पत्रकार मोहम्मद ज़ुबैर की गिरफ़्तारी पर राहुल गांधी और सीताराम येचुरी ने क्या कहा
ऑल्ट न्यूज़ के सह संस्थापक मोहम्मद ज़ुबैर की गिरफ़्तारी पर प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं.
लाइव कवरेज
भूमिका राय and विभुराज
महाराष्ट्र में सियासी संकट: जानिए क्या कहता है दल-बदल क़ानून
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महाराष्ट्र की राजनीति में आए सियासी भूचाल ने एक बार फिर से भारत के दल बदल क़ानून की ओर लोगों का ध्यान खींचा है.
महाराष्ट्र के सत्तारूढ़ गठबंधन महाविकास अघाड़ी के प्रमुख घटक शिवसेना के 55 में से 39 विधायक बाग़ी हो गए हैं. ये विधायक अपने नेता एकनाथ शिंदे के साथ गुवाहाटी के पांच सितारा होटल में है.
इस विद्रोह की वजह से शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे अपने जीवन के सबसे कठिन दौर से गुज़र रहे हैं.
दो-तिहाई विधायकों का समर्थन होने की वजह से एकनाथ शिंदे, महाविकास अघाड़ी से बाहर निकलने के लिए अलग दल बनाने का प्रयास कर रहे हैं. शिंदे दावा कर रहे हैं कि ऐसा करना पूरी तरह क़ानूनी होगा.
दूसरी तरफ़ शिव सेना ने बाग़ी विधायकों को अपात्र घोषित करने के लिए क़दम आगे बढ़ा दिए हैं. दोनों ही गुट अपने-अपने दावे कर रहे हैं. अब मामला सुप्रीम कोर्ट में है. लेकिन क्या ये मुमकिन है?
एकनाथ शिंदे और शिवसेना के दूसरे असंतुष्ट विधायकों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या-क्या कहा
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सुप्रीम कोर्ट ने अपने अंतरिम आदेश में एकनाथ शिंदे और दूसरे बाग़ी विधायकों को डिप्टी स्पीकर की डिसक्वॉलिफिकेशन नोटिस पर जवाब देने के लिए 11 जुलाई तक की मोहलत दी है.
डिप्टी स्पीकर ने शिवसेना के असंतुष्ट विधायकों को डिसक्वॉलिफिकेशन नोटिस पर जवाब दाखिल करने के लिए सोमवार तक का समय दिया था.
बाग़ी विधायक अब डिप्टी स्पीकर की याचिका पर 11 जुलाई की शाम 5:30 बजे तक अपना जवाब दे सकेंगे. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इस समय तक असंतुष्ट विधायकों के ख़िलाफ़ कोई फ़ैसला नहीं लिया जाएगा.
सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को शिवसेना के 39 बाग़ी विधायकों और उनके परिजनों के जानोमाल और स्वतंत्रता की रक्षा करने का निर्देश दिया है. महाराष्ट्र सरकार के वकील ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि असंतुष्ट विधायकों की सुरक्षा के लिए ज़रूरी कदम पहले ही उठा लिए गए हैं और राज्य सरकार आगे ये सुनिश्चित करेगी कि किसी भी विधायक के जीवन, स्वतंत्रता और संपत्ति को कोई नुक़सान नहीं पहुंचेगा.
महाराष्ट्र संकट पर सुप्रीम कोर्ट ने बाग़ी विधायकों से पूछा है कि डिप्टी स्पीकर के डिसक्वॉलिफिकेशन नोटिस के ख़िलाफ़ बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाज़ा क्यों नहीं खटखटाया.
सुप्रीम कोर्ट ने डिप्टी स्पीकर के ख़िलाफ़ बाग़ी विधायकों द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस पर भी उनसे हलफनामा दाखिल करने को कहा है.
सुप्रीम कोर्ट ने 16 बाग़ी विधायकों के ख़िलाफ़ जारी किए गए डिस्क्वॉलिफिकेशन नोटिस पर भी डिप्टी स्पीकर को अपना जवाब दाखिल करने को कहा है.
सुप्रीम कोर्ट ने बाग़ी विधायकों की उस याचिका पर कोई अंतरिम आदेश जारी करने से इनकार दिया जिसमें महाराष्ट्र विधानसभा में 11 जुलाई तक शक्ति परीक्षण न कराए जाने की मांग की गई थी.
चीन ने कोशिश की लेकिन ब्रिक्स के एक सदस्य ने रोक दिया: पाकिस्तान
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पाकिस्तान ने कहा है कि ब्रिक्स समिट से अलग वैश्विक विकास पर एक उच्चस्तरीय संवाद में चीन ने उसे भी शामिल करने की कोशिश की थी लेकिन एक सदस्य देश ने पाकिस्तान की हिस्सेदारी को रोक दिया.
