क्राउन प्रिंस ने राष्ट्रपति बाइडन से कहा- ग़लतियां अमेरिका ने भी की है: सऊदी मंत्री

सऊदी अरब के एक मंत्री ने कहा है कि क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ मुलाकात के दौरान ये कहा कि सऊदी ने पत्रकार जमाल खाशोज्जी जैसी गलतियों को रोकने के लिए कदम उठाए हैं और अमेरिका ने भी इराक़ जैसी ग़लतियां की हैं.

लाइव कवरेज

अभिनव गोयल and भूमिका राय

  1. सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान बाइडन की अगवानी में क्यों नहीं गए एयरपोर्ट

  2. जमाल ख़ाशोगी की हत्या के आरोप पर क्राउन प्रिंस ने राष्ट्रपति बाइडन से कहा- ग़लतियां अमेरिका ने भी की है: सऊदी मंत्री

    बाइडन और क्राउन प्रिंस

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    सऊदी अरब के एक मंत्री ने कहा है कि क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ मुलाकात के दौरान ये कहा कि सऊदी ने पत्रकार जमाल ख़ाशोगी जैसी गलतियों को रोकने के लिए कदम उठाए हैं और अमेरिका ने भी इराक़ जैसी ग़लतियां की हैं.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, जो बाइडन ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने क्राउन प्रिंस से ये बात कही है कि साल 2018 में वाशिंगटन पोस्ट के पत्रकार जमाल ख़ाशोगी की इस्तांबुल में सऊदी दूतावात में हत्या के लिए वो जिम्मेदार हैं.

    सऊदी अरब के विदेश राज्य मंत्री अब्देल अल जुबैर ने कहा, "राष्ट्रपति ने ये मुद्दा उठाया... और क्राउन प्रिंस ने ये जवाब दिया कि ये सऊदी अरब के लिए एक दुखदायी घटना थी और ये एक बड़ी ग़लती थी."

    उन्होंने कहा कि जो लोग इस मामले में अभियुक्त हैं, उन पर मुक़दमा चलाया गया है और जेल की सज़ा दी गई है.

    अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का मानना है कि क्राउन प्रिंस ने ही जमाल ख़ाशोगी की हत्या का फरमान दिया था लेकिन वो इन आरोपों को खारिज़ करते हैं.

    शुक्रवार को क्राउन प्रिंस और राष्ट्रपति बाइडन के बीच हुई बातचीत के बारे में विदेश राज्य मंत्री अब्देल अल जुबैर ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया, "क्राउन प्रिंस ने ये बात रखने की कोशिश की कि अपने जीवन मूल्य अन्य देशों पर जबरन थोपने से उलटे नतीजे हो सकते हैं. अमेरिका ने जब अफ़ग़ानिस्तान और इराक़ में अपने जीवन मूल्य थोपने की कोशिश की तो बात बन नहीं पाई. दरअसल, इसके उलटे नतीजे ही सामने आए."

  3. 'हामिद अंसारी से हाथ मिलाया पर मुलाक़ात नहीं'

    वीडियो कैप्शन, क्या नुसरत मिर्ज़ा ने हामिद अंसारी से मुलाक़ात की थी?

    पाकिस्तान के वरिष्ठ कॉलमनिस्ट नुसरत मिर्ज़ा के एक इंटरव्यू की भारत में काफ़ी चर्चा हो रही है, उधर पाकिस्तान में लोग उनकी बातों से हैरान हैं.

    नुसरत मिर्ज़ा ने इस इंटरव्यू में दावा किया है कि जब हामिद अंसारी भारत के उप-राष्ट्रपति थे तब उन्हें एक सेमिनार के लिए भारत बुलाया गया और उन्होंने भारत यात्रा के दौरान इकट्ठा की गई जानकारी को आईएसआई के साथ साझा किया.

    उन्होंने कहा कि उन्होंने पांच बार भारत की यात्रा की, और कई शहरों जैसे बेंगलुरु, चेन्नई, चंडीगढ़, कोलकाता, पटना, लखनऊ गए. नुसरत मिर्ज़ा के इन तमाम दावों पर उनसे ख़ास बातचीत की बीबीसी संवाददाता विनीत खरे ने.

