दूसरा टी-20 हारा भारत, दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ लगातार सातवीं हार

दक्षिण अफ़्रीका ने भारत को दूसरे मैच में आसानी से हरा दिया. भुवनेश्वर ने भारत को शानदार शुरुआत दी लेकिन...

लाइव कवरेज

प्रियंका झा and दीपक मंडल

  1. दूसरी टी-20 हारा भारत, दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ लगातार सातवीं हार

    भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका

    इमेज स्रोत, BCCI

    भारत दूसरे टी-20 मुक़ाबले में दक्षिण अफ़्रीका से चार विकेट से हार गया है. ये दक्षिण अफ़्रीका की भारत के ख़िलाफ़ लगातार सातवीं जीत है. लगाता दो टी-20 मुक़ाबले हारने से पहले भारत दक्षिण अफ़्रीका दौरे के दौरान लगातार दो टेस्ट मैच और तीन वनडे मैच हारा था.

    कटक में खेले गए दूसरे टी-20 मुक़ाबले में भारत ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 6 विकेट पर 148 रन बनाए थे. जवाब में दक्षिण अफ्रीका ने आसानी से ये लक्ष्य हासिल कर लिया. अफ़्रीका ने 6 विकेट गंवाकर 18.2 ओवर में ही भारत को हरा दिया.

    भारत की तरफ़ से श्रेयस अय्यर ने सबसे ज़्यादा 40 रनों की पारी खेली. वहीं दक्षिण अफ़्रीका के लिए हेनरिक क्लासोन ने तूफ़ानी पारी खेलते हुए सिर्फ 46 गेंदों में 81 रन ठोक दिए.

    भुवनेश्वर की शानदार गेंदबाज़ी

    दक्षिण अफ़्रीका की शुरुआत रही ख़राब भारत के तेज़ गेंदबाज़ भुवनेश्वर कुमार ने पहले ही ओवर में रेजा हेंड्रिक्स को क्लीन बोल्ड कर दिया. भुवनेश्वर ने अपने दूसरे ही ओवर में ड्वेन प्रिटोरियस का विकेट ले लिया. भुवनेश्वर ने रेसी वेन डर डुसेन को सिर्फ़ एक रन के स्कोर पर ही क्लीन बोल्ड कर दिया. भुवनेश्वर ने अपने चार ओवरे में 13 रन ख़र्च करके चार विकेट चटकाए.

    उमरान को नहीं मिली जगह

    भारत के पहला मैच हारने के बाद ये उम्मीद जताई जा रही थी कि स्पीडस्टार उमरान मलिक को दूसरे मैच में मौका मिलेगा. लेकिन उन्हें प्लेइंग 11 में जगह नहीं मिल सकी. भारतीय टीम में वही खिलाड़ी खेले जो पहले मैच में खेले थे.

  2. लुहांस्क में रूसी बमबारी से केमिकल प्लांट में आग, 800 से ज्यादा नागरिक और सैनिक फंसे

    यूक्रेन

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    इमेज कैप्शन, फाइल फोटो

    रूसी सेना ने यूक्रेन में लुहांस्क के विशालकाय अजोत केमिकल प्लांट पर बम बरसाए हैं. यह प्लांट सेवेरोदोनेत्स्क में हैं और इसमें यूक्रेनी सेना की टुकड़ियां भी मौजूद है.

    रूसी सेना ने इस प्लांट को घेर रखा है लेकिन उसने कहा है वह इस प्लांट को नहीं उड़ाएगी. बीबीसी न्यूज़ के मुताबिक़, एक अनाम अधिकारी ने रूस की इंटरफॉक्स न्यूज़ एजेंसी को बताया कि वहां मौजूद यूक्रेनी टुकड़ियों से बातचीत चल रही है. यहां के बंकरों में 800 नागरिक भी पनाह लिए हुए हैं.

    यूक्रेनी सैनिकों को सरेंडर करने के लिए कहा जा रहा है. इससे पहले लुहांस्क के गवर्नर शेरी हैदी ने बताया था कि इसमें 800 नागरिक छिपे हुए हैं और प्लांट में बमबारी के बाद आग लग गई है.

    हालांकि उन्होंने इसमें किसी यूक्रेनी के हताहत होने की सूचना नहीं दी है. इंटरफैक्स ने खबर दी है कि अजोत केमिकल प्लांट से कुछ यूक्रेनी भागने में भी कामयाब रहे हैं.

