अग्निपथ विरोधी प्रदर्शन: अब तक बिहार में 138 एफ़आईआर और 718 लोगों की गिरफ़्तारी
सेना में भर्ती की नई योजना अग्निपथ के विरोध में प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा को लेकर बिहार में 250 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.
लाइव कवरेज
चंदन शर्मा and अभिनव गोयल
अग्निपथ विरोधी प्रदर्शन: अब तक बिहार में 138 एफ़आईआर और 718 लोगों की गिरफ़्तारी
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इमेज कैप्शन, 17 जून को पटना के दानापुर रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शनकारियों ने पूछताछ केंद्र को निशाना बनाया
सेना में भर्ती की नई योजना अग्निपथ के विरोध में प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा को लेकर बिहार में 250 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.
बिहार पुलिस ने शनिवार को एक बयान जारी कर कहा, "केंद्र सरकार की अग्निपथ भर्ती योजना के अंतर्गत सेना में नियुक्ति के विरोध में कतिपय संगठनों के द्वारा आहूत बिहार बंद के क्रम में शनिवार को रेलवे, सरकारी संपत्ति को नुक़सान पहुंचाने के मामले में राज्य में 25 प्राथमिकी दर्ज की गई है."
बिहार पुलिस ने ये भी बताया है कि शनिवार को हुई हिंसा के बाद 250 लोगों को गिरफ़्तार किया जा चुका है.गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को अग्निपथ विरोधी आंदोलन के दौरान हुई हिंसक घटनाओं को लेकर अब तक राज्य में 138 एफ़आईआर दर्ज की जा चुकी हैं.
साथ ही बिहार पुलिस के मुताबिक़ हिंसा की इन घटनाओं के मामले में 718 अराजक तत्वों को गिरफ़्तार किया जा चुका है.
जयपुर रेलवे स्टेशन पर काम करने वाली महिला कुली की कहानी
वीडियो कैप्शन, जयपुर जंक्शन पर मंजू यादव अकेली ऐसी महिला हैं जो कुली का काम करती हैं.
पिछले दस साल से कुली का काम कर रहीं मंजू को पुरस्कारों से नवाज़ा गया है और वो महिलाओं के लिए एक मिसाल बन गई हैं.
मंजू यादव अकेली ऐसी महिला हैं जो जयपुर जंक्शन पर कुली का काम करती हैं. देखिए उनके संघर्ष की कहानी.
अग्निपथ विरोधी प्रदर्शन: राजस्थान के कोटा में एक महीने के लिए धारा 144 लागू
....में
Author, मोहर सिंह मीणा
पदनाम, जयपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए
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अग्निपथ योजना के विरोध में हिंसक प्रदर्शनों को देखते हुए राजस्थान के कोटा जिले में एक महीने के लिए धारा 144 लागू करने का आदेश जारी किया गया है.
ये आदेश कोटा जिले के कलेक्टर हरिमोहन मीणा ने जारी किया है. जिले में धारा 144, रविवार यानी 19 जून की सुबह 6 बजे से 18 जुलाई रात 12 बजे तक लागू रहेगी. ये आदेश कोटा शहर और कोटा ग्रामीण दोनों जगह लागू होगा.
इस दौरान किसी भी प्रदर्शन, सभा और भीड़ के एकजुट होने पर पाबंदी रहेगी. आदेश के अनुसार सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने की कोशिशों को रोकने के लिए ये कदम उठाया गया है.
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इमेज कैप्शन, 19 जून से राजस्थान के कोटा में धारा 144 लागू
हालांकि सरकारी कार्यक्रमों को इस आदेश से बाहर रखा गया है.
आदेश के मुताबिक, धारा 144 लगने पर जिले की सीमा में कहीं भी पांच या पांच से अधिक व्यक्ति जमा नहीं होंगे.
किसी भी संगठन, संस्था और समुदाय को सभा और जुलूस निकालने की इजाजत नहीं होगी. ये प्रतिबंध सरकारी कार्यक्रम, पुलिस और कोविड-19 वैक्सीनेशन कार्यक्रम पर लागू नहीं होगा.
