ईडी के सामने सोनिया गांधी की पेशी का कांग्रेस गुरुवार को पूरे देश में करेगी विरोध
सोशल मीडिया साइट ट्विटर पर कांग्रेस के आधिकारिक हैंडल से यह जानकारी दी गई है.
लाइव कवरेज
अभिनव गोयल
ईडी के सामने सोनिया गांधी की पेशी का कांग्रेस गुरुवार को पूरे देश में करेगी विरोध
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नेशनल हेराल्ड केस में प्रवर्तन निदेशालय गुरुवार को कांग्रेस
अध्यक्ष सोनिया गांधी से पूछताछ करने वाला है. इसके विरोध में कांग्रेस पार्टी ने गुरुवार
को पूरे देश भर में प्रदर्शन करने का एलान किया है.
सोशल मीडिया साइट ट्विटर पर कांग्रेस के आधिकारिक हैंडल
से यह जानकारी दी गई है.
पार्टी ने इस ट्वीट में कहा, ''सत्ता में आने के पहले दुष्प्रचार और सत्ता में आने के बाद ईडी-सीबीआई के दुरुपयोग के सहारे पीएम मोदी बदले की राजनीति पर उतारू हैं.''
''पूरा कांग्रेस परिवार अपनी अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी के साथ मजबूती से खड़ा है. इसलिए कल पूरे देश में तानाशाही हुक़ूमत के ख़िलाफ़ विरोध दर्ज कराया जाएगा.''
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वहीं बुधवार को सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे के दिल्ली स्थित घर पर पार्टी के सीनियर नेताओं ने एक बैठक की. इस बैठक में सोनिया गांधी के ख़िलाफ़ ईडी के दुरुपयोग के विरोध में पार्टी की रणनीति तय की.
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वहीं कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और पार्टी के संचार मामलों के महासचिव जयराम रमेश ने भी केंद्र सरकार पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के ख़िलाफ़ राजनीतिक बदले की भावना से काम करने का आरोप लगाया है.
उन्होंने कहा है कि पार्टी अपनी नेता सोनिया गांधी के साथ सामूहिक एकजुटता व्यक्त करने के लिए गुरुवार को देश भर में प्रदर्शन करेगी.
यूक्रेन के संबंध तोड़ने के जवाब में अब सीरिया ने भी उससे संबंध तोड़ने का किया एलान
सीरिया ने अपने क़रीबी सहयोगी रूस के समर्थन में यूक्रेन के
साथ संबंध तोड़ने का एलान किया है.
सीरिया के विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने बुधवार को बताया
कि उसका यह फ़ैसला यूक्रेन द्वारा उठाए गए ऐसे ही क़दम का जवाब है.
सरकारी समाचार एजेंसी सीरियन अरब न्यूज़ एजेंसी से बातचीत में
उन अधिकारी ने बताया कि सीरिया ने 'पारस्परिकता के सिद्धांत' का पालन करते हुए और
यूक्रेन सरकार के फ़ैसले के जवाब में यूक्रेन के साथ अपने राजनयिक संबंध तोड़ने का
फ़ैसला किया है.
इससे पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने जून
के अंत में सीरिया से संबंध तोड़ने का एलान किया था. उन्होंने कहा था, ''यूक्रेन और सीरिया के
बीच अब कोई रिश्ता नहीं रह गया है.''
उनका यह फ़ैसला सीरिया द्वारा पूर्वी यूक्रेन के रूस समर्थक
लुहान्सक और दोनेत्स्क इलाक़ों को मान्यता देने के बाद आया था. रूस के बाद सीरिया इन
इलाक़ों को मान्यता देने वाला दुनिया का पहला देश था.
इससे पहले रूस ने फरवरी में जब यूक्रेन पर हमला किया था, तभी उसने इन दोनों क्षेत्रों
को आज़ाद हो जाने का एलान किया था.
सालों से गृह युद्ध झेल रहे सीरिया की बशर अल असद की सरकार अपनी
सत्ता बचाए रखने के लिए बहुत हद तक रूस पर निर्भर रहे हैं.
लिज़ ट्रस या ऋषि सुनक होंगे ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री
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ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री की दौड़ में अंतिम दो उम्मीदवारों का फ़ैसला हो गया है.
बोरिस जॉनसन की जगह कंज़रवेटिव पार्टी के नेता और पीएम पद पर अब या तो ऋषि सुनक आएंगे या लिज़ ट्रस बैठेंगी.
बुधवार को कंज़रवेटिव सांसदो के बीच अंतिम दौर के मतदान में यह फ़ैसला हुआ.
अब देखना है कि 5 सितंबर को ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री के नाम के होने वाले एलान में बाज़ी किनके हाथ लगती है. इसके लिए पार्टी के 1.6 लाख सदस्यों के बीच पोस्टल बैलेट के ज़रिए वोट करवाया जाएगा.
दोनों ही उम्मीदवारों के बीच 25 जुलाई को बीबीसी पर आमने-सामने की बहस होगी.
पांचवें दौर के मतदान में ऋषि सुनक को सबसे अधिक 137 वोट मिले हैं, जबकि लिज़ ट्रस को 113 वोट मिले. तीसरे नंबर पर पेनी मर्डोन्ट
को 105 मत मिले हैं. इस तरह मर्डोन्ट इस रेस से बाहर हो गईं.
इससे पहले मंगलवार को हुए चौथे दौर के मतदान में सुनक
को 118 वोट तो लिज़ ट्रस को 86 वोट मिले थे.
क्या बोले तीनों पक्ष?
