पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में मुख्यमंत्री को लेकर हुआ खेल, ग़ुस्से में इमरान ख़ान
पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज़ के नेता हमजा शहबाज़ फिर से पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री बनने में कामयाब हुए हैं. ये कामयाबी इस बार उन्हें पंजाब विधानसभा के डेप्युटी स्पीकर दोस्त मोहम्मद मजारी की वजह से मिली है.
17 जुलाई को पंजाब में 20 सीटों पर उपचुनाव हुए थे और इसमें इमरान ख़ान की पार्टी को 15 सीटों पर जीत मिली थी. इसके बाद पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज़ की सरकार अल्पमत में आ गई थी. हमजा शरीफ़ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ के बेटे हैं.
उपचुनाव में पीटीआई की जीत के बाद लग रहा था कि हमजा को कुर्सी छोड़नी पड़ेगी लेकिन विधानसभा में स्पीकर ने बाज़ी पलट दी.
इमरान ख़ान ने डेप्युटी स्पीकर के फ़ैसले पर आपत्ति जताते हुए लोगों से सड़क पर उतरने की अपील की है. इमरान ख़ान ने कहा कि यह बहुमत की चोरी की गई है.
डेप्युटी स्पीकर ने पाकिस्तान मुस्लिम लीग-क्यू के नेता चौधरी परवेज़ इलाही की ही पार्टी के मतों को ख़ारिज कर दिया. परवेज़ इलाही को इमरान ख़ान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ का समर्थन हासिल था.
पाकिस्तान की न्यूज वेबसाइट डॉन के मुताबिक़ जैसे ही पंजाब प्रांत की विधानसभा में वोटिंग शुरू हुई तो डेप्युटी स्पीकर मोहम्मद मजारी ने एक फ़ैसला सुनाया. फ़ैसले में उन्होंने पीएमएल क्यू पार्टी प्रमुख चौधरी शुजात के पत्र का हवाला देते हुए परवेज़ इलाही के वोटों की गिनती करने से मना कर दिया.
डेप्युटी स्पीकर के मुताबिक़ पीटीआई और पीएमएल-क्यू के संयुक्त उम्मीदवार परवेज़ इलाही को 186 वोट मिले जबकि हमजा शहबाज़ को 179 वोट पड़े.
पीएमएल-क्यू के प्रमुख चौधरी शुजात हुसैन के पत्र के बाद डेप्युटी स्पीकर ने पार्टी के 10 वोट ख़ारिज कर दिए जिसके चलते उनकी वोट संख्या 176 पर आ गई. ऐसे में शहबाज़ शरीफ़ तीन वोटों से जीतकर पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री बने.
परिणाम घोषित करने से पहले डेप्युटी स्पीकर ने पीएमएल-क्यू पार्टी के प्रमुख का पत्र पढ़ा. मजारी ने शुजात हुसैन के हवाले से कहा, “पाकिस्तान मुस्लिम लीग- क्यू पार्टी प्रमुख के रूप में मैंने अपने सभी प्रांतीय सदस्यों को मोहम्मद हमजा शहबाज़ शरीफ़ के पक्ष में वोट डालने के निर्देश जारी किए हैं.”
डेप्युटी स्पीकर ने सुप्रीम कोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि इस पत्र के अनुसार पीएमएल-क्यू नेताओं के डाले गए सभी 10 वोटों को ख़ारिज कर दिया गया है.
इस फ़ैसले की घोषणा के तुरंत बाद, पीटीआई नेता असद उमर ने कहा कि पार्टी इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाएगी. इस फैसले के खिलाफ पार्टी अलग अलग शहरों में प्रदर्शन कर रही है.