अफ़्रीकी बच्चों को लेकर 'चीन' पर आरोप
वीडियो कैप्शन, बीबीसी की एक पड़ताल से पता चला है कि अफ्रीका में बच्चों का शोषण किया जा रहा है.
बीबीसी की एक पड़ताल से पता चला है कि अफ्रीका में बच्चों का शोषण किया जा रहा है, उनके वीडियो बनाए जा रहे हैं, जिनमें कई बार नस्ली बातें भी होती हैं, जिन्हें चाइनीज़ सोशल मीडिया के ज़रिए शेयर किया जा रहा है और बेचा भी जा रहा है.
बीबीसी अफ्रीका आई ने एक ऐसे ही बड़े चाइनीज़ वीडियो प्रोड्यूसर का पता लगाया, जिसने मलावी के ग्रामीण इलाकों में छोटे बच्चों का इस्तेमाल करके हज़ारों वीडियो बेचे.
अग्निपथ विरोधी आंदोलन की आंच कर्नाटक तक जा पहुंची
....में
Author, इमरान क़ुरैशी
पदनाम, बेंगलुरु से, बीबीसी हिंदी के लिए
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इमेज कैप्शन, कर्नाटक में अग्निपथ योजना के विरोध में प्रदर्शन
अग्निपथ योजना के विरोध में आंदोलन की चिंगारी कर्नाटक में भी पहुंच गई है. बेलगावी जिले के खानापुर और धारवाड़ में लोगों ने हाथों में पोस्टर बैनर लेकर नारेबाजी की.
दोनों जिलों से बड़ी संख्या में युवा सेना में भर्ती होते हैं.
अग्निपथ योजना के विरोध में एक रैली का नेतृत्व खानापुर में कांग्रेस विधायक डॉ अंजलि निंबालकर ने किया. प्रदर्शन में ऐसे युवा थे जिन्होंने सेना में भर्ती होने के लिए फिजिकल और मेडिकल टेस्ट पास किया हुआ था, बावजूद उसके प्रदर्शन शांतिपूर्वक रहा.
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इमेज कैप्शन, कर्नाटक में अग्निपथ योजना के विरोध में प्रदर्शन
वहीं, धारवाड़ में अतिरिक्त उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने के बाद प्रदर्शनकारियों ने सड़क से हटने के इनकार कर दिया जिसके बाद पुलिस को उन्हें खदेड़ना पड़ा.
कांग्रेस विधायक डॉक्टर अंजलि निंबालकर ने बीबीसी को बताया, "प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने फिजिकल और मेडिकल टेस्ट पास किया हुआ है वे लिखित परीक्षा देने का इंतजार कर रहे हैं. अब इस नई अग्निपथ योजना से ये लोग काफी निराश हैं क्योंकि इन्होंने सालों से सेना में भर्ती होने के लिए तैयारी और पैसा खर्च किया है."
उन्होंने कहा युवाओं ने 2020 में टेस्ट पास किए थे लेकिन अब तक लिखित परीक्षा नहीं हुई. ना सिर्फ इतना 2021 में सेना की भर्ती भी नहीं हुई.
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इमेज कैप्शन, कर्नाटक में अग्निपथ योजना के विरोध में प्रदर्शन
हालांकि, धारवाड़ में स्थिति थोड़ी अलग थी.
हुबली-धारवाड़ के पुलिस आयुक्त लाभ राम ने बीबीसी से बातचीत में कहा, "ज्ञापन देने के बाद भी लोग नहीं गए. उनमें से कुछ ने बसों पर पथराव किया जिसमें से एक को बस को नुकसान पहुंचा है. हमने उन्हें खदेड़ दिया हालांकि ये लाठीचार्ज नहीं था."
