You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.

Take me to the main website

सेना में शामिल होना अनिवार्य नहीं, जो आना चाहते हैं, वही आएं: वीके सिंह

सेना में भर्ती की नई योजना 'अग्निपथ' को लेकर देश भर में चल रहे बवाल के बीच केंद्रीय मंत्री और पूर्व सेना प्रमुख जनरल (रिटायर्ड) विजय कुमार सिंह का बयान आया है.

लाइव कवरेज

प्रियंका झा and चंदन शर्मा

  1. सेना में शामिल होना अनिवार्य नहीं, जो आना चाहते हैं, वही आएं: वीके सिंह

    सेना में भर्ती की नई योजना 'अग्निपथ' को लेकर देश भर में चल रहे बवाल के बीच केंद्रीय मंत्री और पूर्व सेना प्रमुख जनरल (रिटायर्ड) विजय कुमार सिंह का बयान आया है.

    रविवार को नागपुर में एक कार्यक्रम में शामिल हुए जनरल सिंह ने पत्रकारों से हुई बातचीत में कहा है कि सेना में शामिल होना स्वैच्छिक है, बाध्यकारी नहीं. उन्होंने कहा कि भारतीय सेना में शामिल होना स्वैच्छिक है.

    उन्होंने कहा, ''हमारे यहां अनिवार्यता नहीं है, जिसको आना है वो आएं. अगर आपको अच्छी नहीं लगती स्कीम (अग्निपथ स्कीम) तो मत आओ. आपको बोल कौन रहा है आने के लिए. आप बसें जला रहे हो, ट्रेन जला रहे हो, किसने आपको बोला कि हम आपको फौज़ में लेंगे, पहले तो आप हमारे मापदंडों पर खरे उतरो न, उसके बाद हम लेंगे आपको फौज़ में.''

    उन्होंने कहा, ''अग्निपथ योजना के तहत उम्र सीमा में दो साल की वृद्धि पर उन्होंने कहा कि कोरोना काल में दो साल तक भर्ती नहीं हुई थी. यह बात जब सामने आई तो सरकार ने कहा कि 21 साल की अधिकतम सीमा को 23 साल किया जाता है. इसका मतलब हुआ कि कोरोना के चलते दो साल बर्बाद होने से प्रभावित अभ्यर्थी भी सेना में शामिल होने के काबिल होंगे.''

    वीके सिंह ने अग्निपथ योजना के बारे में प्रियंका गांधी के उस बयान पर भी अपनी राय रखी है, जिसमें गांधी ने कहा था कि यह योजना सेना और युवाओं दोनों को बर्बाद कर देगी.

    उन्होंने कहा, ''कांग्रेस की परेशानी का कारण राहुल गांधी से प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की हो रही पूछताछ है. वो सरकार के बेहतर काम में भी कमियां ढूंढती हैं.''

  2. बिहार में अग्निपथ योजना को लेकर बीजेपी-जेडीयू के बीच मतभेद

    अग्निपथ योजना को लेकर बिहार समेत कई राज्यों में प्रदर्शन चल रहे हैं. इस बीच आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने योजना को लेकर सरकार से कई सवाल पूछे हैं.

    तेजस्वी का कहना है कि इस योजना को बिना सोचे-समझे लाया गया है. अग्निपथ योजना को लेकर सत्ताधारी पार्टियों बीजेपी और जेडीयू के बीच भी मतभेद देखने को मिल रहे हैं.

    बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल का कहना है कि साजिश के तहत बीजेपी के कार्यालयों पर हमले किए जा रहे हैं. वहीं, जेडीयू के राजीव रंजन सिंह ने इन आरोपों को ख़ारिज़ किया है.

  3. बारिश के चलते पांचवां और अंतिम टी20 मैच रद्द, बेनतीज़ा रही सिरीज़

    बारिश के चलते भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच पांचवां और अंतिम टी20 मैच रद्द कर दिया गया है. इसके साथ ही दोनों देशों के बीच खेली गई पांच मैचों की यह सिरीज़ बेनतीज़ा ख़त्म हो गई.

    बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए इस अंतिम मैच में बारिश के चलते जब मैच रोका गया, तो भारत ने दोनों सलामी बल्लेबाज़ों ईशान किशन और ऋतुराज गायकवाड़ के विकेट गंवाकर 3.3 ओवर में 28 रन बना लिए थे. उस समय श्रेयस अय्यर और कप्तान ऋषभ पंत क्रीज़ पर थे.

