इसराइल की संसद भंग करने पर सहमत हुए पीएम नफ्ताली बेनेट और विदेश मंत्री यायिर लैपिड
इसराइली मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इसराइल की संसद में अगले हफ़्ते इस सिलसिले में वोटिंग होगी और इसके बाद यायिर लैपिड प्रधानमंत्री पद का ओहदा संभालेंगे.
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कमलेश मठेनी and विभुराज
ब्रेकिंग न्यूज़, इसराइल की संसद भंग करने पर सहमत हुए पीएम नफ्ताली बेनेट और विदेश मंत्री यायिर लैपिड
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इसराइल के प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट और विदेश मंत्री यायिर लैपिड देश की संसद भंग करने पर सहमत हो गए हैं.
इसके साथ ही इसराइली संसद के लिए नए चुनाव होंगे.
इस बीच यायिर लैपिड प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालेंगे.
इसराइली मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इसराइल की संसद में अगले हफ़्ते इस सिलसिले में वोटिंग होगी और इसके बाद यायिर लैपिड प्रधानमंत्री पद का ओहदा संभालेंगे.
यायिर लैपिड और नफ्ताली बेनेट ने पिछले साल जून में गठबंधन बनाया था जिसके बाद बिन्यामिन नेतन्याहू की सरकार सत्ता से बेदखल हो गई थी.
इसराइल की मौजूदा गठबंधन सरकार में धुर-दक्षिणपंथी, लिबरल और मुस्लिम अरब जैसे राजनीतिक धड़े शामिल हैं. ये गठबंधन टिक पाएगा या नहीं, इसे लेकर शुरू से ही सवाल खड़े हो रहे थे.
परवेज़ मुशर्रफ़ को वो कौन सी दवा चाहिए जो पाकिस्तान में नहीं मिलती
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पाकिस्तान में ये एक आम घारणा है कि राजनेता, जनरल, न्यायाधीश और नौकरशाह देश के बाहर इलाज कराना ही पसंद करते हैं. इसके पीछे अक्सर ये तर्क दिया जाता है कि यह शासक और जनरल अपने कार्यकाल के दौरान देश में स्वास्थ्य देखभाल में सुधार के लिए काम करते रहे, लेकिन ऐसा करने में कामयाब नहीं हो सके.
हाल के दिनों में पाकिस्तान में टीवी चैनलों की स्क्रीन और सोशल मीडिया पर पूर्व राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ की स्वदेश वापसी की खबरें गर्म हैं. ये चर्चा हो रही है कि परवेज़ मुशर्रफ़ स्वदेश लौटेंगे या नहीं... पाकिस्तानी सेना की ओर से राजनेताओं को दिए गए बयानों के बाद इस बारे में उनके परिवार का रुख़ सामने आया है.
परवेज़ मुशर्रफ़ के परिवार की ओर से ट्विटर पर जारी एक बयान में कहा गया है कि परिवार को पूर्व राष्ट्रपति की दवा की लगातार आपूर्ति और उपचार की व्यवस्था के बारे में महत्वपूर्ण चिकित्सा, क़ानूनी और सुरक्षा चुनौतियों पर विचार करना होगा.
नेशनल हेराल्ड केस में राहुल गांधी को ईडी ने पूछताछ के लिए पांचवीं बार बुलाया
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नेशनल हेराल्ड केस में जांच कर रही सरकारी एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय ने पूछताछ के लिए राहुल गांधी को पांचवीं बार बुलाया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई ने ईडी के अधिकारियों के हवाले से बताया है कि राहुल गांधी से पूछताछ की जाएगी और उनका बयान दर्ज किया जाएगा.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी सोमवार को भी ईडी के समक्ष पेश हुए थे.
अधिकारियों ने बताया कि उन्हें मंगलवार को भी पूछताछ के लिए उपस्थित होने को कहा गया है. उनके ख़िलाफ़ प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत जांच की जा रही है.
राहुल गांधी ईडी के समक्ष पहली बार 13 जून को पेश हुए थे. ईडी उनसे अभी तक 38 घंटे पूछताछ कर चुकी है.
