कर्नाटक: क्लास में हिजाब पहनने को लेकर डिप्टी कमिश्नर के पास पहुंची छात्राएं
एक छात्रा फातिमा ने बताया कि हमें हिजाब के बिना क्लास में आने के लिए एक अनाधिकारिक नोट मिला है.
लाइव कवरेज
प्रियंका झा
कर्नाटक: क्लास में हिजाब पहनने को लेकर डिप्टी कमिश्नर के पास पहुंची छात्राएं
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कर्नाटक के मैंगलुरू में यूनिवर्सिटी कॉलेज की छात्राओं ने डिप्टी कमिश्नर को एक ज्ञापन सौंपा है जिसमें उन्होंने कक्षाओं में हिजाब पहनने देने की अनुमति मांगी है.
एक छात्रा फातिमा ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, ''कोर्ट के आदेश के बाद कुछ नहीं हुआ है, हमने शांतिपूर्ण तरीक़े से अपनी परिक्षाएं दीं. लेकिन, हमें हिजाब के बिना क्लास में आने के लिए एक अनाधिकारिक नोट मिला है. हम हाई कोर्ट के आदेश के बाद प्रिंसिपल के पास गए थे और उनसे बात करने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि वो कुछ नहीं कर सकते. वाइस चांसलर ने भी यही बात कही.''
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इसी साल कर्नाटक में स्कूल में हिजाब पहनने को लेकर विवाद हो गया था जो हाईकोर्ट तक पहुंचा.
अपने फ़ैसले में कर्नाटक हाई कोर्ट ने कहा था कि हिजाब इस्लाम के अनुसार अनिवार्य नहीं है. क्लासरूम में हिजाब पहनने की अनुमति देने से "मुसलमान महिलाओं की मुक्ति में बाधा पैदा होगी" और ऐसा करना संविधान की 'सकारात्मक सेकुलरिज्म' की भावना के भी प्रतिकूल होगा. इस फै़सले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी.
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चेन्नई में पीएम मोदी ने कहा- तमिल भाषा शाश्वत है और तमिल संस्कृति वैश्विक
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज तमिलनाडु के दौरे पर हैं. उन्होंने राजधानी चेन्नई में एक संबोधन के दौरान तमिल भाषा को बढ़ावा देने पर खासतौर पर ज़ोर दिया. उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की एक खास जगह है और तमिल भाषा शाश्वत है.
पीएम मोदी ने कहा, ''ये ज़मीन खास है और इस राज्य के लोग, संस्कृति और भाषा असाधारण है. तमिल भाषा शाश्वत है और तमिल संस्कृति वैश्विक है. चेन्नई से कनाडा, मदुरई से मलेशिया, नामक्कल से न्यूयॉर्क, सलेम से दक्षिण अफ़्रीका तक पोंगल और पुथांडु जैसे त्योहारों को बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है. भारत सरकार तमिल भाषा और संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
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''इस साल जनवरी में चेन्नई में सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ़ क्लासिकल तमिल के नए कैंपस का उद्घाटन किया गया है. इस कैंपस का पूरा फंड केंद्र सरकार दे रही है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति में भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने के लिए खास महत्व दिया गया है. शिक्षा नीति के कारण टेक्निकल और मेडिकल कोर्सेज स्थानीय भाषा में भी किए जा सकते हैं. इससे तमिलनाडु के युवाओं को फायदा होगा.''
उन्होंने कहा, ''हम यहां तमिलनाडु विकास यात्रा के एक और शानदार सेक्टर का जश्न मनाने के लिए इकट्ठा हुए हैं, 31 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का या तो उद्घाटन किया गया है या नींव रखी गई है. सड़क निर्माण पर फोकस साफ़ दिखाई दे रहा है.''
पीएम ने इस दौरान श्रीलंका की स्थिति का भी ज़िक्र किया. उन्होने कहा, ''श्रीलंका इस समय मुश्किल स्थितियों से गुज़र रहा है. मुझे यकीन है कि आप सभी इसे लेकर चिंतित हैं. श्रीलंका के करीबी दोस्त और पड़ोसी होने के नाते भारत उसे वित्तीय सहायता, खाना, दवाइयां और अन्य ज़रूरी सामान उपलब्ध कर रहा है.''
इस दौरान पीएम मोदी ने 31 हजार करोड़ रुपये की 11 परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया जिसमें 262 किमी. लंबा बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेस वे भी शामिल है.
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मोदी सरकार के चीनी निर्यात पर ताज़ा फ़ैसले के मायने क्या हैं?
दिल्ली से सटे गाज़ियाबाद में बुधवार को एक किलो चीनी की कीमत 42 रुपये थी. भारत के ज़्यादातर शहरों में चीनी की कीमत बुधवार को 38 से 44 रुपये के बीच ही रही.
पिछले कुछ महीने से इसमें बहुत तेज़ी देखने को नहीं मिली है.
बावजूद इसके भारत सरकार ने चीनी के निर्यात को नियंत्रित करने का फ़ैसला लिया. इस वजह से लोग ये फैसला सुन कर थोड़ा चौंके.
