ईडी के सामने सोनिया गांधी की पेशी का कांग्रेस गुरुवार को पूरे देश में करेगी विरोध

सोशल मीडिया साइट ट्विटर पर कांग्रेस के ​आधिकारिक हैंडल से यह जानकारी दी गई है.

लाइव कवरेज

अभिनव गोयल

  1. ब्रेकिंग न्यूज़, रनिल विक्रमसिंघे चुने गए राष्ट्रपति, 134 सांसदों का मिला समर्थन

    रनिल विक्रमिसंघे

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    श्रीलंका के सांसदों ने रनिल विक्रमसिंघे को राष्ट्रपति चुन लिया है. रनिल विक्रमसिंघे को 134 वोट मिले और उनके प्रतिद्वंद्वी दलस अलापेरुमा को 82 वोट मिले.

    कुल 223 सांसदों ने वोट किया है जबकि 2 सांसद वोटिंग से अनुपस्थित रहे. 223 वोट में से 219 वोट को वैध माना गया जबकि चार वोट अमान्य करार दिए गए.

    राष्ट्रपति चुनाव जीतने के बाद संसद को संबोधित करते हुए रनिल विक्रमसिंघे ने सभी पार्टियों से मिलकर काम करने की अपील की है और श्रीलंका को इस मुश्किल से बाहर निकालने के लिए कहा है.

    साथ ही उन्होंने कहा कि वे गुरुवार को सभी पार्टियों के साथ बैठकर बातचीत करेंगे.

    गोटाबाया राजपक्षे के श्रीलंका से भागने और इस्तीफा देने के बाद रनिल विक्रमसिंघे को कार्यवाहक राष्ट्रपति बनाया गया था.

    रनिल विक्रमसिंघे का कार्यकाल नवंबर 2024 में खत्म होगा. वे गोटाबाया राजपक्षे के बचे हुए कार्यकाल को पूरा करेंगे.

    13 जुलाई को श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे को देश छोड़कर मालदीव के बाद सिंगापुर चले गए थे. इसके बाद के रनिल विक्रमसिंघे के पास राष्ट्रपति का कार्यभार था. अब उनके राष्ट्रपति होने पर संसद ने भी मुहर लगा दी है.

    इससे पहले गोटाबाया के भाई भाई महिंदा राजपक्षे ने प्रधानमंत्री की कुर्सी छोड़ दी थी और वह तब से कहाँ ग़ायब हैं, कोई आधिकारिक सूचना नहीं है. राष्ट्रपति भवन पर पिछले हफ़्ते शनिवार को श्रीलंका के आम लोगों ने धावा बोल दिया था और अपने नियंत्रण में ले लिया था. हालांकि प्रधानमंत्री रनिल विक्रमसिंघे भी श्रीलंका में अलोकप्रिय हैं और उनके निजी आवास में भी आक्रोशित भीड़ ने आग लगा दी थी.

  2. ब्रेकिंग न्यूज़, श्रीलंका में राष्ट्रपति चुनने की प्रक्रिया के बीच भारत का यह स्पष्टीकरण

    श्रीलंका

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    श्रीलंका आर्थिक संकट के कारण राजनीतिक अस्थिरता से भी जूझ रहा है. ऐसे में पड़ोसी देश भारत को लेकर भी कई तरह की बातें चलती रहती हैं.

    श्रीलंका स्थित भारतीय उच्चायोग इन बातों पर स्पष्टीकरण जारी करता रहता है. पिछले कुछ महीनों में भारत श्रीलंका में सेना भेजने और वहाँ के नेताओं को शरण देने के मामले में स्पष्टीकरण जारी कर चुका है.

    एक बार फिर से बुधवार को श्रीलंका स्थित भारतीय उच्चायोग ने ट्वीट कर उन मीडिया रिपोर्ट्स को ख़ारिज किया है कि श्रीलंका की संसद में राष्ट्रपति चुनने की प्रक्रिया को भारत प्रभावित कर रहा है.