पिछले 23 और 24 जून को ब्रिक्स देशों की वर्चुअल बैठक हुई थी. 24 जून को ही ब्रिक्स से अलग वैश्विक विकास पर एक उच्चस्तरीय संवाद था. इसी को लेकर पाकिस्तान का कहना है कि चीन उसे बुलाना चाहता था.
ब्रिक्स (BRICS) में ब्राज़ील, रूस, इंडिया, चाइना और दक्षिण अफ़्रीका हैं. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि चीन उसे ग़ैर-सदस्य के तौर पर इस बैठक में आमंत्रित करना चाहता था लेकिन दुर्भाग्य से एक सदस्य देश ने रोक दिया. इस बैठक में कम से कम दो दर्जन वैसे देश शामिल हुए थे, जो ब्रिक्स के सदस्य नहीं हैं.
पाकिस्तान ने उम्मीद जताई है कि भविष्य में ब्रिक्स समावेशी के सिद्धांत के तहत विकासशील देशों के हितों को प्राथमिकता देगा और संकीर्ण राजनीति से ऊपर उठेगा.
ब्रेकिंग न्यूज़, एकनाथ शिंदे की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों को जारी किया नोटिस, अगली सुनवाई 11 जुलाई को
....में
Author, सुचित्र मोहंती, बीबीसी हिंदी के लिए
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एकनाथ शिंदे और अन्य असंतुष्ट विधायकों की याचिका पर डिप्टी स्पीकर, सुनील प्रभु और अजय चौधरी को नोटिस जारी किया है.
सुप्रीम कोर्ट ने सभी पार्टियों को पांच दिनों के भीतर जवाबी हलफनामा दायर करने के लिए कहा है.
एकनाथ शिंदे के कैंप को उन जवाबी हलफनामों पर अपना पक्ष रखने के लिए तीन दिन की मोहलत दी गई है.
इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए अगली तारीख 11 जुलाई को तय की है.
एकनाथ शिंदे और अन्य असंतुष्ट विधायकों ने अपनी याचिका
में मांग की थी कि विधायकों को अयोग्य करार देने की प्रक्रिया शुरू करने का नोटिस, अविश्वास प्रस्ताव ख़ारिज करने और विधायक दल के नेता के चयन के तीन मुद्दों पर
सुप्रीम कोर्ट तुरंत हस्तक्षेप करे.
याचिकाकर्ताओं की ओर से कोर्ट में पेश हुए वरिष्ठ वकील
नीरज किशन कौल ने कोर्ट में दलील दी कि जब उन्हें हटाने का प्रस्ताव लंबित है तो
उपाध्यक्ष अयोग्यता की कार्यवाही को आगे नहीं बढ़ा सकते है.
सुप्रीम कोर्ट के
चीफ़ जस्टिस सूर्य कांत ने याचिकाकर्ताओं के वकील से सवाल पूछा कि आप हाई
कोर्ट क्यों नहीं गए?
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इस पर बाग़ी विधायकों के वकील ने कहा कि मुंबई में अपने अधिकारों का प्रयोग करने के लिए माहौल अनुकूल नहीं है. उन्होंने इस बात के संदर्भ में संजय राउत के एक बयान का हवाला भी दिया.
इस दौरान शिंदे गुट की ओर से हाज़िर हुए वकील नीरज किशन कौल ने अपनी दलील में कहा-
विधायकों के घरों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, उनसे जुड़ी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जा रहा है
2019 में शिंदे को निर्विरोध समूह का नेता चुना गया था.अब जबकि 40 विधायक उनके साथ हैं, तो उन्होंने एकनाथ शिंदे को अपने गुट का नेता चुना है
एकनाथ शिंदे ने अपनी याचिका में दावा किया है कि मौजूदा सरकार अल्पमत में है क्योंकि शिवसेना के 38 विधायकों ने महाविकास अघाड़ी से अपना समर्थन वापस ले लिया है.
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मलयालम एक्टर विजय बाबू को यौन हमले के आरोप में केरल पुलिस ने गिरफ़्तार किया
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मलयालम सिनेमा के एक्टर और प्रोड्यूसर विजय बाबू को कथित यौन हमले के आरोप में सोमवार को गिरफ़्तार कर लिया गया.
समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, विजय बाबू केरल हाई कोर्ट के आदेश के बाद एर्नाकुलम टाउन साउथ पुलिस स्टेशन पर पूछताछ के लिए हाजिर हुए थे.
हालांकि केरल हाई कोर्ट ने उन्हें अग्रिम जमानत दे दी है और माना जा रहा है कि पुलिस उन्हें इसके बाद जल्द ही छोड़ देगी.
रिपोर्टें हैं कि विजय बाबू की रिहाई से पहले पुलिस उस जगह से जहां कथित रूप से घटना घटी है, वहां से सबूत इकट्ठा करेगी.
