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दिल्ली अग्निकांडः पीएम राहत कोष से मृतकों के परिवार को 2 लाख देने की घोषणा

बिल्डिंग में लगी आग बुझा ली गई है और घायलों का इलाज संजय गांधी और दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में किया जा रहा है.

लाइव कवरेज

भूमिका राय and कमलेश मठेनी

  1. यूएई के राष्ट्रपति शेख़ खलीफ़ा बिन ज़ायेद का निधन, 40 दिनों का शोक

    संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख़ खलीफ़ा बिन ज़ायेद अल नहयान का निधन हो गया है. यूएई सरकार ने ट्वीट करके इसकी जानकारी दी है.

    राष्ट्रपति शेख़ ख़लीफ़ा बिन ज़ायेद अबू धाबी के शासक थे. उनके निधन पर 40 दिनों का शोक रखा गया है.

    यूएई के संविधान के मुताबिक उनके निधन के बाद उप-राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन राशिद अल-मख्तम कार्यकारी राष्ट्रपति के तौर पर पद संभालेंगे. सात अमीरातों के शासक अगले 30 दिनों में मिलेंगे और नए राष्ट्रपति का चुनाव करेंगे.

    शेख़ ख़लीफ़ा बिन ज़ायेद 1948 में पैदा हुए थे और 2004 में सबसे अमीर अमीरात अबू धाबी में सत्ता में आए थे. वो यूएई के दूसरे राष्ट्रपति थे और अबू धाबी के 16वें शासक थे. उनके बाद उनके सौतेले भाई क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिना ज़ायेद अल-नहयान अमीरात के अगले शासक हो सकते हैं.

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है. उन्होंने ट्वीट किया, ''यूएई के राष्ट्रपति शेख खलीफ़ा बिना जायेद अल-नहयान के निधन पर गहरा दुख है. यूएई ने एक दूरदर्शक नेता और पाकिस्तान ने एक बड़ा दोस्त खो दिया है. हम सरकार और यूएई के लोगों के लिए दिल से संवेदना व्यक्त करते हैं.''

  2. एलन मस्क ने ट्विटर को ख़रीदने की डील फ़िलहाल रोक दी है, जानिए क्या है वजह

    टेस्ला के मालिक एलन मस्क ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि ट्विटर को ख़रीदने की डील फ़िलहाल रोक दी गई है.

    उन्होंने समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक स्टोरी को ट्वीट करते हुए लिखा, ''ट्वीटर डील अस्थायी तौर पर रुकी, स्पैम या फर्जी अकाउंट पांच प्रतिशत से कम यूजर्स का प्रतिनिधित्व करते हैं इस आंकड़े को लेकर और जानकारी मिलना बाक़ी है."

    रॉयटर्स की रिपोर्ट में जानकारी दी गई है कि ट्वीट के अनुमान के मुताबिक़ पहली तिमाही के दौरान ट्विटर पर स्पैम या फर्जी अकाउंट मोनेटाइज़ किए जा सकने वाले दैनिक सक्रिय यूजर्स के पाँच प्रतिशत से कम का प्रतिनिधित्व करते हैं. यानी पाँच प्रतिशत से कम ऐसे यूजर्स को मोनेटाइज़ किया गया है जो फ़र्जी अकाउंट हैं.

    मोनेटाइज यूज़र वो होते हैं जिन्हें विज्ञापन दिया जाता है और उसके बदले उन्हें भुगतान होता है. ट्वीटर के करीब 22 करोड़ 90 लाख यूजर्स थे जिन्हें पहली तिमाही में विज्ञापन दिया गया था.

    पिछले दिनों दुनिया के सबसे अमीर शख़्स एलन मस्क ने ट्विटर को 44 अरब डॉलर में खरीदने का ऑफ़र दिया है जिसे कंपनी ने स्वीकार कर लिया था.