वीडियो कैप्शन, राहुल गांधी की आफत बने नेशनल हेराल्ड केस की पूरी कहानी
अग्निपथ योजना: क्यों चिंता में हैं 23 साल के जवान से लेकर रिटायर्ड जवान तक
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"मेरे पापा दिल्ली में एक कंपनी में काम करते हैं. मैं उनसे पिछले सात साल से नहीं मिला. मम्मी से भी साल में एक बार मिलने जाता हूं ताकि मेरी रोज़ाना सुबह की दौड़ (प्रैक्टिस) छूट नहीं जाए. लेकिन अब तो मेरा भविष्य सीधे सीधे अंधेरे में है. आर्मी का तो सपना टूट ही गया."
दुबले-पतले, गठीले शरीर वाले 23 साल के अमित पाल हैरान, परेशान हैं. वे बिहार के आरा शहर के एच डी जैन कॉलेज में अपने हमउम्र साथियों के सामने हाथ पांव के संतुलन से होने वाले व्यायाम का प्रदर्शन तो कर रहे हैं लेकिन उनका दिमाग़ उनके साथ नहीं है.
'मैं कहीं का ना रहूंगा'
अमित की परेशानी की वजह है केन्द्र की अग्निपथ योजना जिसने उन जैसे नौजवानों को सेना की बहाली से लगभग बाहर का रास्ता दिखा दिया है.
मूल रूप से बिहार से सटे उत्तरप्रदेश के गाज़ीपुर के रहने वाले अमित कहते हैं, "मैं अब कहीं का नहीं रहूंगा. मेरा सपना था देश सेवा का, लेकिन अब वो तो ख़त्म हो गया. साल 2019 में जब मैंने प्रक्टिस करना शुरू किया था तो 21 साल का था आज मेरी उम्र 23 साल पार कर गई. कोरोना को वक्त में दूसरे सारे एग्ज़ाम करा दिए गए लेकिन सेना की परीक्षा नहीं हुई. मैं मेडिकल और फ़िज़िकल पास करके बैठा हूं और अब तो एग्ज़ाम ही रद्द हो गया."
अग्निपथ विरोधी प्रदर्शनों में हिंसा: बिहार में अब तक 161 एफआईआर और 922 गिरफ़्तार
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अग्निपथ विरोधी प्रदर्शनों के कारण देश के कई हिस्सों में पिछले तीन-चार दिनों में कुछ जगहों पर हिंसा, आगजनी और सरकारी संपत्ति को नुक़सान पहुंचाने के मामले सामने आए हैं.
बिहार पुलिस ने बताया है कि 16 जून से अब तक राज्य में ऐसे मामलों में 922 लोगों को गिरफ़्तार किया जा चुका है.
इन पर सरकारी संपत्ति को नुक़सान पहुंचाने, आगजनी और तोड़फोड़ के आरोप लगाए गए हैं.
समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, बिहार पुलिस ने इन मामलों में अब तक 161 एफआईआर भी दर्ज की है.
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आज का कार्टून: रेल वाले कृपया ध्यान दें
अग्निपथ को लेकर विरोध पर आज का कार्टून.
सोनिया गांधी को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है: जयराम रमेश
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कांग्रेस पार्टी ने सोमवार को बताया कि पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है और डॉक्टरों ने उन्हें घर पर आराम करने के लिए कहा है.
सोनिया गांधी को दो जून को कोरोना संक्रमण हो गया था जिसके बाद कुछ स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते 12 जून को उन्हें दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने बताया, "कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को सर गंगा राम अस्पताल से आज शाम डिस्चार्ज कर दिया गया है और उन्हें घर पर आराम करने की सलाह दी गई है."
इससे पहले जयराम रमेश ने बताया था कि कोविड से संक्रमण के बाद उनकी नाक से ख़ून बहने लगा था जिस वजह से उन्हें अस्पताल में दाखिल कराया गया.
उन्होंने बताया था कि सोनिया गांधी का इलाज तुरंत शुरू कर दिया गया था.
अग्निपथ के ख़िलाफ़ हिंसक विरोध प्रदर्शन की ये 10 तस्वीरें
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14 जून को भारतीय सेना के तीनों प्रमुखों ने सेना में छोटी अवधि की नियुक्तियों को लेकर 'अग्निपथ' नीति की घोषणा की थी.