    इससे पहले मारियुपोल के स्टील प्लांट में भी यूक्रेनी सेना पनाह लिए हुए थी. कई सप्ताह तक इस प्लांट में जमे यूक्रेनी सेनाओं को पिछले महीने सरेंडर करवाया गया था.

  3. ऐसा था यूरोप का सबसे बड़ा डायनासोर

    वीडियो कैप्शन, हाल ही में यूरोप के सबसे बड़े डायनोसॉर के अवशेष दक्षिणी इंग्लैंड में मिले

    बात यूरोप के सबसे बड़े डायनासोर की, जिसके अवशेष हाल ही में दक्षिणी इंग्लैंड में मिले.

    यूनिवर्सिटी ऑफ़ साउथएम्प्टन के जीवाश्म विज्ञानियों ने इसके अवशेषों की पहचान की है.

    ज़्यादा जानकारी दे रहे हैं बीबीसी संवाददाता डंकन केनेडी.

  4. भारत-दक्षिण अफ्रीका T-20 मैच : भारत ने दिया 149 रनों का टारगेट, अफ्रीका को शुरुआती झटके

    भारत-दक्षिण अफ्रीका

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    भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच कटक के बाराबती स्टेडियम में टी-20 सीरीज का दूसरा मैच चल रहा है. भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए छह विकेट खोकर 148 रन बनाए हैं.

    दक्षिण अफ्रीका को जीत के लिए 149 रन बनाने होंगे. फिलहाल दक्षिण अफ्रीका की टीम बल्लेबाजी कर रही है. उसके दो विकेट जल्दी-जल्दी गिर गए हैं.

    भारत की तरफ से दोनों विकेट भुवनेश्वर कुमार ने लिए हैं. भुवनेश्वर कुमार ने पहले रीजा हैंड्रिक्स को आउट किया और फिर ड्वेन प्रिटोरियस का विकेट लिया. भारत की ओर से श्रेयस अय्यर ने 40, ईशान किशन 34 और दिनेश कार्तिक ने 31 रनों की पारी खेली.

  5. कश्मीरी पंडितों के विस्थापन और वापसी का सवाल: 'यहां तो 1990 से भी बदतर हालात हैं...'

    कश्मीर में विरोध

    "हममें से कुछ को नौकरियों के बहाने यहां बुला कर नई दिल्ली ने एक प्रयोग किया है, ताकि एक प्रोपेगैंडा किया जा सके कि कश्मीर में सब कुछ ठीक हो गया है. लेकिन अब हम मारे जा रहे हैं, इसके लिए हम किसे ज़िम्मेदार ठहराएं? क्या यह सरकार की ग़लती नहीं है?"

    यह कश्मीर में हाल ही में हुई हत्याओं के ख़िलाफ़ पंकज कौल नाम के एक कश्मीरी पंडित की प्रतिक्रिया है. पंकज छह साल के थे जब साल 1990 में घाटी में हिंसा हुई थी और हज़ारों पंडित परिवारों ने घरबार छोड़कर जम्मू और अन्य भारतीय शहरों में शरण ली, जबकि कुछ ने अपनी ज़मीन नहीं छोड़ी.

    कश्मीरी भाषा बोलने वाले स्थानीय हिंदुओं को घाटी में पंडित कहा जाता है. कश्मीर के पंडित और मुसलमान भाषा, संस्कृति, साहित्य, संगीत, जीवन शैली, खान पान और यहां तक कि बच्चों के घरेलू नाम और बड़ों के सरनेम एक ही तरह के हैं.

    पंकज कौल बताते है कि इन्हीं सब परंपराओं से लगाव और मातृभूमि के प्यार ने हज़ारों पंडितों को हिंसक परिस्थितियों और ख़तरों के बावजूद यहां की ज़मीन से जोड़े रखा.

    800 पंडित परिवार ऐसे हैं जिन्होंने कश्मीर नहीं छोड़ा, बल्कि अपने मुसलमान पड़ोसियों के साथ मिलकर मुश्किल हालात का सामना करते रहे.

  6. पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी के मामले में नूपुर शर्मा को महाराष्ट्र पुलिस का समन

    नूपुर शर्मा

    इमेज स्रोत, AJAY AGGARWAL/HINDUSTAN TIMES VIA GETTY IMAGES

    पैगंबर मोहम्मद पर विवादास्पद टिप्पणी के मामले में बीजेपी से निलंबित नेता नूपुर शर्मा के खिलाफ महाराष्ट्र पुलिस ने समन जारी किया है.