  3. सोनिया गांधी ने कहा- बीजेपी ने अल्पसंख्यकों के साथ क्रूर व्यवहार और गांधी के हत्यारों का महिमामंडन किया

    राजस्थान के उदयपुर में चल रहे कांग्रेस के 'नव संकल्प चिंतन शिविर' में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बीजेपी और पीएम मोदी पर जमकर हमला बोला. उन्होंने बीजेपी पर अल्पसंख्यकों के साथ क्रूर व्यवहार करने और महात्मा गांधी के हत्यारों को महिमामंडित करने का आरोप लगाया.

    सोनिया गांधी ने कहा, ''अब ये पूरी तरह स्पष्ट हो गया है कि पीएम मोदी और उनके सहयोगियों का ''अधिकतम शासन, न्यूनतम सरकार'' के नारे का असल मतलब क्या है. इसका मतलब है देश को हमेशा ध्रुवीकरण की स्थिति में रखना, लोगों को हमेशा डर और असुरक्षा में रहने के लिए मजबूर करना, हमारे समाज के अभिन्न अंग और हमारे गणतंत्र के समान नागरिक अल्पसंख्यकों को प्रताड़ित करना और क्रूरता के साथ उन्हें निशाना बनाना.''

    उन्होंने कहा कि इसका मतलब है महात्मा गांधी के हत्यारों को महिमामंडित करना. न्याय, उदारता, समानता और धर्मनिरपेक्षता के हमारे संविधान के स्तंभों को खुले तौर पर नकारना.

    सोनिया गांधी ने बीजेपी पर राजनीतिक विरोधियों को धमकाने और देश में डर का माहौल पैदा करने का आरोप लगाया.

    उन्होंने कहा कि बीजेपी की नीतियों का मतलब लोगों को बाँटना और एकता और विभिन्नता के विचार को ख़त्म करना. साथ ही राजनीतिक विरोधियों को धमकाना, उनकी छवि ख़राब करना, छोटी-छोटी बातों के लिए जेल में डालना और उनके ख़िलाफ़ जाँच एजेंसियों का ग़लत इस्तेमाल करना है. इसका मतलब है लोकतंत्र की सभी संस्थाओं की स्वतंत्रता को ख़त्म करना. हमारे नेताओं ख़ासतौर पर जवाहरलाल नेहरू का लगातार अपमान करना. उनके योगदान, उपलब्धियों और त्याग को व्यवस्थित तरीक़े से नकारते जाना.

    सोनिया गांधी ने इस शिविर का महत्व बताते हुए पार्टी सदस्यों से कहा, ''नव संकल्प चिंतन शिविर बीजेपी की नीतियों, आरएसएस और उसके सहयोगियों के कारण देश जिन चुनौतियों का सामना कर रहा है उस पर हमें चर्चा करने का मौक़ा देता है. ये हमारे सामने मौजूद कामों को लेकर विचार-विमर्श करने का मौक़ा भी है. ये राष्ट्रीय मुद्दों को लेकर चिंतन करने और हमारी पार्टी को लेकर आत्मचिंतन करने दोनों का मौका है.

    राजस्थान के उदयपुर में कांग्रेस का तीन दिवसीय चिंतन शिविर चल रहा है. ये शिविर 15 मई तक चलेगा.

  4. भारतीय उच्चायोग ने कहा- श्रीलंका के लोगों के लिए वीज़ा जारी करने पर रोक नहीं

    श्रीलंका स्थित भारतीय उच्चायोग ने इससे इनकार किया है कि उसने या भारतीय वाणिज्य दूतावास या भारत के सहायक उच्च आयोग ने वीज़ा जारी करने पर रोक लगा दी है. भारतीय उच्चायोग ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है. उच्चायोग का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में वीज़ा इकाई के कर्मचारी उपलब्ध नहीं थे और इस कारण काम में परेशानी आ रही थी.

    भारतीय उच्चायोग ने कहा है कि वीज़ा इकाई में काम करने वाले ज़्यादातर श्रीलंका के नागरिक हैं. उच्चायोग ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही सामान्य रूप से कामकाज शुरू हो जाएगा. भारतीय उच्चायोग ने ये भी कहा है कि श्रीलंका के लोगों की भारत की यात्रा आसान करने के लिए वो प्रतिबद्ध है. उच्चायोग के मुताबिक़ श्रीलंका के लोगों का भारत में स्वागत है, जैसा श्रीलंका में भारत के लोगों का स्वागत होता है.

