उद्धव ठाकरे के कट्टर समर्थक समेत चार और विधायक पहुंचे गुवाहाटी
गुलाबराव पाटिल महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के कट्टर समर्थक माने जाते हैं. उनके गुवाहाटी आने से हर कोई आश्चर्य कर रहा है
लाइव कवरेज
भूमिका राय and अभिनव गोयल
उद्धव ठाकरे के कट्टर समर्थक समेत चार और विधायक पहुंचे गुवाहाटी
महाराष्ट्र में जारी राजनीतिक संकट के बीच चार और विधायक गुवाहाटी के रेडिसन ब्लू होटल पहुंच गए हैं.
बीबीसी मराठी के मुताबिक इसमें गुलाबराव पाटिल, योगेश कदम, चंद्रकांत पाटिल और मंजुला गावित शामिल हैं.
इनमें चंद्रकांत पाटिल जलगांव से निर्दलीय विधायक हैं और उन्हें अजीत पवार का करीबी माना जाता है.
योगेश कदम शिवसेना नेता रामदास कदम के बेटे हैं जिससे अब ये साफ है कि रामदास कदम एकनाथ शिंदे की बगावत का समर्थन कर रहे हैं.
गुलाबराव पाटिल महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के कट्टर समर्थक माने जाते हैं. उनके गुवाहाटी आने से हर कोई आश्चर्य कर रहा है.
दूसरी तरफ उद्धव ठाकरे अपना सरकारी आवास 'वर्षा' छोड़कर मातोश्री के लिए निकल गए हैं.
इमेज कैप्शन, सरकारी आवास वर्षा छोड़कर जाते हुए उद्धव ठाकरे
अगर मौका मिला तो बहुमत साबित करके दिखाएंगे: शिवसेना नेता संजय राउत
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महाराष्ट्र में राजनीतिक संकट लगातार बढ़ता जा रहा है. मीडिया से बातचीत करते हुए शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि हम लड़ने वाले लोग हैं और अंत में सत्य की जीत होगी.
साथ ही उन्होंने कहा कि अगर विश्वास प्रस्ताव पेश किया जाता है तो हम बहुमत साबित करेंगे.
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दूसरी तरफ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के सरकारी आवास वर्षा के बाहर बड़ी संख्या में शिवसैनिक जमा हो गए हैं.
घर के बाहर खड़े शिवसैनिक भावुक नजर आ रहे हैं और उद्धव ठाकरे के समर्थन में नारेबाज़ी कर रहे हैं.
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एकनाथ शिंदे ने एनसीपी और कांग्रेस पर बोला हमला
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महाराष्ट्र में एनसीपी और कांग्रेस पर एकनाथ शिंदे ने ट्वीट कर हमला बोला है.
एकनाथ शिंदे ने ट्वीट कर कहा, "पिछले ढाई सालों में महाविकास अघाड़ी सरकार ने केवल घटक दलों को फायदा पहुंचाया है और शिवसैनिकों को भारी नुकसान हुआ है."
जबकि दूसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा, "पार्टी और शिवसैनिकों के अस्तित्व के लिए अस्वाभाविक मोर्चे से बाहर निकलना ज़रूरी है. महाराष्ट्र के हित में अब निर्णय लेने की ज़रूरत है."
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नवीन पटनायक की अपील- ओडिशा के सभी विधायक पार्टी लाइन से अलग द्रौपदी मुर्मू का करें समर्थन
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ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने प्रदेश के सभी विधायकों से एनडीए की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का समर्थन करने को कहा है.
उन्होंने ट्वीट कर लिखा है कि वे ओडिशा विधानसभा के सभी सदस्यों से अपील करते हैं कि पार्टी लाइन से अलग ओडिशा की बेटी द्रौपदी मुर्मू को सर्वसम्मति से समर्थन दें.
मंगलवार को बीजेपी की अगुआई में एनडीए ने द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया था.
इसकी घोषणा बीजेपी के अध्यक्ष जेपी नड्डा ने की थी.