तेलंगाना के बाद कर्नाटक तीसरा दक्षिणी राज्य है जहां ऐसा युवा विरोध कर रहे हैं जो सेना में भर्ती होने के लिए लिखित परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं. इससे पहले केरल में भी प्रदर्शन हो चुके हैं.
अग्निपथ योजना के ख़िलाफ़ युवाओं के प्रदर्शन पर क्या बोले सेना प्रमुख?
वीडियो कैप्शन, अग्निपथ योजना के खिलाफ देश के कई हिस्सों में उग्र प्रदर्शन हो रहे हैं.
केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के ख़िलाफ़ देश के कई हिस्सों में उग्र प्रदर्शन हो रहे हैं.
प्रदर्शनकारी सबसे ज़्यादा नुक़सान भारतीय रेलवे को पहुंचा रहे हैं. दो दिनों में युवकों ने कई ट्रेनों में आगज़नी की है.
इस बीच न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बातचीत में सेना प्रमुख ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. वीडियो में जानिए पूरा ब्योरा.
बिहार में अग्निपथ विरोध प्रदर्शन: बीजेपी के आरोपों का जेडीयू ने दिया जवाब
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इमेज कैप्शन, जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह
बिहार में हो रहे हिंसक प्रदर्शनों के लिए बिहार के बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने जेडीयू पर गंभीर आरोप लगाए थे. उन्होंने कहा कि प्रशासन की मदद से खास पार्टी के दफ्तरों को जलाया जा रहा है.
उनके आरोपों पर जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह ने जवाब दिया है.
उन्होंने कहा, "प्रशासन बीजेपी कार्यालय को क्यों जलाएगा. केंद्र सरकार ने एक निर्णय लिया अग्निपथ योजना. उस निर्णय के बाद से बिहार ही नहीं अन्य प्रदेश के जो छात्र और नौजवान हैं उनके मन में अपने भविष्य के प्रति आशंका पैदा हुई. उस आक्षंका की तुरंत प्रतिक्रिया उन्होंने जाहिर की और सड़क पर आ गए."
"किसी भी समस्या का हल हिंसा के जरिए नहीं हो सकता है. छात्रों की स्वाभाविक प्रतिक्रिया पर बीजेपी को बात करनी चाहिए उनकी मन की आशंका को दूर करना चाहिए. इसके बदले वो प्रशासन पर आरोप लगा रहे हैं. प्रशासन को किसी पार्टी से कोई मतलब नहीं है."
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उन्होंने कहा, "छात्रों के आक्रोश के कारण जो आपका संतुलन बिगड़ा है, उसके बिगड़ने से आप प्रशासन पर गलत आरोप लगा रहे हैं. संजय जायसवाल से शिक्षा लेने की जरूरत नहीं है. प्रशासन अपना काम कर रहा है"
"भारतीय जनता पार्टी शासित प्रदेश उत्तर प्रदेश, हरियाणा और मध्यप्रदेश में हिंसक घटनाएं हो रही हैं. वहां क्यों नहीं गोली चलवा दे रहे हैं. मरवा दें हजारों लोगों को. संजय जायसवाल को वहां की सरकारों से कहना चाहिए कि सबको गोली से उड़ा दो. इस तरह की प्रक्रिया से दिखता है कि वे संतुलित नहीं हैं."
उन गुमनाम भारतीय औरतों की कहानी जिन्होंने ब्रिटेन की भावी पीढ़ियों की परवरिश की
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इमेज कैप्शन, 1858 की इस तस्वीर में भारत की आया एक बच्चे की साथ नज़र आ रही है
ब्रितानी साम्राज्य के चढ़ते दिनों में भारत और एशिया के दूसरे हिस्सों से बच्चों के लालन-पालन के लिए हज़ारों औरतों को लंदन लाया गया था- लेकिन इनमें से बहुत सी 'आया' को बाद में बेसहारा उनके हाल पर छोड़ दिया गया था. अब, उस मकान को जहां ये रहा करती थीं, 'ब्लू प्लाक' से स्मारक बनाया जा रहा है.