इसके ख़िलाफ़ यूपी-बिहार समेत कई राज्यों में युवा सड़क पर उतर गए.
सोमवार यानी आज इसी योजना के विरोध में भारत बंद है.
अग्निपथ विरोधी प्रदर्शनों के कारण सोमवार को 595 ट्रेनें रद्द की गईं
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भारतीय सेना में भर्ती की नई योजना अग्निपथ के विरोध में देश के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के कारण रेल यातायात बुरी तरह से प्रभावित हुआ है.
सोमवार को इस योजना का विरोध कर रहे संगठनों ने भारत बंद का आह्वान किया था.
समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, अग्निपथ विरोधी प्रदर्शनों के कारण देश भर में सोमवार को 595 से भी अधिक ट्रेनें रद्द की गईं. इनमें 208 मेल और एक्सप्रेस गाड़ियां थीं और 379 पैसंजर ट्रेनें थीं.
भारतीय रेलवे ने बताया कि चार मेल/एक्सप्रेस गाड़ियां और 6 पैसंजर ट्रेनें आंशिक रूप से रद्द की गईं.
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भारत के राष्ट्रपति का चुनाव कैसे होता है?
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चुनाव आयोग ने देश में राष्ट्रपति चुनाव को लेकर तारीख का एलान कर दिया है. 18 जुलाई को देश के 15वें राष्ट्रपति के लिए मतदान होगा और 21 जुलाई को देश के नए राष्ट्रपति का पता चलेगा.
राष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन की आखिरी तारीख 29 जून है. इस रिपोर्ट में जानिए किभारत का राष्ट्रपति कैसे चुना जाता है?
1. राष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया क्या होती है?
राष्ट्रपति का निर्वाचन इलेक्टोरल कॉलेज के द्वारा किया जाता है. इन इलेक्टोरल कॉलेज निर्वाचक मंडल के सदस्य होते हैं लोकसभा और राज्यसभा के निर्वाचित सदस्य और इसके अलावा सभी विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य.
विधान परिषद् के सदस्य उसके सदस्य नहीं होते. लोकसभा और राज्यसभा के नामांकित सदस्य भी इसके सदस्य नहीं होते हैं.
इसराइल का 'मिडिल ईस्ट एयर डिफेंस अलायंस' प्लान, टारगेट पर ईरान
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इमेज कैप्शन, इसराइल के रक्षा मंत्री बेनी गैंट्ज़
मध्य पूर्व में अमेरिका की अगुवाई में इसराइल एक 'रीजनल एयर डिफेंस अलायंस' बना रहा है. इसराइल के रक्षा मंत्री ने कहा है कि इस पहल से पहले भी ईरानी हमलों को नाकाम किया जा चुका है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इसराइल के रक्षा मंत्री बेनी गैंट्ज़ ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति जा बाइडन की अगले महीने प्रस्तावित यात्रा से ये गठबंधन और मजबूत होगा.
अरब दुनिया में अमेरिका के क़रीबी सहयोगी देश ईरान के मुद्दे पर हाल के सालों में इसराइल के क़रीब आए हैं. इसराइल ने उन्हें रक्षा सहयोग की पेशकश कर रखी है.
'रीजनल अलायंस' के विचार पर अरब देशों ने सार्वजनिक तौर पर बयान दिए हैं.
इस क्षेत्रीय गठबंधन को इसराइली रक्षा मंत्री बेनी गैंट्ज़ ने 'मिडिल ईस्ट एयर डिफेंस अलायंस' नाम दिया है. उन्होंने इसराइली सांसदों को बताया कि ये गठबंधन पहले से काम कर रहा है.
उन्होंने कहा, "अमेरिका प्रशासन और पेंटागन में अपने सहयोगियों के साथ बीते एक साल से मैं इस प्रोग्राम को लीड कर रहा था. इससे इसराइल और अरब देशों के बीच सहयोग और मजबूत होगा. ये प्रोग्राम पहले से चल रहा है और इसराइल और अन्य देशों पर ईरानी हमलों को पहले ही सफलतापूर्वक नाकाम किया जा चुका है."
