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राष्ट्रपति चुनाव में मतदान प्रक्रिया पूरी, 21 जुलाई को सामने आएगा नए राष्ट्रपति का नाम

इस चुनाव में मुकाबला बीजेपी नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मु और विपक्षी दलों के साझा उम्मीदवार यशवंत सिन्हा के बीच है.

लाइव कवरेज

  1. भारत-चीन के बीच लद्दाख़ पर 16वें दौर की वार्ता संपन्न

    भारत और चीन के बीच लद्दाख में एलएसी यानी वास्तविक नियंत्रण रेखा पर जारी सीमा विवाद को सुलझाने के लिए रविवार को 16वें दौर की सीनियर सैन्य कमांडर स्तर की वार्ता संपन्न हुई.

    भारत सरकार की प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो के मुताबिक़, दोनों पक्षों ने 11 मार्च की बैठक में हुई प्रगति को ध्यान में रखते हुए रचनात्मकता और दूरदर्शिता के साथ एलएसी से जुड़े अहम मुद्दों के समाधान के लिए चर्चा जारी रखी.

    इसके साथ ही दोनों पक्ष पश्चिमी सेक्टर में सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने की दिशा में सहमत हुए हैं.

    दोनों पक्ष एक बार फिर इस बात पर सहमत हुए हैं कि बचे हुए मुद्दों का समाधान होने से पश्चिमी सेक्टर में एलएएसी पर शांति कायम होने और द्विपक्षीय रिश्तों में प्रगति को बढ़ाया जा सकेगा.

    इसके साथ ही दोनों पक्षों के बीच संवाद जारी रखने पर सहमति बनी.

  2. सीबीआई रेड के बाद नरिंदर बत्रा ने अंतरराष्ट्रीय हॉकी संघ के अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा दिया

    अंतरराष्ट्रीय हॉकी फेडरेशन के अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने सोमवार को दफ़्तर और घर पर सीबीआई के छापे के बाद अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है.

    इसके साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति की सदस्यता से भी इस्तीफ़ा दे दिया है.

    अब से दो महीने पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष के रूप में उनका कार्यकाल ख़त्म किया था.

    सीबीआई के अधिकारियों के मुताबिक़, बत्रा के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार से जुड़े एक मामले में एफ़आईआर दर्ज़ करने के बाद दो शहरों में पांच ठिकानों पर छापे मारे गए हैं.

    सीबीआई ने अप्रैल में हॉकी इंडिया के कोष से 35 लाख रुपये के गबन के मामले में बत्रा के ख़िलाफ़ प्राथमिक जांच शुरू की थी.

  3. राष्ट्रपति चुनाव में मतदान प्रक्रिया पूरी, 21 जुलाई को सामने आएगा नए राष्ट्रपति का नाम

    भारतीय चुनाव आयोग ने बताया है कि राष्ट्रपति पद के चुनाव की मतदान प्रक्रिया पूरी हो गयी है.

    इस चुनाव में कुल 4800 लोगों को मतदान करना था जिसमें से 99 फीसद लोगों यानी 4796 ने मतदान दिया है.

    इसके साथ ही विधायकों की ओर से मतदान में 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश पुदुचेरी में मतदान 100 फीसद रहा.

    इस चुनाव में बीजेपी नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन ने आदिवासी नेता द्रौपदी मुर्मु को अपना उम्मीदवार बनाया है.

    वहीं, विपक्षी दलों की ओर से पूर्व बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा को उम्मीदवार बनाया गया है.

    इस चुनाव में मुर्मु का पलड़ा भारी बताया जा रहा है क्योंकि उन्हें एनडीए के साथ-साथ तमाम विपक्षी दलों की ओर से समर्थन मिल चुका है.

  4. केरल: नीट परीक्षा से पहले लड़कियों से अंडरवियर उतारने के लिए कहा गया

    केरल के कोल्लम ज़िले में रविवार को हुई नीट परीक्षा के दौरान एक सेंटर पर कई लड़कियों से अंडरवियर उतारने के लिए कहे जाने का मामला सामने आया है.

    कोल्लम के एक शैक्षणिक संस्थान में ये परीक्षा हो रही थी जहां इन लड़कियों से ये कहा गया कि वे अपने अंडर गारमेंट्स उतारने के बाद ही परीक्षा में शामिल हो सकेंगी.

    चौंका देने वाली घटना की जानकारी तब सामने आई जब एक पिता ने कोल्लम रूरल पुलिस स्टेशन में इसकी शिकायत दर्ज कराई.

    परीक्षा केंद्र पर हुई इस ज़्यादती की वजह से हुई शर्मिंदगी के कारण उनकी बेटी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया था.

    लड़की के पिता गोपाकुमार सूरानद ने बीबीसी हिंदी को बताया, "उसने मुझे बताया कि जो कुछ भी उसने पढ़ रखा था, वो सब भूल गई. फिर भी उसने कुछ सवालों के जवाब किसी तरह लिखे."

  5. नूपुर शर्मा गिरफ़्तारी से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंची

      • Author, सुचित्र मोहंती, बीबीसी हिंदी के लिए

    बीजेपी की पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता नूपुर शर्मा ने अपने ख़िलाफ़ दर्ज़ एफ़आईआर में गिरफ़्तारी से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है.

    नूपुर शर्मा ने अपनी याचिका में कहा है कि कुछ अराजक तत्वों ने एक बार फिर उन्हें जान से मारने और बलात्कार की धमकी दी है.

    नूपुर शर्मा ने अपनी याचिका में ये भी कहा है कि उनके ख़िलाफ़ पहली एफ़आईआर दिल्ली में दर्ज़ की गयी है, ऐसे में सभी एफ़आईआर को दिल्ली वाली एफ़आईआर से जोड़ देना चाहिए.

    पिछले महीने एक टीवी डिबेट के दौरान नूपुर शर्मा ने पैग़ंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी की थी, जिसके विरोध में देश के कई राज्यों में उनके ख़िलाफ़ लगभग एक दर्जन एफ़आईआर दर्ज कराई गई थीं.

    इस बयान के विरोध में दर्जन भर से अधिक मुस्लिम देश आ गए थे और भारत सरकार के समक्ष आधिकारिक तौर पर विरोध दर्ज कराया था.

