समीर वानखेड़े का तबादला चेन्नई किया गया, आर्यन ख़ान ड्रग्स मामले की कर रहे थे जांच
ड्रग्स मामले में शाहरुख़ ख़ान के बेटे आर्यन ख़ान के ख़िलाफ़ कोई सबूत न मिलने के कारण शुक्रवार को एनसीबी ने उन्हें क्लीन चिट दे दी थी.
लाइव कवरेज
प्रियंका झा
समीर वानखेड़े का तबादला चेन्नई किया गया, आर्यन ख़ान ड्रग्स मामले की कर रहे थे जांच
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ड्रग्स मामले में कथित तौर पर आर्यन ख़ान के शामिल होने के मामले की जांच करने वाले मुंबई के नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के वरिष्ठ अधिकारी समीर वानखेड़े का तबादला चेन्नई कर दिया गया है.
ड्रग्स मामले में शाहरुख़ ख़ान के बेटे आर्यन ख़ान के ख़िलाफ़ कोई सबूत न मिलने के कारण शुक्रवार को एनसीबी ने उन्हें क्लीन चिट दे दी थी.
इसके बाद सोमवार को समीर वानखेड़े के तबादले की ख़बर आई है.
बीबीसी से बात करते हुए एनसीबी के डीजी एसएन प्रधान ने कहा, "ये मामला अभी चल रहा है इसलिए मैं इस पर कोई टिपप्णी नहीं कर सकता."
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24 साल के आर्यन ख़ान को पिछले साल अक्टूबर में एक पार्टी में कथित तौर पर ड्रग्स लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने आर्यन ख़ान पर अवैध पदार्थ मिलने, उसका इस्तेमाल करने और उसकी बिक्री से संबंधित क़ानूनों के तहत केस दर्ज किया था.
शुक्रवार को एनसीबी ने उन्हें यह कहते हुए मामले से बरी कर दिया कि "आर्यन ख़ान के पास से किसी तरह की ड्रग्स बरामद नहीं हुए हैं."
कांग्रेस की राज्यसभा लिस्ट क्या कहती है...
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15 राज्यों की 57 राज्यसभा सीटों के लिए 10 जून को चुनाव होने हैं. कांग्रेस ने इन सीटों पर अपने 10 उम्मीदवारों के नाम की लिस्ट जारी कर दी है.
झारखंड से जेएमएम के साथ संयुक्त उम्मीदवार की उन्हें उम्मीद तो थी, लेकिन जेएमएम ने महुआ मांझी की उम्मीदवारी से उस उम्मीद पर पानी फेर दिया.
अब कुल 10 नेताओं को कांग्रेस राज्यसभा भेज पाएगी. पर उसमें भी एक छोटा सा पेंच है.
कांग्रेस की राज्यसभा लिस्ट में छत्तीसगढ़ से राजीव शुक्ल और रंजीत रंजन, हरियाणा से अजय माकन, कर्नाटक से जयराम रमेश, मध्यप्रदेश से विवेक तन्खा, महाराष्ट्र से इमरान प्रतापगढ़ी, तमिलनाडु से पी चिदंबरम शामिल हैं.
राजस्थान से मुकुल वासनिक, रणदीप सुरजेवाला और प्रमोद तिवारी की उम्मीदवारी की घोषणा की गई है.
सिंधु जल समझौते को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच नई दिल्ली में बातचीत
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सिंधु जल समझौते को लेकर भारत और पाकिस्तान नई दिल्ली में बातचीत कर रहे हैं.
पाकिस्तान का पांच सदस्यीय दल राजधानी नई दिल्ली में दो दिन के दौरे पर है.
दोनों पक्ष बाढ़ से जुड़े आंकड़े और भारत से आने वाली नदियों के जल से जुड़ी चिंताओं पर बातचीत करेंगे.
समझौते के तहत भारत छोटे हाइड्रो पावर प्लांट सिंधु नदी पर बना सकता है.
पाकिस्तानी जल कमिश्नर मेहर अली शाह ने कहा कि चेनाब नदी पर भारत के बनाए तीन हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के ख़िलाफ़ पाकिस्तान आवाज़ उठाएगा.
पुतिन के बीमार होने की ख़बरों पर रूस के विदेश मंत्री ने ये कहा
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रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बीमारी से जुड़ी अफ़वाहों को ख़ारिज़ किया है.
एक फ़्रेंच टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में सर्गेई लावरोव ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति हर रोज़ सार्वजनिक रूप से दिखाई देते हैं और किसी समझदार आदमी को उनमें किसी बीमारी का कोई लक्षण नहीं दिखाई देगा.
मीडिया में ऐसी अपुष्ट रिपोर्टें चल रही रही हैं कि 70 वर्षीय पुतिन शायद बीमार हैं और संभवत: उन्हें कैंसर है.
