पैग़ंबर मोहम्मद पर टिप्पणी मामला: राज्यपाल ने पूछा- रांची में क्यों नहीं की प्रिवेंटिव कार्रवाई

झारखंड के राज्यपाल ने डीजीपी नीरज सिन्हा, रांची के डीसी छविरंजन और एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा को राजभवन बुलाकर पूरी घटना और उसके बाद की कार्रवाई की जानकारी ली.

लाइव कवरेज

कमलेश मठेनी and विभुराज

  1. पैग़ंबर मोहम्मद पर टिप्पणी मामला: राज्यपाल ने पूछा- रांची में क्यों नहीं की प्रिवेंटिव कार्रवाई

      • Author, रवि प्रकाश
      • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए, रांची से
    रांची में सुरक्षाबल

    इमेज स्रोत, ani

    10 जून को रांची में हुई हिंसा के मामले में झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस ने अधिकारियों से कई सवाल पूछे हैं.

    राज्यपाल ने डीजीपी नीरज सिन्हा, रांची के डीसी छविरंजन और एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा को राजभवन बुलाकर पूरी घटना और उसके बाद की कार्रवाई की जानकारी ली.

    इस दौरान उन्होंने पूछा कि हिंसक भीड़ पर क़ाबू पाने के लिए निरोधात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की गई. हिंसा वाली जगह पर वॉटर कैनन, रबर बुलेट, आंसू गैस जैसे प्रिवेंटिव उपायों का इस्तेमाल क्यों नहीं किया गया. तैनात पुलिसकर्मियों और अधिकारियों ने भी हेलमेट और बुलेटप्रूफ़ जैकेट क्यों नहीं पहने थे.

    राज्यपाल ने सवाल किया कि इन प्रोटेक्टिव उपायों पर अमल करने में क्या दिक़्क़त थी.

    छोड़िए X पोस्ट
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त

    राजभवन में तैनात एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अधिकारियों के जवाब से राज्यपाल पूरी तरह संतुष्ट नहीं दिखे. उन्होंने हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर उनके नाम-पते और तस्वीरों की होर्डिंग शहर में सार्वजनिक जगहों पर लगवाने का भी निर्देश अधिकारियों को दिया.

    राज्यपाल रमेश बैस ने इंटेलिजेंस इनपुट्स के बारे में भी जानकारी ली और जानना चाहा कि प्रदर्शन के वक्त वहां कितने सुरक्षाकर्मी और दंडाधिकारियों को तैनात किया गया था. उन्होंने अब तक हुई गिरफ़्तारियों के बारे में भी जानकारी ली.

    ग़ौरतलब है कि गृह मंत्रालय ने राज्यपाल से इस हिंसा पर रिपोर्ट देने के लिए कहा था.

  2. कोरोना के इलाज के लिए नहीं मिली बीमे की रकम, लोगों को लेना पड़ा क़र्ज़

    कोविड महामारी

    इमेज स्रोत, ANI

    "अप्रैल 2021 में, कोरोना की दूसरी लहर के दौरान, मैंने कोरोना संक्रमण के इलाज के लिए एक लाख रुपए का बिल चुकाया था. मेरे पास मेडिक्लेम इंश्योरेंस पॉलिसी थी. मैं निश्चिंत था कि मुझे बिल का पैसा वापस मिल जाएगा, लेकिन कंपनी ने मेरा सिर्फ़ आधा क्लेम ही मंज़ूर किया."

    "मैंने बाक़ी पैसा वापस पाने के लिए मेडिकल लोकपाल को शिकायत दी. लेकिन एक साल भी इस मामले में कुछ नहीं हो सका है."

    ये अहमदाबाद में रहने वाले रिटायर कर्मचारी भदरेश शाह की कहानी है. उन्होंने कोरोना की दूसरी लहर के दौरान हुई वित्तीय परेशानियों को लेकर बीबीसी से बात की.

    वो कहते हैं, "उस वक़्त मुझे इलाज मिल सका ये अच्छी बात है. लेकिन मुझे बहुत पैसा ख़र्च करना पड़ा. इंश्योरेंस कंपनी ने मेरा क्लेम नहीं चुकाया है, जिसकी वजह से मुझे बहुत परेशानियां हो रही हैं. मेरे मामले में अभी तक कोई फ़ैसला नहीं हो सका है."

  3. यूक्रेन पर हमले के 100 दिनों के भीतर रूस ने 97 अरब डॉलर का तेल और गैस निर्यात किया

    रूसी तेल

    इमेज स्रोत, Getty Images

    एक रिपोर्ट के अनुसार यूक्रेन के ख़िलाफ़ युद्ध छेड़ने के सौ दिनों के भीतर रूस ने 97 अरब डॉलर मूल्य के कच्चे तेल और गैस का निर्यात किया है.

    सेंटर फ़ॉर रीसर्च एंड क्लीन एयर (क्रेया) की एक रिपोर्ट के अनुसार इस साल मार्च से कई देशों ने रूस से कच्चा तेल और गैस खरीदना बंद कर दिया है जिसके कारण निर्यात से होने वाली उसकी आय में लगातार कमी हो रही है, लेकिन इसके बावजूद भी उसकी आय अधिक है.

    रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि रूस से तेल खरीदने को लेकर लगाए प्रतिबंधों में संभावित कमियां हो सकती हैं.

    छोड़िए YouTube पोस्ट, 1
    Google YouTube सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. YouTube सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

    पोस्ट YouTube समाप्त, 1

    यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद यूरोपीय संघ, अमेरिका और ब्रिटेन ने कहा था कि वो रूस से तेल और गैस का आयात नहीं करेंगे.

    लेकिनक्रेया की रिपोर्टके अनुसार यूद्ध के 100 दिनों के भीतर यानी 24 फरवरी से लेकर 3 जून के बीच रूस ने तेल और गैस बेचकर 97 अरब डॉलर अपने राजस्व में जोड़े हैं.

    इसका 61 फीसदी यानी 59 अरब डॉलर मूल्य का आयात यूरोपीय संघ के देशों द्वारा किया गया है.

    छोड़िए YouTube पोस्ट, 2
    Google YouTube सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. YouTube सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

    पोस्ट YouTube समाप्त, 2

    रिपोर्ट के अनुसार रूसी तेल और गैस के निर्यात से होने वाली आय मार्च में घटकर एक दिन में एक अरब डॉलर तक कम हुई है.

    लेकिन क्रेया के अनुसार युद्ध के पहले सौ दिनों में रूस की आय यूक्रेन युद्ध पर होने वाले खर्च से अधिक थी. यूक्रेन युद्ध में रूस रोज़ाना 87.65 करोड़ डॉलर का खर्च कर रहा है.

    यूरोपीय संघ की योजना है कि इस साल के आख़िर तक वो समुद्र के रास्ते रूस से होने वाले आयात को बैन कर देगा, इससे उसका आयात दो तिहाई तक कम हो जाएगा.

  4. प्रयागराज हिंसा: जावेद मोहम्मद कौन हैं, जिनके घर पर चला बुलडोज़र

    जावेद मोहम्मद का घर

    इमेज स्रोत, ANI

    उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में जुमे की नमाज़ के बाद भड़की हिंसा और पथराव के मामले में पुलिस ने अब तक 92 लोगों को गिरफ़्तार किया है.

    पुलिस की एफ़आईआर में 70 लोगों को नामज़द किया गया है और उन पर 29 गंभीर धाराओं में मुक़दमे दर्ज किए गए हैं.

    रविवार को पुलिस की मौजूदगी में प्रयागराज डेवलपमेंट अथॉरिटी (पीडीए) ने घटना के 'मुख्य अभियुक्त' जावेद मोहम्मद का घर बुलडोज़र से पूरी तरह गिरा दिया.

    उसके पहले उनके घर पर नोटिस चिपकाया गया था जिसमें बुलडोज़र चलाए जाने की वजहों के बारे में बताया गया था. इस नोटिस के मुताबिक़ उन्हें अनाधिकृत रूप से घर के निर्माण के मामले में 10 मई को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था जिसमें सुनवाई 24 मई के लिए तय हुई थी.

  5. पैग़ंबर मोहम्मद पर टिप्पणी मामले में चीन बोला- उम्मीद है सही तरीके से स्थिति को सुलझाया जाएगा

    वांग वेनबिन

    इमेज स्रोत, www.fmprc.gov.cn

    चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की पूर्व प्रवक्ता द्वारा पैग़ंबर मोहम्मद पर की गई टिप्पणी मामले में उन्हें उम्मीद है कि स्थिति को सही तरीके से सुलझाया जाएगा.

    सोमवार को हुए एक प्रेस वार्ता में एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, "चीन हमेशा से मानता है कि विभिन्न सभ्यताओं और विभिन्न धर्मों को एकदूसरे का सम्मान करना चाहिए और उन्हें बराबरी के साथ, मिलजुल कर रहना चाहिए."

    वेनबिन ने कहा "ये बेहद ज़रूरी है कि हम अपने पूर्वाग्रहों को छोड़ें और अपनी और दूसरी सभ्यताओं के बीच के फर्क को समझें, हम दूसरों के साथ संवाद स्थापित करें और सह-अस्तित्व को बढ़ावा दें."

    इससे पहले पाकिस्तान, सऊदी अरब, कॉतर, यूएई, कुवैत, ओमान, इंडोनीशिया, इराक़, मालदीव, बांग्लादेश, जॉर्डन, लीबिया और बहरीन भी अपनी नाराज़गी जता चुके हैं. ऑर्गेनाइज़ेशन ऑफ़ इस्लामिक कोऑपरेशन ने भी इस मामले पर आपत्ति जताई थी.

  6. प्रयागराज हिंसा: जावेद मोहम्मद का घर ढहाए जाने पर देश-विदेश से आ रही प्रतिक्रिया

    जावेद मोहम्मद का घर ढहाने की तस्वीर

    इमेज स्रोत, ANI

    उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में जुमे की नमाज़ के बाद हिंसा और पथराव हुआ. इस मामले में पुलिस ने 70 लोगों को नामज़द किया है और जावेद मोहम्मद को 'मुख्य अभियुक्त' बताया है.