    बारिश के चलते देर से शुरू हुए इस मैच में दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीता था और भारत से पहले बल्लेबाज़ी करने को कहा था. उस समय इस मैच में एक-एक ओवर का खेल कम कर दिया गया था.

    इस सिरीज़ के पहले दो मैच दक्षिण अफ्रीका ने जीते थे, जबकि बाद के दोनों मैचों को भारत ने जीता था.

  4. अग्निपथ योजना के ख़िलाफ़ युवाओं के प्रदर्शन पर क्या बोले सेना प्रमुख?

    केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के ख़िलाफ़ देश के कई हिस्सों में उग्र प्रदर्शन हो रहे हैं. प्रदर्शनकारी सबसे ज़्यादा नुक़सान भारतीय रेलवे को पहुंचा रहे हैं.

    दो दिनों में युवकों ने कई ट्रेनों में आगज़नी की है. इस बीच न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बातचीत में सेना प्रमुख ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. वीडियो में जानिए पूरा ब्योरा.

  5. क्या असदउद्दीन ओवैसी के स्वागत में रांची एयरपोर्ट पर लगे पाकिस्तान ज़िंदाबाद के नारे, अब होगी जांच

      • Author, रवि प्रकाश
      • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए, रांची से

    एआईएमआईएम प्रमुख असदउद्दीन ओवैसी के स्वागत में रांची के बिरसा मुंडा हवाई अड्डा खड़े लोगों द्वारा कथित तौर पर 'पाकिस्तान ज़िंदाबाद' के नारे लगाने के मामले की जांच दो अधिकारियों की एक टीम करेगी.

    रांची के उपायुक्त (डीसी) छविरंजन ने यह आदेश दिया है. उनके इस आदेश के बाद एसडीओ ने झारखंड प्रशासनिक सेवा और झारखंड पुलिस सेवा के एक-एक अधिकारी को संयुक्त रूप से इसकी जांच कर 24 घंटे में रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा है.

    एसडीओ ने अपने पत्र के साथ स्थानीय मीडिया द्वारा प्रसारित एक खबर की क्लिपिंग भी जांच के लिए नामित अधिकारियों को भेजी है.

    उस खबर में कहा गया है कि असदउद्दीन ओवैसी के स्वागत के लिए खड़े लोगों ने कथित तौर पर पाकिस्तान ज़िंदाबाद के नारे लगाए थे.

    इस बीच सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे 48 सेकेंड के एक वीडियो में कुछ लोग हवाई अड्डे के आगमन गेट के पास खड़े दिख रहे हैं.

    तभी पीछे से कुछ लोगों की पाकिस्तान ज़िंदाबाद का नारा लगाती आवाज़ें आ रही हैं लेकिन वे वीडियो में नहीं दिख रहे. इसी दौरान ओवैसी गेट से बाहर आते हैं और मीडिया के लोग उनसे बाइट देने का अनुरोध करने लगते हैं.

    ग़ौरतलब है कि ओवैसी झारखंड की मांडर विधानसभा सीट के लिए हो रहे उपचुनाव में अपनी पार्टी के प्रत्याशी देव कुमार धान के प्रचार के लिए रविवार की दोपहर रांची पहुंचे.

    मांडर क्षेत्र में अपनी सभा के बाद उन्होंने विगत 10 जून को हुई रांची हिंसा के दौरान फ़ायरिंग में मरे बच्चे के परिजनों से भी मुलाक़ात की.

    उनके प्रत्याशी देव कुमार धान हाल तक भारतीय जनता पार्टी में थे लेकिन टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने असदउद्दीन ओवैसी की पार्टी का दामन थाम लिया. बीजेपी ने उन्हें फ़िलहाल पार्टी से निलंबित कर दिया है.

  6. अग्निपथ योजना का विरोध कर रहा युवक भावुक हुआ,अधिकारी ने यूं समझाया

    अग्निपथ योजना को लेकर राज्यों में प्रदर्शन चल रहे हैं. ऐसे ही प्रदर्शन की एक तस्वीर हरियाणा के पानीपत से आई है.