यूक्रेन के डोनबास क्षेत्र में रूस को बढ़त मिलने से जुड़ी रिपोर्टों के बीच सर्गेई लावरोव ने ये इंटरव्यू दिया है.
सर्गेई लावरोव ने बताया कि पूर्वी क्षेत्र की आज़ादी रूस के लिए ऐसी प्राथमिकता है जिस पर कोई समझौता नहीं हो सकता है.
नेपाल विमान हादसाः 21 शव बरामद, एक सवार की तलाश जारी
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इमेज कैप्शन, दुर्घटनास्थल का दृश्य
नेपाल के नागरिक उड्डयन अधिकारियों ने कहा है कि मस्तांग ज़िले में रविवार को हुए विमान हादसे में दुर्घटनास्थल से 21 शवों को बरामद कर लिया गया है.
तारा एयर के विमान पर 22 लोग सवार थे जिनमें चार भारतीय यात्री शामिल थे.
ये विमान नेपाल के पर्यटक स्थल पोखरा से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद पहाड़ी क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था.
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के प्रवक्ता देव चंद्र लाल करना ने बीबीसी की नेपाली सेवा को बताया कि अभी एक सवार की तलाश की जा रही है.
मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि 10 लोगों के शवों को काठमांडू ले जाया गया है जबकि 11 लोगों के शव अभी बेस कैंप ले जाए गए हैं जहाँ से बचाव अभियान चलाया जा रहा है.
कनाडा में बना ये विमान यात्रियों को लेकर मध्य नेपाल के जोमसोम जा रहा था. इस पर चार भारतीयों के अलावा दो जर्मन और 13 नेपाली यात्री सवार थे. इनके अलावा चालक दल के तीन नेपाली सदस्य भी विमान में मौजूद थे.
सिद्धू मूसेवाला की हत्या पर कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने पंजाब सीएम से की ये माँग
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पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या पर कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा है कि पंजाब में सरकार बनने के बाद से सिलसिलेवार तरीके से हो रहे हमलों से ये साफ़ है कि कोई नई सरकार की सीमा की परीक्षा लेने की कोशिश में है.
समाचार एजेंसी एएनआई से मनीष तिवारी ने कहा, "पंजाब में जबसे नई सरकार बनी है तबसे दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं हो रही हैं. इसकी शुरुआत कबड्डी खिलाड़ियों की हत्या से हुई. उसके बाद पंजाब इंटेलिजेंस हेडक्वॉर्टर पर हमला, जालंधर में पुलिसवाले पर हमला और अब सिद्धू मूसेवाला की हत्या."
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उन्होंने कहा, "ये स्पष्ट है कि कोई नई सरकार की सीमा की परीक्षा लेने की कोशिश कर रहा है. मैं सीएम भगवंत मान से निवेदन करता हूं कि वो पुलिस को भरोसे में लेकर राज्य में कानून व्यवस्था स्थापित करें. अगर सीमावर्ती राज्य में शांति भंग होती है तो इसके कई परिणाम हो सकते हैं."
आनंदपुर साहिब से कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने राज्यसभा को लेकर कहा, "मेरा मानना है कि राज्यसभा ने वो काम करना बंद कर दिया है, जिसके लिए उसका गठन हुआ था. राज्यसभा अब एक पार्किंग लॉट बन गई है. ज़रूरी है कि ये समीक्षा हो कि देश को अब राज्यसभा की ज़रूरत है या नहीं."
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सुनिए- बीबीसी हिन्दी का डिजिटल बुलेटिन 'दिन भर', फ़ैसल मोहम्मद अली के साथ
शहबाज़ शरीफ़ मंगलवार को जाएंगे तुर्की, जानिए एजेंडा
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ मंगलवार को तुर्की के तीन दिवसीय दौरे पर रवाना होंगे. सोमवार को पाकिस्तान की सूचना प्रसारण मंत्री मरियम औरंगज़ेब ने इसकी जानकारी दी है.
मरियम औरंगज़ेब ने ट्वीट कर कहा है कि शहबाज़ शरीफ़ का यह दौरा द्विपक्षीय रिश्ते को और मज़बूत करने में अहम साबित होगा. मरियम ने कहा कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री रिपब्लिक ऑफ तुर्की के संस्थापक मुस्तफ़ा कमाल पाशा के मकबरा पर भी जाएंगे.
इस दौरे में शहबाज़ शरीफ़ की मुलाक़ात तुर्की के राष्ट्रपति रेपेच तैय्यप अर्दोआन से होगी. इस महीने की शुरुआत में ही पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने चाइना पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर में तुर्की को भी शामिल करने की बात कही थी. इससे पहले 18 मई को तुर्की के विदेश मंत्री की मुलाक़ात पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो से हुई थी.