    रविवार को प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने जावेद मोहम्मद का घर बुलडोज़र से ढहाया. प्राधिकरण का कहना था कि ये घर अवैध तरीके से बनाया गया था और मई के महीने में ही जावेद मोहम्मद उर्फ़ जावेद पंप को इस संबंध में नोटिस जारी किया था.

    जावेद मोहम्मद के घर को ढहाए जाने और पैग़ंबर विवाद पर भारत सरकार के रुख़ पर अब देश ही नहीं बल्कि विदेश से भी प्रतिक्रिया आ रही है.

  7. श्रीलंका में बिजली परियोजना से जुड़े विवाद पर अडानी समूह ने अपनी सफ़ाई में क्या कहा

    अडानी

    इमेज स्रोत, Getty Images

    श्रीलंका में एक बिजली परियोजना को लेकर पैदा हुए विवाद पर भारत की कंपनी अडानी समूह ने अपनी सफ़ाई दी है.

    श्रीलंका के सीलोन इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड (सीईबी) के अध्यक्ष ने संसदीय समिति के सामने ये बयान दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पड़ोसी देश में एक बिजली परियोजना अडानी समूह को दिलवाने के लिए राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे पर 'दबाव' बनाया था.

    इस मामले पर अब अडानी कंपनी के प्रवक्ता ने एक बयान जारी कर कहा है, "श्रीलंका में निवेश का हमारा इरादा पड़ोसी मुल्क की ज़रूरतों को पूरा करने की कोशिश है. एक ज़िम्मेदार कंपनी की तरह इसे हम दोनों मुल्कों के बीच साझेदारी के अहम हिस्से के तौर पर देखते हैं."

    कंपनी ने कहा, "इस मुद्दे की जिस तरह चर्चा की गई है उससे हमें निराशा हुई है. सच ये है कि इस मुद्दे को श्रीलंकाई सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है."

    हालाँकि, इसके एक दिन बाद ही विवाद बढ़ता देख सीईबी अध्यक्ष ने रविवार को ये बयान वापस ले लिया. श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे ने भी इन आरोपों को ख़ारिज किया है.

    इससे पहले सीलोन इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड के अध्यक्ष के बयान को लेकर भारत में विपक्ष ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा.

  8. ब्रेकिंग न्यूज़, रांची हिंसा पर बोले हेमंत सोरेन- ये शहर जंग का मैदान नहीं है...

    झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

    इमेज स्रोत, ANI

    इमेज कैप्शन, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

    पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में हुई हिंसा पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि हमें बहुत संभलकर, बहुत सूझबूझ के साथ इस समय को पार करने की आवश्यकता है.

    उन्होंने रांची में प्रेस से बात करते हुए कहा, "हम पहले भी इस बात को कह चुके हैं कि देश एक अजीबोगरीब परिस्थिति से गुजर रहा है. और इसमें बहुत संभलकर, बहुत सूझबूझ के साथ इस समय को पार करने की आवश्यकता है. आवेश में, तैश में अक्सरहां गलतियां हो जाती हैं."

    रांची में हुई हिंसा पर उन्होंने कहा, "ये शहर जंग का मैदान नहीं है. इसलिए मौजूदा परिस्थिति को समझते हुए हमें हरेक कदम बढ़ाने की आवश्यकता है."

    झारखंड

    इमेज स्रोत, ANI

    फ़ेक न्यूज़ और अफवाहों पर ध्यान देने से बचने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा, "कई जगहों से आप सबको, हम सबको विचलित कर देने वाली कई ख़बरें सुनने को मिलेंगी और कई चीज़ें देखने को भी मिलेंगी. आज कहीं न कहीं, हर ख़बर, हर चलचित्र में कुछ न कुछ छुपा हुआ एजेंडा छुपा हुआ प्रतीत होता है. हमें उसे देखने की आवश्यकता है. हमें इस देश के संविधान को और इस देश के लोकतंत्र को आज की इस विकट परिस्थिति से बचाने की आवश्यकता है."

    रांची में 33 घंटों तक इंटरनेट सेवाएं बंद रखने के बाद रविवार को फिर से शुरू कर दी गई हैं. लेकिन शहर के संवेदनशील इलाकों में रैपिड एक्शन फोर्स, एंटी टेररिज़्म स्क्वैड, स्पेशल टास्क फोर्स और शहर की पुलिस को तैनात रखा गया है.

    अधिकारियों ने रविवार को बताया कि पूर्वी सिंहभूम में पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाला. सेरायकेला-खरसवान में एहतियातन निषेधाज्ञा लागू कर दी गई थी.

  9. इसराइल ने कहा- तुर्की न जाएं नागरिक, गए हैं तो जल्द बाहर निकलें

    याएर लिपिड

    इमेज स्रोत, Abir Sultan/Pool via REUTERS

    इसराइल ने अपने नागरिकों को चेतावनी दी है कि वो जल्द से जल्द तुर्की से बाहर निकलें.