हालांकि इसराइली रक्षा मंत्री के इस बयान का जो ट्रांसक्रिप्ट जारी किया गया है, उसमें अमेरिका और इसराइल के अलावा अरब दुनिया से किसी और सहयोगी देश का नाम नहीं लिया गया है और न ही नाकाम किए गए हमलों के बारे में विस्तार से ही कोई जानकारी दी गई है.
ईरान की इसराइल के साथ-साथ दूसरे अरब देशों से भी अदावत रही है.
लखनऊ: ज़ोमैटो डिलीवरी बॉय का आरोप, दलित होने के नाते खाना लेने से किया इनकार, एफ़आईआर दर्ज
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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में ज़ोमैटो के एक डिलीवरी बॉय का आरोप है कि जब वो खाने की डिलीवरी करने लोकेशन पर पहुंचे तो उनकी जाति जानने पर ना सिर्फ़ व्यक्ति ने उनसे खाना लेने से इनकार कर दिया.
डिलीवरी करने वाले का आरोप है कि उन्हें न केवल गालियां दी गईं, बल्कि उनके मुंह पर तम्बाकू थूका गया और उनके साथ मारपीट भी की गई.
क्या कहती है एफ़आईआर?
यह घटना शनिवार 18 जून की है. इस मामले में दर्ज एफ़आईआर के मुताबिक़ विनीत कुमार रावत लखनऊ के आशियाना इलाक़े में ज़ोमैटो डिलीवरी बॉय का काम करते हैं.
शनिवार शाम को वो एक ऑर्डर की डिलीवरी देने के लिए आशियाना के सेक्टर एच में रहने वाले अजय सिंह के यहां गए थे.
20 जून 2022 का ‘दिनभर: पूरा दिन, पूरी ख़बर, सुनिए मोहम्मद शाहिद और अंजुम शर्मा के साथ
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कांग्रेस की मोदी जी के प्रति नफ़रत बढ़ती रही और जनता की मोहब्बत बढ़ती रही: बीजेपी
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इमेज कैप्शन, बीजेपी के प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कांग्रेस नेता सुबोध कांत सहाय की टिप्पणी पर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि जैसे-जैसे लोगों का प्यार उनके लिए बढ़ रहा है, वैसे-वैसे उनके लिए कांग्रेस की नफरत बढ़ रही है.
बीजेपी के प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, "बड़े दुख की बात है कि भारत के राजनीतिक इतिहास में भाषायी मर्यादा को निम्नतम स्तर पर ले जाने की शुरुआत आज से 15 साल पहले हुई थी जब 2007 में सोनिया गांधी ने गुजरात विधानसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी के लिए मौत का सौदागर जैसे नितांत भर्त्सना योग्य शब्द का प्रयोग किया था जबकि वो सत्ताधारी दल थे और सत्ताधारी दल और गठबंधन की नेता थीं."
"जो दल सबसे बड़ा होता है, उसका दायित्व सबसे बड़ा होता है. उसके बाद मोदी जी के प्रति घृणा और वैमनस्य में मर्यादा की जो-जो सीमाएं लांघी गई हैं, उसका वर्णन करना.... मेरे विचार से करेंगे तो पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस का समय निकल जाएगा. जिसमें उनके लिए निकृष्ट से निकृष्टतम शब्दों का प्रयोग से लेकर, जातिबोधक शब्दों से लेकर लहूपुरुष, यमराज और जाने क्या-क्या शब्दों का प्रयोग किया गया."
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सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, "इतना ही नहीं, ये एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है. कांग्रेस पार्टी के नेता ने जो कुछ बोला है, वो तो अलग है. एक समय उनके आधिकारिक ट्विटर हैंडल से तू चाय बेच जैसा शब्द आया जिसे ट्विटर से उन्हें हटाना पड़ा."
"2014 के चुनाव में मोदी जी के विषय में जिस नेता ने ये कहा कि मैं बोटी-बोटी काट दूंगा, वो उस समय कांग्रेस का नेता नहीं था, लेकिन अगले ही दिन राहुल गांधी उसका प्रचार कर रहे थे. जबकि वो समाजवादी पार्टी का नेता था."
"इस तरह की बोटी-बोटी की बात करने वाले व्यक्ति को कोटि-कोटि नमन करते हुए कांग्रेस में शामिल कर लिया गया और कांग्रेस का उपाध्यक्ष बना दिया गया. उनके लिए नीच जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया."