ऋषि सुनक की कैंपेन टीम ने बुधवार को मिली जीत का जश्न मनाते हुए कहा है, "सांसदों से मिले स्पष्ट बहुमत के चलते वास्तव में यह मजबूत नतीज़ा है. वो अब कंजर्वेटिव पार्टी के परिवार से लेबर पार्टी को हराने, यूनियन की रक्षा करने और ब्रेक्ज़िट के बाद मिले अवसरों को लपकने के लिए बहुमत हासिल करने को रात-दिन काम करेंगे.''
बयान में आगे कहा गया, ''पार्टी के सदस्यों के लिए पीएम उम्मीदवार का चुनाव बहुत आसान है. वो ये कि अगले चुनाव में लेबर पार्टी को हराने के लिए सबसे अच्छा इंसान कौन है? और वो ऋषि सुनक ही हैं."
वहीं लिज़ ट्रस ने पार्टी के सांसदों को समर्थन देने के लिए धन्यवाद कहा है. उन्होंने कहा, ''आपको मुझमें यक़ीन रखने के लिए शुक्रिया. मैं पहले दिन से इसके लिए तैयार थी.''
पेनी मर्डोन्ट ने सुनक और ट्रस को बधाई दी है.
वहीं मोर्डेन्ट के समर्थकों में से एक माइकल फैब्रिकेंट ने कहा है कि वे अब लिज़ ट्रस का समर्थन करेंगे. उन्होंने कहा कि वे अंत तक वफादार बनी रही और बोरिस जॉनसन के ख़िलाफ़ कोई साज़िश नहीं की.
हरियाणा के नूह में हुई डीएसपी की हत्या के मामले में फरार ट्रक ड्राइवर गिरफ़्तार
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हरियाणा में गुरुग्राम से सटे नूह ज़िले के तावडू थाना के पचगांव
में इलाक़े के डीएसपी सुरेंद्र सिंह बिश्नोई पर डंपर चढ़ाकर हत्या कर देने के मामले
में पुलिस ने अभियुक्त ट्रक ड्राइवर को गिरफ़्तार कर लिया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई ने नूह के एसपी वरुण सिंघला के हवाले से
यह जानकारी दी है.
राज्य के गृह मंत्री अनिल विज ने भी इस ख़बर को कंफर्म किया है. समाचार एजेंसी एएनआई ने उनके हवाले से बताया है कि इस मामले के अभियुक्त मित्तर को हरियाणा पुलिस ने राजस्थान के भरतपुर ज़िले के गंगोरा गांव से गिरफ़्तार किया है.
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क्या है मामला?
मंगलवार की दोपहर को डीएसपी सुरेंद्र सिंह पर पचगांव में एक ट्रक ड्राइवर ने गाड़ी चढ़ा दी. उस समय वे ड्राइवर के दस्तावेज़ों की जांच कर रहे थे.
सुरेंद्र सिंह मंगलवार को दोपहर 12 बजे दो पुलिसकर्मी, एक ड्राइवर और एक गनमैन के साथ अवैध खनन की शिकायत पर छापा मारने गए थे.
1994 में बतौर एएसआई भर्ती हुए सुरेंद्र सिंह तावडू में डीएसपी के पद पर तैनात थे. वो चार महीने में रिटायर होने वाले थे.
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने डीएसपी सुरेंद्र सिंह को शहीद का दर्जा के साथ उनके परिजनों को ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का एलान किया था.
पुलिस ने इस मामले में पहले ही अभियुक्त को गिरफ़्तार किया था. पुलिस अधिकारी की हत्या के बाद से पूरे इलाक़े में तनाव का माहौल है.
एक दिन की पुलिस हिरासत में भेजे गए फ़िल्म निर्देशक अविनाश दास
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मुंबई से हिरासत में
लेने के बाद अहमदाबाद की क्राइम ब्रांच ने फ़िल्म निर्देशक और पत्रकार अविनाश दास को
बुधवार को अहमदाबाद के मेट्रोपोलिटन कोर्ट में पेश किया.
समाचार एजेंसी एएनआई
के अनुसार, अदालत ने उन्हें एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है. उन्हें
गुरुवार को अदालत में फिर पेश किया जाएगा.
क्राइम ब्रांच के डीसीपी
चैतन्य मांडलिक ने बताया कि फ़िल्म निर्देशक अविनाश दास को मंगलवार को मुंबई से गिरफ़्तार
किया था.
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क्या है मामला
अविनाश दास ने कई दिनों पहले सोशल मीडिया साइट ट्विटर पर झारखंड कैडर की आईएएस और फ़िलहाल जेल में बंद पूजा सिंघल के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का एक फ़ोटो शेयर किया था.
उन्होंने अपने पोस्ट में दावा किया था कि वो फ़ोटो पूजा सिंघल की गिरफ़्तारी के कुछ दिनों पहले का था. लेकिन पुलिस का दावा है कि वो फ़ोटो असल में पांच साल पहले का था.
पुलिस का दावा है कि उन्होंने ऐसा करके अमित शाह की छवि ख़राब करने की कोशिश की. इसलिए उन पर जालसाज़ी के आरोप में भारतीय दंड संहिता की धारा 469 लगाई गई है. इसके अलावा कुछ अन्य धाराएं भी उन पर लगाई गई हैं.
अपने करियर की शुरुआत पत्रकारिता से करने वाले अविनाश दास बिहार के रहने वाले हैं. सालों तक दिल्ली में रहने के बाद फ़िल्म लेखन और निर्देशन के लिए अब वे मुंबई में रहते हैं.
अनारकली आफ आरा, रात बाकी है जैसी फ़िल्मों के अलावा उन्होंने शी, रनअवे लुगाई जैसी वेब सिरीज़ भी बनाई है.
20 जुलाई 2022 का ‘दिनभर: पूरा दिन, पूरी ख़बर’, सुनिए मोहम्मद शाहिद और अंजुम शर्मा से
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हेनरी किसिंजर ने बाइडन को चीन पर दी ये सलाह
अमेरिका के पूर्व विदेश मंत्री और दुनिया के जाने माने
कूटनीतिज्ञ रहे हेनरी किसिंजर ने चीन के मामले में 'निक्सन के दौर वाले लचीलेपन' की वकालत की है.