'ब्लू प्लाक' स्कीम यूनाइटेड किंगडम की चैरिटी संस्था 'इंग्लिश हेरिटेज' चलाती है और इस योजना में वो लंदन के उन भवनों को सहेजती है जो महत्वपूर्ण ऐतिहासिक हस्तियों से गहरा संबंध रखते हों.
महात्मा गांधी और देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू जैसे स्वतंत्रता सेनानियों और भारतीय संविधान के निर्माता भीमराव आंबेडकर समेत अनेक भारतीयों को प्लाक से याद किया गया है. साल 2020 में द्वितीय विश्व युद्ध की जासूस नूर इनायत ख़ान पहली भारतीय बनीं जिन्हें 'ब्लू प्लाक' से सम्मानित किया गया.
पूर्वी लंदन के हैकनी में 26 किंग एडवर्ड्स रोड स्थित आया घर को दिया जा रहा सम्मान फरहाना मामूजी के अभियान से मिला है. तीस वर्षीय फरहाना भारतीय मूल की हैं जिन्होंने पहली बार इस जगह के बारे में बीबीसी की एक डॉक्यूमेंट्री में सुना था जिसमें इसका संक्षिप्त उल्लेख किया गया था.
ये इमारत उन सैकड़ों बेसहारा आया और आमा के घर के तौर पर जानी जाती है. आमा चीनी दाई को कहा जाता है.
बिहार में अग्निपथ विरोधी प्रदर्शन में हिंसा को लेकर बीजेपी ने नीतीश सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
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अग्निपथ योजना के खिलाफ बिहार में हो रहे हिंसक प्रदर्शनों को लेकर बिहार के बीजेपी अध्यक्ष संजय जायसवाल ने नीतीश सरकार पर सवाल उठाए हैं.
उन्होंने कहा, "जब फायर ब्रिगेड को आग बुझाने के लिए फोन किया गया तो वो कहते हैं कि एसडीओ कहेंगे तभी हम आएंगे. विरोध करने में कुछ गलत नहीं है लेकिन प्रशासन के द्वारा व्यक्तियों को टारगेट किया जा रहा है, एक खास पार्टी के दफ्तरों को जलाया जा रहा है."
"पुलिस मधेपुरा में दर्शक बनकर बैठी हुई है. पुलिस पर कुछ कार्रवाई नहीं हो रही है. जो भारत में नहीं हो रहा है वो बिहार में हो रहा है. ये बहुत गलत है. मैं इसका विरोध करता हूं."
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18 जून 2022 का ‘दिनभर: पूरा दिन, पूरी ख़बर’, मानसी दाश के साथ
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अग्निपथ विरोधी प्रदर्शन: आंध्र प्रदेश में 200 लोगों को हिरासत में लिया गया
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इमेज कैप्शन, 17 जून को हैदराबाद में सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन पर पर प्रदर्शनकारियों ने ट्रेन में आग लगाई
अग्निपथ योजना को लेकर हो रहे हिंसक प्रदर्शनों को देखते हुए आंध्र प्रदेश के गुंटूर रेलवे स्टेशन पर बड़ी संख्या में पुलिसबल तैनात किया गया है.
पुलिस के मुताबिक 200 संदिग्ध लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया गया है.
गुंटूर के एसपी आरिफ हाफिज ने कहा, "भारी संख्या में पुलिसबल रेलवे स्टेशन पर तैनात हैं. देश भर में हो रहे प्रदर्शनों के देखते हुए ऐसा किया गया है ताकि गुंटूर रेलवे स्टेशन पर कोई हिंसा ना हो."
उन्होंने कहा, "पुलिस शांतिपूर्वक प्रदर्शन को नहीं रोकेगी, अगर प्रदर्शनकारी सरकारी संपत्ति को तोड़ेंगे या जनता को परेशान करेंगे पुलिस शांत नहीं बैठेगी. हम उनके खिलाफ केस दर्ज करेंगे जिससे उनके भविष्य पर असर पड़ेगा."