    भारतीय उच्चायोग ने ट्वीट कर कहा है, ''हमने देखा है कि बेबुनियाद और पूरी तरह से अटकलों से भरी मीडिया रिपोर्ट भारत को लेकर चलाई जा रही है. श्रीलंका की संसद में राष्ट्रपति चुनने की प्रक्रिया को भारत किसी भी तरह से प्रभावित नहीं कर रहा है. इस तरह की मीडिया रिपोर्ट्स पूरी तरह से बेबुनियाद और मनगढ़ंत हैं. भारत श्रीलंका के लोगों, वहाँ के लोकतांत्रिक मूल्यों और संस्थानों के साथ है. भारत किसी भी देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं करता है.''

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    श्रीलंका जिस मोड़ पर खड़ा है, उसे लेकर भारत काफी सतर्क है. भारत श्रीलंका में हर घटनाक्रम पर फूंक-फूंक कर क़दम रख रहा है और किसी भी अफ़वाह या अटकलों पर तत्काल स्पष्टीकरण जारी कर रहा है.

    राष्ट्रपति राजपक्षे के मालदीव भागने के कुछ देर बाद ही कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग ने स्पष्टीकरण जारी किया और कहा कि भारत उन मीडिया रिपोर्ट्स को ख़ारिज करता है, जिसमें बताया जा रहा है कि हमने गोटाबाया को श्रीलंका से बाहर भेजने में मदद की है.

    भारतीय उच्चायोग के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर कहा गया है, ''उच्चायोग स्पष्ट रूप से बेबुनियाद और अटकलों से भरी मीडिया रिपोर्ट्स को ख़ारिज करता है कि गोटाबाया राजपक्षे और बासिल राजपक्षे को श्रीलंका से बाहर भेजने में भारत ने मदद की है. हम इस बात को फिर से दोहराते हैं कि भारत श्रीलंका के लोगों को मदद करता रहेगा.''

  3. तुर्की के राष्ट्रपति अर्दोआन के दौरे को ईरान इतनी अहमियत क्यों दे रहा

    ईरान

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    रूस और तुर्की के राष्ट्रपति 19 जुलाई को ईरान की राजधानी तेहरान पहुँचे थे. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने तेहरान में ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी और वहाँ के सर्वोच्च नेता अयातोल्लाह अली ख़मेनेई से मुलाक़ात की. ईरान ने अर्दोआन के दौरे को ख़ासा महत्व दिया है.

    तुर्की और ईरान के बीच मंगलवार को अगले 25 सालों के लिए गैस आपूर्ति का क़रार बढ़ा दिया गया है. इसके अलावा दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार 30 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा है.

    ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी ने अर्दोआन और उनके साथ आए प्रतिनिधिमंडल से भी मुलाक़ात की थी. इसके बाद दोनों नेताओं ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस की थी.

    रईसी ने कहा कि ईरान-तुर्की के बीच व्यापार और आर्थिक संबंध पर्याप्त नहीं है. ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि दोनों देशों के बीच इस संबंध को और आगे ले जाने की ज़रूरत है. रईसी ने कहा कि 30 अरब डॉलर के द्विपक्षीय कारोबार का लक्ष्य आसानी से हासिल किया जा सकता है.

    तुर्की की समाचार एजेंसी अनादोलु के अनुसार, दोनों राष्ट्रपतियों ने आठ समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं. इन समझौतों में व्यापक और लंबी अवधि के सहयोग, रोडियो-टेलीविजन में साझेदारी और दोनों देशों की सरकारों के बीच आपसी सहयोग बढ़ाने की बात शामिल है.

    पिछले साल ईरान में नई सरकार बनने के बाद से तुर्की के राष्ट्रपति का यह पहला दौरा था. इससे पहले अर्दोआन और रईसी की मुलाक़ात पिछले साल नवंबर में तुर्कमेनिस्तान में हुई थी.

    अर्दोआन की मुलाक़ात ईरान के सर्वोच्च नेता अयातोल्लाह अली ख़मेनेई से भी हुई थी. दोनों देशों के बीच 30 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार का लक्ष्य 2018 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई पाबंदियों के बाद रखा गया था.

