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विवादित सोशल मीडिया पोस्ट के बाद जम्मू के डोडा में लगा कर्फ़्यू

सोशल मीडिया पर भड़काऊ भाषणों के वीडियो प्रसारित होने के बाद इलाक़े में तनाव पैदा हुआ जिसके बाद कर्फ़्यू लगाया गया है.

लाइव कवरेज

भूमिका राय and अभिनव गोयल

  1. पीएम मोदी से मिलकर क्या ईरान के विदेश मंत्री ने नूपुर शर्मा का मामला उठाया?

    ईरान के विदेश मंत्री हुसैन आमिर अब्दुल्लाह ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाक़ात के बाद ट्वीट किया है.

    उन्होंने लिखा है, “भारत और ईरान के बीच द्विपक्षीय रणनीतिक संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए पीएम मोदी, विदेश मंत्री जयशंकर और भारतीय अधिकारियों से मिलकर ख़ुशी हुई.”

    उन्होंने कहा, "ईरान और भारत ने धर्मों और इस्लामिक पवित्रता का सम्मान करने पर सहमति जताई है और साथ ही बाँटने वाले बयानों से दूर रहने की आवश्यकता पर सहमति जताई है."

    उन्होंने कहा, "ईरान और भारत अपने रिश्तों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं."

    इससे पूर्व भारत दौरे पर आए ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि पैग़ंबर मोहम्मद पर विवादित बयान देने वालों के ख़िलाफ़ भारत सरकार की कार्रवाई से ईरान संतुष्ट है.

    ईरान के विदेश मंत्री हुसैन आमिर अब्दुल्लाह बुधवार सुबह तीन दिवसीय दौरे पर भारत पहुँचे हैं.

    यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब बीजेपी के दो प्रवक्ताओं की पैग़ंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी के कारण भारत सरकार मुस्लिम देशों की नाराज़गी झेल रही है. हालाँकि बीजेपी ने अपने दोनों प्रवक्ताओं को पार्टी से निकाल दिया है.

  2. बिहार में एक दंपती के वायरल वीडियो पर हो रही है नीतीश कुमार की आलोचना

    चुनावी रणनीतिकार और बिहार से आंदोलन शुरू करने का ऐलान कर चुके प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार के सुशासन के दावे पर सवाल उठाया है. प्रशांत किशोर ने ये टिप्पणी बिहार के समस्तीपुर ज़िले में एक दंपती का वीडियो सामने आने पर की है. इस वायरल वीडियो में एक माता-पिता अपने बच्चे का शव अस्पताल से लेने के लिए भीख मांगते दिख रहे हैं.

    इनका आरोप है कि अस्पताल ने उनके बच्चे का शव देने के लिए 50 हज़ार रुपए मांगे हैं. हालाँकि समस्तीपुर के एडीएम विनय कुमार राय ने उनके आरोपों को ग़लत बताया है. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ विनय कुमार राय का कहना है कि शुरुआती जाँच में ये पता चला है कि माता-पिता के आरोप ग़लत हैं. लेकिन उन्होंने आश्वासन दिया कि अगर कोई भी कर्मचारी दोषी पाया गया, तो उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई होगी.

    इस रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रशांत किशोर ने लिखा- मानवता शर्मसार, फिर भी #NitishKumar जी का सुशासन का दावा बरकरार!! शिवसेना की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अस्पताल के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की अपील की है. उन्होंने ट्विटर पर लिखा है कि मानवता में विश्वास हर दिन थोड़ा थोड़ा दम तोड़ रहा है.

  3. ईरान ने अपनी न्यूक्लियर साइट से हटाए संयुक्त राष्ट्र के दो वॉचडॉग-कैमरा

    ईरान ने संयुक्त राष्ट्र के दो सर्विलांस कैमरा को बंद कर दिया है. न्यूज़ एजेंसी एपी की ख़बर के अनुसार, ये दो कैमरा ईरान के एक न्यूक्लियर साइट की निगरानी के लिए लगे हुए थे.

    सरकारी न्यूज़ एजेंसी ने बुधवार को बताया कि ईरान ने संयुक्त राष्ट्र के न्यूक्लियर वॉचडॉग के दो निगरानी कैमरों को बंद कर दिया है. ये कैमरे ईरान की एक न्यूक्लियर साइट की निगरानी कर रहे थे.

    हालांकि रिपोर्ट में उस साइट की स्पष्ट पहचान नहीं बताई गई है लेकिन इसे ईरान की एक नई दबाव तकनीक के रूप में देखा जा रहा है क्योंकि पश्चिमी देश इस सप्ताह अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की बैठक में ईरान की आलोचना करना चाहते हैं.