हेनरी किसिंजर के हवाले से समाचार एजेंसी ब्लूमबर्ग ने
बताया है कि कोशिश हो कि चीन या किसी अन्य देश का दुनिया पर 'प्रभुत्व' कायम न हो, लेकिन इसका यह मतलब नहीं
कि चीन और अमेरिका या रूस और अन्य यूरोपीय देशों के बीच 'अंतहीन टकराव' होता रहे.
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उन्होंने चेतावनी दी है कि कोशिश हो कि चीन का वैश्विक 'प्रभुत्व' कायम न हो पाए. उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन को सलाह दी है कि वो इस बात को लेकर सतर्क रहें कि कहीं घरेलू राजनीति के चलते चीन के साथ संबंधों पर असर न हो.
ब्लूमबर्ग को दिए इंटरव्यू में किसिंजर ने आगे कहा, ''चीन पर बाइडन और देश के पूर्व राष्ट्रपतियों का रुख़ घरेलू पहलुओं से बहुत ज़्यादा प्रभावित रहा है. हालांकि चीन या किसी अन्य देश के प्रभुत्व को रोकना हमारे लिए काफ़ी अहम है.''
1970 के दशक में ये हेनरी किसिंजर ही थे, जिन्होंने चीन और अमेरिका के बीच राजनयिक रिश्ते कायम करने में अहम योगदान दिया था.
99 साल के किसिंजर, रिचर्ड निक्सन और गेराल्ड फोर्ड के राष्ट्रपति रहते हुए अमेरिका के विदेश मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रहे थे.
योगी सरकार के मंत्री जितिन प्रसाद बोले- मैं नाराज़ नहीं हूँ
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की
कैबिनेट में मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा है कि नेतृत्व से उनकी कोई नाराज़गी नहीं
है और न ही अभी केंद्रीय नेतृत्व से मिलने की कोई योजना है.
प्रसाद विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़
बीजेपी में शामिल हुए थे. 18 जुलाई को उनके ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी यानी ओएसडी
अनिल कुमार पांडे को हटा दिया गया था. इससे पहले आदित्यनाथ ने पीडब्ल्यूडी के पाँच
अन्य अधिकारियों को भी निलंबित कर दिया था. जितिन प्रसाद के पास पीडब्ल्यूडी विभाग
है और उसमें तबादलों में नियमों के पालन नहीं करने के आरोप लग रहे थे. कहा जा रहा
था कि जितिन प्रसाद अपने ओएसडी के हटाए जाने से नाराज़ हैं और दिल्ली में केंद्रीय
नेतृत्व से मुलाक़ात करेंगे.
पूरे मामले पर अब जितिन प्रसाद ने समाचार
एजेंसी एएनआई से अपना पक्ष रखा है. जितिन प्रसाद ने कहा है, ''पीएम
मोदी और मुख्यमंत्री योगी की भ्रष्टाचार पर ज़ीरो टॉलरेंस की नीति है. अगर विभाग में
कोई अनियमितता है तो सरकार ठोस क़दम उठाएगी. एक निष्पक्ष जांच होगी और जहाँ
गड़बड़ी है, वहाँ कार्रवाई होगी और बदलाव भी होगा...
नाराज़गी की कोई बात नही है.''
जितिन प्रसाद ने कहा, ''जहाँ तक
केंद्रीय नेताओं से मिलने की बात है, जब भी हमें समय मिलता है, हम
उनसे मिल सकते हैं. लेकिन अभी उनसे मिलने का मेरा कोई विचार नहीं है.''
जितिन प्रसाद को लेकर विवाद चल ही रहा था कि
योगी सरकार में जल शक्ति राज्य मंत्री दिनेश खटीक के इस्तीफ़े की अटकलों का बाज़ार
गर्म हो गया.
ख़बर है कि दिनेश खटीक ने इस्तीफ़े की पेशकश की
है. उनका आरोप है कि विभाग के अधिकारी उनकी उपेक्षा करते हैं.
दिनेश खटीक के नाम से एक पत्र वायरल हो रहा है.
यह पत्र केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को संबोधित करते हुए लिखा गया है. हालाँकि
दिनेश खटीक से उनके गृह ज़िले मेरठ में इस्तीफ़े की ख़बर पर मीडिया के लोगों ने
प्रतिक्रिया मांगी तो उन्होंने कहा कि ऐसा कोई विषय नहीं है.
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विंडशील्ड में दरार आने पर गो फर्स्ट के विमान की जयपुर में इमर्जेंसी लैंडिंग
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पिछले कुछ दिनों में भारत के कई विमानों की इमर्जेंसी लैंडिंग हो चुकी है. इसी कड़ी में बुधवार को सस्ती दरों पर सेवा देने वाली निजी विमानन कंपनी 'गो फर्स्ट' के एक विमान को जयपुर में लैंड करना पड़ा है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, दिल्ली से गुवाहाटी के लिए उड़े इस विमान के विंडशील्ड यानी खिड़की के शीशे में उड़ान भरते ही दरार देखी गई.
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बताया गया है कि दिल्ली में ख़राब मौसम और भारी बारिश के चलते गो फर्स्ट के 'एयरबस ए320 नियो' विमान को दिल्ली लौटाने के बजाय जयपुर में उतारा गया.
देश में विमानन सेवा को नियंत्रित करने वाली सरकारी संस्था नागरिक विमानन महानिदेशालय यानी डीजीसीए इस मामले की जांच कर रही है.