    सुप्रीम कोर्ट ने अपनी सुनवाई के दौरान नूपुर शर्मा की टिप्पणियों को "तकलीफ़देह" बताया और कहा- "उनको ऐसा बयान देने की क्या ज़रूरत थी?"

    सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने ये भी सवाल किया था कि एक टीवी चैनल का एजेंडा चलाने के अलावा ऐसे मामले पर डिबेट करने का क्या मक़सद था, जो पहले ही न्यायालय के अधीन है.

    सुप्रीम कोर्ट ने नूपुर शर्मा की बयानबाज़ी पर सवाल किया और कहा था कि, "अगर आप एक पार्टी की प्रवक्ता हैं, तो आपके पास इस तरह के बयान देने का लाइसेंस नहीं है."

    सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जे बी पार्दीवाला की बेंच कल मंगलवार को नूपुर शर्मा की याचिका पर सुनवाई करेगी.

  6. श्रीलंका के मौजूदा हालात पर प्रधानमंत्री ने लगातार सात ट्वीट करके क्या कहा?

    श्रीलंका के प्रधानमंत्री रनिल विक्रमसिंघे ने सोमवार को देश के ताज़ा हालात पर एक साथ सात ट्वीट किए हैं.

    रनिल विक्रमसिंघे ने अपने पहले ट्वीट में लिखा है, ''13 मई को जब मैं प्रधानमंत्री बना तो अर्थव्यवस्था चौपट थी. हर दिन पाँच घंटे बिजली कट होती थी. दो महीने बाद बिजली की कटौती हर दिन तीन घंटे हुई, किसानों को उर्वरक दिए गए और गैस की कमी की समस्या ख़त्म हुई.''

    "मैं संकट को लेकर ईमानदार हूँ. जुलाई में हमें ईंधन की आपूर्ति को लेकर जूझना होगा. हालाँकि हमने डीज़ल स्टॉक सुरक्षित किया है और इसे वितरित भी किया गया. 21 जुलाई से पेट्रोल भी बाँटा जाएगा. आर्थिक संकट से जूझ रहे अपने देश के नागरिकों को राहत दी है. कम से कम दो एकड़ ज़मीन पर धान उगाने वाले किसानों के लोन माफ़ कर दिए गए हैं. वैश्विक तेल कीमतों को ध्यान में रखते हुए ईंधन के दामों में भी कमी लाई गयी है.”

    आर्थिक संकट से निपटने पर विक्रमसिंघे ने लिखा है, “अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के साथ बातचीत पूरी होने वाली है. और डोनर देशों के साथ भी बातचीत आगे बढ़ रही है. 19वां संशोधन दोबारा लाया जाएगा जो राजनीतिक स्तर पर लोगों की चिंताओं का समाधान करेगा.”

    ईस्टर संडे अटैक की जांच के लिए विक्रमसंघे ने ब्रितानी सरकार की मदद मांगने को कहा है.

    उन्होंने लिखा है, “ईस्टर संडे अटैक की स्वतंत्र जांच के लिए ब्रितानी सरकार और उसकी ख़ुफ़िया एजेंसी से सहयोग मांगा जाएगा. क्योंकि अब तक इस मामले में जांच पूरी नहीं हुई है.”

    सर्वदलीय सरकार के लिए सभी पक्षों की मदद के लिए उन्होंने लिखा है कि “समाज में ऐसे तत्व मौजूद हैं जो शांति भंग करने की कोशिश कर रहे हैं. शांतिपूर्ण ढंग से विरोध दर्ज़ कराने वालों के साथ संपर्क साधा जाएगा और समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी. मैं सभी पार्टियों से आग्रह करता हूं कि अपने आपसी विरोधों को किनारे रखकर एकजुटता से सामने आएं. मैं सभी से आग्रह करता हूं कि सर्व-दलीय सरकार बनवाने में मदद करें ताकि देश को आर्थिक संकट से निकाला जा सके.”

  7. ‘दिनभर: पूरा दिन, पूरी ख़बर’, सुनिए मोहम्मद शाहिद और अंजुम शर्मा से

  8. सुष्मिता सेन के बचाव में आए विक्रम भट्ट, पुरानी यादों को किया साझा

    पूर्व मिस यूनिवर्स और बॉलीवुड अभिनेत्री सुष्मिता सेन व्यवसायी ललित मोदी के साथ डेटिंग की ख़बर आने के बाद से सुर्खियां बटोर रही हैं.

    ललित मोदी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर सुष्मिता सेन के साथ तस्वीरें पोस्ट करके उनके साथ डेटिंग करने का एलान किया था.

    इसके बाद से इंटरनेट पर सुष्मिता सेन ट्रोलिंग का सामना कर रही हैं.

    सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने उन्हें 'गोल्ड डिगर' की उपाधि दी है, जिसका आशय धन-दौलत के लिए शादी करने वालों से है.

    इस पर उनके पूर्व प्रेमी और फ़िल्म निर्देशक विक्रम भट्ट ने सुष्मिता सेन का बचाव किया है.

    विक्रम भट्ट ने इंडिया टुडे से बात करते हुए कहा है, “सुष्मिता सेन वो आख़िरी शख़्स होंगी जो किसी से मोहब्बत करने से पहले बैंक बैलेंस चेक करती हैं. मैं आर्थिक रूप से कमज़ोर था. मैं ग़ुलाम फ़िल्म का निर्देशन कर रहा था लेकिन मेरे पास बिलकुल पैसा नहीं था. जब मैं लॉस एंजिलस पहुँचा तो वहाँ पर एक लिमोज़िन गाड़ी खड़ी थी जिसे देखकर मैं आश्चर्यचकित रह गया. इस पर उसने कहा कि वह अमेरिका में मेरे आगमन को ख़ास बनाना चाहती थी.”

    इसके साथ ही विक्रम भट्ट ने कहा कि "मुझे लगता है कि किसी का मज़ाक उड़ाना लोगों का मनोरंजन है. किसी की त्रासदी किसी का मनोरंजन है, ये हमेशा होता रहा है. जब करीना ने सैफ़ से शादी की थी तब उनकी भी ट्रोलिंग की गई थी. मुझे लगता है कि ये टैरिटरी का मसला है, अगर आप एक सिलेब्रिटी हैं और आपका कोई फ़ैसला नेटीज़ंस को मज़ेदार लग सकता है तो वे आपको ट्रोल करेंगे.”