    पानीपत में जब पैदल मार्च कर रहे युवाओं का समूह सचिवालय के सामने पहुंचा तो ड्यूटी मजिस्ट्रेट कमल गिरधर कुछ यूं युवाओं को समझाते नज़र आए. इस दौरान एक युवक रोता हुआ भी दिखाई पड़ा, जिसे ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने समझा बुझाकर वापस भेजा.

  7. जम्मू और कश्मीर: कुपवाड़ा और कुलगाम में मुठभेड़, चार चरमपंथियों की मौत

    जम्मू और कश्मीर के कुपवाड़ा और कुलगाम ज़िलों में चल रहे दो अलग-अलग मुठभेड़ में राज्य पुलिस और सेना के संयुक्त अभियान में चार चरमपंथियों को मार गिराने का दावा किया गया है.

    समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, राज्य पुलिस ने रविवार को बताया कि इस मुठभेड़ में मारे गए चारों चरमपंथियों में से दो पाकिस्तान के रहने वाले थे.

    कश्मीर पुलिस के अनुसार, ''कुपवाड़ा के मुठभेड़ में दो चरमपंथी मारे गए. ये दोनों पाकिस्तान के रहने वाले और लश्करे तैय्यबा के थे. इस मुठभेड़ में 2-3 और चरमपंथी अभी फंसे हुए हैं.''

    कश्मीर ज़ोन पुलिस के ट्विटर हैंडल से ​किए गए ट्वीट के अनुसार, ''कुलगाम के डीएच पोरा इलाक़े में पुलिस और सेना के संयुक्त अभियान में अब तक दो आतंकी मारे गए हैं.''

    कश्मीर ज़ोन के आईजी के अनुसार, ''कुलगाम मुठभेड़ में मारे गए चरमपंथियों की पहचान लश्करे तैय्यबा के श्रीनगर निवासी हैरिस शरीफ़ और जैशे मोहम्मद के कुलगाम निवासी ज़ाकिर पैडर के रूप में हुई है.''

  8. बिहार की राजधानी में पटना में इतनी हिंसा क्यों हुई?

    जगह-जगह जले हुए वाहन, स्टेशन कंट्रोल रूम से उठता धुआं, जीआरपी पुलिस स्टेशन के बाहर बदहवास बैठे सिपाही, दीवार पर पत्थर मारे जाने के अनगिनत निशान और बमुश्किल अपनी जान बचाने वाले रेलवे कर्मचारियों के चेहरों पर साफ़ नज़र आ रहा ख़ौफ़.

    बिहार की राजधानी पटना के मसौढ़ी क्षेत्र का तारेगना रेलवे स्टेशन किसी युद्ध के मैदान जैसा लग रहा था. केंद्र सरकार की सेना में अस्थायी भर्ती योजना 'अग्निपथ' का हिंसक विरोध लगातार चौथे दिन जारी रहा. देखिए यह ग्राउंड रिपोर्ट.

  9. पांचवें टी20 मैच में भारत की पहले बल्लेबाज़ी, दोनों ओपनर आउट

    भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच पांचवां और अंतिम टी20 मैच बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जा रहा है.

    बारिश के चलते देर से शुरू हुए इस मैच में दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीता है और भारत से बल्लेबाज़ी करने को कहा है. देर होने के चलते इस मैच में एक-एक ओवर का खेल कम कर दिया गया है.

    ताज़ा ख़बर मिलने तक भारत ने दोनों सलामी बल्लेबाज़ों ईशान किशन और ऋतुराज गायकवाड़ के विकेट गंवाकर 3.3 ओवर में 28 रन बना लिए हैं. श्रेयस अय्यर और कप्तान ऋषभ पंत अभी क्रीज पर हैं.

    हालांकि बारिश के चलते यह मैच फ़िलहाल रुका हुआ है.

    इस सिरीज़ में अभी तक खेले गए चारों मैचों में दोनों टीमों ने दो दो मैच जीते हैं.

    पहले दो मैच दक्षिण अफ्रीका ने जीते, जबकि बाद के दोनों मैचों को भारत ने जीता है.

  10. अग्निपथ: विरोध के सात सवाल, सेना के सात जवाब

    14 जून को केंद्र सरकार ने सेना में जवानों की भर्ती के लिए अग्निपथ योजना की घोषणा की. उसके बाद से देश के कई राज्य इस योजना के विरोध के आग की आंच झेल रहे हैं.

    चार साल के लिए सेना में नियुक्ति की इस योजना को लेकर देश के युवा नाराज़ हैं और सड़कों पर उतर आए हैं.