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हाल में कब कब हुई विमानों की इमर्जेंसी लैंडिंग
इससे पहले रविवार को शारजाह से हैदराबाद जा रही इंडिगो की एक फ़्लाइट को पाकिस्तान के कराची में लैंड कराना पड़ा था.
रविवार को ही एयर इंडिया एक्सप्रेस की कालीकट से दुबई जा रही फ़्लाइट को मस्कट में लैंड करना पड़ा था. बताया गया कि प्लेन में कुछ जलने की गंध आ रही थी.
वहीं पांच जुलाई को स्पाइसजेट की दिल्ली से दुबई जा रही फ़्लाइट ने कराची में इमरजेंसी लैंडिंग की क्योंकि इसके फ्यूल इंडिकेटर में कुछ गड़बड़ियां थी.
उसी दिन इंडिगो की एक फ़्लाइट के इंदौर में लैंड करने के बाद केबिन में धुंआ देखे जाने की ख़बर सामने आई थी.
यूक्रेन में हमारा अभियान डोनबास तक ही सीमित नहीं: रूस
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रूस के विदेश मंत्री सेर्गेई लावरोफ़ ने बुधवार
को कहा कि यूक्रेन में विशेष रूसी सैन्य अभियान अब पूर्वी डोनबास तक ही सीमित नहीं
है बल्कि कई अन्य क्षेत्रों तक फैल गया है. रूसी विदेश मंत्री ने कहा कि अगर पश्चिम
यूक्रेन को लंबी दूरी की मिसाइल भेजता रहेगा तो रूसी लक्ष्य का दायरा भी बढ़ेगा.
24 फ़रवरी को रूस ने जब यूक्रेन पर हमला शुरू किया
था तो राष्ट्रपति पुतिन ने कहा था कि यूक्रेन के किसी क्षेत्र पर क़ब्ज़ा करने का
उनका कोई इरादा नहीं है.
पुतिन तब कहते थे कि वह यूक्रेन में वह रूस के ख़िलाफ़ जारी
सैन्यीकरण और नाज़ीकरण को ख़त्म करना चाहते हैं. हालांकि पुतिन के इस तर्क को
पश्चिम और यूक्रेन ने ख़ारिज कर दिया था और कहा था कि यह रूस की विस्तारवादी मंशा
का परिचायक है.
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जब राष्ट्रपति पुतिन डोनबास की बात करते हैं, तो वे यूक्रेन के पुराने कोयला और इस्पात उत्पादक क्षेत्र की बात कर रहे होते हैं. इसका मतलब दो बड़े क्षेत्र जिसमें लुहान्सक और दोनेत्स्क से है. जो दक्षिण में मारियुपोल के बाहर से उत्तरी सीमा तक हैं.
रूस के राष्ट्रपति को अभी भी पूरे क्षेत्र को अपने अधीन करने में एक लंबा रास्ता तय करना है. भले ही रूस जीत का दावा करने में सक्षम हो लेकिन नियंत्रण करने के लिए एक ये एक बहुत बड़ा क्षेत्र है.
युद्ध से ठीक पहले, राष्ट्रपति पुतिन ने दोनों पूर्वी क्षेत्रों को स्वतंत्र क्षेत्र के रूप में मान्यता दी थी. अगर रूस दोनों बड़े क्षेत्रों को जीत लेता है तो ये व्लादिमीर पुतिन के लिए किसी उपलब्धि से कम नहीं होगा. रूस के लिए अगला कदम तब डोनबास को शामिल करना होगा. ठीक वैसे ही जैसे रूस ने क्राइमिया के साथ 2014 में एक झूठे जनमत संग्रह के बाद किया था.
यूक्रेन की सेना का मानना था कि रूस न केवल डोनबास पर ही नहीं बल्कि क्राइमिया के उत्तर और पश्चिम में खेरसॉन के दक्षिणी क्षेत्र पर भी पूरी तरह से क़ब्ज़ा करना चाहता है. इससे उसे दक्षिणी तट से रूसी सीमा तक एक ज़मीनी रास्ता मिल जाएगा और इससे क्राइमिया में पानी की आपूर्ति को नियंत्रित भी किया जा सकेगा.
पंजाब में अटारी के पास हुई मुठभेड़ ख़त्म, सिद्धू मूसेवाला को मारने वाले दो शूटरों को मार गिराने का दावा
....में
Author, रविंदर सिंह रॉबिन
पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
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अमृतसर के अटारी के पास के भकना कलां गाँव में पंजाब पुलिस की कई हथियारबंद लोगों से सुबह से जारी मुठभेड़ अब ख़त्म हो गई है.
पंजाब पुलिस के एडीजीपी और एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स के प्रमुख प्रमोद बान ने मीडिया को बताया है कि इस मुठभेड़ में दो लोगों की मौत हुई है. मारे गए लोगों की पहचान गैंगस्टर जगरूप सिंह उर्फ़ रूपा और मनप्रीत सिंह उर्फ़ मन्नू के रूप में की गई है.
समाचार एजेंसी पीटीआई ने प्रमोद बान के हवाले से बताया है कि दोनों मृतक सिद्धू मूसेवाला मर्डर में शामिल थे और वे इस केस के मुख्य अभियुक्तों में थे. बान ने बताया है कि इस मुठभेड़ में तीन पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं.
प्रमोद बान ने बताया, ''सिद्धू मूसेवाला की हत्या 29 मई को की गई थी. इस हत्या की योजना में शामिल लोग और अन्य मास्टर माइंड गिरफ़्तार किए जा चुके हैं. लेकिन हत्या के समय बोलेरो में मौजूद दो शूटर्स अभी तक फरार थे. आज वे दोनों गैंगस्टर जगरूप सिंह और मनप्रीत सिंह को मार गिराया गया है.''