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पाकिस्तान को क़र्ज़ देने से पहले सऊदी और यूएई ने कही ये बात
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पाकिस्तान के वित्त
मंत्री मिफ़्ताह इस्माइल ने कहा है कि जो देश क़र्ज़ देने के मामले में उदारता
दिखाते थे, वे अब बहुत सतर्कता बरत रहे हैं.
ब्लूमबर्ग न्यूज़ के
अनुसार, मिफ़्ताह ने कहा, ''हमने सऊदी अरब, दुबई और अन्य देशों से बात की...वे पैसे देने
के लिए तैयार हैं लेकिन सबका कहना है कि हमें पहले अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी
आईएमएफ़ के पास जाना चाहिए.''
इससे पहले 2018 में भी
पाकिस्तान आर्थिक मुश्किलों का सामना कर रहा था लेकिन तब आईएमएफ़ के पास जाने से
पहले चीन, सऊदी अरब और यूएई से मदद मिल गई थी. पाकिस्तान के विदेशी
मुद्रा भंडार में लगातार गिरावट आ रही है. पिछले महीने उसकी मुद्रा रुपए में आठ
फ़ीसदी की गिरावट आई थी.
पिछले हफ़्ते ही
पाकिस्तान की शहबाज़ शरीफ़ सरकार ने पेट्रोल की क़ीमत में प्रति लीटर 30 रुपए की बढ़ोतरी
करने का फ़ैसला किया था. कहा जा रहा है कि ऐसा अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से क़र्ज़
लेने की शर्तों को पूरा करने के लिए किया गया है.
पाकिस्तान में एक लीटर
पेट्रोल की क़ीमत अब 179.88 रुपए हो गई है. यह अब तक की सबसे ऊंची क़ीमत है. पाकिस्तान
के वित्त मंत्री मिफ़्ताह इस्माइल ने कहा कि सरकार एक लीटर पेट्रोल पर 56 रुपए की सब्सिडी
दे रही थी और उनकी सरकार ने प्रति लीटर 30 रुपए सब्सिडी में कटौती की है.
पाकिस्तान की आर्थिक हालत
पस्त है. आयात कम करने और विदेशी मुद्रा बचाने के लिए पाकिस्तान ने पिछले हफ़्ते
ही सभी ग़ैर-ज़रूरी लग्ज़री सामानों के आयात पर पाबंदी लगा दी थी. पाकिस्तान में
इस स्थिति को आर्थिक आपातकाल कहा जा रहा है. पाकिस्तान का चालू खाता घाटा 17 अरब डॉलर से
ज़्यादा हो गया है. यहाँ की मुद्रा रुपया भी एक डॉलर की तुलना में 200 रुपए तक पहुँच
गया है.
पाकिस्तान की सूचना और
प्रसारण मंत्री मरियम औरंगज़ेब ने पत्रकारों से कहा था कि जिन लग्ज़री सामानों के
आयात पर पाबंदी लगाई गई है, उनका इस्तेमाल बहुत ही कम लोगों के बीच होता है.
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छत्तीसगढ़ के हसदेव अरण्य में कोयला खदानों के लिए पेड़ों की कटाई का आदिवासी कर रहे हैं भारी विरोध, क्या है पूरा मामला जानिए बीबीसी संवाददाता सलमान रावी से
रामदेव बोले- मोदी प्रेस कॉन्फ़्रेंस करेंगे तो बीजेपी प्रवक्ता बेरोज़गार हो जाएंगे
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योग गुरु के नाम से लोकप्रिय रामदेव ने मोदी सरकार के आठ साल पूरे होने पर इंडिया टीवी के संवाद कार्यक्रम में सोमवार को कहा कि देश में कई चुनौतियाँ हैं लेकिन वह मोदी से क़ाबिल कोई प्रधानमंत्री नहीं देख पाते हैं.
रामदेव ने कहा कि कुछ लोगों को देश की समझ नहीं है.
रामदेव ने कहा, ''इस समय उपलब्ध 140 करोड़ लोगों में कोई ऐसा नहीं दिखता जो देश चला सके. मैं ये नहीं कहता कि भविष्य में ऐसा कोई नहीं होगा. देश अपने प्रवाह से आगे बढ़ता रहेगा. लेकिन अभी मोदी से क़ाबिल कोई नहीं है.''
रामदेव ने ज्ञानवापी मस्जिद विवाद पर कहा, ''देश में सैकड़ों मंदिर तोड़े गए और सबसे ज़्यादा क्रूरता औरंगज़ेब ने की थी. औरंगज़ेब कुछ लोगों के लिए हीरो हो सकता है. औरंगज़ेब हिन्दू और हिन्दुत्व से नफ़रत करता था. ये बात इस देश को पता चलना चाहिए हमारा हीरो छत्रपति शिवाजी हैं न कि औरंगज़ेब. हमारे देश की ज्ञान विरासत और अध्यात्म को नष्ट किया गया. लोगों के भीतर आत्मग्लानि भरी गई. हम सनातन वैभव की बात करते हैं. देश को क्रूरता का सच्चा इतिहास बताना चाहिए.''