    रईसी ने कहा है कि दोनों देशों के बीच इंडस्ट्रियल टाउन, साइंस और टेक्नॉलजी पार्क बनाने को लेकर भी बात हुई है.ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग पर भी सहमति बनी है.

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  4. ईरान और रूस में डॉलर को लेकर इस रणनीति पर बनी सहमति

    अयातुल्ला ख़ामेनेई के साथ पुतिन

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    रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बैठक में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातोल्लाह अली ख़ामेनेई ने दोनों देशों के बीच व्यापार के लिए अपनी-अपनी राष्ट्रीय मुद्राओं के इस्तेमाल करने की नीति को मंजूरी दी है.

    उन्होंने कहा कि डॉलर के बजाय अन्य मुद्राओं का इस्तेमाल किया जाना चाहिए और डॉलर को धीरे धीरे वैश्विक लेनदेन के रास्ते से हटा दिया जाना चाहिए और ऐसा करना समय के साथ संभव है.

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    ईरानी की मुद्रा ईरानी रियाल है जबकि रूस की मुद्रा रूबल है. दोनों देश चाहते हैं कि व्यापार के लिए अपनी अपनी मुद्रा में एक दूसरे से व्यापार करें. अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में अपनी-अपनी मुद्रा की मांग को बढ़ाने के लिए दोनों देश ऐसा करना चाहते हैं.

    ख़ामेनेई ने कहा कि ईरान और रूस को आपसी सहयोग बढ़ाने की जरूरत है. दोनों देशों के बीच तेल और गैस को लेकर कई समझौते हुए हैं, जिनका अंत तक पालन किया जाना चाहिए.

    रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सीरिया शांति शिखर सम्मेलन में भाग लेने ईरान पहुंचे हैं, जहाँ दोनों नेताओं की मुलाक़ात हुई.

    इस सम्मेलन में तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन और ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी भी शामिल हो रहे हैं.

    यूक्रेन पर हमले के बाद से पश्चिम ने रूस पर बड़े पैमाने पर पाबंदिया लगाई हैं जिसके चलते विदेशों में रूस के बैंक खातों को फ्रीज़ कर दिया गया है.

    अपनी करेंसी को सुरक्षित करने के लिए रूस ने कई क़दम उठाए हैं. रूस ने प्राकृतिक गैस ख़रीदने वाले यूरोपीय संघ के देशों से मांग की है कि वो डॉलर या यूरो के बजाय बिल का भुगतान रूबल में करें.

  5. बढ़ती महंगाई और जीएसटी की नई दरों के विरोध में विपक्ष का प्रदर्शन

    प्रदर्शन

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    खाने-पीने के सामानों पर जीएसटी लगाने और महंगाई के मुद्दे पर विपक्षी पार्टियों ने संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने विरोध-प्रदर्शन किया.

    इसमें राहुल गांधी समेत विपक्ष के कई नेताओं ने हिस्सा लिया.

    इससे पहले मंगलवार को विपक्ष ने सदन के अंदर विरोध किया था जिसके बाद सदन की कार्रवाई स्थगित करनी पड़ी थी.

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    विपक्ष का कहना है कि नई जीएसटी दरों ने महंगाई को और बढ़ाने का काम किया है.

    केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में जीएसटी काउंसिल ने पैकेटबंद दही, पनीर, लस्सी, शहद, सूखा मखाना, सूखा सोयाबीन, मटर, मुरमुरे जैसे उत्पादों पर पाँच प्रतिशत जीएसटी लगाने का फ़ैसला किया था. हालांकि खुले में बिकने वाले बिना ब्रैंड वाले उत्पादों पर जीएसटी छूट जारी रहेगी.

    जीएसटी लगाने पर वित्त मंत्री सीतारमण का कहना है कि ये फ़ैसला किसी एक सदस्य का नहीं बल्कि पूरी जीएसटी काउंसिल ने लिया है.

