कांग्रेस के
पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी सोमवार को नेशनल हेराल्ड मामले में पूछताछ के लिए
प्रवर्तन निदेशालय के दफ़्तर पहुँचे. उनसे लगभग 11 घंटे पूछताछ की गई. राहुल गांधी को मंगलवार को
फिर से बुलाया गया है.
राहुल गांधी सुबह
11 बजे क़रीब ईडी दफ़्तर
पहुंचे थे, जहाँ उन्हें तीन घंटें की पूछताछ के बाद लंच ब्रेक दिया गया.
इसके बाद
अपनी माँ सोनिया गांधी को देखने के लिए गंगाराम अस्पताल गए. वह दूसरे राउंड की
पूछताछ के लिए दोबारा 3:30 बजे शाम ईडी के
दफ़्तर आए. यहाँ से राहुल गांधी आठ घंटे की पूछताछ के बाद रात क़रीब 11:25 बजे निकले.
राहुल गांधी से
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ की गई.
नेशनल हेराल्ड के
स्वामित्व वाली कांग्रेस प्रायोजित यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड में वित्तीय
अनियमितताओं के आरोप लगे हैं. इसमें नौ महीने पहले मनी लॉन्ड्रिंग क़ानून के तहत
मामला दर्ज किया गया है. नेशनल हेराल्ड अख़बार का प्रकाशन एसोसिएटेड जर्नल्स
लिमिटेड (एजेएल) करती है, जिस पर यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड का स्वामित्व है.
लेकिन, राहुल गांधी की ईडी के सामने पेशी से पहले सोमवार सुबह कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता इसके विरोध में सड़क पर उतर आए और जमकर विरोध किया. कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर बदले की भावना से कार्रवाई करने और केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया.
कांग्रेस ने पार्टी दफ़्तर से लेकर ईडी के दफ़्तर तक पैदल मार्च निकालने की घोषणा की थी. इसमें कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल होने वाले थे. कांग्रेस ने अलग-अलग राज्यों में भी राहुल गांधी के समर्थन में मार्च निकाला.
हालांकि, दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा कारणों से कांग्रेस को मार्च निकालने की इजाज़त नहीं दी. बताया जा रहा है कि शुक्रवार को जुमे की नमाज़ के बाद हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन से बने तनाव के कारण पुलिस ने अनुमति नहीं दी. ईडी दफ़्तर से जुड़े रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई थी और वहां धारा 144 लागू थी.
फिर भी कांग्रेस नेता जब मार्च के लिए निकले तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, छ्त्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी, केसी वेणुगोपाल, हरीश रावत, जयराम रमेश और रणदीप सुरजेवाला को भी हिरासत में लिया गया.
रणदीप सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि पुलिस ने पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को धक्का दिया, जिससे उन्हें चोट आ गई. अधीर रंजन चौधरी ने तुगलक रोड पुलिस थाने में पुलिस के ख़िलाफ़ हाथापाई की शिकायत दर्ज कराई. वहीं, केसी वेणुगोपाल को रास्ते से जबरन उठाने का वीडियो भी सामने आया है.
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी भी अपने भाई राहुल गांधी के साथ ईडी के दफ़्तर पहुंची थीं. बाद में वो तुगलक रोड पुलिस थाने गईं जहां कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया गया था.
मंदिर मार्ग, सरोजिनी नगर के अलावा तुगलक रोड पर पुलिस थाने में हिरासत में लिए गए कांग्रेस नेताओं और सांसदों को तब छोड़ा गया जब राहुल गांधी ईडी के दफ़्तर से निकल गए.
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा, ''ये सरकार लोगों को केंद्रीय एजेंसियों की आंतक दिखा रही है. इसलिए मैंने सीबीआई निदेशक, केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के अध्यक्ष को मिलने के लिए बुलाया है ताकि उन्हें एक नागरिक और मुख्यमंत्री के तौर पर बता सकूं कि उनकी विश्वसनीयता कितनी कम हो गई है.''
भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियां सिर्फ़ विपक्षी नेताओं को निशाना बनाती हैं. सत्ताधारी पार्टी से किसी की जांच नहीं की जाती. केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्ष की आवाज़ दबाने के लिए किया जा रहा है.
हालांकि, कांग्रेस पार्टी में बदलाव की मांग करने वाले जी-23 समूह के नेता इस विरोध प्रदर्शन में मौजूद नहीं थे.