    सुष्मिता सेन ने भी अपनी ट्रोलिंग करने वालों को जवाब दिया है.

    सेन ने इंस्टाग्राम पर अपनी एक फोटो पोस्ट करते हुए लिखा है, ''ये देखना दुखदायी है कि कैसे हमारे आसपास की दुनिया दयनीय और नाख़ुश होती जा रही है... तथाकथित बुद्धिजीवी अपनी आदतों के साथ... अपनी बकवास और कभी-कभी फनी गॉसिप के कारण उपेक्षित... जो कभी मेरे दोस्त नहीं रहे और जिनसे मैं कभी मिली नहीं... सभी मेरी ज़िंदगी और चरित्र को लेकर लेकर बड़े-बड़े विचार और जानकारियों शेयर कर रहे हैं... वो खुद 'गोल्ड डिगर' से फ़ायदा उठा रहे हैं!! ये बुद्धिमान!!''

    सुष्मिता ने लिखा है कि, ''मैं गोल्ड से आगे की बात करती हूं... और मैं हमेशा से डायमंड पसंद करती हूं. और हां मैं उन्हें अब भी ख़ुद ख़रीद सकती हूँ.''

  9. श्रीलंकाई पीएम बोले- प्रतिबंधों से रूस नहीं तीसरी दुनिया के देश घुटने के बल आए

    श्रीलंका के प्रधानमंत्री रनिल विक्रमसिंघे ने सोमवार को कहा कि रूस के ख़िलाफ़ पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों से घुटने के बल पुतिन नहीं बल्कि इससे तीसरी दुनिया के देश बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं.

    भारत के दूरदर्शन टीवी के हवाले से विक्रमसिंघे के बयान को रूस की समाचार एजेंसी ताश ने प्रकाशित किया है.

    श्रीलंकाई प्रधानमंत्री ने भूख और अकाल पर एक इंटरनेशनल पैनल डिस्कशन में कहा, ''आपको लगता है कि प्रतिबंधों से मदद मिलेगी? इससे केवल महंगाई बढ़ेगी. आप इन प्रतिबंधों को देखें और ख़ुद से पूछिए कि क्या ये ज़रूरी हैं? प्रतिबंधों से घुटने के बल रूस नहीं आएगा बल्कि तीसरी दुनिया के देश घुटने के बल आएंगे.''

    श्रीलंका का आर्थिक संकट यूक्रेन पर रूस के हमले और फिर रूस के ख़िलाफ़ पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के कारण और गहरा गया है. श्रीलंका में अभी सभी के लिए भोजन भी सुलभ नहीं है. श्रीलंकाई प्रधानमंत्री ने कहा कि रूस के ख़िलाफ़ प्रतिबंधों से श्रीलंका जैसे देश प्रभावित हुए हैं.

    उन्होंने कहा, ''श्रीलंका का संकट कुछ तो ख़ुद का बनाया हुआ है और कुछ वैश्विक संकट के कारण है. वैश्विक और घरेलू संकट के साथ आने से श्रीलंका अभी एक साथ कई चुनौतियों से जूझ रहा है.

  10. पाकिस्तान में श्रीलंका जैसी बदहाली की आशंका क्यों बढ़ी

    पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में हुए 20 सीटों पर उपचुनाव में इमरान ख़ान की जीत के बाद एक बार फिर राजनीतिक और आर्थिक अस्थिरता पैदा होने के संकेत मिल रहे हैं.

    इमरान ख़ान की पार्टी पीटीआई ने एक बड़ा उलटफेर करते हुए पंजाब विधानसभा में सरकार बनाने की स्थिति में आ गई है.

    इस जीत के बाद उन्होंने ट्वीट करके लिखा है कि अब निष्पक्ष चुनाव कराए जाने की ज़रूरत है, निष्पक्ष चुनावों के अलावा कोई अन्य क़दम राजनीतिक अस्थिरता और आर्थिक अफ़रातफ़री लेकर आएगी.

    पीटीआई की जीत के बाद पाकिस्तान की मुद्रा रुपए में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज़ की गई है. पाकिस्तानी रुपया एक डॉलर के बदले 216 रुपये के स्तर पर पहुंच गया है.

    पाकिस्तान-कुवैत इन्वेस्टमेंट कंपनी के हेड ऑफ़ रिसर्च समिउल्लाह तारिक़ ने पाकिस्तानी रुपए में इस गिरावट के लिए राजनीतिक अस्थिरता को ज़िम्मेदार ठहराया है.

    उन्होंने कहा है कि "उप-चुनावों और आयात दबाव की वजह से मुद्रा में नई गिरावट आई है.”

    इसके साथ ही पाकिस्तान के कराची स्टॉक एक्सचेंज में भी 550 अंकों की गिरावट दर्ज़ की गई है.

    पाकिस्तान की वित्तीय मामलों की जांच एजेंसी फ़ेडरल बोर्ड ऑफ़ रेवेन्यू यानी एफ़बीआर के पूर्व चेयरमैन सैयद शब्बर ज़ैदी ने इस बारे में ट्वीट करके चेतावनी दी है.

    ज़ैदी लिखते हैं, “पाकिस्तान इस समय एक बेहद गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है जो श्रीलंका से बहुत अलग नहीं है. केंद्र में एक मजबूत सरकार की ज़रूरत है जो सभी प्रांतों एवं स्थानीय निकायों को समान रूप से समर्थन दे सके. इसका बस एक समाधान है कि साल ख़त्म होने से पहले सभी स्तरों पर राष्ट्रीय चुनाव हों.”

    उन्होंने ये भी लिखा है कि “हमें ये मानना चाहिए कि 2022-23 के लिए हमारे पास पाँच अरब डॉलर की कमी है. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ये पैसा नहीं देगा. पाकिस्तान के आर्थिक भविष्य के लिए एक नए समझौते की ज़रूरत है. पाकिस्तानियों के लिए फ़िलहाल कोई राहत नहीं है. इसके लिए बहुत मज़बूत सरकार की ज़रूरत है. ये कैसे होगा? इस पर फ़ैसला होना बाक़ी है.”