    इसराइल के विदेश मंत्री याएर लेपिड ने कहा है तुर्की को ईरान से 'वास्तविक और तुरंत' ख़तरा हो सकता है इस कारण उनके नागरिकों को जल्द वहां से बाहर निकल जाना चाहिए.

    याएर लेपिड, "हाल के सप्ताह में तुर्की में जो कुछ हुआ और छुट्टी बिताने इस्तांबुल गए इसराइल के नागरिकों की हत्या की ईरान की कई कोशिशों के बाद मैं अपील करता हूं कि इसराइल के नागरिक इस्तांबुल की यात्रा न करें. अगर बेहद ज़रूरी न हो तो तुर्की की यात्रा करने से बचें. अगर आपने इस्तांबुल जाने के लिए टिकट बुक किया है तो उसे कैंसिल कर दें. कोई भी छुट्टी आपकी ज़िंदगी और आपके परिजनों से ज़्यादा ज़रूरी नहीं."

    याएर लेपिड ने कहा कि इस्तांबुल पर बीते महीने एक चरमपंथी हमला हुआ था जिसे नाकाम कर दिया गया था लेकिन अधिकारियों का मानना है कि अभी तुर्की की राजधानी अन्य हमलों की योजना है.

    इससे पहले 30 मई को इसराइल ने अपने नागरिकों के लिए तुर्की न जाने को लेकर एक ट्रेवल एडवायज़री की थी. उसने ईरान को चेतावनी दी थी कि वो उसके नागरिकों की हत्या करने या फिर उन्हें अगवा करने की कोशिश न करें.

    छोड़िए X पोस्ट
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त

    13 जून को ईरान की तस्नीम न्यूज़ एजेंसी ने ईरानी सरकार के प्रवक्ता अली बहादोरी जहरोमी का एक बयान छापा जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान इसराइल से अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए सभी कदम उठाएगा.

    उन्होंने कहा, "देश के लिए अपने नागरिकों की रक्षा वो रेखा है जिसे कोई पार नहीं कर सकता. ईरान अपने ख़िलाफ उठाए गए इसराइल के हर कदम का जवाब देगा."

    तस्नीम समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार इसराइली प्रधानमंत्री नेफ्ताली बेनेट के इशारे पर इसराइली सेना ईरान पर हमले कर सकती है.

    इसी साल मई में ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड के कर्नल हसन सैय्यद खोदाई की हत्या तेहरान में उन्हीं के घर के सामने कर दी गई थी. ईरान ने इसका आरोप इसराइल पर लगाया था और कहा था कि वो इसका बदला ज़रूर लेगा.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार इसराइल ने ने तो इसकी पुष्टि की और न ही इससे इनकार ही किया. इसराइल ने खोदाई पर दुनियाभर में रह रहे अपने नागरिकों पर हमले करने की साजिश रचने का आरोप लगाया था.

    इसराइल मानता है कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम उसकी सुरक्षा के लिए ख़तरा हो सकती है. वो इसका विरोध करता रहा है.

    इसराइल के नागरिकों के लिए तुर्की छुट्टियां बिताने का पसंदीदा देश बन गया है. दशक भर तक रिश्तों में तनाव रहने के बाद हाल में इसराइल और तुर्की अपने रिश्ते बेहतर करने की कोशिश कर रहे हैं.

  10. यूपी में बुलडोज़र से घर ढहाने के ख़िलाफ़ जमीयत ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया

      • Author, सुचित्र मोहंती, बीबीसी हिंदी के लिए
    प्रयागराज में जावेद अहमद के घर को बुलडोज़र से ढहाए जाने की कार्रवाई

    इमेज स्रोत, ANI

    इमेज कैप्शन, प्रयागराज में जावेद अहमद के घर को बुलडोज़र से ढहाए जाने की कार्रवाई

    उत्तर प्रदेश में अतिक्रमण हटाओ अभियान के नाम पर बुलडोज़र से की जा रही कार्रवाई को रोकने के लिए मुस्लिम संगठन जमीयत उलमा-ए-हिंद ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है.

    जमीयत उलमा-ए-हिंद ने अपनी याचिका में सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि उत्तर प्रदेश सरकार को इस बात का निर्देश दिया जाए कि बिना क़ानून की निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए अब और कोई विध्वंसात्मक कार्रवाई न की जाए.

    हालांकि उत्तर प्रदेश सरकार का कहना है कि ये कार्रवाई निर्धारित प्रक्रिया के तहत की गई है और प्रभावित पक्ष को इस सिलसिले में नोटिस भेजा गया था.

    जमीयत ने अपनी याचिका में सुप्रीम कोर्ट से ये मांग भी की है कि उत्तर प्रदेश सरकार के स्थानीय क़ानूनों और विधि सम्मत शासन के कथित तौर पर ख़िलाफ़ जाकर बुलडोज़र से घर ढहा देने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाए.

    दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में अतिक्रमण हटाओ अभियान के नाम पर बुलडोज़र से की गई कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी थी.

