श्रीलंका की सेना के कमांडरों ने जनता से की शांति की अपील, देशभर में कर्फ्यू

वहीं श्रीलंका की बार एसोसिएशन ने प्रदर्शनकारियों से प्रधानमंत्री कार्यालय खाली करने की अपील की है.

लाइव कवरेज

अभिनव गोयल and दिलनवाज़ पाशा

  1. श्रीलंका में प्रदर्शनकारी जबरन प्रधानमंत्री कार्यालय में घुसने की कर रहे हैं कोशिश

    प्रदर्शन

    श्रीलंका में हज़ारों की संख्या में प्रदर्शनकारी जबरन प्रधानमंत्री कार्यालय में घुसने की कोशिश कर रहे हैं.

    प्रदर्शनकारी कार्यालय के गेट पर चढ़ गए हैं तो कुछ गेट्स को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं.

    कई प्रदर्शनकारी सुरक्षाबलों पर बोतलें फेंक रहे हैं, वहीं पुलिस खड़ी होकर सब कुछ देख रही है.

    प्रदर्शन

    हालांकि प्रधानमंत्री कार्यालय में भारी सुरक्षा तैनात की गई है. पीएम कार्यालय पर भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है और प्रदर्शन उग्र होता जा रहा है.

    प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ जा रहे हैं.

    वहीं राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे के श्रीलंका से भागने के बाद रनिल विक्रमसिंघे कार्यवाहक राष्ट्रपति बन गए हैं और उन्होंने देश में आपातकाल की घोषणा कर दी है.

    श्रीलंका के संविधान के मुताबिक़ 30 दिनों तक रनिल विक्रमसिंघे कार्यवाहक राष्ट्रपति बने रहेंगे.

    प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे गोटा-रनिल सरकार के ख़िलाफ़ हैं और दोनों के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.

    प्रदर्शन
  2. श्रीलंका में राष्ट्रपति भवन में घुसने के लिए लंबी कतार लगी

    पूरी जानकारी दे रहे हैं कोलंबो से बीबीसी संवाददाता नितिन श्रीवास्तव. कैमराः प्रेम भूमिनाथन

  3. श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में प्रदर्शनकारियों के ठीक ऊपर से गुज़र रहा है सैन्य हेलिकॉप्टर

  4. श्रीलंका में प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर बढ़ रहे हैं हज़ारों प्रदर्शनकारी, विक्रमसिंघे से पद छोड़ने की मांग

    श्रीलंका

    श्रीलंका में राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे के देश छोड़ने के बावजूद हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. हज़ारों की संख्या में प्रदर्शनकारी अब कोलंबो में फ़्लावर रोड स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर बढ़ रहा है.

    ये इलाक़ा मुख्य प्रदर्शन केंद्र गॉल फ़ेस ग्रीन से क़रीब 20 मिनट की दूरी पर है.

    राष्ट्रपति राजपक्षे ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि वे 13 जुलाई को त्यागपत्र दे देंगे.

    हालाँकि पीएम रनिल विक्रमसिंघे ने भी सर्वदलीय सरकार बनने के बाद त्यागपत्र देने की बात कही है. लेकिन प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि रनिल विक्रमसिंघे तुरंत पद छोड़ें.

    ऐसा इसलिए है कि राजपक्षे के देश छोड़ने के बाद, श्रीलंका के संविधान के मुताबिक़ 30 दिनों तक रनिल विक्रमसिंघे अपने आप कार्यवाहक राष्ट्रपति बन जाएँगे.

    एक प्रदर्शनकारी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया- अगर आज शाम तक राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री इस्तीफ़ा नहीं देते, तो हम फिर इकट्ठा होंगे और संसद और अन्य सरकारी इमारतों पर क़ब्ज़ा कर लेंगे.

    प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे गोटा-रनिल सरकार के ख़िलाफ़ हैं. दोनों को जाना होगा.

