पाकिस्तान-अफ़ग़ानिस्तान सीमा पर तहरीक़-ए-तालिबान और कबायली नेताओं के बीच हुआ संघर्ष विराम
तालिबान सरकार के समर्थन से अफ़ग़ानिस्तान की सीमा से लगे पाकिस्तान के ख़ैबर पख़्तूनख़्वा प्रांत के प्रतिबंधित संगठन तहरीक़-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और कबायली नेताओं के बीच तीन महीने के लिए संघर्ष विराम का समझौता हुआ है.
शनिवार को एक मीडिया रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी गई.
न्यूज़ इंटरनैशनल अख़बार की ख़बर के मुताबिक, यह समझौता प्रतिबंधित टीटीपी और 53 सदस्यीय जिरगा के बीच पहले दौर की बातचीत के दौरान हुआ काबुल में हुआ. 53 सदस्यीय जिरगा में पाकिस्तान के आदिवासी जिरगा (परिषद) भी शामिल थे.
टीटीपी को पाकिस्तानी तालिबान के तौर पर भी जाना जाता है, जो कि अफ़ग़ानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर सक्रिय कई छोटे-छोटे आतंकवादी समूहों को मिला कर बना है. इस संगठन ने अफ़ग़ानिस्तान की तालिबान सरकार के प्रति अपनी निष्ठा देने का वचन लिया है.
इस संगठन का मुख्य उद्देश्य इस्लाम के कट्टर रूप को पूरे पाकिस्तान में लागू करना है.
जिरगा के एक सदस्य ने पेशावर (पाकिस्तान) लौटने पर वहां की स्थानीय मीडिया को बताया कि बातचीत के दौरान दोनों पक्ष तीन महीने के लिए संघर्ष विराम और बातचीत को जारी रखने पर सहमत हुआ है.
इस बीच, पाकिस्तान केसूचना एवं प्रसारण मंत्री मरियम औरंगज़ेब ने कहा है कि सरकार ने आदिवासी जिरगा और टीटीपी के बीच हुई बातचीत के तहत संघर्ष विराम का स्वागत किया है.