    श्रीलंका पिछले कुछ महीनों से गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है. श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे देश छोड़कर सिंगापुर जा चुके हैं.

    पूर्व प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे और पूर्व वित्त मंत्री बासिल राजपक्षे भी देश छोड़कर जाने की दिशा में कोशिश कर चुके हैं.

    श्रीलंका के सुप्रीम कोर्ट ने दोनों नेताओं के देश छोड़कर जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है.

    अंतरिम राष्ट्रपति पद की शपथ लेने वाले नेता रनिल विक्रमसिंघे ने मौजूदा आर्थिक संकट से निपटने के लिए श्रीलंका में आपातकाल की घोषणा कर दी है.

  11. ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ब्लेयर ने चीन को लेकर ऐसा क्यों कहा?

    ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने कहा है कि यूक्रेन युद्ध से साफ़ है कि पश्चिम का प्रभुत्व अंत की ओर है और चीन, रूस की साझेदारी के साथ सुपरपावर के तौर पर उभर रहा है.

    टोनी ब्लेयर ने कहा कि यह स्थिति पिछली कई सदियों का अहम मोड़ है. ब्रिटेन के पूर्व पीएम ने कहा कि दुनिया करवट बदल रही है और यह ऐतिहासिक रूप से दूसरे विश्व युद्ध के अंत या सोवियत संघ के पतन की तरह है लेकिन इस बार पश्चिम प्रभावी स्थिति में नहीं है.

    ब्लेयर ने 'यूक्रेन के बाद पश्चिम के नेतृत्व के लिए क्या सबक है', विषय पर दिए अपने भाषण में रविवार को कहा था, ''हम पश्चिम की राजनीति और अर्थव्यवस्था के प्रभुत्व के अंत की ओर हैं. दुनिया कम से कम दो ध्रुवीय और संभवतः बहुध्रुवीय होने जा रही है. बड़ा भूराजनीतिक परविर्तन रूस नहीं चीन से होने जा रहा है.

    1962 में क्यूबा मिसाइल संकट के बाद रूस और पश्चिम के संबंध सबसे ख़राब दौर में है. यूक्रेन पर रूसी हमले में हज़ारों लोग मारे गए हैं. रूसी राष्ट्रपति पुतिन का कहना है कि पश्चिम ने रूस के ख़िलाफ़ आर्थिक युद्ध शुरू किया है और यह उन्हें अलग-थलग करने के लिए किया गया है.

    कई लोगों को आशंका है कि दुनिया परमाणु युद्ध में ना समा जाए. रूस ने आर्थिक प्रतिबंधों के दौर में भारत और चीन से कारोबारी संबंध बढ़ा दिया है.

    ब्लेयर ने कहा कि पश्चिम चीन पर भरोसा नहीं कर सकता है. चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग पुतिन का खुलकर समर्थन कर रहे हैं और उन्होंने रूस पर पश्चिम के प्रतिबंध की आलोचना की है. पुतिन ने भी चीन को सामरिक साझेदार बताया है.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, 1979 में चीन की अर्थव्यवस्था इटली से भी छोटी थी लेकिन विदेशी निवेश के लिए बाज़ार खोलने और बाज़ार में सुधार के बाद चीन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है.

    अनुमान है कि एक दशक में चीन की अर्थव्यवस्था अमेरिकी अर्थव्यवस्था से भी बड़ी हो जाएगी. कहा जा रहा है कि 21वीं सदी में चीन तकनीक के मामले में भी दुनिया का नेतृत्व करेगा.''

    ब्लेयर ने कहा, ''सुपरपावर के रूप में चीन की जगह स्वाभाविक है. यह सोवियत यूनियन नहीं है.'' ब्लेयर 1997 से 2007 तक ब्रिटेन के प्रधानमंत्री रहे थे. ब्लेयर ने कहा कि चीन के सहयोगी ईरान और रूस होंगे.

    ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम को चाहिए कि वह चीन को सैन्य ताक़त के रूप में आगे ना होने दे. उन्होंने कहा, ''हमें रक्षा बजट बढ़ाना चाहिए ताकि सैन्य ताक़त के रूप में हमारा प्रभुत्व बना रहे. अमेरिका और उसके सहयोगियों को किसी भी तरह के संघर्ष में आगे होना चाहिए.''

  12. मोदी से बिना मिले लौटे प्रचंड, नेपाल में नाराज़गी भरी प्रतिक्रिया

    नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओवादी सेंटर) के चेयरमैन पुष्प कमल दाहाल प्रचंड पिछले हफ़्ते शुक्रवार को तीन दिन के दौरे पर भारत आए थे.

    रविवार को प्रचंड ने दिल्ली स्ठित बीजेपी मुख्यालय में भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख जेपी नड्डा और विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाक़ात की थी.

    कहा जा रहा था कि प्रचंड की मुलाक़ात पीएम मोदी से भी होनी है लेकिन यह मुलाक़ात नहीं हुई. रविवार को प्रचंड पीएम मोदी से बिना मिले ही वापस नेपाल चले गए थे.

    सीपीएन (माओवादी सेंटर) में पोलित ब्यूरो मेंबर युवराज चौंलगाईं ने बीबीसी हिन्दी से कहा कि पीएम मोदी से उनकी मुलाक़ात रविवार एक बजे दोपहर में तय थी लेकिन अचानक से रद्द करने की सूचना दी गई.

    युवराज चौंलगाईं ने कहा, ''प्रचंड ने काठमांडू पहुँचने के बाद कहा कि उन्हें नहीं पता है कि नरेंद्र मोदी से उनकी मुलाक़ात क्यों रद्द कर दी गई. हालांकि प्रचंड इससे नाराज़ नहीं हैं. प्रचंड ने कहा है कि नई दिल्ली में उनका स्वागत गर्मजोशी के साथ किया गया और सुरक्षा में भी कोई कसर नहीं छोड़ी गई. प्रचंड ने कहा है कि बीजेपी प्रमुख जेपी नड्डा और विदेश मंत्री एस जयशंकर से उनकी मुलाक़ात बहुत अच्छी रही.''

