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नोवाक जोकोविच ने जीता विंबलडन का ख़िताब, 7वीं बार बने चैंपियन

जोकोविच ने किर्यास को 4-6, 6-3, 6-4, 7-6 (3) से हराकर सातवीं बार यह प्रतिष्ठित ग्रैंड स्लैम जीता है.

लाइव कवरेज

कमलेश मठेनी

  1. श्रीलंका संकट: जब प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति भवन के किचन में खाया खाना, आंखों देखा हाल

    श्रीलंका अपने इतिहास के सबसे बुरे आर्थिक दौर से गुज़र रहा है लेकिन शनिवार को श्रीलंका में जो कुछ हुआ, उसे आने वाले कल में लंबे समय तक याद रखा जाएगा.

    शनिवार को श्रीलंका में कुछ ऐसा हुआ जिसकी पृष्ठभूमि तो महीनों से तैयार हो रही थी लेकिन शायद ही किसी ने कल्पना की होगी कि नाराज़ लोग राष्ट्रपति भवन और प्रधानमंत्री के निजी आवास में घुस जाएंगे.

    राष्ट्रपति भवन के अंदर दाख़िल होकर तोड़फोड़ करेंगे और पीएम के निजी आवास को आग लगा देंगे.

    लेकिन ये सब कुछ कल श्रीलंका में हुआ. शनिवार को आम लोगों ने संभवत: पहली बार यह भी अनुभव किया कि राष्ट्रपति कैसे रहते हैं. उनके 'महल' में किस-किस तरह की सुविधा होती है.

    बीबीसी के संवाददाता रंजन अरुण प्रसाद ने राष्ट्रपति भवन का दौरा किया. आप भी पढ़ें उन्होंने वहां क्या-क्या देखा.

  2. विंबलडन की नई चैंपियन एलिना जीत के बाद बोलीं- जश्न का इज़हार कैसे करें?

    विंबलडन में महिलाओं का सिंग्ल्स ख़िताब जीतने वालीं एलेना रिबाकीना ने कहा है कि वो समझ नहीं पा रही हैं कि जीत का जश्न कैसे मनाएं.

    कज़ाख़स्तान की एलेना ने शनिवार को खेले गए फ़ाइनल मुक़ाबले में ट्यूनीशिया की ओन्स जैबु को मात दी. एलिना ने ये मुक़ाबला 3-6,6-2,6-2 से जीता.

    एलिना 23 साल की हैं. उन्होंने पहली बार ग्रैंड स्लैम खिताब जीता है. वो कोई मैच जीतने के बाद बाकी खिलाड़ियों की तरह जश्न नहीं मनाती हैं. सिर्फ़ अपना दायां हाथ उठाकर खुशी का इज़हार करती हैं.

    फ़ाइनल में हार झेलने के बाद ओन्स ने मज़ाक में कहा कि वो नई चैंपियन को सिखाएंगी कि ठीक से ‘जश्न का इज़हार कैसे करें?’

    विंबलडन में आज (रविवार को) पुरुषों के सिंगल्स का फ़ाइनल खेला जाएगा. इस मैच में सर्बिया के नोवाक जोकोविच और निक किर्यास का मुक़ाबला होगा.

    जोकोविच 20 ग्रैंड स्लेम जीत चुके हैं. उनकी नज़र 21वें खिताब पर है. वहीं, निक की नज़र पहले ख़िताब पर है.

  3. भारत बनाम इंग्लैंड: विराट कोहली बन गए हैं टीम इंडिया की सबसे कमज़ोर कड़ी?

    बर्मिंघम ट्वेंटी-20 मैच से ठीक पहले एक बेहद दिलचस्प नज़ारा इस लेखक को स्टेडियम के बाहर देखने को मिला.

    टीम इंडिया की बस एजबेस्टन के गेट नंबर-3 जो कि वीआईपी गेट है, वहां आकर रुकती है और टीम बस के एक गेट से रोहित शर्मा अकेले निकलते हैं तो दूसरे गेट से विराट कोहली, कोच राहुल द्रविड़ के साथ.

    कोहली और द्रविड़ के बीच किसी गंभीर मुद्दे पर चर्चा हो रही है और वो अंदर जाते है.

    ये अपने आप में एक अनूठी बात थी क्योंकि अब तक हर दिन जब भी टीम इंडिया बस से उतरकर मैदान में प्रवेश करती थी तो कोहली अकेले होते थे और द्रविड़ अकेले. लेकिन, दूसरे टी-20 मैच से पहले गहन चर्चा इस बात पर हो रही थी कि रोहित शर्मा का ओपनिंग पार्टनर कौन होगा.