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इस घोषणा के बाद नवीन पटनायक ने ट्वीट कर इस फ़ैसले का स्वागत किया था और ख़ुशी जताई. उन्होंने लिखा- द्रौपदी मुर्मू को देश के सर्वोच्च पद के लिए एनडीए का उम्मीदवार घोषित किए जाने पर बधाई. मुझे प्रसन्नता हुई जब पीएम नरेंद्र मोदी जी ने इस मामले पर मुझसे चर्चा की. ये ओडिशा के लोगों के लिए गौरव का क्षण है.
द्रौपदी मुर्मू ओडिशा की ही रहने वाली हैं और वे झारखंड की राज्यपाल भी रह चुकी हैं. एनडीए की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू के सामने हैं पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा. ममता बनर्जी की पहल पर क़रीब 17 विपक्षी दलों ने यशवंत सिन्हा को राष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार बनाया है.
दिनभर- पूरा दिन पूरी ख़बर सुनिए मोहम्मद शाहिद और अंजुम शर्मा से
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महाराष्ट्र में सियासी संकट के बीच शरद पवार और उद्धव ठाकरे की मुलाक़ात
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महाराष्ट्र में जारी सियासी संकट के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख शरद पवार मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मिलने उनके आवास पहुँचे हैं.
उनके साथ एनसीपी की नेता सुप्रिया सुले भी हैं.
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एक दिन पहले दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में शरद पवार ने इसे शिवसेना का आंतरिक मामला बताया था, लेकिन ये भी उम्मीद जताई थी कि उद्धव ठाकरे इस मसले को सुलझा लेंगे. शरद पवार ने बीजेपी पर आरोप लगाया था कि पिछले ढाई वर्षों में वो तीन बार सरकार गिराने की कोशिश कर चुकी है और हर बार नाकाम हुई है.
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शिवसेना के विधायक एकनाथ शिंदे के बग़ावत के कारण पैदा हुए सियासी संकट के बीच इस मुलाक़ात को काफ़ी अहम माना जा रहा है. महाराष्ट्र की गठबंधन सरकार में शिवसेना और कांग्रेस के साथ एनसीपी भी शामिल है. इस बीच शिवसेना प्रमुख और महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने एफ़बी लाइव के ज़रिए संबोधन दिया है.
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उन्होंने अपने संबोधन में इस बात पर ज़ोर दिया कि शिवसेना हिंदुत्व के रास्ते से भटकी नहीं है. उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को लोगों से न मिलने की वजह बताई. उद्धव ठाकरे ने अपने संबोधन में कई बार इस्तीफ़े का ज़िक्र किया और कहा कि इसके लिए शिवसेना के विधायकों को उनके सामने आकर बोलना होगा.
शिवसेना के बाग़ी नेता एकनाथ शिंदे कई विधायकों के साथ असम के गुवाहाटी में हैं. असम में बीजेपी की सरकार है. एकनाथ शिंदे का दावा है कि कुछ निर्दलीय विधायकों समेत उनके पास 46 विधायकों का समर्थन है.
LIVE: महाराष्ट्र में सियासी संकट
ज्यादा जानकारी के साथ बीबीसी संवाददाता मयंक भागवत (कैमरा: शाहिद शेख़)
महाराष्ट्र में राजनीतिक संकट के बीच उद्धव ठाकरे का संबोधन, जानिए क्या कहा उन्होंने
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शिवसेना के वरिष्ठ नेता एकनाथ शिंदे के विद्रोह के बाद पहली बार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने फेसबुक लाइव के जरिए लोगों से बात की.
उद्धव ठाकरे ने कहा, "लोग कह रहे थे कि मुख्यमंत्री मिलते नहीं हैं. शिवसेना कौन चला रहा है. मेरा ऑपरेशन हुआ था, इस वजह से मैं लोगों से मिल नहीं पाया. वो समय काफ़ी मुश्किल था. मैं हॉस्पिटल से ऑनलाइन काम कर रहा था. शिवसेना और हिंदुत्व एक दूसरे से जुड़े हुए शब्द हैं. शिवसेना हिंदुत्व से दूर नहीं हो सकती, क्योंकि शिवसेना प्रमुख ने मंत्र दिया है कि हिंदुत्व हमारी सांस है."
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उद्धव ठाकरे ने कहा कि वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा देने के लिए तैयार हैं लेकिन इसके लिए शिवसेना के विधायकों को उनके सामने आकर बोलना होगा.