रामदेव ने कहा, ''कुछ लोगों को लगता है कि प्रधानमंत्री जी को मंथली या वीकली प्रेस कॉन्फ़्रेंस करनी चाहिए. ऐसे में तो बीजेपी के सारे प्रवक्ता बेरोज़गार हो जाएंगे. प्रधानमंत्री हर बार बात पर नहीं बोल सकते. कोई बड़े मुद्दे पर तो पीएम ख़ुद ही बोलते हैं.''
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विधानसभा में अखिलेश यादव ने सुनाया एक वाक़या, देर तक हँसते रहे योगी
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उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
सोमवार को विधानसभा में यूपी की शिक्षा व्यवस्था को लेकर योगी सरकार को निशाने पर
ले रहे थे.
इसी दौरान उन्होंने एक वाक़या सुनाया, जिसे सुनकर पूरी
विधानसभा में हँसी गूंज गई. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी देर तक हँसते रहे.
अखिलेश यादव ने कहा, ''जिस उत्तर
प्रदेश से इतने लोग प्रधानमंत्री बने और लगातार यूपी की वजह से बीजेपी के
प्रधानमंत्री बने. उस सरकार में दिल्ली और यूपी की शिक्षा में इतना फ़र्क़ है.
प्राथमिक विद्यालय में मैं हमेशा जाता हूँ. एक बार नहीं, कई बार गया. जब
मुख्यमंत्री था, तब भी गया. मैं अपनी भी कमी जानता हूँ. जब मैं
एक स्कूल में गया और एक बच्चे से पूछा कि पहचाना मुझे? वो छोटा सा
बच्चा बोला कि हाँ, पहचान लिया. मैंने पूछा कि कौन हूँ मैं? उसने कहा- आप
राहुल गाँधी हैं.''
अखिलेश यादव की यह बात सुन पूरा सदन हँसने लगा.
मुख्यमंत्री योगी भी देर तक हँसते रहे. हँसी थमने के बाद अखिलेश यादव ने कहा,
''इनकी
सोच-समझ बिल्कुल ठीक है. मैं जानता हूँ कि ये किस बात पर हँस रहे हैं. इन्हें इस
बात का दुख नहीं है कि यूपी नीचे से चौथे नंबर पर है. इन्हें ख़ुशी इस बात की है
कि मैंने कांग्रेस पार्टी के नेता का नाम ले लिया. कमाल हैं आप लोग. आपकी सरकार किसने
बना दी?''
अखिलेश यादव लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफ़ा
देकर यूपी विधानसभा चले गए हैं. वह विधानसभा में काफ़ी मुखर हैं. पिछले हफ़्ते ही
विधानसभा में उनकी उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से कहा-सुनी हो गई थी. पहली
बार विधानसभा में अखिलेश यादव को आपा खोते हुए देखा गया था.
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सिद्धू मूसेवाला के पिता ने पंजाब के सीएम को चिट्ठी लिखी
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पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला के पिता ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को चिट्ठी लिखकर हत्या की जाँच सीबीआई और एनआईए से कराने की माँग की है.
इसके बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आश्वासन दिया है कि हत्या की जाँच हाई कोर्ट के सिटिंग जज से कराई जाएगी.
सिद्धू मूसेवाला की पंजाब के मानसा में अज्ञात लोगों ने रविवार को गोली मारकर हत्या कर दी थी. इससे एक दिन पहले ही पंजाब सरकार ने मूसेवाला की सुरक्षा कम कर दी थी. उनकी सुरक्षा में लगे चार में सुरक्षाकर्मियों को हटा दिया गया था.
सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह ने मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखकर कई माँगें रखी हैं. इसमें मामले की जाँच हाईकोर्ट के सिटिंग जज से कराए जाने, जाँच में सीबीआई और एनआईए का सहयोग सुनिश्चित करने, सिद्धू मूसेवाला की सुरक्षा की समीक्षा करने और सुरक्षा वापस लेने के फैसले को सार्वजनिक करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय करना शामिल था.
उन्होंने चिट्ठी में ये भी लिखा कि पंजाब के डीजीपी ने मूसेवाला की मौत को गैंगवॉर से जोड़ा इसलिए उन्हें सार्वजनिक रूप से माफ़ी माँगनी चाहिए.