    बीतें दिनों बिहार, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना में युवाओं ने 14 रेलगाड़ियों को आग के हवाले किया और कई जगहों पर रेलवे के दफ्तरों में तोड़फोड़ की. शनिवार को करीब 300 ट्रेनें रद्द की गईं.

    इस मसले को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं, नेताओं के बीच बयानबाजी भी चल ही रही है.

  11. यदि नूपुर शर्मा को गिरफ़्तार करवा देते तो रांची में दो बच्चों की हत्या नहीं होती: ओवैसी

    एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने रांची में हुई हिंसा के लिए केंद्र की भाजपा सरकार और झामुमो के नेतृत्व वाली झारखंड सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया है.

    उन्होंने यह बात रविवार को चन्हो प्रखंड के मांडर विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कही.

    हैदराबाद के सांसद ओवैसी ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नूपुर शर्मा को गिरफ़्तार करवा देते तो उन दो बच्चों की हत्या नहीं हो पाती.

    वहीं झारखंड सरकार के बारे में उन्होंने कहा, ''उन दो बच्चों के परिवारों से यहां की सरकार आंख मिला सकती है क्या? आपने 15 लोगों पर गोलियां चलाईं, आपने कितने पुलिस वालों को सस्पेंड किया? क्या एक्शन लिया?''

    भाजपा की नेता रहीं नूपुर शर्मा द्वारा एक टीवी प्रोग्राम में कथित रूप से पैगंबर मोहम्मद का अपमान करने के चलते रांची में शुक्रवार 10 जून को सांप्रदायिक हिंसा भड़क गई थी.

    जुम्मे की नमाज़ के बाद जुटे लोगों ने शहर में काफ़ी तोड़फोड़ और पत्थरबाज़ी की. उसके बाद पुलिस को गोलियां चलानी पड़ीं जिसमें दो युवकों की मौत हो गई थी.

  12. असम के डिब्रूगढ़ में ब्रह्मपुत्र नदी में डूबी नाव, पांच लोग लापता

    भारी बारिश से बेहाल असम में ब्रह्मपुत्र नदी में एक नाव डूबने की ख़बर है. असम पुलिस के अनुसार डिब्रूगढ़ में हुए इस हादसे में अब तक पांच लोग लापता हैं.

    समाचार एजेंसी एएनआई को असम पुलिस के एएसपी बिटुल चेतिया ने बताया, "सुबह 9 लोग एक नाव में आ रहे थे, नाव डूब गई. 4 लोगों को बचा लिया गया. बाकी लोगों की तलाश जारी है. एनडीआरएफ़ और एसडीआरएफ़ द्वारा बचाव अभियान चलाया जा रहा है."

    असम में आई इस बाढ़ और इससे हुए भूस्खलन से वहां के 32 ज़िलों में क़रीब 31 लाख लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि 62 लोगों के मारे जाने की ख़बर है.

    राज्य के सात ज़िलों की हालत ज़्यादा ख़राब है. वहां बाढ़ से बचाव के अभियान चलाए जा रहे हैं. सेना के गुवाहाटी ज़ोन के प्रवक्ता के अनुसार, सेना ने प्रभावित इलाक़ों में लगातार चौथे दिन बचाव अभियान चलाया है.

    उनके अनुसार, इस अभियान में बाढ़ में फंसे क़रीब 4,500 लोगों जिनमें बीमार, बुज़ुर्ग, महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं, को बचाया गया है.

  13. 19 जून 2022 का ‘दिनभर: पूरा दिन, पूरी ख़बर’, मानसी दाश के साथ

  14. रूस-यूक्रेन युद्ध सालों तक जारी रह सकता है, नेटो के चीफ़ ने दी चेतावनी

    नेटो के प्रमुख ने आगाह किया है कि रूस-यूक्रेन युद्ध सालों तक चल सकता है और पश्चिमी देशों को यूक्रेन का समर्थन जारी रखने के लिए तैयार रहना होगा.

    नेटो के महासचिव जेंस स्टोल्टेनबर्ग ने कहा है कि लड़ाई की क़ीमत बहुत बड़ी है लेकिन रूस को उसका सैन्य मक़सद हासिल करने देने की क़ीमत उससे भी बड़ी हो सकती है.