उन्होंने कहा, "एकनाथ शिंदे को सूरत जाकर बात करने की क्या ज़रूरत थी. कुछ विधायक यहाँ नहीं हैं. कुछ लोग फ़ोन कर रहे हैं कि वे लौटना चाहते हैं. मैंने हमेशा अपनी ज़िम्मेदारियों को निभाया है. मैं सीएम पद छोड़ने के लिए तैयार हूँ, लेकिन मेरे बाद कोई शिवसैनिक मुख्यमंत्री बने तो मुझे ख़ुशी होगी. लापता विधायक यहाँ आएँ और मेरे त्यागपत्र के साथ राजभवन जाएँ."
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अपने संबोधन में उद्धव ठाकरे ने कई बार इस्तीफ़ा देने की बात कही. उन्होंने इसे दोहराते हुए कहा, "जो शिवसैनिक ये सोचते हैं कि मैं शिवसेना का नेतृत्व नहीं कर सकता, तो मैं इस्तीफ़ा देने को तैयार हूँ. लेकिन ऐसा कहने के लिए आपको किसी विरोधी की नहीं, एक शिवसैनिक की ज़रूरत है. मैं शिवसैनिकों के लिए प्रतिबद्ध हूँ."
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उद्धव ठाकरे ने कहा कि ज्यादा से ज़्यादा क्या होगा, कुर्सी जाएगी तो हम संघर्ष करेंगे, चुनौती को पीठ नहीं दिखाएँगे.
आखिर में उन्होंने बागी विधायकों से अपील की कि वे जहाँ कहीं भी हैं और उनके संबोधन को सुने और वापस लौटकर उनसे बात करें.
उनके संबोधन के बाद शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत ने भी ट्वीट कर लिखा, "हाँ संघर्ष करेंगे !!"
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विपक्ष के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा ने द्रौपदी मुर्मू के बारे में कही ये बात
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कई विपक्षी पार्टियों की ओर से राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार यशवंत सिन्हा ने कहा है कि उनकी द्रौपदी मुर्मू से व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है.
समाचार एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में यशवंत सिन्हा ने कहा कि वे उन्हें अच्छी तरह जानते हैं और उन्हें अपनी शुभकामनाएँ देते हैं.
तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पहल पर विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार चुनने के लिए दो बैठकें की.
और आख़िरकार टीएमसी के उपाध्यक्ष यशवंत सिन्हा के नाम पर सहमति हुई.
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लेकिन विपक्षी दलों की पहली पसंद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख शरद पवार थे, लेकिन उन्होंने इसे अस्वीकार कर दिया. फिर गोपालकृष्ण गांधी और फारूक़ अब्दुल्लाह के नाम पर भी चर्चा हुई.
इस बारे में यशवंत सिन्हा ने कहा- जीवन में बहुत बार मेरे साथ ऐसा हुआ है कि मैं दूसरी पसंद रहा हूँ. पहली पसंद नहीं रहा हूँ. लेकिन किसी परिस्थितिवश दूसरी पसंद होते हुए भी वो पद हमीं को मिला. और उसका पूरा उपयोग किया राष्ट्रहित में. इस बार दूसरा नहीं चौथा उम्मीदवार हूँ. तो हमारी जीत की संभावना भी डबल हो जाती है.
द्रौपदी मुर्मू के बारे में यशवंत सिन्हा ने कहा कि उनकी उनसे कोई व्यक्तिगत लड़ाई नहीं. उन्होंने कहा- उनको मैं बहुत अच्छी तरह से जानता हूँ. अपनी शुभकामनाएँ देता हूँ. लेकिन ये लड़ाई है मुद्दों की. ये लड़ाई है भारत के संविधान को बचाने की.
बीजेपी की अगुआई में एनडीए ने मंगलवार शाम द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया है. द्रौपदी मुर्मू ओडिशा की रहने वाली हैं और झारखंड की राज्यपाल रह चुकी हैं.
राहुल गांधी ने बताया- ईडी दफ़्तर में क्या कुछ हुआ उनके साथ
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दिल्ली के कांग्रेस ऑफिस में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने बताया कि ईडी ने उनसे क्या पूछा. मंगलवार को ईडी ने पाँचवी बार राहुल गांधी से नेशनल हेराल्ड केस में पूछताछ की थी. ये पूछताछ 9 घंटे से अधिक चली थी.
