IPL: कोहली का चला बल्ला, गुजरात को 8 विकेट से हराकर बैंगलोर प्लेऑफ़ की रेस में बरकरार

रॉयल चैलेंज़र्स ऑफ़ बैंगलोर ने गुजरात टाइटंस को 8 गेंद बाकी रहते हुए 8 विकेट से हराकर आईपीएल के अपने आखिरी लीग मैच में जीत हासिल की है.

लाइव कवरेज

भूमिका राय and विभुराज

  1. सुप्रीम कोर्ट के एक साल की सज़ा के फ़ैसले पर सिद्धू ने क्या कहा

    नवजोत सिंह सिद्धू

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    तीन दशक पुराने ग़ैर इरादतन हत्या के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा सज़ा सुनाए जाने के बाद नवजोत सिंह सिद्धू ने इस पर प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने ट्विटर पर कहा है कि "वो खुद को क़ानून के हवाले कर देंगे."

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    हालांकि चंडीगढ़ में जब पत्रकारों ने उनसे सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर उनके अगले कदम के बारे में बात करने की कोशिश की तो उन्होंने केवल 'नो कमेंट्स' ही कहा.

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    हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने ही साल 2018 में सिद्धू की सज़ा को तीन साल से कम करके 1000 रुपये का जुर्माना लगाया था.

    इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक पुनर्विचार याचिका पर बुधवार को सिद्धू को एक साल की सज़ा सुनाई है.

  2. दिल्ली हाई कोर्ट ने केजरीवाल सरकार की घर-घर राशन योजना पर लगाई रोक

    अरविंद केजरीवाल

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    दिल्ली में 'मुख्यमंत्री घर-घर राशन योजना' पर हाई कोर्ट ने रोक लगा दी है. इस योजना को लेकर दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार और केंद्र के बीच पिछले कुछ समय से विवाद की स्थिति बनी हुई थी.

    दिल्ली के उपराज्यपाल कार्यालय ने कई बार इस योजना की फ़ाइल वापस लौटा दी थी.

    पिछले साल हाई कोर्ट ने अपने एक आदेश में दिल्ली सरकार को ये निर्देश दिया था कि वो सार्वजनिक वितरण प्रणाली की सभी दुकानों को घर पर राशन लेने का विकल्प चुनने वाले कार्डधारकों के बारे में सूचित कर दे.

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    इसके बाद उचित मूल्य की दुकानें ऐसे कार्ड धारकों को राशन नहीं देंगी. दिल्ली सरकार की इस योजना को दिल्ली सरकारी राशन डीलर संघ ने चुनौती दी थी.

    दिल्ली सरकार का कहना था कि वो गरीबों की मदद के लिए लाभार्थियों के घर पर राशन देना चाहती थी लेकिन उपराज्यपाल इसका विरोध कर रहे थे.

  3. प्रधानमंत्री मोदी के पहले भारत की कोई रक्षा नीति नहीं थी- अमित शाह

    अमित शाह

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    भारत के केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहले भारत की कोई रक्षा नीति नहीं थी.

    केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह दिल्ली विश्वविद्यालय के पॉलिटिकल साइंस डिपार्टमेंट में आयोजित एक तीन दिवसीय इंटरनेशनल सेमिनार में बोल रहे थे. यह सेमिनार ‘रीविज़िटिंग द आइडियाज़ ऑफ़ इंडिया फ्रॉम स्वराज टू न्यू इंडिया’ विषय पर आजोजित हुआ.

    उन्होंने कहा- पहले विदेश नीति को ही रक्षा नीति माना जाता था. लेकिन पीएम मोदी के नेतृत्व में जब हमने सर्जिकल और एयर स्ट्राइक किया तो पूरी दुनिया ने भारत की रक्षा नीति भी देखी.

    अमित शाह ने कहा कि भारत अपनी सीमा और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वालों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भी दृढ़ प्रतिज्ञ है.

    अमित शाह ने कहा कि साल 2014 से लेकर 2022 तक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने कई उपलब्धियाँ हासिल की हैं.

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    साल 2014 से 2022 तक, पीएम के नेतृत्व की यात्रा में सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक और सांस्कृतिक तौर पर भारत को गौरवान्वित करने के लिए बहुत काम किया गया है.