    जमीयत ने दिल्ली के मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का हवाला देते हुए अपनी याचिका में कहा है कि मौजूदा स्थिति और अधिक ख़तरनाक़ हो गई है. जमियत ने अपनी याचिका में कहा, "ये सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन है."

  11. 13 जून का ‘दिनभर: पूरा दिन, पूरी ख़बर’, सुनिए मोहम्मद शाहिद और अंजुम शर्मा के साथ

    छोड़िए YouTube पोस्ट
    Google YouTube सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. YouTube सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

    पोस्ट YouTube समाप्त

  12. उमरान मलिक को क्यों नहीं मिल रहा है भारत से खेलने का मौक़ा, फ़ैन्स ने ऋषभ पंत और टीम प्रबंधन को घेरा

    उमरान मलिक

    इमेज स्रोत, BCCI/IPL

    दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ टी-20 सिरीज़ में 2-0 से पिछड़ने के बाद भारतीय कप्तान और टीम प्रबंधन सवालों के घेरे में आ गए हैं.

    इस सिरीज़ में भारत की कप्तानी कर रहे हैं ऋषभ पंत और उप कप्तान हैं हार्दिक पंड्या.

    इस साल आईपीएल में बेहतरीन गेंदबाज़ी करने वाले उमरान मलिक को अभी तक मौक़ा न दिए जाने के कारण कप्तान ऋषभ पंत और टीम प्रबंधन को क्रिकेट प्रेमियों और कई पूर्व क्रिकेटरों की नाराज़गी झेलनी पड़ रही है.

    छोड़िए X पोस्ट, 1
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 1

    दो टी-20 मैचों में भारतीय गेंदबाज़ों का प्रदर्शन कोई ख़ास नहीं रहा है. तेज़ गेंदबाज़ों के साथ-साथ स्पिनरों ने भी निराश किया है.

    अभी तक उमरान मलिक को दो मैचों में मौक़ा नहीं मिला है, इस पर सोशल मीडिया पर लोग टीम प्रबंधन से सवाल पूछ रहे हैं.

    क्रिकेट प्रशंसक पूछ रहे हैं कि अब तक उमरान मलिक को टीम में मौक़ा क्यों नहीं दिया गया है?

    पहले टी-20 मैच में भारतीय टीम 211 रन बनाकर भी हार गई, क्योंकि गेंदबाज़ों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा. लेकिन टीम प्रबंधन ने दूसरे मैच के लिए टीम में कोई बदलाव नहीं किया.

    दूसरे मैच में भारत ने 148 रनों का ही स्कोर खड़ा किया. यहाँ मैच जीतने के लिए उसे गेंदबाज़ों की ओर से बेहतरीन प्रदर्शन की आस थी. लेकिन इस मैच में भुवनेश्वर कुमार को छोड़कर किसी भी गेंदबाज़ ने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया और भारत की टीम ये मैच भी हार गई.

    छोड़िए X पोस्ट, 2
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 2

    छोड़िए X पोस्ट, 3
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 3

    छोड़िए X पोस्ट, 4
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 4

    छोड़िए X पोस्ट, 5
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 5

    भारत के पूर्व कप्तान और कमेंटेटर सुनील गावसकर ने भी उमरान मलिक को मौक़ा दिए जाने की पैरवी की है.

    उन्होंने कहा है कि वे उमरान को भारतीय टीम की ओर से खेलता देखना चाहते हैं और इसे लेकर वे काफ़ी उत्साहित हैं.

    पूर्व कप्तान दिलीप वेंगसरकर ने भी कहा है कि उमरान मलिक को भारतीय टीम की ओर से खेलने का मौक़ा मिलना चाहिए. पाकिस्तान के पूर्व कप्तान सलमान बट का तो कहना है कि दिल्ली में भी उमरान मलिक को मौक़ा मिलना चाहिए था.

    श्रीनगर में जन्मे उमरान मलिक 22 साल के हैं. वे इस साल आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद की ओर से खेले थे. अपनी तेज़ गति की गेंदबाज़ी से उन्होंने सबका ध्यान आकर्षित किया था. उन्होंने 14 मैचों में 22 विकेट लिए.

  13. आज का कार्टून: रुपया गिरा, निचले स्तर पर पहुंचा

    कार्टून

    स्टॉक मार्केट और राजनीति पर आज का कार्टून

  14. बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने क्यों जताया है ओवैसी का आभार

    वरुण गांधी

    इमेज स्रोत, ANI

    इमेज कैप्शन, वरुण गांधी

    भारतीय जनता पार्टी के सांसद और कई बार अपनी ही पार्टी की सरकार को आड़े हाथों लेने वाले वरुण गांधी ने एआईएमआईएम के सांसद असदुद्दीन ओवैसी का आभार जताया है. उन्होंने ट्विटर पर इसकी वजह भी बताई है. उन्होंने लिखा है- बेरोज़गारी आज देश का सबसे ज्वलंत मुद्दा है और पूरे देश के नेताओं को इस मुद्दे पर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराना चाहिए. बेरोज़गार नौजवानों को न्याय मिलना चाहिए, तभी देश शक्तिशाली बनेगा.