इस चिट्ठी के जवाब में मुख्यमंत्री मान ने बयान जारी कर रहा कि पंजाब सरकार राज्य की हाई कोर्ट से अनुरोध करेगी कि वो इस मामले की जाँच मौजूदा न्यायाधीश से कराए. सरकार जाँच में पूरा सहयोग करेगी और एनआईए जैसी केंद्रीय एजेंसी की मदद लेगी. हत्या के बाद रविवार को हुई प्रेस कॉन्फ़्रेंस को लेकर पंजाब के डीजीपी से स्पष्टीकरण माँगा जाएगा. वहीं, मुख्यमंत्री मूसेवाला की सुरक्षा कम करने की जाँच का आदेश पहले ही दे चुके हैं.
आरसीपी सिंह क्या इस्तीफ़ा देंगे? नीतीश कुमार ने दिया जवाब
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मोदी सरकार में जनता दल यूनाइटेड के कोटे से
मंत्री रामचंद्र प्रसाद सिंह यानी आरसीपी सिंह क्या इस्तीफ़ा देंगे? यह
सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि आरसीपी सिंह की राज्यसभा की सदस्यता सात जुलाई को
ख़त्म हो रही है और उनकी पार्टी ने उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया है.
जेडीयू के पास अब कोई सीट भी नहीं है कि आरसीपी
सिंह को बाद में राज्यसभा भेजा जाएगा. ऐसे में क्या आरसीपी सिंह इस्तीफ़ा देंगे?
इस
सवाल के जवाब में सोमवार नीतीश कुमार पटना में पत्रकारों से कहा, ''अभी
तो उनकी सांसदी का कार्यकाल बचा है. चुनाव तो समय से पहले हो रहा है. जब तक उनका
समय है, तब तक तो हैं ही. अभी तुरंत इस्तीफ़ा देने का क्या मतलब है? अभी
उसे लेकर कोई दिक़्क़त नहीं है. बाक़ी की बात आगे चीज़ है. कौन मंत्री बनेगा और
पार्टी में किसकी क्या ज़िम्मेदारी होगी, ये सब समय आने पर फ़ैसला किया जाएगा.
जो हालात होंगे, उसी हिसाब से फ़ैसले होंगे. पार्टी अभी कोई
दिक़्क़त नहीं है.''
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नीतीश कुमार ने कहा, ''पार्टी में किसी
भी तरह का कोई मतभेद नहीं है. झारखंड के पुराने साथी हैं इसलिए हमने वहां के
प्रदेश अध्यक्ष को उम्मीदवार बनाया है. खीरू महतो को उम्मीदवार बनाए जाने पर कोई
मतभेद नहीं है.''
ख़बर है कि जेडीयू में बिहार के मुख्यमंत्री
नीतीश कुमार और आरसीपी सिंह के बीच सब कुछ ठीक नहीं है. आरसीपी को राज्यसभा का
उम्मीदवार नहीं बनाए जाने को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है. आरसीपी को लेकर कहा जा
रहा था कि वह मंत्री बनने के बाद से बीजेपी के क़रीब होते गए.
राज्यसभा के लिए फिर उम्मीदवार नहीं बनाए जाने
के बाद आरसीपी सिंह ने सोमवार को जो कुछ भी कहा उससे साफ़ लग रहा है कि वह बीजेपी
के पक्ष का बचाव कर रहे हैं.
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सोमवार को आरसीपी सिंह ने कहा, ''बीजेपी
के पास 303 सांसद हैं और उन्हें किसी ज़रूरत नहीं है. ये तो उनकी उदारता थी कि
उन्होंने जेडीयू को मंत्री का एक पद दिया. चुनाव पूर्व गठबंधन था लेकिन चुनावी
नतीजे के बाद सरकार बनाने में हमारी कोई भूमिका नहीं रह गई थी. कुछ लोग झगड़ा
लगाने का काम करते हैं. उन्होंने एक पद दे दिया, वही बड़ी बात
है.''
आरसीपी सिंह ने नीतीश कुमार के प्रधानमंत्री की
उम्मीदवारी को लेकर कहा, ''दिक़्क़त यहीं पर आती है. प्रधानमंत्री
के लिए 273 सीट चाहिए. हमारी पार्टी 16 सीट पर है. क्या चाहते हैं? नाम
लिखाना थोड़ी है. बिहार के सबसे लंबी अवधि के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हैं. नाम
कितनी जगह दर्ज कराएंगे?''
ईरान ने अपने कमांडर की हत्या के लिए इसराइल पर उठाई उंगली
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इस्लामिक रिवॉल्युशनरी गार्ड कोर के प्रमुख ने सोमवार को अपने एक सीनियर कमांडर की हत्या के लिए 'यहूदीवाद' को ज़िम्मेदार ठहराया है.