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    अमित शाह ने कहा कि कोरोना में भारत की व्यवस्था पर विश्व चर्चा कर रहा है.

    गृहमंत्री ने कहा कि अनुच्छेद 370 को हटाने के दौरान लोग कहते थे कि क्या हो जाएगा. मोदी जी ने इसे चुटकी बजाते हुए कर दिया और जो लोग कहते थे कि खून की नदियां बह जाएगी मैं उन्हें कहना चाहता हूं कि मोदी जी की सरकार में खून की नदियां तो क्या कंकड़ भी नहीं चले.

  4. ब्रेकिंग न्यूज़, नवजोत सिंह सिद्धू को रोड रेज मामले में एक साल की सज़ा

    नवजोत सिंह सिद्धू

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    सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू को रोड रेज के मामले में एक साल की सज़ा सुनाई है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाख़िल की गई थी. यह मामला क़रीब तीन दशक से भी अधिक पुराना है. पीड़ित परिवार ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के साल 2018 के फ़ैसले के ख़िलाफ़ पुनर्विचार याचिका दायर की थी. अपने साल 2018 के फ़ैसले में सुप्रीम कोर्ट ने सिद्धू पर लगे ग़ैर-इरादतन हत्या के आरोप को ख़ारिज कर दिया था और उनकी तीन साल की सज़ा को बदलते हुए, उन पर एक हज़ार रुपये का जुर्माना लगाया था.

    ये मामला वर्ष 1988 का है. सिद्धू पर आरोप था कि उन्होंने गुरनाम नाम के एक व्यक्ति की पिटाई की जिसके बाद उसकी मौत हो गई. निचली अदालत ने सिद्धू को इस मामले में पहले बरी कर दिया था लेकिन वर्ष 1999 में हाईकोर्ट में इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील की गई थी. बाद में पंजाब -हरियाणा हाई कोर्ट ने सिद्धू को दोषी ठहराया था और ग़ैर-इरादतन हत्या के मामले में तीन साल की क़ैद की सज़ा सुनाई थी. जिसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुँचा था और सुप्रीम कोर्ट ने साल 2018 का आदेश दिया था.

  5. पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष रहे सुनील जाखड़ बीजेपी में शामिल

    सुनील जाखड़

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    एक समय पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष रहे सुनील जाखड़ भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए हैं. दिल्ली में बीजेपी मुख्यालय में पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डी की मौजूदगी में सुनील जाखड़ ने पार्टी की सदस्यता ली.

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    पिछले दिनों उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफ़ा दे दिया था. जेपी नड्डा ने पार्टी में उनका स्वागत किया. पिछले दिनों कांग्रेस पार्टी ने विरोधी गतिविधियों के आरोप में सुनील जाखड़ को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था, जिससे वो नाराज़ बताए जा रहे थे. उसके बाद ही उन्होंने पार्टी छोड़ने की घोषणा की. उस समय उन्होंने कहा था- ये कांग्रेस का अस्तित्व बचाने का समय है और ऐसे समय में हम ऐसे दिखा रहे हैं कि देश को बचाने की ज़िम्मेदारी हमारी है. अलग-अलग समितियां बनाई जा रही हैं. एक समिति तो उत्तर प्रदेश चुनाव में मिली हार पर बनाई जानी चाहिए थी.

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    सुनील जाखड़ अक्सर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं. जब पंजाब में आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस को हराया था उस वक्त जाखड़ ने चरणजीत सिंह चन्नी को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया था. इससे पहले जब अमरिंदर सिंह ने पंजाब के मुख्यमंत्री का पद छोड़ा था उस वक्त जाखड़ ने दावा किया था कि उनके मुख्यमंत्री बनने को लेकर 42 विधायकों का समर्थन है

  6. मथुरा में ज़िला अदालत ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मामले में याचिका पर सुनवाई की अनुमति दी

    मथुरा

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    उत्तर प्रदेश में मथुरा की ज़िला अदालत ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले में याचिका पर सुनवाई के लिए अनुमति दे दी है. इस मामले में श्री कृष्ण जन्मभूमि के 13.37 एकड़ ज़मीन को लेकर वकील हरिशंकर जैन ने सिविल जज के फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील की थी. जज राजीव भारती ने उन्होंने इस मामले में जूनियर डिविज़न कोर्ट में सुनवाई के लिए अनुमति दे दी है.