    कयास ये लगाये जा रहे थे कि ईशान किशन की जगह कोहली ओपनर की भूमिका निभा सकते हैं. वो पिछले साल इंग्लैंड के ख़िलाफ़ घरेलू सीरीज़ में रोहित के साथ ओपनिंग कर चुके हैं. लेकिन, द्रविड़ ने शायद कोहली को मैच से पहले ये समझा लिया कि उन्हें नंबर-3 पर ही बल्लेबाज़ी करनी होगी और वो ऋषभ पंत को टेस्ट क्रिकेट के अंदाज़ में बल्लेबाज़ी करने के लिए कहेंगे.

  4. यूट्यूबर गौरव तनेजा नोएडा मेट्रो में जन्मदिन मनाने पहुंचे थे, हो गए गिरफ़्तार

    'फ्लाइंग बीस्ट' के नाम से मशहूर यूट्यूबर गौरव तनेजा को गिरफ़्तार किए जाने के कुछ ही घंटों के बाद ज़मानत दे दी गई है.

    समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, नोएडा पुलिस ने उन्हें शनिवार को गिरफ़्तार किया था.

    शनिवार को नोएडा के सेक्टर 51 मेट्रो स्टेशन पर उनके फैंस इतनी बड़ी संख्या में इकट्ठा हो गए थे कि वहां ट्रैफ़िक जाम की समस्या खड़ी हो गई थी.

    एएनआई का कहना है कि गौरव तनेजा ने अपना जन्मदिन मनाने के लिए मेट्रो कोच बुक किया था. गौरव तनेजा की पत्नी ने कथित रूप से उनका जन्मदिन मनाने के लिए लोगों से वहां आने की अपील की थी.

    उन्हें सीआरपीसी की धारा 144 और आईपीसी की धारा 188 (सरकारी आदेश की अवहेलना) के उल्लंघन के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था. नोएडा में घटना के समय प्रशासन ने ये धारा लागू कर रखी थी.

  5. बोरिस जॉनसन के इस्तीफ़े पर क्या कह रहे हैं एशियाई मूल के लोग

    ब्रिटेन में बड़ी संख्या में भारतीय और पाकिस्तानी समेत दक्षिण एशियाई मूल के लोग रहते हैं.

    उनका बोरिस जॉनसन के इस्तीफ़े पर क्या कहना है. बीबीसी संवाददाता गगन सभरवाल ने कुछ लोगों से बात की.

  6. ईरान ने अमेरिका को लेकर कहा- अरब देशों में विदेशियों के आने से बढ़ेगा तनाव

    ईरान के विदेश मंत्री ने शनिवार को कहा ईरान के ड्रोन और मिसाइल के ख़तरे से निपटने के लिए अमेरिका और इसराइल की अरब देशों के साथ सुरक्षा समझौते की योजना से सिर्फ़ इस क्षेत्र में तनाव बढ़ेगा.

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नास्सेर केनानी ने कहा, ''इस इलाक़े में विदेशियों के आने से सुरक्षा और स्थिरता नहीं आएगी बल्कि ये तनाव और क्षेत्रीय टकराव का कारण बनेगा.''

    सूत्रों के मुताबिक अमेरिका और इसराइल अरब देशों के साथ एक सुरक्षा गठबंधन पर काम कर रहे हैं जो उनकी वायु रक्षा प्रणाली को जोड़ेगा ताकि ईरान के ड्रोन और मिसाइल से निपटा जा सके.

    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की अगले हफ़्ते मध्य पूर्वी देशों की यात्रा से पहले व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने गुरुवार को कहा था कि ईरान के ख़तरे को देखते हुए अमेरिकी अधिकारी अरब देशों के साथ वायु सुरक्षा क्षमताओं को एकीकृत तरीक़ों पर चर्चा कर रहे हैं. जो बाइडन की इस यात्रा की शुरुआत इसराइल से होने वाली है.

    लेकिन, केनानी ने कहा, "अमेरिका ऐसे मुद्दों को सिर्फ़ इसलिए उठाता है ताकि ईरानोफोबिया फै़ला सके और इस क्षेत्र में देशों को बांट सके."

  7. दुनिया के सामने आने वाला ये संकट टलेगा या रहेगा

    क्या दुनिया में आर्थिक मंदी आने वाली है या जो चिंताएं जताई जा रही हैं, उनमें कोई ख़ास दम नहीं है?

    इससे जुड़े सवालों के जवाब...

  8. मुसलमानों ने अदा की ईद-उल-अज़हा की नमाज, पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं

    दिल्ली की जामा मस्जिद में रविवार को ईद-उल-अज़हा यानी बक़रीद के मौके पर बड़ी संख्या में मुसलमानों ने नमाज अदा की.

    इसके अलावा दिल्ली में ही सीलमपुर की उमर मस्जिद और फतेहपुर मस्जिद में भी नमाज पढ़ी गई.

