यात्रा चीन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का गंभीर उल्लंघन है. इससे ताइवान क्षेत्र में शांति और स्थिरता गंभीर रूप से प्रभावित होगी और ताइवान की आज़ादी के पैरोकार अलगाववादियों को इससे गलत संदेश मिलेगा. इस यात्रा का बेहद बुरा प्रभाव देखने को मिलेगा. चीन इसकी कड़ी निंदा करता है."
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चीनी राजदूत ने बयान में कहा कि अमेरिका हमेशा से कहता आया है कि उसकी वन-चाइना पॉलिसी कभी नहीं बदलेगी और वो 'ताइवानी की आज़ादी' को समर्थन नहीं देगा. अब अमेरिकी सरकार में शीर्ष नेताओं की सूची में तीसरे नंबर पर आने वाली नैंसी पेलोसी चीन को उकसाने के लिए ताइवान की यात्रा कर रही हैं.
चिंग ने अमेरिका पर अपने वादों से पीछे हटने का आरोप लगाया है और चेतावनी भरे लहज़े में कहा है कि 'जो लोग आग से खेलते हैं वो खुद जल जाते हैं.'
चीन ने कहा है कि उसपर नियंत्रण पाने के लिए अमेरिका 'ताइवान कार्ड' का इस्तेमाल बंद कर दे और तुरंत अपनी 'गलती' सुधारे.
ताइवान से नैंसी पेलोसी का सख़्त संदेश, चीन ने तैनात किया फाइटर जेट
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अमेरिका के हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की स्पीकर नैंसी पेलोसी ने ताइवान पहुँचने के बाद चीन पर और तीखा पलटवार किया है. दूसरी तरफ़ चीन ने ताइवान के चारों तरफ़ अपने फाइटर जेट और युद्ध पोतों की तैनाती कर दी है.
चीन लगातार धमकी दे रहा था और ऐसा लग रहा था कि नैंसी पेलोसी एशिया दौरे में शायद ताइवान नहीं जाएंगी. नैंसी पेलोसी के आने की अटकलों के बीच चीन ने सैन्य टकराव की भी धमकी दी थी लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ.
पेलोसी का ताइपेई दौरा अघोषित था. अमेरिका से रवाना होने से पहले उन्होंने अपने प्रतिनिधिमंडल के मलेशिया, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर और जापान जाने की घोषणा की थी लेकिन ताइवान का ज़िक्र नहीं था.
चीन की चेतावनी के बीच नैंसी पेलोसी ने ताइवान को बताया अमेरिका का 'पक्का दोस्त'
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अमेरिकी कांग्रेस की स्पीकर नैंसी पेलोसी ने ताइवान की राष्ट्रपति से मिलने के बाद कहा है कि अमेरिका की ताइवान के साथ एकता महत्वपूर्ण है और हम उसे कभी अकेला नहीं छोड़ेंगे.
नैंसी पेलोसी ने ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग-वेन से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की.
बीते 25 सालों में पहली बार कोई शीर्ष अमेरिकी अधिकारी ताइवान के दौरे पर है.
इस दौरे को लेकर चीन ने गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है. चीन ने अमेरिकी राजदूत को तलब भी किया है.
पेलोसी ने कहा, "आज हमारा प्रतिनिधिमंडल, जिसपर मुझे गर्व है, ताइवान आया है जिससे ये साफ़ है कि हम ताइवान से किए अपने वादों से पीछे नहीं हटेंगे और हमें हमारी पक्की दोस्ती पर गर्व है."
"अब ताइवान के साथ अमेरिका की एकता पहले से भी ज़्यादा महत्वपूर्ण है. यही संदेश हम आज यहाँ लेकर आए हैं."
इस दौरान पेलोसी ने ताइवान को अमेरिका का 'भरोसेमंद साझेदार' बताया. उन्होंने कहा, "हम हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और आपूर्ति के क्षेत्र में सहयोग को और बढ़ाएंगे ताकि भविष्य में अमेरिका और ताइवान के संबंध पहले से अधिक प्रगाढ़ हों."
माना जा रहा है कि ताइवान की राष्ट्रति के साथ दोपहर का खाना खाने के बाद नैंसी पेलोसी अमेरिका के लिए रवाना होंगी.
नैंसी पेलोसी से मिलकर क्या बोलीं ताइवान की राष्ट्रपति
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अमेरिकी कांग्रेस की स्पीकर नैंसी पेलोसी ने चीन की चेतावनियों के बावजूद ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग-वेन से मुलाकात की.
इस दौरान ताइवान की राष्ट्रपति ने यूक्रेन पर रूस के हमले का ज़िक्र करते हुए कहा कि इससे दुनिया का ध्यान ताइवान में सुरक्षा की स्थिति पर गया. उन्होंने इस बात के भी साफ़ संकेत दिए कि ताइवान अब चीन के आगे नहीं झुकेगा.
दोनों नेताओं ने झुककर एक-दूसरे का अभिवादन किया. ताइवान की राष्ट्रपति साई ने 'अटूट समर्थन' के लिए नैंसी पेलोसी को धन्यवाद कहा.
उन्होंने कहा, "स्पीकर पेलोसी के ताइवान के साथ लंबे समय से और गहरे संबंध हैं. मुझे आपका धन्यवाद करना चाहिए."