अदालत ने विजय बाबू को जांच में सहयोग के लिए आदेश दिया था और उन्हें ये भी कहा गया था कि वे सोशल मीडिया या अन्य किसी समाचार माध्यम से इस मामले पर बातचीत नहीं करेंगे.
निरहुआः भोजपुरी फ़िल्मों के स्टार से आज़मगढ़ के 'हीरो' तक
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तब खुद उन्हें सपने में भी ख्याल नहीं आया होगा कि नौ साल बाद वो उसी लोकसभा सीट चुनाव जीतेंगे जिस पर खुद मुलायम सिंह विराजमान हैं. हालांकि, 2019 में भी उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ था लेकिन वो हार गए.
अब अखिलेश यादव के लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफ़ा देने के बाद ये सीट खाली हो गई थी और बीजेपी ने निरहुआ को फिर से उम्मीदवार बनाया. लेकिन, इस बार निरहुआ विजेता बनकर निकले.
27 मार्च 2019 को निरहुआ ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ली थी. दो अप्रैल को सरकार ने उन्हें वाई-श्रेणी की सुरक्षा देने का ऐलान किया और 3 अप्रैल को पार्टी ने उन्हें समाजवादी क़िला कहे जाने वाले आज़मगढ़ लोकसभा सीट से उम्मीदवार घोषित कर दिया था.
उसी दिन उन्होंने साफ़ किया कि अखिलेश यादव भाई जैसे हैं लेकिन सिर्फ़ यादव होने के चलते उन्हें समर्थन देना मेरी फ़ितरत नहीं. और ये भी कि वे 'अखिलेश भक्त' नहीं 'देश भक्त' हैं.
बालासाहब ठाकरे और छगन भुजबल का नाम लेकर एकनाथ शिंदे गुट ने उद्धव सरकार को घेरा
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महाराष्ट्र में राजनीतिक उठापटक के बीच शिंदे गुट के एक नेता ने बाला साहब ठाकरे का नाम लेकर विरोधियों पर निशाना साधा है.
अपने गुट के नेता के इस वीडियो को बाग़ी गुट का नेतृत्व कर रहे एकनाथ शिंदे ने ट्वीट किया है.
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अपने इस बयान में बाग़ी गुट के नेता सुभाष साबणे कह रहे हैं, "शिवसेना प्रमुख बालासाहब ठाकरे को गिरफ़्तार करने वाले छगन भुजबल के साथ कैबिनेट मीटिंग में बैठकर आपको दर्द नहीं होता क्या?"
सुभाष साबणे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को संबोधित करते हुए यह सवाल कर रहे हैं.
छगन भुजबल महाराष्ट्र के महाविकास अघाड़ी गठबंधन में सहयोगी पार्टी एनसीपी के नेता हैं.
हालांकि इससे पहले भी एक बाग़ी नेता ने बाला साहब का नाम लेकर विरोधियों पर निशाना साधा था.
एकनाथ शिंदे ने अपने गुट के इस नेता के भी वीडियो संदेश को ट्वीट किया था.
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बाग़ी दल के नेता कह रहे हैं, "बाला साहेब, उनके हिंदुत्व के विचारों को बचाने के लिए और शिवसेना को बचाने के लिए अगर मौत तक भी आ जाए तो भी कोई परवाह नहीं. अगर ऐसा होता भी है तो यह हमारा सौभाग्य होगा."
बाग़ी गुट के ये नेता आगे कहते हैं कि मुंबई में बम धमाके कराके बेकसूर मुंबईवासियों की जान लेने वाले दाऊद से सीधे संबंध रखने वालों का बालासाहब ठाकरे की शिवसेना आख़िर कैसे साथ दे सकती है?
उन्होंने दावा किया कि इन्ही सब बातों को ध्यान में रखते हुए, अपना विरोध दर्ज कराने के लिए हमने ये क़दम उठाया है.
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एनसीपी और कांग्रेस ने स्पष्ट किया अपना पक्ष
महाराष्ट्र के ताज़ा राजनीतिक संकट के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अध्यक्ष शरद पवार ने एक बार फिर साफ़ किया है कि वे उद्धव ठाकरे की सरकार का आख़िरी वक़्त तक समर्थन करना जारी रखेंगे.
शरद पवार ने एकनाथ शिंदे और उनके साथ बाग़ी हुए विधायकों पर एनसीपी से परेशान होने की बात को महज़ एक बहाना क़रार दिया है.
समाचार एजेंसी एएनआई ने पवार के हवाले से बताया है, "एकनाथ शिंदे और उनके साथ (गुवाहाटी) गए अन्य विधायकों ने एक नया गठबंधन बनाने की बात कही है, लेकिन एनसीपी और कांग्रेस की नीति अपने गठबंधन की सरकार का समर्थन करने को लेकर बिल्कुल स्पष्ट है."