अपने ताज़ा फैसले में केंद्र सरकार ने फिलहाल चीनी के निर्यात को प्रतिबंधित नहीं किया है. केवल फ्री से रेगुलेटेड की श्रेणी में डाला है.
लेकिन, पहले गेहूं अब चीनी - मोदी सरकार एक के बाद खाने की चीज़ों के निर्यात को नियंत्रित क्यों कर रही है? पढें, पूरी रिपोर्ट-
इमरान ख़ान को मिली राहत, अवमानना का मामला हुआ खारिज
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पाकिस्तान की
सुप्रीम कोर्ट ने पीटीआई के अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के ख़िलाफ़
अवमानना की कार्रवाई की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है.
सरकार ने इमरान
ख़ान के ख़िलाफ़ ये कहते हुए याचिका दायर की थी कि उन्होंने अपनी पार्टी के आज़ादी
मार्च को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन किया है.
चीफ़ जस्टिस उमर
अता बंदियाल की अध्यक्षता में पांच सदस्यों की बेंच ने ये फ़ैसला सुनाया. बेंच ने
कहा कि सुप्रीम कोर्ट के बुधवार को दिए गए आदेश बने रहेंगे.
इससे एक दिन पहले
सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि केंद्र सरकार और पीटीआई बातचीत के लिए अपनी-अपनी
समितियां बनाएं और बुधवार को रात 10 बजे मिलें ताकि
पीटीआई का राजधानी तक शांतिपूर्ण और सुरक्षित लॉन्ग मार्च सुनिश्चित किया जा सके.
लेकिन, दोनों पक्षों के बीच बातचीत नहीं हुई. दोनों ने
एक-दूसरे पर बातचीत के लिए ना पहुंचने का आरोप लगाया.
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इमेज कैप्शन, पाकिस्तान तहरीक़-ए-इंसाफ़ का लॉन्ग मार्च
दोनों पक्षों की इस्लामाबाद में चीफ़ कमिश्नर के कार्यालय में मुलाक़ात नहीं हुई. कोर्ट ने सरकार को रैली के लिए एच-9 जगह देने का आदेश दिया था लेकिन विरोध प्रदर्शन डी-चौक से शुरू हुए.
डी-चौक इस्लामाबाद का रेड ज़ोन इलाका है, जहाँ महत्वपूर्ण सरकारी भवन स्थित हैं. प्रदर्शन को देखते हुए इन संवेदनशील भवनों की सुरक्षा की कमान सेना को सौंप दी गई है.
फिलहाल इमरान ख़ान बुधवार को अपने हज़ारों समर्थकों के साथ इस्लामाबाद पहुँच गए.
इस बीच पूरे पाकिस्तान में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़पें देखने को मिली और अब तक 400 से अधिक पीटीआई कार्यकर्ताओं को गिरफ़्तार किया जा चुका है.
बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर'
गुरुवार को बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन दिनभर सुनिए अंजुम शर्मा से
एशिया हॉकी कप: भारत ने इंडोनेशिया को दी 16-0 से मात, सुपर 4 में बनाई जगह
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इमेज कैप्शन, सांकेतिक तस्वीर
एशिया हॉकी कप 2022 में भारत और इंडोनेशिया के बीच हुए मैच में भारत ने 16-0 से जीत हासिल की है. इसके साथ ही भारत ने पूल
ए से एशिया कप के सुपर 4 में जगह बना ली
है.
जापान से मैच
हारने और पाकिस्तान से टाई होने के बाद भारत को सुपर चार में पहुंचने के लिए
इंडोनेशिया से बड़े अंतर से जीत की ज़रूरत थी. भारत के लिए कम से कम 15-0 के अंतर से जीत हासिल करनी ज़रूरी थी.
भारत ने मैच के
पहले क्वार्टर में तीन गोल दागे और दूसरे क्वार्टर के अंत तक गोल की संख्या दुगनी
होकर छह हो गई. तीसरे क्वार्टर में भारतीय टीम ने इससे आगे बढ़कर चार गोल दाग दिए
और अंतिम क्वार्टर में सबसे ज़्यादा छह गोल के साथ जीत को अपने नाम किया.
इससे पहले
पाकिस्तान के साथ हुए मैच में भारत ने आखिरी मिनटों में एक गोल करके मैच को 1-1 की बराबरी पर ला दिया था. वहीं, जापान के साथ हुए मैच में भारत को 2-5 से हार का सामना करना पड़ा था. इसके साथ ही
जापान ने पूल ए से सुपर 4 के लिए
क्वालिफाई कर लिया था.
लेकिन, जापान और पाकिस्तान के मैच के बाद भारत की
मुश्किलें बढ़ गई थीं. इस मैच में जापान ने पाकिस्तान को 2-3 के अंतर से हराया था. वहीं, पाकिस्तान ने इंडोनेशिया को 13-0 के अंतर से हरा दिया था. जिसके बाद पाकिस्तान
के गोल की संख्या ज़्यादा हो गई थी.