  5. ब्रेकिंग न्यूज़, श्रीलंका में प्रधानमंत्री ने की इमरजेंसी की घोषणा

    श्रीलंका

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    श्रीलंका में राजनीतिक अस्थिरता और अव्यवस्था के बीच प्रधानमंत्री ने इमरजेंसी की घोषणा की है. प्रधानमंत्री कार्यालय में प्रवक्ता ने ये जानकारी दी है.

    प्रवक्ता के मुताबिक़ पश्चिमी प्रांत में कर्फ़्यू भी लगाया गया है. इस बीच राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे देश छोड़कर मालदीव चले गए हैं. उन्होंने पहले ही ये घोषणा की थी कि वे 13 जुलाई को त्यागपत्र दे देंगे.

    पीएम रनिल विक्रमसिंघे ने भी सर्वदलीय सरकार की पैरवी देते हुए कहा था कि वे इस्तीफ़ा देने को तैयार है. इन सबके बीच राजधानी कोलंबो में प्रदर्शनकारी डटे हुए हैं. पुलिस को प्रदर्शकारियों को रोकने के लिए आँसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े.

  6. श्रीलंका में गोटाबाया राजपक्षे के देश छोड़ने के बाद प्रदर्शनकारी फिर सड़कों पर, पुलिस ने दागे आँसू गैस के गोले

    श्रीलंका

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    श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में प्रधानमंत्री कार्यालय के पास से प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस ने आँसू गैस के गोले छोड़े हैं.

    फ़्लावर रोड पर स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय के पास प्रदर्शनकारी नारेबाज़ी और भाषण दे रहे थे.

    हालाँकि राजधानी में आज सरकार विरोधी प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा है. पीएम कार्यालय के अलावा गॉल फेस ग्रीन प्रदर्शन का मुख्य स्थान बना हुआ है, जहाँ दूर दूर से लोग आकर सरकार विरोधी प्रदर्शन में हिस्सा ले रहे हैं.

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    देश छोड़कर भागे राष्ट्रपति

    दूसरी तरफ भारी विरोध-प्रदर्शन के बीच राष्ट्रपति गोटाबाया सैन्य जेट से देश छोड़कर भाग गए हैं.

    बीबीसी का मानना है कि 73 साल के गोटाबाया राजपक्षे मालदीव की राजधानी माले में बुधवार को स्थानीय समय 03:00 बजे पहुँचे हैं.

    गोटाबाया ने इससे पहले घोषणा की थी कि वो आज यानी 13 जुलाई को इस्तीफ़ा दे देंगे.

  7. बुलडोज़र के इस्तेमाल पर जमीयत की याचिका के ख़िलाफ़ योगी सरकार का सुप्रीम कोर्ट में हलफ़नामा

      • Author, सुचित्र मोहंती, बीबीसी हिंदी के लिए
    बुलडोज़र

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    उत्तर प्रदेश सरकार ने बुलडोज़र के मामले में सुप्रीम कोर्ट में हलफ़नामा दाख़िल किया है. बीबीसी को मिली हलफ़नामे के मुताबिक़ उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा है कि जमीयत ग़ैर क़ानूनी काम करने वाले बिल्डर्स को बचाने की योजना बना रही है और इसके लिए वो याचिकाएँ दाखिल करवा रही है.

    उत्तर प्रदेश सरकार ने जमीयत की याचिका को रद्द करने की मांग की है. उत्तर प्रदेश की सरकार ने अपने हलफ़नामे में सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया है कि जमीयत उलेमा ए हिंद छद्म याचिकाएँ दाखिल करा रहा है. हलफ़नामे में यूपी सरकार ने ये भी कहा है कि कानपुर में जिन दो लोगों की संपत्तियों को आंशिक रूप से तोड़ा गया है,

    उन्होंने ख़ुद अवैध निर्माण की बात स्वीकार की थी. सुप्रीम कोर्ट को आज इस मामले में सुनवाई करनी है. पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी को लेकर उत्तर प्रदेश के कानपुर में हिंसा हुई थी. इसके बाद बुलडोज़र से हुई कार्रवाई को लेकर जमीयत ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था और कहा था कि हिंसा को लेकर एक समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है.

    बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा की पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी को लेकर जून में उत्तर प्रदेश के कई शहरों में हिंसा हुई थी. इसके बाद यूपी में बुलडोज़र से कार्रवाई हुई थी. यूपी सरकार का दावा था कि ये कार्रवाई अवैध निर्माण पर हुई थी. लेकिन जमीयत का आरोप है कि एक विशेष समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है.

  8. मोदी सरकार ने वाक़ई राष्ट्रीय चिह्न के शेर को बदल दिया है?

  9. श्रीलंकाः राजपक्षे के देश छोड़ने पर लोग मना रहे जश्न

    प्रदर्शन

    टेसा वॉन्ग

    बीबीसी संवाददाता, कोलंबो

    श्रीलंका में हजारों लोग कोलंबो शहर की सड़कों पर घूम रहे हैं. कई लोग प्रदर्शन करने की मुख्य जगह गॉल फेस ग्रीन में जमा हुए हैं.

    यहां पर लोगों के लिए एक अस्थायी मंच लगाया गया है. अगर किसी को लगता है कि सरकार या किसी नेता ने विश्वासघात किया है तो वो माइक पकड़ कर भाषण दे सकते हैं.

    भाषण के बीच में लोग सिंहला भाषा में 'संघर्ष की जीत' के नारे लगाते हैं.

    प्रदर्शन

    कोलंबो में प्रदर्शन की मुख्य जगह पर बीबीसी ने दो जुड़वां बहनों से बात की. रेशीनी और रेशानी समरकून अपनी मां के साथ विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए दो दिन पहले मालवा से आई हैं.

    रेशीनी कहती हैं, "मुझे लगता है कि वो(राष्ट्रपति राजपक्षे) एक आतंकवादी की तरह है. उन्होंने इतने लंबे समय तक देश को डरा कर रखा है. इसलिए मुझे खुशी है कि वो चले गए हैं लेकिन श्रीलंका की स्थिति को लेकर मैं दुखी हूं."

    रेशीनी की बहन रेशानी समरकून ने कहा कि हमें उम्मीद है कि भविष्य में हम आर्थिक और सामाजिक रूप से एक विकसित देश बन सकते हैं.

    प्रदर्शन
  10. राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे के श्रीलंका छोड़ने पर भारतीय उच्चायोग को क्यों जारी करना पड़ा बयान

    श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे

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    इमेज कैप्शन, श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे

    श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे के देश छोड़ने पर श्रीलंका में भारतीय उच्चायोग ने ट्विटर पर एक बयान जारी किया है.

    बयान में उच्चायोग ने उन मीडिया रिपोर्ट्स का खंडन किया है जिसमें कहा गया है कि गोटाबाया राजपक्षे और पूर्व वित्त मंत्री बासिल राजपक्षे को श्रीलंका से बाहर भेजने में भारत ने मदद की है.

    उच्चायोग ने अपने बयान में श्रीलंका के लोगों का समर्थन करने की अपनी बात को फिर से दोहराया है.

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    भारी विरोध-प्रदर्शन के बीच राष्ट्रपति गोटाबाया सैन्य जेट से देश छोड़कर भाग गए हैं.

    बीबीसी का मानना है कि 73 साल के गोटाबाया राजपक्षे मालदीव की राजधानी माले में बुधवार को स्थानीय समय 03:00 बजे पहुँचे हैं.

    गोटाबाया ने इससे पहले घोषणा की थी कि वो आज यानी 13 जुलाई को इस्तीफ़ा दे देंगे.

    इससे पहले 10 जुलाई को उच्चायोग ने एक बयान जारी कर सोशल मीडिया पर चल रही उन खबरों का खंडन किया था जिसमें कहा जा रहा था कि भारत श्रीलंका में अपनी सेना भेज रहा है.