राहुल गांधी ने बताया, "मुझे कुछ दिन पहले ईडी ऑफिस में बुलाया गया. 12 x 12 फीट का छोटा सा कमरा था. बीच में मेज और कंप्यूटर था. तीन ईडी के ऑफिसर बैठे थे. एक बाहर खड़ा था. उन्होंने कहा कि आप कुर्सी से उठते नहीं हैं. आप सीधे बैठे रहते हैं और 11 घंटे हो रहे हैं आप बिल्कुल थके नहीं हो. हम थक गए हैं आप नहीं थके हैं, आपका सीक्रेट क्या है. मैंने सोचा और कहा कि इनको सच्ची बात नहीं बताता हूँ और दूसरी बात कह देता हूँ. मैंने कहा कि मैं विपश्यना करता हूँ. उसमें बैठना पड़ता है. आदत लग गई है. मुझे कोई समस्या नहीं आठ-दस घंटे बिठा दो मुझे फ़र्क नहीं पड़ता."
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"उन्होंने मुझे विपश्यना के बारे में पूछा लेकिन मैंने उन्हें सच बात नहीं बताई. उस कमरे में राहुल गांधी अकेला नहीं बैठा था. उस कमरे में राहुल गांधी के साथ कांग्रेस का हर नेता, हर कार्यकर्ता बैठा था. आप एक आदमी को थका सकते हो लेकिन आप कांग्रेस पार्टी को करोड़ों कार्यकर्ताओं, नेताओं को नहीं थका सकते हो. उस कमरे में सिर्फ कांग्रेस पार्टी के नेता, कार्यकर्ता नहीं थे इस सरकार के ख़िलाफ़ जो भी बिना डरे लड़ता है वो बैठा था. जो भी लोकतंत्र के लिए लड़ रहे हैं वो सब बैठे थे."
"आपने अपनी शक्ति मुझे दी. इसलिए ईडी, सीडी कुछ नहीं. कुछ फर्क नहीं पड़ता. मैं आपको बता रहा हूँ जो ऑफिसर थे जिन्होंने मुझसे पूछताछ कि उन्हें भी ये बात समझ आ गई कि कांग्रेस पार्टी के नेता को डराया, दबाया और धमकाया नहीं जा सकता है. सच्चाई कभी थकती नहीं है."
ईडी ने नेशनल हेराल्ड मामले में राहुल गांधी से पूछताछ की है. पूछताछ के लिए समन उनकी माँ और कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी को भी जारी हुआ है. लेकिन कोरोना के कारण वे पेश नहीं हो सकी.
बुधवार को सोनिया गांधी स्वास्थ्य कारणों का हवाले देते हुए ईडी को चिट्ठी लिखकर पेशी टालने की मांग की है.
उद्धव ठाकरे की बाग़ी शिवसेना विधायकों को चेतावनी, एकनाथ शिंदे ने दिया ऐसे जवाब
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महाराष्ट्र में जारी राजनीतिक संकट के बीच शिवसेना ने शाम पाँच बजे बैठक रखी है. ये बैठक उद्धव ठाकरे के निवास ‘वर्षा’ पर रखी गई है.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ शिवसेना के चीफ व्हिप सुनील प्रभु ने पार्टी के सभी विधायकों को पत्र लिखा है. पत्र में सभी विधायकों को शाम को होने वाली बैठक में शामिल होने के लिए कहा गया है. पत्र में कहा गया है कि अगर कोई विधायक नहीं आता है तो यह माना जाएगा कि उस विधायक ने स्वेच्छा से पार्टी छोड़ने का फ़ैसला लिया है. .
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दूसरी तरफ एकनाथ शिंदे ने ट्वीट कर लिखा कि सुनील प्रभु ने विधायकों की आज जो बैठक बुलाई है और उसके संबंध में जो आदेश जारी किया है वो क़ानूनी रूप से अमान्य है. इसके साथ ही उन्होंने शिवसेना विधायक भरत गोगावले को चीफ़ व्हिप नियुक्त कर दिया है.