उद्धव ठाकरे ने एकनाथ शिंदे समेत कई बाग़ी मंत्रियों से छीने उनके विभाग
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शिवसेना के कई बाग़ी मंत्रियों से उनके विभाग छीन लिए हैं. मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक़ इनकी जगह दूसरे मंत्रियों को ये विभाग दे दिए गए हैं.
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एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना के बाग़ी विधायक इस समय असम के गुवाहाटी में हैं. शिंदे का दावा है कि शिवसेना के ज़्यादातर विधायक उनके साथ हैं और उद्धव ठाकरे की सरकार अल्पमत में आ गई है. मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक़ मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मंत्रियों के विभागों में फेरबदल इसलिए किया है, ताकि जनहित के मुद्दों की उपेक्षा या अनदेखी न हो.
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एकनाथ शिंदे से शहरी विकास और लोक कल्याण विभाग छीनकर सुभाष देसाई को दे दिया गया है. उद्धव ठाकरे ने गुलाबराव पाटिल से जल आपूर्ति और सैनिटेशन विभाग छीनकर अनिल परब को दे दिया है. जबकि कृषि विभाग संदीपनराव भूमरे को दे दिया गया है. पहले ये विभाग दादाजी भूसे के पास था. उदय सामंत से उच्च और तकनीकी शिक्षा विभाग लेकर आदित्य ठाकरे को दे दिया गया है.
संजय राउत को प्रवर्तन निदेशालय ने भेजा समन, कल पेश होने का आदेश
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प्रवर्तन निदेशालय ने शिवसेना
नेता संजय राउत को समन भेजा है. प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें मंगलवार को पेश होने का आदेश
दिया है.
संजय राउत ने भी इस बात की पुष्टि की है. उन्होंने ट्वीट किया है- "अब मैं समझ गया हूँ कि ईडी ने मुझे समन भेजा है. यह साज़िश चल रही है."
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इससे पहले भी ईडी ने राउत के खिलाफ़ कार्रवाई की थी.
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने संजय राउत से जुड़ी संपत्तियों को ज़ब्त किया था. ईडी पत्रा चॉल से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में संजय राउत के ख़िलाफ़ जाँच कर रही थी.
पत्रा चाल का पुनर्विकास साल 2008 में शुरू हुआ था लेकिन ये अब तक पूरा नहीं हो सका है. इस प्रोजेक्ट में 1038 करोड़ रुपए की कथित हेरफेर की जाँच ईडी कर रही है.
कैसे शुरू हुई ईडी की जाँच?
इतने सालों बाद ईडी ने अचानक इस मामले का संज्ञान लिया है. एजेंसी का दावा है कि पत्रा चॉल रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट में पैसों का हेरफेर हुआ है.
ईडी की कहना है कि गुरुआशीष कंपनी के निदेशकों ने एफएसआई को नौ अन्य डेवलपरों को समझौते में शामिल अन्य पक्षों को जानकारी दिए बिना बेच दिया.
आरोप है कि निदेशकों को इस सौदे से 901 करोड़ रुपए की कमाई हुई है. ईडी का आरोप है कि गुरुआशीष कंपनी ने एक अन्य हाउसिंग प्रोजेक्ट मिडोज़ के ख़रीदारों से भी 138 करोड़ रुपए हासिल किए.
प्रवीण राउत, राकेश कुमार वाधवान और सारंग वाधवान गुरुआशीष कंपनी के निदेशक थे.
ईडी ने 2 फ़रवरी को प्रवीण राउत को गिरफ़्तार कर लिया था. 05 अप्रैल को एजेंसी ने शिव सेना सांसद संजय राउत की दादरी और अलीबाग़ में स्थित संपत्तियों को भी ज़ब्त कर लिया था.
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संजय राउत के ख़िलाफ़ क्यों हो रही है जांच?
माना जा रहा है कि इस मामले में गिरफ़्तार प्रवीण राउत संजय राउत के क़रीबी हैं.
ईडी का आरोप है कि पत्रा चॉल मामले में हुई मनी लांडरिंग में प्रवीण राउत को सौ करोड़ रुपये मिले. राउत ने ये पैसा अपने परिजनों और जानकारों के बैंक खातों में जमा करा दिया था.
ईडी का दावा है कि संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत ने साल 2010 में प्रवीण राउत की पत्नी मधुर राउत से 83 लाख रुपये प्राप्त किए.
आरोप है कि वर्षा राउत ने इन पैसों से दादर में एक फ्लैट ख़रीदा.
ईडी का ये भी आरोप है कि जांच शुरू होने के बाद वर्षा राउत ने मधुर के खाते में 55 लाख रुपये वापस भेजे थे.