  6. रांची में वाहन चेकिंग के दौरान महिला सब-इंस्पेक्टर को कुचला, एक गिरफ़्तार

    संध्या टोपनो

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    झारखंड की राजधानी रांची में एक महिला पुलिस अधिकारी को मंगलवार रात वाहन चेकिंग के दौरान कुचल दिया गया.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक संध्या टोपनो वाहन चेकिंग कर रहीं थीं कि इस दौरान उन्होंने एक पिक-अप वैन को रुकने के लिए कहा. ड्राइवर ने रुकने की जगह टोपनो पर गाड़ी चढ़ा दी.

    संध्या टोपनो तुपुदाना थाने में ओपी के पद पर तैनात थीं.

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    रांची के एसएसपी ने बताया है कि एक अभियुक्त को गिरफ़्तार कर लिया गया है.

    मंगलवार को ही हरियाणा के नूह से भी ऐसी ही एक घटना सामने आई थी. उस घटना में हरियाणा पुलिस के एक डीएसपी सुरेंद्र सिंह बिश्नोई को एक डंपर के नीचे कुचल दिया गया था.

    बिश्नोई अवैध खनन रोकने का प्रयास कर रहे थे.

  7. ट्विटर विवाद में एलन मस्क को नहीं मिली राहत, अक्टूबर में कोर्ट करेगा सुनवाई

    एलन मस्क

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    टेस्ला के सीईओ एलन मस्क को अमेरिका के कोर्ट से झटका लगा है. अमेरिकी कोर्ट ने एलन मस्क के खिलाफ ट्विटर के मुकदमे की सुनवाई अक्टूबर में तय की है.

    एलन मस्क ने मामले में देर से सुनवाई करने की मांग की थी. उन्होंने ट्विटर को खरीदने के लिए 44 अरब डॉलर का करार किया था जिससे अब एलन मस्क ने हाथ पीछे खींचने का ऐलान किया है.

    जिसके बाद सोशल मीडिया कंपनी ट्विटर ने करार को पूरा करवाने के लिए अदालत का रुख किया. ट्विटर को उम्मीद है कि कोर्ट एलन मस्क को 54.20 डॉलर प्रति शेयर की तय कीमत पर अधिग्रहण पूरा करे का आदेश देगी.

    एलन मस्क ने ट्विटर पर फर्जी खातों की जानकारी छिपाने का आरोप लगाया है.

    डेलावेयर कोर्ट के एक जस्टिस ने कंपनी के साथ सहमति व्यक्त की है और कहा है कि ट्रायल में देरी से अनिश्चितता को बढ़ाने का काम करेगी.

  8. मुश्किल में नेटफ़्लिक्स, 10 लाख लोगों ने छोड़ा प्लेटफॉर्म

    नेटफ़्लिक्स

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    वीडियो स्ट्रीमिंग की दुनिया में लंबे समय तक राज करने वाली नेटफ़्लिक्स को अब कठिनाई का सामना करना पड़ा रहा है.

    अप्रैल और जुलाई के बीच नेटफ्लिक्स को करीब 10 लाख ग्राहकों ने छोड़ दिया है.

    इस तिमाही में सबसे ज्यादा अमेरिका और कनाडा के ग्राहकों ने नेटफ़्लिक्स को छोड़ा है. इसके बाद यूरोप का नंबर आता है. मंगलवार को आई रिपोर्ट बताती है कि ग्राहकों का इतनी बड़ी संख्या में फ्लेटफॉर्म को छोड़कर जाना कंपनी के इतिहास में सबसे बड़ा है.

    यह नेटफ़्लिक्स के लिए एक बड़ा बदलाव है, जिसने कई सालों तक बढ़ोतरी का फायदा उठाया है, क्योंकि उसे दुनिया भर के लोगों के मनोरंजन के तरीके में क्रांति लाने के लिए जाना जाता है.

    कोविड के समय में लोगों ने बड़ी संख्या में नेटफ़्लिक्स को सब्सक्राइब किया लेकिन हालात सुधरने पर फिर से नेटफ़्लिक्स को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.