इंदिरा गांधी की परछाई की तरह थे आरके धवन - विवेचना
वीडियो कैप्शन, नटवर सिंह का मानना है कि इंदिरा के प्रति धवन की निष्ठा ज़बरदस्त थी.
हाल में रशीद किदवई की किताब प्रकाशित हुई है 'लीडर्स पॉलिटिशियंस सिटीजन्स फिफ्टी फिगर्स हू इनफ्लुएंस्ड इंडियन पॉलिटिक्स' जिसमें उन्होंने उन पचास शख़्सियतों का शब्द चित्र खींचा है जिन्होंने भारतीय राजनीति को प्रभावित किया है.
इनमें से एक शख़्स हैं आर के धवन जिन्होंने 18 सालों तक इंदिरा गांधी के साथ काम किया है. आज की विवेचना में रेहान फ़ज़ल नजर डाल रहें हैं आर के धवन के जीवन पर
अग्निपथ विरोधी प्रदर्शन के कारण शनिवार को 369 ट्रेनें रद्द की गईं
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सेना में भर्ती की नई योजना अग्निपथ के ख़िलाफ़ देश भर में चल रहे विरोध प्रदर्शन के कारण रेलवे को 369 रेलगाड़ियां रद्द करनी पड़ी.
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, इन ट्रेनों में 210 मेल/एक्सप्रेस रेलगाड़ियां और 159 स्थानीय सवारी गाड़ियां शामिल हैं.
इनके अलावा भारतीय रेलवे को दो मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों को आंशिक रूप से भी रद्द करना पड़ा है.
इन्हें मिलाकर देखें तो सिर्फ़ आज 371 रेलगाड़ियां रद्द की गई हैं.
इससे पहले शुक्रवार को अग्निपथ विरोधी प्रदर्शनों के चलने 200 ट्रेनें रद्द की गई थीं.
सहारनपुर में गिरफ़्तार युवकों के घरवाले बेहाल
वीडियो कैप्शन, पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी के ख़िलाफ़ प्रदर्शनों के बाद किया था गिरफ़्तार
भाजपा प्रवक्ता शलभ मणि त्रिपाठी ने पुलिस हिरासत में युवकों की बेरहमी से पिटाई का एक वीडियो ट्वीट किया.
सोशल मीडिया पर इसे दसियों लाख लोग देख चुके हैं.
अब वीडियो में दिख रहे युवकों के परिवारवाले सामने आए हैं और दावा किया है कि पुलिस ने उनके बेगुनाह परिजनों को हिरासत में लेकर बेरहमी से पीटा.
इन युवकों को बीते शुक्रवार पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी के ख़िलाफ़ प्रदर्शनों के बाद गिरफ्तार किया गया था.
सहारनपुर से बीबीसी संवाददाता दिलनवाज़ पाशा की रिपोर्ट. इस रिपोर्ट की कुछ तस्वीरें आपको विचलित कर सकती हैं.
शरद पवार के बाद फारूक़ अब्दुल्लाह ने भी राष्ट्रपति चुनाव में संयुक्त विपक्ष का उम्मीदवार बनने से इनकार किया
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जम्मू और कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक़ अब्दुल्लाह ने आगामी राष्ट्रपति चुनाव में संयुक्त विपक्ष का उम्मीदवार बनने की संभावना से इनकार किया है.
उन्होंने शनिवार को कहा कि अभी सक्रिय राजनीति में उन्हें बहुत कुछ करना बाक़ी है.
फारूक़ अब्दुल्लाह ने कहा कि वे जम्मू और कश्मीर को इस नाज़ुक घड़ी में आगे ले जाने में अपना योगदान देना चाहते हैं.
फारूक़ अब्दुल्लाह से पहले नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार ने भी ये स्पष्ट कर दिया था कि वे जुलाई में होने वाले राष्ट्रपति चुनावों में विपक्ष के संभावित उम्मीदवार नहीं हैं.