    ईरान अपने फ़ोर्डो और नातांज़ दोनों अंडरग्राउंड परमाणु साइट को विकसित कर रहा है.

    साल 2015 में हुए ईरान परमाणु समझौते (ज्वाइंट कंप्रिहेंसिव प्लान ऑफ़ एक्शन- जेसीपीओए) के तहत ईरान के परमाणु संवर्द्धन कार्यक्रम को सीमित करने के बदले उस पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों में कुछ छूट दी जानी थी.

    ये समझौता इसलिए हुआ क्योंकि पश्चिम देशों को डर था कि ईरान परमाणु हथियार बना सकता है या फिर वो ऐसा देश बन सकता है जिसके पास परमाणु हथियार भले ही ना हों लेकिन उन्हें बनाने की सारी क्षमताएं हों और वो कभी भी उनका इस्तेमाल कर सके.

    लेकिन अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साल 2018 में इस समझौते से बाहर निकलने का एलान कर दिया था. तब से इस पर संकट के बादल छाए हैं.

  4. विवेक अग्निहोत्री का नसीरुद्दीन शाह को जवाब, क्या कहा?

    फ़िल्म अभिनेता नसीरूद्दीन शाह के कश्मीर फ़ाइल्स पर बयान पर, फ़िल्म के निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने तीख़ी प्रतिक्रिया दी है. अग्निहोत्री ने कहा कि कश्मीर में हुए हिंदू-नरसंहार के बारे में बात करने के लिए वास्तव में गालियां दी जाती हैं और सज़ा दी जाती है.

    नसीरुद्दीन शाह ने एक न्यूज़ चैनल के साथ बातचीत में कहा था कि भारत में जो लोग शांति और एकता की बात करते हैं, उन्हें जेल भेज दिया जाता है. जबकि जो लोग नरसंहार की बात करते हैं, उन्हें मामूली ही सज़ा दी जाती है.

    अपने इंटरव्यू में शाह ने विवेक अग्निहोत्री की फ़िल्म 'द कश्मीर फ़ाइल्स' को पूरी तरह एक काल्पनिक बताया.

    शाह ने अपने इंटरव्यू में हाल की घटनाओं का ज़िक्र करते हुए कहा था कि जम्मू-कश्मीर में हिंदु समुदाय के लोगों को सुरक्षा देने और उनके पुर्नवास को सुनिश्चित करने के बजाय सरकार इस तरह की फ़िल्मों को प्रमोट करने में लगी हुई है.

    एनडीटीवी को दिए अपने इंटरव्यू में शाह ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की थी कि वे आगे आकर नफ़रत और इस ज़हर को फैलने से रोकें.

    नसीरुद्दीन शाह का यह इंटरव्यू ऐसे समय में आया है जब ज़्यादातर मुस्लिम देशों ने बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा के एक विवादित बयान को लेकर नाराज़गी ज़ाहिर की थी. हालांकि सरकार ने नूपुर शर्मा को सस्पेंड कर दिया है और उन्हें ‘फ्रिंज एलीमेंट’ बताया है.

    नसीरुद्दीन शाह पर कटाक्ष करते हुए विवेक अग्निहोत्री ने कहा कि वह नसीरुद्दीन शाह से सहमत हैं कि भारत में हिंदू नरसंहार की बात करने वालों को गाली दी जाती है. उन्होंने ट्वीट किया है, “हां, मैं इस बात से सहमत हूं. आपको अपने ही देश में हिंदू नरसंहार की बात करने के लिए गाली सुननी पड़ती है और सज़ा उठानी पड़ती है. ”

    विवेक अग्निहोत्री इससे पहले नूपुर शर्मा के समर्थन में भी ट्वीट कर चुके हैं.

  5. इमरान ख़ान ने बताया, 'संभावित जानलेवा' हमले के पीछे कौन

    इमरान ख़ान ने पत्रकार पीयर्स मोर्गन को दिए एक इंटरव्यू में अपने ऊपर हुए संभावित ‘जानलेवा’ हमलों के बारे में कहा कि यह उन लोगों की योजना थी, जो नहीं चाहते हैं कि वह (इमरान ख़ान) वापस सत्ता में आएं.

    मोर्गन ने इमरान ख़ान से उन पर हुए कथित जानलेवा हमलों के बारे में सवाल पूछा था.