    एक समय पर नेटफ्लिक्स ने वीडियो स्ट्रीमिंग के पूरे बाजार को हिलाकर रख दिया था लेकिन अब नेटफ़्लिक्स को एप्पल टीवी, एचबीओ मैक्स, अमेजॉन प्राइम और डिज्नी प्लस जैसे कंपनियों से कड़ा मुकाबला करना पड़ रहा है.

    नेटफ़्लिक्स

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    दाम बढ़ाने से हुआ नुकसान

    नेटफ़्लिक्स ने पिछले कुछ समय में ग्राहकों के लिए दाम भी बढ़ाए हैं जिसका नुकसान कंपनी को हुआ है.

    अमेरिका में दो डिवाइस पर एक साथ नेटफ़्लिक्स चलाने वाले प्लान की कीमत साल 2019 में 11 डॉलर थी, जो जनवरी 2022 में बढ़कर 14 डॉलर और अब 15.49 डॉलर है.

    ब्रिटेन में भी नेटफ़्लिक्स ने बेसिक और स्टैंडर्ड प्लान में एक यूरो की बढोतरी की है. अब महीने का बेसिक प्लान 6.99 यूरो और स्टैंडर्ड प्लान 10.99 यूरो का हो गया है.

    जून के आखिर तक कंपनी के पास करीब 22 करोड़ सब्सक्राइबर थे. इस साल अब तक फर्म के शेयरों के मूल्य में 60 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है क्योंकि निवेशक कंपनी की संभावनाओं को लेकर चिंता में हैं.

  9. संजय राउत आज फिर होंगे ईडी के सामने पेश, क्या है पूरा मामला?

    संजय राउत

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    मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शिवसेना सांसद संजय राउत को आज फिर पूछताछ के लिए बुलाया है.

    पिछली एक जुलाई को भी उनसे करीब 10 घंटे तक पूछताछ की गई थी. ये पूछताछ मुंबई की एक पत्रा चॉल के पुनर्विकास से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में की जा रही है.

    इससे पहले जांच के दौरान इसी साल अप्रैल में ईडी ने संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत और उनके दो सहयोगियों की क़रीब 11.15 करोड़ रुपये की संपत्ति अस्थायी रूप से ज़ब्त की थी.

    पत्रा चॉल

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    क्या है पत्रा चॉल का मामला

    पत्रा चॉल मुंबई के गोरेगांव वेस्ट इलाक़े में स्थित एक रिहायशी इमारत है. इस इमारत में कुल 682 घर हैं. यहां रहने वाले लोगों की मंज़ूरी से एमएचएडीए, गुरु आशीष कंपनी और निवासियों के बीच पुनर्विकास का एक समझौता हुआ था.

    ये वादा किया गया कि 13 एकड़ में बनी इमारत में पत्रा चाल में रहने वाले लोगों को 672 घर दिए जाएंगे. लेकिन वास्तविकता में निवासियों को कुछ भी नहीं मिला और वो अब अपने आप को ठगा हुआ महसूस करते हैं.

    ईडी का कहना है कि गुरु आशीष कंपनी के निदेशकों ने एफएसआई को नौ अन्य डेवलपरों को समझौते में शामिल अन्य पक्षों को जानकारी दिए बिना बेच दिया.

    आरोप है कि निदेशकों को इस सौदे से 901 करोड़ रुपये की कमाई हुई है. ईडी का आरोप है कि गुरु आशीष कंपनी ने एक अन्य हाउसिंग प्रोजेक्ट मीडोज़ के ख़रीदारों से भी 138 करोड़ रुपये हासिल किए.

    ईडी ने 2 फ़रवरी को गुरु आशीष कंपनी के निदेशक प्रवीण राउत को गिरफ़्तार कर लिया था.

    शिवसेना नेता संजय राउत

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    संजय राउत के ख़िलाफ़ क्यों हो रही है जांच?

    माना जा रहा है कि इस मामले में गिरफ़्तार प्रवीण राउत संजय राउत के क़रीबी हैं.