    पीएम मोदी से मुलाक़ात नहीं होने पर नाख़ुशी जताते हुए युवराज चौंलगाईं ने कहा कि अगर व्यस्तता थी तो पहले ही बता देना चाहिए था. युवराज चौंलगाईं ने कहा कि अचानक मीटिंग कैंसल करने की ठोस वजह बतानी चाहिए थी. प्रचंड के बिना पीएम मोदी से मिले वापस नेपाल आने पर वहाँ के मीडिया में भी काफ़ी चर्चा है.

    नेपाल की मुख्य विपक्षी पार्टी सीपीएन-यूएमएल के नेता भीम रावल ने कहा है कि प्रचंड की पीएम मोदी से मुलाक़ात नहीं होना अनादर है और यह दोस्त देशों के बीच की डिप्लोमैसी के ख़िलाफ़ है.

    उन्होंने ट्वीट कर कहा है, ''उच्चस्तरीय बैठक और उसके मुद्दे पहले से ही तय होते हैं. प्रचंड ने ख़ुद कहा है कि वह पीएम मोदी से नहीं मिल सके और वापस आ गए. यह तो अनादर है. नेपाल को इस ट्रेंड से बचाने की ज़रूरत है.''

  13. ब्रेकिंग न्यूज़, मोहम्मद ज़ुबैर को यूपी में दर्ज़ FIR पर सुप्रीम कोर्ट से मिली फौरी राहत

      • Author, सुचित्र मोहंती, बीबीसी हिंदी के लिए

    सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को ऑल्ट-न्यूज़ के सह-संस्थापक मोहम्मद ज़ुबैर के ख़िलाफ़ उत्तर प्रदेश में दर्ज़ पाँच एफ़आईआर को रद्द कराने के लिए दायर याचिका की सुनवाई की.

    सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ और एएस बोपन्ना की बेंच ने मोहम्मद ज़ुबैर की वकील वृंदा ग्रोवर की दलीलें सुनने के बाद अंतरिम फ़ैसला दिया. सर्वोच्च अदालत ने कहा कि मोहम्मद ज़ुबैर के मामले में 20 जुलाई से पहले कोर्ट की इजाज़त के बिना जल्दबाज़ी में कोई फ़ैसला न लें.

    अदालत ने इस मामले मे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को नोटिस जारी करके कोर्ट की मदद करने को भी कहा है.

    इसके साथ ही इस मामले की सुनवाई के लिए 20 जुलाई, बुधवार की तारीख़ दी है.उत्तर प्रदेश पुलिस ने ज़ुबैर के ख़िलाफ़ दर्ज़ मामलों की जांच के लिए एक एसआईटी का गठन किया है.

    किन मामलों पर दिया है निर्देश

    सुप्रीम कोर्ट ने जिन मामलों में ज़ुबैर को फ़ौरी तौर पर राहत दी है, वह उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी, मुज़फ़्फ़रनगर, गाज़ियाबाद और हाथरस ज़िले में दर्ज़ हैं.

    इसके अलावा ज़ुबैर के ख़िलाफ़ उत्तर प्रदेश के सीतापुर ज़िले में एक और दिल्ली में दो एफ़आईआर दर्ज़ हैं.

    उनकी वकील वृंदा ग्रोवर ने सुप्रीम कोर्ट में यूपी की पांच एफ़आईआर रिपोर्ट को ख़ारिज़ कराने के लिए याचिका दायर की हुई है. इस याचिका पर आज सुनवाई नहीं थी.

    लेकिन ज़ुबैर को रिमांड के लिए हाथरस कोर्ट ले जाए जाने की सूचना आने के बाद उनकी वकील वृंदा ग्रोवर ने इस बारे में चीफ़ जस्टिस एनवी रमन्ना को जानकारी दी.

    क़ानूनी मामलों पर ख़बरें करने वाली न्यूज़ वेबसाइट लाइव लॉ के मुताबिक़, चीफ़ जस्टिस ने वृंदा ग्रोवर से इस मामले को जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के समक्ष उठाने के लिए कहा.

    और वृंदा ग्रोवर ने दोपहर दो बजे जस्टिस चंद्रचूड़ के समक्ष गुहार लगाई कि ‘हाथरस कोर्ट को रोका जाए. यह पूरी तरह से प्रक्रियाओं का दुरुपयोग है. उनकी जान को ख़तरा है और उन्हें तिहाड़ जेल वापस लाया जाए.’

    लाइव लॉ के मुताबिक़, जस्टिस चंद्रचूड़ ने सुनवाई के दौरान मौखिक रूप से टिप्पणी की कि "सभी एफआईआर की सामग्री समान प्रतीत होती है. ऐसा लगता है कि एक मामले में जमानत मिलने के बाद उन्हें दूसरे मामले में रिमांड पर लिया जाएगा. यह दुष्चक्र जारी रहेगा."

    दिल्ली पुलिस ने ज़ुबैर को बीती 27 जून को 2018 में किए गए एक ट्वीट के संबंध में गिरफ़्तार किया था. इसके बाद यूपी पुलिस द्वारा दर्ज़ एक एफ़आईआर के सिलसिले में उन्हें गिरफ़्तार किया गया.

  14. इमरान ख़ान की पार्टी ने पंजाब असेंबली में पलटी बाज़ी

    इमरान ख़ान की पार्टी पीटीआई ने पाकिस्तान की राजनीति में बड़ा उलटफेर करते हुए पंजाब प्रांत में सरकार बनाने की ओर कदम बढ़ा दिए हैं.

    पंजाब विधानसभा के उप-चुनावों में पीटीआई ने 20 में से 15 सीटों पर जीत हासिल की है. चार सीटें पीएमएल-क्यू को मिली हैं. और एक सीट पर निर्दलीय विधायक की जीत हुई है.

    इसके बाद पंजाब विधानसभा में पीटीआई के विधायकों की संख्या बढ़कर 188 हो गई है जबकि बहुमत के लिए सिर्फ 186 विधायकों की ज़रूरत होती है.

    ऐसे में पंजाब में पीटीआई की सरकार बनना तय हो गया है और आगामी 22 जुलाई को चौधरी परवेज़ इलाही पंजाब के नए मुख्यमंत्री बन सकते हैं.