  5. एलन मस्क ने चीन के कामगारों को क्यों बताया अमेरिका के कर्मचारियों से बेहतर

    टेस्ला के सीईओ एलन मस्क इन दिनों लगातार सुर्ख़ियों में हैं. हर रोज़ वे कुछ ऐसा कह या लिख देते हैं, जिस पर चर्चा शुरू हो जाती है. उनका हालिया बयान भी इससे जुदा नहीं है. एलन मस्क ने हाल ही में अमेरिकी कर्मचारियों और चीन के कर्मचारियों को लेकर बयान दिया है.

    एलन मस्क ने अपने बयान में चीन के कर्मचारियों को बेहद मेहनती बताया है और उनकी जमकर तारीफ़ की है.

    फ़ाइनेंशियल टाइम्स के साथ एक साक्षात्कार में मस्क ने कहा कि चीन में सुपर-टैलेंटेड, मेहनतकश लोगों की भरमार है, जो मेन्युफ़ैक्चरिंग पर पूरा भरोसा करते हैं.”

    मस्क ने फ़ाइनेंशियल टाइम्स से कहा कि चीन के लोग तड़के तीन बजे तक काम करते हैं और फ़ैक्टरी छोड़कर नहीं जाते हैं, काम करते रहते हैं.जबकि दूसरी ओर अमेरिका के लोग, काम से बचने की कोशिश करते हैं.

    एलन मस्क ने कहा कि चीन में जिस तरह का वर्कफ़ोर्स है, उसे देखते हुए पूरी उम्मीद है कि देश कुछ बेहद सक्षम कंपनियों को पैदा करेगा.

  6. सुप्रीम कोर्ट ने NEET-PG 2022 परीक्षा स्थगित करने की मांग ठुकराई

    सुप्रीम कोर्ट ने NEET-PG 2022 परीक्षा स्थगित करने की याचिका को ख़ारिज कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि परीक्षा स्थगित करने से डॉक्टरों की उपलब्धता पर असर पड़ेगा और इससे मरीज़ों की देखभाल पर भी गंभीर असर पड़ सकता है. याचिकाकर्ताओं ने परीक्षा स्थगित करने की मांग की वजह ये बताई थी कि NEET-PG 2021 के लिए काउंसलिंग में देरी हो रही है. लेकिन कोर्ट ने कहा कि इसमें देरी नहीं की जा सकती क्योंकि मरीज़ों की देखभाल की ज़रूरत सर्वोच्च है.

    पिछले दिनों इंडियन मेडिकल असोसिएशन (आईएमए) ने भी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया को पत्र लिखकर परीक्षा के कार्यक्रम में बदलाव की मांग की थी. आईएमए ने अपने पत्र में कहा था कि NEET-PG 2022 की परीक्षा की तारीख़ और 2021 की काउंसलिंग में काफ़ी कम समय का अंतर है. आईएमए का ये भी कहना था कि ये परीक्षार्थियों के लिए काफ़ी मुश्किल होगा. लेकिन सुप्रीम कोर्ट की दो सदस्यीय बेंच ने अपने आदेश में कहा है कि परीक्षा स्थगित होने से अनिश्चितता का माहौल पैदा होगा और अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी हो सकती है.

  7. मनीष सिसोदिया ने कहा- बीजेपी का दिल्ली में 63 लाख घरों को तबाह करने का प्लान

    दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोसिया ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि दिल्ली में 63 लाख घरों की तबाही का बीजेपी का प्लान है.

    मनीष सिसोदिया ने ट्वीट किया है, "दिल्ली में बुलडोज़र से वसूली की भाजपा की साज़िश. 63 लाख घरों पर तबाही का बीजेपी का प्लान है. 60 लाख घर, कच्ची कॉलोनी व झुग्गियों में हैं और तीन लाख घर पक्की कॉलोनियों में. बीजेपी का इन 63 लाख परिवारों को संदेश साफ़ है - या तो पैसा दो या बुल़डोज़र से तबाह होने को तैयार रहो."