पिछले हफ़्ते तेहरान में इस कमांडर की हत्या हो गई थी. इसराइल के अख़बार टाइम्स ऑफ इसराइल की रिपोर्ट के अनुसार, इसराइल ने ईरानी मिसाइल और ड्रोन के हमले की आशंका में हवाई सुरक्षा कड़ी कर दी है.
पिछले हफ़्ते तेहारान में कर्नल हसन सैय्यद ख़ोदाएई को उन्हीं की कार में मोटरसाइकिल सवार दो अज्ञात बंदूकधारियों ने पाँच बार गोली मारी थी. इस्लामिक रिवॉल्युशनरी गार्ड के प्रमुख मेजर जनरल हुसैन सलामी कर्नल हसन सैय्यद के परिवार वालों से मिलने गए थे.
इसी दौरान उन्होंने कहा, ''हमारे शहीद की हत्या यहूदीवादियों ने की है. हम अपने दुश्मन से इसका बदला ज़रूर लेंगे. दुश्मन महीनों और सालों से व्हाइट हाउस के अलावा तेल अवीव से रणनीति बना रहे थे.''
आईआरजीसी प्रमुख ने कहा, ''इस शहीद की वीरता बहुत शानदार थी इसलिए दुश्मन इसे बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं.''
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बेंगलुरु: राकेश टिकैत की प्रेस कॉन्फ़्रेंस में स्याही से हमला
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कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में सोमवार को किसान नेता राकेश टिकैत की प्रेस कॉन्फ़्रेंस में एक दर्जन लोग जबर्दस्ती घुस गए. इन्होंने राकेश टिकैत के चेहरे पर काली स्याही से हमला किया, जिससे उनका मुँह पूरी तरह से काला हो गया.
टिकैत भारतीय किसान यूनियन के नेता हैं. वह मीडिया को संबोधित कर रहे थे तभी उन पर स्याही से हमला किया गया. प्रेस कॉन्फ़्रेंस में भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई. कई लोग कुर्सियां फेंकते दिख रहे हैं.
मोदी सरकार के तीन विवादित कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ विरोध-प्रदर्शन में टिकैत अहम चेहरा रहे थे.
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, टिकैत ने इस हमले के लिए प्रदेश की बीजेपी सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया है. टिकैत ने कहा कि उनकी प्रेस कॉन्फ़्रेंस के लिए कोई सुरक्षा इंतज़ाम नहीं था.
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UPSC परीक्षा का रिजल्ट आया, देखिए कौन हैं टॉपर
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यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2021 का परिणाम घोषित कर दिया गया है और इसमें शुरुआती तीन टॉपर लड़कियाँ रही हैं.
परीक्षा में पहला स्थान श्रुति शर्मा, दूसरा अंकिता अग्रवाल और तीसरा गामिनि सिंगला को मिला है.
फाइनल रिज़ल्ट आयोग की आधिकारिक वेबसाइट, upsc.gov.in पर देखा जा सकता है.
इस बार कुल 685 अभ्यर्थियों ने ये परीक्षा पास की है.
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राज्यसभा के उम्मीदवार नहीं बनाए जाने पर बोले आरसीपी सिंह
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रामचंद्र प्रसाद सिंह (आरसीपी सिंह) मोदी सरकार
में इस्पात मंत्री हैं. वह जनता दल यूनाइटेड के कोटे से मंत्री हैं. सात जुलाई को
राज्यसभा की उनकी सदस्यता ख़त्म हो रही है लेकिन जेडीयू ने उन्हें फिर से
उम्मीदवार नहीं बनाया.
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि वह सात जुलाई के बाद जेडीयू के
कोटे से मंत्री रहेंगे या नहीं? ख़बर है कि जेडीयू में बिहार के
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और आरसीपी सिंह के बीच सब कुछ ठीक नहीं है.
आरसीपी को
राज्यसभा का उम्मीदवार नहीं बनाए जाने को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है. आरसीपी को
लेकर कहा जा रहा था कि वह मंत्री बनने के बाद से बीजेपी के क़रीब होते गए.
राज्यसभा के लिए फिर उम्मीदवार नहीं बनाए जाने
के बाद आरसीपी सिंह ने सोमवार को जो कुछ भी कहा उससे साफ़ लग रहा है कि वह बीजेपी के
पक्ष का बचाव कर रहे हैं.
सोमवार को आरसीपी सिंह ने कहा, ''बीजेपी के पास 303
सांसद हैं और उन्हें किसी ज़रूरत नहीं है. ये तो उनकी उदारता थी कि उन्होंने
जेडीयू को मंत्री का एक पद दिया. चुनाव पूर्व गठबंधन था लेकिन चुनावी नतीजे के बाद
सरकार बनाने में हमारी कोई भूमिका नहीं रह गई थी. कुछ लोग झगड़ा लगाने का काम करते
हैं. उन्होंने एक पद दे दिया, वही बड़ी बात है.''