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महाराष्ट्र के शहरी विकास मंत्री एकनाथ शिंदे गुजरात के बाद अब गुवाहाटी पहुँच गए हैं और दावा कर रहे हैं कि उनके साथ 46 विधायक हैं.
एकनाथ शिंदे का साथ छोड़ वापस आए शिवसेना विधायक ने सुनाई आपबीती, लगाए गंभीर आरोप
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शिवसेना के बाग़ी नेता और शहर विकास मंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने साथ 46 से ज्यादा विधायक होने का दावा किया है. इसी बीच एक विधायक ने एकनाथ शिंदे का साथ छोड़ दिया है और सूरत से नागपुर वापस लौट आए हैं.
नागपुर लौटे शिवसेना के विधायक नितिन देशमुख ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "रात को मैं होटल से मैं निकला हूँ. मैं रात को 3 बजे सड़क पर खड़ा था. मेरे पीछे 100-200 पुलिस थी. मैं किसी वाहन में बैठना चाहता था लेकिन वो मुझे बैठने नहीं दिए. 100 से 150 पुलिस वाले मुझे अस्पताल ले गए और वहाँ नाटक रचा कि मेरे को अटैक आ गया है. अटैक का कारण बताकर वो मेरा ऑपरेशन करना चाहते थे. उस बहाने से मुझे नुकसान पहुँचाना चाहते थे. भगवान की कृपा से मैं ठीक हूँ. मैं उद्धव ठाकरे के साथ हूँ."
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समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक नितिन देशमुख ने कहा कि उन्हें ज़बरदस्ती से कुछ इंजेक्शन भी दिए गए.
मंगलवार तक एकनाथ शिंदे कुछ विधायकों के साथ सूरत के ली मेरिडियन होटल में थे.
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लेकिन बुधवार सुबह को वे बागी विधायकों के साथ असम के गुवाहाटी पहुँचे गए. मंगलवार को शिवसेना ने उन्हें मनाने की कोशिश की और उनकी उद्धव ठाकरे से फ़ोन पर भी बात हुई लेकिन बात नहीं बनी.
सोनिया गांधी ने लिखी ईडी को चिट्ठी, स्वास्थ्य के आधार पर पेशी टालने की मांग की
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कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को पत्र लिखकर अपनी पेशी को कुछ हफ़्तों के लिए टालने की मांग की है.
पार्टी प्रवक्ता जयराम रमेश ने ट्वीट कर ये जानकारी दी है.
सोनिया गांधी पिछले दिनों कोरोना संक्रमित हो गई थी और कोरोना से जुड़ी समस्याओं के कारण उन्हें दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
लेकिन अब उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई है.
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जयराम रमेश ने बताया कि सोनिया गांधी को घर पर आराम करने की सलाह दी गई है, इसलिए उन्होंने ईडी को चिट्ठी लिखकर ये मांग की है कि जब तक वे पूरी तरह ठीक नहीं हो जाती, उनकी पेशी को टाल दिया जाए.
प्रवर्तन निदेशालय ने नेशनल हेराल्ड मामले में राहुल गांधी के साथ-साथ सोनिया गांधी को भी पूछताछ के लिए समन जारी किया था. राहुल गांधी से पिछले कई दिनों से ईडी ने कई घंटों तक पूछताछ की है.
कांग्रेस ने इसे लेकर मोदी सरकार के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन भी किया था.
एकनाथ शिंदे ने कहा- मेरे पास 46 विधायकों का समर्थन, लेकिन बीजेपी से अभी बात नहीं
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शिवसेना के विधायक एकनाथ शिंदे ने कहा है कि फ़िलहाल उनके पास 46 विधायक हैं, जिनमें 6-7 निर्दलीय विधायक भी शामिल हैं.
समाचार एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में शिंदे ने कहा कि आने वाले समय में ये संख्या और बढ़ेगी.
उन्होंने स्पष्ट किया कि फ़िलहाल उन्हें बीजेपी की ओर से ना तो कोई प्रस्ताव मिला है और न ही वे बीजेपी के साथ कोई बातचीत ही कर रहे हैं.
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एकनाथ शिंदे शिवसेना के कुछ विधायकों के साथ पहले गुजरात के सूरत गए थे और फिर असम के गुवाहाटी पहुँचे हैं. मंगलवार को शिवसेना ने उन्हें मनाने की कोशिश की और उनकी उद्धव ठाकरे से फ़ोन पर भी बात हुई लेकिन बात नहीं बनी.