    वहीं, जम्मू में ईदगाह और श्रीनगर की पालपोरा मस्जिद में भी नमाजी त्योहार के मौके पर इकट्ठा हुए.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों को इसकी शुभकामना दी है.

    ईद-उल-अज़हा या ईद-उज़-ज़ोहा, ये ईद इस्लामिक कैलेंडर के आख़िरी महीने ज़िलहिज्ज की दसवीं तारीख़ को मनाया जाता है. हालांकि, हर साल इस त्योहार की तारीख़ बदल जाती है.

    ये ईद हजरत मोहम्मद के पूर्वज हजरत इब्राहिम की क़ुर्बानी को याद करने के लिए मनाई जाती है.

    मुसलमानों का विश्वास है कि अल्लाह ने इब्राहिम की भक्ति की परीक्षा लेने के लिए अपनी सबसे प्यारी चीज़ की क़ुर्बानी मांगी. इब्राहिम ने अपने जवान बेटे इस्माइल को अल्लाह की राह में क़ुर्बान करने का फ़ैसला कर लिया.

    लेकिन वो जैसे ही अपने बेटे को क़ुर्बान करने वाले थे अल्लाह ने उनकी जगह एक दुंबे को रख दिया. अल्लाह केवल उनकी परीक्षा ले रहे थे.

    दुनिया भर में मुसलमान इसी परंपरा को याद करते हुए ईद-उज़-ज़ोहा या ईद-उल-अज़हा मनाते हैं. इस दिन किसी जानवर (जानवर कैसा होगा इसकी भी ख़ास शर्ते हैं) की क़ुर्बानी दी जाती है. इसीलिए भारत में इसे बक़रीद भी कहा जाता है.

    इस ईद का संबंध हज से भी है जब दुनिया के लाखों मुसलमान हर साल पवित्र शहर मक्का जाते हैं. बकरे की क़ुर्बानी हज का एक अहम हिस्सा है.

  9. सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस को एएमयू देना चाहता है मानद उपाधि, लेकिन कहां फंसी है बात, वाईएस जगन मोहन रेड्डी आजीवन रहेंगे पार्टी के अध्यक्ष, मोहम्मद ज़ुबैर के ख़िलाफ़ एक और मामला, भारत में यूक्रेन के राजदूत की छुट्टी, साथ में आज के अख़बारों की अन्य अहम सुर्खियां.

    अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान को उनकी सेवाओं और वैश्विक योगदान के लिए डी.लिट. की उपाधि देने के लिए केंद्र सरकार से अनुमति मांगी है.

    इंडियन एक्सप्रेसकी ख़बर के अनुसार, विश्वविद्यालय की ओर से बीते साल सितंबर महीने में विदेश मंत्रालय को इस संबंध में पहली बार प्रस्ताव भेजा गया था.

    इसके बाद विदेश मंत्रालय ने विश्वविद्यालय से उन विदेशी नामों की लिस्ट मांगी थी, जिन्हें यूनिवर्सिटी ने अभी तक मानद उपाधि दी है.

    यूनिवर्सिटी की ओर से अक्टूबर 2021 में ही उन नामों की सूची मंत्रालय को सौंप दी गई थी. इसके बाद एएमयू ने जनवरी महीने में भी अपने प्रस्ताव को लेकर एक बार फिर अनुमति की मांग दोहराई थी.

  10. सऊदी अरब के दौरे से पहले राष्ट्रपति जो बाइडन ने अमेरिकी लोगों से क्या कहा

    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने शनिवार को कहा कि अगले हफ़्ते होने वाले सऊदी अरब दौरे में ''रणनीतिक साझेदारी मजबूत'' करना उनका लक्ष्य होगा लेकिन ऐसा करते हुए वो ''बुनियादी अमेरिकी मूल्यों'' को भी बनाए रखेंगे.

    उन्होंने वॉशिंग्टन पोस्ट अख़बार के एक लेख में लिखा, ''मैं जानता हूं कि कई लोग सऊदी अरब जाने के मेरे फ़ैसले से असहमत होंगे. मानवाधिकार पर मेरे विचार साफ़ हैं और लंबे समय से बने हुए हैं. जब भी मैं विदेश यात्रा करता हूं तो मूलभूत स्वतंत्रता हमेशा मेरे एजेंडे में रहती है और वो इस दौरे पर भी रहेगी.''

    जो बाइडन ने लिखा, ''एक राष्ट्रपति के तौर पर ये मेरा कर्तव्य है कि मैं हमारे देश को मजबूत और सुरक्षित रखूं. हमें रूस की आक्रामकता का जवाब देना होगा. वहीं, चीन को पीछे रखने के लिए हमें सबसे बेहतर संभावित स्थिति में रहना होगा. ऐसा करने के लिए हमें उन देशों के साथ सीधे तौर पर जुड़ना होगा जो इन स्थितियों को प्रभावित कर सकते हैं. सऊदी अरब उनमें से एक है. जब मैं शुक्रवार को सऊदी नेताओं से मिलूंगा तो मेरा लक्ष्य रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना होगा.''