    मनीष सिसोदिया ने अपने एक वीडियो संदेश में कहा कि उन्होंने दिल्ली में बीजेपी की इस 'साज़िश' के संबंध में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को चिट्ठी भी लिखी है.

    उन्होंंने कहा, "बीजेपी की ये कार्रवाई सिर्फ़ राजधानी की ही नहीं बल्कि देश की सबसे बड़ी तबाही होगी."

    मनीष सिसोदिया ने केंद्रीय गृहमंत्री को लिखा है- “दिल्ली नगर निगम में 17 सालों से बीजेपी के नेताओं ने, पार्षद ने, मेयर ने, जूनियर इंजीनियरों ने दिल्ली में जमकर अनाधिकृत निर्माण को मंज़ूरी दी और खूब पैसा खाया और अब दिल्ली को तहस-नहस करने का काम किया जा रहा है.”

  8. ज्ञानवापी मस्जिद का मामला पहुँचा सुप्रीम कोर्ट, वाराणसी के कोर्ट ने सर्वे के पक्ष में दिया था फ़ैसला

    ज्ञानवापी मस्जिद पर वाराणसी कोर्ट के फ़ैसले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है. इस याचिका में सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया गया है कि वह इस मामले में विवाद सुलझाए जाने तक यथास्थिति को बनाए रखने का आदेश दे.

    इससे पहले वाराणसी की एक अदालत ने गुरुवार को अहम फ़ैसला देते हुए ज्ञानवापी मस्जिद में सर्वे की इजाज़त दे दी थी. लेकिन अब ये मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुँचा है.

    लाइव लॉ की ख़बर के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ वकील हुज़ेफ़ा अहमदी ने चीफ़ जस्टिस के सामने वाराणसी कोर्ट के फ़ैसले को लेकर याचिका दायर की है.

    अहमदी ने कहा- वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर सर्वे कराने का आदेश दिया गया है. यह उपासना स्थलअधिनियम के तहत आता है.अब कोर्ट ने यहाँ सर्वे कराने के लिए कमिश्नर को आदेश दिया है.

    इस पर सीजेआई ने कहा– ठीक है, मैं देखता हूँ.

    अहमदी ने कोर्ट से अपील की कि वे इस मामले में विवाद सुलझाए जाने तक यथास्थिति को बनाए रखने का आदेश दें.

    इस पर सीजेआई एनवी रमन्ना ने कहा कि उन्हें नहीं पता मामला क्या है, क्योंकि उन्होंने संबंधित मामले के कागज़ात नहीं देख हैं.

    सीजेआई ने कहा, “मैं कुछ भी नहीं जानता हूँ, ऐसे में मै ऑर्डर कैसे पास कर दूं. मुझे देखने दीजिए, मैं पढ़ूँगा और फिर आदेश दूंगा.”

    वाराणसी कोर्ट ने क्या आदेश दिया था

    गुरुवार को वाराणसी की अदालत ने मस्जिद में सर्वे करने की इजाज़त दी थी और इसके लिए 17 मई तक का समय तय किया गया है.

    वहीं, कोर्ट ने एडवोकेट कमिश्नर अजय कुमार को हटाने की मांग को भी खारिज कर दिया है.

    ज्ञानवापी मस्जिद में पिछले शुक्रवार को सर्वे और वीडियोग्राफी का काम किया जा रहा था, जिसे लेकर विवाद पैदा हो गया था.

    मस्जिद के पीछे चबूतरे में माँ श्रृंगार गौरी और दूसरे देवी-देवताओं के सत्यापन और उनके अस्तित्व को स्थापित करने के लिए शुक्रवार दोपहर को कोर्ट से नियुक्त एडवोकेट कमिश्नर ने निरीक्षण शुरू किया था.

    लेकिन शनिवार को एडवोकेट कमिश्नर की निष्पक्षता को लेकर अंजुमन इन्तिज़ामिया मसाजिद के वकीलों ने अदालत में अर्ज़ी दाखिल की थी. उनकी मांग की थी कि अजय कुमार को हटा कर कोर्ट या तो ख़ुद निरीक्षण करे या फिर किसी दूसरे वरिष्ठ वकील से करवाए.

