सेना में शामिल होना अनिवार्य नहीं, जो आना चाहते हैं, वही आएं: वीके सिंह
सेना में भर्ती की नई योजना 'अग्निपथ' को लेकर देश भर में चल रहे बवाल के बीच केंद्रीय मंत्री और पूर्व सेना प्रमुख जनरल (रिटायर्ड) विजय कुमार सिंह का बयान आया है.
रविवार को नागपुर में एक कार्यक्रम में शामिल हुए जनरल सिंह ने पत्रकारों से हुई बातचीत में कहा है कि सेना में शामिल होना स्वैच्छिक है, बाध्यकारी नहीं. उन्होंने कहा कि भारतीय सेना में शामिल होना स्वैच्छिक है.
उन्होंने कहा, ''हमारे यहां अनिवार्यता नहीं है, जिसको आना है वो आएं. अगर आपको अच्छी नहीं लगती स्कीम (अग्निपथ स्कीम) तो मत आओ. आपको बोल कौन रहा है आने के लिए. आप बसें जला रहे हो, ट्रेन जला रहे हो, किसने आपको बोला कि हम आपको फौज़ में लेंगे, पहले तो आप हमारे मापदंडों पर खरे उतरो न, उसके बाद हम लेंगे आपको फौज़ में.''
उन्होंने कहा, ''अग्निपथ योजना के तहत उम्र सीमा में दो साल की वृद्धि पर उन्होंने कहा कि कोरोना काल में दो साल तक भर्ती नहीं हुई थी. यह बात जब सामने आई तो सरकार ने कहा कि 21 साल की अधिकतम सीमा को 23 साल किया जाता है. इसका मतलब हुआ कि कोरोना के चलते दो साल बर्बाद होने से प्रभावित अभ्यर्थी भी सेना में शामिल होने के काबिल होंगे.''
वीके सिंह ने अग्निपथ योजना के बारे में प्रियंका गांधी के उस बयान पर भी अपनी राय रखी है, जिसमें गांधी ने कहा था कि यह योजना सेना और युवाओं दोनों को बर्बाद कर देगी.
उन्होंने कहा, ''कांग्रेस की परेशानी का कारण राहुल गांधी से प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की हो रही पूछताछ है. वो सरकार के बेहतर काम में भी कमियां ढूंढती हैं.''