  4. जम्मू और कश्मीर बीजेपी ने फारूक अब्दुल्ला और महबूबा मुफ़्ती पर कश्मीरी पंडितों को लेकर साधा निशाना

    कश्मीरी नेता

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    जम्मू और कश्मीर बीजेपी ने घाटी के दूसरे दल के राजनेताओं पर अप्रत्यक्ष रूप से सांप्रदायिक भावनाओं को भड़काने, हिंसा भड़काने और उग्रवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है.

    बीजेपी ने आरोप लगाया है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी दोनों को लगता है कि अगर वे शासन में हैं तो तो सबकुछ ठीक है लेकिन पाकिस्तान के समर्थक बनकर वे सेंट्रल गवर्नमेंट से कहते हैं कि वह कश्मीर मुद्दे को सुलझाने के लिए पड़ोसी देश से बात करें.

    जम्मू और कश्मीर बीजेपी के प्रवक्ता वाईवी शर्मा ने घाटी के पूर्व मुख्यमंत्रियों पर हमलावर होते हुए कहा कि वे आधारहीन और ग़ैर-ज़िम्मेदाराना बयान जारी करते हैं. उन्होंने पूर्व-मुख्यमंत्रियों पर अप्रत्यक्ष रूप से सांप्रदायिक भावनाओं को भड़काने का आरोप भी लगाया.

    शर्मा ने कहा कि जम्मू और कश्मीर के इन शासकों ने यहां के लोगों को देश के बाकी हिस्सों से अलग-थलग रखा. भारत के भीतर ही एक और छोटा देश बनाने की कोशिश की, जिससे सांप्रदायिक और धार्मिक उन्माद ने जन्म लिया.

    उन्होंने कश्मीरी पंडितों के पलायन को लेकर भी कश्मीरी नेताओं पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा, "इन नेताओं ने कश्मीरी पंडितों के पलायन को रोकने के लिए कोई प्रयास क्यों नहीं किया? क्या यह उनकी मौन स्वीकृति नहीं दिखाता है? "

  5. नाखून अगर सफ़ेद, पीले या फिर नीले पड़ जाएं तो सतर्क हो जाइए

    वीडियो कैप्शन, नाखून अगर सफ़ेद, पीले या फिर नीले पड़ जाएं तो सतर्क हो जाइए

    नाखूनों का ख्याल रखना ब्यूटी या नेल सलून जाने से कहीं ज़्यादा ज़रूरी बात है. शरीर का ये हिस्सा आपकी सेहत और कई स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत वक़्त से पहले दे देता है.

    इसलिए नाखूनों के रंग और उसमें आने वाले बदलावों पर ध्यान देना ज़रूरी है. नाखूनों पर धब्बों का आना या चकते पड़ना या कुछ और होना किसी आने वाली बीमारी की चेतावनी हो सकता है.

    देखिए यह वीडियो और जानिए नाखूनों के रंग बदलने पर क्या-क्या समस्याएं हो सकती हैं.

  6. बाबर आज़म के ट्वीट का विराट कोहली ने दिया कुछ ऐसा जवाब

    विराट-कोहली

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    पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कप्तान बाबर आज़म ने विराट कोहली के साथ फ़ोटो शेयर करते हुए एक ट्वीट किया था.

    उन्होंने लिखा था, “यह (वक़्त) भी गुज़र जाएगा. मज़बूत बने रहें.”

    बाबर आज़म के इस ट्वीट की काफी चर्चा हुई.

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    अब भारतीय टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली ने उन्हें ट्विटर पर जवाब दिया है.

    विराट कोहली ने कमेंट किया है, "आपको शुक्रिया. ऐसे ही चमकते रहिए और बढ़ते रहिए. आपको मेरी ढेर सारी शुभकामनाएं."

    विराट

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    इससे पूर्व पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी शाहिद अफ़रीदी ने बाबर के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि बाबर का व्यवहार अतुलनीय है लेकिन विराट कोहली को उनके ट्वीट पर जवाब देना चाहिए.

    एक इंटरव्यू के दौरान शाहिद आफ़रीदी ने कहा था, "चाहे वो क्रिकेट हो या कोई दूसरा खेल, ये रिश्तों को मज़बूत बनाते हैं. इस संदर्भ में खिलाड़ी, राजनेताओं की तुलना में कहीं अच्छा काम कर सकते हैं."

    विराट कोहली के जवाब की भी अब चर्चा हो रही है.

    खेल-पत्रकार नौमान नियाज़ ने लिखा है, "एक चैंपियन का दूसरे चैंपियन को जवाब...यह क्रिकेट से कहीं बढ़कर है."