    हिंदू याचिकाकर्ताओं के वकील मदन मोहन यादव ने बताया कि सर्वे के लिए दो और वकीलों को कमिश्नर के तौर पर नियुक्त किया गया है. उन्हें 17 मई तक रिपोर्ट सौंपनी होगी.

    कोर्ट का कहना है कि अगर मस्जिद का ताला बंद कर दिया गया है तो ज़िला प्रशासन को पूरा अधिकार होगा की वो ताला खुलवाकर या तुड़वाकर कमीशन की कार्रवाई कराए.

    निरीक्षण कराने की व्यक्तिगत ज़िम्मेदारी ज़िला मजिस्ट्रेट, पुलीस कमिश्नर की होगी. उत्तर प्रदेश डीजीपी और मुख्य सचिव को भी निर्देश हैं कि वो कार्रवाई की निगरानी करें.

    कोर्ट के आदेश के मुताबिक निरीक्षण का समय सुबह 8 से दोपहर 12 बजे तक तय किया गया है. निरीक्षण रोज़ किया जाएगा.

  9. पाकिस्तान से दोस्ती पर बोला चीन- कोई तीसरी शक्ति हमें अलग नहीं कर सकता

    पाकिस्तान और चीन ने अपनी दोस्ती को आगे भी जारी रखने पर सहमति जतायी है. दोनों देशों की ओर से कहा गया है कि वे आगे भी अपनी परंपरागत दोस्ती को जारी रखेंगे और किसी भी तीसरी ताक़त को अपने रिश्ते तोड़ने की अनुमति नहीं देंगे.

    चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता चाओ लिजियान ने गुरुवार को बीजिंग में एक प्रेस ब्रीफ़िंग के दौरान यह बात की.

    रेडियो पाकिस्तान की ख़बर के अनुसार,चीन के विदेश मंत्री वांग यी और उनके पाकिस्तानी समकक्ष बिलावल भुट्टो ज़रदारी के बीच हुई वर्चुअल बैठक का ज़िक्र करते हुए चाओ लिजियान ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच रणनीतिक साझेदारी और सहयोग को और मज़बूत करने पर सहमति बनी है.

    उन्होंने बताया कि दोनों विदेश मंत्रियों के बीच पाकिस्तान में नई सरकार के सत्ता में आने के बाद से यह पहली मुलाक़ात है. इसमें पाकिस्तान में चीनी नागरिकों और संस्थानों की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा हुई.

    चाओ लिजियान ने कहा कि पाकिस्तान में चाहे कोई भी सरकार आ जाए, पाकिस्तान के साथ दोस्ती बनी रहेगा. उन्होंने बताया कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने अपने संबोधन में दोहराया है कि चीन-पाकिस्तान दोस्ती देश की विदेश नीति की आधारशिला है.

    इसके साथ ही पाकिस्तान के लिए यह रणनीतिक प्राथमिकता भी है.चाओ लिजियान ने कहा कि पाकिस्तान में आर्थिक और वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए पाकिस्तान की सरकार के प्रयासों के साथ चीन समर्तन बनाए रखेगा.

  10. जम्मू-कश्मीर में जनसांख्यिकी बदलने की कोशिश: बिलावल भुट्टो

    पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ज़रदारी ने गुरुवार को संसद में बतौर विदेश मंत्री पहली बार कश्मीर पर बोले.

    इस मौक़े पर बिलावल भुट्टो ने भारत और कश्मीर के मुद्दे पर भी मोदी सरकार को जमकर निशाने पर लिया.

    अपने संबोधन में बिलावल भुट्टो ने कहा कि सत्ता की कमान संभालने के साथ ही जिस चुनौती का हमें सबसे पहले सामना करना पड़ा वो भारत प्रशासित कश्मीर से जुड़ा था.

    सभापति को संबोधित करते हुए बिलावट भुट्टो ने कहा, “सरकार के सामने भारत प्रशासित कश्मीर के हवाले से एक और मसला सामने आया है.”