    ठाणे जिले की भिवंडी सिटी पुलिस ने उनके खिलाफ समन जारी कर उन्हें जांच के लिए 13 जून को उपस्थित होने को कहा है.

    हालांकि नूपुर शर्मा के वकील ने ई-मेल कर भिवंडी पुलिस से कहा है कि उन्हें जांच के लिए उपस्थित होने में कुछ दिन और लगेंगे.

    पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ एक टीवी डिबेट शो के दौरान विवादास्पद टिप्पणी से देश-विदेश में हुए विरोध के बाद नूपुर शर्मा को पार्टी से निलंबित कर दिया गया था.

    जबकि एक अन्य नेता नवीन जिंदल को सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर पार्टी से बर्खास्त कर दिया गया था.

    नूपुर शर्मा की टिप्पणी के बाद देश भर में कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन हुए हैं. यूपी, पश्चिम बंगाल और झारखंड में कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुईं. झारखंड में दो लोगों की मौत हो गई.

  7. पैग़ंबर मोहम्मद विवाद के बीच खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों का हाल

    वीडियो कैप्शन, भारतीय प्रवासीयों की एक बड़ी तादाद खाड़ी देशों में रहती है.

    खाड़ी देशों ने भारत से औपचारिक माफी की मांग की है, लेकिन भारत की तरफ से फिलहाल ऐसी कोई आधिकारिक माफ़ी नहीं मांगी गई है.

    टिप्पणी करने वाले नेताओं को बर्ख़ास्त ज़रूर कर दिया गया, लेकिन इसके बाद खाड़ी में भारतीय समुदाय की क्या स्थिति है?

    और वहां के लोग इस विवाद पर क्या सोचते हैं, जानने की कोशिश की. बीबीसी अरबी की संवाददाता निसरीन हातूम

  8. राष्ट्रपति चुनाव के लिए उम्मीदवार पर सहमति बनाने के लिए विपक्ष से बात करेगी बीजेपी

    बीजेपी

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    बीजेपी ने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार पर सहमति बनाने की कवायद शुरू कर दी है.

    रविवार को पार्टी ने अध्यक्ष जेपी नड्डा और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को सत्ता पक्ष की पार्टियों समेत विपक्षी दलों से भी सलाह-मशविरा की जिम्मेदारी सौंपी ताकि राष्ट्रपति पद के लिए सर्व सहमति से कोई उम्मीदवार तय किया जा सके.

    बीजेपी के बयान में कहा गया है कि पार्टी के दो वरिष्ठ नेता एनडीए और यूपीए में शामिल पार्टियों से इस बारे में बात करेंगे.

    इसके साथ दूसरी पार्टियों और निर्दलीय सांसदों से भी बात की जाएगी. जल्द ही इन सभी से बात करके कोई ऐसा उम्मीदवार तय किया जाएगा जो सबकी पसंद का हो.

    2017 के चुनाव में विपक्षी दलों ने बीजेपी पर आरोप लगाया था कि वह आखिरी समय में उसके पास पहुंची, तब तक रामनाथ कोविंद का नाम तय हो चुका था. इसके बाद विपक्ष ने मीरा कुमार को उम्मीदवार बनाया था, जो चुनाव हार गई थीं.

    राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान 18 जुलाई को होगा.

  9. ईरान को लेकर क्यों बढ़ी चिंताएं

    वीडियो कैप्शन, ईरान ने न्यूक्लियर साइट्स से सर्विलांस कैमरे हटाए.

    न्यूक्लियर साइट्स से 27 सर्विलांस कैमरे हटाने के ईरान के फ़ैसले पर संयुक्त राष्ट्र समेत कई देशों ने चिंता जताई है.

    अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा है कि इससे वर्ष 2015 में हुए परमाणु समझौते को दोबारा अमल में लाने के प्रयासों को झटका लगेगा.

    संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था (आईएईए) ने भी कहा है कि ये एक बहुत बड़ा धक्का साबित हो सकता है. अज़ादेय मोशिरी की रिपोर्ट.