उन्होंने बताया कि जिस घर में ये दोनों छिपे हुए थे, वहां से एक एके 47 राइफ़ल और एक 0.30एमएम की पिस्टल बरामद हुई है. उनके अनुसार, वहां से एक बैग भी मिला है, जिसे फोरेंसिक टेस्ट के बाद खोला जाएगा. पुलिस की टीम घटनास्थल की जांच करेगी.
बताया गया है कि एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स को सूचना मिली थी कि वहां के होशियार नगर गांव के फार्महाउस में सिद्धू मूसेवाला के हत्यारे छिपे हुए हैं, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक़, बदमाशों की संख्या दो थी.
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, इस पुलिस मुठभेड़ में एक पत्रकार भी हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की यह मुठभेड़ सुबह करीब साढ़े 10 बजे से शुरू हुई. पुलिस ने भकना कलां गांव की घेराबंदी कर ली और आम लोगों के घरों को खाली करा लिया.
स्थानीय निवासी डॉ. मंजीत सिंह ने बताया कि पुलिस की कार्रवाई सुबह से ही चल रही थी और कुछ बदमाश गांव में मक्के के खेत में छिपे हुए थे.
वहीं एक अन्य चशमदीद बलवंत सिंह ने बताया कि एनकाउंटर वाला इलाक़ा भकना कलां, चीचा और होशियारनगर के गांवों के बीच है.
उनके अनुसार, "आज सुबह कुछ बदमाश खेत के रास्ते ट्यूबवेल के पास के कमरे में छुप गए. पुलिस ने उनका पीछा किया. मेरा बेटा भी वहीं मौजूद था. पुलिस ने मेरे बेटे को हिरासत में ले लिया लेकिन वो सुरक्षित है."
तेहरान में अर्दोआन के इंतज़ार में पुतिन के इस वीडियो पर चर्चा गर्म
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ईरान और तुर्की के साथ बातचीत करने ईरान की राजधानी तेहरान पहुँचे
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन के
चलते मंगलवार को एक असहज स्थिति का सामना करना पड़ा.
सोशल मीडिया पर दोनों नेताओं की मुलाक़ात के वायरल हुए वीडियो
में रूसी राष्ट्रपति पुतिन को क़रीब एक मिनट तक राष्ट्रपति अर्दोआन का इंतज़ार करते
देखा गया.
पुतिन को शायद ऐसे हालात की उम्मीद नहीं थी बल्कि ऐसा लग रहा था
कि उन्हें उम्मीद थी कि उनके आने के कुछ ही सेकेंड बाद अर्दोआन भी वहाँ पहुंचकर उनसे
मिलेंगे. हालांकि ऐसा हुआ नहीं. अर्दोआन वहाँ क़रीब एक मिनट बाद पहुँचे.
इस दौरान पुतिन ख़ुद को व्यस्त रखने के लिए इधर उधर देखते, पैर हिलाते और अपनी पोजिशन
बदलते देखे गए.
इससे पहले पुतिन ने भी 2020 में मॉस्को की मुलाक़ात में अर्दोआन
को काफ़ी देर तक इंतज़ार करवाया था. सोशल मीडिया पर लोग कह रहे हैं कि उस घटना को
देखते हुए बदले में अर्दोआन ने भी ऐसा किया होगा.
वैसे रूसी राष्ट्रपति पुतिन दुनिया के कई नेताओं को इंतज़ार
करवाने के लिए जाने जाते हैं. कई बार तो ऐसा भी हो चुका है कि जिस समय पर बातचीत तय
थी, उसकी शुरुआत असल में कई घंटे बाद हो पाई.
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ट्विटर पर दिखी दिलचस्प प्रतिक्रियाएं
इस घटना के बाद सोशल मीडिया साइट ट्विटर पर लोग तरह-तरह से अपनी बात रख रहे हैं.
द नेशनल न्यूज़ की सीनियर जर्नलिस्ट जॉयस करम ने लिखा, ''अर्दोआन का इंतज़ार करने वाले उन 50 सेकेंड में कैमरे के सामने परेशान पुतिन को देखकर ऐसा लगा कि यूक्रेन हमले के बाद चीज़ें कितनी बदल गई हैं.''
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वाइस न्यूज़ के एलेक लुन ने ट्वीट किया, ''अर्दोआन ने पुतिन को उनकी ही दवा का स्वाद चखाया.''
वहीं डेनियल स्मिथ ने लिखा, ''सालों तक नियमित तौर पर दूसरे नेताओं को अपनी प्रतीक्षा कराने के बाद, ख़ुद पुतिन को खड़े होकर अर्दोआन का इंतज़ार करने को मजबूर होना पड़ा!''
योगी सरकार के मंत्री दिनेश खटीक को लेकर अटकलें तेज़
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ख़बर है कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में जल शक्ति राज्य मंत्री दिनेश खटीक ने इस्तीफ़े की पेशकश की है. उनका आरोप है कि विभाग के अधिकारी उनकी उपेक्षा करते हैं.
दिनेश खटीक के नाम से एक पत्र वायरल हो रहा है. यह पत्र केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को संबोधित करते हुए लिखा गया है. हालाँकि दिनेश खटीक से उनके गृह ज़िले मेरठ में इस्तीफ़े की ख़बर पर मीडिया के लोगों ने प्रतिक्रिया मांगी तो उन्होंने कहा कि ऐसा कोई विषय नहीं है.
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दिनेश खटीक को लेकर योगी सरकार पर विपक्षी
पार्टियां निशाना साध रही हैं. उत्तर प्रदेश में मुख्य विपक्षी समाजवादी पार्टी के
अध्यक्ष और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर कहा है, ''जहाँ
मंत्री होने का सम्मान तो नहीं परंतु दलित होने का अपमान मिले… ऐसी भेदभावपूर्ण
भाजपा सरकार से त्यागपत्र देना ही अपने समाज का मान रखने के लिए यथोचित उपाय है.