    मथुरा से स्थानीय पत्रकार सुरेश सैनी ने बताया है कि वकील हरिशंकर जैन और रंजना अग्निहोत्री की अपील पर कोर्ट में कहा कि जूनियर डिवीज़न कोर्ट का सुनवाई न करने का फ़ैसला ग़लत था.

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    श्री कृष्ण जन्मभूमि के 13,37 एकड़ जमीन के अंदर बनी शाही ईदगाह मस्जिद को हटाकर फिर से कृष्ण जन्मभूमि को सौंपने के लिए अपील की गई थी. इस मामले में सुनवाई की तारीख़ अभी नहीं मिली है. मथुरा के कटरा केशव देव को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मस्थान माना जाता है. मंदिर परिसर से सटी शाही ईदगाह मस्जिद है. ये 17वीं शताब्दी में बनी थी. कई हिंदुओं का दावा है कि मस्जिद मंदिर तोड़कर बनाई गई थी. वहीं कई मुसलमान संगठन इस दावे को ख़ारिज करते हैं. मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि की 13.37 एकड़ ज़मीन के मालिकाना हक़ को लेकर विवाद है. इसमें 10.9 एकड़ जमीन श्री कृष्ण जन्मस्थान के पास और 2.5 जमीन शाही ईदगाह मस्जिद के पास है. याचिका में श्रीकृष्ण जन्मभूमि से सटे ईदगाह मस्जिद को वहाँ से हटाने की भी मांग की गई है.

  7. बनारस से LIVE: ज्ञानवापी मस्जिद मामले में गुरुवार को क्या-क्या हुआ

  8. यासीन मलिक टेरर फ़ंडिंग मामले में दोषी करार, 25 मई को सुनाई जाएगी सज़ा

    मलिक

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    एनआईए की विशेष अदालत ने कश्मीर के अलगाववादी नेता यासीन मलिक को टेरर-फंडिंग मामले में दोषी करार दिया है.

    यासीन मलिक की सज़ा पर 25 मई को सुनवाई होगी.

    क़रीब 58 साल के यासीन मलिक जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ़्रंट (जेकेएलएफ़) के नेता हैं. यासीन मलिक को दिल और गुर्दे की बीमारी है.

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    मंगलवार को यासीन मलिक ने सभी आरोपों में अपना दोष स्वीकार कर लिया था. इनमें यूएपीए के तहत दर्ज मामले भी शामिल हैं.

    यासीन मलिक पिछले 32 साल से भारत विरोधी आंदोलन में सक्रिय हैं. उन्हें 1984 में पहली बार क़ैद किया गया था.

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  9. समाजवादी पार्टी के नेता आज़म ख़ान को मिली सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम ज़मानत

      • Author, सुचित्र मोहंती, बीबीसी हिंदी के लिए
    आज़म ख़ान

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    सुप्रीम कोर्ट ने जालसाज़ी के एक मामले में समाजवादी पार्टी के नेता आज़म ख़ान को अंतरिम ज़मानत दे दी है.

    कोर्ट ने उन्हें आदेश दिया है कि आने वाले दो सप्ताह के भीतर वे नियमित ज़मानत के लिए सक्षम कोर्ट के सामने आवेदन दें.

    यह अंतरिम ज़मानत तब तक के लिए मान्य होगी जब तक की अदालत नियमित ज़मानत के लिए आवेदन पर फ़ैसला नहीं कर लेती.

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    जस्टिस नागेश्वर राव, बीआर गवई और एएस बोपन्ना ने इस मामले की सुनवाई की. आज़म ख़ान बीते लगभग दो साल से जेल में बंद हैं. उन पर कई मामले दर्ज हैं.

    आज़म ख़ान मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को फ़ैसला सुरक्षित कर लिया था. सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 142 के तहत अपने विशेषाधिकार का इस्तेमाल करके अंतरिम ज़मानत दी है.

