महाराष्ट्र के मौजूदा सियासी संकट पर शिवसेना नेता संजय राउत ने दावा किया है कि
उनकी सरकार को कोई ख़तरा नहीं है. शनिवार को उन्होंने दावा किया कि इस समय असम के गुवाहाटी
में मौजूद कई विधायक महाविकास अघाड़ी के साथ हैं.
संजय राउत ने दावा किया कि शुक्रवार रात मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के निवास 'मातोश्री'
पर एनसीपी प्रमुख शरद पवार, उपमुख्यमंत्री अजित पवार, प्रफुल्ल पटेल की मौजूदगी में
हुई बैठक में क़रीब 10 विधायकों से बातचीत हुई और उन्होंने सरकार के समर्थन में खड़े
होने की बात कही है.
उन्होंने कहा कि यदि विधायक मुंबई आ गए, तो हमारी सरकार बच जाएगी. हमारी सरकार
को कोई ख़तरा नहीं है. राउत ने कहा, ''बल्कि मैं विधायकों से कहना चाहता हूं कि वे
अपनी विधायकी बचाएं, सरकार को कोई ख़तरा नहीं है.''
आज की कार्यकारिणी की बैठक काफ़ी अहम
संजय राउत ने शनिवार दोपहर एक बजे से होने वाली कार्यकारिणी की बैठक को काफ़ी अहम बताया है. इस बैठक में कई निर्णय लिए जाएंगे.
उन्होंने कहा, ''ये पार्टी राज्य और देश में बहुत बड़ी पार्टी है. इस पार्टी को बनाने में बालासाहेब जी, उद्धव जी और सभी कार्यकर्ताओं ने ख़ून-पसीना बहाया है. इस पार्टी पर कोई आसानी से डाका नहीं डाल सकता. केवल पैसे के दम पर कोई पार्टी नहीं ख़रीद सकता.''
उन्होंने दावा किया, ''अभी का जो संकट है उसे हम संकट नहीं मानते, बल्कि ये हमारे लिए पार्टी विस्तार का बहुत बड़ा मौक़ा है.''
'लोगों का संयम टूटा तो आग लग जाएगी'
उन्होंने कहा कि लोग अभी संयम से काम ले रहे हैं और उनका ग़ुस्सा अभी तक नहीं भड़का है, लेकिन यदि लोग भड़क गए तो राज्य में आग लग जाएगी.
पत्रकारों ने जब संजय राउत से देवेंद्र फडणवीस की भूमिका को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, ''देवेंद्र फडणवीस को सलाह दूंगा आप इस झमेले में न पड़ें. आप फंस जाओगे. फिर से पुरानी वाली बात हो जाएगी कि कोई सुबह आपके साथ था और शाम को किसी और के साथ. आप अपनी और अपनी पार्टी की प्रतिष्ठा बचाइए.''
उन्होंने यह भी कहा कि हम उन्हें अगले चुनाव में देख लेंगे.
गुजरात दंगों में नरेंद्र मोदी को सुप्रीम कोर्ट से क्लीन चिट मिलने का स्वागत करते हुए संजय राउत ने कहा कि अब वे हमारे देश के प्रधानमंत्री हैं और उनका सम्मान देश का सम्मान है.
नहीं हटाई एकनाथ शिंदे की सुरक्षा
वहीं एकनाथ शिंदे और बाग़ी विधायकों की सुरक्षा हटाने के आरोप पर संजय राउत ने कहा कि सरकार ने किसी की सुरक्षा नहीं हटाई है. उन्होंने कहा, ''विधायक आप हैं तो सुरक्षा आपको मुहैया कराई गई. आपके परिजनों को सुरक्षा नहीं दी जा सकती.''
इससे पहले एकनाथ शिंदे ने ख़ुद सहित 38 बाग़ी विधायकों के परिजनों की सुरक्षा व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा हटा लिए जाने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री, राज्य के गृह मंत्री दिलीप वालसे पाटिल और डीजीपी रजनीश सेठ को एक पत्र लिखा था.
इस ख़त में लिखा गया था कि उन्हें और उनके परिजनों की सुरक्षा का ज़िम्मा राज्य सरकार के कंधों पर है.