    छोड़िए X पोस्ट, 1
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 1

    वरुण गांधी ने आगे लिखा है कि वे आभारी हैं कि रोज़गार को लेकर उनके उठाए गए सवालों का ओवैसी जी ने अपने भाषण में ज़िक्र किया है. वरुण गांधी ने अपने ट्वीट के साथ ओवैसी की एक वीडियो क्लिप भी ट्वीट की है. इस क्लिप में ओवैसी कहते दिख रहे हैं- सेंट्रल मिनिस्ट्री और डिपार्टमेंट में नौ लाख 10 हज़ार नौकरियाँ हैं. उन्होंने इस वीडियो में ये भी कहा है कि कुल 60 लाख से ज़्यादा नौकरियाँ हैं और ये आँकड़े उनके नहीं पीलिभीत से बीजेपी के सांसद वरुण गांधी के हैं

    छोड़िए X पोस्ट, 2
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 2

    वरुण गांधी नरेंद्र मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों को लेकर काफ़ी आक्रामक रहे हैं. उन्होंने कृषि क़ानून को लेकर भी मोदी सरकार को घेरा था. कुछ दिनों पहले उन्होंने बीबीसी हिन्दी की एक रिपोर्ट शेयर की थी और लिखा था कि लगभग 1 लाख रिक्त पद होने के बावजूद सेना में भर्तियां नहीं निकल रही हैं.

  15. नूपुर शर्मा मामले में हिंसक प्रदर्शनों को लेकर हुई कार्रवाई पर बोले पाकिस्तान के पीएम शहबाज़ शरीफ़

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़

    इमेज स्रोत, Reuters

    इमेज कैप्शन, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने सोमवार को कहा है कि "भारत ने मुसलमानों को दबाने, उन्हें धमकाने का कठोर तरीक़ा अपनाया है."

    उन्होंने ट्विटर पर कहा, "भारत की योजना मुसलमानों को राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक रूप से और हाशिये पर धकेल देने की है. भारत के लोकतांत्रिक चेहरे की असलियत दुनिया के सामने आ गई है."

    इससे पहले उन्होंने शनिवार को कहा था कि भारत में बीजेपी नेताओं की पैग़ंबर पर की गई टिप्पणियों के ख़िलाफ़ देश की संसद में बहस कर एक प्रस्ताव पारित किया जाना चाहिए.

    छोड़िए X पोस्ट, 1
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 1

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ के कार्यालय की ओर से शनिवार को ट्विटर पर लिखा गया कि प्रधानमंत्री ने स्पीकर राजा परवेज़ अशरफ़ से पैग़ंबर के मामले पर चर्चा के लिए सोमवार को नेशनल एसेंबली का सत्र बुलाने का आग्रह किया है.

    एक अन्य ट्वीट में लिखा गया, "हमारी आस्था और प्यार से जुड़े इस अहम और नाज़ुक मसले पर सदन में चर्चा होनी चाहिए. सदन को भारत की इस घृणास्पद घटना के ख़िलाफ़ प्रस्ताव पारित करना चाहिए. हम इस प्रस्ताव के ज़रिए भारत समेत पूरी दुनिया को ये बताना चाहते हैं कि हम पैग़ंबर की पवित्रता के लिए कोई भी क़ुर्बानी दे सकते हैं."

    छोड़िए X पोस्ट, 2
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 2

    वहीं, पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ज़रदारी ने शुक्रवार को इस मामले को संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष अब्दुल्ला शाहिद के सामने उठाया था.

    बिलावल भुट्टो ने ट्वीट कर बताया था कि उन्होंने "पैग़ंबर मोहम्मद के ख़िलाफ़ बीजेपी के अधिकारियों की अपमानजमक टिप्पणी पर यूएन जनरल असेंबली (पीजीए) के अध्यक्ष अब्दुल्ला शाहिद के साथ चर्चा की."

    छोड़िए X पोस्ट, 3
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 3

    पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को इस बारे में और जानकारी देते हुए बताया कि बिलावल भुट्टो ने यूएन महासभा अध्यक्ष से ये कहते हुए कि ऐसी भड़काऊ हरकतों से दुनिया भर में अरबों मुसलमानों की भावनाएँ आहत हुई हैं, उनसे आग्रह किया कि वो भारत में बढ़ते इस्लामोफ़ोबिया के बीच ऐसी "घृणित" घटना का संज्ञान लें.

  16. पैग़ंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी मामला: पश्चिम बंगाल में हिंसा के बाद 200 से ज़्यादा लोग गिरफ़्तार

    फ़ाइल फ़ोटो

    इमेज स्रोत, ANI

    इमेज कैप्शन, फ़ाइल फ़ोटो

    पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक मनोज मालवीय ने कहा है कि पैग़ंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी मामले को लेकर राज्य में हुई हिंसा के बाद 200 से अधिक लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, मनोज मालवीय ने ये भी बताया कि इस सिलसिले में 42 मामले दर्ज किए गए हैं.