    जो बाइडन के सऊदी अरब दौरे में तेल की बढ़ती कीमतों के बीच तेल उत्पादन बढ़ाने पर ज़ोर देने की उम्मीद है. हालांकि, इससे सऊदी अरब को लेकर उनका बदलता रुख नज़र आता है. इससे पहले सऊदी अरब के पत्रकार जमाल ख़ाशोज्जी की हत्या के बाद वो सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से दूरी बनाते हुए नज़र आए थे.

    उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव के दौरान जमाल ख़ाशोज्जी की हत्या के लिए सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस की अलोचना की थी. अमेरिकी खुफ़िया एजेंसियों का कहना था कि मोहम्मद बिन सलमान ख़ाशोज्जी की हत्या के मास्टरमांइड हैं. हालांकि, सऊदी अरब ने इस बात से इनकार किया था.

    पिछले महीने जो बाइडन ने सऊदी दौरे पर क्राउन प्रिंस से दूरी बनाने रखने के संकेत भी दिए थे. उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया था कि वो सऊदी दौरे में किंग सलमान और उनकी टीम से मिलेंगे. लेकिन, बाद में व्हाइट हाउस ने साफ़ कर दिया कि बाइडन अपने दौरे में क्राउन प्रिंस से भी मिलने वाले हैं.

  11. श्रीलंका के हालात पर अमेरिका ने दी चेतावनी, कहा- संकट का हल....

    अमेरिका ने रविवार को श्रीलंका के नेताओं से संकट के दीर्घकालीन हल के लिए जल्द कदम उठाने की अपील की है.

    शनिवार को राष्ट्रपति गोटाबया राजपक्षे को अपना सरकारी आवास छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा था और उसके बाद उन्होंने इस्तीफ़े का एलान कर दिया है.

    अमेरिका का ये संदेश श्रीलंका में शनिवार को हुए घटनाक्रम के बाद आया है. समाचार एजेंसी एएफ़पी की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन इस समय थाईलैंड के दौरे पर हैं.

    अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, "श्रीलंका की संसद को इन हालात में देश की बेहतरी के लिए, न कि किसी राजनीतिक दल के लिए प्रतिबद्धता लेकर कदम उठाना चाहिए. हम इस सरकार या संवैधानिक रूप से चुनी गई किसी नई सरकार से तेज़ी से काम करने की अपील करते हैं ताकि संकट का हल तलाशा जा सके और उस पर अमल हो. इससे श्रीलंका में लंबे समय के लिए आर्थिक स्थिरता आएगी और बिगड़ती आर्थिक स्थिति, भोजन और ईंधन की कमी को लेकर श्रीलंका के लोगों का जो असंतोष है, उसका हल निकाला जा सकेगा."

  12. जापान में पुलिस ने माना, शिंज़ो आबे की सुरक्षा में थीं खामियां

    जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंज़ो आबे की हत्या मामले में पुलिस ने माना है कि पूर्व प्रधानमंत्री की सुरक्षा में खामियां थीं. शिंज़ो आबे की शुक्रवार को दक्षिणी शहर नारा में अपर हाउस के लिए चुनाव प्रचार के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.

    गोली लगने के बाद उन्हें कार्डियक अरेस्ट भी हुआ. बाद में अस्पताल में उनका निधन हो गया. नारा पुलिस प्रमुख तुमोआकी ओनिज़ुका ने कहा, ''इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि सुरक्षा में समस्याएं थीं.''

    शिंज़ो आबे पर चुनाव प्रचार के दौरान हुए इस हमले ने पूरे जापान को झकझोर दिया है. पुलिस का कहना है कि 41 साल के संदिग्ध तेत्सुया यामागामी एक 'विशेष संस्था' से अपना बदला लेना चाहते थे.

    जापानी मीडिया ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि यामागामी का मानना था कि एक धार्मिक समूह ने उनकी मां को आर्थिक तौर पर बर्बाद कर दिया था. संदिग्ध के अनुसार शिंज़ो आबे उस धार्मिक समूह से जुड़े हैं.

    वहीं, जापान में अपर हाउस के लिए रविवार को मतदान किया जाएगा. शिंज़ो आबे की हत्या के बाद भी चुनाव प्रक्रिया जारी रखने का फ़ैसला लिया गया था.

    विशेषज्ञों का कहना है कि शिंज़ो आबे की मौत के बाद उनकी पार्टी सत्ताधारी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए समर्थन बढ़ेगा. चुनाव को लेकर शनिवार को भी प्रचार जारी रहा. हालांकि, सुरक्षा पहले से ज़्यादा कड़ी की गई थी.

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