    जेंस स्टोल्टेनबर्ग से पहले ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने भी इस बात को लेकर आगाह किया था कि रूस-यूक्रेन युद्ध लंबा खिंच सकता है.

    बोरिस जॉनसन और जेंस स्टोल्टेनबर्ग दोनों ने ही ये बात कही है कि ज़्यादा हथियार भेजे जाने से यूक्रेन की जीत की संभावना बढ़ जाएगी.

    नेटो के प्रमुख ने एक जर्मन अख़बार बिल्ड को दिए इंटरव्यू में कहा, "हमें इस तथ्य को लेकर तैयार रहना होगा कि इस युद्ध में सालों लग सकते हैं. यूक्रेन के समर्थन में हमें पीछे नहीं हटना है. भले ही इसकी चाहे डो भी कीमत चुकानी पड़े चाहे वो मिलिट्री सपोर्ट की बात हो या फिर तेल, गैस और खाद्य पदार्थों की बढ़ती क़ीमतों की बात."

    पश्चिमी देशों के सैन्य गठबंधन नेटो के प्रमुख ने कहा है कि यूक्रेन को आधुनिक हथियारों की आपूर्ति करने से डोनबास के इलाके को आज़ाद कराने की संभावना बढ़ जाएगी.

    इस क्षेत्र का बड़ा हिस्सा रूस के नियंत्रण में चला गया है. पिछले कुछ महीने से रूस और यूक्रेन के सैनिक देश के पूर्वी इलाके में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए लड़ रहे हैं. लेकिन इस इलाके में हाल के हफ्तों में रूस तेज़ी से आगे बढ़ा है.

  15. अग्निपथ योजना वापस न लेने का एलान, जानें क्या कहा सेना के तीनों अंगों ने

    भारतीय सेनाओं में भर्ती की नई अग्निपथ योजना को लेकर देश भर में मचे बवाल को शांत करने के लिए सेना के तीनों अंगों ने रविवार को इस योजना से जुड़ी कई बातों को स्पष्ट करने की कोशिश की.

    इस सिलसिले में रविवार को दिल्ली में सेना के तीनों अंगों के शीर्ष नेतृत्व ने प्रेस को संबोधित किया. इसमें रक्षा मंत्रालय में सैन्य मामलों के विभाग के अतिरिक्त सचिव लेफ़्टिनेंट जनरल अनिल पुरी, वायुसेना के एयर मार्शल एसके झा, नौसेना के वाइस एडमिरल डीके त्रिपाठी और थलसेना के एडजुटेंट जनरल बंसी पोनप्पा शामिल थे.

    इससे पहले रविवार को अग्निपथ योजना को लेकर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में तीनों सेना के प्रमुखों की लगातार दूसरे दिन बैठक हुई.

    इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में लेफ़्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने स्पष्ट कर दिया है कि सेना में जवानों की भर्ती की नई अग्निपथ योजना वापस नहीं ली जाएगी. उनके अनुसार यह एक प्रगतिशील क़दम है और देश की रक्षा के लिए ऐसा करना बेहद ज़रूरी है.

    लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने दावा किया कि भर्ती प्रक्रिया को लागू करने की कवायद 1989 से ही चल रही थी, लेकिन इसमें बदलाव पहले नहीं किया जा सका, जो अब जाकर हो पाया है.

  16. प्राइवेट सेक्टर की तेल कंपनियों का दावा, पेट्रोल पर 25 रुपये और डीज़ल पर 18 रुपये का उन्हें नुक़सान

    प्राइवेट सेक्टर की तेल कंपनियों का कहना है कि कीमत से कम रेट पर पेट्रोल और डीज़ल बेचने से उन्हें नुक़सान हो रहा है.

    जीयो-बीपी और नायारा एनर्जी जैसे खुदरा तेल विक्रेताओं का प्रतिनिधित्व करने वाले एक संगठन ने तेल मंत्रालय से दखल देने की मांग की है ताकि निवेश का एक उचित माहौल बनाया जा सके.

    इन कंपनियों का दावा है कि वे क़ीमत से 20-25 रुपये प्रति लीटर कम रेट पर डीज़ल और 14-18 रुपये कम रेट पर पेट्रोल बेच रही हैं.