    जिसके जवाब में इमरान ख़ान ने कहा कि वो पहले भी अपने ख़िलाफ़ हुए षड़यंत्र के बारे में बता चुके हैं. उन्हें अपने ख़िलाफ़ हो रहे षड़यंत्र के बारे में पता था. अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने के छह महीने पहले से ही उन्हें अपने ख़िलाफ़ हो रहे षड़यंत्र के बारे में मालूम था.

    इमरान ख़ान ने कहा कि हर बार वो यही सोचते थे कि यह कामयाब नहीं होने वाला है. उन्होंने कहा कि कुछ वजहों से उन्हें ऐसा लगता था कि उनके ख़िलाफ़ हो रही साज़िश कामयाब नहीं होगी.

    उन्होंने कहा, “कुछ वजहों से मुझे लगता था कि मुझे पद से हटाने की साज़िश कामयाब हो ही नहीं सकती है, ख़ासतौर पर उन लोगों की रची साज़िश जो लगभग 30 साल तक सत्ता (दो परिवार) में रहे और जिनके ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार के अनगिनत मामले हैं. मुझे हटाकर जो नई सरकार आई है, उसकी 60 फ़ीसद कैबिनेट बेल पर है. ऐसे में मेरा दिमाग़ मान नहीं रहा था कि हमारी सरकार को हटाया जा सकता है. एक ऐसी सरकार जिसने दो साल में हर तरह के संकट से देश को उबारा है. मुझे यह लगा ही नहीं कि ये अपराधी एक ऐसी सरकार को हटा सकते हैं.”

    अपने ऊपर हुए कथित जानलेवा हमले पर इमरान ख़ान ने कहा कि ऐसे में जो लोग नहीं चाहते हैं कि मैं वापस आऊं, ये उन्हीं की साज़िश है.

    उन्होंने कहा, “वे नहीं चाहते है कि मैं दोबारा आऊं. तो ये उनके लिए फ़ाइनल-सॉल्यूशन है.”

    इमरान ख़ान ने इसी के साथ ही ‘पाकिस्तान की असल आज़ादी के लिए जिहाद’ करने की भी बात कही है.

    इमरान ख़ान की पार्टी पाकिस्तान तहरी-ए-इंसाफ़ की ओर से एक ट्वीट करके इसके बारे में जानकारी दी गई है.

    ट्वीट क मुताबिक़, इमरान ख़ान ने कहा है - “पूरा देश तैयार हो जाए, मैं बहुत जल्दी आपका आह्वान करूंगा और हम इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन करेंगे क्योंकि यह राजनीति नहीं है, यह पाकिस्तान की असल आज़ादी के लिए जिहाद है.”

  6. कोरोना अपडेट: भारत में बीते 24 घंटे में 7 हज़ार से अधिक नए मामले

    भारत में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं. बीते 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 7,240 नए मामले सामने आए हैं. वहीं एक्टिव केसों की संख्या बढ़कर 32 हज़ार 498 हो गए हैं.

    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की जानकारी के मुताबिक़, देश में कोरोना संक्रमण के कारण अभी तक 5,24,723 लोगों की मौत हो चुकी है.

    वहीं 4 करोड़ 26 लाख 40 हज़ार 301 लोग इलाज के बाद ठीक हुए हैं.

  7. भारत आए ईरानी विदेश मंत्री ने पैग़ंबर मोहम्मद मुद्दे पर कही अहम बात

  8. ब्लू लाइन मेट्रो की सेवा प्रभावित, देरी से हो सकती है यात्रियों को परेशानी

    दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने ट्वीट करके जानकारी दी है कि ब्लू लाइन मेट्रो सेवाएं प्रभावित हैं.

    दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन सेवा द्वारका सेक्टर 21 से वैशाली और नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी तक का रास्ता तय करती हैं.

    दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन की ओर से जारी ट्वीट में कहा गया है कि अन्य रूटों पर सेवाएं सामान्य रहेंगी लेकिन ब्लू लाइन पर मेट्रो देरी से चलेंगी.

    बीते एक हफ़्ते में यह दूसरा मौका है जब ब्लू लाइन मेट्रो प्रभावित हुई है.

  9. पाकिस्तानी सेना ने कहा- आरोप लगाने वालों पर होगी क़ानूनी कार्रवाई

    पाकिस्तानी सेना ने बुधवार को वरिष्ठ पत्रकार शाहीन सहबाई के सेना के शीर्ष नेतृत्व पर लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए उन्हें ख़ारिज कर दिया है.

    पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार सहबाई ने एक ट्वीट करके दावा किया था कि पूर्व वित्त मंत्री शौकत तारीन को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान को ‘धोखा’ देने और मौजूदा प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ की मदद के लिए कहा गया था.

    उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है: मैं बहुत जल्दी ही इस बारे में विस्तार से लिखूंगा कि आख़िर क्यों चीफ़ न्यूट्रल, जिसे शौकत तारीन ने नॉन-न्यूट्रल साबित किया, ने उन्हें इमरान ख़ान को छोड़ने और शहबाज की मदद के लिए कहा था.

    हालांकि सेना की मीडिया विंग, इंटर-सर्विस पब्लिक रिलेशन्स ने वरिष्ठ पत्रकार के लगाए आरोपों को एक बयान जारी करके ख़ारिज किया है.

    सेना की मीडिया विंग के इस बयान में कहा गया है, “सोशल मीडिया पर शाहीन सहबाई और कुछ अन्य लोगों ने पूर्व वित्त मंत्री के हवाले से जो आरोप लगाए हैं वे निराधार हैं और सिर्फ़ दुष्प्रचार के लिए इस्तेमाल किये जा रहे हैं.”

    सेना की ओर से जारी बयान में आगे कहा गया है कि ख़ुद शौकत तारीन ने वरिष्ठ पत्रकार सहबाई के लगाए आरोपों का खंडन किया है.

    सेना की ओर से कहा गया है कि निजी स्वार्थ में और सिर्फ़ दुष्प्रचार करने के लिए सेना पर इस तरह के गंभीर आरोप लगाना दुर्भाग्यपूर्ण है. इसके साथ ही सेना की ओर से इस मामले में शामिल लोगों के ख़िलाफ़ क़ानूनी रास्ता अपनाने की भी बात कही गई है.

    सेना के साथ-साथ पूर्व वित्त मंत्री ने ख़ुद भी सहबाई के आरोपों से इनक़ार किया है. उन्होंने ट्विटर पर एक पोस्ट लिखकर इससे इनक़ार किया है.

    उन्होंने ट्वीट किया है- “शाहीन सहबाई ने जिस तरह से मुझे चित्रित किया है, मैं उससे स्पष्ट तौर पर इनक़ार करता हूं. मुझे किसी ने, कभी भी इमरान ख़ान का साथ छोड़ने और शहबाज शरीफ़ की सरकार का हिस्सा बनने के लिए नहीं कहा था. ”

  10. नीतीश कुमार बोले- बिहार में धर्मांतरण विरोधी क़ानून की ज़रूरत नहीं

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि बिहार में धर्मांतरण विरोधी क़ानून की कोई ज़रूरत नहीं है. सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में सौहार्द और शांति है. ऐसे में धर्मांतरण विरोधी क़ानून की कोई ज़रूरत नहीं है.

    उन्होंने कहा कि बिहार में सभी धर्मों और समुदाय के लोग शांति से रहते हैं, ऐसे में इस क़ानून की कोई ज़रूरत नहीं है.

    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यह बयान एक सवाल के जवाब में दिया.

    दरअसल, एक पत्रकार ने सीएम से सवाल किया था कि कुछ रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि राज्य के हिंदू प्रलोभन में आकर अपना धर्म बदल रहे हैं.

    इस सवाल के जवाब में नीतीश कुमार ने कहा, “बिहार सरकार इस मुद्दे पर पूरी तरह से सतर्क है. यहां राज्य में समुदायों के बीच कोई विवाद नहीं है. सभी धर्मों के लोग शांति और सौहार्द से रह रहे हैं. यहाँ कोई समस्या नहीं है. हम अपने दायित्व को पूरी कुशलता के साथ निभा रहे हैं. इसलिए इस तरह के किसी भी क़दम को उठाने की कोई ज़रूरत नहीं है. हम सतर्क हैं और हम ये सुनिश्चित करते हैं कि राज्य में कोई सांप्रदायिक तनाव ना पनपे. ”

    नीतीश कुमार का यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पहले गठबंधन पार्टी बीजेपी के नेता गिरिराज सिंह ने धर्मांतरण विरोधी कड़े कानून की मांग उठाई थी. उनके अलावा कई बीजेपी नेता भी हरियाणा, उत्तर प्रदेश, हिमाचल की तरह इस क़ानून को बनाने की मांग कर चुके हैं.

    हालांकि यह पहला मौक़ा नहीं है जब बीजेपी और जदयू के विचारों में एकरूपता नहीं है.

    नीतीश कुमार के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पार्टी प्रवक्ता निखिल आनंद ने कहा कि बिहार सरकार भारत के संविधान को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है.

  11. नमस्कार!

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