हालांकि, इंडोनेशिया के साथ हुए मैच में भारत ने इस अंतर
को पाट लिया है और जबरदस्त जीत हासिल की है. एशिया कप की मेजबानी कर रहा
इंडोनेशिया इस टूर्नामेंट से बाहर हो गया है.
एशिया कप 2022
अगले साल होने वाले मेन्स हॉकी
विश्व कप के लिए क्वालिफाइंग टूर्नामेंट है. इसका आयोजन भारत में ओडिशा के
भुवनेश्वर और राउरकेला में किया जाएगा. हालांकि, इस टूर्नामेंट का मेजबान होने के कारण भारत पहले ही
विश्व कप के लिए क्वालिफाई कर चुका है.
हॉकी इंडिया ने भी भारतीय टीम को इस जीत की बधाई देते हुए ट्वीट किया है.
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पीएम मोदी के वार पर केसीआर का पलटवार- भाषणबाजी बहुत हुई
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प्रधानमंत्री नरेंद्र
मोदी ने गुरुवार को हैदराबाद में एक रैली को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने परिवारवाद को
लेकर तेलंगाना के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव पर निशाना साधा.
पीएम मोदी ने कहा,
''परिवारवाद सिर्फ़
राजनीतिक समस्या नहीं है बल्कि ये लोकतंत्र का और देश के युवाओं का सबसे बड़ा
दुश्मन है. हमारे देश ने देखा है कि भ्रष्टाचार कैसे एक परिवार वाली राजनीतिक
पार्टियों का चेहरा बन गया है. परिवारवाद वाली पार्टियां सिर्फ़ अपने विकास के
बारे में सोचती हैं. ये पार्टियां ग़रीबों के बारे में नहीं सोचतीं. उनकी राजनीति
इसी पर केंद्रित होती है कि कैसे एक परिवार के पास ताक़त बनी रहे और वो ज़्यादा से
ज़्यादा लूट सकें. ''
उन्होंने कहा,
''तेलंगाना आंदोलन इसलिए
नहीं चला था कि एक परिवार यहाँ के विकास के सपनों को लगातार कुचलता रहे. तेलंगाना
आंदोलन इसलिए नहीं चला था कि एक परिवार साम-दाम-दंड भेद का रास्ता अपनाकर तेलंगाना
को तबाह करने की साज़िश करता रहे.''
पीएम ने कहा,
''पिछले दिनों अलग-अलग
चुनावों में भाजपा की जीत इस बात का स्पष्ट संकेत है कि तेलंगाना में अब लोगों ने
मन बना लिया है. तेलंगाना में अब बदलाव पक्का है. तेलंगाना में अब भाजपा तय है.''
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केसीआर ने क्या कहा
इसके जवाब में केसीआर ने कहा कि भाषणबाजी और वादे तो बहुत हो गए लेकिन हक़ीक़त ये है कि देश की हालत ख़राब है. केसीआर कर्नाटक में पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा और कर्नाटक के पूर्व सीएम कुमारस्वामी से मुलाक़ात करने पहुँचे थे.
उन्होंने कहा, ''जब हम अमृत महोत्सव मना रहे हैं तो हम बिजली और पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं. ये क्या हो रहा है. सरकार कांग्रेस की बनेगी, उसके बिना बनेगी, बीजेपी की बनेगी, किसकी बनेगी ये बात नहीं है. एक उज्जवल हिंदुस्तान बनेगा ये बात मैं कह सकता हूँ. उज्जवल हिंदुस्तान बनने का सारा प्रयास करना चाहिए. पत्रकारों को भी इसमें योगदान करना पड़ेगा. सनीसनीखेज़ ख़बरों को छोड़िये देश को एक सकारात्मक लाइन में बनाने की बात होनी चाहिए.''
केसीआर ने कहा, ''हमारे साथ जो देश आज़ाद हुए वो काफ़ी आगे निकल चुके हैं. हम जहाँ के वहाँ रह गए. आज देश में किसान, दलित, आदिवासी कोई ख़ुश नहीं है. दिन पर दिन हालत बहुत बिगड़ती जा रही है.''
''भाषणबाजी तो बहुत होती है, वादे किए जाते हैं लेकिन होता ये है कि उद्योग बंद हो रहे हैं, जीडीपी क्रैश हो रही है, महंगाई बढ़ी हुई है, रुपया डॉलर के मुक़ाबले इतना गिर गया है जैसा इतिहास में कभी नहीं हुआ. तो इन चीज़ों के मद्देनज़र देश के युवाओं, बुद्धिजीवियों और पत्रकारों का ये फ़र्ज बनता है कि ये भारत बदले. देवेगौड़ा और कुमारस्वामी के साथ हमने राष्ट्रीय राजनीति से लेकर कर्नाटक की राजनीति पर बात की. दो तीन महीनों के बाद आपको सनसनीखेज़ ख़बर मिलेगी.''
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निखत ज़रीन ने संघर्ष से लेकर चैम्पियन बनने तक की कहानी ख़ुद बताई
रूस उठाया अहम क़दम, वहाँ की मुद्रा रूबल ने चौंकाया
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रूस के केंद्रीय बैंक ने पिछले डेढ़ महीने में
तीसरी बार ब्याज दरों में कटौती की है. इस कटौती के बाद रूस के केंद्रीय बैंक ने
कहा है कि क़र्ज़ लेना अब और सस्ता होगा. इसका सीधा असर वहाँ की मुद्रा रूबल पर
पड़ा है.
वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार,
इस
हफ़्ते रूबल 2018 के बाद सबसे ज़्यादा मज़बूत बनकर उभरा है. डॉउ जोन्स मार्केट
डेटा ने 56 मुद्राओं का विश्लेषण किया है. इसमें बताया गया है कि रूबल बेस्ट
परफॉर्मर मुद्रा बनकर उभरा है.
ग्रीनबैक की तुलना में रूबल ने 22 फ़ीसदी बढ़त
हासिल की है. हालांकि रूस की अर्थव्यवस्था की हालत ठीक नहीं है. सामान्य तौर पर
किसी भी देश की मुद्रा वहाँ की अर्थव्यवस्था की मज़बूती के आधार पर ही बढ़त हासिल
करती है. वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि रूस सीमित रूप में
चीज़ें बेच रहा है और अपनी मुद्रा में ख़रीदने के लिए मजबूर कर रहा है. इसका सीधा
असर रूबल की सेहत पर पड़ा है.
गुरुवार
को रूस के केंद्रीय बैंक ने ब्याज़ दर 14 फ़ीसदी से 11 फ़ीसदी कर दिया. भारत के
जाने-माने सामरिक विशेषज्ञ ब्रह्मा चेलानी ने रूबल में आए उछाल को लेकर अमेरिकी
राष्ट्रपति बाइडन पर तंज़ कसते हुए लिखा है, ''रूबल मार्च में
जब कमज़ोर हुआ तो बाइडन शेखी बघार रहे थे. अब रूबल डॉलर की तुलना में 2018 के बाद
सबसे ऊंचाई पर है और यह बेस्ट परफॉर्मिंग मुद्रा बन गया है. यूरो की तुलना में यह
पिछले सात सालों में सबसे ऊंचाई पर है.''
जब रूस ने यूक्रेन पर हमला किया था तब ब्याज दर
को 9.5% से बढ़ाकर 20% कर दिया गया था. आठ अप्रैल को इसे कम करके 17% किया गया था
और 19 अप्रैल को 14 प्रतिशत कर दिया गया था. रूस के केंद्रीय बैंक ने कहा है कि
अर्थव्यवस्था अब भी संकट से निकल नहीं पाई है. कैपिटल मार्केट कंपनी के डेटा के
अनुसार, गुरुवार को डॉलर की तुलना में रूबल 60 पर कारोबार कर रहा था जो कि
सात मार्च को 158 पर था.
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ब्रेकिंग न्यूज़, ज्ञानवापी मस्जिद: जानिए मुस्लिम पक्ष की सुनवाई में आज क्या हुआ
....में
Author, अनंत झणाणे
पदनाम, बीबीसी संवाददाता
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काशी विश्वनाथ मंदिर-ज्ञानवापी मस्जिद विवाद
में अब अगली सुनवाई 30 मई को होगी. बनारस की ज़िला अदालत ने अंजुमन इस्लामिया
कमिटी की याचिका पर सुनवाई की.
अजुंमन इस्लामिया ने हिन्दू पक्ष की याचिका का
विरोध किया है, जिसमें सर्वे रिपोर्ट पर सुनवाई की मांग की गई
है. गुरुवार को बनारस ज़िला अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख़ 30 मई रखी है.
बनारस ज़िला अदालत ने पिछले महीने मस्जिद परिसर
में सर्वे की अनुमति दी थी. अदालत ने यह अनुमति पाँच हिन्दू महिलाओं की याचिका पर
दी थी, जिसमें ज्ञानवापी मस्जिद में पूजा की अनुमति मांगी थी.
हिन्दू
महिलाओं की याचिका में दावा किया गया था कि ज्ञानवापी मस्जिद की जगह पहले मंदिर था
और इसे मुग़ल शासक औरंगज़ेब में तोड़कर मस्जिद बनवाई थी. दूसरी तरफ़ अंजुमन मस्जिद
कमिटी ने तर्क दिया है कि हिन्दू पक्ष के दावे पर सुनवाई नहीं होनी चाहिए क्योंकि
यह 1991 के वर्शिप (स्पेशल प्रोविजन्स) एक्ट का उल्लंघन है.
बनारस की ज़िला अदालत में गुरुवार को मुस्लिम
पक्ष के वकील अभय नाथ यादव ने दो घंटे तक बहस की. बहस में अभय नाथ यादव ने महिला
याचिकाकर्ताओं की याचिका के हर पहलू पर एक-एक कर अपनी दलील रखी और यह साबित करने
की कोशिश की कि उनकी याचिका उपासना स्थल क़ानून के ख़िलाफ़ है. ऐसे में उनकी मांग
को ख़ारिज कर देना चाहिए. हालांकि मुस्लिम पक्ष की अर्ज़ी पर बहस पूरी नहीं हो सकी
है और सोमवार को जारी रहेगी.