आरसीपी सिंह ने नीतीश कुमार के प्रधानमंत्री की
उम्मीदवारी को लेकर कहा, ''दिक़्क़त यहीं पर आती है. प्रधानमंत्री
के लिए 273 सीट चाहिए. हमारी पार्टी 16 सीट
पर है. क्या चाहते हैं? नाम लिखाना थोड़ी है. बिहार के सबसे लंबी अवधि के
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हैं. नाम कितनी जगह दर्ज कराएंगे?''
जनता दल यूनाइटेड यानी जेडीयू ने केंद्रीय मंत्री रामचंद्र प्रसाद सिंह (आरसीपी सिंह) की बजाय झारखंड जेडीयू अध्यक्ष और पूर्व विधायक खीरू महतो को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है. इसके बाद से ये कयास लगाए जा रहे हैं कि आरसीपी सिंह अब मोदी कैबिनेट का हिस्सा रह पाएंगे या नहीं.
जेडीयू के अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह ने रविवार को ही ये एलान कर दिया कि खीरू महतो को पार्टी राज्यसभा भेजेगी. जेडीयू कोटे में केवल एक राज्यसभा सीट है, जिससे साफ़ है कि आरसीपी सिंह का पत्ता कट गया है.
राज्यसभा के लिए टिकट न मिलने पर उन्होंने कहा, "उन्होंने जो भी फैसला किया, वो मेरे हित में है. मैंने अभी तक ऐसा कुछ नहीं किया जिससे कोई नाराज़ हों."
आरसीपी सिंह ने जातीय जनगणना पर भी पार्टी से अलग बीजेपी वाली लाइन को समर्थन दिया था.
आरसीपी सिंह को पहली बार 2021 में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के मंत्रिमंडल के विस्तार के दौरान मंत्री बनाया गया था.
रविवार को बीजेपी ने भी 18 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है. पार्टी ने बिहार से सतीष चंद्र दुबे और शंभु शरण पटेल को राज्यसभा भेजने का फ़ैसला किया है.
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दो पाकिस्तानियों के इसराइल पहुँचने की इतनी चर्चा क्यों है?
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इसराइल के साथ राजनयिक रिश्ते न रखने वाले पाकिस्तान के दो नागरिकों ने हाल ही में इसराइल का दौरा किया था. ये दोनों नागरिक अमेरिका से गए एक प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे और दोनों ही पाकिस्तानी पासपोर्ट पर इसराइल पहुँचे थे.
इसके बाद से इसराइल को लेकर पाकिस्तानी रुख़ में बदलाव की चर्चा तेज़ हो गई है.
इस दौरे को इसराइली राष्ट्रपति इसाक हरज़ॉग ने "अच्छा बदलाव" बताया है. उन्होंने दावोस में वर्ल्ड इकनॉमिक फ़ोरम के वार्षिक सम्मेलन के दौरान इस प्रतिनिधिमंडल से मिलने के अनुभव को बेहतरीन बताया.
अब पाकिस्तानी न्यूज़ चैनल जियो के एंकर मुनीब फ़ारूकी ने अपने प्रोग्राम आपस की बात में इस दौराे का ज़िक्र किया है. उन्होंने बताया कि इसराइल गए पाकिस्तानी-अमेरिकियों में पाकिस्तान के अहमद क़ुरैशी भी शामिल थे.
पाकिस्तान अब तक इसराइल को एक राष्ट्र के रूप में मान्यता नहीं देता है. वहां, आने वाली हर सरकार का फ़लस्तीन-इसराइल पर यही रुख़ रहा है.
जियो न्यूज़ के एंकर ने जब इस दौरे के मक़सद को लेकर सवाल किया तो अहमद क़ुरैशी ने कहा कि ये प्रतिनिधिमंडल अमेरिका की ओर से इसराइल भेजा गया था न कि पाकिस्तान से.
एंकर ने जब फ़लस्तीनी क्षेत्र में इसराइली कार्रवाई को लेकर सवाल किया तो प्रतिनिधिमंडल की अन्य सदस्य अनीला अली ने कहा कि इसराइल और फ़लस्तीन इस मसले को सुलझा सकते हैं.
प्रतिनिधिमंडल के सदस्य मुनीब ने जियो न्यूज़ से कहा कि पाकिस्तान का रुख़ स्पष्ट है कि इसराइल से संबंध तभी संभव है जब एक स्वतंत्र फ़लस्तीन राष्ट्र बनेगा. उन्होंने कहा कि इस रुख़ को कोई नहीं बदल सकता.
चीन को पीछे छोड़ा अमेरिका बना भारत का सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर, फ़ायदे में भारत
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अमेरिका चीन को पीछे छोड़ भारत का सबसे बड़ा
कारोबारी पार्टनर बन गया है. कहा जा रहा है कि यह इस बात का सबूत है कि दोनों
देशों के बीच आर्थिक संबंध मज़बूत हो रहे हैं.