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि नरेंद्र मोदी के प्रति कांग्रेस नेताओं ने कई बार आपत्तिजनक टिप्पणियां की हैं, क्या कभी कांग्रेस ने उनमें से किसी के ख़िलाफ़ अनुशासनात्मक कार्रवाई की है? ऐसे 80 से भी अधिक मामले हैं.
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बीजेपा प्रवक्ता का ये बयान पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय की उस टिप्पणी के बाद आया है जिसमें उन्होंने सोमवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'हिटलर' की तरह बर्ताव कर रहे हैं और वे उसी के रास्ते पर चलते रहे तो 'हिटलर की मौत' मरेंगे.
हालांकि कांग्रेस पार्टी ने सुबोध कांत सहाय के बयान से दूरी बना ली है. कांग्रेस ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि पार्टी प्रधानमंत्री के ख़िलाफ़ किसी अभद्र टिप्पणी का समर्थन नहीं करती है.
सिद्धू मूसेवाला: दिल्ली पुलिस ने बताया कैसे हत्या को अंजाम दिया गया
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दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने कहा है कि पंजाब के जानेमाने गायक और कांग्रस नेता सिद्धू मूसेवाला पर सबसे पहले मनप्रीत मन्नू नाम के एक व्यक्ति ने गोली चलाई थी जिसके बाद पांच और शूटरों ने उन पर गोलियां चलाई थीं.
दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल के एचजीएस धालीवाल ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा है कि सिद्धू मूसेवाला की हत्या में दो मॉड्यूल शामिल थे जिनका सीधा संपर्क कनाडा में बसे गैंगस्टर गोल्डी बरार से था.
पुलिस का कहना है कि इस मामले में उन्होंने 6 शूटरों की पहचान की थी. सोमवार को पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से दो मुख्य शूटर हैं.
एचजीएस धालीवाल ने कहा, हमलावरों ने हमला करने से पहले कई बार इलाक़े का दौरा कर जगह के बारे में अधिक जानकारी इकट्ठा की थी. जिन तीन शूटरों को सोमवार को गिरफ्तार किया गया है उनके पास से 8 ग्रेनेड, 9 इलेक्ट्रिक डिटोनेटर, 3 पिस्तौल (50 गोलियां) और एक असॉल्ट राइफ़ल बरामद किए गए.
अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों पर बोले इमरान ख़ान- अच्छे रिश्ते और ग़ुलामी में फर्क होता है
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पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि जब उन्हें पता चला कि उनके ख़िलाफ़ साज़िश रची जा रही है, तो उन्होंने 'न्यूट्रल्स' से कहा था कि अगर इस साज़िश को कामयाब होने दिया गया, तो मुल्क की अर्थव्यवस्था चरमरा जाएगी.
पत्रकार आफ़ताब इक़बाल के साथ बातचीत में उन्होंने अर्थव्यवस्था, संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ संबंध और पार्टी की आंतरिक राजनीति सहित कई मुद्दों पर चर्चा की.
इमरान ख़ान ने स्पष्ट रूप से पाकिस्तानी सेना की ओर इशारा करते हुए कहा, "मैंने तटस्थ लोगों से कहा था कि हमने बड़ी मुश्किल से अर्थव्यवस्था को संभाला है."
उन्होंने कहा कि उनके शासन काल में पहले कोरोना वायरस आया, फिर बिजली की क़ीमतों में वृद्धि हुई और उसके बाद आर्थिक स्थिति कमज़ोर हुई.
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इमरान ख़ान ने कहा कि उन्होंने अपने वित्त मंत्री शौकत तरीन को भी ये समझाने के लिए भेजा था कि अगर आप इस साज़िश को सफल होने देंगे तो ये सब बिखर जाएगा और फिर आप इसे संभाल नहीं पाएँगे.
यूक्रेन पर रूस के आक्रमण से एक दिन पहले इमरान ख़ान रूस के दौरे पर थे, जिसके लिए उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ा. इस यात्रा का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि रूस ऐसा क़दम उठा सकता है.