फारूक़ अब्दुल्लाह का ये बयान इसी मुद्दे पर शरद पवार के घर होने वाली विपक्षी दलों की बैठक से पहले आया है. फारूक़ अब्दुल्लाह इस समय लोकसभा के सदस्य हैं और नेशनल कॉन्फ्रेंस के चीफ़ भी.
अपने बयान में उन्होंने विपक्षी दलों के नेताओं का उनके नाम पर प्रस्ताव रखने के लिए शुक्रिया भी कहा है.
उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति चुनावों के लिए विपक्ष की ओर से उनके नाम का प्रस्ताव रखा था.
राहुल गांधी का सरदर्द बना नेशनल हेराल्ड केस क्या है?
वीडियो कैप्शन, राहुल गांधी की आफत बने नेशनल हेराल्ड केस की पूरी कहानी
प्रवर्तन निदेशालय ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी नेता राहुल गांधी को नेशनल हेराल्ड अख़बार से जुड़े एक मनी लॉन्ड्रिंग केस में पूछताछ के लिए समन किया है.
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से लगातार घंटों तक इस सिलसिले में पूछताछ हो चुकी है.
राहुल गांधी की ईडी के सामने पेशी के विरोध में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए और जमकर प्रदर्शन किया.
कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर इल्ज़ाम लगाया कि वो बदले की भावना से कार्रवाई कर रही है और केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है. लेकिन जिस मामले को लेकर इतना हंगामा हो रहा है आख़िर नेशनल हेराल्ड अख़बार का ये मामला है क्या?
अग्निपथ विरोधी प्रदर्शन: 'दानापुर रेल डिविज़न को 200 करोड़ रुपये का नुक़सान, 50 रेलवे कोच और 5 इंजन पूरी तरह से जला दिए गए'
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बिहार में सेना में भर्ती की अग्निपथ योजना के विरोध में शनिवार को बंद का आह्वान किया गया था.
अधिकारियों ने बताया कि नाराज़ प्रदर्शनकारियों ने शनिवार को बिहार के तारेगना रेलवे स्टेशन को आग के हवाले कर दिया.
वे सरकार से अपना फ़ैसला वापस लेने की मांग कर रहे थे.
बिहार पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी संजय सिंह ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि हज़ारों की संख्या में नौजवानों ने ट्रेन की बोगियों पर धावा बोला, टायर जलाए और अधिकारियों के साथ उनकी झड़प हुई.
उन्होंने जानकारी दी कि कम से कम 12 प्रदर्शनकारियों को इस सिलसिले में गिरफ़्तार किया गया है. तारेगना रेलवे स्टेशन पर हुई हिंसा में चार पुलिस कर्मी घायल भी हुए हैं.
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मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पटना-गया रेल खंड पर ज़्यादा हिंसा देखी गई. तारेगन रेलवे स्टेशन पर उग्र भीड़ ने स्टेशन मास्टर के केबिन में तोड़-फोड़ और आगजनी की.
दानापुर रेल डिविज़न के प्रमुख प्रभात कुमार ने बताया, "रेलवे परिसर के भीतर हिंसक घटनाओं के कारण रेलवे को 200 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का नुक़सान हुआ है. 50 रेलवे कोच और 5 इंजन पूरी तरह से जला दिए गए हैं और अब वे इस्तेमाल के लायक नहीं रह गए हैं. रेलवे प्लेटफॉर्म्स, कम्प्यूटर और कई तकनीकी उपकरणों को नुक़सान पहुंचाया गया है."
बैंक में Fixed Deposit कैस करें और इसके क्या फायदे हैं?
वीडियो कैप्शन, बैंक में Fixed Deposit कैस करें और इसके क्या फायदे हैं?
अगर महिला आर्थिक रूप से सक्षम हो और निवेश के फ़ैसले भी ले तो बात ही कुछ और होती है.
आज हम बात कर रहे हैं फिक्सड डिपॉजिट यानी एफ़डी के बारे में.