  10. एशिया-प्रशांत देशों को हमारे खिलाफ भड़का रहा है अमेरिका: चीन

    चीन के रक्षा मंत्री जनरल वी फेंग

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    चीन ने कहा है अमेरिका उसके खिलाफ माहौल बनाने के लिए एशिया-प्रशांत क्षेत्र के देशों का समर्थन जुटाने की कोशिश में लगा है.

    चीन का कहना है कि अमेरिका बहुस्तरीयवाद के बहाने इन देशों को उसके खिलाफ कर रहा है.

    चीन के रक्षा मंत्री जनरल वी फेंग ने अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन के उस बयान का विरोध किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ताइवान पर हक जता कर चीन इस क्षेत्र में अस्थिरता पैदा कर रहा है.

    ऑस्टिन ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र के देशों के साथ बहुस्तरीय गठबंधन पर जोर दिया था.

    ऑस्टिन ने सांगरीला डॉयलॉग में हिंद-प्रशांत क्षेत्र के देशों के साथ मजबूत सहयोग का इरादा जताया था. लेकिन चीन के रक्षा मंत्री ने कहा कि अमेरिका की ये कोशिश उनके देश को एक कोने में धकेलने के लिए हो रही है.

    उन्होंने कहा कि किसी देश को बहुस्तरीयवाद के नाम पर अपनी मर्जी किसी दूसरे देश पर नहीं थोपना चाहिए और ना ही किसी से जबरदस्ती अपनी बात मनवाना चाहिए.

  11. जावेद मियांदाद के पीछे रवि शास्त्री जूते उठाकर क्यों दौड़ पड़े थे

    जावेद मियांदाद

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    जावेद मियांदाद ने अपना आख़िरी इंटरनेशनल मैच यही कोई 26 साल पहले खेला था, जबकि टेस्ट मैच में वे आख़िरी बार 29 साल पहले दिखे थे.

    लेकिन क्रिकेट की दुनिया उनको आज तक नहीं भूली है. कम से कम भारतीय क्रिकेट प्रेमी तो शायद ही कभी भूल पाएं क्योंकि 36 साल पहले जावेद मियांदाद का लगाया एक छक्का भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के सीने में किसी नश्तर की मानिंद धंसा हुआ है.

    शारजाह स्टेडियम में चेतन शर्मा की आख़िरी गेंद पर छक्का लगा कर मियांदाद ने पाकिस्तान को एक बेहतरीन जीत दिलाई थी, इसे तबसे आज तक वनडे क्रिकेट के सबसे रोमांचक और सनसनीखेज़ मुक़ाबलों में गिना जाता है.मियांदाद का छक्कातो लोगों को अब तक याद है लेकिन लोग उस पारी की अहमियत को बहुत लोग याद नहीं करते.

    जबकि क्रिकेट की क्लास रूम में मियांदाद की इस पारी को किसी टेक्स्ट की भांति पढाया जा सकता है कि विपरीत परिस्थितियों में किस तरह बल्लेबाज़ी करनी चाहिए. जीत के लिए 246 रनों का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की टीम के शुरुआत बहुत अच्छी नहीं रही थी.

    सलामी बल्लेबाज़ और मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाज़ विकेट पर टिक नहीं पाए थे. लेकिन मियांदाद ने धीमे धीमे अपने स्कोर को आगे बढ़ाना जारी रखा था. उन्होंने 114 गेंदों पर नाबाद 116 रन की पारी में महज तीन चौके और तीन छक्के जमाए थे. उन्होंने सिंगल और डबल के ज़रिए मैच का रोमांच बना रखा.

  12. 12 जून 2022 का ‘दिनभर: पूरा दिन, पूरी ख़बर’, सुनिए मानसी दाश से

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  13. रूस-यूक्रेन युद्ध से गुजरात के हीरा उद्योग पर संकट, कारीगरों में छंटनी का डर

    हीरा उद्योग

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    रूस-यूक्रेन युद्ध के लंबा खिंचने का असर गुजरात के हीरा उद्योग पर दिखने लगा है. इस युद्ध की वजह से सौराष्ट्र की डायमंड प्रोसेसिंग यूनिटों में कच्चा माल कम आ रहा है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई ने डायमंड इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों के हवाले से बताया है कि प्रोसेसिंग और पॉलिशिंग के लिए रूस से छोटे साइज के हीरे कम आ रहे हैं. लिहाजा इन यूनिटों में काम घट गया है.