    आज़म ख़ान पर भ्रष्टाचार, यतीमख़ाना पर क़ब्ज़ा करने, बेतहाशा संपत्ति अर्जित करने को लेकर अलग-अलग धाराओं में मामले दर्ज थे.

  10. हार्दिक पटेल ने कहा- अभी मैं बीजेपी में नहीं हूँ

    हार्दिक पटेल

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    एक दिन पहले कांग्रेस पार्टी छोड़ने वाले हार्दिक पटेल ने कहा है कि वे अभी बीजेपी में नहीं हैं और उन्होंने अभी कोई फ़ैसला भी नहीं किया है. एक प्रेस कॉन्फ्ऱेंस में उन्होंने एक बार फिर कांग्रेस पर कई सवाल उठाए. हार्दिक पटेल ने कहा कि राम मंदिर, अनुच्छेद 370, ज्ञानवापी मस्जिद विवाद जैसे बड़े मुद्दे हैं और कांग्रेस क्यों इन मुद्दों पर ख़ामोश है? अगर एक पार्टी ऐसे ही चलेगी, तो वे कभी गुजरात में सत्ता में नहीं आएँगे.

    उन्होंने पाटीदारों का मुद्दा भी उठाया और कहा कि कांग्रेस ने वर्ष 2015 और 2017 में पाटीदारों का इस्तेमाल किया और 2022 में भी पार्टी ऐसा ही करना चाहती है. हार्दिक पटेल ने कहा- मैं गुजरात के लोगों से माफ़ी मांगता हूँ कि मैंने 2017 में ऐसी पार्टी के लिए वोट मांगा. गुजरात में कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रहे हार्दिक पटेल ने बुधवार को पार्टी और पद दोनों से इस्तीफ़ा दे दिया था. पिछले कुछ दिनों से हार्दिक पटेल ने कांग्रेस नेतृत्व को लेकर खुलकर असंतोष व्यक्त किया था. अपने त्यागपत्र में हार्दिक पटेल ने कांग्रेस पर कई आरोप लगाए हैं और नेतृत्व पर भी सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने लिखा है कि कांग्रेस पार्टी सिर्फ़ विरोध की राजनीति तक सिमट कर रह गई है, जबकि देश के लोगों को विरोध नहीं एक ऐसा विकल्प चाहिए, जो उनके भविष्य के बारे में सोचता हो.

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    हार्दिक पटेल ने लिखा है कि कांग्रेस का नेतृत्व जनता के सामने एक बेसिक रोडमैप तक नहीं पेश कर सका. उन्होंने आगे लिखा है- कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व में किसी भी मुद्दे के प्रति गंभीरता की कमी एक बड़ा मुद्दा है. जब भी देश में संकट था अथवा कांग्रेस को नेतृत्व की सबसे ज़्यादा आवश्यकता थी, तो हमारे नेता विदेश में थे. शीर्ष नेतृत्व का बर्ताव गुजरात के प्रति ऐसा है, जैसे गुजरात और गुजरातियों से उन्हें नफ़रत हो. इस बीच मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि ये उनकी मंशा है बहुत लोग पार्टी छोड़ते हैं और बहुत लोग पार्टी ज्वाइन करते हैं. उन्होंने गुजरात के नेताओं पर आरोप लगाते हुए कहा- गुजरात के बड़े नेता तो जनता के मुद्दों से दूर इस बात पर ध्यान देते हैं कि दिल्ली से आए हुए नेता को उनका चिकन सैंडविच समय पर मिला या नहीं.

  11. सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानवापी मस्जिद मामले में सुनवाई टाली, बनारस की अदालत को दिया ये निर्देश

    ज्ञानवापी मस्जिद

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    सुप्रीम कोर्ट में ज्ञानवापी मामले की सुनवाई को शुक्रवार तक के लिए टाल दिया गया है. इसके अलावा बनारस ट्रायल कोर्ट की सुनवाई पर भी शुक्रवार तक के लिए रोक लगा दी गई है.

    उच्चतम न्यायालय इस मामले में कल दोपहर तीन बजे सुनवाई करेगा.

    सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि बनारस की अदालत आज इस मामले पर कोई आदेश न दे.

    सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार 17 मई को ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के सर्वेक्षण के ख़िलाफ़ मस्जिद प्रबंधन की याचिका पर सुनवाई शुरू की थी.

    सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा था कि ज्ञानवापी मस्जिद में नमाज़ पर रोक नहीं होगी. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा था कि उस जगह को वाराणसी प्रशासन सुरक्षित रखे, जहाँ शिवलिंग मिलने का दावा किया जा रहा है.

    बनारस कोर्ट में जमा की गई सर्वे की रिपोर्ट

    इस बीच ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के सर्वे की रिपोर्ट बनारस सिविल कोर्ट को सौंप दी गई है.

    एडवोकेट कमिश्नर विशाल सिंह ने आज सुबह 10 बजकर 15 मिनट पर कोर्ट को रिपोर्ट सौंपी.

    विशाल सिंह ने बीबीसी को बताया कि परिसर की वीडियोग्राफ़ी डेटा मेमोरी कार्ड के रूप में कोर्ट को सौंप दी गई है.

    विशाल सिंह ने बताया कि सर्वे की रिपोर्ट को दोनों पक्षों की मौजूदगी में खोला जा भी सकता है.

    अजय कुमार मिश्र की रिपोर्ट पर टिप्पणी करते हुए विशाल सिंह ने कहा कि अजय कुमार मिश्र ने 6 और 7 मई की रिपोर्ट सौंपी है जबकि उन्होंने 14, 15 और 16 की रिपोर्ट सौंपी है.

    विशाल सिंह ने बताया कि ज्ञानवापी के अंदर की रिपोर्ट उन्होंने तैयार की है, जबकि बाहर की रिपोर्ट अजय कुमार मिश्र ने तैयार की है.

  12. ज्ञानवापी और बाबरी मस्जिद में तुलना कितनी सही

  13. काशी, अयोध्या और मथुरा पर कंगना रनौत ने दिया बयान

    कंगना

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    बनारस की ज्ञानवापी मस्जिद मामले में, मस्जिद परिसर का सर्वे पूरा हो चुका है. इस सारे विवाद पर निचली अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक केस चल रहे हैं.

    ज्ञानवापी मस्जिद विवाद को लेकर कई तरह के बयान सामने आए हैं.

    इस बीच बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत बुधवार शाम बनारस पहुंचीं. जहां उन्होंने अपनी फ़िल्म ‘धाकड़’ की बाकी की स्टारकास्ट के साथ काशी विश्वनाथ के दर्शन किए.

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    इस दौरान कंगना ने कहा, “मथुरा के हर कण में भगवान कृष्ण हैं और अयोध्या के हर कण में भगवान राम हैं. उन्होंने कहा ठीक इसी तरह काशी के हर कण में भगवान शिव हैं. उन्हें किसी ढांचे की ज़रूरत नहीं है.”

    इस मामले में एक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट भी आज सुनवाई करेगा.

  14. रसोई गैस सिलेंडर की क़ीमत फिर बढ़ी, नई क़ीमत हज़ार पार

    सिलेंडर

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    बीते दो हफ़्ते में भारत में ये दूसरा मौक़ा है जब एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ गए हैं.

    रसोई गैस की क़ीमत 3.50 रुपये बढ़ गई है. इसी के साथ रसोई घर में इस्तेमाल होने वाले एक एलपीजी सिलेंडर की नई क़ीमत 1,003 रुपये हो गई है.

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    इसी महीने की सात तारीख़ को घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दामों में इज़ाफ़ा किया गया था और उस समय 50 रुपये प्रति सिलेंडर दाम बढ़े थे.

    मार्च 2020 से पहले गैस के दामों में अंतिम बढ़ोतरी छह अक्तूबर 2021 को हुई थी जब सिलेंडर की कीमत 50 रुपये बढ़ाई गई थी.

    जनवरी 2021 में घरेलू गैस सिलेंडर की क़ीमत 694 रुपये थे. फ़रवरी 2021 में दाम बढ़े और क़ीमत 769 रुपये हो गई.

    भारत में गैस कंपनियां हर महीने सिलेंडर के दाम की समीक्षा करती हैं और ज़रूरत होने पर दाम बढ़ाए जाते हैं.