कभी-कभी बुलडोज़र उल्टा भी चलता है.''
आज़ाद समाज पार्टी प्रमुख चंद्रेशखर आज़ाद ने
दिनेश खटीक के वायरल पत्र को ट्वीट करते हुए लिखा है, ''उत्तर प्रदेश
सरकार में राज्य मंत्री दिनेश खटीक जी की सरकार में जिस तरह उपेक्षा की गई वो बहुत
ही निंदनीय है. भाजपा सरकार में पिछड़े, दलित समुदाय के मंत्रियों की हैसियत आप
चिट्ठी में पढ़ें, इनको केवल गाड़ी उपलब्ध करा दी जाती है और
निर्णय लेने के अधिकारों से वंचित रखा जाता है.''
तृणमूल कांग्रेस ने भी दिनेश खटीक के पत्र को
ट्वीट कर बीजेपी को निशाने पर लिया है. तृणमूल कांग्रेस ने लिखा है, ''दिनेश
खटीक ने कहा है कि दलित होने के कारण उनके साथ ठीक व्यवहार नहीं किया गया. बीजेपी
शासित सभी राज्यों में दलितों के साथ अत्याचार हो रहा है.''
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LIVE: डीएसपी की हत्या के बाद माहौल कैसा?
LIVE: महंगाई की मार से जनता का कैसा है हाल?
ब्रेकिंग न्यूज़, मोहम्मद ज़ुबैर को सुप्रीम कोर्ट ने आज शाम छह बजे तक रिहा करने का दिया आदेश
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ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक मोहम्मद ज़ुबैर को सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश में दर्ज सभी छह मामलों में अंतरिम ज़मानत दे दी है.
जस्टिस चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच ने मोहम्मद ज़ुबैर को तत्काल रिहा करने का आदेश दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि यह अच्छा होगा कि सभी एफ़आईआर को एक साथ लाकर एक एजेंसी से जाँच कराई जाए.
अगर बाद में और एफ़आईआर दर्ज होती है तो उनकी जाँच भी साथ में ही होगी. कोर्ट ने तिहाड़ जेल के अधीक्षक को आज शाम छह बजे तक मोहम्मद ज़ुबैर को रिहा करने का आदेश दिया है.
सुनवाई के दौरान जज जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने
कहा, ''उन्हें दिल्ली वाले मामले में गिरफ़्तार किया गया, जिसमें
ज़मानत मिल गई है. उत्तर प्रदेश के सीतापुर एफ़आईआर में हमने बेल मंज़ूर कर दी है.''
यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान कहा कि मोहम्मद ज़ुबैर से कहा जाए वो ट्वीट ना करें. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एक पत्रकार को लिखने से कैसे रोका जा सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर किसी क़ानून का उल्लंघन होता है तो उसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आवाज़ उठाने के लिए किसी के ख़िलाफ़ अग्रिम कार्रवाई कैसे की जा सकती है?
उत्तर प्रदेश में दर्ज अन्य मामलों के बारे में
मोहम्मद ज़ुबैर की वकील वृंदा ग्रोवर ने सुप्रीम कोर्ट को बताया, ''हाथरस
में दर्ज मामले में उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. वहीं लखीमपुर खीरी केस
में पुलिस रिमांड के आवेदन पर आज सुनवाई होगी.''
एडवोकेट ग्रोवर ने आगे कहा, ''कृपया,
इनके
ट्वीट देखिए. इसमें उकसाने वाला कुछ भी नहीं है.''
उन्होंने सुदर्शन टीवी की ओर से दर्ज कराए गए
मामले का भी ज़िक्र किया. उन्होंने बताया, ''बतौर फ़ैक्ट
चेकर उन्होंने सुदर्शन टीवी के एक ग्राफ़िक्स में ग़लत मस्जिद की तस्वीर दिखाने के
मामले को उठाया. बतौर फ़ैक्ट चेकर गज़ा बम धमाके में उन्होंने असल मस्जिद की
तस्वीरें पेश की.''
वृंदा ग्रोवर के अनुसार, ''इस
मामले को देखने से साफ़ है कि उन्होंने कोई अपराध नहीं किया, लेकिन
सुदर्शन चैनल ने उन पर 153ए, 295ए के तहत केस दर्ज करा दिया. यह तो
उन्हें चुप कराने की कोशिश है. पुलिस को टैग करते हुए कहा है कि उम्मीद है कि वे
एक्शन लेंगे. असल में उकसा कौन रहा है?''
पिछले 20 जून को दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने
मोहम्मद ज़ुबैर के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की थी. उन पर यह एफ़आईआर 2018 में सेंट्रल
बोर्ड फ़िल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफ़सी) से हरी झंडी मिली 1983 की फ़िल्म 'किसी
से ना कहना' की एक तस्वीर पोस्ट करने के मामले में हुई थी.
इसमें दिखाया गया है कि हनीमून होटल का नाम बदलकर हनुमान होटल कर दिया गया है. इस
तस्वीर को लेकर ही हनुमान भक्त' नाम के एक ट्विटर यूज़र ने शिकायत की
थी और कहा था कि उसकी धार्मिक भावना आहत हुई है.
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ज़ुबैर ने इसी तस्वीर को पोस्ट करते हुए लिखा था, ''2014 से पहले हनीमून होटल, 2014 के बाद हनुमान होटल. 2014 में नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने थे. कहा जा रहा है कि मोहम्मद ज़ुबैर ने इस तस्वीर को ज़रिए पीएम मोदी पर तंज़ किया था.
मोहम्मद ज़ुबैर की वकील वृंदा ग्रोवर ने कोर्ट में सवाल उठाते हुए कहा था कि पुलिस कैसे जादुई तरीक़े से इस ख़ास ट्वीट के आधार पर मोहम्मद ज़ुबैर के चार साल पुराने ट्वीट के लिए गिरफ़्तार कर सकती है.