    विराट कोहली

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    बाबर आज़म ने विराट कोहली को लीजेंड बताया था

    आज के दौर में अक्सर बाबर आज़म की तुलना विराट कोहली से की जाती है जिनके रिकॉर्ड्स अब आज़म तोड़ते जा रहे हैं.

    साल 2019 में जब एक शानदार पारी के बाद किसी पत्रकार ने बाबर की तुलना विराट कोहली से की थी तो बाबर आज़म ने कहा था कि "ये तुलना ठीक नहीं है, मैं एक छोटा खिलाड़ी हूँ जबकि कोहली एक लेजेंड हैं."

    ख़राब फ़ॉर्म से जूझ रहे हैं विराट कोहली

    33 साल के कोहली ने इस दौरान 100 से ज़्यादा पारियां खेली हैं, जिनमें 17 टेस्ट, 21 वनडे, 25 टी-20 के अलावा 37 आईपीएल के मुक़ाबले शामिल हैं, जिनमें वे शतक नहीं बना सके हैं.

  7. भारत छोड़ो आंदोलन की नायिका अरुणा आसफ़ अली की कहानी

    वीडियो कैप्शन, भारत छोड़ो आंदोलन की नायिका अरुणा आसफ़ अली की कहानी

    9 अगस्त, 1942 को मुंबई के गवालिया टैंक मैदान पर तिरंगा फहराने के साहसपूर्ण कार्य के लिए अरुणा आसफ़ अली को हमेशा याद किया जाता रहेगा.

    अरुणा आसफ़ अली की पूरी कहानी सुना रहे हैं रेहान फ़ज़ल विवेचना में.

  8. आईटीबीपी के जवान ने अपने तीन साथियों पर की फ़ायरिंग, ख़ुद को भी मारी गोली

      • Author, मोहित कंधारी
      • पदनाम, मोहित कंधारी, जम्मू से बीबीसी हिंदी के लिए
    घटनास्थल

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    जम्मू के उधमपुर ज़िले में अमरनाथ यात्रा की ड्यूटी में तैनात आईटीबीपी के जवान ने शनिवार को अपने तीन साथियों पर फ़ायरिंग करके उन्हें घायल कर दिया. इसके बाद उन्होंने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली.

    उधमपुर ज़िले के पुलिस अधीक्षक डॉ विनोद कुमार ने बीबीसी हिंदी से घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि उधमपुर शहर में देविका घाट के किनारे पर बनाए गए कम्युनिटी हाल के अंदर शनिवार को अमरनाथ यात्रा की ड्यूटी पर तैनात आईटीबीपी के जवान की अपने कुछ साथियों के साथ कहा-सुनी हो गई थी.

    इससे गुस्साए जवान ने फायरिंग कर अपने तीन साथियों को गंभीर रूप से घायल कर दिया. इसके बाद जवान ने खुद को भी गोली मार दी.

    घायलों को उपचार के लिए सैन्य-अस्पताल उधमपुर ले जाया गया है. पुलिस ने कम्युनिटी हाल को कब्ज़े में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है.

    चौबीस घंटे के अंदर केंद्र शासित प्रदेश में इस प्रकार की यह दूसरी घटना है.

    इससे पहले शुक्रवार को पूँछ ज़िले के सुरनकोट स्थित सेना के कैंप में प्रादेशिक सेना (टेरीटोरियल आर्मी ) के जवानों के बीच हुए आपसी विवाद के चलते एक स्थानीय जवान ने अपने तीन साथियों को गोली मार कर घायल कर दिया था और बाद में खुद को भी गोली मार ली थी.

    जम्मू स्थित रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल देवेंद्र आनंद के अनुसार, इस घटना में दो जवानों की मृत्यु हो गयी थी और बाकी दो का इलाज चल रहा है.

    सेना प्रवक्ता ने कहा, "घटना के कारणों की जांच पड़ताल करने के लिए कोर्ट ऑफ़ इन्क्वायरी के आदेश जारी कर दिए गए हैं."

  9. ब्रेकिंग न्यूज़, जगदीप धनखड़ को एनडीए ने उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया

    राज्यपाल जगदीप धनखड़

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    भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा है कि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ एनडीए की ओर से उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार होंगे.