    भुट्टो ने अपने संबोधन में पांच अगस्त 2019 के भारत सरकार के उस फ़ैसले का ज़िक्र किया जिसके तहत संविधान से अनुच्छेद 370 हटाकर भारत प्रशासित जम्मू कश्मीर का विशेषाधिकार ख़त्म कर दिया है.

    भुट्टो ने भारत सरकार के इस क़दम को ग़ैर-क़ानूनी बताते हुए कहा कि यह भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर में लोकतांत्रिक संरचना को बिगाड़ने की एक कोशिश थी.

    बिलावल भुट्टो ने दावा किया कि भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर और पाकिस्तान के हिस्से वाले कश्मीर, दोनों ही जगहों पर लोगों ने इस फ़ैसले को स्वीकार नहीं किया.

    इसके साथ ही उन्होंने जम्मू-कश्मीर के लिए गठित परिसीमन आयोग पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि आयोग की रिपोर्ट जम्मू-कश्मीर के लोगों को चिंता में डालने वाली है और इसकी मंजूरी से लोगों में डर है.

    बिलावल भुट्टो ने दावा किया कि मौजूदा भारत सरकार लगातार ऐसी कोशिशें कर रही है जिससे कश्मीरी अपनी ही ज़मीन पर अल्पसंख्यक हो जाएंगे.

    विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ने गुरुवार को ही ऑर्गनाइज़ेशन ऑफ़ इस्लामिक कोऑपरेशन (OIC) के महासचिव हुसैन ब्राहिम ताहा से फ़ोन पर बात की. टेलिफ़ोन पर हुई इस बातचीत में उन्होंने ताहा को भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर के मौजूदा हालात के बारे में जानकारी दी.

    उन्होंने जम्मू-कश्मीर में परिसीमन आयोग की रिपोर्ट को ख़ारिज करते हुए इसे घुसपैठ की कोशिश क़रार दिया. बिलावल भुट्टो ज़रदारी ने कहा कि यह एक ग़ैर-क़ानूनी और हास्यास्पद प्रयास है जो कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों, अंतरराष्ट्रीय क़ानून और चौथे जिनेवा कंवेंशन का उल्लंघन है.

    भुट्टो ने आरोप लगाया कि भारत सरकार घाटी के डेमोग्राफ़ी को बदलने की कोशिश कर रही है.

    अपने संबोधन मे उन्होंने ओआईसी के सैद्धांतिक रुख़ की सराहना की. उन्होंने कहा कि अंतराष्ट्रीय समुदाय को कश्मीर को लेकर संवेदनशील बने रहने की ज़रूरत है.

  11. एलन मस्क ट्रंप पर नरम और बाइडन पर साधा निशाना

    ट्विटर को ख़रीदकर सनसनी पैदा करने वाले टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने जो बाइडन के अमेरिकी राष्ट्रपति चुने जाने को लेकर ट्वीट किया है. दूसरी तरफ़ ट्रंप को लेकर कहा है कि उनके ट्विटर अकाउंट को रीस्टोर करना चाहिए.

    मस्क ने ट्वीट किया- “बाइडन की ग़लती यह है कि उन्हें लगता है कि उन्हें देश को बदलने के लिए चुना गया, लेकिन असल में हर कोई थोड़ा कम ड्रामा चाहता था.”

    साल 2020 में हुए अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडन ने रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप को हरा दिया था.

    इन चुनावों की ख़ास बात यह थी कि साल 1900 के बाद से इस चुनाव में सबसे अधिक वोट पड़े थे. जीत के बाद जो बाइडन ने ट्विटर पर लोगों को धन्यवाद देते हुए लिखा था- “अमेरिका आपने मुझे इस महान देश का नेतृत्व करने के लिए चुना है, मेरे लिए ये सम्मान की बात है.”

    मस्क अमेरिकी राष्ट्रपति पर करते रहे हैं टिप्पणी

    हालांकि यह पहला मौक़ा नहीं है जब मस्क ने बाइडन पर ‘निशाना’ साधा है.

    इससे पहले मार्च महीने में भी मस्क ने बाइडन को लेकर तंज़ किया था.