    10 जून को सरकारी और प्राइवेट तेल कंपनियों की प्रतिनिधि संस्था फेडरेशन ऑफ इंडियन पेट्रोलियम इंडस्ट्री (एफ़आईपीआई) ने पेट्रोलियम मंत्रालय को लिखा कि पेट्रोल और डीज़ल पर जो उन्हें नुक़सान हो रहा है, उससे खुदरा कारोबार में उनके निवेश में रुकावट आएगी.

    समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में कच्चे तेल की क़ीमतें तेज़ी से बढ़ी हैं और भारत के तेल बाज़ार में 90 फ़ीसदी हिस्सेदारी रखने वाली सरकारी कंपनियों ने पेट्रोल और डीज़ल की क़ीमतों को कीमतों के दो तिहाई स्तर पर और बढ़ने से रोक दिया है.

    एफ़आईपीआई का कहना है कि इससे जियो-बीपी, नयारा एनर्जी और शेल जैसी कंपनियों को नुक़सान हो रहा है. उनके ग्राहकों पर असर पड़ रहा है और उन्हें घाटा कम करने के लिए बिक्री कम करनी पड़ रही है.

  17. प्रधानमंत्री मोदी के भाई ने बताया कहाँ हैं अब्बास, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अपनी मां के जन्मदिन पर एक ब्लॉग लिखा था जिसमें उन्होंने अब्बास नाम के एक शख़्स का ज़िक्र किया था जिनकी काफ़ी चर्चा हुई थी. पढ़ें आज के अख़बारों की सुर्खियां.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अपनी मां हीराबेन के जन्मदिन पर एक ब्लॉग शेयर किया था जिसमें उन्होंने अब्बास नाम के एक शख़्स का ज़िक्र किया था. उनके इस लेख के बाद इस नाम की काफ़ी चर्चा हुई और सोशल मीडिया पर 'अब्बास' ट्रेंड करता रहा. रविवार के अख़बारों में भी इससे जुड़ी ख़बरें छपी हैं.

    अख़बारइंडियन एक्सप्रेसने अब्बास के बारे में प्रधानमंत्री मोदी के भाइयों से बात की है.

    इंडियन एक्सप्रेस ने लिखा है कि मोदी के भाइयों ने बताया कि अब्बास मियांजीभाई रामसाणा मोमिन गुजरात में मेहसाणा ज़िले के केसिंपा गाँव में रहते थे. वो उन्हें 'परिवार के सदस्य' के तौर पर याद करते हैं.

    अख़बार लिखता है कि अब्बास और पीएम मोदी के सबसे छोटे भाई पंकजभाई सहपाठी थे.

    पंकजभाई ने अब्बास को एक "नेक इंसान" बताते हुए कहा कि वो दिन में पांच बार नमाज़ अदा किया करते थे और वो हज यात्रा पर भी गए.

  18. भारतीय शेयर बाज़ार से विदेशी निवेशकों ने जून में अब तक निकाले 31,430 करोड़ रुपये

    भारतीय शेयर बाज़ारों से विदेशी निवेशकों की बेरुखी लगातार जारी है. इस महीने अब तक विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाज़ारों से अपने 31,430 करोड़ रुपये निकाल चुके हैं.

    विश्लेषकों इसकी वजह अमेरिकी फेडरल रिज़र्व, लगातार बढ़ती महंगाई और शेयरों की ऊंची क़ीमतों को बता रहे हैं.

    आंकड़ों के मुताबिक़ फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स साल 2022 में अब कर भारतीय शेयर बाज़ार से 1.98 लाख करोड़ रुपये निकाल चुके हैं.

    कोटक सिक्योरिटीज़ के इक्विटी रिसर्च (रीटेल) के श्रीकांत चौहान ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, "उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं में एफ़पीआई की स्थिति नाजुक चल रही है. अन्य वजहों के अलावा इसके कारण अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक परिस्थितियां, बढ़ती महंगाई, केंद्रीय बैंकों द्वारा मौद्रिक नीति पर अपनाई गई सख़्ती है."

    आंकड़ों के अनुसार, 17 जून तक विदेशी निवेशक 31,430 करोड़ रुपये भारतीय शेयर बाज़ारों से निकाल चुके थे. अक्टूबर, 2021 से ही फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स भारतीय शेयर बाज़ारों से अपना पैसा निकालने का सिलसिला जारी रखे हुए हैं.