    इमरान ख़ान ने इस जीत के बाद ट्विटर पर लिखा है कि अब निष्पक्ष चुनाव कराए जाने की ज़रूरत है, निष्पक्ष चुनावों के अलावा कोई अन्य कदम राजनीतिक अस्थिरता और आर्थिक अफ़रा-तफ़री लेकर आएगी.

    इससे पहले नेशनल असेंबली में विश्वास मत हारने के बाद इमरान ख़ान सत्ता से बेदखल हो गए थे. और पंजाब प्रांत में भी मौजूदा पीएम शहबाज़ शरीफ़ के बेटे ने पंजाब के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी.

    लेकिन इस जीत के साथ इमरान ख़ान पाकिस्तान की राजनीति में काफ़ी मजबूत हो गए हैं.

    आने वाले दिनों में पाकिस्तान के प्रभावशाली प्रांत पंजाब में सरकार बनाकर उनकी राजनीतिक हैसियत काफ़ी बढ़ जाएगी.

  15. मोदी सरकार पर राहुल और वरुण गांधी का एक साथ हमला

    केंद्र सरकार ने सोमवार को कहा कि दाल, अनाज, चावल, गेहूं और आटे के सिंगल पैकेट, जिसका वजन 25 किलो या लीटर से ज़्यादा होगा, उन पर जीएसटी नहीं लगेगा यानी ये प्री पैकेज्ड लेबल्ड कमोडिटी में नहीं आएंगे.

    मिसाल के तौर पर 25 किलो के आटे के पैकेट पर ग्राहकों को पाँच प्रतिशत जीएसटी देना होगा लेकिन 30 किलो के पैकेट पर नहीं देना होगा.

    29 जून को जीएसटी काउंसिल की 47वीं बैठक हुई थी. इसी बैठक में कई वस्तुओं पर पाँच प्रतिशत जीएसटी लगाने का फ़ैसला किया गया था. इसमें प्री पैकेज्ड और लेबल्ड फूड को भी रखा गया है. यह आज यानी 18 जुलाई से लागू हो गया है.

    कहा जा रहा है कि सरकार के इस फ़ैसले से छोटे कारोबारियो को झटका लगेगा. कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने कहा है, ''खाने-पीने के सामान और अनाज के कारोबार करने वाले सरकार के फ़ैसले से नाराज़ हैं. इससे छोटे कारोबारियों को काफ़ी नुक़सान होगा.''

    सरकार के इस फ़ैसले की विपक्षी पार्टियाँ आलोचना कर रही हैं. पीएम मोदी के पुराने वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे हैं, जिसमें वह कह रहे हैं कि पहले आटा, दाल और चावल पर भी टैक्स देना पड़ता था लेकिन जीएसटी लागू होने के बाद नहीं देना होगा. लेकिन अब सरकार ने इन पर भी पाँच फ़ीसदी टैक्स लगाने का फ़ैसला किया है.

    पाँच प्रतिशत जीएसटी लगाने पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और उनके चचेरे भाई वरुण गांधी ने मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया है. वरुण गांधी बीजेपी सांसद हैं लेकिन पिछले कुछ महीनों से अपनी सरकार को निशाने पर ले रहे हैं.

    वरुण गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए लिखा है, ''आज से दूध, दही, मक्खन, चावल, दाल, ब्रेड जैसे पैक्ड उत्पादों पर GST लगेगा. रिकॉर्ड तोड़ बेरोज़गारी के बीच लिया गया यह फ़ैसला मध्यमवर्गीय परिवारों और विशेषकर किराए के मकानों में रहने वाले संघर्षरत युवाओं की जेबें और हल्की कर देगा.जब ‘राहत’ देने का वक़्त था, तब हम ‘आहत’ कर रहे हैं.''

    वहीं राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए लिखा है, ''जमकर टैक्स और कोई नौकरी नहीं. बीजेपी की मास्टरक्लास ने कैसे दुनिया भर में तेज़ी से बढ़ी अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया.'' राहुल गाँधी जीएसटी गब्बर सिंह टैक्स कहते हैं. राहुल ने गब्बर सिंह टैक्स लिखते हुए जीएसटी की दरों की एक तस्वीर पोस्ट की है.

  16. एनडीए के उप-राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जगदीप धनखड़ ने नामांकन भरा

    एनडीए के उप-राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जगदीप धनखड़ ने आज अपना नामांकन दाख़िल कर दिया है. नामांकन दाख़िल करने के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहे.

    16 जुलाई को भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जेपी नड्डा ने घोषणा की थी कि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ एनडीए की ओर से उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार होंगे.

    एनडीए के उम्मीदवार के तौर पर धनखड़ के नाम की घोषणा करते हुए जेपी नड्डा ने कहा था, "धनखड़ एक किसान पुत्र हैं और उन्होंने खुद को जनता के राज्यपाल के तौर पर स्थापित किया है."

    धनखड़ को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत बीजेपी के कई नेताओं ने उन्हें बधाई दी है.

    पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया था, "किसान पुत्र जगदीप धनखड़ अपनी विनम्रता के लिए जाने जाते हैं. उनके पास क़ानूनी, विधायी और गवर्नर के पद से जुड़े अनुभव हैं. उन्होंने हमेशा किसानों, युवाओं, महिलाओं और वंचितों की भलाई के लिए काम किया है. हमें खुशी है कि वह हमारे उप-राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार हैं."

    वहीं विपक्ष ने सीनियर कांग्रेस नेता मार्गरेट अल्वा को विपक्ष ने उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया है.

    अल्वा को महिला मुद्दों पर काम करने के लिए जाना जाता है. 1986 में निर्वाचित निकायों में महिलाओं के लिए आरक्षण के लिए पहल करने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी.

  17. श्रीलंका के मंत्री ने कहा- भारत एकमात्र देश जिसने ऐसा किया

    श्रीलंका के बिजली और ऊर्जा मंत्री कंचना विजेसेकेरा ने श्रीलंका को भारत से मिली मदद की सराहना की है.

    उन्होंने कहा है कि भारत एकमात्र ऐसा देश है, जिसने श्रीलंका को वित्तीय सहायता दी है, ताकि वो मूलभूत चीज़ें जैसे ईंधन की ख़रीद कर सके.