इंटरव्यू के दौरान एकनाथ शिंदे ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थिति में वे ये कहेंगे कि बालासाहेब ठाकरे के शिवसैनिक शिवसैनिक बने रहें. उन्होंने ये भी स्पष्ट किया कि उनकी फ़िलहाल शिवसेना या सीएम उद्धव ठाकरे के साथ कोई बातचीत नहीं चल रही है. एकनाथ शिंदे ने बताया कि अभी उन्होंने आगे की कार्रवाई के बारे में कोई फ़ैसला नहीं किया है.
महाराष्ट्र के सियासी घमासान पर जेडीयू ने कहा- तख़्तापलट की तैयारी में शामिल है बीजेपी
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जेडीयू के राष्ट्रीय सचिव राजीव रंजन प्रसाद ने न्यूज़
एजेंसी एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में कहा है कि जनादेश से चुनी हुई सरकारों को
पांच साल काम करने देना चाहिए.
उन्होंने कहा, "शिवसेना में यह पहली बार नहीं हुआ है. लेकिन यह प्रकरण थोड़ा ज्यादा गंभीर है. जनादेश से चुनी हुई सरकारों को 5 साल काम करने देना चाहिए."
महाराष्ट्र में मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर उन्होंने कहा कि महा अघाड़ी के नेताओं की बैठकें हो रही हैं लेकिन इस विद्रोह को नियंत्रित करना उनके लिए एक चुनौती होगी.
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उन्होंने कहा कि फ़िलहाल उनके लिए हालात बहुत अच्छे नहीं दिख रहे हैं.
बीजेपी पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, "महाराष्ट्र में तख़्तापलट की तैयारी में बीजेपी भी शामिल है, नैतिक पक्ष ये है कि जनादेश से चुनी सरकारों को पाँच साल काम करने देना चाहिए. उनके अंदरुनी द्वंद्व को और मुखर बनाकर राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करना, ये एक ऐसी परिपाटी है जो पहले कांग्रेस ने अपनाई और अब इसकी पुनरावृत्ति नई व्यवस्था में भी की जा रही है."
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अग्निपथ योजना पर भी जेडीयू बनाम बीजेपी
अग्निपथ योजना को लेकर बिहार में सबसे उग्र प्रदर्शन देखने को मिले.
अग्निपथ योजना को लेकर सत्ताधारी पार्टियों बीजेपी और जेडीयू के बीच भी मतभेद देखने को मिल रहे हैं.
जेडीयू के कई नेता इस योजना पर पुनर्विचार की बात कह चुके हैं.
जदयू नेता और राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष अंजुम आरा ने बीबीसी से कहा था, "हम लोगों का यही कहना है कि सही में इस योजना पर पुनर्विचार होना चाहिए. क्योंकि जिन लोगों के लिए यह योजना लायी गयी है, वही इसके पक्ष में नहीं हैं."
जदयू जहां अग्निपथ योजना पर गठबंधन में सहयोगी भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार से अलग रुख़ अपना रही है वहीं भारतीय जनता पार्टी के नेता और मंत्री इस योजना का खुलकर समर्थन कर रहे हैं.
राजीव रंजन प्रसाद ने अपने ताज़ा बयान में अग्निपथ को लेकर हुई हिंसा पर कहा, “पूरे देश में जो तांडव मचा है, ये नहीं होता अगर एनडीए सरकार ने राजनीतिक दलों एवं युवाओं को विश्वास में लिया होता. अगर इस योजना को किस्तों में लाने के बजाए एकमुश्त लाया गया होता तो शायद हालात ऐसे नहीं होते.”
द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाने पर क्या कहा नीतीश कुमार ने?
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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने द्रौपदी मुर्मू को एनडीए की ओर से राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाने का स्वागत किया है.
उन्होंने ट्वीट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद भी दिया है.
मंगलवार शाम बीजेपी के अध्यक्ष जेपी नड्डा ने झारखंड की पूर्व राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाने की घोषणा की थी.