    काम घटने की वजह से ड्यूटी के घंटे घटा दिए हैं. लेकिन इससे मजदूरों में छंटनी का डर पैदा हो गया है.

    जेम्स एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के चेयरमैन दिनेश नावडिया के मुताबिक गुजरात के हीरा उद्योग में लगभग 15 लाख कारीगर काम करते हैं.

    रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से कच्चे माल की कमी को देखते हुए गुजरात के हीरा व्यापार अफ्रीकी देशों से कच्चा माल मंगा रहे हैं. लेकिन उन्हें ये महंगा पड़ रहा है और उनकी लागतें बढ़ती जा रही हैं.

    इसके साथ ही अमेरिकी कंपनियों ने गुजरात की कंपनियों को ई-मेल भेज कर कहा है कि वो रूस से आने वाले हीरों से बने प्रोडक्ट नहीं खरीदेंगी.

  14. ओवैसी ने अपने सांसद के नूपुर शर्मा पर दिए बयान पर क्या सफ़ाई दी, एआईएमआईएम सांसद इम्तियाज़ जलील ने नूपुर शर्मा मामले पर टिप्पणी करते हुए उन्हें फांसी दिए जाने की बात कही थी. पढे़ं आज के समाचार पत्रों की प्रमुख ख़बरें.

    ओवैसी

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    एआईएमआईएम सांसद इम्तियाज़ जलील ने नूपुर शर्मा मामले पर टिप्पणी करते हुए उन्हें फांसी दिए जाने की बात कही थी. उन्होंने कहा था कि पैग़ंबर के ख़िलाफ़ टिप्पणी करने वाली नूपुर शर्मा को औरंगाबाद के 'इसी चौराहे' पर फ़ांसी देनी चाहिए. उनके इस बयान के एक दिन बाद पार्टी के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सफ़ाई पेश की है.

    इंडियन एक्सप्रेसकी ख़बर के अनुसार, ओवैसी ने कहा है कि नूपुर शर्मा को क़ानून के अनुरूप ही सज़ा दी जानी चाहिए.

    शुक्रवार को औरंगाबाद में एक विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जलील ने कहा था, "अगर नूपुर शर्मा को फांसी देनी है तो औरंगाबाद के इसी चौराहे पर फांसी दी जानी चाहिए."

    हालांकि बाद में, न्यूज़ चैनल्स से बात करते हुए उन्होंने कहा था कि इस्लाम शांति का धर्म है. लेकिन यह सच है कि लोगों में नाराज़गी है.

    उन्होंने कहा, "हम मांग करते हैं कि नूपुर शर्मा को फांसी होनी चाहिए. अगर उन्हें इसी तरह जाने दिया गया तो धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का क्रम अंतहीन रहेगा. यह जारी ही रहेगा."

  15. एलआईसी ने दिया शेयर बाजार को करारा झटका, टॉप 10 कंपनियों के 2.29 लाख करोड़ रुपये इस कारोबारी हफ़्ते में डूबे

    एलआईसी

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    पिछले सप्ताह मार्केट कैपिटलाइजेशन के हिसाब से देश की दस सबसे बड़ी कंपनियों ने 2.29 लाख करोड़ रुपये गंवा दिए.

    सबसे ज्यादा घाटा एलआईसी को हुआ. इस कारोबारी सप्ताह के दौरान भारी बिकवाली रही.

    कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और महंगाई की वजह से बीएसई का सेंसेक्स 1466 प्वाइंट यानी 2.63 तक गिर कर 54,303 पर पहुंच गया. वहीं, निफ्टी 2.3 फीसदी की गिरावट के साथ 16,202 पर बंद हुआ.

    देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की मार्केट कैपिटलाइजेशन 44,311.19 करोड़ रुपये घट कर 18,36,039.28 करोड़ रुपये रह गई. वहीं, टीसीएस के मार्केट कैप में 45,746.13 करोड़ रुपये की गिरावट आई और ये घट कर 12,31,398.85 करोड़ रुपये रह गई.

    एलआईसी का मार्केट कैप 57,272.85 करोड़ रुपये घट कर 4,48,885.09 करोड़ रुपये रह गया. एलआईसी के शेयरों ने निवेशकों को काफी निराश किया है. लिस्टिंग के बाद इसमें तेज गिरावट देखी गई है.