पेलोसी को धन्यवाद कहने के बाद ताइवानी राष्ट्रपति ने चेताया कि ताइवान में लोकतंत्र के ख़िलाफ़ आक्रामकता का असर पूरे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में होगा.
उन्होंने कहा, "ताइवान पीछे नहीं हटेगा. हम अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता को मज़बूती से बनाए रखेंगे."
राष्ट्रपति भवन में हो रही दोनों नेताओं की मुलाकात को स्थानीय मीडिया में लाइव प्रसारित कया जा रहा है.
मायावती ने बताया, उपराष्ट्रपति चुनाव में किसका साथ देगी बीएसपी
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बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) ने उपराष्ट्रपति चुनाव में एनडीए उम्मीदवार जगदीप धनखड़ का समर्थन करने का एलान किया है. बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने बुधवार को इसकी जानकारी दी.
उन्होंने ट्वीट किया, "सर्वविदित है कि देश के सर्वोच्च राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव में सत्ता व विपक्ष के बीच आम सहमति ना बनने की वजह से ही इसके लिए फिर अन्ततः चुनाव हुआ. अब ठीक वही स्थिति बनने के कारण उपराष्ट्रपति पद के लिए भी 6 अगस्त को चुनाव होने जा रहा है."
"बीएसपी ने ऐसे में उपराष्ट्रपति पद के लिए हो रहे चुनाव में भी व्यापक जनहित व अपनी मूवमेन्ट को भी ध्यान में रखकर श्री जगदीप धनखड़ को अपना समर्थन देने का फैसला किया है तथा जिसकी मैं आज औपचारिक रूप से घोषणा भी कर रही हूँ."
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उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष की 17 पार्टियों ने मिलकर कांग्रेस नेता मार्गरेट अल्वा को अपना उम्मीदवार चुना है.
तृणमूल कांग्रेस ने पहले ही एलान कर दिया है कि वो उपराष्ट्रपति चुनाव से दूर रहेगी.
उपराष्ट्रपति का चुनाव 6 अगस्त को होगा.
अल-ज़वाहिरी के मारे जाने के बाद अब अमेरिका को इस बात का डर, नागरिकों को सतर्क किया
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इमेज कैप्शन, अल-ज़वाहिरी
अमेरिका ने अपने नागरिकों से अल क़ायदा नेता अयमन अल-ज़वाहिरी की मौत के बाद किसी भी संभावित हमले को लेकर सतर्क रहने का आग्रह किया है.
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने पूरी दुनिया में अपने नागरिकों के लिए चेतावनी जारी की है जिसमें कहा गया है कि अल-ज़वाहिरी की मौत के बाद अल-क़ायदा या इससे जुड़े आतंकवादी संगठन अमेरिकी कार्यालयों और कर्मियों को निशाना बना सकते हैं
अल-ज़वाहिरी की रविवार को अफ़गानिस्तान की राजधानी काबुल में रविवार को एक अमेरिकी ड्रोन हमले में मौत हो गई थी.
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने सोमवार को अल-ज़वाहिरी के मारे जाने की पुष्टि की.
बाइडन ने कहा था,"ज़वाहिरी के हाथ अमेरिकी नागरिकों के ख़िलाफ़ हत्या और हिंसा के ख़ून से रंगे थे. अब लोगों को इंसाफ़ मिल गया है और यह आतंकवादी नेता अब जीवित नहीं है."
अमेरिकी विदेश विभाग ने नागरिकों से कहा है कि वे यात्रा संबंधी परामर्श देखने के बाद ही विदेश जाने की योजना बनाएं.
अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया है,"अभी तक मिली जानकारी के अनुसार आतंकवादी संगठन दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में अमेरिका के ख़िलाफ़ हमले की योजना बना रहे हैं."
71 साल के अल-ज़वाहिरी ने वर्ष 2011 में ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बाद अल-क़ायदा की ज़िम्मेदारी संभाली थी.
भारत ने तीसरे टी-20 में वेस्टइंडीज़ को हरा बनाई 2-1 से बढ़त, चमके सूर्यकुमार
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भारत ने वेस्टइंडीज़ को तीसरे टी-20 मैच में सात विकेट से हरा दिया. पाँच मैचों की सीरीज़ में अब भारत 2-1 से आगे है.
वेस्टइंडीज़ ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 165 रनों का लक्ष्य दिया था जिसे भारत ने 19 ओवर में केवल तीन विकेट गंवाकर ही पूरा कर लिया.
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भारत की ओर से सूर्यकुमार यादव ने सबसे ज़्यादा 76 रन बनाए और ऋषभ पंत भी 33 रन बनाकर नाबाद रहे. सूर्यकुमार यादव प्लेयर ऑफ़ द मैच भी रहे.
वेस्टइंडीज़ की पारी का जवाब देने उतरी भारतीय टीम को शुरू में ही झटका लगा जब पारी की शुरूआत कर रहे कप्तान रोहित शर्मा को पीठ के दर्द की वजह से मैदान से बाहर जाना पड़ा.
रोहित शर्मा ने तब मात्र 5 गेंदों में 11 रन बनाए थे जिनमें एक छक्का और एक चौका शामिल रहा.
वेस्टइंडीज़ की ओर से सबसे ज़्यादा 73 रन काइल मायर्स ने बनाए.
दोनों टीमों के बीच अब चौथा मैच शनिवार 6 अगस्त को फ़्लोरिडा में खेला जाएगा.
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