    जेपी नड्डा ने ये एलान करते हुए कहा, "भाजपा और एनडीए उपराष्ट्रपति पद के लिए प्रत्याशी किसान पुत्र जगदीप धनखड़ जी को घोषित करती है."

    उन्होंने कहा, "जगदीप धनखड़ जी पश्चिम बंगाल के अभी गवर्नर हैं और लगभग तीन दशक तक सार्वजनिक जीवन में काम किया है."

    इस एलान से एक दिन पहले ही जगदीप धनखड़ की दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात हुई थी.

  10. असम: तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा के ख़िलाफ़ पुलिस में शिकायत दर्ज

    महुआ

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    तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा के ख़िलाफ़ असम के शिव सागर ज़िले में शिकायत दर्ज हुई है. यह शिकायत महुआ मोइत्रा के एक ट्वीट के संबंध में दर्ज हुई है.

    'गोगोई' उपनाम को यौन उत्पीड़न से जोड़ने के लिए महुआ मोइत्रा के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज करवाई गई है.

    एक स्थानीय संस्था 'जातीय संग्रामी सेना' ने मोइत्रा के ख़िलाफ़ लिखित शिकायत दर्ज करवाई है.

    उनका आरोप है कि मोइत्रा ने पूरे असम समुदाय का अपमान किया है. संस्था ने मोइत्रा से बिना शर्त माफ़ी मांगने को कहा है.

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    महुआ, संसद में कुछ शब्दों के इस्तेमाल पर कथित प्रतिबंध को लेकर उठे विवाद की ओर इशारा कर रही थीं और इसी संदर्भ में उन्होंने यह ट्वीट किया था.

    तृणमूल कांग्रेस की सांसद ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा था,"असंसदीय शब्दों को हटाने पर मेरी पहली नयी ट्विटर सिरीज़."

    उन्होंने लिखा,"प्रतिबंधित शब्द- शारीरिक शोषण, इसकी जगह अब इस्तेमाल होने वाला शब्द- 'मिस्टर गोगोई'."

    महुआ मोइत्रा की उनके इस ट्वीट के लिए काफी आलोचना भी हुई, ख़ासतौर पर असम के एक तबके ने इसकी कड़ी निंदा की है. दरअसल, 'गोगोई' असमिया लोगों के एक बड़े वर्ग का उपनाम होता है.

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    विवाद बढ़ने के बाद महुआ ने अपने पुरान ट्वीट को री-ट्वीट करते हुए एक और टिप्पणी की है.

    उन्होंने लिखा है, "सिर्फ़ उन संघियों के लिए जिनका कहना है कि मैंने गोगोई समुदाय के सभी लोगों को निशाना बनाया. चलिए मैं बता देती हूं- श्री रंजन गोगोई. सम्माननीय सांसद, राज्यसभा."

  11. 15 जुलाई 2022 का दिनभर- पूरा दिन पूरी ख़बर, सुनिए मानसी दाश के साथ

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  12. राष्ट्रपति चुनाव और मॉनसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक

    ओम बिड़ला

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    18 जुलाई से शुरू होने वाले मॉनसून सत्र से पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने आज सर्वदलीय बैठक की.

    संसद के मॉनसून सत्र को सुव्यवस्थित तरीक़े से चलाने के लिए चर्चा करने के लिए यह बैठक की गई थी.

    बैठक में स्पीकर ओम बिड़ला ने नेताओं को सत्र से जुड़ी तैयारियों के बारे में बताया.

    बैठक में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी, डीएमके सांसद एमपी टीआर बालु, संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी, बीजेपी के सांसद अर्जुन राम मेघवाल, वाईएसआरसीपी के सांसद पीवी मिथुनरेड्डी, आरएलजेपी के सांसद पशुपति कुमार पारस और दूसरी पार्टियों के नेता और सांसद इस बैठक में शामिल हुए.

    ओम बिड़ला ने बैठक ख़त्म होने के बाद पत्रकारों को बताया कि सभी दलों के नेताओं ने आश्वस्त किया है कि वे सदन की कार्यवाही में सहयोग करेंगे.

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    सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि मॉनसून सत्र में सरकार 24 प्रस्तावों को पास कराने की कोशिश करेगी.

    मॉनसून सत्र के पहले दिन ही राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव भी होने हैं.