    मस्क ने बाइडन के स्टेट ऑफ़ द यूनियन के एक संबोधन पर तंज़ करते हुए कहा था कि – अपने संबोधन में बाइडन ने जब टेस्ला का ज़िक्र नहीं किया तो कोई भी उनका संबोधन सुन तक नहीं रहा था.

    ट्रंप को लेकर भी की थी बात

    एलन मस्क कह चुके हैं कि अगर ट्विटर को ख़रीदने की उनकी प्रक्रिया पूरी तरह से सफल हो जाती है तो वह पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर लगे स्थायी ट्विटर-प्रतिबंध को हटा देंगे.

    इससे पूर्व साल 2021 में ट्विटर ने ट्रंप के ट्विटर अकाउंट पर यह कहते हुए बैन लगा दिया था कि ऐसा हिंसा को बढ़ावा देने की आशंका को देखते हुए किया गया है.

    ट्विटर ने अपने बयान में कहा था कि राष्ट्रपति ट्रंप के हाल के ट्वीट्स (तत्कालिक) की गहनता से समीक्षा की गई. ट्विटर के मुताबिक़ @realDonaldTrump के ट्वीट के संदर्भों को भी देखा गया और उसके बाद इस अकाउंट को हमेशा के लिए निलंबित करने का फ़ैसला लिया गया.

    फ़ाइनेंशियल टाइम्स फ़्यूचर ऑफ़ द कार समिट के दौरान मस्क ने ट्रंप से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए कहा था कि उनके अकाउंट को बैन करना नैतिक रूप से ग़लत और बेवकूफ़ाना था.

  12. ज्ञानवापी मस्जिद में सर्वे की अनुमति देने वाले जज ने अपनी सुरक्षा पर जताई चिंता

      • Author, अनंत झणाणे
      • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए

    ज्ञानवापी मस्जिद मामले में सर्वे का आदेश देने वाले सिविल जज रवि कुमार दिवाकर ने अपने आदेश में अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता ज़ाहिर की है.

    आदेश सुनाते हुए सिविल जज रवि कुमार दिवाकर ने कहा, "इस साधारण से सिविल मामले को असाधारण सा बनाकर डर का माहौल पैदा किया गया."

    अपने आदेश में उन्होंने लिखा है, "डर इतना है कि हर समय मेरे परिवार को मेरी और मुझे अपने परिवार की सुरक्षा की चिंता रहती है."

    रवि कुमार दिवाकर ने अपनी माँ का ज़िक्र करते हुए कहा, "मेरी माता जी ने मुझे मना किया कि मैं कमिशन पर ना जाऊं क्योंकि इससे मेरी सुरक्षा को ख़तरा हो सकता है."

    दरअसल, सुनवाई के दौरान अंजुमन इंतज़ामियां मस्जिद की ओर से सुझाव दिया गया था कि वह (जज रवि कुमार दिवाकर) ख़ुद भी कमिशन की कार्रवाई के लिए ज्ञानवापी जा सकते हैं ताकि निष्पक्षता बनी रहे. इसके जवाब में जज रवि कुमार दिवाकर ने यह बातें कहीं.

    अपने आदेश में जज रवि कुमार दिवाकर ने अजय कुमार मिश्र के साथ, विशाल सिंह नाम के विशेष एडवोकेट कमिश्नर और अजय प्रताप सिंह को अधिवक्ता आयुक्त के रूप में नियुक्त किया है.

    कोर्ट ने यह भीआदेश दिया है कि अजय कुमार मिश्र और विशाल सिंह संयुक्त रूप से कमीशन की कार्रवाई देखेंगे.अपने आदेश में सिविल जज रवि कुमार दिवाकर ने ज़िला प्रशासन के रवैये पर भी तीखी टिप्पणी की.उन्होंने कहा, "ज़िला प्रशासन अदालत के आदेश को लागू करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है. अगर ज़िला प्रशासन ने कमिशन की कार्रवाई में रुचि ली होती तो कमिशन की कार्रवाई अब तक पूरी हो गई होती."

    रवि कुमार दिवाकर ने बताया कि महिला याचिकाकर्ताओं ने भी अपनी अर्ज़ी में ज़िला प्रशसन के असहयोग का ज़िक्र किया था.