  19. अग्निपथ: पटना हिंसा के दौरान पत्नी का इलाज करा रहे शख़्स को उठा ले गई पुलिस

    जगह-जगह जले हुए वाहन, स्टेशन कंट्रोल रूम से उठता धुआं, जीआरपी पुलिस स्टेशन के बाहर बदहवास बैठे सिपाही, दीवार पर पत्थर मारे जाने के अनगिनत निशान और बमुश्किल अपनी जान बचाने वाले रेलवे कर्मचारियों के चेहरों पर साफ़ नज़र आ रहा ख़ौफ़.

    बिहार की राजधानी पटना के मसौढ़ी क्षेत्र का तारेगना रेलवे स्टेशन किसी युद्ध के मैदान जैसा लग रहा था.

    केंद्र सरकार की सेना में अस्थायी भर्ती योजना 'अग्निपथ' का हिंसक विरोध लगातार चौथे दिन जारी रहा. शनिवार को तारेगना रेलवे स्टेशन 'अग्निवीरों' की हिंसा का निशाना बना.

    राजधानी पटना में विपक्षी दलों के समर्थन से बुलाए गए बिहार बंद का मिला-जुला असर दिखा. मुख्य बाज़ारों में अधिकतर दुकानें बंद नज़र आईं लेकिन सड़कों पर प्रदर्शनकारी नहीं दिखे. जो चुनिंदा लोग प्रदर्शन में जुटे उन्हें पुलिस ने तितर-बितर कर दिया और कई को शाम तक हिरासत में रखा.

  20. काबुल में गुरुद्वारे पर हमले के बाद भारत ने बचे हुए अफ़ग़ान सिखों को दिया वीज़ा

    काबुल में एक सिख गुरुद्वारे पर हुए हमले के बाद भारत ने 100 अफ़ग़ान सिखों के लिए इमर्जेंसी वीज़ा दिए जाने का एलान किया है. गुरुद्वारा 'करत-ए-परवान' पर ये चरमपंथी हमला शनिवार सुबह हुआ था.

    खुद को इस्लामिक स्टेट कहने वाले चरमपंथी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है. आईएस ने कहा है कि ये हमला भारत में पैग़ंबर मोहम्मद के ख़िलाफ़ दिए गए आपत्तिजनक बयान का बदला है.

    अफ़ग़ान सिखों को वीज़ा दिए जाने की घोषणा पर नई दिल्ली में अफ़ग़ान राजदूत फरीद मामुन्दजई ने कहा, "अफ़ग़ान हिंदुओं और सिखों को प्राथमिकता के आधार पर वीज़ा देने के मामले में भारत के विदेश मंत्रालय की त्वरित कार्रवाई के लिए आभारी हूं. अफ़ग़ानिस्तान के धार्मिक अल्पसंख्यक, सिविल सोसायटी के लोगों और भारतीय विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले अफ़ग़ान छात्रों को इस नाजुक घड़ी में वीज़ा की मदद दिए जाने की ज़रूरत है. हमने मुश्किल वक़्त में हमेशा एक दूसरे का साथ दिया है. अफ़ग़ान लोगों को मदद की ज़रूरत है और दोस्त के रूप में हम भारत पर निर्भर करते हैं. अफ़ग़ानों को अकेला नहीं छोड़ा जाना चाहिए."

    इस हमले में कम-से-कम तीन लोग मारे गए थे. शनिवार सुबह काबुल में सिखों के आख़िरी बचे हुए गुरुद्वारे करते परवान में कुछ बंदूकधारियों ने पहले गार्ड को मार डाला और फिर परिसर के पास एक कार बम में धमाका किया. इसके बाद उन्होंने एक सिख श्रद्धालु को मार डाला.

    तालिबान लड़ाकों ने इसके बाद हमलावरों को रोकने की कोशिश की और ये संघर्ष कई घंटे चला. अधिकारियों के अनुसार लगभग तीन घंटे तक चले संघर्ष में सभी हमलावरों को मार डाला गया.

    काबुल पुलिस के प्रवक्ता ख़ालिद ज़रदानी ने तीन लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है. प्रवक्ता के अनुसार हमले में एक सिख व्यक्ति, एक तालिबान अधिकारी और एक अज्ञात हमलावर की मौत हो गई. भारत ने इस हमले को आतंकवादी कार्रवाई करार दिया है.

    भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर दोनों ने ही इस घटना पर चिंता जताई है. अफ़ग़ानिस्तान में अब केवल 150 सिख ही रह गए हैं.