  13. मैंने अपनी पूरी क़ाबिलियत के साथ अपनी मातृभूमि की सेवा की और ऐसा करता रहूंगा: गोटाबाया राजपक्षे

    गोटाबाया राजपक्षे

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    श्रीलंका में बीते सप्ताह हुए व्यापक विरोध प्रदर्शन के बाद पूर्व राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे देश छोड़कर भाग गए थे. वह पहले मालदीव पहुंचे और उसके बाद सिंगापुर. सिंगापुर से ही उन्होंने ईमेल से अपना इस्तीफ़ा श्रीलंकाई संसद के स्पीकर को भेजा था.

    उनके इस्तीफ़े को अगले दिन यानी गुरुवार को स्पीकर ने स्वीकार कर लिया था और आज शनिवार को उनका इस्तीफ़ा पढ़ा गया. संसद के विशेष सत्र में श्रीलंका के स्पीकर महिंदा यापा अभयवर्द्धना ने उनका इस्तीफ़ा पढ़ा.

    अपने इस्तीफ़े में राजपक्षे ने ख़ुद का बचाव किया है. उन्होंने लिखा है, "मैंने अपनी पूरी क़ाबिलियत के साथ अपनी मातृभूमि की सेवा की और भविष्य में भी मैं ऐसा करता रहूंगा."

    स्पेशल सत्र के दौरान क़रीब 13 मिनट तक राजपक्षे का इस्तीफ़ा पढ़ गया. अपने इस्तीफ़े में राजपक्षे ने आरोप लगाया है कि महामारी और लॉकडाउन ने श्रीलंका की अर्थव्यवस्था को गर्त में धकेलने का काम किया.

    उन्होंने इस पत्र में दावा किया है कि श्रीलंका में स्थिति को संभालने के लिए उन्होंने अपनी ओर से सबसे बेहतरीन उपाय अपनाए. अपने पत्र के अंत में उन्होंने लिखा है, "जैसा कि आपने 9 जुलाई को संकेत दिया था कि पार्टी नेताओं की ऐसी इच्छा है, इसलिए मैं अपने पद से इस्तीफ़ा दे रहा हूं."

  14. नुसरत मिर्ज़ा ने हामिद अंसारी से मुलाक़ात के बारे में बीबीसी से क्या कहा

    नुसरत मिर्ज़ा

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    भारत में बीते कुछ दिनों से लगातार चर्चा में बने पाकिस्तान के कॉलमनिस्ट नुसरत मिर्ज़ा ने पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी से मुलाक़ात के सवाल पर कहा है कि उनकी अंसारी से कभी कोई सीधी मुलाक़ात नहीं हुई.

    मिर्ज़ा ने बीबीसी से कहा, "मैं भी इनकार करता हूं कि (मुलाक़ात) नहीं हुई है."

    मिर्ज़ा ने दावा किया है कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री खुर्शीद कसूरी के साथ उन्होंने जो दस्तावेज साझा किए थे, उसका 'भारत से कोई लेना देना नहीं था. वो डोक्यूमेंट रूस के बारे में थे' जिनमें रूस ने पाकिस्तान पर उसे तोड़ने के लेकर आरोप लगाए थे. उन्होंने ये भी दावा किया ये दस्तावेज 2005 की सेमिनार से जुड़े थे.

    पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी नुसरत मिर्ज़ा से पहचान होने से इनकार कर चुके हैं. उन्होंने दफ़्तर की ओर से शुक्रवार को भी इस मामले में स्पष्टीकरण दिया गया था.

  15. यशवंत सिन्हा का समर्थन करने पर शिवपाल यादव ने सपा को घेरा

    शिवपाल सिंह यादव

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    प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के संयोजक शिवपाल सिंह यादव ने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा का समर्थन करने के सपा के फ़ैसले की निंदा की है.

    शिवपाल सिंह यादव ने ट्वीट करके समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा है.

    उन्होंने लिखा है, "सपा के वर्तमान नेतृत्व ने राष्ट्रपति चुनाव में उस व्यक्ति का समर्थन किया है, जिसने हम सभी के अभिभावक और प्रेरणा व ऊर्जा के स्रोत आदरणीय नेताजी को 'आईएसआई'का एजेंट बताया था. पार्टी नेतृत्व के इस फैसले के विरुद्ध मेरी घोर असहमति है. नेताजी के अपमान की शर्त पर कोई फैसला मंजूर नहीं."

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    शिवपाल सिंह यादव ने अखिलेश यादव को एक पत्र लिखकर अपनी नाराज़गी ज़ाहिर की है.