अल-अक़्सा मस्जिद परिसर में यहूदियों के पूजा करने के ख़िलाफ़ फ़ैसला
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यरुशलम की एक
ज़िला अदालत ने अल-अक़्सा मस्जिद परिसर में चार यहूदी लड़कों के पूजा
करने के ख़िलाफ़ फ़ैसला दिया है. यहूदियों के अनुसार इस जगह पर उनका पवित्र माउंट
मंदिर है.
ज़िला अदालत ने
निचली अदालत के उस फ़ैसले को पलट दिया है, जिसमें अल-अक़्सा मस्जिद परिसर में पूजा
करने के चलते लगे 15 दिनों के
प्रतिबंध को हटा दिया गया था. फ़लीस्तीन इसे यथास्थिति में बदलाव मान रहा था.
अल-अक़्सा मस्जिद
परिसर जो कि पुराने यरुशलम शहर में है, उसे मुसलमानों की सबसे पवित्र जगहों में से एक माना जाता है. लेकिन इस जगह पर
यहूदियों का पवित्र माउंट मंदिर भी है. यहूदियों के यहाँ पूजा करने को लेकर कई बार
विवाद होता रहता है.
इसराइल और
फ़लस्तीन के बीच विवाद का ये एक अहम कारण है. यहाँ "यथास्थिति" बनाए
रखने के लिए जो समझौता हुआ था उसके तहत इस परिसर में सिर्फ़ मुसलमान प्रार्थना कर
सकते हैं और ग़ैर-मुस्लिम यहाँ आ सकते हैं लेकिन लेकिन उन्हें यहाँ आकर प्रार्थना
करने की अनुमति नहीं है.
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क्या है मामला
पिछले हफ़्ते चार यहूदी लड़कों को अल-अक़्सा मस्जिद परिसर में प्रार्थना करने के बाद गिरफ़्तार किया गया और उनके पुराने यरुशलम शहर आने पर 15 दिनों का प्रतिबंध लगा दिया गया था. लड़कों ने प्रतिबंध के ख़िलाफ़ मैजिस्ट्रेट कोर्ट में अपील की.
उनका कहना था कि उन्होंने मीडिया रिपोर्ट्स में पढ़ा है कि इसराइल पुलिस कमिश्नर कोबी शाब्ताई ने यरुशलम में तीनों धर्मों को पूजा की आज़ादी का अधिकार दिया है. कोर्ट ने रविवार को उनकी अपील को स्वीकार कर लिया और उन पर लगे 15 दिनों के प्रतिबंध को हटा दिया.
इस फ़ैसले पर फ़लस्तीन, हमास और जॉर्डन ने कड़ी आपत्ति जताई और उन्होंने बयान जारी कर कहा कि यथास्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ. इसके बाद पुलिस ने कहा कि वो इस आदेश के ख़िलाफ़ ज़िला अदालत में अपील करेंगे.
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कोर्ट ने क्या कहा
ज़िला अदालत ने बुधवार को इस फ़ैसले को पलट दिया. अदालत ने कहा कि मीडिया रिपोर्टों में कथित तौर पर की गई टिप्पणियों पर भरोसा करके स्पष्ट प्रावधानों का उल्लंघन करना और उन (लड़कों) पर लगे आरोपों को ख़ारिज करना समस्या वाली बात है.
न्यायाधीश ने कहा कि अल-अक़्सा मस्जिद में यहूदियों का पूजा का अधिकार ही सबसे अहम नहीं है. ये लोगों की सुरक्षा के लिए क़ानून व्यवस्था बनाए रखने से बढ़कर नहीं है.
चार लड़कों के वक़ील नाती रोम ने दावा किया कि जब से मजिस्ट्रेट कोर्ट का फ़ैसला आया है तब से दबाव और धमकियों का एक अभियान चल रहा है. ये कोर्ट की स्वतंत्रता में हस्तक्षेप है और न्यायिक प्रक्रिया को दूषित करना है.
बॉक्सिंग में हिजाब पर क्या बोलीं गोल्डन गर्ल निखत ज़रीन
महिंदा राजपक्षे से सीआईडी ने तीन घंटे तक की पूछताछ
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इमेज कैप्शन, श्रीलंका के पूर्व प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे
श्रीलंका की जांच
एजेंसी क्रिमिनल इंवेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (सीआईडी) ने पूर्व प्रधानमंत्री महिंदा
राजपक्षे से तीन घंटे तक पूछताछ की है. उनसे मंगलवार शाम कोलंबो में उनके आवास पर
पूछताछ की गई.
महिंदा राजपक्षे
के इस्तीफ़ा देने के बाद उनके समर्थकों और सरकार विरोधी प्रदर्शकारियों के बीच
हिंसक टकराव हो गया था, जिसमें क़रीब 10 लोगों की जान चली गई और 200 लोग घायल हो गए
थे. इसी मामले में महिंदा राजपक्षे से
सीआईडी ने पूछताछ की है.
श्रीलंका में
बढ़ती महंगाई, तेल और खाने के
सामने की कमी और ख़राब आर्थिक हालात के विरोध में सरकार विरोधी प्रदर्शन चल रहे
हैं.