  15. एलन मस्क का एक और ट्वीट, बताया अब डेमोक्रेट की जगह क्यों करेंगे रिपब्लिकन को वोट

    एलन मस्क

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    टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने कहा है कि अब वो डेमोक्रेट पार्टी की जगह रिपब्लिकन पार्टी का समर्थन करेंगे.

    मस्क ने ट्वीट किया है, “बीते समय में मैंने डेमोक्रेट पार्टी के लिए वोट किया था क्योंकि वो एक बेहतर पार्टी थी. लेकिन अब ये पार्टी बंटवारे और नफ़रत की पार्टी बन गई है. मैं अब इस पार्टी को अपना समर्थन नहीं दे सकता और मैं अब रिपब्लिकन पार्टी को वोट करूंगा.”

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    एलन मस्क ने लिखा है कि अब उनके ख़िलाफ़ डेमोक्रेट पार्टी एक अभियान चला सकती है.

    हालांकि यह पहला मौक़ा नहीं है जब एलन मस्क ने डेमोक्रेट पार्टी पर निशाना साधा है. वे जो बाइडन को लेकर भी ट्वीट करके तंज़ कर चुके हैं.

    एलन मस्क ने ट्वीट किया था कि बाइडन को लगता है कि उन्हें देश बदलने के लिए चुना गया जबकि वो इसलिए जीते क्योंकि लोग 'थोड़ा कम ड्रामा' चाहते थे.

    एलन मस्क पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को लेकर भी बयान देते रहते हैं.

    वो पहले ही कह चुके हैं कि अगर ट्विटर को ख़रीदने की प्रक्रिया पूरी हो जाती है तो वह डोनाल्ड ट्रंप लगे ट्विटर के स्थायी प्रतिबंध को हटा देंगे.

    ट्रंप को ट्विटर पर बैन करने की एलन मस्क कई मंचों से आलोचना कर चुके हैं.

  16. पैंगोग झील पर चीन बना रहा है एक और पुल- प्रेस रिव्यू

  17. ज्ञानवापी मस्जिद:बनारस की अदालत में आज किन मामलों की होगी सुनवाई

      • Author, अनंत झणाणे
      • पदनाम, वाराणसी से, बीबीसी हिंदी के लिए
    ज्ञानवापी मस्जिद

    इमेज स्रोत, Getty Images

    ज्ञानवापी मस्जिद में तीन दिन तक चले सर्वे की रिपोर्ट आज कोर्ट को सौंपी जानी है.

    कोर्ट ने एडवोकेट कमिश्नर विशाल सिंह को गुरुवार को सर्वे की रिपोर्ट सौंपने का आदेश जारी किया था.

    इससे एक दिन पहले बुधवार को बनारस सिविल कोर्ट ने ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वे से जुड़ी दो अर्ज़ियों पर मुस्लिम पक्ष को आपत्ति दाख़िल करने के लिए एक दिन का वक़्त दिया.

    हालांकि मुस्लिम पक्ष ने अदालत से दो दिन के समय की मांग की थी.

    पहली अर्ज़ी में महिला याचिकाकर्ताओं की तरफ़ से माँग की गई है कि मस्जिद की पूर्वी दीवार और नंदी के मुख के सामने मौजूद तहख़ाने की दीवार को हटाया जाए. साथ ही वहाँ पाए गए शिवलिंग की लंबाई और चौड़ाई मापी जाए.

    इस अर्जी पर आपत्ति दाख़िल करने के लिए मुस्लिम पक्ष को एक दिन का वक़्त दिया गया था. मुस्लिम पक्ष लिखित में आज अपनी आपत्ति दाख़िल कर सकता है.

    इसके अलावा सील किए वज़ूख़ाने में मछलियों को ज़िंदा रखने के लिए वज़ू और शौचालय की वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए दी गई राज्य सरकार की अर्ज़ी पर भी मुस्लिम पक्ष के वकीलों को आपत्ति दाख़िल करने ​के लिए आज तक का समय मिला है.

    बुधवार को कोर्ट के सामने एक और अर्ज़ी दायर की गई जिसमें महिला याचिकाकर्ताओं ने हटाए गए एडवोकेट कमिश्नर अजय कुमार मिश्र की ओर से छह और सात मई को किए गए निरीक्षण की रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है.