इमरान ख़ान ने कहा कि उन्होंने सोचा था कि आजकल ऐसी कोई जंग नहीं लड़ी जाएगी. इमरान ख़ान ने कहा कि हमें तेल, गैस और गेहूं ख़रीदने के लिए रूस की ज़रूरत थी, जबकि सेना को भी उनसे सामान ख़रीदना था.
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एक सवाल के जवाब में इमरान ख़ान ने कहा कि अमेरिका के साथ हमेशा अच्छे संबंध होने चाहिए, लेकिन अच्छे रिश्ते और ग़ुलामी में फ़र्क होता है.
उन्होंने कहा कि अमेरिका एक विश्व शक्ति है, पाकिस्तान वहाँ सबसे ज़्यादा निर्यात करता है, पाकिस्तान के कुछ सबसे अमीर लोग अमेरिका में रहते हैं और अमेरिका हमसे ग़ुलामी चाहता है.
पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि जो अमेरिका के हित के लिए खड़ा होता है, अमेरिका उसको अहमियत देता है. यही वजह है कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने उन्हें सम्मानित किया था.
लेकिन इमरान खान ने कहा कि अमेरिका हमें ग़ुलाम बनाने की कोशिश कर रहा है ताकि हम रूस न जाएँ और वो हमें सहारा दे. इमरान खान ने कहा कि तीन घंटे की बैठक के बाद पुतिन ने उन्हें समझाया कि उन्होंने हमला क्यों किया. उन्होंने कहा कि अमेरिका और रूस के अपने-अपने बयानों के संदर्भ में पाकिस्तान को तटस्थ रहना चाहिए.
अग्निपथ स्कीम के ख़िलाफ़ 24 जून को संयुक्त किसान मोर्चा का विरोध प्रदर्शन
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संयुक्त किसान मोर्चा ने मोदी सरकार की अग्निपथ योजना के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है.
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैट ने ट्वीट करके बताया है कि 24 जून को देशभर में विरोध प्रदर्शन होगा.
हरियाणा के करनाल में संयुक्त किसान मोर्चा की समन्वय समिति की बैठक में ये फ़ैसला हुआ.
मोर्चा ने युवा, नागरिक संगठनों और पार्टियों से इस विरोध प्रदर्शन से जुड़ने की अपील की है.
संयुक्त किसान मोर्चा का ये भी कहना है कि भारतीय किसान यूनियन 30 जून के प्रदर्शन की बजाय 24 जून को प्रदर्शन में शामिल रहेगा.
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जब से मोदी सरकार ने सेना में भर्ती की अग्निपथ योजना की घोषणा की है, इसका काफ़ी विरोध हो रहा है. ज़्यादातर विपक्ष इसके ख़िलाफ़ है. कई विपक्षी दलों ने मोदी सरकार से इस योजना को वापस लेने की मांग की है.
देश के कई हिस्सों में इसे लेकर हिंसक प्रदर्शन हुए हैं. ख़ासकर बिहार में प्रदर्शनकारियों ने ख़ूब आगजनी की. लेकिन केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि योजना वापस नहीं ली जाएगी. सेना ने तो अग्निपथ योजना के तहत नियुक्ति के लिए अधिसूचना भी जारी कर दी है.
FB Live: 'अग्निपथ' योजना के विरोध में ग्वालियर में हुई हिंसा के बाद क्या हैं हालात?, बीबीसी संवाददाता सलमान रावी के साथ
ओवैसी ने क्यों कहा- जिस दिन कांग्रेस ख़त्म हो गई, उस दिन बीजेपी भी ख़त्म हो जाएगी
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लोकसभा सांसद और एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कांग्रेस और बीजेपी के रिश्ते पर सवाल उठाया है.
उन्होंने राजस्थान की एक ख़बर को ट्विटर पर शेयर करते हुए कहा है कि कांग्रेस और बीजेपी की दोस्ती कोई ढँकी-छिपी नहीं है.
दरअसल ओवैसी पर बीजेपी की बी टीम होने का आरोप लगता रहता है. ओवैसी की पार्टी ने जब बिहार, पश्चिम बंगाल और यूपी में चुनाव लड़ने की घोषणा की थी, तो उस पर ये आरोप लगे थे.