उद्धव ठाकरे की सरकार ने खो दिया है बहुमत, एकनाथ शिंदे गुट का सुप्रीम कोर्ट में दाख़िल याचिका में दावा
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शिवसेना के बाग़ी नेता एकनाथ शिंदे ने सुप्रीम कोर्ट में दाख़िल अपनी याचिका में कहा है कि महाविकास अघाड़ी ने विधानसभा में अपना बहुमत गँवा दिया है.
उन्होंने याचिका में ये भी लिखा है कि शिवसेना विधायक दल के 38 सदस्यों ने अपना समर्थन वापस ले लिया है.
इस कारण विधानसभा में महाविकास अघाड़ी का बहुमत नहीं रह गया है,
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एकनाथ शिंदे कैंप ने विधानसभा के डिप्टी स्पीकर नरहरि ज़िरवाल के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव को ख़ारिज किए जाने को चुनौती दी है.
साथ ही उन्होंने ये भी कहा है कि ज़िरवाल को ये भी निर्देश दिया जाए कि वे कुछ बाग़ी विधायकों को अयोग्य ठहराने की शिवसेना की अपील पर उस समय तक कार्रवाई न करें, जब तक उन्हें हटाए जाने के मामले पर कोई फ़ैसला नहीं हो जाता.
एकनाथ शिंदे गुट ने अपनी याचिका में विधानसभा में शिवसेना विधायक दल के नेता के रूप में अजय चौधरी की नियुक्ति को भी चुनौती दी है.
शिवसेना ने एकनाथ शिंदे की जगह अजय चौधरी को विधायक दल का नेता बनाया था, जिसे डिप्टी स्पीकर ने अपनी मंज़ूरी दे दी थी.
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इस बीच सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई के बीच ठाणे में एकनाथ शिंदे के समर्थक बड़ी संख्या में उनके आवास के बाहर जमा हो गए हैं.
ब्रेकिंग न्यूज़, यशवंत सिन्हा ने शरद पवार और राहुल गांधी की मौजूदगी में राष्ट्रपति पद के लिए भरा नामांकन
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यशवंत सिन्हा ने राष्ट्रपति पद के लिए नामांकन भर दिया है.
यशवंत सिन्हा कई विपक्षी पार्टियों के संयुक्त उम्मीदवार है.
यशवंत सिन्हा के नामांकन के समय कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, एनसीपी प्रमुख शरद पवार, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और नेशनल कॉन्फ़्रेंस के अध्यक्ष फ़ारूक़ अब्दुल्लाह भी मौजूद थे.
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ममता बनर्जी की पहल पर क़रीब 17 विपक्षी पार्टियों की बैठक में उन्हें उम्मीदवार बनाया गया था. यशवंत सिन्हा तृणमूल कांग्रेस में उपाध्यक्ष थे. इस बीच तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने यशवंत सिन्हा को समर्थन देने की बात कही है.
सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया है. पिछले सप्ताह ही उन्होंने नामांकन दाखिल किया था. उनके नामांकन में पीएम नरेंद्र मोदी समेत कई मंत्री और नेता मौजूद थे.
संजय राउत ने कहा- ज़मीर मर गया है तो बचता ही क्या है
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शिवसेना नेता संजय
राउत ने महाराष्ट्र में मचे घमासान के बीच आज पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि जो
लोग भाग गए हैं, उनका ज़मीर मर गया है.
पत्रकारों से बात करते
हुए संजय राउत ने कहा, “जो लोग
40-40 सालों तक पार्टी में रहते हैं और फिर भाग जाते हैं, उनका ज़मीर मर गया है.
तो उसके बाद बचता ही क्या है? ज़िंदा लाश."
संजय राउत ने एक दिन
पहले अपने एक बयान में बाग़ी नेताओं को ‘ज़िंदा लाश’ बताया था. उनके इस बयान पर काफ़ी विवाद
हुआ था.
अपने उस बयान का बचाव
करते हुए संजय राउत ने कहा कि उन्होंने किसी की भावना को ठेस पहुँचाने का काम नहीं
किया है.
उन्होंने कहा- मैंने जो कहा, सच कहा.
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एकनाथ शिंदे की याचिका पर दोपहर साढ़े 12 बजे करेगा सुप्रीम कोर्ट सुनवाई
महाराष्ट्र में शिवेसना में हुई बगावत का मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुँच गया है. शिवसेना के कई विधायकों के समर्थन के साथ अपने गुट को असली शिवसेना बता रहे एकनाथ शिंदे ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है.
याचिका में कहा गया है कि विधानसभा उपाध्यक्ष की तरफ से बाग़ी गुट के विधायकों को अयोग्य घोषित किया जाना ग़लत है.