प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति गोटाभाया राजपक्षे के इस्तीफ़े की मांग कर रहे थे.
लेकिन,नौ मई को शांतिपूर्ण
विरोध प्रदर्शनों के बीच महिंदा राजपक्षे के इस्तीफ़े के बाद उनके समर्थक हिंसक हो
गए.
पुलिस ने नौ मई
को हुई इस घटना को लेकर महिंदा राजपक्षे का बयान रिकॉर्ड किया गया है. 23 मई को श्रीलंका के सुरक्षा मंत्रालय के एक उच्च
अधिकारी ने हिंसक झड़पों को रोक पाने में असफल होने पर इस्तीफ़ा दे दिया था.
महाराष्ट्र बीजेपी प्रमुख की सु्प्रिया सुले पर ऐसी टिप्पणी
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महाराष्ट्र बीजेपी के अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल के एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले को लेकर दिए एक बयान ने विवाद छेड़ दिया है. पाटिल ने सुप्रिया सुले को "घर जाकर खाना बनाइए" जैसे शब्द कहे थे.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार चंद्रकांत पाटिल ने एक विरोध प्रदर्शन के दौरान सांसद पर टिप्पणी करते हुए कहा था, "अगर आप राजनीति नहीं समझती हैं, तो घर जाकर खाना बनाइए."
महाराष्ट्र में ओबीसी आरक्षण को लेकर दोनों पार्टियों के बीच विवाद चल रहा है. सुप्रिया सुले ने ओबीसी कोटा के लिए आरक्षण के मामले में ही महाराष्ट्र की तुलना मध्य प्रदेश से की थी.
बुधवार को बीजेपी की मुंबई इकाई चुनाव में ओबीसी आरक्षण की मांग के लिए धरना-प्रदर्शन कर रही थी. इसी दौरान पाटिल ने सुले के बयान पर जवाब दिया.
सुले ने पार्टी की एक बैठक में कहा, " मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री दिल्ली आए और 'किसी' से मिले. मुझे नहीं पता कि अगले दो दिनों में अचानक क्या हुआ और उन्हें ओबीसी आरक्षण के लिए हरी झंडी मिल गई."
इस बयान पर पलटवार करते हुए महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष ने कहा, "आप राजनीति में क्यों हैं? घर जाएं और खाना बनाएं. आप दिल्ली जाएं या श्मशान जाएं या कहीं भी जाओ, लेकिन ओबीसी आरक्षण दो. लोकसभा का सदस्य होने के बावजूद आपको कैसे नहीं पता कि मुख्यमंत्री से मिलने के लिए समय कैसे लेते हैं."
एनसीपी का महिला मोर्चा अब पाटिल के इस बयान के ख़िलाफ़ उतर गया है. महिला मोर्चा की अध्यक्ष विद्या चव्हाण ने कहा, "हम जानते हैं कि आप मनुस्मृति को मानते हैं लेकिन हम अब चुप नहीं बैठेंगे. उन्हें रोटी बनाना सीखना चाहिए ताकि वो अपनी पत्नी की मदद कर सकें."
बांग्लादेश का भी ख़ज़ाना हो रहा ख़ाली, सरकार ने उठाए कई क़दम
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बांग्लादेश भी आर्थिक मुश्किलों का सामना कर रहा है. विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़ते दबाव के कारण वहाँ की सरकार आयात बिल को कम करने पर ज़ोर दे रही है. बांग्लादेश के अख़बार डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ग़ैर-ज़रूरी चीज़ों के आयात को रोकना चाहती है.
डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश की सरकार अपने अधिकारियों की विदेश यात्रा भी सीमित कर रही है. सरकार ने फूल, फल, फर्नीचर और कॉस्मेटिक्स समेत 135 उत्पादों पर आयात शुल्क बढ़ाकर 20 फ़ीसदी कर दिया है.
बांग्लादेश के नेशनल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू (एनबीआर) ने मंगलवार को कहा था कि इससे पहले इन उत्पादों पर अधिकतम आयात शुल्क तीन फ़ीसदी था.
19 मई को बांग्लादेश का विदेशी मुद्रा भंडार 42.2 अरब डॉलर था. इस रक़म से बांग्लादेश पाँच महीने तक आयात बिल भर सकता है. लेकिन चिंता पाँच महीने बाद की है.
हालांकि पाकिस्तान की तुलना में बांग्लादेश का विदेशी मुद्रा भंडार दोगुने से ज़्यादा है. पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार 16 अरब डॉलर है. पिछले साल अगस्त में बांग्लादेश का विदेशी मुद्रा भंडार 48.1 अरब डॉलर था.
पाकिस्तान की आर्थिक हालत पस्त है. विदेशी मुद्रा भंडार यहाँ भी ख़ाली है. आयात कम करने और विदेशी मुद्रा बचाने के लिए पाकिस्तान ने पिछले हफ़्ते ही सभी ग़ैर-ज़रूरी लग्ज़री सामानों के आयात पर पाबंदी लगा दी थी. पाकिस्तान में इस स्थिति को आर्थिक आपातकाल कहा जा रहा है.
