भारतीय सेना में भर्ती की नई योजना ‘अग्निपथ’ के
ख़िलाफ़ बिहार में प्रदर्शन कर रहे छात्र और युवा संगठनों ने शनिवार को ‘बिहार बंद’ की
अपील की है.
इस बंद को राज्य की मुख्य
विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल और वाम दलों ने समर्थन देने की घोषणा की है. भागलपुर
में राजद कार्यकर्ताओं द्वारा पीएम नरेंद्र मोदी का पुतला फूंकने की ख़बर है.
वहीं भाकपा (माले) के छात्र संगठन आइसा और उनके युवा संगठन रिवोल्यूशनरी
यूथ एसोसिएशन ने भी बिहार बंद का आह्वान किया है.
राज्य में आइसा के अध्यक्ष विकास यादव ने बताया कि वो पटना विश्वविद्यालय
से मार्च करेंगे और एनएसयूआई और छात्र राजद ने बंद का समर्थन किया है.
पूर्व मध्य रेलवे (ईस्टर्न-सेंट्रल रेलवे) के प्रवक्ता बीरेंद्र कुमार ने बीबीसी से बातचीत में बताया कि एहतियातन करीब 300 से ज़्यादा ट्रेनें रद्द की गई हैं और 70-80 ट्रेनों का रास्ता बदला गया है.
बिहार में कैमूर, नवादा, जहानाबाद, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, आरा, लखीसराय, छपरा में ट्रेनों में तोड़फोड़ और आग लगाने की घटनाएं हो चुकी हैं.
बंद से निपटने की प्रशासन की तैयारी
पटना के डीएम चंद्रशेखर सिंह ने छात्रों से अपना प्रदर्शन शांतिपूर्ण रखने की अपील की है. उन्होंने मीडियाकर्मियों को बताया कि अब तक 170 लोगों के ख़िलाफ़ प्राथमिकी दर्ज की गई है और 46 लोगों की गिरफ़्तारी हुई है.
उन्होंने यह भी बताया कि गिरफ़्तार लोगों में से कुछ के मोबाइल फोन में कुछ कोचिंग सेंटर के फुटेज मिले हैं. इसलिए कोचिंग सेंटर की भूमिका की जांच की जा रही है.
वहीं, पटना मध्य के सिटी एसपी अंबरीश राहुल ने मीडियाकर्मियों को बताया कि राज्य में बंद का एलान किया गया है, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण ही रहेगा.
वहीं पटना में कोचिंग संस्थानों के इस बंद में शामिल होने की ख़बरों पर उन्होंने कहा है कि इस बंदी में उन संस्थानों के शामिल होने की अब तक कोई जानकारी नहीं है.
उधर राज्य में कई जगहों पर भाजपा कार्यालय और भाजपा नेताओं पर हमला होने के बाद पटना में पार्टी के कार्यालय की सुरक्षा बढ़ा दी गई है.
बिहार में अग्निपथ योजना के ख़िलाफ़ काफ़ी उग्र प्रदर्शन चल रहा है. राज्य के कई स्थानों पर हिंसा और ट्रेन जलाने की घटनाएं हो चुकी हैं.