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लाइव लॉ की ख़बर के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट आज इस मामले पर सुनवाई करेगा.
वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे एकनाथ शिंदे की ओर से पेश हो सकते हैं. वहीं उम्मीद की जा रही है कि राज्य की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी पेश हो सकते हैं.
वरुण गांधी ने अग्निवीरों के लिए सांसदों से फिर की पेंशन छोड़ने की अपील
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बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने ट्वीट करके एक बार फिर सांसदों और विधायकों से पेंशन छोड़ने की अपील की है.
वरुण गांधी ने ट्वीट किया है, "भारत की महान जनता ने कभी स्वच्छता के लिए टैक्स दिया, तो कभी ज़रूरतमंदों को गैस मिले इसलिए अपनी सब्सिडी छोड़ी. इस त्याग भाव से प्रेरणा लेकर क्या हम सभी देशभक्त सांसद अपनी पेंशन का त्याग कर सरकार का ‘बोझ’ कम नही कर सकते?
अग्निवीरों को पेंशन की राह आसान नहीं कर सकते?"
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हालाँकि यह पहला मौक़ा नहीं, जब वरुण गांधी ने केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के तहत सेना में भर्ती लेने वाले अग्निवीरों के लिए पेंशन की मांग की है.
इससे पहले भी वो ट्वीट करके अग्निवीरों के लिए पेंशन की मांग कर चुके हैं.
उन्होंने ट्वीट किया था, "अल्पावधि की सेवा करने वाले अग्निवीर पेंशन के हकदार नही हैं तो जनप्रतिनिधियों को यह ‘सहूलियत’ क्यों?
राष्ट्ररक्षकों को पेन्शन का अधिकार नही है तो मैं भी ख़ुद की पेंशन छोड़ने को तैयार हूँ. क्या हम विधायक/सांसद अपनी पेंशन छोड़ यह नही सुनिश्चित कर सकते कि अग्निवीरों को पेंशन मिले?"
क्या है अग्निपथ योजना
अग्निपथ योजना भारतीय सेना के तीनों अंगों थलसेना, वायुसेना और नौसेना में जवान, एयरमैन और नाविक के पदों पर भर्ती के लिए रक्षा मंत्रालय की ओर से लाई गई एक नई योजना है.
एक बार भर्ती हो जाने के बाद उन्हें अग्निवीर के रूप में जाना जाएगा और उनका कार्यकाल चार सालों का होगा.
अब से इन पदों पर भर्ती के लिए चलने वाली दूसरी अन्य भर्ती योजनाएँ ख़त्म हो जाएँगी.
अगर आप 17.5 साल से 21 साल की उम्र के बीच के हैं, तो आप इस योजना के तहत भर्ती होने के लिए आवेदन दे सकते हैं.
कोरोना काल में भर्ती प्रक्रिया के रुके रहने के चलते, अपवाद के तौर पर, केवल इस साल उम्र की अधिकतम सीमा में दो सालों की छूट दी गई है.
इसका मतलब यह हुआ कि इस साल 23 साल तक की उम्र वाला कोई भी युवा भर्ती की इस प्रक्रिया के लिए आवेदन कर सकता है.
महाराष्ट्र संकट LIVE: गुवाहाटी में डटे शिवसेना के बाग़ी विधायकों की क्या है रणनीति?
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति करेंगे रूस और यूक्रेन की यात्रा, समकक्षों से करेंगे शांति की अपील
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इंडोनिशिया के
राष्ट्रपति जोको विडोडो ने रविवार को कहा कि वह अपने रूस और यूक्रेन के समकक्षों से मिलकर आग्रह करेंगे कि वे शांति बनाए रखने के लिए बातचीत का विकल्प खुला रखें.
उन्होंने
कहा कि वे रूस के राष्ट्रपति से आग्रह करेंगे कि वे तत्काल युद्ध विराम के लिए आदेश
दें.
जी-7 समिट में शामिल
होने के लिए, सोमवार को जर्मनी रवाना होने से पहले जोको विडोडो ने कहा, “युद्ध को रोकना ही होगा और वैश्विक खाद्य आपूर्ति चेन को दोबारा से पटरी पर लाना होगा.”
उन्होंने ट्वीट किया, "जर्मनी से मैं यूक्रेन और रूस के अपने शांति मिशन की शुरुआत कर रहा हूं. मैं यूक्रेन जाऊंगा और राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की से मुलाक़ात करूंगा. इसके बाद रूस जाकर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलूंगा. इन दो देशों में मैं अपने मिशन के साथ जाऊंगा. "
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इंडोनेशियाई नेता ने कहा कि वे जी-7 देशों को रूस के आक्रमण के बाद शांति स्थापित करने और वैश्विक खाद्य संकट और ऊर्जा संकट का तत्काल समाधान तलाशने के लिए प्रोत्साहित करेंगे.