    ईडी का आरोप है कि पत्रा चॉल मामले में हुई मनी लांडरिंग में प्रवीण राउत को सौ करोड़ रुपये मिले. राउत ने ये पैसा अपने परिजनों और जानकारों के बैंक खातों में जमा करा दिया था.

    ईडी का दावा है कि संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत ने साल 2010 में प्रवीण राउत की पत्नी मधुर राउत से 83 लाख रुपये प्राप्त किए. आरोप है कि वर्षा राउत ने इन पैसों से दादर में एक फ्लैट ख़रीदा.

    ईडी का ये भी आरोप है कि जांच शुरू होने के बाद वर्षा राउत ने मधुर के खाते में 55 लाख रुपये वापस भेजे थे.

  10. यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की की पत्नी युद्ध के बीच अचानक अमेरिका क्यों पहुंचीं

    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ ओलेना ज़ेलेंस्का

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    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की की पत्नी ओलेना ज़ेलेंस्का उच्च स्तरीय बैठकों और कांग्रेस को संबोधित करने के लिए अमेरिका की यात्रा पर हैं.

    चार महीने पहले खुद वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने अमेरिकी संसद को वर्चुअली संबोधित किया था.

    व्हाइट हाउस के मुताबिक ओलेना ज़ेलेंस्का ने सोमवार को विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन से और मंगलवार को राष्ट्रपति जो बाइडन से मुलाकात की. इससे पहले बाइडन ने मई में यूक्रेन की यात्रा की थी.

    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की के पत्नी ओलेना ज़ेलेंस्का

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    ओलेना आज कैपिटल हिल में सांसदों को भी संबोधित करने वाली हैं. उनके पास यूक्रेन की सरकार में कोई आधिकारिक विभाग नहीं है लेकिन यूक्रेन में रूस के युद्ध को करीब पांच महीने हो गए हैं.

    ऐसे में यूक्रेन अमेरिका से अधिक सैन्य सहायता और राजनीतिक समर्थन चाहता है.

    कांग्रेस ने यूक्रेन को लगभग 40 अरब डॉलर की सहायता को पहले ही मंजूरी दे दी है जो सितंबर के आखिर तक पूरी तरह से दे दी जाएगी.

    ओलेना ज़ेलेंस्का ने यूएस एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट की प्रमुख सामंथा पावर से भी मुलाकात की. एजेंसी ने यूक्रेन की सरकार का समर्थन करने और मानवीय ज़रूरतों के लिए अरबों डॉलर दिए हैं.

  11. श्रीलंका: आज नए राष्ट्रपति का चुनाव, ये हैं तीन उम्मीदवार

    रनिल विक्रमसिंघे

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    श्रीलंका में गोटाबाया राजपक्षे के इस्तीफे के बाद आज सांसद नए राष्ट्रपति को चुनेंगे.

    राष्ट्रपति पद के लिए तीन तरफा मुकाबले में कार्यवाहक राष्ट्रपति रनिल विक्रमसिंघे, दलस अलापेरुमा और वामपंथी नेशनल पीपुल्स पावर पार्टी के अनुरा कुमारा दिसानायके मैदान में हैं.

    सत्तारूढ़ दल एसएलपीपी ने प्रधानमंत्री रनिल विक्रमसिंघे को खड़ा किया है. उन्हें इस दौड़ में सबसे आगे देखा जा रहा है लेकिन प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे के इस्तीफा देने के बाद वे भी अपना पद छोड़कर चले जाएं.

    रनिल विक्रमसिंघे को कड़ा मुकाबले देने वालों में सत्तारूढ़ पार्टी के ही असंतुष्ट सांसद दलस अलापेरुमा का नाम है जिन्हें विपक्ष ने अपना समर्थन दिया है.

    नए राष्ट्रपति का कार्यकाल नवंबर 2024 में खत्म होगा. यानी नया राष्ट्रपति, गोटाबाया राजपक्षे के बचे हुए कार्यकाल को ही पूरा करेगा.

    आज होने वाले मतदान में कुल 225 सांसद वोट करेंगे. किसी उम्मीदवार को जीतने के लिए आधे से ज्यादा मतों की जरूरत होगी.

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