    उन्होंने लिखा है, "यह नियति की अजीब विडम्बना है कि समाजवादी पार्टी ने राष्ट्रपति चुनाव में उस व्यक्ति का समर्थन किया है, जिसने हम सभी के आदरणीय नेताजी को उनके रक्षा मंत्रित्व काल में पाकिस्तानी गुप्तचर संस्था आीएसआई का एजेंट बताया था. यह दुर्भाग्यपूर्ण है."

    शिवपाल यादव ने अखिलेश यादव को यशवंत सिन्हा का समर्थन करने के अपने फ़ैसले पर दोबारा से विचार करने का सुझाव दिया है.

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    बीजेपी नेता ने भी की है ऐसी ही टिप्पणी

    उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने एक अखबार की एक कटिंग शेयर करते हुए लिखा है, "मुलायम सिंह जी को आईएसआई एजेंट बताने वाले महानुभाव का राष्ट्रपति पद के लिए समर्थन कर अखिलेश जी ने एक बार फिर अपने व समाजवादी पार्टी के संस्कारों को प्रदेश के समक्ष उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया है."

  16. ईरान: बिना हिजाब के फ़ोटो पोस्ट करने पर गिरफ़्तारी

    वीडियो कैप्शन, ईरान: बिना हिजाब के फ़ोटो पोस्ट करने पर गिरफ़्तारी

    ईरान में हिजाब का विरोध करने वाली कई महिलाओं को गिरफ़्तार कर लिया गया है.

    ईरान में औरतों के लिए हिजाब पहनना ज़रूरी है लेकिन कई महिलाओं ने इसके ख़िलाफ़ सोशल मीडिया पर कैंपेन चलाया.

    जिसमें हिजाब हटाकर अपने फ़ोटो और वीडियो पोस्ट किए.

  17. देश में लोकतंत्र तबाह हो चुका है: यशवंत सिन्हा

    यशवंत सिन्हा

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    भारत में होने वाले आगामी राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्षी दलों के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा ने लोकतंत्र की मौजूदा स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि देश में लोकतंत्र तबाह हो चुका है.

    शनिवार को अपने एक संबोधन में यशवंत सिन्हा ने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव विचारधारा की लड़ाई होनी चाहिए, ना कि पहचान का सवाल.

    वर्तमान में एनडीए की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू के मुक़ाबले में खड़े यशवंत सिन्हा अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं. वह हज़ारीबाग से सांसद थे.

    यशवंत सिन्हा ने शनिवार को झारखंड के मुख्यमंत्री और झामुमो के अध्यक्ष हेमंत सोरेन से मुलाक़ात की और समर्थन मांगा.

    एक प्रेस कॉन्फ्रेस में यशवंत सिन्हा ने कहा, "जब मैंने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के तौर पर प्रचार शुरू किया था तो मैंने कहा था कि लोकतंत्र ख़तरे में है. पर आज जबकि मैं अपना अभियान समाप्त कर रहा हूं तो मैं ये कह सकता हूं कि देश में लोकतंत्र बर्बाद हो चुका है."

    झारखंड में कांग्रेस और राजद के साथ गठबंधन से सरकार चलाने वाली झामुमो ने शुरू में यशवंत सिन्हा को समर्थन देने की बात कही थी लेकिन बाद में उन्होंने एनडीए की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को अपना समर्थन देने की घोषणा कर दी.

  18. नई संसद में राष्ट्रीय प्रतीक बनाने वाले सुनील देवड़े ने क्या कहा?

    वीडियो कैप्शन, नई संसद में राष्ट्रीय प्रतीक बनाने वाले सुनील देवड़े ने क्या कहा?

    हाल में नई संसद भवन की छत पर राष्ट्रीय प्रतीक का अनावरण किया गया लेकिन इसके स्वरूप को लेकर विवाद हो गया है.

    आलोचकों का कहना है कि इसमें शेर आक्रामक दिख रहे हैं जो राष्ट्रीय चिन्ह के परंपरागत स्वरूप से अलग हैं.

    इस पूरे मामले पर इसे बनाने वाले सुनील देवड़े का क्या कहना है? उनसे बात की बीबीसी संवाददाता दीपाली जगताप ने.