    शनिवार को दिए अपने एक बयान में भारत की तारीफ़ करते हुए उन्होंने कहा कि श्रीलंका की सरकार ने बहुत से देशों से ईंधन भेजने की गुज़ारिश की थी. जैसा कि श्रीलंका राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहा है और साथ ही इतिहास के सबसे बुरे आर्थिक संकट की चपेट में है.

    उन्होंने अपने संबोधन में आगे कहा कि -'लेकिन भारत वो एकमात्र ऐसा देश है जो श्रीलंका की मदद के लिए आगे आया है और जिसने आगे आकर उसे सहायता दी है.'

    उन्होंने आगे कहा, "हमने कई अलग-अलग देशों से अनुरोध किया था ताकि कोई देश हमारी मदद के लिए आगे आए...फ़िलहाल, भारत सरकार एकमात्र वो देश है जिसने हमें मदद मुहैया कराई है."

    रूस दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक और निर्यातक देशों में से एक है. श्रीलंका ने अपनी मदद के लिए रूस से भी अनुरोध किया है.

    विजयसेकेरा ने बताया, 'रूस में शुरुआती बैठकें हो रही हैं. हमने उन्हें अपनी ज़रूरतों के बारे में बताया है और हम इस दिशा में काम भी कर रहे हैं. हम इस बात का इंतज़ार कर रहे हैं कि उनकी ओर से हमें किस तरह की मदद या फिर सहायता मिल सकती है.'

    भारत ने श्रीलंका में संकट की स्थिति शुरू होने से लेकर अभी तक कई मौक़ों पर मदद भेजी है. इससे पहले भारत ने श्रीलंका को तीन अरब डॉलर से अधिक की दवाएं, ईंधन और दूसरी ज़रूरत की चीज़ें मदद के तौर पर भेजी थीं.

    इस सप्ताह श्रीलंका के विदेश मंत्री ने भी भारत के बिना शर्त मदद करने की सराहना की थी.

  18. उत्तर कोरिया ने अपने फ़ैसले से रूस को किया ख़ुश

    रूस ने इस साल 24 फ़रवरी को यूक्रेन पर सैन्य अभियान शुरू करने के बाद उसके दो इलाक़े को दोनेत्स्क और लुहांस्क को अलग स्टेट के तौर पर घोषणा कर दी थी. रूस ने कहा था कि दोनेत्स्क और लुहांस्क यूक्रेन से अलग स्टेट होंगे. इससे पहले मार्च में पुतिन ने यूक्रेन से क्राइमिया छीन लिया था.

    अब तक पुतिन के इस क़दम को किसी ने मान्यता नहीं दी थी लेकिन उत्तर कोरिया मान्यता देने वाला पहला देश बना है.

    उत्तर कोरिया ने दोनेत्स्क और लुहांस्क पीपल्स रिपब्लिक की संप्रभुता को मान्यता दे दी है.

    उत्तर कोरिया में रूस के राजदूत अलेक्ज़ेंडर मात्सेगोरा ने एक साक्षात्कार के दौरान कहा कि बिना किसी मक़सद के उत्तर कोरिया ने दोनेत्स्क और लुहांस्क को मान्यता दी है.

    उन्होंने कहा, "क्राइमिया को रूस के हिस्से के रूप में मान्यता देने पर उत्तर कोरिया को हमसे कुछ भी नहीं मिला था. संयुक्त राष्ट्र या फिर किसी भी दूसरे अंतरराष्ट्रीय प्लेटफ़ॉर्म पर हमारे पक्ष में वोट करने के बदले भी उन्होंने कुछ लाभ नहीं लिया. डेमोक्रेटिक पीपल्स रिपब्लिक ऑफ़ कोरिया (डीपीआरके) का नेतृत्व डोनबास की लड़ाई को जायज़ मानता है. वह मानता है कि कीएव प्रशासन और कुछ नहीं बल्कि वॉशिंगटन के हाथों की कठपुतली है."

    रूस की न्यूज़ एजेंसी ताश के मुताबिक़, "मात्सेगोरा ने ज़ोर देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्योंगयांग जिसे सही मानता है, उसका समर्थन करता है. कई बार ख़ुद का नुकसान करते हुए भी वह सही के साथ खड़ा रहता है."

    उन्होंने आगे कहा, "डीपीआरके दुनिया के उन कुछ चुनिंदा देशों में से है, जो पूरी तरह से स्वतंत्र विदेश-नीति का पालन करने का माद्दा रखते हैं."

    रूस और यूक्रेन के बीच फ़रवरी महीने से युद्ध छिड़ा हुआ है. यूक्रेन इस अपनी संप्रभुता पर हमला बताता है तो रूस इस युद्ध को अपनी सुरक्षा के लिए बताता है.

    यूक्रेन के ख़िलाफ़ युद्ध छेड़ने से ठीक पहले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने पूरे लुंहास्क और दोनेत्स्क को यूक्रेन से आज़ाद बताया था.

  19. इंडोनेशियाई राष्ट्रपति पीएम मोदी से अपनी समानता पर बोले

    इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो ने भारत के अंग्रेज़ी दैनिक अख़बार 'द हिन्दू' को दिए इंटरव्यू में भारत से जुड़ी कई बातों पर अपनी राय दी है. इंडोनेशिया में दुनिया की सबसे ज़्यादा मुस्लिम आबादी रहती है.

    इंडोनिशियाई राष्ट्रपति से द हिन्दू की डिप्लोमैटिक अफ़ेयर्स एडिटर सुहासिनी हैदर ने पूछा कि इंडोनेशिया और भारत दोनों ने यूक्रेन पर रूस के हमले की निंदा नहीं की और न ही रूस के ख़िलाफ़ पश्चिमी देशों की पाबंदी में दोनों देश शामिल हुए.

    इसी साल नवंबर में इंडोनेशिया में जी-20 देशों की बैठक होने वाली है. क्या इस बैठक में भी रूस-यूक्रेन संघर्ष पर गुटनिरपेक्ष दिखेगा?

    इस सवाल के जवाब में इंडोनेशियाई राष्ट्रपति ने कहा, ''पहली बात तो यह कि हमें साथ बैठने की ज़रूरत है. चाहे कोई देश किसी भी खेमे का हो. सबसे ज़रूरी बात है कि हम अपना अहम कम करें. हमें मानवता को प्रोत्साहित करने की ज़रूरत है. खाद्य सुरक्षा और ऊर्जा सुरक्षा को प्राथमिकता में रखने की ज़रूरत है.''