  16. 18वीं सदी के ज़ार से अपनी तुलना क्यों करते हैं रूस के नेता पुतिन

    रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अब खुलकर अपनी तुलना रूसी साम्राज्य के ज़ार पीटर द ग्रेट से कर रहे हैं.

    इमेज स्रोत, UNIVERSAL HISTORY ARCHIVE/GETTY IMAGES

    इमेज कैप्शन, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अब खुलकर अपनी तुलना रूसी साम्राज्य के ज़ार पीटर द ग्रेट से कर रहे हैं.

    18वीं सदी के ज़ार को लेकर व्लादिमीर पुतिन की प्रशंसा तो जगज़ाहिर है लेकिन अब पुतिन अपने आप को भी ऐसा ही महान मानने लगे हैं.

    उन्होंने खुले तौर पर रूसी साम्राज्य के ज़ार रहे पीटर द ग्रेट से अपनी तुलना की है. पुतिन ने तीन सदी पहले पीटर के विस्तारवादी युद्धों की तुलना यूक्रेन पर रूस के हमले से की है. एक तरह से पुतिन ने अब तक के सबसे मज़बूत शब्दों में ये माना है कि उनका अपना युद्ध भी ज़मीन पर क़ब्ज़े के लिए ही है.

    पुतिन की विस्तारवादी महत्वाकांक्षाएं ने यूक्रेन का नुकसान तो किया ही है, इससे इस्टोनिया जैसे पड़ोसी देश भी नाराज़ हो गए हैं. इस्टोनिया ने पुतिन कहा है कि पुतिन की टिप्पणी किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं है.

    रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने युवा वैज्ञानिकों और उद्यमियों से मुलाक़ात के दौरान ये टिप्पणी की है.

    सूचना प्रौद्योगिकी और तकनीकी जगत की उपलब्धियों पर बात करने से पहले उन्होंने राजनीति और सत्ता पर बात की. उन्होंने उन नए संघर्षों पर बात की जिन्हें वो वैश्विक प्रभाव के लिए होता हुआ देखते हैं. अपनी टिप्पणी में उन्होंने चुनिंदा लोगों के सामने बोलते हुए कहा कि पीटर द ग्रेट एक अनुसरणीय व्यक्ति हैं जिनके नक़्शे क़दम पर चला जाना चाहिए.

  17. प्रयागराज हिंसा के अभियुक्त के ख़िलाफ़ कार्रवाई पर क्या बोले ओवैसी

    ओवैसी

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    ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआइएमआइएम) के अध्यक्ष असद्दुदीन ओवैसी ने प्रयागराज हिंसा के मामले में अभियुक्त जावेद पंप के घर पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई के बाद उनकी बेटी आफरिन फातिमा के समर्थन में बयान जारी किया है.

    उन्होंंने ट्वीट कर लिखा, "मुस्लिम महिलाओं से मोदी योगी की सहानुभूति का क्या हुआ?"

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    उन्होंने लिखा है, "मैं पूरी तरह से आफरिन फातिमा और उनके परिवार के साथ हूं. मैं पूछना चाहता हूं कि पांच लोगों की हत्या के आरोपी टेनी के बेटे ने भले ही उनकी बेल खारिज दी हो लेकिन उनका मकान सुरक्षित है. इसके अलावा यति और उनके साथ खुलेआम घूम रहे हैं. जो पुलिसवाले हिरासत में लोगों को प्रताड़ित करते हैं उन्हें तारीफ मिलती है. लेकिन मुसलमानों का मुखर होना अपराध है."

    प्रयागराज हिंसा के अभियुक्त जावेद पंप के घर को रविवार को बुलडोजर से तोड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी गई. इसके बाद ओवैसी और अखिलेश ने इसके खिलाफ ट्वीट किए.

  18. परवेज़ मुशर्रफ़ की पाकिस्तान वापसी का रास्ता हुआ साफ़?

    परवेज़ मुशर्रफ़

    इमेज स्रोत, Twitter

    पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख़्वाजा आसिफ़ ने कहा है कि पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ को पाकिस्तान वापस लौटने में कोई रुकावट नहीं होनी चाहिए.

    जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ इन दिनों दुबई में रह रहे हैं और बीमार हैं.

    शुक्रवार को यह अफ़वाह उड़ गई थी कि उनकी मौत हो गई है लेकिन फिर उनके परिवार ने एक बयान जारी कर कहा कि उनकी तबीयत ख़राब है और वो पिछले तीन हफ़्ते से अस्पताल में हैं.

