'अग्निपथ' के विरोध में हरियाणा में उग्र विरोध प्रदर्शन, पलवल में धारा 144
केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना को लेकर कई राज्यों के युवा विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. हरियाणा के पलवल जिले में विरोध कर रहे युवाओं ने ज़िलाधिकारी के आवास पर तोड़फोड़ की और सड़क पर खड़े कुछ वाहनों को आग के हवाले कर दिया.
विरोध प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने पलवल में धारा 144 लगा दी है.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी के आवास पर पत्थरबाज़ी की वहीं पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए फ़ायरिंग की.
विरोध प्रदर्शन को लेकर ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने कहा, "घटना में कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. प्रदर्शनकारियों ने तीन-चार वाहनों को आग लगा दी है लेकिन अभी तक प्रदर्शनकारियों की पहचान नहीं हो पाई है."
हरियाणा के सूचना विभाग के मुताबिक़ पलवल जिले में मोबाइल इंटरनेट, डोंगल के ज़रिए इंटरनेट और एसएमएस की सेवाएं अस्थाई तौर पर अगले 24 घंटे तक बंद रहेंगी.
पलवल के अलावा हरियाणा के रेवाड़ी, चरखी दादरी और रोहतक समेत कई जिलों में भी युवक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.
हरियाणा के मुख्यमंत्री का क्या कहना है?
विरोध प्रदर्शनों के बीच हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि चार साल के बाद अग्निवीरों को नौकरियों में प्राथमिकता दी जाएगी.
उन्होंने कहा, “मैं हरियाणा सरकार की ओर से ये विश्वास दिलाता हूं कि जो 75 प्रतिशत वीर सैनिक सरकारी नौकरी चाहते होंगे उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी.”
उत्तराखंड सरकार देगी नौकरी में प्राथमिकता
ऐसा ही विश्वास 'अग्निपथ योजना' को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता पुष्कर सिंह धामी ने युवाओं को दिया है.
उन्होंने कहा, “अग्निपथ योजना के अंतर्गत देश की सेवा के बाद अग्निवीरों को उत्तराखंड पुलिस, आपदा प्रबंधन, चार धाम प्रबंधन जैसी अनेक सेवाओं में लिया जाएगा. उन्हें राज्य सरकार नौकरियों में प्राथमिकता देगी.
इसके अलावा सरकार ने 'अग्निपथ योजना' को लेकर फैलाए जा रहे झूठ से सावधान रहने की अपील की है.
भारत सरकार के सूचना विभाग के ट्विटर हैंडल से इस बारे में कई पोस्ट किए गए हैं जिसमें बताया गया है कि चार साल के बाद 12 लाख की पूंजी जमा होगी और उन्हें अन्य सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता दी जाएगी.
क्या है 'अग्निपथ योजना'
भारतीय सेना के तीनों प्रमुखों ने सेना में छोटी अवधि की नियुक्तियों को लेकर 'अग्निपथ' नीति की घोषणा की गई है. इस योजना के तहत भर्ती होने की उम्र साढ़े सत्रह साल से इक्कीस साल के बीच होनी चाहिए.
शैक्षणिक योग्यता 10वीं या 12वीं पास होनी चाहिए. ये नौकरी सिर्फ चार साल के लिए होगी.
चार साल बाद सेवाकाल में प्रदर्शन के आधार पर मूल्यांकन होगा और 25 प्रतिशत लोगों को नियमित किया जाएगा. पहले साल की सैलरी प्रति महीने 30 हजार होगी और चौथे साल में 40 हजार रुपये प्रति महीना मिलेंगे.
अग्निपथ योजना के तहत 90 दिनों के अंदर करीब 40 हजार युवकों का चयन किया जाएगा जिसके बाद 6 महीने की ट्रेनिंग दी जाएगी.