  11. श्रीनगर में पुलिस टीम पर चरमपंथी हमला, एएसआई की मौत, दो पुलिसकर्मी घायल

    एएसआई मुश्ताक अहमद का पार्थिव शरीर

    इमेज स्रोत, ANI

    इमेज कैप्शन, एएसआई मुश्ताक अहमद का पार्थिव शरीर

    जम्मू-कश्मीर में पुलिस का कहना है कि श्रीनगर के लाल बाज़ार इलाके में मंगलवार को चरमपंथियों ने एक पुलिस टीम पर गोलीबारी की जिसमें एक पुलिस अधिकारी की मौत हो गई और दो पुलिसकर्मी घायल हो गए.

    कश्मीर ज़ोन पुलिस के मुताबिक हमले में एएसआई मुश्ताक अहमद की मौत हो गई.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक अधिकारियों ने बताया कि ये हमला मंगलवार शाम करीब साढ़े सात बजे हुआ.

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    जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्रीनगर में हुए आतंकी हमले की निंदा की है.

    उन्होंने ट्विटर पर लिखा, "हमारे बहादुर जेकेपी(जम्मू-कश्मीर पुलिस) के एएसआई मुश्ताक अहमद के परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदना है. मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं. श्रीनगर में सुरक्षाकर्मियों पर कायरतापूर्ण आतंकी हमले की कड़ी निंदा करता हूं. इस जघन्य कृत्य के दोषियों को जल्द ही न्याय के कटघरे में खड़ा किया जाएगा."

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  12. ट्विटर ने एलन मस्क पर कॉन्ट्रैक्ट रद्द करने के लिए ठोका मुक़दमा

    टेस्ला प्रमुख एलन मस्क

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    इमेज कैप्शन, एलन मस्क

    सोशल मीडिया कंपनी ट्विटर ने टेस्ला प्रमुख एलन मस्क की कंपनी के साथ 44 अरब डॉलर के क़रार को पूरा करवाने के लिए अदालत का रुख किया है.

    ट्विटर ने अमेरिका के डेलावेयर कोर्ट से मांग की है कि वो एलन मस्क को 54.20 डॉलर के हिसाब से प्रति ट्विटर शेयर पर समझौता पूरा करने का आदेश दे.

    ट्विटर ने कानूनी लड़ाई लड़ने का फैसला तब लिया जब शुक्रवार को एलन मस्क ने घोषणा की कि वे ट्विटर को नहीं खरीद रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया है कि क़रार से जुड़ी शर्तों को कई बार तोड़ा गया जिसकी वजह से वो पीछे हट रहे हैं. उन्होंने कहा कि ट्विटर ने फर्जी खातों की संख्या के बारे में जानकारी नहीं दी थी

    एलन मस्क ने ट्विटर को ख़रीदने के लिए अप्रैल में क़रार किया था. ये करार 44 अरब डॉलर में हुआ था. मगर अगले महीने मई में उन्होंने कहा कि ये सौदा "अस्थायी तौर पर होल्ड" पर है क्योंकि वो ट्विटर के फ़ेक और स्पैम खातों की संख्या से संबंधित आँकड़ों की प्रतीक्षा कर रहे हैं.

    मुकदमे में एलन मस्क पर विलय समझौते के उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं. साथ ही कहा गया है कि मस्क इसलिए इस डील से पीछे हटे हैं क्योंकि यह अब उनके व्यक्तिगत हितों को पूरा नहीं करता है.

    ट्विटर के चेयरमेन ब्रेट टेलर ने ट्वीट किया कि माइक्रोब्लॉगिंग साइट एलन मस्क को समझौते के प्रति जो दायित्व हैं उसके लिए जिम्मेदार ठहराना चाहती है.

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    एलन मस्क इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं

    मुकदमे में कहा गया है कि एलन मस्क के डील के लिए सहमत होने के बाद टेस्ला के शेयरों के साथ साथ शेयर बाजार में गिरावट आई है जिससे टेस्ला में उनकी हिस्सेदारी घटी है. एलन मस्क की संपत्ति में नवंबर 2021 के हाई प्वाइंट से 100 बिलियन डॉलर की गिरावट आई है जिसकी वजह से वे इस डील से बाहर आना चाहते हैं.