एक ओर जहां दुनिया के ज्यादातर देश रूस के हमले को आक्रमण मानते हैं वहीं रूस इसे संप्रभुता की रक्षा की लड़ाई बताता है.
इसके साथ ही इंडोनेशियाई विदेश मंत्री रेटनो मारसुदी ने कहा कि रूस और यूक्रेन के खाद्य और उर्वरकों को दोबारा से वैश्विक बाज़ार में लाने की आवश्यकता है.
संजय राउत ने कहा- "गुवाहाटी में मौजूद बाग़ी, ज़िंदा लाशों के समान"
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महाराष्ट्र में राजनीतिक गतिरोध और सियासी संकट बढ़ता ही जा रहा है.
इस बीच शिव सेना की ओर से सबसे मुखर आवाज़ संजय राउत ने बाग़ी विधायकों की तुलना ज़िंदा लाशों से की है.
संजय राउत ने एक सभा में कहा, "गुवाहाटी में जो 40 लोग मौजूद हैं वे जिंदा लाश हैं. उनकी आत्मा मर चुकी है.
उन्होंने आगे कहा कि उनके वापस आने पर 'शवों' को पोस्टमॉर्टम के लिए सीधे विधानसभा भेजा जाएगा. वे जानते हैं कि यहां जो आग लगी है उससे क्या हो सकता है.
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इससे एक दिन पहले उन्होंने ट्वीट किया था कि कोई कब तक गुवाहाटी में रहेगा, उन्हें चौपाटी यानी मुंबई तो लौटना ही होगा.
बाग़ी विधायकों के बारे में मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने रविवार को कहा, "उन्हें मुंबई तो आना पड़ेगा न. वहां बैठकर हमें क्या सलाह और मार्गदर्शन कर रहे हो. शिव सैनिक ज़मीन पर हैं, हज़ारों लाखों शिव सैनिक. हमारे इशारे का इंतज़ार है, लेकिन हमने अभी भी संयम रखा है."
उन्होंने कहा, "उद्धव जी ने कहा है कि जो लोग बाहर गए हैं, वे शिव सेना नाम का इस्तेमाल न करें. लोग ठाकरे का फ़ोटो इस्तेमाल करेंगे, हम बाला साहेब ठाकरे के भक्त हैं बोलेंगे. लेकिन बाला साहेब ठाकरे के भक्त इस तरह से पीठ में खंज़र नहीं घोपेंगे."
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एकनाथ शिंदे गुट में बढ़ी बाग़ी नेताओं की संख्या
शिवसेना के बाग़ी नेता और मंत्री एकनाथ शिंदे का गुट दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है.
हालांकि बाग़ी गुट के दो विधायक कैलाश पाटिल और नितिन देशमुख वापस लौट आए हैं.
एकनाथ शिंदे के ऑफ़िस की ओर से जो लिस्ट भेजी गई है उसके मुताबिक़, गुवाहाटी में शिवसेना के 37 विधायक हैं. इसके अलावा मौजूदा समय में 9 निर्दलीय विधायक भी एकनाथ शिंदे के साथ हैं.
एकनाथ शिंदे ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया
शिवसेना में बागी विधायकों की अगुआई कर रहे एकनाथ शिंदे ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.
याचिका में शिंदे के स्थान पर अजय चौधरी को सदन में शिवसेना के विधायक नेता के रूप में नियुक्त करने को भी चुनौती दी गई है.
जस्टिस सूर्य कांत के नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट के दो जजों की बेंच एकनाथ शिंदे की याचिका पर 27 जून को, यानी आज सुनवाई करेगी. जस्टिस सूर्य कांत के अलावा इस बेंच में जस्टिस जेबी पारदीवाला भी हैं.
चीन लद्दाख सीमा के पास LAC पर क्या इतना कुछ कर चुका है
विपक्ष के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा आज भरेंगे नामांकन
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विपक्ष के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा आज अपना नामांकन दाखिल करेंगे. वहीं एनडीए की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू 24 जून को ही अपना नामांकन दाख़िल कर चुकी हैं.
तेलंगाना राष्ट्र समिति
(टीआरएस) ने विपक्ष के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को अपना समर्थन देगी.
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इस मौक़े पर टीआरएस के कई नेता भी मौजूद रहेंगे. टीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष और मंत्री के टी रामाराव सोमवार को यशवंत सिन्हा के नामांकन कार्यक्रम में शामिल होंगे.
विपक्ष के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा के नामांकन के दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे, सीताराम येचुरी, शरद पवार और ममता बनर्जी समेत कई दूसरे नेताओं के मौजूद रहने की उम्मीद है.
