भारतीय सेना में भर्ती की नई योजना अग्निपथ स्कीम को लेकर कैलाश विजयवर्गीय के एक बयान पर विवाद छिड़ गया है.
दरअसल, कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर में मीडिया से बात करते हुए कहा था कि "...मुझे अगर बीजेपी के ऑफ़िस में सिक्योरिटी रखना है तो मैं अग्निवीर को प्राथमिकता दूंगा."
कैलाश विजयवर्गीय अग्निपथ भर्ती योजना के बारे में रविवार को इंदौर में पत्रकारों से बात कर रहे थे.
उन्होंने कहा, "सेना की ट्रेनिंग में पहला डिसिप्लीन, दूसरा आज्ञा का पालन करना है. जब वो (अग्निवीर) ट्रेनिंग लेगा और चार साल की सेवा के बाद निकलेगा. साढ़े 17 साल से 23 साल की उम्र... यदि वो 21 साल की उम्र में भी भर्ती होता है, चार साल काम करता है तो 25 साल. 25 साल की उम्र में जब वो बाहर निकलेगा तो उसके हाथ में 11 लाख रुपये होंगे. और वो छाती पर अग्निवीर का तमगा लगाकर घूमेगा. किसी भी... मुझे अगर इस ऑफ़िस में, बीजेपी के ऑफ़िस में सिक्योरिटी रखना है तो मैं अग्निवीर को प्राथमिकता दूंगा."
कैलाश विजयवर्गीय के इस बयान पर कड़ी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं.
बीजेपी के ही सांसद वरुण गांधी ने कैलाश विजयवर्गीय के बयान की आलोचना करते हुए कहा, "जिस महान सेना की वीर गाथाएँ कह सकने में समूचा शब्दकोश असमर्थ हो, जिनके पराक्रम का डंका समस्त विश्व में गुंजायमान हो, उस भारतीय सैनिक को किसी राजनीतिक दफ़्तर की 'चौकीदारी' करने का न्यौता, उसे देने वाले को ही मुबारक. भारतीय सेना माँ भारती की सेवा का माध्यम है, महज एक 'नौकरी' नहीं."
कैलाश विजयवर्गीय के बयान की आम आदमी पार्टी के प्रमुख और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी कड़ी आलोचना की है.
उन्होंने कहा, "देश के युवाओं और सेना के जवानों का इतना अपमान मत करो. हमारे देश के युवा दिन-रात मेहनत करके फ़िज़िकल पास करते हैं, टेस्ट पास करते हैं, क्योंकि वो फ़ौज में जाकर पूरा जीवन देश की सेवा करना चाहते हैं, इसलिए नहीं कि वो बीजेपी के दफ़्तर के बाहर गार्ड लगना चाहते हैं."
आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने कहा, "वाह रे भाजपाईयों तुम्हारा बेटा करोड़ों के पैकेज वाली नौकरी करेगा. किसान का बेटा बीजेपी के दफ़्तर पर गार्ड की नौकरी करेगा. चिंता मत करो यही नौजवान तुम्हारे सत्ता भूत उतारेगा."