    द हिन्दू ने पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा पर पिछले दो से ज़्यादा सालों से जारी तनाव का हवाला देते हुए पूछा कि इंडोनेशिया में जी-20 की बैठक में क्या चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी मिलेंगे?

    इस सवाल के जवाब में इंडोनेशियाई राष्ट्रपति ने कहा, ''अगर भारत और चीन जैसी दो शक्तियों में बात होती है तो अच्छी बात है. इंडोनेशिया इस मामले में मध्यस्थता के लिए तैयार है. हम हमेशा उस काम के लिए तैयार होते हैं, जिनसे लोगों के जीवन-यापन को सुधारने में मदद मिलती हो.''

    द हिन्दू ने पूछा कि पिछले महीने जर्मनी में आपकी मुलाक़ात पीएम मोदी से हुई थी. उन्होंने आपको ईद की बधाई भी दी थी. जी-20 की बैठक से पहले आप दोनों के बीच कितना समन्वय है?

    इस सवाल के जवाब में इंडोनेशियाई राष्ट्रपति जोको विडोडो ने कहा, ''हमने अर्थव्यवस्था, निवेश और दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों जैसे कई मुद्दों पर बात की थी. हमने इंडोनेशिया से भारत में जाने वाले खाद्य तेल को लेकर भी बात की थी. मैंने पीएम मोदी से कहा था कि मई महीने में पाम तेल के आयात से पाबंदी हटा दी थी और अब इसके आयात में कोई दिक़्क़त नहीं होगी.''

    पिछले महीने आपकी सरकार ने भारत सरकार के सामने पैग़ंबर मोहम्मद पर टिप्पणी को लेकर विरोध दर्ज कराया था. इसके अलावा इसे लेकर इंडोनेशिया में भी विरोध हुआ था. क्या आपने इस पर भी पीएम मोदी से बात की थी?

    इस सवाल के जवाब में जोको विडोडो ने कहा, ''इंडोनेशिया में विरोध-प्रदर्शन लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति का हिस्सा था. हम इस पर कभी भी पाबंदी नहीं लगा सकते. नियम के तहत विरोध-प्रदर्शन में कोई दिक़्क़त नहीं है. मैं भारत के बारे में नहीं बोलना चाहता.''

    द हिन्दू ने पूछा कि दोनों देशों में धार्मिक उग्रता, बहुसंख्यकवाद का ज़ोर और हिंसा जैसी चीज़ें देखने को मिल रही हैं. आप उग्र विचारधारा और अतिवाद की बीच एक गणतंत्र में बने रहने की चुनौती को कैसे मैनेज करते हैं?

    इसके जवाब में जोको विडोडो ने कहा, ''मेरा मानना है कि यहाँ अलग-अलग धर्मों के बीच कोई बुनियादी समस्या नहीं है. मेरी कैबिनेट और सरकार में अलग-अलग मज़हब के लोग हैं. ईसाई, हिन्दू और मुस्लिम सभी हमारी कैबिनेट में हैं. हाँ कुछ समस्याएं हैं लेकिन हम साथ बैठकर इसे सुलझाने में सक्षम हैं.''

    आप और प्रधानमंत्री मोदी दोनों 2014 में सत्ता में आए. आप दोनों अपने इलाक़े के नेता रहे हैं. आप सोलो में मेयर थे और मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री. आप दोनों की नेतृत्व शैली में क्या कोई और समानता है?

    इस सवाल को जवाब में विडोडो ने कहा, ''मेरा मानना है कि अपने अतीत के ट्रैक रिकॉर्ड्स के कारण हममें कुछ समानताएं हैं.''

    प्रधानमंत्री पद पर 2024 में 10 साल की सीमा पूरी हो जाएगी. आपने कहा है कि अब और टर्म नहीं चाहते हैं, इसलिए संविधान में कोई संशोधन का इरादा नहीं है. प्रधानमंत्री से छुट्टी के बाद आप क्या करेंगे?

    इसके जवाब में विडोडो ने कहा, ''मैं वापस अपना शहर सोलो जाऊंगा और पर्यावरण की रक्षा को लेकर कुछ सोचूंगा.''

  20. मध्य प्रदेश में बड़ा सड़क हादसा, यात्रियों से भरी बस नदी में गिरी

    मध्य प्रदेश के धार ज़िले के खलघाट संजय सेतु के पास यात्रियों से भरी महाराष्ट्र राज्य परिवहन की एक बस नदी में गिर गई है.

    इस हादसे में अब तक 12 लोगों के मौत की पुष्टि हो चुकी है और 15 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है.

    मीडिया में आ रही जानकारी के मुताबिक़, यह बस इंदौर से पुणे जा रही थी. बस जब खलघाट संजय सेतु पुल पर पहुंची तो संतुलन बिगड़ने के कारण नीचे नदी में जा गिरी.

    प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से ट्वीट करके गहरा दुख जताया गया है.

    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घटना पर दुख ज़ाहिर करते हुए ट्वीट किया है.

    घटना की जानकारी देते हुए उन्होंने लिखा, "खरगोन के खलघाट में बस के खाई में गिरने से हुई दुर्घटना का दुखद समाचार प्राप्त हुआ. ईश्वर से दिवंगत आत्माओं के परिजनों को यह गहन दु:ख सहन करने की शक्ति देने तथा घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं."

    उन्होंने लिखा है, "दुर्घटना स्थल पर जिला प्रशासन की टीम मौजूद है. बस को निकाल लिया गया है. खरगोन, धार जिला प्रशासन के साथ मैं निरंतर संपर्क में हूं. घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था के निर्देश दिये हैं. दु:ख की इस घड़ी में पीड़ित परिवार स्वयं को अकेला न समझे,मैं व संपूर्ण प्रदेश साथ है."

    पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना ज़ाहिर करते हुए उन्होंने लिखा है, "खरगोन की इस हृदय विदारक दुर्घटना ने हमारे कई अपनों को हमसे असमय छीन लिया. दु:ख की इस घड़ी में मैं शोकाकुल परिवारों के साथ हूं."

    महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी इस दुर्घटना पर दुख जताया है.