    पश्चिम बंगाल पुलिस के एडीजी जावेद शमीम ने हावड़ा में हुई हिंसा की घटना पर कहा, "जानोमाल का कोई नुक़सान नहीं हुआ है और किसी के घायल होने की कोई रिपोर्ट नहीं है. हालात सामान्य हैं, इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गई है. नकाशीपारा में धारा 144 लागू कर दी गई है."

    उन्होंने कहा, "किसी को भी बख़्शा नहीं जाएगा, चाहे वो कोई भी क्यों न हो. हम कड़ी से कड़ी सज़ा दिलाने की कोशिश करेंगे और हालात संभालने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं. हम अमन की बहाली के लिए कोशिश कर रहे हैं. लोगों से हमारी अपील है कि वो अफ़वाहों पर ध्यान न दें."

    छोड़िए X पोस्ट, 1
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 1

    एनआईए जांच और सेना की तैनाती की मांग

    इस बीच कलकत्ता हाई कोर्ट में सोमवार को पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा की जांच नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी से कराए जाने और हालात पर नियंत्रण पाने के लिए सेना की तैनाती की मांग लेकर याचिकाएं दायर की गई हैं.

    कोलकाता हाई कोर्ट के चीफ़ जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव की अगुवाई वाली खंडपीठ के समक्ष दायर की गई एक याचिका में याचिकाकर्ता ने दावा किया है कि इस हिंसा से राष्ट्रीय अखंडता प्रभावित हुई थी.

    दूसरे याचिकाकर्ता ने हिंसा के मद्देनज़र सेना तैनात किए जाने की मांग की है. इस मामले में राज्य सरकार का पक्ष रखते हुए एडवोकेट जनरल एसएन मुखर्जी ने इन याचिकाओं का विरोध किया.

    उन्होंने कहा कि नाडिया ज़िले में बेथुआदहारी में एक पैसेंजर ट्रेन को हुए नुक़सान की घटना के अलावा पिछले 36 घंटों में राज्य में कोई हिंसा नहीं हुई है.

    उन्होंने अदालत को ये भी बताया कि पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा की घटनाओं के मामले में अभी तक 214 लोगों को गिरफ़्तार किया जा चुका है.

    छोड़िए X पोस्ट, 2
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 2

  17. नूपुर शर्मा को महाराष्ट्र के बाद कोलकाता पुलिस ने पूछताछ के लिए तलब किया

    नूपुर शर्मा

    इमेज स्रोत, Getty Images

    कोलकाता पुलिस ने सोमवार को बीजेपी से निलंबित नेता नूपुर शर्मा को पैगंबर मोहम्मद पर विवादास्पद टिप्पणी के मामले में पूछताछ के लिए समन किया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि नूपुर शर्मा को नारकेलडांगा पुलिस स्टेशन में 20 जून को अपना बयान दर्ज कराने के लिए कहा गया है.

    एक न्यूज़ चैनल पर बहस के दौरान नूपुर शर्मा की टिप्पणी के बाद देश के कई हिस्सों में हिंसक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे.

    तृणमूल कांग्रेस के अल्पसंख्यक सेल के महासचिव अब्दुल सोहैल ने कोंतै पुलिस स्टेशन में नुपूर शर्मा की विवादित टिप्पणी को लेकर भी एक प्राथमिकी दर्ज कराई थी.

    छोड़िए X पोस्ट
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त

    महाराष्ट्र पुलिस का समन

    इससे पहले पैगंबर मोहम्मद पर विवादास्पद टिप्पणी के मामले में बीजेपी से निलंबित नेता नूपुर शर्मा के खिलाफ महाराष्ट्र पुलिस ने समन जारी किया था.

    ठाणे जिले की भिवंडी सिटी पुलिस ने उनके खिलाफ समन जारी कर उन्हें जांच के लिए 13 जून को उपस्थित होने को कहा है.

    हालांकि नूपुर शर्मा के वकील ने ई-मेल कर भिवंडी पुलिस से कहा है कि उन्हें जाँच के लिए उपस्थित होने में कुछ दिन और लगेंगे.

  18. शक्ति कपूर के बेटे सिद्धांत कपूर ड्रग्स केस में हिरासत में लिए गए

      • Author, इमरान क़ुरैशी
      • पदनाम, बेंगलुरु से, बीबीसी हिंदी के लिए
    फ़िल्म अभिनेता शक्ति कपूर के बेटे सिद्धांत के ब्लड टेस्ट से ड्रग्स के इस्तेमाल की पुष्टि हुई है

    इमेज स्रोत, ANI

    बेंगलुरु के एक पंच सितारा होटल में बीती रात हुई एक पार्टी के दौरान ड्रग्स इस्तेमाल के आरोप में हिरासत में लिए गए बॉलीवुड अभिनेता सिद्धांत कपूर को गिरफ़्तार किया जाने वाला है.