जी-7 शिखर सम्मेलन में राष्ट्रपति पुतिन को लेकर मज़ाक
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जर्मनी
में जी-7 देशों का शिखर सम्मेलन हो रहा है. सम्मेलन के पहले दिन, 26 जून को गुट के
सदस्य देशों के नेताओं ने यूक्रेन पर रूस के हमले, उसके बहु-आयामी प्रभाव और
यूक्रेन कि स्थिति पर चर्चा की.
इस
दौरान बैठक शुरू होने से पहले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन की 'माचो इमेज' की भी
चर्चा हुई.
रविवार को जब जी-7 देशों की बैठक शुरू हुई तो सारे नेता
गोल-मेज़ पर बैठे हुए थे. सबसे अंत में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन अपनी कुर्सी पर
बैठे.
कुर्सी पर बैठते-बैठते जॉनसन ने मज़ाकिया अंदाज़ में अपने साथी नेताओं से पूछा,
“जैकेट
पहने रहना है या उतार देना है? क्या
हमें अपने कपड़े उतार देने चाहिए?”
इस दौरान वहां कई पत्रकार, फ़ोटोग्राप़र भी मौजूद थे.
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पत्रकारों की ओर इशारा करते हुए जॉनसन ने कहा कि हम सभी को इन्हें यह दिखाना चाहिए कि हम पुतिन से ज़्यादा मज़बूत (टफ़) हैं.
जॉनसन की बात को आगे बढ़ाते हुए कनाडाई नेता जस्टिन ट्रुडो ने कहा, “छाती दिखाते हुए घोड़े की सवारी करते हुए...”
इस पर यूरोपीय कमिशन के अध्यक्ष ने कहा, “अरे हाँ... घोड़े की पीठ पर बैठकर सवारी करना सबसे अच्छा होगा.”
रूस के राष्ट्रपति की कई ऐसी तस्वीरें सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध हैं जिनमें वो शर्टलेस होकर कभी घोड़ा दौड़ाते दिखाई देते हैं, तो कभी मछली पकड़ते. सूट-बूट से इतर क्रेमलिन के बाहर की उनकी ‘माचो-इमेज’ की बहुत सी तस्वीरें मौजूद हैं.
जी7 के सदस्य देशों के नेताओं ने शिखर सम्मेलन के पहले दिन इस बात पर विस्तार से चर्चा की कैसे रूस को अलग-थलग कर दिया जाए. यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद से दुनिया के कई देशों ने रूस पर कई कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं.
जी-7 में रूस को लेकर होने जा रहा अहम फ़ैसला
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जर्मनी में जी-7 गुट
के सदस्य देशों की तीन दिवसीय बैठक चल रही है.
जी-7 देशों के सम्मेलन में रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि यूक्रेन पर रूस के हमले के बीच पश्चिमी देशों को एकजुट रहना होगा.
जी-7 गुट के सदस्य देश
शिखर सम्मेलन के लिए जुटे हैं. इस शिखर सम्मेलन मे मुख्य तौर पर यूक्रेन पर रूस के
हमले और उसके कारण वैश्विक स्तर पर खाद्य और ऊर्जा की आपूर्ति पर पड़ रहे असर पर
चर्चा की जानी है. इसके साथ ही वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इस युद्ध के प्रभाव पर भी
जी-7 देश के नेता चर्चा करेंगे.
जर्मनी में हो रहे इस शिखर
सम्मेलन की शुरुआत में गुट के सात में से चार देशों ने रूस पर प्रतिबंधों को और
सख़्त करने के लिए रूस के सोने के आयात पर प्रतिबंध लगाने और यूक्रेन को और अधिक
वित्तीय सहायता देने के लिए सहमति जताई.
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वहीं दूसरी ओर अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इस नए प्रतिबंध पर क्या सभी सात देशों की सहमति होगी या नहीं. दरअसल, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल का कहना है कि इस मुद्दे पर बहुत सावधानी के साथ कोई फ़ैसला लेने की और चर्चा के बाद तय करने की ज़रूरत है.
ब्रिटेन की सरकार ने रविवार को बताया कि अमेरिका, जापान, कनाडा और ब्रिटेन ने रूस के सोने के आयात पर प्रतिबंध लगाने पर सहमति जताई है.
ब्रिटेन ने कहा है कि यह प्रतिबंध रूस के धनवानों को लक्षित करेगा जो पश्चिमी देशों के लगाए प्रतिबंधों के असर को कम करने के लिए बहुमूल्य धातु ख़रीद रहे हैं.
पिछले साल रूसी सोने का निर्यात क़रीब 15.5 अरब डॉलर का था.
जर्मनी की सरकार के सूत्र ने बताया कि ब्रिटेन, फ्रांस, अमेरिका, जर्मनी, जापान, इटली और कनाडा के जी 7 नेताओं ने रूस के तेल पर संभावित मूल्य सीमा पर चर्चा की.