प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की टीम
ने रविवार की सुबह शिवसेना नेता संजय राउत के मुंबई के मुलुंड के घर पर छापा मारा है.
समाचार एजेंसी पीटीआई ने अधिकारियों
के हवाले से बताया है कि उन पर दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग के केस में उनके घर पर छानबीन की
जा रही है.
वहीं एएनआई ने बताया है कि पात्रा
चॉल भूमि घोटाला मामले में ईडी की यह कार्रवाई हुई है. उसके अनुसार, ईडी की टीम रविवार की सुबह सात बजे शिवसेना
नेता के घर पर पहुंचकर छानबीन और पूछताछ कर रही है.
छापेमारी की ख़बर सामने आते ही संजय राउत के समर्थक उनके घर के बाहर जमा होकर इस कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं. संजय राउत के समर्थन में शिवसैनिक अपने घर के बाहर नारे लगा रहे हैं.
वहीं शिंदे खेमे के शिवसेना विधायक संजय शिरसात ने कहा है, "संजय राउत एक चतुर नेता हैं. वे ईडी या किसी भी चीज़ से नहीं डरते. उन्हें विश्वास है कि हम जो कर रहे हैं वह सही है."
शिरसात ने यह भी कहा, ''शिवसैनिकों को आज ख़ुशी होगी, जिनके पाखंड से महाराष्ट्र को नुक़सान हुआ, शिवसेना के 40 विधायक गए, 12 सांसद गए. संजय राउत जननेता नहीं हैं, इसलिए कोई विद्रोह नहीं होगा.''
उधर बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने कहा, "हम ईडी की कार्रवाई का स्वागत करते हैं. संजय राउत को ज़िम्मेदार ठहराया जाना चाहिए. 1,200 करोड़ का पात्रा चॉल घोटाला हो या वसई-नायगांव बिल्डर घोटाला, अब हिसाब देना होगा. आज महाराष्ट्र की जनता ख़ुश है, क्योंकि माफिया संजय राउत को भी हिसाब देना होगा."
संजय राउत ने किए कई ट्वीट
उधर ईडी की छापेमारी के बीच ही संजय राउत ने एक के बाद एक कई ट्वीट करके ख़ुद को बेगुनाह बताते हुए लड़ाई जारी रखने की बात कही है.
उन्होंने अपने पहले ट्वीट में संघर्ष जारी रखने के बारे में लिखा, ''फिर भी शिवसेना नहीं छोड़ेगी.''
दूसरे ट्वीट में कहा, ''महाराष्ट्र और शिवसेना की लड़ाई जारी रहेगी.''
तीसरे ट्वीट में कहा, ''झूठी कार्रवाई, झूठा सबूत, मैं शिवसेना नहीं छोड़ूंगा, मैं मर भी जाऊं तो समर्पण नहीं करूंगा, जय महाराष्ट्र.''
उन्होंने चौथे ट्वीट में लिखा, ''मेरा किसी घोटाले से कोई लेना-देना नहीं है. यह मैं शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे की शपथ लेकर कह रहा हूं. बालासाहेब ने हमें लड़ना सिखाया है. मैं शिवसेना के लिए लड़ना जारी रखूंगा.''
पांचवें ट्वीट में लिखा, ''जय हो शिवसेना!!! मैं लड़ाई जारी रखूंगा.''