    साथ ही ये भी कहा गया है कि बाजार में आई मंदी को एलन मस्क खुद नहीं उठाना चाहते बल्कि ट्विटर के शेयरधारकों को ट्रांसफर करना चाहते हैं जो विलय समझौते के खिलाफ है.

    टेस्ला प्रमुख एलन मस्क

    इमेज स्रोत, Getty Images

    कौन हैं एलन मस्क और क्या-क्या करते हैं?

    एलन मस्क वैसे तो एक कार निर्माता कंपनी के मालिक हैं लेकिन उनके काम का दायरा सिर्फ़ भविष्य की कारें बनाने वाली कंपनी तक सीमित नहीं है.

    उनकी कंपनी टेस्ला इलेक्ट्रिक कारों में लगने वाले पुर्ज़े और बैट्रियाँ भी बनाती है जिन्हें दूसरे कार निर्माताओं को बेचा जाता है.

    वे घरों में लगने वाले 'सोलर एनर्जी सिस्टम' बनाते हैं जिसकी माँग वक़्त के साथ बढ़ी है. वे एक अंतरिक्ष अन्वेषण कंपनी भी चलाते हैं. साथ ही वे अमेरिका में 'सुपर-फ़ास्ट अंडरग्राउंड ट्रांसपोर्ट सिस्टम' का ख़ाका तैयार कर रहे हैं.

    आज के समय में एलन मस्क की पहचान एक अमेरिकी उद्यमी के तौर पर है, पर उनका जन्म दक्षिण अफ़्रीका में हुआ था. उनकी माँ मूल रूप से कनाडा की हैं और पिता दक्षिण अफ़्रीका के. मस्क के अनुसार, उन्हें बचपन से ही किताबें पढ़ने का बहुत शौक़ था.

    वे कहते हैं कि 'बचपन में मैं बहुत ज़्यादा शांत रहता था, इस वजह से मुझे बहुत परेशान भी किया गया.'

    10 साल की उम्र में एलन मस्क ने कंप्यूटर प्रोग्रामिंग सीखी और 12 साल की उम्र में उन्होंने 'ब्लास्टर' नामक एक वीडियो गेम तैयार किया जिसे एक स्थानीय मैग्ज़ीन ने उनसे पाँच सौ अमेरिकी डॉलर में ख़रीदा. इसे मस्क की पहली 'व्यापारिक उपलब्धि' कहा जा सकता है.

    साल 2004 में एलन मस्क ने इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला की बुनियाद रखी और उन्होंने कहा, "भविष्य में सब कुछ इलेक्ट्रिक होगा, स्पेस में जाने वाले रॉकेट भी और टेस्ला इस बदलाव को लाने में अहम भूमिका निभायेगी."

    एलन मस्क अक्सर अपने ट्वीट्स के लिए चर्चा में भी आते रहते हैं. उन्होंने ट्विटर खरीदने की जानकारी भी ट्वीट करके ही दी थी.

    एलन मस्क ने ट्विटर को 44 अरब डॉलर में खरीदने का ऑफ़र दिया था. उन्होंने कहा था कि ट्विटर में "जबरदस्त क्षमता" है जिसे वह अनलॉक करेंगे.

    ट्विटर ने जब पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को प्लेटफॉर्म से बैन किया था उसी समय मस्क, जो खुद को "फ्रीडम ऑफ़ स्पीच का बड़ा पक्षधर बताते हैं". उन्होंने कहा था कि वह इस मंच को सुधारना चाहते हैं.

    ट्विटर पर उनके 100 मिलियन यानी 10 करोड़ फॉलोअर्स हैं. वो यहां खूब सक्रिय रहते हैं और कई बार विवादित ट्वीट भी करते हैं.

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