    प्रशासन के रवैये पर नाराज़गी जताते हुए जज रवि कुमार दिवाकर ने कहा, "ऐसा लगता है कि ज़िला प्रशासन के अधिकारी अपने अहंकार और घमंड के कारण अदालत के आदेश का अनुपालन करवाना उचित नहीं समझते हैं."

    ताला तोड़ने का आदेश

    गुरुवार को अपने आदेश में कोर्ट ने कहा कि अगर मस्जिद का ताला बंद कर दिया गया है तो ज़िला प्रशासन को पूरा अधिकार होगा की वो ताला खुलवाकर या तुड़वाकर कमिशन की कार्रवाई करवाए.

    निरीक्षण कराने की व्यक्तिगत ज़िम्मेदारी ज़िला मजिस्ट्रेट, पुलिस कमिश्नर की होगी. उत्तर प्रदेश डीजीपी और मुख्य सचिव को भी निर्देश हैं कि वो कार्रवाई की निगरानी करें.

  13. रूस ने फ़िनलैंड को दी धमकी- नेटो में शामिल हुए तो भुगतने होंगे नतीजे

    फ़िनलैंड के नेताओं ने नेटो में शामिल होने को लेकर सहमति जताई है.

    गुरुवार को फ़िनलैंड के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री नेटो में शामिल होने के लिए आवेदन करने के पक्ष में सामने आए. साथ ही बहुत हद तक संभव है कि आने वाले दिनों में स्वीडन भी नेटो में शामिल होने के लिए आवेदन कर दे.

    यूक्रेन पर रूस के हमले को ढाई महीने से अधिक का समय हो चुका है और इसका असर पड़ोसी मुल्कों में ‘डर’ के तौर पर नज़र आ रहा है.

    पड़ोसी मुल्कों ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता ज़ाहिर की थी और नेटो में शामिल होने के क़दम को उसी का हिस्सा माना जा रहा है.

    हालांकि क्रेमलिन की ओर से इस संबंध में कड़ी आपत्ति जताई गई है. रूस की ओर से धमकी भरी प्रतिक्रिया आई है.

    रूस की ओर से चेतावनी देते हुए कहा गया है कि उसे जवाबी क़दम उठाने के लिए मजबूर किया जा रहा है.

    रूस के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि फ़िनलैंड का यह क़दम निश्चित तौर पर द्विपक्षीय रिश्तों को नुक़सान पहुँचाएगा. इसके साथ ही उत्तरी यूरोप में सुरक्षा और स्थायित्व की स्थिति भी प्रभावित होगी.

    इस बीच यूक्रेन में छिड़े युद्ध में रूसी सेना देश के पूर्वी हिस्से में व्यापक तौर पर हमले कर रही है. इसमें मारियुपोल में हो रहे हमले भी शामिल हैं. हालांकि इस दौरान यूक्रेन ने देश के उत्तर-पूर्व हिस्से के कुछ गाँवों और कस्बों को वापस अपने क़ब्ज़े में ले लिया है.

    गुरुवार को फ़िनलैंड के राष्ट्रपति साउली निनिस्टो और प्रधानमंत्री सना मारिन ने घोषणा की कि देश को नेटो की सदस्यता के लिए तुरंत आवेदन करना चाहिए. इसके लिए ‘देर नहीं करनी’ चाहिए.

    हालांकि देश की संसद को अभी इस फ़ैसले पर विचार करना है लेकिन राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की घोषणा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

    फ़िनलैंड रूस के साथ 1300 किलोमीटर की सीमा साझा करता है. अभी तक फ़िनलैंड ने नेटो से दूरी बनाए रखी थी लेकिन यूक्रेन युद्ध के बाद से वह इस ऐतिहासिक क़दम की ओर आगे बढ़ रहा है.

    उम्मीद जताई जा रही है कि नेटो में शामिल होने के अंतिम फ़ैसले की रविवार को घोषणा हो जाएगी. स्वीडन ने कहा है कि वह भी रविवार को ही अपना अंतिम फ़ैसला सुनाएगा.

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