बीजेपी के शीर्ष नेताओं समेत एनडीए के नेताओं ने भी इसका स्वागत किया था.
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ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भी ट्वीट कर इसके लिए पीएम का आभार व्यक्त किया और लिखा कि ये प्रदेश के लिए गौरव का क्षण है. द्रौपदी मुर्मू ओडिशा की ही रहने वाली हैं.
बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने अपने ट्वीट में लिखा है- श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया जाना ख़ुशी की बात है. श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी एक आदिवासी महिला हैं. एक आदिवासी महिला को देश के सर्वोच्च पद के लिए उम्मीदवार बनाया जाना अत्यंत प्रसन्नता की बात है.
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उन्होंने आगे लिखा है कि श्रीमती द्रौपदी मुर्मू उड़ीसा सरकार में मंत्री तथा इसके पश्चात् झारखण्ड की राज्यपाल भी रह चुकीं हैं. नीतीश कुमार ने बताया है कि कल प्रधानमंत्री जी ने बात कर इसकी जानकारी दी थी कि श्रीमती द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया जा रहा है. प्रधानमंत्री जी को इसके लिए हृदय से धन्यवाद.
कल ही क़रीब 17 विपक्षी दलों ने सहमति से तृणमूल कांग्रेस के उपाध्यक्ष यशवंत सिन्हा को संयुक्त विपक्ष की ओर से राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाने की घोषणा की है.
उद्धव ठाकरे ने कहा है कि फ़िलहाल विधानसभा भंग करने का प्रस्ताव नहीं: कमलनाथ
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कांग्रेस नेता कमलनाथ ने कहा है कि उनकी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से बात हुई है.
कमलनाथ के मुताबिक़ उद्धव ठाकरे ने उनसे ये कहा है कि फ़िलहाल राज्य विधानसभा को भंग करने का कोई प्रस्ताव नहीं है.
विधानसभा भंग करने को लेकर अटकलें उस समय तेज़ हो गई थी, जब शिवसेना सांसद संजय राउत ने इस बारे में एक ट्वीट किया था.
उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा था कि महाराष्ट्र का राजनीतिक घटनाक्रम विधानसभा भंग होने की दिशा में जा रहा है.
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इस बीच एनसीपी के नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री छगन भुजबल ने मध्यावधि चुनाव से इनकार किया है और कहा है कि अभी इस बारे में कोई चर्चा नहीं हुई है. जब से एकनाथ शिंदे शिवसेना के कुछ विधायकों के साथ पहले गुजरात और फिर असम पहुँचे हैं, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार संकट में नज़र आ रही है.
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इस समय उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में कैबिनेट की बैठक चल रही है. उद्धव कोरोना पॉज़िटिव हैं, इसलिए वे वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के ज़रिए मीटिंग में शामिल हुए हैं. दूसरी ओर प्रदेश के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी भी कोरोना संक्रमित होने के कारण अस्पताल में भर्ती हैं. कमलनाथ कांग्रेस के पर्यवेक्षक के रूप में महाराष्ट्र में हैं.
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उन्होंने कांग्रेस विधायकों के साथ बैठक भी की, जिसमें 41 विधायक शामिल हुए. महाराष्ट्र में कांग्रेस के 44 विधायक हैं. लेकिन कमलनाथ ने स्पष्ट किया है कि उनके बाक़ी के तीन विधायक रास्ते में हैं और पहुँच जाएँगे. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी धन-बल का इस्तेमाल कर रही है, जो संविधान के ख़िलाफ़ है. इस बीच महाराष्ट्र में मौजूदा राजनीतिक संकट के मद्देनज़र कई इलाक़ों में शिवसैनिकों ने प्रदर्शन भी किए हैं.
महाराष्ट्र में राजनीतिक संकट: उद्धव ठाकरे हुए कोरोना पॉज़िटिव, कैबिनेट की बैठक भी
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महाराष्ट्र में राजनीतिक
घमासान जारी है. एक ओर जहाँ एकनाथ शिंदे गुवाहाटी में हैं और दावा कर रहे हैं कि
उनके साथ 40 विधायक हैं. वहीं आज महाराष्ट्र में सीएम उद्धव ठाकरे कैबिनेट की बैठक
कर रहे हैं.
