ज्ञानवापी मस्जिद में तीन
दिन तक चले सर्वे की रिपोर्ट आज कोर्ट को सौंपी जानी है.
कोर्ट ने एडवोकेट
कमिश्नर विशाल सिंह को गुरुवार को सर्वे की रिपोर्ट सौंपने का आदेश जारी किया था.
इससे एक दिन पहले बुधवार
को बनारस सिविल कोर्ट ने ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वे से जुड़ी दो अर्ज़ियों पर मुस्लिम
पक्ष को आपत्ति दाख़िल करने के लिए एक दिन का वक़्त दिया.
हालांकि मुस्लिम पक्ष
ने अदालत से दो दिन के समय की मांग की थी.
पहली अर्ज़ी में महिला
याचिकाकर्ताओं की तरफ़ से माँग की गई है कि मस्जिद की पूर्वी दीवार और नंदी के मुख
के सामने मौजूद तहख़ाने की दीवार को हटाया जाए. साथ ही वहाँ पाए गए शिवलिंग की
लंबाई और चौड़ाई मापी जाए.
इस अर्जी पर आपत्ति
दाख़िल करने के लिए मुस्लिम पक्ष को एक दिन का वक़्त दिया गया था. मुस्लिम पक्ष
लिखित में आज अपनी आपत्ति दाख़िल कर सकता है.
इसके अलावा सील किए
वज़ूख़ाने में मछलियों को ज़िंदा रखने के लिए वज़ू और शौचालय की वैकल्पिक
व्यवस्था करने के लिए दी गई राज्य सरकार की अर्ज़ी पर भी मुस्लिम पक्ष के वकीलों
को आपत्ति दाख़िल करने के लिए आज तक का समय मिला है.
बुधवार को कोर्ट के
सामने एक और अर्ज़ी दायर की गई जिसमें महिला याचिकाकर्ताओं ने हटाए गए एडवोकेट
कमिश्नर अजय कुमार मिश्र की ओर से छह और सात मई को किए गए निरीक्षण की रिपोर्ट सौंपने
को कहा गया है.
महिला याचिकाकर्ताओं
का कहना है कि अजय कुमार मिश्र का सहयोग लिए बिना निरीक्षण की रिपोर्ट पूरी नहीं
हो पाएगी,
जिससे क़ानूनन त्रुटि पैदा हो सकती है.
सुप्रीम कोर्ट में भी है ज्ञानवापी मामला, होगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट में आज ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के सर्वेक्षण के ख़िलाफ़ मस्जिद प्रबंधन की याचिका पर सुनवाई होगी.
इससे पहले मंगलवार, 17 मई को सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के सर्वेक्षण के ख़िलाफ़ मस्जिद प्रबंधन की याचिका पर सुनवाई की थी.
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा था कि ज्ञानवापी मस्जिद में नमाज़ पर रोक नहीं होगी. सुप्रीम कोर्ट ने सर्वे के दौरान मिली ‘शिवलिंग’ वाली जगह को भी सुरक्षित रखने का आदेश दिया था.