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हालाँकि ओवैसी ने इन आरोपों को ख़ारिज किया था और कहा था कि एक राजनीतिक पार्टी होने के नाते उनकी पार्टी कहीं से भी चुनाव लड़ सकती है. राजस्थान की एक ख़बर को ट्वीट करते हुए ओवैसी ने लिखा है- कांग्रेस और बीजेपी की दोस्ती कोई ढँकी-छुपी नहीं है. फिर से एकबार अपनी दोस्ती निभाते हुए राजस्थान की गहलोत सरकार ने 48 भाजपाइयों पर दर्ज केस को वापस लेने का बड़ा फ़ैसला लिया है. उन्होंने आगे लिखा है- लेकिन बी-टीम हम हैं. जिस दिन कांग्रेस ख़त्म हो गई, उस दिन भाजपा भी ख़त्म हो जाएगी.
सुबोध कांत सहाय ने पीएम मोदी को कहा 'हिटलर', कांग्रेस बोली- ये अमर्यादित टिप्पणी है
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कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'हिटलर' की तरह बर्ताव कर रहे हैं और वे उसी के रास्ते पर चलते रहें तो 'हिटलर की मौत' मरेंगे.
हालांकि कांग्रेस पार्टी ने सुबोध कांत सहाय के बयान से दूरी बना ली है. सुबोध कांत सहाय ने ये बयान जंतर-मंतर पर पार्टी के विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम 'सत्याग्रह' के दौरान दिया है.
कांग्रेस ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि पार्टी प्रधानमंत्री के ख़िलाफ़ किसी अभद्र टिप्पणी का समर्थन नहीं करती है.
कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने ट्विटर पर हिंदी में लिखा है- कांग्रेस पार्टी मोदी सरकार की तानाशाही विचारधारा और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ निरंतर लड़ती रहेगी. परंतु प्रधानमंत्री के प्रति किसी भी अमर्यादित टिप्पणी से हम सहमत नहीं हैं. हमारा संघर्ष गांधीवादी सिद्धांतों और तरीक़े से ही जारी रहेगा.
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'सत्याग्रह' में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सुबोध कांत सहाय ने बीजेपी को लुटेरों की सरकार कहा.
उन्होंने कहा, "भाजपा ने हमारी दो-दो, तीन-तीन चुनी हुई सरकारों को गिराने का काम किया है. ये लुटेरों की सरकार है, मोदी जो मदारी के रूप में इस देश में आकर और पूरी तरह से तानाशाही स्वरूप में आ गए हैं. मुझे तो लगता है कि इसने हिटलर का सारा इतिहास इसने पार कर लिया है. हुडा साहब गाँव की भाषा में समझा रहे थे कि हिटलर ने भी ऐसी ही एक संस्था बनाई थी. उसका नाम था खाकी. सेना के बीच ये उसने बनाया था. मोदी हिटलर की राह चलेगा तो हिटलर की मौत मरेगा. ये याद रख लो मोदी."
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बाद में सुबोध कांत सहाय ने इस बयान पर स्पष्टीकरण देते हुए समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "आप लोग पत्रकार हैं, भाषा समझा रहे हैं. नरेंद्र मोदी से पूछिएगा, वे भी ये नारा लगाए होंगे. ये नारा है कि जो हिटलर की चाल चलेगा, वो हिटलर की मौत मरेगा. नरेंद्र मोदी से पूछिए कि वो क्या चाल चल रहे हैं. ये नारा तो हम लोग हर ज़माने में लगाते रहे हैं."
केंद्र सरकार ने 14 जून को अग्निपथ योजना की घोषणा की थी. सेना में नियुक्ति के लिए इस भर्ती योजना के ख़िलाफ़ देश के कई हिस्सों में विरोध-प्रदर्शन और हिंसा की घटनाएं हुई हैं.
कांग्रेस पार्टी ने इस योजना को युवा विरोधी करार दिया है. कांग्रेस का कहना है कि इस योजना से सेना को नुक़सान होगा. कांग्रेस पार्टी राहुल गांधी से ईडी की पूछताछ को बदले की राजनीति करार दे रही है. सोमवार के विरोध प्रदर्शन में इस मुद्दे को भी उठाया गया है.