"शॉर्ट-कट की राजनीति करने वाले कभी नए एयरपोर्ट नहीं बनवाएंगे, कभी नए, आधुनिक हाईवेज नहीं बनवाएंगे. शॉर्ट-कट की राजनीति करने वाले कभी एम्स नहीं बनवाएंगे, हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज के लिए मेहनत नहीं करेंगे."
झारखंड के दौरे पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देवघर एयरपोर्ट के उद्घाटन के बाद एक रैली में ये बात कही, "भारत आस्था, अध्यात्म और तीर्थस्थलों की धरती है. तीर्थयात्राओं ने हमें, बेहतर समाज और बेहतर राष्ट्र के रूप में गढ़ा है. हम देवघर को ही देखें तो यहां शिव और शक्ति भी है. ज्योतिर्लिंग और शक्तिपीठ यहां दोनों मौजूद हैं."
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देवघर स्थित बाबा वैद्यनाथ धाम में पूजा अर्चना भी की. उन्होंने कहा, "बाबा वैद्यनाथ धाम हो, काशी विश्वनाथ धाम हो, केदारनाथ धाम हो, अयोध्या धाम हो, रामायण सर्किट हो, भगवान बुद्ध से जुड़े पवित्र स्थान हों, देश में आस्था, अध्यात्म और ऐतिहासिक महत्व से जुड़े हर स्थान में आधुनिक सुविधाएं तैयार की जा रही हैं."
स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "ये हमारी सरकार के लिए बहुत गर्व की बात है कि 15 नवंबर, भगवान बिरसा मुंडा के जन्म दिवस को हमने जनजातीय गौरव दिवस घोषित किया है. धरती आबा बिरसा मुंडा के बेहतरीन और आधुनिक संग्रहालय के निर्माण का सौभाग्य भी हमें ही मिला है."
उन्होंने कहा, "बीते 8 वर्षों में हमने उनको सशक्त किया है, जिनको पहले सिर्फ राजनीतिक नारों में समेट दिया गया था. वो गरीब, वो आदिवासी, वो दलित, वो पिछड़ा, वो बहनें-बेटियां जिनका नंबर हमेशा सबसे अंत में आता था, वो आज हमारी प्राथमिकताओं में पहली पायदान पर हैं."
एनडीए सरकार ग़रीबों के लिए क्या काम कर रही है, इसका जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, "भाजपा की सरकार, एनडीए की सरकार, गरीब की सेवा की भावना से, उनके लिए जी-जान से काम कर रही है. हमारी सरकार गरीब की मुश्किल समझती है, गरीब के सुख-दुख की साथी है. कोरोना के इस कालखंड में, 100 साल की सबसे बड़ी महामारी आई."
"इस दौरान हमारी सरकार ने गरीब को मुफ्त वैक्सीन से लेकर उसके खाने-पीने तक हर चीज़ का ध्यान रखा. आज हमारे देश के सामने एक और ऐसी चुनौती आ खड़ी हुई है, जिसे हर देशवासी को जानना और समझना जरूरी है. ये चुनौती है, शॉर्ट-कट की राजनीति की."
देशवासियों को शॉर्ट-कट की राजनीति से बचकर रहने का आग्रह करते हुए उन्होंने कहा, "बहुत आसान होता है, लोकलुभावन वायदे करके, शॉर्ट-कट अपनाकर लोगों से वोट हासिल करना. शॉर्ट-कट अपनाने वालों को ना मेहनत करनी पड़ती है और ना ही उन्हें दूरगामी परिणामों के बारे में सोचना पड़ता है."
"लेकिन ये बहुत बड़ी सच्चाई है कि जिस देश की राजनीति शॉर्ट-कट पर आधारित हो जाती है, उसका एक ना एक दिन शॉर्ट-सर्किट भी हो जाता है. देशवासियों को शॉर्ट-कट की राजनीति से बचकर रहने का आग्रह कर रहा हूं. शॉर्ट-कट की राजनीति करने वाले कभी नए एयरपोर्ट नहीं बनवाएंगे, कभी नए, आधुनिक हाईवेज नहीं बनवाएंगे. शॉर्ट-कट की राजनीति करने वाले कभी एम्स नहीं बनवाएंगे, हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज के लिए मेहनत नहीं करेंगे."