पाकिस्तान का चालू खाता घाटा 17 अरब डॉलर से ज़्यादा हो गया है. यहाँ की मुद्रा रुपया भी एक डॉलर की तुलना में 200 रुपए तक पहुँच गया है.
पाकिस्तान की सूचना और प्रसारण मंत्री मरियम औरंगज़ेब ने पत्रकारों से कहा था कि जिन लग्ज़री सामानों के आयात पर पाबंदी लगाई गई है, उनका इस्तेमाल बहुत ही कम लोगों के बीच होता है.
यूएई में सिलिंडर फटने से एक भारतीय और एक पाकिस्तानी की मौत
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अबु धाबी में इसी सप्ताह एक गैस सिलिंडर फटने से मरने वाले दो लोगों में एक भारतीय और एक पाकिस्तानी थे. अधिकारियों ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी. इस धमाके से कुल 120 लोग घायल हुए थे.
समाचार एजेंसी असोसिएटेड प्रेस ने भारत के विदेश मंत्रालय के हवाले से बताया कि सोमवार को अबु धाबी के खलीदिया में हुए धमाके से एक भारतीय की मौत हो गई और क़रीब 100 लोग घायल हो गए.
वहीं, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भी कहा कि धमाके में उनके एक नागरिक की मौत हो गई है. पाकिस्तानी अधिकारी अबु धाबी के एक पुलिस थाने भी पहुँचे और यहाँ उन्हें आश्वस्त किया गया कि जाँच के बारे में उन्हें जानकारी दी जाएगी.
यूएई में हर साल भीषण गर्मी की वजह से आगजनी की कई घटनाएं होती है.
केजरीवाल के अधिकारी के लिए स्टेडियम ख़ाली करवाने का मामला जानिए
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दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने घोषणा की है कि दिल्ली सरकार के नियंत्रण वाले सभी खेल स्टेडियम रात के 10 बजे तक खुले रहेंगे.
इसकी घोषणा दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने की है. गुरुवार को अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस में एक रिपोर्ट छपी थी कि दिल्ली सरकार के नियंत्रण वाले त्यागराज स्टेडियम में एथलिट और उनके कोच को सात बजे तक ही ट्रेनिंग ख़त्म करने पर मजबूर किया जाता है.
ऐसा इसलिए क्योंकि दिल्ली के प्रधान सचिव (राजस्व) संजीव खिरवार अपने कुत्ते के साथ टहलने आते हैं.
मनीष सिसोदिया ने इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट को ट्वीट करते हुए लिखा है, ''न्यूज़ रिपोर्ट देखने के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 10 बजे रात तक सभी स्टेडियम को खुला रखने का निर्देश दिया है.''
हालांकि दिल्ली बीजेपी ने खिरवार पर कार्रवाई करने की मांग की है. दिल्ली बीजेपी के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने दिल्ली के एलजी और मुख्यमंत्री से संजीव खीरवार के ख़िलाफ़ जांच की मांग की है.
कपूर ने अपने ट्वीट में कहा है, ''आदरणीय उपराज्यपाल और अरविंद केजरीवाल जी, एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा प्रशासनिक ताक़त का दुरुपयोग कर स्टेडियम को अपने कुत्ते के साथ सैर करने के लिए रोज आरक्षित करने का यह मामला बेहद गंभरी है. कृपया जांच करवा कर अधिकारी संजीव खिरवार को निलंबित करें.''
इंडियन एक्सप्रेस से एक कोच ने कहा था, ''हम पहले रात में 8-8.30 बजे तक ट्रेनिंग करवाते थे. लेकिन अब हमें सात बजे तक ग्राउंड से जाने के लिए कहा गया है. ऐसा एक अधिकारी को कुत्ते के साथ टहलना होता है, इसलिए कहा गया है. हमारी ट्रेनिंग और रोज़ के अभ्यास पर असर पड़ा है.''
हालांकि खिरवार ने अख़बार से कहा कि यह आरोप बिल्कुल ग़लत है. लेकिन खिरवार ने इसे स्वीकार किया कि कभी-कभार वे अपने कुत्ते को साथ में लाते हैं लेकिन इससे ट्रेनिंग बाधित होने की बात को उन्होंने नकार दिया है. खिरवार ने कहा कि उन्होंने कभी एथलीट को मैदान से जाने के लिए नहीं कहा था.
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एआर रहमान और यूएई की इस महिला फ़िल्ममेकर के काम की चर्चा
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इमेज कैप्शन, नायला अल ख़ाजा के साथ एआर रहमान
ऑस्कर विजेता संगीतकार ए. आर रहमान अब संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की मशहूर फ़िल्ममेकर नायला अल-ख़ाजा की आगामी फ़िल्म "बाब" में काम करने वाले हैं.
अरब न्यूज़ से नायला अल ख़ाजा ने ए. आर रहमान के साथ काम करने पर कहा, "मेरे लिए इससे बढ़कर कुछ नहीं हो सकता है. मुझे लगता है कि वो कुछ बेहद अलग और अकल्पनीय करने वाले हैं और मुझे पिक्चर, कैमरा की भाषा और अपने काम को उस स्तर तक ले जाने की ज़रूरत है."