इस मामले में ज़ुबैर को पहले ही ज़मानत मिल गई थी
बाद में उत्तर प्रदेश में मोहम्मद ज़ुबैर के ख़िलाफ़ छह एफ़आईआर दर्ज किए गए थे. बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने इन छह मामलों में भी अंतरिम ज़मानत दे दी.
इससे पहले बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा की प़ैग़ंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी के कारण भारत को राजनयिक स्तर पर निपटना पड़ा था.
कई इस्लामिक देशों ने भारत को लेकर बयान जारी किया था और कड़ी कार्रवाई की मांग की थी. क़तर ने तो भारत से माफ़ी की मांग की थी. बाद में भारतीय जनता पार्टी ने नूपुर शर्मा को पार्टी से निलंबित कर दिया था.
दरअसल, नूपुर शर्मा के मामले को मोहम्मद ज़ुबैर ने ही ज़ोर-शोर से उठाया था. बाद में यह मामला सरहद पार कर इस्लामिक देशों में भी मुद्दा बन गया था और फिर एक-एक कर इस्लामिक देशों ने भारत के ख़िलाफ़ बयान जारी किया था. बाद में मोहम्मद ज़ुबैर को भी धार्मिक भावना आहत करने के मामले में गिरफ़्तार किया गया.
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बसपा सुप्रीमो मायावती ने की कई बैठक, कई राज्यों के कार्यकर्ताओं को जारी किए निर्देश
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इमेज कैप्शन, बहुजन समाज पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती
बहुजन समाज पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और पंजाब में स्टेट पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ बैठक की.
बैठक में मायावती ने राज्यों के राजनीतिक हालात, जातीय और सांप्रदायिक माहौल के साथ पार्टी का जनाधार बढ़ाने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए.
बीएसपी की तरफ से जारी प्रेस नोट में केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना का विरोध भी किया गया है और इस तरह की अस्थायी भर्ती को बंद करने की मांग की है.
इसके अलावा जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव करवाकर लोकतंत्र बहाल करने की बात कही है, वहीं पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार को रिमोट कंट्रोल की सरकार बताया है.
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GST पर निर्मला सीतारमण की सफ़ाई, कांग्रेस ने इन 10 बिंदुओं में दिया जवाब
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 19 जुलाई को
कहा था बिना पैक के बिकने वाली खाद्य सामग्रियों को जीएसटी के दायरे से बाहर रखा
गया है.
उन्होंने कहा था कि जो खाद्य सामग्री प्री-पैक्ड और प्री-लेबल्ड नहीं हैं,
उन
भी जीएसटी नहीं लगेगा. लेकिन निर्मला सीतारमण की दलील को कांग्रेस पार्टी ने
ख़ारिज कर दिया है.
कांग्रेस ने खाद्य सामग्रियों पर जीएसटी दरों
में वृद्धि के लिए वित्त मंत्री की सफ़ाई पर 10 बिंदुओं में जवाब दिया है.
'ब्रैंडेड और लेबल्ड', 'प्री-पैकेज्ड और
लेबल्ड' से अलग हैं. पहले में बड़ी कंपनियों के प्रोडक्ट्स प्रभावित होते
हैं. इनकी क़ीमत अधिक होती है. इनके ख़रीदार मध्यम और उच्च मध्यम वर्ग के हैं.
दूसरा छोटे व्यवसायों को प्रभावित करता है,
जिनके
प्रोडक्ट के ख़रीदार कम आय वर्ग और ग़रीब हैं.
बैठक में शामिल होने वाली पश्चिम बंगाल की
मंत्री ने बताया कि ये बैठक वर्चुअल थी. वित्त मंत्रियों की मुलाक़ात फेस-टू-फेस
नहीं हुई और न ही उन्होंने व्यक्तिगत रूप से सलाह मशवरा किया.
पश्चिम बंगाल की मंत्री ने वित्त मंत्री के
दावे के उलट ये भी कहा कि उन्होंने फिटमेंट कमिटी की उस रिपोर्ट का विरोध किया था
जिसमें जीएसटी रेट में वृद्धि की सिफ़ारिश की गई थी.
शायद इसीलिए अपना रुख़ बदलते हुए सरकार और
वित्त मंत्री अब 'सर्वसम्मति की जगह 'आम राय' शब्द
का प्रयोग कर रही हैं.
ग़रीब उपभोक्ताओं को प्री-पैकेज्ड और लेबल वाले
सामान ख़रीदने की इच्छा क्यों नहीं रखनी चाहिए?
स्वच्छता से पैक किए गए सामान ख़रीदने की इच्छा
रखने वाले लोगों को मोदी सरकार सज़ा क्यों देना चाहती है?
नई लिस्ट में श्मशानों पर भी 18% जीएसटी है.
मान लेते हैं कि प्री-पैकेज्ड सामानों में कुछ
इनपुट टैक्स हैं. क्या उत्पादकों और विक्रेताओं की ओर से प्री-पैकेज्ड और लेबल
वाले सामानों पर जीएसटी लगाने की मांग की गई थी? इसकी जानकारी
नहीं है.
आख़िर क्यों छोटे व्यवसायी, दुकानदार
और उपभोक्ता - सभी स्टेकहोल्डर्स - संशोधित जीएसटी रेट के ख़िलाफ़ असंतोष व्यक्त
कर रहे हैं?
सबसे बड़ी बात - वैसे समय में जब खुदरा महंगाई
7% से अधिक है और थोक महंगाई 15% से अधिक है. बेरोज़गारी चरम पर है. रुपया सबसे
निचले स्तर पर है. चालू खाते का घाटा बढ़ रहा है और दुनिया भर में महंगाई और बढ़ने
की आशंका है. वैसे समय में टैक्स रेट बढ़ाना क्रूरता है.