    ख़्वाजा आसिफ़ नवाज़ शरीफ़ की पार्टी मुस्लिम लीग (एन) के वरिष्ठ नेता हैं और 1999 में जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ ने इसी मुस्लिम लीग की सरकार का तख़्तापलट दिया था.

    रक्षा मंत्री ने ट्वीट किया है, "जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ की ख़राब सेहत को देखते हुए उनको वतन वापस आने में कोई रुकावट नहीं होनी चाहिए. पहले की घटना का इस पर असर नहीं होना चाहिए. अल्लाह उनको सेहत दे और वो उम्र के इस हिस्से में इज़्ज़त के साथ अपना समय गुज़ार सकें."

  19. सऊदी अरब के इस नए नियम से ब्रिटेन के हज यात्री फंसे, पैसा डूबने का खतरा

    मक्का

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    हज के लिए सऊदी अरब जाने के लिए ऑनलाइन बुकिंग अनिवार्य होने से कई ब्रितानी मुसलमानों का पैसा डूबने का खतरा पैदा हो गया है.

    सऊदी सरकार ने अब ऑनलाइन बुकिंग जरूरी कर दिया है. वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन के बाद ड्रॉ से ये तय होगा कि किसे मक्का जाने की अनुमति मिलेगी और किसे नहीं.

    लेकिन इससे पहले से हज के लिए मक्का जाने का टिकट बुक करा चुके ब्रिटिश तीर्थयात्रियों के लिए मुश्किल खड़ी हो गई है. उन्हें लग रहा है कि उनका पैसा फंस सकता है.

    ब्रिटेन के हज पर सर्वदलीय संसदीय समिति की प्रमुख यास्मिन कुरैशी ने सऊदी अरब के हज और उमरा मंत्री तवाफिक बिन फवजान-अल राबिया को चिट्ठी लिख कर नई व्यवस्था को अगले साल तक टालने की मांग की है.

    ब्रिटेन में 37 लाख से ज्यादा मुसलमान रहते हैं. फिलहाल यहां से हज की यात्रा के लिए प्राइवेट ऑपरेटरों के पास 6000 से 10000 पाउंड तक के पैकेज हैं.

    इस सीजन के लिए कई मुस्लिम तीर्थयात्रियों ने प्राइवेट टूर ऑपरेटर से बुकिंग करा चुके हैं. इन तीर्थयात्रियों को लगता है कि उनका पैसा इन ऑपरेटरों के पास फंस सकता है. हालांकि अभी यह पता नहीं चल पाया है कि हज के लिए ब्रिटेन के लोगों के कितने वीजा दिए जाएंगे.

  20. लद्दाख पर अमेरिका की चिंता से चीन नाराज़, भारत के लिए क्या हैं मायने?

    चीन

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    भारत और चीन के बीच लद्दाख की स्थिति को लेकर पिछले कुछ दिनों में अमेरिका के दो बड़े अधिकारियों ने बयान दिए और चीन ने इस पर आपत्ति जताई.

    अमेरिका ने चीन के आक्रामक रुख़ को लेकर चिंता जताई तो चीन ने आरोप लगाया कि अमेरिका दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है. आइए समझें कि इन बयानों के भारत के लिए क्या मायने हैं.

    बीते बुधवार को अमेरिकी सेना के पैसिफिक कमांडिंग जनरल चार्ल्स ए फ़्लिन ने दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए लद्दाख में चीनी गतिविधि पर बयान दिया था.

    इस बयान में फ़्लिन ने कहा था, "मेरा मानना है कि जिस स्तर की सैन्य गतिविधि है, वह आँखें खोलने वाली है. मुझे लगता है कि चीन ने वेस्टर्न थियेटर कमांड में कुछ ऐसे इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किए हैं, जो सतर्क करने वाले हैं.''

    इसके एक दिन बाद चीन ने उनके इस बयान पर आपत्ति जताई. गुरुवार को चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने लद्दाख पर अमेरिकी सैन्य अधिकारी के बयान को शर्मनाक बताया और अमेरिका की आलोचना की.

    इसके बाद शनिवार को अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड जेम्स ऑस्टिन ने भी चीन के आक्रामक रुख़ को लेकर चिंता ज़ाहिर की.