    महिला याचिकाकर्ताओं का कहना है कि अजय कुमार मिश्र का सहयोग लिए बिना निरीक्षण की रिपोर्ट पूरी नहीं हो पाएगी, जिससे क़ानूनन त्रुटि पैदा हो सकती है.

    सुप्रीम कोर्ट

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    सुप्रीम कोर्ट में भी है ज्ञानवापी मामला, होगी सुनवाई

    सुप्रीम कोर्ट में आज ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के सर्वेक्षण के ख़िलाफ़ मस्जिद प्रबंधन की याचिका पर सुनवाई होगी.

    इससे पहले मंगलवार, 17 मई को सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के सर्वेक्षण के ख़िलाफ़ मस्जिद प्रबंधन की याचिका पर सुनवाई की थी.

    सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा था कि ज्ञानवापी मस्जिद में नमाज़ पर रोक नहीं होगी. सुप्रीम कोर्ट ने सर्वे के दौरान मिली ‘शिवलिंग’ वाली जगह को भी सुरक्षित रखने का आदेश दिया था.

  18. रोडरेज मामले में सिद्धू पर सुप्रीम कोर्ट आज सुना सकता है फ़ैसला

    सिद्धू

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    सुप्रीम कोर्ट आज कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू के ख़िलाफ़ रोड रेज मामले में पुनर्विचार याचिका पर फ़ैसला सुना सकता है. यह मामला क़रीब तीन दशक से भी अधिक पुराना है.

    पीड़ित परिवार ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के साल 2018 के फ़ैसले के ख़िलाफ़ पुनर्विचार याचिका दायर की थी.

    अपने साल 2018 के फ़ैसले में सुप्रीम कोर्ट ने सिद्धू पर लगे ग़ैर-इरादतन हत्या के आरोप को ख़ारिज कर दिया था और उनकी तीन साल की सज़ा को बदलते हुए, उन पर एक हज़ार रुपये का जुर्माना लगाया था.

    क्या था मामला

    ये मामला वर्ष 1988 का है. सिद्धू पर आरोप था कि उन्होंने गुरनाम नाम के एक व्यक्ति की पिटाई की जिसके बाद उसकी मौत हो गई.

    निचली अदालत ने सिद्धू को इस मामले में पहले बरी कर दिया था लेकिन वर्ष 1999 में हाईकोर्ट में इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील की गई थी.

    बाद में पंजाब -हरियाणा हाई कोर्ट ने सिद्धू को धारा 304 की उपधारा दो के तहत दोषी ठहराया था और ग़ैर-इरादतन हत्या के मामले में तीन साल की क़ैद की सज़ा सुनाई थी.

    जिसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था और सुप्रीम कोर्ट ने साल 2018 का आदेश दिया था.

  19. कर्नाटक की स्कूली किताबों में हेडगेवार का भाषण क्यों शामिल कर रही है सरकार

  20. संयुक्त राष्ट्र ने कहा, यूक्रेन में लड़ाई के कारण दुनिया मे आ सकता है खाद्य संकट

    संयु्क्त राष्ट्र

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    संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि आने वाले महीनों में दुनिया को खाद्य संकट का सामना करना पड़ सकता है.

    संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा है कि युद्ध ने खाद्य संकट को और बढ़ा दिया है. क़ीमते बढ़ गई हैं और इसका सबसे अधिक असर ग़रीब देशों पर हो रहा है.

    उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि अगर यूक्रेन का खाद्य निर्यात हमले से पहले वाली स्थिति में और उसी स्तर पर बहाल नहीं हो सका तो दुनिया को कई सालों तक भुखमरी का सामना करना पड़ सकता है.

    रूस के हमले के कारण यूक्रेन के बंदरगाह भी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं और इससे खाद्य निर्यात पर असर पड़ा है. यूक्रेन बड़ी मात्रा में खाद्य तेल, मक्का और गेहूं जैसे कई अनाज का निर्यात करता था.

    यूक्रेन का निर्यात घटने से वैश्विक आपूर्ति कम हुई है और उसके बदले जो विकल्प हैं, उनकी क़ीमत में तेज़ी से इज़ाफ़ा हुआ है. संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, वैश्विक खाद्य कीमतों में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में लगभग 30% का उछाल आया है.