झारखंड के कांग्रेस
के तीन विधायकों की गाड़ी से हावड़ा में 49 लाख रुपए कैश बरामद होने के बाद पश्चिम
बंगाल पुलिस ने तीनों विधायकों सहित कुल पाँच लोगों को गिरफ़्तार कर लिया है.
इसके
बाद इन सभी को राज्य पुलिस की सीआईडी ने 10 अगस्त तक अपनी रिमांड में ले लिया है.
इससे पहले राज्य पुलिस
ने शनिवार को भारी नक़दी मिलने के बाद जामताड़ा के विधायक इरफ़ान अंसारी, खिजरी के राजेश कच्छप और कोलेबिरा के नमन बिक्सल
कोंगारी को अपनी हिरासत में ले लिया था.
कांग्रेस
ने रविवार को कार्रवाई करते हुए तीनों विधायकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया
था. दिल्ली में कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता पवन खेड़ा के साथ एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पार्टी
के झारखंड प्रभारी अविनाश पांडे ने इसका एलान किया था.
उधर झारखंड सरकार
को गिराने के लिए पार्टी के अन्य विधायकों को कथित रूप से पैसे देने के आरोप में उनके
ख़िलाफ़ रांची में पुलिस शिकायत भी दर्ज की गई थी.
वहीं इस घटना के सामने
आने के बाद एक बड़ा राजनीतिक विवाद छिड़ गया है. एक तरफ़ कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी
पर झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार को अस्थिर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है. वहीं
बीजेपी ने इस घटना को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है.
अविनाश पांडे ने रविवार को आरोप लगाया था कि बीजेपी पिछले कई महीनों से झारखंड की चुनी हुई हेमंत सोरेन सरकार को अस्थिर करने का प्रयास कर रही है.
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विधायकों को डराने-धमकाने के लिए कर रही है.
कांग्रेस झारखंड में राष्ट्रीय जनता दल के साथ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेतृत्व वाली सरकार का हिस्सा है.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने एक ट्वीट में आरोप लगाया, ''झारखंड में बीजेपी का 'ऑपरेशन लोटस' आज रात हावड़ा में बेनकाब हो गया. दिल्ली में 'हम दो' का गेम प्लान झारखंड में वही करने का है, जो उन्होंने महाराष्ट्र में एकनाथ-देवेंद्र (ED) की जोड़ी से करवाया."
हालांकि बीजेपी नेता अर्जुन मुंडा ने कहा कि अपनी ग़लतियां छिपाने के लिए दूसरों पर बेबुनियाद आरोप लगाना कांग्रेस की पुरानी आदत रही है.
तीनों पर अन्य विधायकों को लालच देने का मामला दर्ज
उधर रांची में बेरमो के विधायक कुमार जयमंगल सिंह (अनूप सिंह) के साथ कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि इन तीनों विधायकों ने अन्य विधायकों को बीजेपी की सरकार बनाने के लिए कथित तौर पर 10-10 करोड़ रुपए और मंत्री पद की पेशकश की थी.
ये आरोप लगाते हुए जयमंगल सिंह ने रांची के अरगोड़ा पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज कराई है.
उनका आरोप है कि तीनों गिरफ़्तार विधायक उन्हें कोलकाता से गुवाहाटी ले जाना चाहते थे, जहां कथित तौर पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के साथ एक बैठक तय की गई थी.
हालांकि असम के सीएम सरमा ने इन आरोपों को ख़ारिज करते हुए कहा है कि झारखंड में सरकार गिराने की कोशिश के आरोप ग़लत हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कई नेताओं के साथ उनके अभी भी अच्छे संबंध बने हुए हैं.
वैसे गिरफ़्तार किए गए तीनों विधायकों ने दावा किया है कि वे कोलकाता से साड़ी खरीदने के लिए अपने साथ कैश लाए थे. पश्चिम बंगाल पुलिस के सूत्रों का दावा है कि ये तीनों विधायक गुवाहाटी से कोलकाता लौटे थे.