इस बीच कांग्रेस नेता कमलनाथ ने मीडिया को बताया कि उद्धव ठाकरे कोरोना संक्रमित हो गए हैं.
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इससे पहले बालासाहिब थोराट के आवास पर कांग्रेस विधायकों की बैठक हुई. इस बैठक में 44 में से 41 कांग्रेस विधायक शामिल हुए.
बैठक के बाद कांग्रेस नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री बालासाहेब थोराट ने कहा कि हमारे जो 44 विधायक हैं, वे सभी हमारे साथ में हैं. कुछ जगह ग़लत ख़बर आ रही है, मैं विनती करता हूँ ऐसी ग़लत ख़बर न फैलाएँ.
इस मौक़े पर मौजूद कमलनाथ ने कहा, "जो भी आज विरोध कर रहे हैं उनको मैं यही कहना चाहता हूँ कि कल के बाद परसो भी आता है. मुझे पूरा भरोसा है कि उद्धव ठाकरे जी के नेतृत्व में शिवसेना में फिर से एकता बनेगी."
क्या है विवाद
महाराष्ट्र में राजनीतिक संकट गहरा गया है. शिव सेना के विधायक और उद्धव ठाकरे सरकार में मंत्री एकनाथ शिंदे के पार्टी के क़रीब 30-40 विधायकों के साथ महाराष्ट्र छोड़ने के बाद महाराष्ट्र में बीजेपी और महाविकास अघाड़ी सरकार के बीच रस्साकशी और तेज हो गई है.
मंगलवार की सुबह शिंदे के सूरत में होने की ख़बर आई थी. लेकिन बुधवार तड़के वह विधायकों के साथ बीजेपी शासित राज्य असम के गुवाहाटी में पहुँच गए.
महाराष्ट्र में शिवसेना-एनसीपी और कांग्रेस की गठबंधन सरकार का भविष्य अब ख़तरे में दिख रहा है. लोगों के बीच ये बहस तेज़ हो गई है कि क्या महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की सरकार के दिन अब गिनती के रह गए हैं?
इस बीच शिवसेना संजय राउत के ट्वीट से इस बात की शंका और बढ़ गई है.
LIVE: महाराष्ट्र में सियासी संकट, क्या है ताजा हाल
महाराष्ट्र के सियासी संकट पर बोले अशोक गहलोत- हिंदुत्व के नाम पर देश में ख़त्म हो रहा है लोकतंत्र
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राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने महाराष्ट्र के सियासी संकट को लेकर बीजेपी को घेरा है.
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि हिंदुत्व के नाम पर देश में लोकतंत्र ख़त्म हो रहा है.
गहलोत ने कहा- अभी लोग समझ नहीं रहे हैं लेकिन बाद में वे इस पर अफ़सोस व्यक्त करेंगे.
उन्होंने कहा कि बीजेपी के लोग ख़रीद-फ़रोख़्त कर रहे हैं और सरकारों को गिरा रहे हैं. जबकि देश में क़ानून-व्यवस्था की स्थिति ठीक नहीं है और अर्थव्यवस्था भी कमज़ोर है.
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि इन लोगों ने हर चीज़ को मज़ाक बना दिया है.
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गहलोत ने कहा- ये लोग महाराष्ट्र की सरकार को शुरू से ही निशाना बना रहे थे और उसके ख़िलाफ़ साज़िश कर रहे थे. लेकिन अब ये बात सामने आई है. पीएम मोदी और अमित शाह को अड़ियल रुख़ अपनाए बिना देश को संविधान के हिसाब से चलाना चाहिए.
महाराष्ट्र में शिवसेना के नेता एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में पार्टी के कई विधायक गुवाहाटी में हैं. पहले ये विधायक गुजरात के सूरत में थे. इसके बाद से ही महाराष्ट्र में सियासी संकट चल रहा है.
एकनाथ शिंदे का दावा है कि उनके पास 40 विधायकों का समर्थन है. एक दिन पहले ही उन्होंने कहा था कि वे बालासाहेब की शिवसेना के सच्चे सैनिक हैं और किसी को धोखा नहीं देंगे. लेकिन शिवसेना की ओर से उन्हें मनाने की सारी कोशिशें अभी तक नाकाम साबित हुई हैं.