इसमें आप अपना खाता कैसे खुलवा सकती हैं और इससे आपको क्या-क्या फायदा हो सकता है.
सबुकछ समझिए इस वीडियो के ज़रिए.
अग्निपथ विरोधी प्रदर्शन: केरल में राजभवन के समक्ष विशाल रैली
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सेना, वायु सेना और नौसेना में भर्ती के लिए अग्निपथ योजना पर केंद्र सरकार के फ़ैसले के विरोध में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने शनिवार को तिरुअनंतपुरम में प्रदर्शन मार्च निकाला.
तिरुअनंतपुरम के थंपानूर इलाके में सेना की नौकरी की चाह रखने वाले नौजवान इकट्ठा हुए और उन्होंने राज्यपाल आरिफ़ मोहम्मद ख़ान के आधिकारिक आवास राजभवन की ओर मार्च किया.
वे भारत सरकार की नई सैनिक भर्ती योजना के ख़िलाफ़ नारे लगा रहे थे. उनके हाथों में प्लेकार्ड और बैनर देखे जा सकते थे जिनमें सरकार से अपना फ़ैसला वापस लेने की मांग की गई थी.
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समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, ये नौजवान केरल के अलग-अलग शहरों से आए थे. प्रदर्शनकारियों में से एक नौजवान ने कहा कि जब तक केंद्र सरकार इस भर्ती योजना को वापस नहीं लेगी, वे अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे.
उन्होंने कहा, "हम में से कई लोगों ने सेना में शामिल होने का फ़ैसला किया था और अपनी ग्रैजुएशेन की पढ़ाई बीच में ही छोड़कर परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी. अगर केंद्र सरकार इस योजना को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ती है तो हम क्या करेंगे? हमारा भविष्य अंधकारमय हो जाएगा. इसलिए जब तक इंसाफ़ नहीं मिलेगा, हम अपनी लड़ाई जारी रखेंगे."
चार दिन बाद भी मुंबई पुलिस को नहीं मिलीं नूपुर शर्मा, पैग़ंबर मोहम्मद पर आपत्तिजनक बयान देने के मामले में नूपुर शर्मा को समन देने आई मुंबई पुलिस को निराशा हाथ लगी है. पढ़ें आज के अख़बारों की सुर्खियां.
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मुंबई पुलिस की एक टीम बीते चार दिनों से दिल्ली में डेरा डाले हुए बैठी है. टाइम्स ऑफ़ इंडिया अख़बार ने एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के हवाले से लिखा है कि वे चार दिन से दिल्ली में हैं.
वे बीजेपी से निलंबित और पूर्व प्रवक्ता रहीं नूपुर शर्मा को समन देने के लिए आए थे लेकिन अभी तक नूपुर शर्मा मिली नहीं हैं. उन्हें तलाश करने की कोशिश की जा रही है लेकिन वह अभी तक मिली नहीं हैं.
उन्होंने बताया कि नूपुर शर्मा के नहीं मिलने की वजह से मुंबई पुलिस ने अब ई-मेल के माध्यम से ही उन्हें समन भेज दिया है. नूपुर शर्मा ने एक टीवी चैनल पर डिबेट के दौरान पैग़ंबर मोहम्मद के ख़िलाफ़ विवादित टिप्पणी की थी, जिसके बाद उनके ख़िलाफ़ मुंबई में एफ़आईआर दर्ज हुई थी. इस एफ़आईआर से जुड़े समन देने के लिए ही मुंबई पुलिस दिल्ली आई हुई है.
हिंदुस्तान टाइम्सकी ख़बर के अनुसार, मुंबई पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा को बीते चार दिन में मुंबई पुलिस तलाश नहीं पाई है. 11 जून को मुंबई के पाइधोनी पुलिस स्टेशन ने नूपुर को 25 जून से पहले पेश होने के लिए समन जारी किया था ताकि वो आकर अपना बयान दर्ज करवा सकें.