समाचार एजेंसी पीटीआई ने वाणिज्य मंत्रालय के
डेटा के अनुसार, बताया है कि 2021-22 में अमेरिका और भारत के
बीच का द्विपक्षीय व्यापार 119 अरब डॉलर का रहा जबकि 2020-21 में 80.51 अरब डॉलर
था.
2021-22 में भारत का अमेरिका से निर्यात 51.62
अरब डॉलर से बढ़कर 76.11 अरब डॉलर हो गया है. वहीं अमेरिका से भारत का आयात भी
2020-21 में 29 अरब डॉलर से बढ़कर 43.31 अरब डॉलर हो गया है.
2021-21 में भारत और चीन के बीच का द्विपक्षीय
व्यापार 115.42 अरब डॉलर रहा जबकि 2020-21 में86.4 अरब डॉलर था. भारत का चीन से निर्यात 2020-21 में 21.18 अरब डॉलर था
जो कि 2021-22 में बढ़कर 21.25 अरब डॉलर हो गया है. वहीं भारत का चीन से आयात
2021-22 में बढ़कर 94.16 अरब डॉलर हो गया है जो कि पिछले वित्तीय वर्ष में 65.21
अरब डॉलर था.
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भारत
का चीन से 2021-22 वित्तीय वर्ष में व्यापार घाटा बढ़कर 72.91
अरब
डॉलर हो गया है जबकि पिछले वित्तीय वर्ष में यह 44 अरब डॉलर था.
कारोबारी
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका के साथ यह ट्रेंड अभी थमेगा नहीं. अमेरिका और
भारत लगातार कारोबारी रिश्ते मज़बूत कर रहे हैं.
पीटीआई
से फ़ेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइज़ेशन के उपाध्यक्ष ख़ालिद ख़ान ने कहा
कि भारत एक उभरता हुआ भरोसेमंद कारोबारी साझेदार है और वैश्विक कंपनियां केवल चीन
पर अपनी निर्भरता कम कर रही हैं. ख़ान का कहना है कि ये कंपनियां अपना कारोबार
भारत जैसे देशों में फैला रही हैं.
ख़ान
ने कहा, ''आने वाले सालों में भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय कारोबार और
बढ़ेगा. भारत अमेरिका के अगुआई वाले इंडो पैसिफिक इकनॉमिक फ्रेमवर्क यानी आईपीईएफ़
में शामिल हुआ है और इससे दोनों देशों के बीच कारोबारी रिश्ते और मज़बूत होंगे.''
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बेंगलुरु स्थित इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ
प्लांटेशन मैनेजमेंट (IIPM)के निदेशक राकेश मोहन जोशी ने पीटीआई
से कहा कि भारत 1.39 अरब लोगों का दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता बाज़ार है.
इसके अलावा तेज़ी से बढ़ता हुआ एक आर्थिक बाज़ार है. दोनों देशों की अर्थव्यवस्था
के बीच ट्रेक्नॉलजी ट्रांसफर, मैन्युफैक्चरिंग, ट्रेड
और निवेश को लेकर अपार संभावनाएं हैं.''
जोशी कहते हैं, ''भारत जिन
उत्पादों को अमेरिका भेजता है, उनमें पेट्रोलियम पॉलिश्ड हीरा,
फार्मा
उत्पाद, जूलरी, लाइट ऑइल और पेट्रोलियम के अलावा फ्रोजेन झींगा
शामिल हैं. वहीं भारत अमेरिका से पेट्रोलियम, रफ डायमंड,
एलपीजी,
सोना,
कोयला
और बादाम ख़रीदता है.''
अमेरिका उन देशों में शामिल है, जिनके
साथ भारत का व्यापार फ़ायदे वाले वाला है. यानी भारत अमेरिका में सामान बेचता
ज़्यादा है और ख़रीदता कम है. 2021-22 में भारत का अमेरिका से ट्रेड सरप्लस 32.8
अरब डॉलर का रहा.
डेटा से पता चलता है कि 2013-14 से 2017-18 और
2020-21 में भारत का सबसे बड़ा कारोबारी साझेदार चीन था. चीन के पहले यूएई भारत का
सबसे बड़ा कारोबारी साझेदार था. 2021-22 में यूएई के साथ भारत का द्विपक्षीय
व्यापार 72.9 अरब डॉलर रहा. यूएई अभी भारत का तीसरा सबसे बड़ा कारोबारी साझेदार
है. इसके बाद सऊदी अरब ( 42,85 अरब डॉलर), इराक़ (34.33
अरब डॉलर) और सिंगापुर (30 अरब डॉलर) हैं.