अल-ख़ाजा को यूएई की पहली इंडिपेंडेंट महिला फ़िल्मेमकर के तौर पर जाना जाता है. उन्होंने "द नेबर", "मलाल", "ऐनिमल" और "द शैडो" जैसी फ़िल्मों का निर्देशन भी किया है. उन्होंने "बाब" फ़िल्म मसूद अमरल्ला अल-अली के साथ मिलकर लिखी है.
अरब न्यूज़ ने एआर रहमान के हवाले से लिखा है, "मेरे लिए ये एक शुरुआत की तरह है. ऐसे जैसे मेरी पहली फ़िल्म हो, क्योंकि उनके पास एकदम नई सोच है और वो एकदम अलग जगह से आती हैं, जहाँ मैं पहले कभी नहीं गया. मुझे हमेशा ऐसा काम करना अच्छा लगता है, जो पहले कभी न किया हो."
अल ख़ाजा ने दोनों सितारों के साथ आने के पीछे सोशल मीडिया को सबसे बड़ा मददगार बताया. उन्होंने कहा, "सच ये है कि हम दोनों इंस्टाग्राम की वजह से एक साथ काम कर पा रहे हैं. अपनी एक स्टोरी में मैंने एआर रहमान को मेंशन किया था और उसके दो दिन बाद ही मुझे एक फ़ोन आया और फ़िर मीटिंग फ़ाइनल हुई. इस बारे में पहले से कोई योजना नहीं थी."
"बाब" फ़िल्म की शूटिंग अगले साल मार्च महीने में शुरू होने की संभावना है. अल-ख़ाजा और रहमान दोनों को ही ये उम्मीद है कि उनकी ये फ़िल्म दर्शकों को ख़ास लगेगी.
अल-अक़्सा में यहूदियों की प्रार्थना पर कोर्ट के फ़ैसले से विवाद
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इसराइल के एक कोर्ट ने बुधवार को निचली अदालत के उस फ़ैसले को पलट दिया, जिसने यरुशलम की विवादित अल-अक़्सा परिसर में यहूदियों के पूजा करने पर रोक की वैधता पर सवाल उठाए थे.
निचली अदालत के इस फ़ैसले से फ़लस्तीनियों में आक्रोश बढ़ गया था.
अल-अक़्सा मस्जिद परिसर को यहूदी भी अपना पवित्र तीर्थ स्थल मानते हैं. इसराइल और फ़लस्तीन के बीच विवाद का ये एक अहम कारण है.
दशकों से "यथास्थिति" बनाए रखने के नियम के तहत इसराइल सिर्फ़ उन्हीं यहूदियों को इस परिसर में जाने की इजाज़त देता है, जो यहां धार्मिक गतिविधियां नहीं करते.
रॉयटर्स की खबर के अनुसार, इस परिसर में प्रार्थना करने के बाद तीन यहूदी युवकों को प्रतिबंधित करने का आदेश मिला था. तीनों युवकों ने पुलिस के इस फ़ैसले को यरुशलम के मैजिस्ट्रेट कोर्ट में चुनौती दी थी.
मैजिस्ट्रेट कोर्ट ने रविवार को इस मामले में आदेश दिया कि युवकों के प्रार्थना करने से किसी भी तरह से शांति भंग नहीं हुई है.
इस आदेश के बाद फ़लस्तीनी नेताओं ने विरोध किया और चरमपंथियों की ओर से धमकियां भी दी जाने लगीं.
मैजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश के ख़िलाफ़ बुधवार को यरुशलम की ज़िला अदालत में अर्ज़ी दी गई.
ज़िला अदालत की जज ने कहा, "टेंपल माउंट में यहूदियों को पूजा करने का अधिकार बिना शर्त नहीं है और ये क़ानून व्यवस्था बनाए रखने से बढ़कर नहीं है."
हर्षवर्धन ने नाराज़ होकर कहा- संसद सदस्यों के लिए सीट तक नहीं रखी है
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हर्षवर्धन बीजेपी के सीनियर नेता हैं.नरेंद्र मोदी सरकार में भी केंद्रीय मंत्री थे. कोरोना महामारी के दौरान हर्षवर्धन की आलोचना स्वास्थ्य मंत्री के तौर पर हुई थी. लेकिन गुरुवार को वह अपनी नाराज़गी के कारण चर्चा में हैं.
हर्षवर्धन दिल्ली के नए एलजी विनय कुमार सक्सेना के शपथ ग्रहण में शामिल होने गए थे लेकिन सीट नहीं मिलने के कारण नाराज़ होकर चले गए. उपराज्यपाल के शपथग्रहण से पहले ही ग़ुस्से में जाते हुए हर्षवर्धन ने कहा, ''संसद सदस्यों के लिए इन्होंने सीट नहीं रखी हुई है.'' इतना कहकर हर्षवर्धन अपनी गाड़ी की ओर बढ़ गए.
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