महाराष्ट्र में राजनीतिक गतिरोध और सियासी संकट बढ़ता ही जा रहा है.
इस बीच शिव सेना की ओर से सबसे मुखर आवाज़ संजय राउत ने बाग़ी विधायकों की तुलना ज़िंदा लाशों से की है.
संजय राउत ने एक सभा में कहा, "गुवाहाटी में जो 40 लोग मौजूद हैं वे जिंदा लाश हैं. उनकी आत्मा मर चुकी है.
उन्होंने आगे कहा कि उनके वापस आने पर 'शवों' को पोस्टमॉर्टम के लिए सीधे विधानसभा भेजा जाएगा. वे जानते हैं कि यहां जो आग लगी है उससे क्या हो सकता है.
इससे एक दिन पहले उन्होंने ट्वीट किया था कि कोई कब तक गुवाहाटी में रहेगा, उन्हें चौपाटी यानी मुंबई तो लौटना ही होगा.
बाग़ी विधायकों के बारे में मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने रविवार को कहा, "उन्हें मुंबई तो आना पड़ेगा न. वहां बैठकर हमें क्या सलाह और मार्गदर्शन कर रहे हो. शिव सैनिक ज़मीन पर हैं, हज़ारों लाखों शिव सैनिक. हमारे इशारे का इंतज़ार है, लेकिन हमने अभी भी संयम रखा है."
उन्होंने कहा, "उद्धव जी ने कहा है कि जो लोग बाहर गए हैं, वे शिव सेना नाम का इस्तेमाल न करें. लोग ठाकरे का फ़ोटो इस्तेमाल करेंगे, हम बाला साहेब ठाकरे के भक्त हैं बोलेंगे. लेकिन बाला साहेब ठाकरे के भक्त इस तरह से पीठ में खंज़र नहीं घोपेंगे."
एकनाथ शिंदे गुट में बढ़ी बाग़ी नेताओं की संख्या
शिवसेना के बाग़ी नेता और मंत्री एकनाथ शिंदे का गुट दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है.
हालांकि बाग़ी गुट के दो विधायक कैलाश पाटिल और नितिन देशमुख वापस लौट आए हैं.
एकनाथ शिंदे के ऑफ़िस की ओर से जो लिस्ट भेजी गई है उसके मुताबिक़, गुवाहाटी में शिवसेना के 37 विधायक हैं. इसके अलावा मौजूदा समय में 9 निर्दलीय विधायक भी एकनाथ शिंदे के साथ हैं.
एकनाथ शिंदे ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया
शिवसेना में बागी विधायकों की अगुआई कर रहे एकनाथ शिंदे ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.
याचिका में शिंदे के स्थान पर अजय चौधरी को सदन में शिवसेना के विधायक नेता के रूप में नियुक्त करने को भी चुनौती दी गई है.
जस्टिस सूर्य कांत के नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट के दो जजों की बेंच एकनाथ शिंदे की याचिका पर 27 जून को, यानी आज सुनवाई करेगी. जस्टिस सूर्य कांत के अलावा इस बेंच में जस्टिस जेबी पारदीवाला भी हैं.