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संसद में बढ़ती महंगाई पर हंगामा, लोकसभा अध्यक्ष शोर से नाराज़
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मॉनसून सत्र के तीसरे दिन भी संसद के दोनों
सदनों लोकसभा और राज्यसभा में कोई काम नहीं हो सका.
दोनों सदनों को दो बजे तक
स्थगित किया गया है. विपक्षी सांसद सरकार के ख़िलाफ़ बढ़ती महंगाई को लेकर विरोध
कर रहे हैं.
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने सांसदों से कामकाज़ होने देने की अपील
की. ओम बिड़ला ने कहा, ''जो सांसद नारा लगा रहे हैं, उन्हें
बहस में हिस्सा लेना चाहिए. देश की जनता चाहती है कि संसद में काम हो.''
दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित होने के कुछ
मिनट बाद ही कांग्रेस पार्टी ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से एक वीडियो क्लिप
पोस्ट किया.
इस वीडियो में दिख रहा है कि विपक्षी सांसद जीएसटी वापस लो के नारे
लगा रहे हैं. कांग्रेस ने इस वीडियो को पोस्ट करते हुए कैप्शन में लिखा है,
''सदन
'GST वापस लो' के नारों से गूंज रहा है. बहरी सरकार ने अगर ये
आवाज़ अनसुनी की तो, ये संघर्ष सदन से सड़क तक जारी रहेगा.''
वीडियो में दिख रहा है कि राज्यसभा में विपक्ष
के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे भी नारा लगा रहे हैं.
इससे पहले केंद्रीय मंत्री
स्मृति इरानी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा था कि वह हमेशा
संसद की कार्यवाही का अनादर करते हैं.
स्मृति इरानी ने कहा, ''इस सज्जन का
पूरा राजनीतिक अतीत संसदीय कार्यवाही के अनादर में गुज़रा है.''
स्मृति
इरानी ने कहा कि राहुल गांधी की संसद में उपस्थिति 40 फ़ीसदी से भी कम रही है.
स्मृति इरानी ने कहा कि वह राजनीतिक रूप से कभी रचनात्मक नहीं रहे.
केंद्रीय
मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी इस बात को तय करने में लगे रहते हैं कि संसद की
कार्यवाही बाधित रहे. मंगलवार को मॉनसून सत्र के दूसरे दिन भी विपक्ष ने बढ़ती
महंगाई पर संसद में सरकार को घेरा था और दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित करनी
पड़ी थी.
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डॉलर के मुक़ाबले पाकिस्तानी रुपया गिरकर 226 पर पहुँचा
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पाकिस्तानी रुपया डॉलर के मुक़ाबले अब तक के सबसे निचले स्तर पर आ गया है. मंगलवार को पाकिस्तानी रुपया डॉलर के मुकाबले 222 रुपए पर बंद हुआ था.
वहीं आज इंटरबैंक मार्केट में फिर पाकिस्तानी रुपया 226 पर पहुँच गया है.
स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान का कहना है कि पाकिस्तानी रुपए में उतार चढ़ाव बाज़ार तय करता है. एक्सचेंज रेट सिस्टम के अंदर चालू खाता स्थिति, ख़बरें और घरेलू अनिश्चितता एक साथ मिलकर हर रोज़ करेंसी में उतार चढ़ाव को तय करते हैं.
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इसके अलावा अमेरिकी डॉलर के मुक़ाबले में रुपए का टूटना एक ऐसी घटना है, जो दुनिया भर की करेंसी के साथ हो रही है. वैश्विक स्तर पर अमेरिकी डॉलर पिछले छह महीनों में 12 प्रतिशत बढ़कर अपने 20 साल के उच्च स्तर पर पहुँच गया है, क्योंकि अमेरिका के फेडरल रिज़र्व सिस्टम ने बढ़ती महंगाई को देखते हुए तेजी से ब्याज़ दरों में बढ़ोतरी की है.
बैंक का कहना है कि 21 दिसंबर के बाद से रुपया अमेरिकी डॉलर के मुक़ाबले टूट रहा है. इस अवधि में रुपये में 18 प्रतिशत की गिरावट आई है.
पाकिस्तानी रुपए के टूटने के बाद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने शहबाज़ शरीफ़ सरकार पर निशाना साधा.
इमरान खान ने कहा कि उनके समय में पाकिस्तानी रुपया डॉलर के मुक़ाबले 178 पर था जबकि आज यह 224 रुपए पर है, बावजूद इसके कि सरकार ने आईएमएफ़ से समझौता किया है. देश में आर्थिक मंदी से पता चलता है कि शरीफ़ परिवार को कभी भी अर्थव्यवस्था या प्रशासन चलाने का अनुभव नहीं है. उन्हें लूटपाट, मनी लॉन्ड्रिंग करना आता है.
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इसके अलावा द न्यूज़ पाकिस्तान ऑब्जर्वर में स्तंभकार फारूख़ सलीम ने ट्वीट कर कहा कि पाकिस्तान क़र्ज़ के बोझ तले दबा है और कहा कि वित्तीय कुप्रबंधन और राजनीतिक अराजकता जब मिल जाती है तो श्रीलंका जैसे हालात बन जाते हैं.
उन्होंने लिखा कि साल 2013 में पाकिस्तान के ऊपर 60 अरब डॉलर का विदेशी कर्ज था जो साल 2022 में बढ़कर 135 अरब डॉलर हो गया है. इसके अलावा 12 महीनों में 18 अरब डॉलर का भुगतान करना है, जबकि आईएमएफ ने अभी 1.17 अरब डॉलर जारी नहीं किए हैं.
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