  19. रूस ने तेज़ किए हमले, यूक्रेन के निकोपोल शहर में तीन दिनों में कम से कम 37 लोगों की मौत

    रूस-यूक्रेन

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    रूस और यूक्रेन के बीच बीते चार महीने से अधिक समय से युद्ध जारी है. इस युद्ध में अब तक हज़ारों की संख्या में सैनिकों और आम नागरिकों की मौत हो चुकी है और हज़ारों की संख्या में लोग घायल भी हुए हैं.

    इस बीच शनिवार, 16 जुलाई को भी रूस की ओर से दक्षिणी यूक्रेन के शहर निकोपोल पर मिसाइल से हमला किया. बीते कुछ दिनों में हुए बम हमलों में बीते तीन दिनों में कम से कम 37 लोगों की मौत हो गई है और कई लोग घायल भी हुए हैं.

    यूक्रेन की आपातकालीन सेवा ने कहा है कि निकोपोल में हुए हमले में दो लोग घायल हुए हैं और दो लोगों की मौत हो गई है. इससे पहले शुक्रवार को, रूस ने निप्रो शहर पर मिसाइलें दागी हैं.

    जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई थी और 15 लोग घायल हुए थे. स्थानीय गवर्नर वलेंतीन रेज़निचेंको ने टेलीग्राम पर शुक्रवार को हुए हमले की जानकारी दी. इस हमले के वीडियो फुटेज सोशल मीडिया पर भी मौजूद हैं. जिनमें काले धुंए का ग़ुबार उठते हुए दिखाई दे रहा है.

    यूक्रेन के खारकीएव प्रांत के एक शहर पर बीती रात हुए एक हमले में तीन लोगों की मौत हुई है और तीन लोग घायल भी हुए हैं. बीते कुछ समय से रूस के हमले बढ़े हैं. रूस बीते कुछ समय से लॉन्ग-रेंज की मिसाइलें दाग़ रहा है और वो ख़ासकर भीड़भाड़ वाली इमारतों को निशाना बना रहा है.

    दोनेत्सक में हुए हुए हमले की जानकारी देते हुए पावेलो कीरिलेंको ने शुक्रवार को बताया कि रूस के हमले में आठ लोगों की मौत हुई है और 13 लोग घायल हो गए हैं.

    इससे पहले गुरुवार को काला-सागर से मिसाइल लॉन्च की गई. इस मिसाइल हमले में कम से कम 23 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हो गए. एक ओर जहां यूक्रेन रूस पर आम नागरिकों को लक्ष्य बनाने का आरोप लगाता रहा है, वहीं रूस की सेना ने इससे साफ़ इनकार किया है.

  20. दीप्ति नवल ने अपने बचपन, फ़िल्में और देश के मौजूदा हालात पर क्या-क्या कहा?

    वीडियो कैप्शन, दीप्ति नवल ने अपने बचपन, फ़िल्में और देश के मौजूदा हालात पर क्या-क्या कहा?

    दिल्ली की उस वक़्त की सादगी भरी ज़िंदगी और उसमें सादगी भरी एक लड़की जो सेल्सगर्ल है और घर घर जाकर चमको नाम का वाशिंग पाउडर बेचती है.

    फ़िल्म चश्मे बद्दूर जब 1981 में रिलीज़ हुई तो दुनिया ने ठीक से दीप्ति नवल नाम की एक नई अभिनेत्री को जाना जो गर्ल नेक्सट डोर की छवि के साथ फ़िल्मों में आई.

    लेकिन कथा, अंगूर, साथ-साथ, किसी से न कहना जैसी फ़िल्मों की इस अभिनेत्री ने जल्द ही गर्ल नेक्सट डोर वाली छवि छोड़ किरदारों की एक नई दुनिया बसाई.

    लेकिन फ़िल्मी दुनिया के इन किरदारों से दूर दीप्ति नवल ने अपनी ज़िंदगी पर एक किताब लिखी है- अ कंट्री कॉल्ड चाइल्डहुड. जैसे कि नाम से ज़ाहिर है ये किताब दीप्ति नवल के बचपन और युवा दिनों के बारे में हैं जो उन्होंने अमृतसर में बिताए.

    दिल्ली की जो छवि मन में दीप्ति नवल की चश्मे बद्दूर देखकर समाई हुई थी, अब दिल्ली वैसी तो नहीं रही लेकिन इसी शहर के एक ख़ूबसूरत इलाक़े में दीप्ति नवल से मुलाक़ात हुई और उनकी किताब पर बातें हुईं.