    फ़िल्म अभिनेता शक्ति कपूर के बेटे सिद्धांत के ब्लड टेस्ट से ड्रग्स के इस्तेमाल की पुष्टि भी हुई है. पुलिस ने रविवार को सिद्धांत को चार और लोगों के साथ हिरासत में लिया था.

    होटल में रेड के दौरान पुलिस ने दो पैकेट्स की बरामदगी की है. एक पैकेट में एमडीएमए ड्रग्स के सात टैबलेट मिले थे. पुलिस का कहना है कि डस्टबीन में गांजा भी बरामद हुआ है.

    सिद्धांत कपूर

    इमेज स्रोत, ANI

    पुलिस उपायुक्त डॉक्टर भीमशंकर एस गुलेड ने मीडिया को बताया, "हमने उन्हें हिरासत में लिया था और उन्हें गिरफ़्तार किया जाएगा."

    उस पार्टी में लगभग 35 लोग शामिल हुए थे और उनमें से पाँच लोगों में ड्रग्स लेने की पुष्टि हुई है. नशीले पदार्थों के ख़िलाफ़ पुलिस की मुहिम के तहत ये रेड मारी गई थी.

    भीमशंकर एस गुलेड ने बताया, "मैं उनके (सिद्धांत के) पेशे के बारे में नहीं जानता हूं. यहाँ वे डीजे के तौर पर परफॉर्म कर रहे थे."

    छोड़िए X पोस्ट, 1
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 1

    इस पूरे घटनाक्रम में होटल प्रबंधन की भूमिका को लेकर भी पुलिस आगे की जाँच-पड़ताल कर रही है.

    हाल ही में पुलिस ने प्राइवेट पार्टियों में होने वाले ड्रग्स के इस्तेमाल को रोकने के लिए शहर के होटलों के साथ एक मीटिंग भी की थी.

    भीमशंकर एस गुलेड ने बताया, "ये कोई ऐसा इवेंट नहीं था जिसमें केवल इनविटेशन वाले लोगों को ही शामिल होने की इजाजत थी."

    छोड़िए X पोस्ट, 2
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 2

    एनडीपीएस ऐक्ट

    पुलिस उन पर नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटांसेज ऐक्ट, 1985 की धारा 22 ए और बी और धारा 27 बी के तहत मामला दर्ज कर रही है.

    एनडीपीएस ऐक्ट के सेक्शन 22 ए के अनुसार नशीले पदार्थ की कम मात्रा बरामद होने की सूरत में छह महीने की जेल या 10,000 रुपये का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं.

    सेक्शन 22 बी के तहत ज़्यादा मात्रा बरामद होने की स्थिति में 10 से 20 साल तक की जेल के साथ एक से दो लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है.

    सेक्शन 27 बी में इस्तेमाल की गई ड्रग्स अगर निर्धारित मात्रा के अलावा हो तो अभियुक्त को छह महीने तक की जेल या जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है.

  19. FB Live: यूपी में बुलडोज़र से घरों को गिराए जाने के ख़िलाफ़ प्रदर्शन

    छोड़िए YouTube पोस्ट
    Google YouTube सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. YouTube सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

    पोस्ट YouTube समाप्त

  20. नूपुर शर्मा मामले में बिहार के सीएम नीतीश कुमार की आई प्रतिक्रिया

    नीतीश कुमार

    इमेज स्रोत, Getty Images

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नूपुर शर्मा मामले पर विरोध प्रदर्शनों को लेकर प्रतिक्रिया दी है. पटना में पत्रकारों के साथ बातचीत में नीतीश कुमार ने कहा कि जब इस बात पर कार्रवाई हो गई है, तो फिर विवाद या प्रदर्शन की क्या ज़रूरत है?

    छोड़िए X पोस्ट
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त

    उन्होंने कहा कि पार्टी ने इस पर कार्रवाई की है और एफ़आईआर भी हो गई है. बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा ने पिछले महीने एक टीवी डिबेट के दौरान पैग़ंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी की थी. उनकी टिप्पणी को लेकर काफ़ी विवाद हुआ था. कई देशों ने इस मामले पर आपत्ति जताई और भारतीय दूतों को बुलाकर अपनी नाराज़गी व्यक्त की. इसके बाद बीजेपी ने नूपुर शर्मा को पार्टी से निलंबित कर दिया. बीजेपी के एक और नेता नवीन कुमार जिंदल को विवाद ट्वीट के कारण पार्टी से निष्कासित कर दिया गया.

    नूपुर शर्मा

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इस मामले पर पिछले शुक्रवार को जुमे की नमाज़ के बाद भारत के कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन हुए थे. झारखंड में तो दो लोगों की मौत भी हो गई थी. बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने कहा- अभी बिहार में स्थिति सामान्य है. यहाँ पुलिस और प्रशासन ऐसी सभी चीज़ों को लेकर सक्रिय रहता है. उन्होंने कहा कि जैसे ही ये पता चला कि कई जगह रैलियाँ चल रही हैं, तो हमने तुरंत ही अधिकारियों को बुलाकर स्थिति पर नियंत्रण करने के लिए बोल दिया था. नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में कोई विवाद नहीं है.